संपादकीय

रहीमदास: नीति, भक्ति और मानवीय करुणा का शाश्वत स्वर

पुनीत मिश्र “जो रहीम उत्तम प्रकृति, का करी सकत कुसंग। चन्दन विष व्यापे नहीं, लिपटे रहत भुजंग॥”यह दोहा केवल काव्य-सौंदर्य…

10 months ago

अंकों की दौड़ से आगे- शिक्षा में संस्कारों की कमी और समाज पर उसका असर

आज के भारत में शिक्षा को सफलता की कुंजी माना जाता है, जहाँ अच्छे अंक, नामी संस्थान और ऊँचा वेतन…

10 months ago

विजय दिवस: शौर्य, संकल्प और राष्ट्रगौरव का अमर अध्याय

नवनीत मिश्र 16 दिसंबर भारतीय इतिहास का वह स्वर्णिम दिन है, जब पराक्रम ने अत्याचार को परास्त किया और न्याय…

10 months ago

राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस: ऊर्जा बचत से ही सुरक्षित होगा भविष्य

नवनीत मिश्र भारत में प्रत्येक वर्ष 14 दिसम्बर को राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य…

10 months ago

आवारा कुत्तों की गिनती से क्लासरूम तक: शिक्षक बोझ का सच

सरकारी स्कूलों में गिरते शिक्षा स्तर के लिए कौन जिम्मेदार? शिक्षक या सरकार: ‘शिक्षक पर बढ़ता गैर-शैक्षणिक बोझ’ बना राष्ट्रीय…

10 months ago

बाबा राघव दास: जनसेवा और करुणा के शिखर पुरुष ‘पूर्वांचल के गांधी’

जयन्ती पर विशेष नवनीत मिश्र बाबा राघव दास आधुनिक भारत के उन दुर्लभ महापुरुषों में शामिल किए जाते हैं, जिन्होंने…

10 months ago

गरिमामय जीवन और मानवता का धर्म: मानवाधिकारों का इतिहास और वर्तमान संदर्भ

विश्व मानवाधिकार दिवस का संदेश स्पष्ट है कि प्रत्येक मनुष्य को मर्यादापूर्वक एवं गौरवपूर्ण जीवन जीने का अधिकार है। यह…

10 months ago

बदलते भारत की सैन्य सोच के शिल्पकार: जनरल बिपिन रावत

पुनीत मिश्र भारत के आधुनिक सैन्य इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जो केवल अपनी पदस्थापना से नहीं, बल्कि…

10 months ago

तेज बहादुर सप्रू: न्यायपरक विचारधारा और राष्ट्रनिर्माण का उज्ज्वल स्वर

नवनीत मिश्र भारत के स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास केवल उन वीर सेनानियों का स्मरण नहीं करता जिन्होंने बंदूकों और नारों…

10 months ago

बाल कृष्ण शर्मा ‘नवीन’ : राष्ट्रीय चेतना के प्रखर कवि और बहुआयामी साहित्यकार

हिंदी साहित्य के स्वर्णिम इतिहास में बाल कृष्ण शर्मा ‘नवीन’ उन रचनाकारों में प्रमुख हैं, जिन्होंने अपनी कविता, पत्रकारिता और…

10 months ago