इमरान मसूद का संस्कार पाकिस्तानी और बांग्लादेशियों की तरह, ये भारत में रहने लायक नहीं- सुरेंद्र सिंह

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। बैरिया विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह अपने आवास पर प्रेस प्रतिनिधि के साथ एक साक्षात्कार के दौरान कहा कि कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के उस बयान पर कि कांग्रेस की सरकार बनी तो वक्फ कानून का एक घंटे में इलाज कर दिया जाएगा- पूर्व विधायक ने आग उगलते हुए कहा कि इमरान मसूद हो या राहुल गांधी या सोनिया गांधी- ये सब भारत में रहने लायक नहीं हैं। उन्होंने सोनिया गांधी पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा कि बीयर बार में काम करते हुए भारत की महारानी बनने का सपना लेकर आई सोनिया गांधी को भारत की मिट्टी ने ठुकरा दिया। कहा- राहुल गांधी इसी कोख से पैदा हुए हैं। इमरान मसूद, जो आज कांग्रेस में है, राहुल गांधी के सानिध्य में पला-बढ़ा है। इनका संस्कार ही पाकिस्तानी और बांग्लादेशी है। उन्होंने बंटवारे का जिक्र करते हुए कहा कि दुर्भाग्य कि उस वक्त ऐसे लोगों को भारत से भगाया नहीं गया। अगर भगा दिया होता, तो इमरान जैसे ‘शैतान’ यहां पनपते ही नहीं। भारत आज सनातन हिंदू राष्ट्र होता। पूर्व विधायक ने नेहरू परिवार पर भी हमला बोला। बोले कि नेहरू से लेकर उनके आखिरी वारिस तक, इनमें राष्ट्रभक्ति कहां? ये भोगवादी लोग हैं। राजनीति इनके लिए ऐश-ओ-आराम का जरिया है। समाज, गरीब और राष्ट्र से इनका कोई वास्ता नहीं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि छह बजे से पहले इनका चेहरा और, छह बजे बाद दूसरा। होटल-मोटल की जिंदगी जीने वाले भारत की मिट्टी का स्वाभिमान नहीं समझ सकते। भारत का सम्मान चरित्र और इमान से संभव है, न कि इटली के होटलों में ऐश करके। उन्होंने कहा कि इन नेताओं को राष्ट्र से, गरीबों से, और सामाजिक सरोकारों से कोई मतलब नहीं है। छह बजे के पहले और छह बजे के बाद इनका चेहरा अलग-अलग होता है। पूर्व विधायक ने राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी का यही संस्कार है, वह रामजीलाल सुमन जैसे नेताओं के साथ खड़ी रहती है। क्योंकि वह न तो संस्कारों को मानते हैं और न ही संस्कृति को। महान लोग और विचारक हमेशा पवित्र मां की कोख से जन्म लेते हैं, लेकिन अखिलेश यादव को ये संस्कार नहीं मिले, इसलिए स्वाभाविक है कि वह रामजीलाल सुमन के साथ खड़े होंगे। पूर्व विधायक ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि अगर राणा सांगा की तुलना में अखिलेश को रामजीलाल सुमन ही महान नजर आते हैं, तो भगवान करे उनकी सद्बुद्धि ऐसे ही बनी रहे। वैसे भी समाजवादी पार्टी अब सत्ता में लौटने वाली नहीं है। ग्रामीण इलाकों के हालात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज भी गांवों में लोगों से पूछिए कि कौन सबसे ज्यादा परेशान करता है, तो जवाब मिलेगा-समाजवादी पार्टी के गुंडे। जिनकी सरकार में न खेती सुरक्षित थी, न बेटी, न मवेशी, न कर्मचारी, न अधिकारी। अगर कोई सुरक्षित था, तो सिर्फ मुलायम सिंह यादव का परिवार।

Karan Pandey

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