कविता

हँसते रिश्ते व आत्म सुख

खुल कर हँसना, आत्म- सुकून दे,मन में मन हँसना दिल को सुकून दे,प्रेम सदा हँसता मुस्कुराता जीवन दे,प्रेम सुखी जीवन…

10 months ago

ज्ञान और विज्ञान

अनुचित स्पर्धा की चाहत भीलोगों की नक़ल कराती है,औरों की कृतियाँ, अंदाज,तरीक़ा भी औरों का अपनाती है। अपना कहने की…

10 months ago

असमंजस और अहंकार

ज़िन्दगी असमंजस से भरी,जो चाहते वो मिलता नहीं,जो मिले उससे संतोष नहीं,उम्मीद कभी पूरी होती नहीं। उम्मीदों का है फ़साना,शब्दों…

10 months ago

पुण्य भारी पड़ रहा है

पुण्य भारी पड़ रहा है कहा किसी ने,यह प्रतिक्रिया मुझे दी एक मित्र ने,स्वास्थ्य तो शरीर का देखा जाता है,मन:स्थिति…

10 months ago

पार्थ, रहना सजग

युद्ध जीत भी जाना तोहे पार्थ, तुम रहना सजग।धृतराष्ट्र सदा ही आयेंगे,गले लगाने तुमको पग-पग। है युगों युगों का सत्य…

10 months ago

दुआओं में शक्ति

दुआओं में बहुत शक्ति होती है,जो किसी के लिये भी की जाती है,दुआ देना अहंकार नहीं होता है,दुआ तो प्रभू…

10 months ago

दुनिया स्वार्थ में अंधी होती है

जीवन में प्रचंड चक्रवात, तूफानका आना भी अति आवश्यक है,तभी हमें पता चलता है कि कौनहमारा हाथ पकड़ कर चलता…

10 months ago

जीवन के सिद्धांत

सबका जीवन अपनी ही,पसंद का क़ायल होता है,अवसर वादिता का जीवनमिथ्या जीवन कहलाता है। जीवन के परिवर्तन स्वेच्छा से हों,बहाने…

10 months ago

सूरज को दीपक दिखाना

सुना था अच्छे व श्रेष्ठ रचनाकार,कवि चलते चलते जो देख लेते हैं,उस पर तुरन्त कविता लिख देते हैं,वही तो अब…

10 months ago

निःसंदेह यही कर्म फल हैं

निःसंदेह यही कर्म फल हैं निसंदेह हम अपने कर्मों कीवजह से ही बीमार पडते हैं,खानपान में परहेज़ न करना,समयानुसार वस्त्र…

10 months ago