संत कबीर नगर(राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला उर्वरक समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी सहित कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में जिले में उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने की तैयारियों की समीक्षा की गई।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद में वर्तमान में 19,067 मीट्रिक टन यूरिया, 5,174 मीट्रिक टन डीएपी तथा 2,952 मीट्रिक टन एनपीके का स्टॉक उपलब्ध है। इनमें से रिटेल बिक्री केंद्रों पर 13,390 मीट्रिक टन यूरिया, 1,652 मीट्रिक टन डीएपी और 706 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है। समीक्षा के दौरान पाया गया कि कुछ बिक्री केंद्रों ने आवंटन के अनुरूप अभी तक डीएपी और एनपीके की मांग एवं आरटीजीएस नहीं किया है। इसे देखते हुए जिला उर्वरक समिति ने 485 मीट्रिक टन डीएपी और 349 मीट्रिक टन एनपीके का पुनः आवंटन किया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आवंटित उर्वरक तीन दिनों के भीतर रेक प्वाइंट से संबंधित समितियों तक सीधे पहुंचाया जाए। यदि कोई बिक्री केंद्र या समिति निर्धारित समय में उर्वरक का उठान नहीं करती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में यह भी बताया गया कि पीसीएफ भंडार में लगभग 7,000 मीट्रिक टन यूरिया, डीएपी और एनपीके सुरक्षित रखा गया है। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जिले में किसी भी प्रकार के उर्वरक की कमी नहीं है तथा किसानों को आवश्यकता के अनुसार ही संतुलित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करना चाहिए।
अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि उर्वरक खरीदने से पहले फार्मर रजिस्ट्री अवश्य कराएं तथा आवश्यकता होने पर उसे अपडेट भी करें, क्योंकि उर्वरक खरीद के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य है।
बैठक में उप निदेशक कृषि डॉ. राकेश कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार, एआर कॉपरेटिव आनंद कुमार, जिला प्रबंधक पीसीएफ अखिलेश कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
