Category: अन्य खबरे

कोरोना के बाद अब इबोला का डर, WHO अलर्ट से दुनिया में बढ़ी बेचैनी

इबोला का नया वैश्विक खतरा: कोरोना के बाद फिर दहशत की आहट, WHO अलर्ट के बाद दुनिया सतर्क गोदिया। कोरोना महामारी की भयावह यादें अभी पूरी तरह धुंधली भी नहीं…

सुंदरता के नाम पर सेहत से खिलवाड़ बंद, अवैध कॉस्मेटिक इंजेक्शन पर सख्त कार्रवाई शुरू

सुंदरता की अंधी दौड़ पर सरकार की सख्ती: कॉस्मेटिक इंजेक्शन पर CDSCO की बड़ी चेतावनी, अब होगी कठोर कानूनी कार्रवाई भारत में तेजी से बढ़ती ब्यूटी और एस्थेटिक इंडस्ट्री के…

एल्गोरिदम के पीछे छिपी सेंसरशिप: Digital युग में पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर बढ़ता संकट

✍️ दिव्या भोसले लोकतंत्र में पत्रकारिता केवल सूचना देने का माध्यम नहीं, बल्कि सत्ता से सवाल पूछने, नागरिक अधिकारों की रक्षा करने और सरकार व जनता के बीच जवाबदेही कायम…

डिजिटल जनगणना 2027 को कानूनी मजबूती : सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की चुनौती याचिका

जातिगत जनगणना पर सुप्रीम कोर्ट की ऐतिहासिक मुहर : सामाजिक न्याय और डेटा आधारित शासन का नया अध्याय ✍️एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी, गोंदिया महाराष्ट्र भारत में वर्षों से चल रही…

अनुच्छेद 21 की व्यापक व्याख्या: सुप्रीम कोर्ट ने डॉग लवर्स की सभी याचिकाएं खारिज कीं

आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक रुख: जनसुरक्षा बनाम पशु अधिकार बहस में नया अध्याय भारत में बढ़ते डॉग बाइट मामलों, रेबीज संक्रमण और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर वर्षों…

कटते जंगल रो रहे, काँपे सब जज़्बात।मानव अपने हाथ से, लिखता खुद की मात॥

धरती माँ की छाँव थे, हरियाले वनराज,इनके दम से जीवित है, जीव-जगत समाज।लोभ बढ़ा तो काटकर, भूल गया औकात—कटते जंगल रो रहे, काँपे सब जज़्बात॥ पेड़ों की हर डाल पर,…

परीक्षा या कारोबार? पेपर लीक ने खोली शिक्षा तंत्र की सबसे खतरनाक परत

ब्लूटूथ, सॉल्वर गैंग और करोड़ों का खेल: भारत में एग्जाम माफिया का संगठित साम्राज्य पेपर लीक प्रकरण: “घर का भेदी लंका ढाए” से “कोचिंग उद्योग की काली अर्थव्यवस्था” तक ✍लेखक…

तेल संकट, कमजोर रुपया और डगमगाते बाजार: क्या नई आर्थिक आंधी की आहट है?

वैश्विक तनाव, कच्चे तेल और शेयर बाजारों में उथल-पुथल: निवेशकों की बढ़ती धड़कनों के बीच विश्व अर्थव्यवस्था का नया संकेत मई 2026 का दूसरा सप्ताह वैश्विक अर्थव्यवस्था, भारतीय वित्तीय बाजारों…

डिजिटल शिक्षा युग में चुनौती और समाधान: सीबीएसई की पारदर्शी मूल्यांकन प्रणाली पर व्यापक विश्लेषण

पेपर लीक और परीक्षा माफिया के दौर में सीबीएसई की नई व्यवस्था क्यों बनी छात्रों के लिए उम्मीद की किरण ✍️ लेखक : एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी, गोंदिया महाराष्ट्रभारत सहित…

नीट संकट और परीक्षा-व्यवस्था की विश्वसनीयता

पारदर्शिता के नाम पर बार-बार टूटता भरोसा, और सुधार की अनिवार्य चुनौती नीट-2026 को लेकर उत्पन्न अनिश्चितता और रद्दीकरण संबंधी आशंकाओं ने लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी…

छुट्टी पर प्रधानमन्त्री मौज मस्ती में मोदी

आलेख-बादल सरोज जितनी फुर्सत में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं, उतनी निश्चिन्तता और मौजमस्ती में दुनिया का शायद ही कोई राष्ट्र प्रमुख हो ।पूरी दुनिया फिक्रमंद हुई पड़ी है,…

हरे माधव सत्संग 2026 : भारत की आध्यात्मिक चेतना का विश्वव्यापी संदेश

भारत : चेतना, अध्यात्म और मानवता की वैश्विक भूमि भारत केवल एक भौगोलिक राष्ट्र नहीं, बल्कि चेतना, अनुभूति और आत्मज्ञान की वह दिव्य ऊर्जा है जिसने सदियों से विश्व को…

घर की पहली शिक्षक माँ और बदलता पालन-पोषण

माँ केवल एक शब्द नहीं, बल्कि जीवन की सबसे गहरी अनुभूति है। संसार में बच्चे की पहली पहचान, पहला स्पर्श, पहला भरोसा और पहली शिक्षा माँ से ही शुरू होती…

माँ तुझे प्रणाममातृ दिवस पर विशेष -हरवंश डांगे

“मां का सम्मान उसकी ममता की पहचान है मातृ दिवस पर दिल यह कहे मां ईश्वर के समान है”मातृ दिवस,मां के अपार प्रेम ममता भावना और त्याग को सम्मान देने…

अमेरिका-ईरान समझौते की दहलीज पर दुनिया: क्या 48 घंटे बदल देंगे वैश्विक भू-राजनीति?

अमेरिका-ईरान तनाव में ऐतिहासिक मोड़: युद्धविराम से समझौते की दहलीज तक बदलती वैश्विक भू-राजनीति का नया अध्याय होर्मुज से व्हाइट हाउस तक: अमेरिका-ईरान एमओयू से बदल सकता है वैश्विक शक्ति…

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