कविता

संस्कार से चरित्र

उत्तम शिक्षा और अच्छे संस्कारजीवन में विकास के मूल मंत्र हैं,शिक्षा से ज्ञान विज्ञान बढ़ते हैं,संस्कारों से चरित्र श्रेष्ठ बनते…

2 years ago

पर इंसान, इंसान नहीं रह पाते हैं

चुनाव का दौर, जाति धर्म के नारे,जनता को भी क्या लगते हैं प्यारे,वोट माँगते हैं दोनो हाथ जोड़कर,मालामाल करेंगे चुनाव…

2 years ago

संस्कारशीलता व संस्कारहीनता

एक सुंदर वाक़या हमारी मानसिकता यह दर्शाती है,हम किसी तथ्य को कैसे समझते हैं,कोई अपना परोसा भोजन भी किसीकी ज़रूरत…

2 years ago

ज्ञानार्जन की अद्भुत बातें

जिसके शब्दों में ऐसा प्रेम भरा,उसमे ख़ुद कितना प्रेम भरा होगा,जिसकी बातें ही इतनी सुंदर हैं,उसके भावों में कैसा प्रेम…

2 years ago

उपवन जैसे झाड़ झंखाड़ न हों

हाथ की अंगूठी उँगली में हमारेरिश्तों की तरह सुंदर लगती है,उँगली से निकालते ही अपनानिशान उँगली पर छोड़ देती है।…

2 years ago

वट सावित्री

स्त्री तो माता लक्ष्मी है,पार्वती व सरस्वती है,दुर्गा काली भी वह है,सत्यवान की सावित्री है। झाँसी की रानी है,स्त्री इंदिरा…

2 years ago

मंगल के भण्डारे लखनऊ में

श्री हनुमान जी की कृपा से आजयह अति पावन शुभ कार्य हो रहा है,उनकी दया है हम पर, उनके भंडारेकी…

2 years ago

नेता नगरी

हाथ जोड़कर ये वोट माँगते नेता,विजयी होकर माननीय बन जाते हैं,इनकी अपनी डफली बजती फिर,ये केवल अपना ही राग सुनाते…

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सीप्ज की 51वीं वर्षगांठ पर भव्य रक्तदान शिविर संपन्न 2637 बोतल रक्त जमा

मुंबई(राष्ट्र की परम्परा)भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के सहयोग से विश्व प्रसिद्ध आभूषण केंद्र, सीप्ज-सेज, के 51वीं वर्षगांठ…

2 years ago

अर्थ–अनर्थ

किसी का पद उसकी श्रेष्ठतानिश्चित नहीं कर सकता है,पर उसका आचार व्यवहार हीउसकी श्रेष्ठता तय करता है। प्रशंसा सभी को…

2 years ago