भाई देखो “लातों के भूत,बातों से नही मानते”,यह एक कहावत सुनतेआये हैं हम बचपन से। द्वापर में जब काम न…
हे मातु दया कर दे, वर दे, तनस्वस्थ सुखी रखिए रखिये।रोटी, कपड़ा, रहने को घर, वैभवसुख से भूषित रखिए रखिये।…
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के पश्चात सनातन परम्परानुसार जन्म के छठे दिन लड्डू गोपाल की छठी…
सच्चाई कड़वी होती है,सोच समझ कर लिखना होगा।बुरा न माने लोग कहीं,कदम फूंक कर रखना होगा। श्रीराम सरीखी मर्यादा में,रहकर…
दो दोस्तों ने दो जगह दो बातें लिखीं,समय, साँसे दो ही वास्तविक धन हैं,दोनो ही निश्चित हैं दोनो ही सीमित…
आजकल उंगलियाँ निभा रही हैं रिश्ते,पर जुबाँ से निभाने का अवसर कहाँ है,टच में व्यस्त सब, टच में है कोई…
क्षमा प्रार्थना का यह तात्पर्य नहीं है,कि हम गलत हैं और दूसरा सही है,हम रिश्ते का ह्रदय से सम्मान करते…
डाक्टर भगवान का रूप होते हैं,अब तक यह कहा जाता रहा है,पर अब ये क्लीनिक में देखते हैं,अपनी दुकान से…
‘बीर भोग्या वसुंधरा’ का अबशायद विचार बदल चुका है,मेहनत का फल तो मिलता है,धरती से सब उसको मिलता है। मेहनत…
भावनायें पुलकित पुलकित,आशायें भी कम्पित कम्पित,तेरी धुंधली छाया से चित्रित,भूल गया तन रज मंजु मृदुल,तुम बिन जीवन सूना सूना है,नाथ…