लेख

राजनीति और मित्रता-आदर्श या अवसरवाद? -अच्छे मित्र का साथ हो तो, बड़ी से बड़ी चुनौतियों से आसानी से निपटा जा सकता है

अंतर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस 3 अगस्त 2025 - अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आपसी मित्रता बढ़ाने की सख़्त ज़रूरत गोंदिया - वैश्विक स्तरपर…

1 year ago

एक बार विधायक उम्रभर ऐश

5 साल की कुर्सी बनाम 60 साल की नौकरी पेंशन का पक्षपात" एक कर्मचारी 60 साल काम करने के बाद…

1 year ago

फेफड़ा (लंग्स) कैंसर एक खामोश कातिल है-आओ व्यक्तिगत व सामूहिक रूप से मिलकर इसपर ठोस कार्यवाही करें

2025 में हमारे पास तकनीकी, ज्ञान व संसाधन है,फेफड़ा कैंसर से लड़ने अब सरकार, समाज, चिकित्सा प्रणाली व आम नागरिकों…

1 year ago

दुनियाँ की सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाली भारतीय अर्थव्यवस्था को डेड कहना क्या ट्रंप की ट्रेड डील की पैतरेबाज़ी है?

ट्रंप की टैरिफ दबाव नीति क़े आगे भारत झुकेगा नहीं - संसद में वाणिज्यमंत्री की हुंकार राष्ट्रहित सर्वोपरि गोंदिया -…

1 year ago

“जब तक हिंदी भाषा जीवित है, प्रेमचंद के शब्द उसमें सांस लेते रहेंगे।”

हिंदी साहित्य के इतिहास में अगर किसी लेखक ने जनमानस को सबसे अधिक प्रभावित किया, तो वह हैं मुंशी प्रेमचंद।…

1 year ago

मुंशी प्रेमचंद: जिसने समाज को आईना दिखाया

नवनीत मिश्र 31 जुलाई को जब हम प्रेमचंद को याद करते हैं, तो दरअसल हम उस चेतना को याद कर…

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उधम सिंह सरदार एक गोली सौ सालों की गूंज

उधम सिंह केवल एक क्रांतिकारी नहीं थे, बल्कि एक विचार थे—संयम, संकल्प और सत्य का प्रतीक। जलियांवाला बाग़ के नरसंहार…

1 year ago

मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर होगा “सवा सेर गेहूं” का मंचन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर नाट्य संस्था रंगाश्रम गोरखपुर द्वारा 31 जुलाई,…

1 year ago

आज भी प्रासंगिक हैं प्रेमचंद के साहित्यिक व सामाजिक विमर्श– कृष्ण कुमार यादव

"साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं, बल्कि उसकी मशाल भी है।" यह कथन प्रेमचंद के साहित्यिक अवदान पर अक्षरशः खरा…

1 year ago

योगी आदित्यनाथ का कीर्तिमान: नेतृत्व के स्थायित्व से विकास की दिशा

✍️नवनीत मिश्र *"योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक स्थायित्व का नया मानक स्थापित किया है, जिसकी मिसाल अन्य राज्यों के लिए भी…

1 year ago