नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि भारत की मैक्रो-इकोनॉमिक स्थिति मजबूत बनी हुई है और देश एक अस्थिर वैश्विक परिदृश्य में आर्थिक स्थिरता का भरोसा बनकर उभरा है।
वे शुक्रवार को आयोजित कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव 2025 में बोल रहे थे।
कम मुद्रास्फीति और मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार ने बढ़ाई ताकत
गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि भारत की मजबूती का आधार है—
नियंत्रित मुद्रास्फीति (Inflation)
मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves)
सीमित चालू खाता घाटा (Current Account Deficit)
और बैंकों व कॉरपोरेट्स की सुदृढ़ बैलेंस शीट।
सरकार और नियामक संस्थाओं के प्रयासों का नतीजा
RBI गवर्नर ने कहा कि यह उपलब्धि सरकार, नीति-निर्माताओं, नियामकों और वित्तीय संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।
उन्होंने आगे कहा कि हाल की वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था लचीले विकास और स्थिरता के बीच संतुलन बनाए हुए है। यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
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