Saturday, January 17, 2026
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सरकार ने निजीकरण का फैसला वापस नहीं लिया तो 29 से अनिश्चित कालीन हड़ताल


देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।
राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन व राज्य विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले केंद्रीय कार्यकारिणी के आह्वान पर मंगलवार को सरकार द्वारा पूर्वांचल व दक्षिणांचल के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर एक दिवसीय विरोध सभा का आयोजन किया। इसमें निजीकरण को लेकर सदस्यों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यदि सरकार द्वारा निजीकरण के फैसले को वापस नहीं लिया गया तो संगठन के सदस्य 29 मई से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार होगा।
अध्यक्षता राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के जनपद अध्यक्ष इंजीनियर रामप्रवेश यादव ने किया व संचालन का कार्य जनपद सचिव इंजीनियर अमर प्रसाद ने किया। विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक एमके सिंह ने कहा कि यदि निजीकरण नहीं रुका तो हम सभी कर्मचारी जेल भरने के लिए भी तैयार है। क्षेत्रीय अध्यक्ष राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन इंजीनियर अवधेश कुमार ने कहा कि निजीकरण किसानों, उपभोक्ताओं, गरीबों व कर्मचारियों किसी के लिए भी फायदेमंद नहीं है। इस पर हर हाल में रोक लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि निजीकरण के विरोध में संघर्ष जारी रहेगा।
बैठक में निर्णय लिया गया की सभी कर्मचारी वर्क टू रूल के तहत काम करेंगे। साथ ही 21 मई से 28 मई तक निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग को लेकर 2 से 5 बजे तक अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर विरोध सभा आयोजित होगी। फैसला वापस नहीं लेने पर 29 मई से कार्य बहिष्कार होगा। इस दौरान मुख्य रूप से पूर्वांचल के जूनियर इंजीनियर संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष इंजीनियर अभिषेक कुमार, इंजीनियर मयंक अग्रवाल, इंजीनियर अमित सिंह, इंजीनियर प्रत्यूष बल्लभ, सच्चिदानंद शुक्ला, रामविलास मणि, सुशील सिंह, इंजीनियर अवधेश कुमार, इंजीनियर शशांक चौबे, सोनू प्रसाद, प्रभात कुमार मद्धेशिया, इंजीनियर शुभम त्रिपाठी, इंजीनियर मनीष यादव, मुन्ना कुशवाहा, आशीष गुप्ता, गुंजन शर्मा, बृज बिहारी मिश्रा, नरेंद्र यादव, इंजीनियर गोरख, इंजीनियर राजा, इंजीनियर मिथिलेश विश्वकर्मा, इंजीनियर अविनाश कुमार, इंजीनियर उपेंद्र, इंजीनियर रोहित पांडे सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

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