Saturday, July 18, 2026
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जमीन विवाद में किसान की गला रेतकर हत्या, पत्नी और दामाद पर आरोप

मधेपुरा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) जिले के मुरलीगंज थाना क्षेत्र के बेलो गांव में सोमवार को नहर किनारे से एक किसान का शव बरामद किया गया। मृतक की पहचान खाड़ी वार्ड-14 निवासी जसवंत कुमार (45 वर्ष) के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार, जसवंत कुमार की हत्या गला रेतकर की गई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मृतक की मां ने पुलिस को दिए बयान में जसवंत की पत्नी पुनीता देवी और दामाद अमित कुमार पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुनीता अपने दामाद के नाम पर एक बीघा जमीन लिखवाना चाहती थी। इस मामले को लेकर पिछले एक साल से कोर्ट में केस चल रहा था। लेकिन मृतक जमीन देने के लिए तैयार नहीं था और हाल ही में उसने जमीन सूदभरना पर दे दी थी। इसी विवाद के कारण इस वारदात को अंजाम देने की बात कही जा रही है।

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव में इस घटना के बाद तनाव का माहौल बना हुआ है।

“दो बच्चों को छोड़ मां ने तोड़ा सांसों का रिश्ता, पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी नजरें”

औरंगाबाद(राष्ट्र की परम्परा डेस्क)शहर के जय मां कॉलोनी मुहल्ले में सोमवार की सुबह एक हृदयविदारक घटना घटी। यहां 35 वर्षीय महिला रानी कुमारी, जो मूल रूप से पटना जिले के बद्दोपुर निवासी मंटू कुमार सिंह की पत्नी थीं, ने अपने किराए के कमरे में फांसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली।

जानकारी के अनुसार, मृतका का मायका रफीगंज प्रखंड के बलवंत बिगहा गांव में है। रानी कुमारी का पति दिल्ली की एक निजी कंपनी में नौकरी करता है, जबकि रानी अपने बेटे और बेटी को पढ़ाने के लिए औरंगाबाद शहर में किराए के कमरे में रह रही थी।

सोमवार सुबह वह रोज़ की तरह बच्चों को स्कूल छोड़कर लौटी। घर पहुंचते ही कमरे का दरवाजा बंद कर लिया और पंखे से दुपट्टा के सहारे फांसी लगा ली। जब काफी देर तक वह बाहर नहीं निकली, तो पड़ोसी ने खिड़की से झांका तो देखा कि रानी का शव पंखे से झूल रहा है। शोर मचने पर लोग इकट्ठा हुए और उसे नीचे उतारा। आनन-फानन में सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

परिजनों का कहना है कि रानी और उसके पति मंटू कुमार सिंह के बीच उधार लिए गए पैसे को लेकर फोन पर विवाद हुआ था। विवाद के बाद ही उसने यह कदम उठाया। हालांकि, मृतका के मायकेवालों ने आशंका जताई है कि मामला आत्महत्या भी हो सकता है और हत्या भी। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

पुलिस की जांच जारी

घटना की जानकारी मिलते ही नगर थाना की पुलिस सदर अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। नगर थानाध्यक्ष उपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा।

इस घटना ने इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है। मासूम बच्चों की आंखों के सामने मां का यूं दुनिया छोड़ जाना सभी को गहरे आघात में डाल गया है।

औरंगाबाद। शहर के जय मां कॉलोनी मुहल्ले में सोमवार की सुबह एक हृदयविदारक घटना घटी। यहां 35 वर्षीय महिला रानी कुमारी, जो मूल रूप से पटना जिले के बद्दोपुर निवासी मंटू कुमार सिंह की पत्नी थीं, ने अपने किराए के कमरे में फांसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली।

जानकारी के अनुसार, मृतका का मायका रफीगंज प्रखंड के बलवंत बिगहा गांव में है। रानी कुमारी का पति दिल्ली की एक निजी कंपनी में नौकरी करता है, जबकि रानी अपने बेटे और बेटी को पढ़ाने के लिए औरंगाबाद शहर में किराए के कमरे में रह रही थी।

सोमवार सुबह वह रोज़ की तरह बच्चों को स्कूल छोड़कर लौटी। घर पहुंचते ही कमरे का दरवाजा बंद कर लिया और पंखे से दुपट्टा के सहारे फांसी लगा ली। जब काफी देर तक वह बाहर नहीं निकली, तो पड़ोसी ने खिड़की से झांका तो देखा कि रानी का शव पंखे से झूल रहा है। शोर मचने पर लोग इकट्ठा हुए और उसे नीचे उतारा। आनन-फानन में सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

परिजनों का कहना है कि रानी और उसके पति मंटू कुमार सिंह के बीच उधार लिए गए पैसे को लेकर फोन पर विवाद हुआ था। विवाद के बाद ही उसने यह कदम उठाया। हालांकि, मृतका के मायकेवालों ने आशंका जताई है कि मामला आत्महत्या भी हो सकता है और हत्या भी। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

घटना की जानकारी मिलते ही नगर थाना की पुलिस सदर अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। नगर थानाध्यक्ष उपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा।

इस घटना ने इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है। मासूम बच्चों की आंखों के सामने मां का यूं दुनिया छोड़ जाना सभी को गहरे आघात में डाल गया है।

समस्तीपुर में करंट से तीन की मौत, छह महीने की बच्ची गंभीर – बिजली विभाग की लापरवाही से गया तीन जनों का जीवन

समस्तीपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या-12 मे दर्दनाक हादसा हो गया। यहां बिजली विभाग की लापरवाही तीन जिंदगियों पर भारी पड़ गई। करंट की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि छह महीने की मासूम गंभीर रूप से घायल हो गई।

कैसे हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, नरहन वार्ड संख्या-12 निवासी 40 वर्षीय अरुण राम बिजली आपूर्ति ठप होने पर सर्विस वायर से लटक रही पेड़ की टहनी हटाने लगे। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गए। उन्हें बचाने के लिए उनकी मां शांति देवी और 16 वर्षीय बेटा अजीत दौड़े, लेकिन दोनों भी करंट की चपेट में आकर झुलस गए। मौके पर ही तीनों की मौत हो गई।

इस हादसे में अरुण की छह महीने की बेटी, जो दादी की गोद में थी, गंभीर रूप से झुलस गई।

इलाज और प्रशासन की कार्रवाई स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को विभूतिपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां डॉक्टरों ने अरुण राम, उनकी मां और बेटे को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल बच्ची को बेहतर इलाज के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल रेफर किया गया है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे। विभूतिपुर थाना प्रभारी संजय कुमार झा ने बताया कि घटनास्थल की जांच की जा रही है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

बिजली विभाग की लापरवाही पर सवाल ग्रामीणों का कहना है कि सर्विस वायर लंबे समय से पेड़ की टहनियों से टकरा रहा था और बार-बार इसकी शिकायत की गई थी, लेकिन विभाग ने ध्यान नहीं दिया। लापरवाही का ही नतीजा है कि तीन लोगों की जिंदगी एक झटके में खत्म हो गई।स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि अगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन किया जाएगा।

नवविवाहिता ने फाँसी लगाकर आत्महत्या की

बलिया(राष्ट्र की परम्पर) – रविवार की रात पकड़ी गाँव मे एक नवविवाहिता ने पँखे के हुक के सहारे साड़ी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। नवविवाहिता के परिजनों के तरफ से समाचार लिखे जाने तक कोई तहरीर पुलिस को नही दी गई है।
मिली जानकारी के मुताबिक पकड़ी गाँव निवासी अवधेश सिंह के पुत्र अभिजीत सिंह की शादी इस वर्ष 29 अप्रैल को दोकटी थाना क्षेत्र के वाजिदपुर गाँव निवासी रामनरेश की पुत्री रितु सिंह 25 वर्ष के साथ हिन्दू रीतिरिवाज के साथ धूमधाम से हुई थी। परिजनों के मुताबिक शादी के बाद से परिवार में सब ठीक ढंग से चल रहा था। मृतिका नवविवाहिता के पति अभिजीत सिंह कही बाहर रहकर प्राइवेट जॉब करते हैं।पिछले कुछ दिनों से वह घर आये हुए हैं। रविवार को अभिजीत सिंह अपनी बहन के यहाँ गए हुए थे। रविवार की शाम करीब आठ बजे रितु सिंह ने अपने कमरे में जाकर पँखे की रही थी तो परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए। जहाँ चिकित्सको ने नवविवाहिता रितु सिंह को मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। थानाध्यक्ष पकड़ी लालमणि सरोज का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतिका के मायके के लोगो द्वारा कोई तहरीर नही दी गई।अगर तहरीर मिलती है तो आगे की कार्यवाही की जाएगी।

पालतू गुंडों का आतंक: कभी मेरठ में जवान बंधा, कभी देवरिया में सेवानिवृत्त सैनिक की हत्या

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)उत्तर प्रदेश में सेना के जवानों पर लगातार हो रहे हमलों ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मेरठ में जहाँ ड्यूटी पर लौट रहे एक जवान को टोलकर्मियों ने खंभे से बाँधकर बेरहमी से पीटा, वहीं देवरिया में सेवानिवृत्त सैनिक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इन घटनाओं से सुरक्षा बलों और उनके परिवारों में आक्रोश है।

मेरठ के सरूरपुर थाना क्षेत्र के भूनी टोल प्लाजा पर रविवार रात हुई घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। राजपूत रेजिमेंट के सिपाही कपिल कवाड़, छुट्टियों के बाद ड्यूटी पर लौटने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट जा रहे थे। इसी दौरान टोलकर्मियों से कहासुनी बढ़ी और पाँच कर्मचारियों ने कपिल व उनके चचेरे भाई पर हमला कर दिया। वीडियो में कपिल को खंभे से बाँधकर डंडों से पीटते और गालियाँ देते देखा गया। मेरठ पुलिस ने चार टोलकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पाँचवें की तलाश जारी है।

वहीं, देवरिया जिले में 65 वर्षीय सेवानिवृत्त सैनिक रामदयाल कुशवाहा की पड़ोसी से ज़मीन विवाद को लेकर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि विजय बिंद और उसके साथियों ने हमला किया और फरार हो गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

एक ओर सीमा पर जान की बाज़ी लगाने वाले जवान हैं, तो दूसरी ओर अपने ही देश में “पालतू गुंडों” का शिकार हो रहे हैं। सवाल यह है कि देश के रक्षकों पर हमले बढ़ रहे हैं, मगर सरकार और प्रशासन क्यों मौन है?

जाम में फंसी शराब लदी कार लूटी, भीड़ बोतलें लेकर फरार – बिहार में शराबबंदी पर उठ रहे सवाल

मुंगेर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)जिले के तारापुर थाना क्षेत्र के बिहमा गांव में रविवार की रात एक अजीबोगरीब घटना सामने आई। सुल्तानगंज–संग्रामपुर मुख्य पथ पर जाम में फंसी उजले रंग की कार शराब तस्करी के शक में भीड़ के निशाने पर आ गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार के पीछे रखे भारी भरकम कार्टन देखकर लोगों ने गाड़ी रोकी और अंदर बैठे दोनों युवकों से पूछताछ की कोशिश की। तभी कुछ लोग गाड़ी का शीशा तोड़कर अंग्रेजी शराब से भरे कार्टन लूटने लगे। देखते ही देखते मौके पर मौजूद लोग बोतलें लेकर फरार हो गए।

वायरल हो रहे वीडियो में साफ दिख रहा है कि भीड़ किस तरह शराब लदी कार पर टूट पड़ी। हालांकि इस दौरान गाड़ी में बैठे दोनों कथित तस्कर मौके से फरार हो गए।

सूचना मिलते ही तारापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आधी से ज्यादा शराब गायब हो चुकी थी। पुलिस ने मौके से करीब चार कार्टन यानी 116 बोतल शराब बरामद की है।

पुलिस का कहना है कि यह घटना तब हुई जब उक्त कार ने कथित तौर पर किसी व्यक्ति को धक्का मार दिया था। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने कार को रोका और उसमें रखे शराब के कार्टन देखे। मामले की जांच जारी है और कार मालिक की पहचान की जा रही है।

बड़ा सवाल :बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है। बावजूद इसके, सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब आखिर राज्य के अंदर पहुंची कैसे?क्या पुलिस और उत्पाद विभाग की चौकसी पर सवाल नहीं खड़े होते?

क्या कार्रवाई केवल पकड़े गए तस्करों तक ही सीमित रहेगी, या तंत्र की नाकामी की भी पड़ताल होगी?शराबबंदी के बावजूद लगातार हो रही बरामदगी से क्या सरकार का दावा खोखला साबित हो रहा है?

स्थानीय लोग और सोशल मीडिया पर उठ रही बहस साफ कह रही है कि अब जनता सिर्फ तस्करों पर ही नहीं, बल्कि प्रशासन की जवाबदेही पर भी सवाल उठा रही है।

तहसील दिवस को अवकाश रहने से सोमवार को जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक द्वारा सुनी जा रही है जनता की फरियाद

भाटपार रानी देवरिया(राष्ट्र की परंपरा)
स्थानीय तहसील के प्रांगण में दिनांक 17 अगस्त 025 सोमवार को तहसील दिवस आयोजित हो रहा है इस आयोजन की अध्यक्षता जिलाधिकारी देवरिया द्वारा की जा रही है। जिसमें मुख्य रूप से पुलिस अधीक्षक देवरिया डीएफओ देवरिया सहित अन्य तमाम विभागों के विभागीय आला अधिकारी मौजूद हैं। वहीं लोकप्रिय जिलाधिकारी के उपस्थित होने से स्थानीय फरियादियों में उत्साह एवं रियाद निस्तारण की एक नई उम्मीद जगी है। जिससे फरियादियों की भारी तहसील दिवस में उपस्थित हुई दिख रही है इस तहसील दिवस में मुख्य रूप से जिलाधिकारी देवरिया श्रीमती दिव्या मित्तल एवं पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर सहित जिले के अन्य तमाम सभी विभागों के तमाम विभागीय आला अधिकारी जन सहित समस्त थाना प्रभारी,एवं तहसील स्थित वरिष्ठ जन मौजूद हैं। सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी जन की मौजूदगी है।
तहसील सभागार में आम जनता की फरियाद सुनी जा रही है इस अवसर पर भारी संख्या फरियादी अपनी-अपनी समस्या लेकर मौजूद हैं।

ट्रेक्टर पलटा ड्राइवर गंभीर

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा )
सोमवार को लगभग 10 बजे दिन मे राजपुर नौकटोला सड़क के किनारे अनियंत्रित ट्रेक्टर के पलटने से ड्राइवर की हालत गंभीर।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार की सुबह बरहज से सामान गिरा कर राजपुर नौकटोला निवासी ब्रिंदा 27, पुत्र प्यारे नौकटोला आरहा था की राजपुर नौकटोला के पास ट्रेक्टर पलट गयी जिससे, ब्रिंदा गंभीर रूप से घायल हो गया, आनन फानन मे स्थानीय लोगो ने हालत गंभीरता को भापते हुए इलाज के लिए उसे देवरहवा बाबा मेडिकल कालेज देवरिया पहुंचाया जहाँ उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। ब्रिंदा के एक छोटा लड़का व एक छोटी लड़की है, मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता है।

विपक्ष ला सकता है सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर उठे ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर अब संसद में बड़ा टकराव देखने को मिल सकता है। विपक्षी दल मानसून सत्र के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने पर विचार कर सकते हैं। सोमवार को सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स और विपक्षी नेताओं के बयानों से इस संभावना को बल मिला है।

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कहा कि पार्टी जरूरत पड़ने पर सभी लोकतांत्रिक हथकंडों का इस्तेमाल करेगी। उन्होंने कहा,

“अगर जरूरत पड़ी तो हम नियमों के तहत लोकतंत्र के सभी हथकंडे अपनाएँगे। अभी तक महाभियोग पर कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई है, लेकिन जरूरत पड़ने पर हम कुछ भी कर सकते हैं।”

सीईसी ने किया आरोपों का खंडन इससे पहले रविवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया था। कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग पूरी तरह संविधान और चुनावी कानूनों के दायरे में काम करता है। उन्होंने राहुल गांधी के आरोपों को “भारत के संविधान का अपमान” करार दिया।

सीईसी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति उस निर्वाचन क्षेत्र का मतदाता नहीं है और शिकायत दर्ज कराना चाहता है, तो वह केवल शपथपत्र देकर गवाह के रूप में ही ऐसा कर सकता है।

राहुल गांधी के आरोप राहुल गांधी ने 31 जुलाई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रस्तुति दिखाते हुए दावा किया था कि कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में एक लाख से अधिक वोट चोरी हुए। उन्होंने अन्य राज्यों में भी इसी तरह की अनियमितताओं के आरोप लगाए। इसके बाद कई राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने गांधी से अपने दावों पर शपथपत्र दाखिल करने को कहा था, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया।

आगे की राजनीति गर्म अब जबकि विपक्ष महाभियोग प्रस्ताव जैसे कठोर कदम पर विचार कर रहा है, संसद का मानसून सत्र और भी गरमाने की संभावना है। राजनीतिक हलकों में इसे लेकर गहमागहमी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव और बढ़ सकता है।

लातेहार में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के छात्रावास में आग, 25 छात्राएं बाल-बाल बचीं

लातेहार /झारखंड(राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। लातेहार जिले में सोमवार सुबह कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, बरियातू के छात्रावास में अचानक आग लग गई। इस हादसे में छात्रावास के एक कमरे में रखे बिस्तर और अध्ययन सामग्री जलकर खाक हो गई, हालांकि छात्रावास में रह रही करीब 25 छात्राएं सुरक्षित बच गईं।

बरियातू थाना प्रभारी रंजन कुमार पासवान ने बताया कि घटना सुबह करीब 6 बजे हुई। आग लगने के समय छात्राएं शारीरिक प्रशिक्षण के लिए मैदान में थीं। स्थानीय लोगों और छात्राओं की मदद से दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। आग बुझाने में एक घंटे से ज्यादा समय लगा।

प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग का कारण बताया जा रहा है। वहीं, जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) प्रिंस कुमार ने कहा कि आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है और भवन के सभी बिजली कनेक्शनों की गहन जांच कराई जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

विद्यालय प्रशासन ने बताया कि छात्रावास में कुल 221 छात्राएं रहती हैं।

लोकसभा में हंगामा, अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों को दी चेतावनी

नई दिल्ली(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) लोकसभा में सोमवार को विपक्षी दलों के हंगामे के चलते कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) समेत कुछ मुद्दों को लेकर विपक्षी सांसदों ने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नाराज़गी जताते हुए विपक्षी सांसदों को कड़ी चेतावनी दी।

अध्यक्ष बिरला ने कहा कि सांसद जिस तीव्रता से नारे लगाते हैं, यदि उसी तीव्रता से सवाल पूछें तो देश की जनता का भला होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता ने सांसदों को सरकारी संपत्ति नष्ट करने के लिए नहीं भेजा है, और अगर कोई सदस्य ऐसा करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।

ओम बिरला ने कहा “अगर आप सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करेंगे, तो मुझे कठोर कदम उठाने होंगे और देश की जनता सब देख रही है। कई विधानसभाओं में ऐसी घटनाओं के लिए कार्रवाई हुई है, इसलिए मैं आपको चेतावनी देता हूँ कि सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुँचाएँ।”

विधेयकों की प्रस्तुति के बीच हंगामा

सदन की कार्यवाही एक बार स्थगित होने के बाद दोपहर 12 बजे फिर शुरू हुई। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने शोर-शराबा जारी रखा। हंगामे के बीच वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2025 पेश किया, जिसे बाद में प्रवर समिति को भेजने का प्रस्ताव मंजूर किया गया। इसके बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भारतीय प्रबंध संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2025 सदन में प्रस्तुत किया।

पीठासीन सभापति संध्या राय ने विपक्षी सांसदों से शून्यकाल चलने देने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहने पर सदन की कार्यवाही महज पाँच मिनट बाद ही दोपहर दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

दिल्ली, मुंबई, गुजरात और आंध्र प्रदेश में बाढ़ और बारिश का संकट

नई दिल्ली/मुंबई (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर लगातार दूसरे दिन भी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रहा है। सोमवार सुबह पुराने रेलवे ब्रिज पर यमुना का जलस्तर 204.80 मीटर दर्ज किया गया। दिल्ली के लिए चेतावनी स्तर 204.50 मीटर और खतरे का स्तर 205.33 मीटर तय है। अधिकारियों के अनुसार 206 मीटर पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर हटाने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।

केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अधिकारी ने बताया कि वजीराबाद और हथिनीकुंड बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण जलस्तर बढ़ रहा है। हथिनीकुंड बैराज से इस समय लगभग 58,282 क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है, जो इस मानसून सीजन का सबसे अधिक आंकड़ा है।
मुंबई में बारिश से हाहाकार
मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार सुबह 11.50 बजे तक मुंबई के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।

19 अगस्त तक ऑरेंज अलर्ट रहेगा।
20 अगस्त को येलो अलर्ट जारी किया गया है।
बारिश से रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका है। पश्चिमी रेलवे ने दादर स्टेशन पर उच्च क्षमता वाले पंप लगाए हैं, लेकिन लगातार 1-3 घंटे की बारिश होने पर पटरियां जलमग्न हो सकती हैं।

बीएमसी ने हालात को देखते हुए सभी स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश घोषित कर दिया है। दोपहर की पाली के स्कूल भी बंद रहेंगे। नगर निगम ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही घर से बाहर निकलें।
गुजरात के कई हिस्सों में बाढ़ का खतरा
गुजरात के कुछ जिलों में भी भारी बारिश के चलते बाढ़ की आशंका जताई गई है। निचले इलाकों में अलर्ट जारी करते हुए प्रशासन ने एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं।
आंध्र प्रदेश के 10 जिलों में रेड अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार, 18 अगस्त को आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों के लिए भी रेड अलर्ट जारी किया है।
प्रभावित जिले: विशाखापत्तनम, अनकापल्ली, अल्लूरी सीताराम राजू, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी, कोनासीमा, पश्चिम गोदावरी, एनटीआर और गुंटूर।
इन जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।

छत्तीसगढ़ में नक्सली हमला: बीजापुर में IED विस्फोट, एक जवान शहीद, तीन घायल

रायपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)छत्तीसगढ़ में नक्सली आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक ओर जहां बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ बागी अब भी सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर अपनी लड़ाई जारी रखे हुए हैं। ताजा घटना बीजापुर जिले से सामने आई है, जहां नक्सलियों ने पुलिस बल को IED धमाके से निशाना बनाया।

जानकारी के अनुसार, सोमवार को बीजापुर जिले के राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में जिला रिज़र्व गार्ड (DRG) की टीम तलाशी अभियान पर निकली थी। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी विस्फोट में एक जवान दिनेश नाग शहीद हो गए, जबकि तीन अन्य जवान घायल हो गए।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घायल जवानों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए स्थानांतरित किया गया है और उनकी स्थिति खतरे से बाहर है। फिलहाल सुरक्षा बल इलाके में तलाशी अभियान जारी रखे हुए हैं।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ के बाद बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए गए थे। यह कार्रवाई उस समय हुई जब हाल ही में 19 लाख रुपये के इनामी चार माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके थे।

लगातार आत्मसमर्पण के बावजूद नक्सली गुटों की ओर से इस तरह की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि सरकार और सुरक्षा बलों की चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है।

राहुल-तेजस्वी की वोटर अधिकार यात्रा का दूसरा दिन: गया में जनसभा, चुनाव आयोग ने राहुल गांधी को भेजा नोटिस

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी तथा राजद नेता तेजस्वी यादव की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का आज सोमवार को दूसरा दिन रहा। यात्रा की शुरुआत औरंगाबाद के देव सूर्य मंदिर से हुई, जो अंबा और कुटुंबा होते हुए रफीगंज पहुंची। शाम तक दोनों नेता गया जिले के गुरारू पहुंचे, जहां खलीस पार्क में सभा आयोजित की गई। यहीं पर दोनों का रात्रि विश्राम भी तय है।

हालांकि फिलहाल यात्रा पैदल मार्च की जगह वाहनों से की जा रही है, लेकिन इसके दौरान राहुल और तेजस्वी स्थानीय लोगों से लगातार मुलाकात कर रहे हैं। रास्ते में जगह-जगह कांग्रेस और राजद कार्यकर्ताओं ने झंडे-बैनर और नारों के साथ उनका स्वागत किया।

यात्रा के पहले दिन राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने करीब 60 किलोमीटर का सफर तय किया था। उस दौरान दोनों नेता कदम से कदम मिलाकर चलते दिखे। इस ऐतिहासिक यात्रा का आगाज सासाराम के सुअरा हवाई अड्डा से हुआ था, जहां राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे हरी झंडी दिखाई थी। पहले दिन यात्रा डेहरी होते हुए औरंगाबाद जिले के कुटुंबा पहुंची थी, जहां राहुल गांधी ने सभा को संबोधित किया और फिर बभंडी ग्राउंड में रात्रि विश्राम किया।

इसी बीच, राहुल गांधी के हालिया बयानों पर चुनाव आयोग ने आपत्ति जताई है। आयोग ने कांग्रेस नेता को सात दिन के भीतर या तो अपने आरोपों के समर्थन में शपथपत्र और सबूत पेश करने या फिर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने का निर्देश दिया है। आयोग ने स्पष्ट कहा है कि यदि सबूत पेश नहीं किए गए तो इन आरोपों को बेबुनियाद माना जाएगा।

गौरतलब है कि राहुल गांधी ने शनिवार (17 अगस्त) को सासाराम से यह 16 दिन लंबी ‘वोटर अधिकार यात्रा’ शुरू की थी। यह यात्रा 20 से ज्यादा जिलों से होकर गुजरेगी और 1,300 किलोमीटर से अधिक का सफर तय करेगी। इसका समापन 1 सितंबर को पटना में एक विशाल रैली के साथ होगा, जिसमें INDIA गठबंधन के कई बड़े नेताओं की मौजूदगी तय मानी जा रही है।

बिहार के शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव, म्युच्युअल ट्रांसफर अब बंद

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) लंबे समय से लंबित शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया आखिरकार इसी माह से शुरू होने जा रही है। शिक्षा विभाग ने घोषणा की है कि इस बार तबादले जिला स्तर पर “स्थापना समिति” के माध्यम से किए जाएंगे। विभाग का कहना है कि अगले एक हफ्ते में विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी जाएगी।

म्युच्युअल ट्रांसफर पर रोक अब तक शिक्षक आपसी सहमति से म्युच्युअल ट्रांसफर कर पाते थे, लेकिन नई व्यवस्था में यह सुविधा पूरी तरह बंद कर दी गई है। शिक्षा विभाग का तर्क है कि म्युच्युअल ट्रांसफर में कई बार गड़बड़ियों और असमानता की शिकायतें मिलती थीं। साथ ही, यह प्रक्रिया कई बार “लॉबी” और व्यक्तिगत संपर्कों पर आधारित रहती थी। अब पूरी जिम्मेदारी स्थापना समिति के हाथों में होगी।

डीएम की अध्यक्षता में समिति हर ज़िले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति तय करेगी कि किस शिक्षक का तबादला किस विद्यालय में किया जाएगा। शिक्षकों को पुनः आवेदन करने का अवसर मिलेगा।अंतरजिला ट्रांसफर चाहने वाले शिक्षकों को तीन जिलों का विकल्प देना होगा, जिनमें से किसी एक जिले में उनका तबादला सुनिश्चित किया जाएगा।

एक लाख से ज्यादा शिक्षक इंतजार में विभाग के अनुसार, फिलहाल बिहार में एक लाख से ज्यादा शिक्षक तबादले की राह देख रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे शिक्षकों की है जो पारिवारिक या पेशागत कारणों से अपने वर्तमान जिले से बाहर जाना चाहते हैं। अब तक म्युच्युअल ट्रांसफर उनके लिए सबसे आसान विकल्प रहा है।

शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 23,578 शिक्षक म्युच्युअल ट्रांसफर का लाभ उठा चुके हैं। यह प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी हुई थी और कई शिक्षकों के लिए बेहद लाभकारी साबित हुई थी। समान कोटि के शिक्षक आपस में स्थान बदलकर पारिवारिक बोझ हल्का कर पाते थे।

पारदर्शिता बनाम आशंकाएं सरकार का दावा है कि समिति आधारित ट्रांसफर से पारदर्शिता आएगी और तबादले “योग्यता” या “जरूरत” के आधार पर होंगे। लेकिन शिक्षकों के बीच यह आशंका भी है कि कहीं नई व्यवस्था पहले से ज्यादा जटिल और राजनीतिक दबावों से प्रभावित न हो जाए।अब देखना यह होगा कि स्थापना समिति की नई व्यवस्था शिक्षकों के लिए राहत बनती है या उनके सामने नई चुनौतियां खड़ी करती है।