कविता

हम या आप

अपना हाथ देखूँ, हाथ अपना है,पर स्वयं तो हाथ नहीं हूँ मैं,ऐसे ही अपना पैर देखूँ,पर पैर भी स्वयं नहीं…

4 days ago

सच देखो, सच सुनो, सच बोलो: सकारात्मक सोच और सादा जीवन का संदेश

आज के दौर में जब भ्रम, दिखावा और नकारात्मकता तेजी से बढ़ रही है, तब “सच देखो सच सुनो सच…

1 week ago

✍️ प्रेम का रंग – त्याग, सहिष्णुता और ईमानदारी की प्रेरक कविता

प्रेम का रंग चढ़ता चला गया,यूँ लगा कि दुनिया हमारी है,त्याग का यत्न जब सीखा तोऐसा लगा कि जन्नत हमारी…

1 week ago

फागुन–चैत की बज उठी शहनाई: वसंत, होली और आम्रकुंज की अमराई का काव्य उत्सव

भारतीय ऋतुओं में वसंत ऋतु केवल मौसम नहीं, बल्कि जीवन में नवचेतना का उत्सव है। फागुन–चैत के आते ही खेत-खलिहान,…

2 weeks ago

सच और झूठ का विकल्प

✍️ डॉ० कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ सच बोलना मानव की मूल प्रवृत्ति है,सच से ही जीवन में पवित्रता सृजित है।झूठ…

2 weeks ago

शिव भक्ति साहित्य में नया आयाम: आदित्य–शिव स्तुति

आदित्य–शिव स्तुति: महादेव की दिव्य आराधना में ओतप्रोत काव्यलेखक: डॉ. कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’🔱 भूमिकाआदित्य–शिव स्तुति भगवान शिव के…

3 weeks ago

निर्विकार प्रेम कविता: भक्ति, धर्म और ईश्वर का सार

— डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ प्रेम केवल भावना नहीं, यह भक्ति का स्वरूप है,प्रेम पूजा है, जहां न स्वार्थ…

3 weeks ago

संत से पूछिए क्रोध क्या होता है

✍️ डाॅ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ जीत–हार का तजुर्बा अजीब होता है,जीत पर सारी दुनिया गले लगाती है,हार के बाद…

3 weeks ago

सुप्रभात तो एक बहाना है: आस्था, धैर्य और जीवन दर्शन पर प्रेरक कविता

लेखक: डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र, ‘आदित्य’ लेखक सुप्रभात तो एक बहाना हैजब सूर्य की कृपा होती है, सूर्य कीकिरणें प्रकाश…

3 weeks ago

आत्मविश्वास व परोपकार

• डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ दर्पण का काम ही है सबको सबकीसूरत दिखाना चाहे अच्छी हो या नहीं,कितना निरपेक्ष…

4 weeks ago