बातें शानदार हों न हों व्यंग्य तो है,बहुत शानदार हो या थोड़ा कम हो,लिखा है कि आप हँसे और ख़ूब…
ग़रीबी में पला था सूखी रोटियाँ खाकर,बचपन से जवानी तक रहा था औरों का चाकर,क़िस्मत में लिखा था मेहनत मज़दूरी…
अध्यात्म की महिमा में शिव है,जगत चराचार में भी शिव है,जीव-जन्तु की आत्मा शिव है,आत्मा और जीवात्मा शिव है। पार्वती…
युद्ध विभीषिका में जहाँ जवान सैनिक,जिसे जानते नहीं उसे जान से मारते हैं,वे न उनसे प्रेम करते, न घृणा करते…
हे शिवशंकर भोलेनाथ तुमअजर अमर अविनाशी हो,महाकाल उज्जैन विराजत,बाबा विश्वनाथ काशी में हो। हम भक्तों के संकटहर्ता हो,तुम हम सबके…
केवल गोली, टेबलेट, कैप्सूल याइंजेक्शन ही औषधि नहीं होते हैं,रात में जल्दी सोना, ब्रह्ममुहूर्त मेंजल्दी उठना औषधि से होते हैं।…
सबसे बेहतर रंग की तलाश में,काले, सफ़ेद कोट हमने पहना,जय होवे अधिवक्ता साहब की,जय होवे चिकित्सक साहब की। उसके जजबात…
सदा रखते हैं जो पवित्र विचार,अच्छी सोच उनकी हो लगातार,बुरे भाव दूर रखने का समाधान,सदा अमल में लायें सुसंस्कार। संस्कारों…
माता पिता बच्चे का तुतलानाभी कैसे पूरी तरह समझ लेते हैं,बच्चा माँगे तोतली बोली में जो,माता-पिता वह सब लाकर देते…
यथार्थ बोध के बिना,यथार्थ ज्ञान नहीं मिले,यथार्थ ज्ञान के बिना,विनीत भाव नहीं मिले। विनीत भाव के बिना,प्रेम-प्रीति नहीं मिले,प्रेम- प्रीति…