कविता

परोपकार होता रहे

आँख में यदि कुछ चला जाये तोउसे बिलकुल नहीं देख पाती हैं,वैसे ही दूसरे की बुराई दिखती है,पर अपनी बुराई…

11 months ago

भावनाओं को समझ ले जो

भावनाओं को समझ ले जो इंसानवह सबसे पढ़ा लिखा इंसान होता है,वह इंसान फिर चाहे अति विद्वान होया फिर निरा…

11 months ago

तनाव ग्रस्त न रहें कभी भी

कुछ मित्र ऐसे अवश्य होते हैं,चाहे पास रहें अथवा दूर रहें,बात कर सकें या नहीं कर सकें,पर हमेशा महत्व पूर्ण…

11 months ago

मन:स्थिति और उत्सव

उत्सव और पर्व मानव मन कोस्वभाव वश आनंदित करते हैं,उत्सव पर्व स्वाभाविक स्थिति हैंहम हर पल इस स्थिति में जीते…

11 months ago

जीवन की नैय्या और किनारा

जब तक गंगा यमुना में पानी है,तब तक जीवन की ज़िम्मेदारी हैं,इंतज़ार करोगे पानी रुके कब तककब आयेगी ख़ुशियों की…

11 months ago

चरित्र धन व संतोष धन

संतोष धन मिल जाता है तो हमारेजीवन में सुख शान्ति आ जाती है,चरित्र धन मिल जाता है तो मानवजीवन में…

11 months ago

विनती महादेव से

बचपन के मित्र हैं हम दोनोंएक साथ खेले और कूदे हैं,साथ साथ पढ़े लिखे भी हैं,साथ साथ ही बड़े भी…

11 months ago

वसुधैवक़ुटुम्बकम् की सोच

बसुधैवक़ुटुम्बकम् की सोच,बहुत ही पुरानी सी लगती है,इस विचार पर बात करना भी,बहुत ही अजीब सी लगती है। यह सारा…

11 months ago

फ़िल्मों की संस्कारहीनता

क्या क्या दिखलाया जाता भोलीभाली भारतवर्ष की हमारी जनता को,हिंसा खुलेआम नंगापन, छल कपट,नीचा दिखलाना भाई का भाई को। जो…

11 months ago

सोशल मीडिया: श्वेत – श्याम

जब सोशल मीडिया सकारात्मकभूमिका अदा करता है तब किसी भीव्यक्ति, संस्था, समाज व देश कोसब तरह से समृद्ध बनाया जाता…

11 months ago