महंगाई और आर्थिक संकट को लेकर विरोध, इंटरनेट बंद लेकिन जनजीवन प्रभावित नहीं
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। ईरान में बीते तीन हफ्तों से जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच भारत सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी के बाद कई भारतीय नागरिक ईरान से स्वदेश लौट आए हैं। भारत लौटे लोगों का कहना है कि ईरान में प्रदर्शन मुख्य रूप से महंगाई, आर्थिक संकट और मुद्रा अवमूल्यन को लेकर हो रहे हैं, लेकिन हालात उतने गंभीर नहीं हैं, जैसा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दिखाया जा रहा है।
भारत लौटे नागरिकों के अनुसार ईरान के कई शहरों और गांवों में इंटरनल प्रोटेस्ट चल रहे हैं। बड़ी संख्या में प्रदर्शनों को देखते हुए ईरानी सरकार ने इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगा रखा है और अंतरराष्ट्रीय कॉलिंग भी बंद कर दी गई थी। लोगों ने बताया कि लगभग 10 दिनों तक इंटरनेट पूरी तरह ठप रहा, जिससे सही जानकारी मिलना मुश्किल हो गया।
ईरान से लौटे एक व्यक्ति ने बताया कि वे तीन लोग एक भारतीय फार्मा कंपनी के लिए काम करने ईरान गए थे, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए वापस लौट आए।
उन्होंने कहा,
“जहां हम रह रहे थे वहां सब कुछ ठीक था। महंगाई को लेकर प्रदर्शन जरूर हो रहे हैं, लेकिन हालात सामान्य हैं।”
मीडिया रिपोर्ट्स से अलग जमीनी हकीकत: भारतीय नागरिक
भारत लौटे नागरिकों ने कहा कि भारतीय मीडिया में दिखाई जा रही तस्वीरें जमीनी हकीकत से काफी अलग हैं। एक व्यक्ति ने बताया कि उन्होंने खुद तेहरान का दौरा किया और कहीं भी गंभीर अराजकता नहीं देखी।
उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर छोटे स्तर पर तोड़फोड़ जरूर हुई, लेकिन पुलिस की ओर से ज्यादा सख्ती नहीं दिखाई गई और आम लोगों को कोई परेशानी नहीं हुई।
उनका कहना था कि विदेशी नागरिकों, खासकर भारतीयों को वहां किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई। न तो सरकार ने उन्हें जाने के लिए कहा और न ही उनके आवागमन पर कोई रोक थी।
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“वहां कोई परेशानी नहीं हुई” – भारत लौटी युवती
ईरान से भारत लौटी एक युवती जहरा ने बताया कि इंटरनेट बंद होने की वजह से हालात की पूरी जानकारी नहीं मिल पाई, लेकिन जमीनी स्तर पर किसी तरह की परेशानी नहीं दिखी।
एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि वे बाजार गए, देर रात तक बाहर घूमे और उन्हें आने-जाने, खाने-पीने या सुरक्षा से जुड़ी कोई समस्या नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि वे 28 दिसंबर को ईरान गए थे और अब लौटे हैं। इस दौरान कुछ समय के लिए प्रदर्शन हुए, लेकिन जल्द ही स्थिति सामान्य हो गई।
उनका कहना था कि तेहरान सहित कई इलाकों में जनजीवन सामान्य है और किसी तरह की सख्त पाबंदी नहीं देखी गई।
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