धरा पर नीम के वृक्ष काटे जा रहे हैंदिलों में कड़वाहट बढती जा रही है।जीभ स्वाद कड़वा होता जा रहा…
बुढ़ापा ! आयेगा नहीं जनाब,बुढ़ापा आ गया है पूरी तरह,मानो या ना मानो पर चिंता,मत करो अब भी हँसते रहो।…
अक्सर एक प्रश्न मन में उठता हैकि मै अति गरीब हूँ, अच्छा खाना,अच्छे घर में रहना और अच्छी नींदमुझे कहाँ…
युवा नेता अभय सिंह ने मिठाई खिला कर दी एक-दुसरे को बधाई गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव एवं…
वोकल फोर लोकल को देने बढ़ावा की अपील संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। कैलाश मानसरोवर की मुक्ति और तिब्बत…
मेरा दशहरा इस वर्ष का,जितना कष्टदायक रहा है,उससे अधिक सुखद रहा है,इंसानियत प्रेम जो मिला है। तेज़ ज्वर से कंपकँपाता…
मंदिर प्रांगण में जेठ के पहले बड़ेमंगल का भंडारा हो रहा था,पंक्ति बद्ध होकर स्त्री, पुरुष,बच्चे, बुजुर्ग आते जा रहे…
सम्भव को सम्भव करनाअसम्भव तो होता नहीं है,किसी बात पर भी कवितालिखना मुश्किल नहीं है। कविता तो वास्तविकताके ऊपर आधारित…
इससे अच्छा क्या होगा कि कोईछोटी छोटी बात पर करे प्रशंसा,स्वीकार करे आपको मुसीबत में,ज़रूरत के समय करे जो सहायता।…
छिति, जल, पावक, गगन, समीर,पाँच तत्व मिल बना अग़म शरीर,सत, रज, तम गुण मानव तन के,मन रहता इनसे ही अति…