खामोशी से सभी काम होते हैं,किसान खेत में काम करते हैं,जैसे पेंड़ और पौधे छाया देते हैं,किसान हम सबको अनाज…
कविता की रचना जब कोई कविअपनी कल्पना में जाकर करता है,यदि पाठक रचना में गलती खोजे,समालोचना उसका हक़ होता है।…
सच बोलना मूलभूत प्रकृति वसंवेदनशील सहज प्रवृत्ति है,झूठ सुनकर यदि हमें दुख होता है,ऐसे झूठ से ग़ैर को भी दुख…
अंबर से धरती तक तीनों लोकों में,चमक रहे सूर्यदेव उनको प्रणाम है।जगत प्रकाशित जिनसे होता है,भुवन भास्कर तुमको प्रणाम है।…
हे भोलेनाथ कृपालु हरे,शिव शम्भू हे औढरदानी।दयालु हृदय हे करुणाकर,महादेव की अकथ कहानी॥ निमिषमात्र, नवनिधि दाता हैं,दयानिधि भोले हैं महा…
बड़े बड़े महलों को ढहते देखा है,उन महलों में रहने वालों को देखा है,भूखे प्यासे दर दर भटकते देखा है,उनकी…
परंपरा व आस्था पर प्रहार,सरेआम आधुनिक भारत में,अपने ही लोगों के द्वारा देखा,वो रौंद गये एक लक्ष्मण रेखा। होली के…
वादा करो कि बेलन का उपयोगचपाती बनाने के लिये ही करोगी,वादा दिवस, पति देव की कहानीसुनिये कहानी, उनकी ही ज़ुबानी।…
वसन्त पंचमी की नवपूजा होगी,माँ सरस्वती तव अर्चना होगी,वीणावादिनि की आरती होगी,माँ शारदे श्वेतवस्त्रालंकृता होंगी। वीणा के तार सरगम झंकृत…
अपनी माँ की ममता का सागरबेटी सबकी आँखों का तारा है,मैं बतलाऊँ कैसे हमने कितने,लाड़, प्यार, नाज़ों से पाला है।…