देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)जिले में लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को हीटवेव से फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाने की सलाह दी है। जिला कृषि अधिकारी उदय शंकर सिंह ने बताया कि तेज गर्मी और लू का असर फसलों पर पड़ सकता है, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में समय रहते उचित उपाय अपनाना जरूरी है।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि फसल कटाई के बाद खेतों में अवशेष न जलाएं, बल्कि उन्हें मल्च के रूप में उपयोग करें। इससे भूमि में नमी बनी रहती है और मिट्टी की गुणवत्ता भी बेहतर होती है। खरपतवार नियंत्रण के साथ मल्चिंग तकनीक अपनाने पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे पानी का वाष्पीकरण कम होता है।
सिंचाई प्रबंधन को लेकर भी विभाग ने सुझाव दिए हैं। किसानों को स्प्रिंकलर और ड्रिप सिंचाई पद्धति अपनाने की सलाह दी गई है, ताकि पानी का बेहतर उपयोग हो सके। साथ ही, शाम के समय हल्की सिंचाई करने से मिट्टी में नमी बनी रहती है और फसलों को गर्मी से राहत मिलती है। खेतों को समतल रखने पर भी जोर दिया गया है, जिससे सिंचाई का पानी समान रूप से वितरित हो सके।
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रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैविक खाद के उपयोग की सलाह देते हुए बताया गया कि अधिक तापमान में रासायनिक खाद फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। इसके अलावा, फसलों की बुवाई पंक्तियों में करने से भी सिंचाई और देखभाल में सुविधा होती है।
धान की नर्सरी के संबंध में विशेष निर्देश देते हुए कहा गया कि उसमें पर्याप्त नमी बनाए रखें और शाम के समय सिंचाई करें। यदि कहीं पानी अधिक मात्रा में जमा हो जाए, तो उसकी तुरंत निकासी सुनिश्चित करें, ताकि फसल को नुकसान से बचा या जा सके।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक तरीकों को अपनाएं और फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
