Saturday, July 18, 2026
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छत्तीसगढ़ में नक्सली हमला: बीजापुर में IED विस्फोट, एक जवान शहीद, तीन घायल

रायपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)छत्तीसगढ़ में नक्सली आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक ओर जहां बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ बागी अब भी सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर अपनी लड़ाई जारी रखे हुए हैं। ताजा घटना बीजापुर जिले से सामने आई है, जहां नक्सलियों ने पुलिस बल को IED धमाके से निशाना बनाया।

जानकारी के अनुसार, सोमवार को बीजापुर जिले के राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में जिला रिज़र्व गार्ड (DRG) की टीम तलाशी अभियान पर निकली थी। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी विस्फोट में एक जवान दिनेश नाग शहीद हो गए, जबकि तीन अन्य जवान घायल हो गए।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घायल जवानों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए स्थानांतरित किया गया है और उनकी स्थिति खतरे से बाहर है। फिलहाल सुरक्षा बल इलाके में तलाशी अभियान जारी रखे हुए हैं।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ के बाद बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए गए थे। यह कार्रवाई उस समय हुई जब हाल ही में 19 लाख रुपये के इनामी चार माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके थे।

लगातार आत्मसमर्पण के बावजूद नक्सली गुटों की ओर से इस तरह की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि सरकार और सुरक्षा बलों की चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है।

राहुल-तेजस्वी की वोटर अधिकार यात्रा का दूसरा दिन: गया में जनसभा, चुनाव आयोग ने राहुल गांधी को भेजा नोटिस

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी तथा राजद नेता तेजस्वी यादव की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का आज सोमवार को दूसरा दिन रहा। यात्रा की शुरुआत औरंगाबाद के देव सूर्य मंदिर से हुई, जो अंबा और कुटुंबा होते हुए रफीगंज पहुंची। शाम तक दोनों नेता गया जिले के गुरारू पहुंचे, जहां खलीस पार्क में सभा आयोजित की गई। यहीं पर दोनों का रात्रि विश्राम भी तय है।

हालांकि फिलहाल यात्रा पैदल मार्च की जगह वाहनों से की जा रही है, लेकिन इसके दौरान राहुल और तेजस्वी स्थानीय लोगों से लगातार मुलाकात कर रहे हैं। रास्ते में जगह-जगह कांग्रेस और राजद कार्यकर्ताओं ने झंडे-बैनर और नारों के साथ उनका स्वागत किया।

यात्रा के पहले दिन राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने करीब 60 किलोमीटर का सफर तय किया था। उस दौरान दोनों नेता कदम से कदम मिलाकर चलते दिखे। इस ऐतिहासिक यात्रा का आगाज सासाराम के सुअरा हवाई अड्डा से हुआ था, जहां राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे हरी झंडी दिखाई थी। पहले दिन यात्रा डेहरी होते हुए औरंगाबाद जिले के कुटुंबा पहुंची थी, जहां राहुल गांधी ने सभा को संबोधित किया और फिर बभंडी ग्राउंड में रात्रि विश्राम किया।

इसी बीच, राहुल गांधी के हालिया बयानों पर चुनाव आयोग ने आपत्ति जताई है। आयोग ने कांग्रेस नेता को सात दिन के भीतर या तो अपने आरोपों के समर्थन में शपथपत्र और सबूत पेश करने या फिर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने का निर्देश दिया है। आयोग ने स्पष्ट कहा है कि यदि सबूत पेश नहीं किए गए तो इन आरोपों को बेबुनियाद माना जाएगा।

गौरतलब है कि राहुल गांधी ने शनिवार (17 अगस्त) को सासाराम से यह 16 दिन लंबी ‘वोटर अधिकार यात्रा’ शुरू की थी। यह यात्रा 20 से ज्यादा जिलों से होकर गुजरेगी और 1,300 किलोमीटर से अधिक का सफर तय करेगी। इसका समापन 1 सितंबर को पटना में एक विशाल रैली के साथ होगा, जिसमें INDIA गठबंधन के कई बड़े नेताओं की मौजूदगी तय मानी जा रही है।

बिहार के शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव, म्युच्युअल ट्रांसफर अब बंद

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) लंबे समय से लंबित शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया आखिरकार इसी माह से शुरू होने जा रही है। शिक्षा विभाग ने घोषणा की है कि इस बार तबादले जिला स्तर पर “स्थापना समिति” के माध्यम से किए जाएंगे। विभाग का कहना है कि अगले एक हफ्ते में विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी जाएगी।

म्युच्युअल ट्रांसफर पर रोक अब तक शिक्षक आपसी सहमति से म्युच्युअल ट्रांसफर कर पाते थे, लेकिन नई व्यवस्था में यह सुविधा पूरी तरह बंद कर दी गई है। शिक्षा विभाग का तर्क है कि म्युच्युअल ट्रांसफर में कई बार गड़बड़ियों और असमानता की शिकायतें मिलती थीं। साथ ही, यह प्रक्रिया कई बार “लॉबी” और व्यक्तिगत संपर्कों पर आधारित रहती थी। अब पूरी जिम्मेदारी स्थापना समिति के हाथों में होगी।

डीएम की अध्यक्षता में समिति हर ज़िले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति तय करेगी कि किस शिक्षक का तबादला किस विद्यालय में किया जाएगा। शिक्षकों को पुनः आवेदन करने का अवसर मिलेगा।अंतरजिला ट्रांसफर चाहने वाले शिक्षकों को तीन जिलों का विकल्प देना होगा, जिनमें से किसी एक जिले में उनका तबादला सुनिश्चित किया जाएगा।

एक लाख से ज्यादा शिक्षक इंतजार में विभाग के अनुसार, फिलहाल बिहार में एक लाख से ज्यादा शिक्षक तबादले की राह देख रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे शिक्षकों की है जो पारिवारिक या पेशागत कारणों से अपने वर्तमान जिले से बाहर जाना चाहते हैं। अब तक म्युच्युअल ट्रांसफर उनके लिए सबसे आसान विकल्प रहा है।

शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 23,578 शिक्षक म्युच्युअल ट्रांसफर का लाभ उठा चुके हैं। यह प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी हुई थी और कई शिक्षकों के लिए बेहद लाभकारी साबित हुई थी। समान कोटि के शिक्षक आपस में स्थान बदलकर पारिवारिक बोझ हल्का कर पाते थे।

पारदर्शिता बनाम आशंकाएं सरकार का दावा है कि समिति आधारित ट्रांसफर से पारदर्शिता आएगी और तबादले “योग्यता” या “जरूरत” के आधार पर होंगे। लेकिन शिक्षकों के बीच यह आशंका भी है कि कहीं नई व्यवस्था पहले से ज्यादा जटिल और राजनीतिक दबावों से प्रभावित न हो जाए।अब देखना यह होगा कि स्थापना समिति की नई व्यवस्था शिक्षकों के लिए राहत बनती है या उनके सामने नई चुनौतियां खड़ी करती है।

बिहार का कुख्यात अपराधी बूटन चौधरी STF की गिरफ्त में, मुंबई से दबोचा गया

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बिहार का कुख्यात अपराधी और रणवीर सेना का एरिया कमांडर बूटन चौधरी आखिरकार STF के हत्थे चढ़ गया है। बिहार STF ने उसे महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई से गिरफ्तार किया। लंबे समय से फरार चल रहे बूटन पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसकी गिरफ्तारी के बाद भोजपुर जिले के बेलाउर पंचायत और आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई है। भोजपुर के एसपी राज ने उसकी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि की है।

हथियारों के दम पर कायम करता था दबदबा

बूटन चौधरी इलाके में AK-47 और आधुनिक हथियारों के शौक के लिए कुख्यात रहा है। आरा और आस-पास के इलाकों में उसका नाम दहशत का पर्याय बन चुका था। ग्रामीणों के मुताबिक पंचायत चुनाव से लेकर आपसी विवादों तक, बूटन अक्सर हथियारों का खुला प्रदर्शन करता और दबदबा बनाने की कोशिश करता था।

तीन महीने पहले ही वह बीडीसी सदस्य दीपक साह की हत्या के मामले में जेल से बाहर आया था। इससे पहले, 2016 में AK-47 और पिस्तौल के साथ पकड़ा गया था। उस समय पंचायत चुनाव में वर्चस्व दिखाने के लिए उसने हथियारों का खुलेआम प्रदर्शन किया था। इस मामले में कोर्ट ने उसे सात साल और उसके भाई उपेंद्र को तीन साल की सजा सुनाई थी।

STF की कार्रवाई और हथियारों का जखीरा बरामद

लगातार फरार रहने और कई आपराधिक वारदातों में संलिप्त पाए जाने के बाद पुलिस मुख्यालय ने बूटन पर इनाम घोषित कर रखा था। गुप्त सूचना पर बिहार STF ने मुंबई में उसे दबोच लिया। वहीं भोजपुर पुलिस ने बेलाउर गांव में छापेमारी कर उसके घर से भारी मात्रा में हथियारों का जखीरा बरामद किया।

कई गंभीर केसों में नामजद

बूटन चौधरी और उसके भाई उपेंद्र पर हत्या, गोलीबारी और अवैध हथियार रखने जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं। भोजपुर पुलिस ने दोनों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी भी दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद अब बेलाउर पंचायत और आसपास के इलाके में “हथियार और आतंक की राजनीति” का अंत किया जाएगा।

16 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या, क्षेत्र में सनसनी

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)जिले के बाढ़ थाना क्षेत्र के नवादा पंचायत अंतर्गत लालाबागी गांव में देर रात अपराधियों ने एक किशोर की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान 16 वर्षीय राज कुमार के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार, राज कुमार रात में अपने निर्माणाधीन घर में सो रहा था, जबकि उसकी मां और बहन पास ही बने करकट के घर में सोई हुई थीं। इसी दौरान अज्ञात अपराधियों ने घर में घुसकर युवक पर गोली चला दी। गोली लगने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में सनसनी फैल गई। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। बाढ़ थाना की टीम घटनास्थल पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

फिलहाल हत्या के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पुलिस का कहना है कि परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि घटना किसी पुरानी रंजिश या आपसी विवाद से जुड़ी हो सकती है।

गांव में इस हत्या के बाद दहशत का माहौल है। परिजन और ग्रामीण आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि मामले का उद्भेदन जल्द कर लिया जाएगा।

ट्रेन की चपेट में आने से पान विक्रेता की दर्दनाक मौत

बघौचघाट,देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
पथरदेवा विकास खंड क्षेत्र अंतर्गत शाहपुर भीखम गांव निवासी 48 वर्षीय मन्नू लाल प्रजापति सोमवार को वाराणसी जा रहे थे।जो दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के दौरान ट्रेन की चपेट में आ गए।जिससे घटना स्थल पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।मौके पर पहुंची जीआरपी पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने हेतु भेज दिया।उधर घटना की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया।मृतक घर का कमाऊ सदस्य था।
बघौचघाट थाना क्षेत्र के शाहपुर भीखम निवासी मन्नू लाल प्रजापति 48 वर्ष पुत्र भगन प्रजापति घर का एक कमाऊ सदस्य था।जो गांव के चौराहे पर पान की दुकान चलाते थे।जो वाराणसी दवा कराने के लिए अपने बड़े लड़के अभय प्रजापति के साथ जा रहे थे।देवरिया रेलवे स्टेशन पर दोनों लोग ट्रेन का इंतजार कर रहे थे।दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के दौरान मन्नू लाल ट्रेन की चपेट में आ गए।जिससे घटना स्थल पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।उधर घटना की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया।मौक से जीआरपी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया।मृतक चार भाई में दूसरा नबर का था,जिसका दो संतान है।पति की मौत से पत्नी सुनैना देवी का रो रो कर बुरा हाल है।

अगस्त क्रांति और बलिया : स्वतंत्रता संग्राम का गौरवशाली अध्याय

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)

1942 का अगस्त महीना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। जब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने ‘भारत छोड़ो’ का नारा दिया, तब पूर्वांचल की वीरभूमि बलिया ने इस आह्वान को सबसे पहले और सबसे प्रभावी रूप में स्वीकार किया। इस धरती ने न केवल अंग्रेजी सत्ता को खुली चुनौती दी, बल्कि पूरे जिले को एक समय के लिए स्वतंत्र गणराज्य का स्वरूप भी दे दिया।
9 अगस्त 1942 को बलिया के साहसी युवक सूरज प्रसाद (आयु मात्र 15 वर्ष) ने सेंसरशिप के बावजूद एक हिंदी समाचार पत्र के माध्यम से गांधीजी समेत अन्य नेताओं की गिरफ्तारी की खबर उमाशंकर सिंह तक पहुँचाई। सूरज प्रसाद ने भोपा बजाकर पूरे जनपद को आंदोलन के लिए तैयार किया। अगले ही दिन, 10 अगस्त की सुबह, उमाशंकर सोनार और उनके साथियों ने ओक्डेनगंज चौकी के पास क्रांति का शंखनाद किया। यह जुलूस नगर परिक्रमा करता हुआ चौक तक पहुँचा और एक विशाल सभा में बदल गया।
12 अगस्त को आंदोलन ने पूरे जिले को अपनी गिरफ्त में ले लिया। स्कूल के बच्चों के जुलूस पर अंग्रेजी पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इससे जनता का गुस्सा और भड़क उठा।
13 अगस्त को बलिया कचहरी पर पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया।
14 अगस्त को महिलाओं और छात्राओं ने भी आंदोलन का मोर्चा संभाल लिया। बाँसडीह में छात्रों का जुलूस कांग्रेस कमेटी के दफ्तर तक पहुँच गया। 15 अगस्त को जिलेभर में क्रांतिकारियों ने एकजुट होकर विशाल प्रदर्शन किया। हजारों की संख्या में लोग ‘भारत छोड़ो’ और ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे लगाते हुए सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन पहुँचे और अंग्रेजों की हड़बड़ी में रेल पटरियाँ उखाड़ डाली 16 अगस्त को बलिया की वीरांगनाओं ने जुलूस निकाला। अंग्रेजों ने लोहापट्टी में गोली चला दी, जिसमें 9 क्रांतिकारी शहीद हो गए। चितबड़ागाँव रेलवे स्टेशन को आग के हवाले कर दिया गया। नरही थाने के थानेदार ने स्वयं तिरंगा फहराया। सहतवार और रसड़ा में भी थाना, डाकखाना और रेलवे स्टेशन जनता ने फूंक डाले। 17 अगस्त को बाँसडीह तहसील पर जनता का कब्जा हो गया। 18 अगस्त को बाँसडीह व रेवती के थाने जला दिए गए। लेकिन बैरिया की घटना इतिहास का अनोखा अध्याय बन गई। हजारों क्रांतिकारियों के साथ करीब 50 महिलाएँ भी बैरिया थाने पर एकत्र हुईं। अंग्रेज थानेदार ने गोली चलाने का आदेश दिया, जिसमें 19 लोग शहीद हो गए। इसी दौरान 18 वर्षीय वीर कौशल कुमार ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना थाने की छत पर चढ़कर तिरंगा फहरा दिया। तभी अंग्रेज सिपाही महमूद खाँ ने गोली मार दी। वीर कौशल कुमार तिरंगा लिए लहूलुहान होकर शहीद हो गए। यह दृश्य आज भी स्वतंत्रता संग्राम की अमर गाथा के रूप में याद किया जाता है। 19 अगस्त 1942 को अंग्रेजी हुकूमत की नींव बलिया में हिल गई। क्रांतिकारियों ने जेल का फाटक तोड़कर पं. चित्तू पांडेय, राधामोहन सिंह, पं. महानंद मिश्र, विश्वनाथ चौबे सहित कई क्रांतिकारियों को मुक्त कर दिया।
कुछ दिनों के लिए बलिया स्वतंत्र गणराज्य बन गया, जहाँ जनता स्वयं अपने निर्णय ले रही थी और अंग्रेजी शासन पूरी तरह पस्त हो चुका था।
बलिया की इस क्रांति ने पूरे देश को झकझोर दिया। बलिदानी कौशल कुमार, सूरज प्रसाद, उमाशंकर सोनार, पं. चित्तू पांडेय और अज्ञात शहीदों के नाम आज भी इस धरती को “बगावत की जननी” बनाते हैं।
आजादी की इस जंग में बलिया ने यह साबित कर दिया कि जब जनता संगठित होकर उठ खड़ी होती है, तो साम्राज्य की जड़ें भी हिल जाती हैं। अगस्त क्रांति का यह गौरवशाली अध्याय बलिया की पहचान है और देश की आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देता रहेगा। ।

  1. पंडित चित्तू पांडेय (1882–1946) बलिया क्रांति के शीर्ष नेता, जिन्हें “बलिया का नेपोलियन” कहा गया। 19 अगस्त 1942 को जब अंग्रेजों को खदेड़ा गया, तो चित्तू पांडेय को “स्वतंत्र बलिया गणराज्य” का प्रमुख घोषित किया गया। उनका साहस और नेतृत्व बलिया को स्वतंत्रता आंदोलन का तीर्थस्थल बना गया।
  2. कौशल कुमार (आयु : 18 वर्ष)
    18 अगस्त 1942 को बैरिया थाने की छत पर तिरंगा फहराते समय अंग्रेजी सिपाही महमूद खाँ की गोली से शहीद। वीरता और बलिदान का ऐसा उदाहरण, जिसने बलिया को सदा के लिए गर्वान्वित कर दिया।
  3. सूरज प्रसाद (आयु : 15 वर्ष)
    9 अगस्त 1942 को सेंसर के बाद भी समाचार पत्र लेकर आंदोलन की जानकारी जनता तक पहुँचाने वाले साहसी किशोर। उनकी भूमिका ने पूरे बलिया में आंदोलन की चिंगारी सुलगा दी।4. उमाशंकर सोनार 10 अगस्त को ओक्डेनगंज चौकी पर क्रांति का शंखनाद करने वाले क्रांतिकारी। इनके नेतृत्व में पहली क्रांतिकारी सभा निकली, जिसने पूरे शहर को आंदोलन में झोंक दिय 5. राधामोहन सिंह जेल से मुक्त हुए प्रमुख क्रांतिकारियों में शामिल। बलिया की स्वतंत्रता सरकार की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका में रहे 6. पंडित महानंद मिश्र बलिया क्रांति के विद्वान एवं समाजसेवी। जेल से छूटने के बाद स्वतंत्र बलिया गणराज्य की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। 7. विश्वनाथ चौबे बलिया की क्रांति के अग्रिम पंक्ति के नेता। जनता को संगठित करने और अंग्रेजी सत्ता को चुनौती देने में उनका योगदान अमूल्य रहा। 8. वीर शहीद (लोहापट्टी गोलीकांड, 16 अगस्त 1942)
    अंग्रेजी गोलियों से शहीद हुए 9 क्रांतिकारी, जिनके नाम आज भी बलिया की मिट्टी में अमर हैं। 9. क्रांतिकारी महिलाएँ बलिया की अगस्त क्रांति में महिलाओं ने भी कंधे से कंधा मिलाकर हिस्सा लिया। बैरिया में थाने पर धावा बोलने वालों में लगभग 50 महिलाएँ शामिल थीं। इन वीरांगनाओं ने समाज में स्वतंत्रता संग्राम की नई चेतना जगाई।
    बलिया की अगस्त क्रांति ने यह साबित कर दिया कि स्वतंत्रता की लड़ाई केवल नेताओं तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें बच्चे, महिलाएँ, किसान और आम लोग समान रूप से शामिल थे।

सरयू का जलस्तर बढ़ा, ग्रामीणों में भय का माहौल

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। सरयू नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ रहा है। खतरे के निशान से अब यह मात्र 35 सेंटीमीटर नीचे है। नदी का पानी हर घंटे औसतन छह मिलीमीटर की दर से ऊपर जा रहा है। पानी की यह रफ्तार देखकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों की चिंता और बढ़ गई है। आमतौर पर अगस्त के अंतिम दिनों या सितंबर के शुरुआती सप्ताह में नदी का जलस्तर बढ़ता है, ऐसे में इस समय हो रही तेजी से लोग आशंकित हैं।
जिले में सरयू नदी के किनारे बने 32 किलोमीटर लंबे एमबीडी बांध के आसपास बसे कई गांव सबसे अधिक प्रभावित हैं। रामपुर, पड़रिया, नकहा, तेजपुर, भोतहा, नरायनपुर और छपरा मगर्वी जैसे गांवों में ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ गई हैं। लोग दिन-रात बंधे पर डेरा डाले हुए हैं और जलस्तर पर नजर रख रहे हैं। वहीं ढोलबजवा, तुर्कवलियां नायक और बढ़ेपुरवा समेत अन्य गांवों में भी फसलें डूबने की आशंका बनी हुई है।
धान, गन्ना, मक्का, परवल और चरी जैसी प्रमुख फसलें डूबकर खराब होने लगी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस साल समय से बोआई हुई थी और अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन बढ़ते पानी ने मेहनत पर पानी फेर दिया है। पशुओं के चारे की समस्या भी विकराल रूप ले रही है। चारा लाने के लिए किसानों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
गांवों में जलभराव के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित है। लोग गांव से बाहर आने-जाने के लिए पानी भरे रास्तों से गुजरने को मजबूर हैं। कई परिवार सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं, जबकि जो लोग गांव में हैं वे अधिकतर समय बंधों पर ही बिता रहे हैं। वहां चौपाल जैसी स्थिति बन गई है, जहां लोग एक-दूसरे से अपनी समस्याएं साझा करते हैं।
अवर अभियंता मनोज कुमार सिंह ने बताया कि बंधों की सुरक्षा के लिए पूरी व्यवस्था की गई है। जिन स्थानों पर कटान का अंदेशा है वहां बालू की बोरियां और बोल्डर रखे गए हैं। पेट्रोलिंग दल लगातार निगरानी कर रहे हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी है।
पानी के चलते मच्छरों की संख्या बढ़ रही है और बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों में दवाएं और जागरूकता सामग्री बांट रही हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें, पीने के पानी को उबालकर इस्तेमाल करें और अपने परिचितों व रिश्तेदारों से लगातार संपर्क बनाए रखें।
किसानों का कहना है कि बाढ़ ने उन्हें हर बार आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। धान और गन्ना जैसी मुख्य फसलें डूब जाती हैं, जिससे कर्ज और बढ़ जाता है। वहीं पशुओं को पालना भी कठिन हो जाता है क्योंकि चारा लाना और रखना मुश्किल हो जाता है।

दिल्ली के कई स्कूलों को बम की धमकी, अफरातफरी में खाली कराए गए परिसर

नई दिल्ली(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) सोमवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी के कई नामी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल मिले, जिसके बाद अफरातफरी मच गई। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और सभी स्कूलों को खाली कराया गया।

अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) द्वारका, मॉडर्न कॉन्वेंट स्कूल और श्रीराम वर्ल्ड स्कूल (सेक्टर-10, द्वारका) को धमकी भरे मेल प्राप्त हुए। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ता (BDS), श्वान दस्ते और दिल्ली अग्निशमन सेवा की कई टीम मौके पर पहुंची और स्कूल परिसरों की गहन तलाशी शुरू कर दी।

दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया “एहतियात के तौर पर सभी छात्रों और शिक्षकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। तलाशी अभियान जारी है।”

दिल्ली अग्निशमन सेवा के वरिष्ठ अधिकारी ने भी पुष्टि की कि परिसर को पूरी तरह खाली कराने के बाद जांच की जा रही है। अभी तक किसी विस्फोटक सामग्री के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।

पिछली घटनाओं की याद गौरतलब है कि हाल के महीनों में राजधानी में इस तरह की धमकी की घटनाएं बढ़ी हैं। 18 जुलाई को एक ही दिन 50 से अधिक स्कूलों को बम की धमकी भरे ईमेल मिले थे, जिनमें सेंट जेवियर्स (सिविल लाइंस), रिचमंड ग्लोबल स्कूल (पश्चिम विहार), अभिनव पब्लिक स्कूल (रोहिणी) और द सॉवरेन स्कूल (रोहिणी) जैसे संस्थान शामिल थे। उस दिन भी स्कूलों को खाली कराकर सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया था, लेकिन धमकियां फर्जी निकली थीं।

जांच जारी पुलिस का कहना है कि ईमेल भेजने वाले की पहचान के लिए साइबर सेल को अलर्ट कर दिया गया है। शुरुआती आशंका है कि यह भी पूर्व की तरह शरारतपूर्ण और फर्जी धमकी हो सकती है, लेकिन सुरक्षा को देखते हुए किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाया जा रहा है।

स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

जनपद में बिजली विभाग द्वारा उपभोक्ताओं के घरों पर तेजी से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। विभाग का दावा है कि इससे बिजली व्यवस्था पारदर्शी होगी और बिलिंग की प्रक्रिया सरल व सटीक बनेगी। लेकिन उपभोक्ताओं की शिकायतें और असंतोष भी तेजी से सामने आने लगे हैं। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में लगे स्मार्ट मीटर के चलते उपभोक्ता अचानक बढ़े हुए बिल से परेशान हैं। कई जगहों पर लोग यह भी कह रहे हैं कि बिना ज्यादा खपत के ही मीटर तेजी से यूनिट दर्ज कर रहा है। वहीं, ऑनलाइन रिचार्ज और प्रीपेड प्रणाली की जटिलताओं को लेकर ग्रामीण उपभोक्ता असहज महसूस कर रहे हैं।
नगर क्षेत्र के कुछ मोहल्लों में लगे स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि पुराने मीटर की तुलना में खपत अधिक दिख रही है। इससे मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाने से पहले विभाग को जागरूकता अभियान चलाना चाहिए था ताकि उपभोक्ता इसके प्रयोग और भुगतान की प्रक्रिया को ठीक से समझ सकें। वहीं, बिजली विभाग का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने से बिजली चोरी पर रोक लगेगी और उपभोक्ता को वास्तविक खपत के अनुसार ही भुगतान करना होगा। उपभोक्ता संगठनों ने मांग की है कि विभाग शिकायत निवारण के लिए विशेष हेल्पलाइन और कैंप लगाकर उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान का नतीजा यह है कि जहां स्मार्ट मीटर को आधुनिक तकनीक की बड़ी पहल माना जा रहा है, वहीं उपभोक्ताओं की बढ़ती शिकायतें विभाग के लिए चुनौती साबित हो रही हैं।

आगामी गणेश पूजन महोत्सव के उपलक्ष्य में सोमनाथ मंदिर बैठक सम्पन्न

श्रीदत्तगंज, बलरामपुर(राष्ट्र की परम्परा)।विकासखंड श्रीदत्तगंज के श्री सोमनाथ मंदिर पर आगामी श्री गणेश पूजन महोत्सव को लेकर महंत जितेन्द्र वन के तत्वाधान में श्री गणेश पूजा समिति की बैठक हुई जिसमें महंत के प्रस्ताव पर अमरेंद्र जायसवाल को समिति का अध्यक्ष बनाया गया और पदाधिकारी के रूप में योगेन्द्र वन,कामता प्रसाद मौर्य,आनंद प्रकाश जायसवाल,धर्म प्रकाश पाण्डेय,प्रेमनाथ,राम जी जायसवाल,रामू जायसवाल, रमेश कौशल,चमन अग्रहरि, अभय मोदनवाल,नीरज यादव,अमन आदि नवयुक्ति सदस्य गण पदाधिकारी गण बैठक में मौजूद रहे और कार्यक्रम को बेहतर और सुचारू रूप से संपन्न कराने हेतु विचार विमर्श किया गया।

पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़, पस्त हुए बदमाशों के हौसले

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) बिहार की राजधानी पटना में रविवार को एक बार फिर पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई। पटना सिटी के बिस्कोमान गोलंबर के पास पुलिस की टीम और कुख्यात अपराधी विजय साहनी आमने-सामने भिड़ गए। इस दौरान पुलिस की गोली लगने से विजय साहनी घायल हो गया। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

कई लूटकांडों का आरोपी विजय साहनी सूत्रों के अनुसार, घायल अपराधी विजय साहनी पर कई लूटकांडों का आरोप है। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। जैसे ही उसे रोकने की कोशिश की गई, उसने पुलिस पर हमला कर भागने का प्रयास किया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह गोली लगने से घायल हो गया।

मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी मुठभेड़ की खबर मिलते ही पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और आसपास के क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

लगातार बढ़ रहे एनकाउंटर बिहार में हाल के दिनों में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ों की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं।शनिवार को पटना के निसरपुरा नहर रोड पर हुई मुठभेड़ में बालू कारोबारी रामाकांत यादव मर्डर केस का आरोपी पुलिस की गोली से घायल हुआ था।

सिवान में भी शनिवार को पुलिस ने भांटापोखर के पास कुख्यात अपराधी लक्की तिवारी को पैर में गोली मारकर काबू किया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया।

अपराधियों के हौसले पस्त लगातार हो रही पुलिस कार्रवाई से अपराधियों के हौसले पस्त हो चुके हैं। पुलिस अब किसी भी हालत में अपराधियों को बख्शने के मूड में नहीं है। जो भी अपराधी पुलिस पर हमला करने या भागने की कोशिश कर रहा है, उसे तुरंत जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।

मासूम मुस्कानें बुझीं: मुजफ्फरपुर में डूबकर पांच बच्चों की दर्दनाक मौत

मुजफ्फरपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)जिले के कटरा प्रखंड में रविवार को दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। खंगुरा और बंधपुरा पंचायत के गोरधोवा पुल के पास पानी से भरे गड्ढे में डूबने से पांच मासूम बच्चों की मौत हो गई। पलभर में ही गांव खुशियों से मातम में डूब गया। हर घर से चीख-पुकार की आवाज गूंज रही है।
ऐसे घटी घटना
जानकारी के अनुसार, खंगुराडीह गांव के पांच बच्चे रविवार को गोरधोवा पुल के पास स्नान करने पहुंचे थे। वहां पानी से भरे गहरे गड्ढे में सभी बच्चे अचानक फंस गए और डूबने लगे। उनकी चीख सुनकर ग्रामीण दौड़े और स्थानीय गोताखोरों की मदद से बच्चों को बाहर निकाला गया। लेकिन तब तक पांचों मासूम अपनी जिंदगी की जंग हार चुके थे।
मृत बच्चों की पहचान डूबकर जान गंवाने वाले सभी बच्चे खंगुराडीह गांव के ही रहने वाले थे—
मो. अनस (15 वर्ष), पिता – मो. शहजाद
मो. हिदायतुल्ला (14 वर्ष), पिता – मो. रेयाज
मो. हमजा अली (12 वर्ष), पिता – कल्लू उर्फ मुस्तफा
मो. रहमान (12 वर्ष), पिता – मो. अफताब
मो. अब्बू तालीम (12 वर्ष), माता – नर्गिस प्रवीण
गांव में मातमी सन्नाटा पांच-पांच बच्चों की एक साथ मौत ने पूरे गांव को हिला दिया। परिवार के लोग बेसुध होकर रो रहे हैं। माताओं की चीखें सुनकर हर किसी की आंख नम हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी हृदय विदारक घटना गांव ने पहली बार देखी है।
प्रशासन की कार्रवाई और ग्रामीणों की मांग

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया। वहीं, आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने और गांव के आसपास बने खतरनाक गड्ढों को तुरंत पाटने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में फिर कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

डीडीयू की कुलपति प्रो. पूनम टंडन को मिला ऋषिका गार्गी सम्मान

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन को ऋषिका गार्गी सम्मान से विभूषित किया गया। यह सम्मान पाने वाली वह पहली शख्सियत बनीं। उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।
अध्यात्म, चिकित्सा, शिक्षा एवं संस्कृति के प्रतिष्ठित केंद्र सिद्धपीठ मदरिया द्वारा दिए जाने वाला यह सर्वोच्च सम्मान है। सम्मान समारोह में 20 विशिष्ट समाजसेवी और संस्कृत-सेवी भी अलंकृत किए गए।
समारोह की मुख्य अतिथि प्रो. टंडन ने कहा कि गोरखपुर के मंदिरों द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्य उल्लेखनीय हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति और आस्था का समन्वय ही समाज को प्रगति की ओर ले जाता है।
सिद्धपीठ के उत्तराधिकारी श्रीशदास जी महाराज ने कहा कि “अच्छे कार्यों को रेखांकित करना ही इस सम्मान समारोह का उद्देश्य है।” उन्होंने कहा कि यह गौरवपूर्ण है कि समारोह की शुरुआत कुलपति प्रो. पूनम टंडन को सम्मानित कर की गई। संचालन अजय शुक्ल ने किया

संस्कृत-सेवियों में डॉ. प्रवीण त्रिपाठी, अजीत राव, धीरेन्द्र तिवारी, विजय दुबे, अशोक पाण्डेय, हरपाल नागवानी, प्रेम सागर तिवारी, मनोज दूबे, सज्जन मिश्रा और अखिलेश दुबे (नन्हें) शामिल रहे। समाजसेवियों में ओमप्रकाश शुक्ल, अस्मिता चंद, सृन्जय मिश्र, दिनेश नायक, नागेंद्र नायक, नागेंद्र शर्मा, अमरनाथ वर्मा, संजय मिश्र, धीरज शुक्ल, सुनील दुबे, मूलचंद जायसवाल, सूरज पाण्डेय, विनय पाण्डेय, रामसखी रामनिवास चैरिटेबल ट्रस्ट व देवीप्रसाद मिश्र चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया।

पुलिस अधीक्षक ने बघौचघाट थाना का किया औचक निरीक्षण,दिए आवश्यक दिशा निर्देश

बघौचघाट,देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) पुलिस अधीक्षक विक्रान्त वीर ने रविवार को बघौचघाट थाना का आकस्मिक निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान थाना भवन, मेस एवं बैरकों का औचक निरीक्षण किया। इसके साथ ही थाना मालखाना व थाना कार्यालय के महत्वपूर्ण रजिस्टरों का गहनता से अवलोकन कर संबन्धित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।एसपी ने कार्यालय के सभी रजिस्टरों का निरीक्षण कर सम्बन्धित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।जिसके क्रम में भूमि विवाद रजिस्टर की चेकिंग के दौरान भूमि विवाद सम्बन्धित सभी मामलों को भूमि विवाद रजिस्टर में अंकित करने व राजस्व टीम के साथ समन्वय स्थापित कर समय से निस्तारण कराने व विवादित सभी प्रकरणों में निरोधात्मक कार्यवाही करने हेतु निर्देश दिया। इसी क्रम में फ्लाई शीट रजिस्टर को चेक किया जिसमें थानें के सभी हिस्ट्रीशीटरों की प्रभावी निगरानी करने हेतु निर्देश दिया एवं समाधान रजिस्टर की चेकिंग की गयी।जिसमें सम्बन्धित मामलों को समय से निस्तारण करने व फीडबैक लेने हेतु निर्देश दिये गए। इसके अतिरिक्त थाने की साइबर यूनिट का निरीक्षण कर प्रशिक्षित कर्मियों को साइबर अपराधों से संबंधित मामलों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण हेतु निर्देशित किया।इसके साथ ही क्षेत्रान्तर्गत बैंकों व ग्राहक सेवा केन्द्रों पर आवश्यक पुलिस बल लगाकर नियमित चेकिंग किये जाने के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।वही महिला हेल्प डेस्क रजिस्टर का निरीक्षण कर बताया गया कि महिला सम्बन्धी अपराधों को महिला हेल्प डेस्क रजिस्टर पर जरूर अंकित करें तथा सभी मामलों का समय से निस्तारण करने व उसका फीडबैक लिये जाने के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए।कम्प्यूटर कक्ष का निरीक्षण करते हुए सीसीटीनएस कर्मचारियों को सीसीटीएनएस के सभी फार्मों की फीडिंग के बारे में पूछताछ कर सम्बन्धित पुलिस कर्मियों को समय से फीडिंग करने हेतु निर्देश दिये गये तथा IGRS से प्राप्त प्रार्थना पत्रों का समय से निस्तारण करवाकर जाँच आख्या समय से अपलोड करने हेतु निर्देशित किया गया।थाना परिसर में नवनिर्मित विवेचना कक्ष का निरीक्षण कर विवेचकों को लंबित मुकदमों की त्वरित एवं गुणवत्तापरक विवेचना करते हुए यथाशीघ्र निस्तारण हेतु निर्देशित किया।वही बैरक का निरीक्षण करते हुए साफ-सफाई आदि के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा निर्देश दिया।अपराधों की रोकथाम हेतु थाना क्षेत्र में पुलिस की गतिविधि बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण पिकेट व गश्त पार्टी की समयानुसार ड्यूटी लगाए जाने हेतु निर्देश दिए गए।सभी अधि0/कर्म0गण को थाना परिसर की साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने तथा कार्यालय के सभी रजिस्टरों के सुसंज्जित ढंग से रख-रखाव व कम्प्यूटर सम्बन्धित उपकरणों की उचित रख-रखाव हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए । इसके उपरांत महोदय द्वारा थाने पर मौजूद समस्त पुलिस कर्मियों को आगामी पर्व-त्यौहारों के दृष्टिगत व कानून-व्यवस्था चुस्त-दुरूस्त बनाये रखने हेतु आवश्यक निर्देश देते हुए ब्रीफिंग की गयी।
तत्पश्चात पुलिस चौकी पकहां घाट का आकस्मिक निरीक्षण कर चौकी परिसर की साफ-सफाई, अभिलेखों का रख-रखाव, ड्यूटी रजिस्टर, अपराध नियंत्रण एवं चौकी पर नियुक्त पुलिस बल की उपस्थिति का बारीकी से अवलोकन किया।एसपी ने चौकी प्रभारी आलोक सिंह पटेल एवं अन्य पुलिस कर्मियों को निर्देशित किया कि चौकी स्तर पर जनता की समस्याओं के समाधान में तत्परता बरती जाए तथा पीड़ितों की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अपराध नियंत्रण एवं जनसुरक्षा के लिए पुलिस कर्मियों को अपने व्यवहार में संवेदनशीलता एवं तत्परता बनाए रखनी चाहिए।इस दौरान प्रभारी थानाध्यक्ष सहित थानें के अधिकारी,कर्मचारीण मौजूद रहे ।