बनकटा/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
पुराने अध्यापकों के रिटायर होने के बाद माध्यमिक विद्यालयों में खाली पड़ी सीटों का अब तक कोई स्थायी समाधान विभाग द्वारा नहीं किया गया, जिसके चलते शिक्षा व्यवस्था चौपट हो रही है,विद्यालयों में मानदेय पर रखे गये अध्यापक भी बहुत संतुष्ट नहीं हैं, अधिक वेतन मान मिलने पर दूसरे जगह जाने की प्रबल संभावना इनके साथ रहती है इसलिए जबतक स्थाई प्रवक्ता/ अध्यापक नहीं होंगे शिक्षण के साथ अनुषांगिक गतिविधियों का विकास भी समुचित प्रकार से नहीं हो सकेगा | इसी बाबत सामाजिक कार्यकर्ता रविभूषण द्विवेदी के द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक देवरिया को शिकायती पत्र भेजा गया, जिसमें विद्यार्थियों की व्यथा कथा के साथ क्षेत्र की गर्त में जा रही शिक्षा व्यवस्था पर भी प्रकाश डाला गया | स्थिति यह है कि विभाग इस स्थिति से भीज्ञ है, परन्तु अभी तक स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति करके सुदृढ़ शिक्षा व्यवस्था बहाल नहीं हो पाया है |
किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के…
✍️ विजय गुंजन भारत की भाग्यरेखा से भ्रष्टाचार का अंधकार मिटे,जन-जन की चेतना से नवक्रांति…
नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता जायसवाल की सहभागिता में सैकड़ों लोगों ने किया योगाभ्यास बरहज/देवरिया (राष्ट्र…
अदाणी फाउंडेशन ने 3,000 पशुओं के टीकाकरण का रखा लक्ष्य, गलघोंटू बीमारी से बचाव पर…
दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण 2026 कार्यक्रम की समीक्षा बैठक को लेकर देवरिया पहुंचे प्रदेश उपाध्यक्ष बरहज/देवरिया…
सफल प्रतिभागियों को प्रदान किया गया निःशुल्क डिजिटल प्रमाणपत्र पटना (राष्ट्र की परम्परा)। अंतर्राष्ट्रीय योग…