कविता

आत्मबल का उपहार

जीवन में कठिनाई जब भी आती हैतो कष्ट देती है, और जब जाती हैतो उस कष्ट से अधिक मूल्यवानआत्म बल…

2 years ago

उठती ऊँगली और पे

हिसार(राष्ट्र की परम्परा)सुन ले थोड़े सच्चे बोल,मतकर इतनी टाल-मटोल। सोच समझकर छूना आग,बेमतलब ना ले पंगे मोल। दुनिया सब कुछ…

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आदित्य की दो कविताएं

1- पैसा, वक्त और संस्कार पैसा और वक्त दोनों ही मूल्यवान हैं,जीवन में दोनों की बड़ी अहमियत है,दोनों में फ़र्क़…

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माघ मकरगति…

माघ मकर गति रवि जब होई,तीरथ पतिहिं आव सब कोई,महाकुंभ का आयोजन इस वर्षफिर प्रयागराज संगम में होई। करोड़ों -…

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सही व त्वरित निर्णय

नौकरी के एक साक्षात्कार में यहप्रश्न पूछा गया कि यदि आप केसामने अचानक एक बड़ा सा कालानाग आ जाय तो…

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कर्तव्य करिए, फल की इच्छा नहीं

आस्था और विश्वास की ताक़त सेटूटते हुये सम्बंध बार बार जुड़ जाते हैं,लोगों की उजड़ी अंधियारी दुनिया मेंइनके द्वारा हरियाली…

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जन्म दिन विशेष कविता बृजेश मिश्र:– पत्रकार/ कवि

आज जन्मदिन मिश्र कुलदीप की "सत्रहवीं जन्म दिवस" जनवरी छः दिन सोमवार सन पच्चीस। दे रहा हूं जिसकी "मैं" बधाई।बाबा…

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हाथों में है किताब मेरे

हिसार(राष्ट्र की परम्परा)उतरेंगे नकाब तेरे।सुन तो ले जवाब मेरे॥ भरे थे तो क़द्र न जानी,सूखे अब तालाब तेरे। अपने खाते…

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फूलों का हार…

परोपकार, दान धर्म स्वाभाविक है,देने वाला कभी विचार नहीं करता,बहुत ज़्यादा विचार करने वाला तोसोच सोच कर कुछ दे नहीं…

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सम्पति सहेज कर भी न अघात

ऐश्वर्यवान कृपण के लिये विद्वान,सुशील भी अति तुच्छ तृण समान,कमल पुष्प कली और नाल भुभक्षहंस करत वंचित भ्रमर और मधुमक्ष।…

2 years ago