बनकटा/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
पुराने अध्यापकों के रिटायर होने के बाद माध्यमिक विद्यालयों में खाली पड़ी सीटों का अब तक कोई स्थायी समाधान विभाग द्वारा नहीं किया गया, जिसके चलते शिक्षा व्यवस्था चौपट हो रही है,विद्यालयों में मानदेय पर रखे गये अध्यापक भी बहुत संतुष्ट नहीं हैं, अधिक वेतन मान मिलने पर दूसरे जगह जाने की प्रबल संभावना इनके साथ रहती है इसलिए जबतक स्थाई प्रवक्ता/ अध्यापक नहीं होंगे शिक्षण के साथ अनुषांगिक गतिविधियों का विकास भी समुचित प्रकार से नहीं हो सकेगा | इसी बाबत सामाजिक कार्यकर्ता रविभूषण द्विवेदी के द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक देवरिया को शिकायती पत्र भेजा गया, जिसमें विद्यार्थियों की व्यथा कथा के साथ क्षेत्र की गर्त में जा रही शिक्षा व्यवस्था पर भी प्रकाश डाला गया | स्थिति यह है कि विभाग इस स्थिति से भीज्ञ है, परन्तु अभी तक स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति करके सुदृढ़ शिक्षा व्यवस्था बहाल नहीं हो पाया है |
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