Saturday, December 6, 2025
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दिल्ली में जानलेवा स्मॉग का कहर जारी: AQI 400 के करीब पहुँचकर बिगड़ी हवा, एनसीआर में भी संकट गहराया

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर जहरीले स्मॉग की चपेट में आ गई है। शुक्रवार सुबह शहर के कई प्रमुख इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘बेहद खराब’ श्रेणी में रिकॉर्ड किया गया। धुंध की मोटी परत ने न सिर्फ दृश्यता कम कर दी है, बल्कि सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए हालात और गंभीर बना दिए हैं।

दिल्ली के प्रमुख इलाकों में AQI स्थिति

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के निम्नलिखित इलाकों में प्रदूषण स्तर चिंताजनक है:

आईटीओ – 345 AQI

गाजीपुर – 358 AQI

आनंद विहार – 358 AQI

धौला कुआं – 372 AQI

स्मॉग के कारण सुबह-शाम शहर में दृश्यता बेहद कम हो गई है और लोग मास्क लगाकर निकलने को मजबूर हैं।

दिल्ली की हवा लगातार खराब

दिल्ली का औसत AQI शुक्रवार को 369 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। गुरुवार की तुलना में इसमें 8 अंकों की गिरावट हुई है, जिसका मतलब है कि हवा और अधिक प्रदूषित हो गई है। विशेषज्ञों के अनुसार यह स्तर गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है।

एनसीआर में भी प्रदूषण चरम पर

दिल्ली ही नहीं, पूरा एनसीआर इस समय दमघोंटू हवा में जूझ रहा है।

नोएडा – 388 AQI (सबसे प्रदूषित)

ग्रेटर नोएडा – 378 AQI

गाजियाबाद – 347 AQI

गुरुग्राम – 320 AQI

फरीदाबाद – 190 AQI (मध्यम श्रेणी)

नोएडा और ग्रेटर नोएडा की हवा ‘बेहद खराब’ श्रेणी में है, जबकि फरीदाबाद की स्थिति थोड़ी बेहतर बनी हुई है।

पीएम10 और पीएम2.5 का खतरनाक स्तर

दोपहर 3 बजे तक दिल्ली में निम्नलिखित स्तर दर्ज किए गए:

PM10 – 335.5 µg/m³

PM2.5 – 192.9 µg/m³

दोनों ही स्तर सुरक्षित सीमा से कई गुना अधिक हैं और लंबे समय तक इनके संपर्क में रहना हानिकारक हो सकता है।

मौसम और हवा का रुख

CPCB के अनुसार, शुक्रवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से 5 किमी/घंटा की गति से चली। मिश्रण गहराई 1050 मीटर और वेंटिलेशन इंडेक्स 4500 m²/second दर्ज किया गया, जो प्रदूषकों के फैलाव के लिए अपर्याप्त माना जाता है।

अगले कुछ दिनों में राहत की उम्मीद नहीं

पूर्वानुमान के अनुसार, सोमवार तक हवा की गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ श्रेणी में बनी रहने की संभावना है। इससे आंखों में जलन, सांस की तकलीफ और अस्थमा जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। लोगों को विशेषज्ञ अभी भी अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, मास्क पहनने और एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करने की सलाह दे रहे हैं।

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