आगामी दशकों में पर्यावरणीय संकट के होंगे गंभीर परिणाम : प्रो. डीके सिंह

पर्यावरण संकट से उबरने में इकाई योगदान की भूमिका महत्वपूर्ण: प्रो. राजवंत राव

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास विभाग में पर्यावरणविद प्रोफेसर डीके सिंह ने पौधरोपण किया और बताया कि वह दिन दूर नहीं जब पर्यावरण संकट जटिल रूप धारण कर लेगा। हमारे पास अधिकतम 10 वर्ष और बचे हैं. इस अवधि में यदि हम नहीं चेते तो विकराल स्थितियों से मनुष्य को कोई बचा नहीं सकेगा।
प्रो.डीके सिंह अब तक लगभग 30000 पौधे लगा चुके हैं। जिसमें अधिकांश ने वृक्ष का रूप ले लिया है। उन्होंने प्राचीन इतिहास विभाग में आज लाल चंदन और नीम का पौधा लगाया। वह देश के प्रतिष्ठित पर्यावरणविदों में गिने जाते हैं।
कला संकाय के अधिष्ठाता एवं इतिहासविद प्रोफेसर राजवंत राव ने इस अवसर पर कहा कि प्रकृति और भारतीय संस्कृति का गहरा नाता रहा है। मौजूदा समय में पर्यावरण संकट ने वैश्विक उभार दर्ज किया है। समाधान के रास्ते भी वैश्विक स्तर पर तलाशे जा रहे हैं। किंतु इसमें इकाई योगदान की भूमिका बड़ी और बुनियादी है। इस छोटी सी बात को जन-जन को समझना होगा। अपनी निजी जिम्मेदारी सुनिश्चित करनी होगी। तभी पर्यावरण संकट को आपदा बनने से रोका जा सकेगा।
इस पौधरोपण कार्यक्रम में प्रोफेसर केशव सिंह, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. मणिद्र यादव आदि की भी उपस्थित रही।

rkpNavneet Mishra

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