नयी दिल्ली।गुजरात अपीलेट अथॉरिटी ऑफ एडवांस रूलिंग (एएएआर) ने गुरुवार को एएआर के फैसले को बरकरार रखते हुए रेडी-टू-ईट पराठों पर 18% जीएसटी को मंजूरी दे दी। गुजरात अपीलेट अथॉरिटी ऑफ एडवांस रूलिंग (एएएआर) ने एएआर के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा है कि पराठों पर 18% जीएसटी लागू होता है। विवेक रंजन और मिलिंद तोरावणे की दो सदस्यीय पीठ ने देखा कि पराठे सादे चपाती या रोटी से अलग होते हैं और इन्हें सादे चपाती या रोटी की श्रेणी में नहीं माना जा सकता है।जीएएआर के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यहां तक कि ब्रिटिश शासकों ने भी खाद्य पदार्थों पर कर नहीं लगाया था। आप संयोजक ने आगे कहा कि आज देश में महंगाई की सबसे बड़ी वजह केंद्र सरकार द्वारा लगाया जा रहा उच्च जीएसटी है। इसे कम किया जाना चाहिए और लोगों को महंगाई से निजात मिलनी चाहिए।
अपीलकर्ता आठ प्रकार के रेडी-टू-ईट फ्रोजन पराठे बेचता है, जिसमें मालाबार पराठा, मिश्रित सब्जी पराठा, प्याज पराठा, मेथी पराठा, आलू पराठा, लच्छा पराठा, मूली पराठा और सादा पराठा शामिल हैं। पराठों की सभी किस्मों की मुख्य सामग्री गेहूं का आटा और अन्य सामग्री जैसे आलू, सब्जियां, मूली, प्याज, मेथी के पत्ते आदि हैं। पराठे उनके द्वारा पैक की गई स्थिति में आपूर्ति और बेचे जाते हैं और लगभग 3-4 मिनट के लिए मध्यम आंच पर गरम किए जाने पर रखे जाते हैं।
✍️ विजय गुंजन जीवन के कुरुक्षेत्र में हर मोड़ पर चक्रव्यूह रचे हैंचाहे जितना प्रयत्न…
बराव में प्रस्तावित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने बनाई रणनीति बरहज/देवरिया…
कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और नर्सिंग होमों में चला संयुक्त निरीक्षण अभियान, फायर व विद्युत सुरक्षा…
बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। नगर स्थित कांग्रेस कार्यालय लाजपत भवन से मोहन सेतु निर्माण की…
किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के…
✍️ विजय गुंजन भारत की भाग्यरेखा से भ्रष्टाचार का अंधकार मिटे,जन-जन की चेतना से नवक्रांति…