विनती महादेव से

बचपन के मित्र हैं हम दोनों
एक साथ खेले और कूदे हैं,
साथ साथ पढ़े लिखे भी हैं,
साथ साथ ही बड़े भी हुये हैं।

इसीलिये शायद हम – आप
परम स्नेही मित्र बन सके हैं,
आत्मीयता के साथ साथ ही
हमारे मन आपस में मिलते हैं।

आप सनातन प्रेमी शिव सेवक,
मैं हूँ शिव-शिवा का परम भक्त,
हमारे निवास स्थान की दूरी भी,
हमको नहीं कर सकती विरक्त।

हम दोनों दूरी के मोहताज नहीं हैं,
मन से मन का मेल सदा से ही है,
आदित्य मित्रता प्रभू बनाये रखें,
ये विनती महादेव शिव जी से है।

डा. कर्नल आदि शंकर मिश्र
‘आदित्य’

rkpnews@desk

Recent Posts

भारत का नया ग्लोबल पावर गेम: पैसा, बाजार, अंतरिक्ष और ब्रिक्स से 2047 की तैयारी

भारत की नई वैश्विक आर्थिक छलांग: पूंजी, अंतरिक्ष, विदेशी मुद्रा और ब्रिक्स के सहारे विजन…

5 minutes ago

कथा में गूंजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के जयकारे, बधाई गीतों पर झूमे श्रद्धालु

बलिया (राष्ट्र की परम्परा ) हुसैनपुर स्थित ठाकुरबाड़ी मंदिर परिसर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूजा समारोह…

18 hours ago

हृदयाघात से चौकीदार की मौत समाज सेवी नंदन मिश्रा पीड़ित परिवार से मिले

भागलपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा )विधानसभा सलेमपुर क्षेत्र के ग्राम सभा धरहरा (तकिया) निवासी बबलू प्रसाद (35)…

18 hours ago

पशुहारी में रहस्यमय बीमारी से तीन मौतें, केंद्रीय टीम बुलाने की मांग

बलिया (राष्ट्र की परम्परा ) विकासखंड सीयर की ग्राम पंचायत पशुहारी में एक ही परिवार…

2 days ago