कविता

पुरुष के प्रकार चार

चार प्रकार के जीव संत बतलाते हैं,इन चारों के लिए चार प्रकार के हीव्यवहार भी यथानिम्न वताये जाते हैंसत्पुरुष, शठ,…

1 year ago

कहता है गणतंत्र

हिसार(राष्ट्र की परम्परा)बात एक ही यूँ सदा, कहता है गणतंत्र।बने रहे वो मूल्य सब, जन- मन हो स्वतंत्र। संसद में…

2 years ago

प्रेम का धागा

रहिमन धागा प्रेम का, मत तोरो चटकाय।टूटे पे फिर ना जुरे, जुरे गाँठ परी जाय ॥ रहीम दास कहते थे…

2 years ago

भारतीय नारियाँ

राष्ट्रीय हो या फिर अंतर्राष्ट्रीय,बालिका दिवस अवश्य मनायें,बालिकाओं को पैदा तो होने दें,उन्हें माँ की कोख में पलने तो दें।…

2 years ago

जरूरतमंद का पेट भरना

ग़लती तो जीवन का एक पृष्ठ है,पर जीवन पूरी की पूरी पुस्तक है,अत: किसी एक पन्ने के लिये पूरीकी पूरी…

2 years ago

विवश विद्यार्थी चुन रहे, आत्महत्या की राह

हिसार(राष्ट्र की परम्परा)भारी ट्यूशन भीड़ में, सब बच्चे एकांत।रैंकिंग के दबाव में, रह ना पाए शांत।। भोले बचपन पर चले,…

2 years ago

याद रहेगा शूरमा

हिसार(राष्ट्र की परम्परा)सच्चे वीर सपूत थे,महाराणा प्रताप।लेकर चेतक को बढे,दिए मुग़ल सब नाप॥ हल्दी घाटी में लड़े,बन दुश्मन पर काल।मुग़ल…

2 years ago

सत्य व पूर्ण समर्पण

जीवन सफल बनाने में एक नियमका पालन तो बहुत ज़रूरी होता है,अपने आप से सदैव सच ही बोलो,जो सच है,…

2 years ago

आत्मसम्मान

खगड़िया/बिहार (राष्ट्र की परम्परा)प्यार चाहे कितना भी गहरा हो,पर बात जबआत्मसम्मान कि हो,अपने स्वाभिमान की हो,अपमान और सम्मान की हो…

2 years ago

गुणवान को कष्ट भोगना पड़ता है

उनका कहना कि नींद आये न आये,रात में चिराग़ बुझाना ही पड़ता है,क्योंकि रात भर किसी का उन्हें यूँजलना जो…

2 years ago