नया साल आया है, तो फिर वही बातें शुरू हो गई हैं। संकल्प, वादे और बड़े-बड़े दावे। लेकिन गाँव, कस्बे…
फोकस:नया साल, पुरानी व्यवस्थाटैग:संपादकीय नया साल व्यवस्था धोखे राजनीति समाज आत्ममंथनसाल बदला है, सच नहीं। दीवार पर नया कैलेंडर टंग…
आधुनिक युग के महान ऋषि और संत रमण महर्षि का सम्पूर्ण आध्यात्मिक चिंतन एक अत्यंत सूक्ष्म किंतु क्रांतिकारी सत्य पर…
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दू समुदाय पर हो रहे लगातार हमले केवल एक देश की आंतरिक समस्या नहीं हैं, बल्कि यह…
भारतीय राजनीति में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जिनकी पहचान केवल पद से नहीं, बल्कि प्रभाव से होती है। अरुण…
जलियांवाला बाग से लंदन तक: स्वाभिमान का अमर प्रतीक क्रांतिवीर उधम सिंहअदम्य साहस, अटूट संकल्प और राष्ट्र के स्वाभिमान के…
सड़क सुरक्षा आज महज़ यातायात नियमों का विषय नहीं रही, बल्कि यह समाज की संवेदनशीलता और प्रशासनिक इच्छाशक्ति की असली…
24 दिसंबर को मनाया जाने वाला राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस हमें यह सोचने का अवसर देता है कि हम केवल उपभोक्ता…
भारत के आर्थिक इतिहास में 1991 का वर्ष एक युगांतकारी मोड़ है। यह वही दौर था जब देश गहरे वित्तीय…
काकोरी ट्रेन एक्शन अमर शहीद राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी को स्मरण करते हुए नवनीत मिश्र का आलेख भारतीय स्वाधीनता संग्राम का इतिहास…