July 25, 2024

राष्ट्र की परम्परा

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तुर्कपट्टी की उपेक्षा से व्यापारियों में सुलग रही आंदोलन की चिंगारी

राजापाकड़ कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)17 सितम्बर..

।कसया-सेवरही मार्ग पर स्थित तुर्कपट्टी बाजार की बदहाल सड़क,राष्ट्रीयकृत बैंक की कमी,जलनिकासी के लिये नालियों का अभाव तथा जर्जर तारों से विद्युत आपूर्ति जैसे अनेक ज्वलन्त मुद्दे स्थानीय लोगों और व्यापारियों के लिए दशकों से परेशानियों का कारण बना हुआ है। वहीं दूसरी तरफ जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों द्वारा यहाँ की समस्याओं की अनदेखी करने से इन समस्याओं को झेल रहे व्यापारियों में अब आन्दोलन की चिंगारी सुलगने लगी है।
तुर्कपट्टी बाजार जनपद के विकासखण्ड तमकुही के ग्राम पंचायत महुअवां बुजुर्ग, छहूँ पडरौना ब्लाक के बरवा कला, दुदही ब्लाक के नोनियापट्टी खिरियाँ तक विस्तारित है। विदित हो कि इस बाजार से मात्र पाँच सौ मीटर दूर ग्रामसभा महुअवां बुजुर्ग में स्थित ऐतिहासिक सूर्यमन्दिर पर पर्यटकों के जाने का मुख्य मार्ग यहीं से होकर जाता है।विकास की दृष्टि से इस बाजार में दो पेट्रोलपम्प, दो पहिया वाहनों के दो शो रूम,पशु चिकित्सा केन्द्र, पुलिस स्टेशन,सिटी माल,डिग्री कालेज,आधा दर्जन इण्टरमीडिएट कालेज सहित लगभग दो दर्जन निजी विद्यालय संचालित होते हैं।

करीब चार सौ से अधिक थोक व फुटकर व्यवसाइयों से सुसज्जित दुकानों से खरीददारी करने के लिये सरिसवां, कोरया, तिरमासाहुन, दोघरा, कोरया भेलही, किशुनदेवपट्टी, सोनदिया,देवपोखर,बरवा सुकेदेव, झनकौल, कुरमौटा,बसडीला पाण्डेय, धनौजी,जंगल घोरठ,जंगल शंकरपुर व मछरिया आदि गांवों के लोगों का यहाँ आना जाना होता है।लोगों की वर्षों पुरानी माँग एक राष्ट्रीयकृत बैंक स्थापित करने की आज तक पूरी नहीं हुई जिसके चलते यहाँ के व्यापारी और स्थानीय लोग धन निकासी के लिये कुबेरस्थान, कसया,फाजिलनगर व तमकुही जाते हैं।सबसे व्यस्त कालेज रोड पर यहाँ का एक मात्र यूपी बड़ौदा बैंक, सब्जी मण्डी,डिग्री कालेज और क्षेत्र का सबसे पुराना इण्टरमीडिएट कालेज,शिवमन्दिर व दुकानें स्थित हैं जिसमें दर्जनों गड्ढे हैं।नाली के अभाव में इस मार्ग पर हमेशा दुर्गन्धयुक्त पानी जमा रहता है। गौरतलब हो कि लगभग एक वर्ष पूर्व इस मार्ग के पुनर्निर्माण के लिए टेंडर भी हो चुका है लेकिन अब तक इस मार्ग पर निर्माण कार्य नहीं शुरू हो सका। तुर्कपट्टी बाजार में विद्युत आपूर्ति के लिये चार दशक पूर्व खींचे गये तार जर्जर व क्षतिग्रस्त हो चुके हैं जो कई बार पिघल कर गिर चुके हैं।तार बदलने के लिये व्यापारियों ने बार- बार विभाग से शिकायत किया लेकिन आज भी समस्या जस की तस बनी हुई है।यहाँ की गन्दगी स्वच्छ भारत अभियान को मुँह चिढ़ा रहा है क्योंकि नालियाँ बजबजा रही हैं। बारिश का पानी दुकानों और घरों में घुसता है। सफाईकर्मी नदारद रहते हैं और जिम्मेदार रोस्टर की बातें करते हैं।
अंग्रेजी हुकूमत के दौरान इसी क्षेत्र के स्व0 राजाराम लाल श्रीवास्तव और स्व0 काशीनाथ सिंह जैसे स्वतंत्रता सेनानियों ने इसी बाजार में आजादी का विगुल फूँका था।राजनीति के पुरोधा बाबू गेंदा सिंह,राजमंगल पाण्डेय और रामायण राय का भी इस बाजार से गहरा नाता रहा है।इस सम्बन्ध में महाविद्यालय के प्रबन्धक प्रदीपशंकर पाण्डेय,पूर्व ब्लाक प्रमुख नारायणी शाही,प्रबन्धक राघवेन्द्र प्रताप सिंह, सत्यवान तिवारी, पुरुषोत्तम वर्मा,सन्तोष मद्धेशिया, राजन रौनियार,कुन्दन यादव, राजेश मद्धेशिया,बच्चा गिरी,उपेन्द्र सिंह व फारूक कुरैशी आदि स्थानीय लोगों का कहना है कि यहाँ की समस्याओं के समाधान के लिये किससे अपनी व्यथा सुनायें।नेता और अधिकारियों से आग्रह करके थक चुके हैं।अब तो बस किसी भागीरथी का ही इंतजार है जो उपेक्षित तुर्कपट्टी बाजार का उद्धार कर सके।

संवादाता कुशीनगर…