डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए अनिवार्य पारदर्शिता, एआई लेबलिंग से बदलेगा सोशल मीडिया

भारत में एआई और डीपफेक पर सख्ती: सोशल मीडिया के लिए 3 घंटे का अल्टीमेटम, एआई कंटेंट पर अनिवार्य लेबल

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)भारत सरकार ने AI Deepfake Regulation India को लेकर बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 में संशोधन का मसौदा जारी करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए एआई से निर्मित और डीपफेक सामग्री पर सख्त नियंत्रण अनिवार्य कर दिया है। इन नए प्रस्तावित नियमों का उद्देश्य ऑनलाइन स्पेस को सुरक्षित, पारदर्शी और भ्रामक कंटेंट से मुक्त बनाना है।
संशोधित नियमों के अनुसार, फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और एक्स (पूर्व में ट्विटर) जैसे सभी बड़े प्लेटफॉर्म्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि AI Deepfake Regulation India के तहत एआई द्वारा बनाई या संशोधित की गई किसी भी सामग्री पर स्पष्ट और प्रमुख लेबल लगा हो। अब यह पारदर्शिता स्वैच्छिक नहीं, बल्कि कानूनी रूप से अनिवार्य होगी।
एआई कंटेंट पर लेबलिंग क्यों जरूरी
सरकार का मानना है कि डीपफेक और एआई जनित कंटेंट से गलत सूचना, धोखाधड़ी और सामाजिक अशांति का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में AI Deepfake Regulation India के जरिए आम उपयोगकर्ता को यह स्पष्ट जानकारी मिलेगी कि जो कंटेंट वह देख रहा है, वह वास्तविक है या कृत्रिम रूप से तैयार किया गया है।

ये भी पढ़ें – राइस मिल के पास मिला ज्वेलरी व्यापारी का शव, हत्या या हादसा? रहस्य की गुत्थी में उलझी पुलिस

नियमों के मुताबिक,
एआई से बनी किसी भी सामग्री पर स्पष्ट लेबल या मेटाडेटा होना अनिवार्य होगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इन टैग्स को हटाने या छिपाने की अनुमति नहीं देंगे, ये पहचान स्थायी होंगी।
दृश्य सामग्री में लेबल कम से कम 10 प्रतिशत हिस्से में दिखना चाहिए, जबकि वीडियो या ऑडियो में यह क्लिप के पहले 10 प्रतिशत हिस्से में दिखाई देगा।
3 घंटे में हटानी होगी आपत्तिजनक पोस्ट
AI Deepfake Regulation India का सबसे सख्त प्रावधान यह है कि यदि कोई आपत्तिजनक, अवैध या भ्रामक पोस्ट चिह्नित की जाती है, तो उसे तीन घंटे के भीतर हटाना अनिवार्य होगा। इसके लिए प्लेटफॉर्म्स को स्वचालित उपकरणों और एआई आधारित मॉडरेशन सिस्टम का उपयोग करना होगा, ताकि गलत कंटेंट वायरल होने से पहले ही रोका जा सके।

ये भी पढ़ें – बलिया पुलिस ने दिखाई मानवीय संवेदना, शहीद उपनिरीक्षक के परिवार को एक दिन का वेतन समर्पित

यूजर्स की भी बढ़ेगी जिम्मेदारी
अब सोशल मीडिया पर कंटेंट अपलोड करते समय यूजर्स से यह स्पष्ट रूप से पूछा जाएगा कि उनकी सामग्री वास्तविक है या एआई द्वारा निर्मित। प्लेटफॉर्म्स अपने सत्यापन टूल्स के जरिए इन दावों की जांच करेंगे। इसके अलावा, हर तीन महीने में यूजर्स को एआई नियमों के उल्लंघन पर लगने वाले दंडों की जानकारी भी दी जाएगी।
डिजिटल दुनिया में बड़ा बदलाव
विशेषज्ञों का मानना है कि AI Deepfake Regulation India डिजिटल मीडिया के इतिहास में एक बड़ा बदलाव है। इससे न केवल गलत सूचना पर लगाम लगेगी, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भरोसा भी मजबूत होगा। सरकार का यह कदम एआई के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।

Editor CP pandey

Recent Posts

विहिप गोरख प्रांत की बैठक में कर्तव्यों को नया स्वरूप दिया गया, रोडमैप की रूपरेखा तैयार

गोरखपुर गोरक्ष प्रांत योजना बैठक—कार्ययोजना 2026 यह बैठक विश्व हिंदू परिषद, गोरक्ष प्रांत, गोरखपुर, योजना…

3 days ago

बीबीएयू में बेटियों के लिए एनसीसी का बिगुल, 30 अगस्त तक मौका

नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की राह पर कदम बढ़ाएंगी छात्राएं, 19 से 22 वर्ष आयु वर्ग…

3 days ago

सेंट्रल बैंक के स्थापना दिवस पर आरसेटी देवरिया में हुआ भव्य पौधरोपण, “एक पेड़ माँ के नाम” का दिया संदेश

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के स्थापना दिवस के अवसर पर ग्रामीण…

3 days ago

शहीद शिवराज सोनार की याद में रक्तदान का महाअभियान, एसपी ने की पहल की सराहना

अनूप तिवारी देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। अमर शहीद शिवराज उर्फ सोना सोनार के 84वें शहादत…

3 days ago

काकोरी ट्रेन एक्शन: पटरियों पर गूंजी वह हुंकार, जिसने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी

सरदार भगत सिंह ने ‘किरती’ में लिखी वीरों की गाथा काकोरी ट्रेन एक्शन केवल सरकारी…

4 days ago

सतत कृषि ही भविष्य की समृद्धि का आधार: भुवनेश्वर नाथ पांडेय

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कृषि संकाय में शुक्रवार को "सतत कृषि…

5 days ago