लेख

परशुराम जी की उपस्थिति आज भी प्रासंगिक है

"हे परशुराम, अब कब तक इंतजार करें?" आज के दौर में परशुराम की शिक्षा और आदर्श हमें सही मार्ग पर…

12 months ago

वन्य जीवों और पेड़ों के लिए अपनी जान पर खेलता बिश्नोई समाज

बिश्नोई समाज राजस्थान का एक अनूठा समुदाय है जो सदियों से पेड़-पौधों और वन्य जीवों की रक्षा में अपना जीवन…

12 months ago

अक्षय तृतीया का महत्व

अक्षय तृतीया का दिन दान-पुण्य,गरीबों, जरूरतमंदों को दान करने,सोना खरीदने, शुभ कार्य के लिएअत्यंत शुभ मुहूर्त माना जाता है। श्रद्धापूर्वक…

12 months ago

“पशु सेवा, जनसेवा से कम नहीं”विश्व पशु चिकित्सा दिवस पर एक विमर्श”

विश्व पशु चिकित्सा दिवस हर साल अप्रैल के अंतिम शनिवार को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य पशु चिकित्सकों की भूमिका…

1 year ago

राजनीति की रंगमंचीय दुश्मनी और जनता की असली बेवकूफी

नेताओं की मोहब्बत और जनता की नादानी कभी किरण चौधरी और शशि थरूर मंचों पर एक-दूसरे के खिलाफ़ खड़े होते…

1 year ago

आलेख -अंग्रेजों से आजादी के बाद अब देश को धर्मनिरपेक्ष से आजादी चाहिए तभी देश के हिंदू सुरक्षित रह पाएंगे

पुरे देश एवं दुनिया में पहलगाम में हुए 26 पर्यटकों की हत्या की निंदा हो रही है,पुरे देश के हिन्दुओं…

1 year ago

संघ में इजाजत -न्यौता या जाल!!

आलेख-बादल सरोज इन दिनों अब मुसलमानों पर हेज उमड़ रहा है। आजादी के बाद का सबसे बड़ा “क़ानून बनाकर संपत्ति…

1 year ago

कोई पानी डाल दे तो मैं भी चौंच भर पीलूं: चुपचाप मरते परिंदों की पुकार

तेज़ होती गर्मी, घटते जलस्रोत और बढ़ती कंक्रीट संरचनाओं के कारण पक्षियों के लिए पानी और छांव जैसी बुनियादी ज़रूरतें…

1 year ago

विश्लेषण :

मीडिया में लोक कल्याण और लोक मंगल की भावना डा. कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’ आज के वर्तमान परिदृश्य में…

1 year ago

आधी सच्चाई का लाइव तमाशा: रिश्तों की मौत का नया मंच

आजकल लोग निजी झगड़ों और रिश्तों की परेशानियों को सोशल मीडिया पर लाइव आकर सार्वजनिक करने लगे हैं, जहां आधी-अधूरी…

1 year ago