Saturday, July 18, 2026
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व्रत और त्योहारों में क्यों खास है साबूदाना?

इतिहास, परंपरा और सेहत से गहरा है नाता

(राष्ट्र की परम्परा के पाठक के लिए अभिषेक लखनऊ )

भारत में व्रत और उपवास सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि यह हमारी जीवनशैली और खानपान संस्कृति से भी गहराई से जुड़े हैं। इन पावन अवसरों पर खानपान में सादगी और पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जाता है। व्रत के दिनों में सबसे अधिक पसंद किया जाने वाला खाद्य पदार्थ है साबूदाना, जिसे हर घर में बड़े चाव से खाया जाता है।

साबूदाना का उपयोग भारत में सदियों से व्रत और उपवास के दिनों में किया जाता रहा है। धार्मिक मान्यता है कि व्रत के दौरान हल्का, पचने में आसान और ऊर्जा देने वाला भोजन ग्रहण करना चाहिए। स्टार्च से भरपूर साबूदाना इस आवश्यकता को पूरी तरह से पूरा करता है। यही कारण है कि समय के साथ यह व्रत-उपवास का अभिन्न हिस्सा बन गया।

स्वास्थ्य के फायदे साबूदाना मुख्य रूप से कसावा नामक पौधे की जड़ से तैयार किया जाता है और इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा प्रचुर होती है। यह तुरंत ऊर्जा देने वाला आहार है। इसमें ग्लूटेन नहीं होता, जिससे यह एलर्जी या पाचन संबंधी समस्या वाले लोगों के लिए भी उपयुक्त माना जाता है। इसके अलावा, इसमें मौजूद कैल्शियम और आयरन हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और रक्त संचार को संतुलित रखते हैं।

स्वाद और विविधता व्रत के दिनों में साबूदाना खिचड़ी, साबूदाना वड़ा, खीर या पापड़—हर रूप में बेहद लोकप्रिय है। खासतौर पर साबूदाना खिचड़ी हल्की, पौष्टिक और स्वादिष्ट होने के कारण सबसे ज़्यादा पसंद की जाती है। वहीं, साबूदाना वड़ा कुरकुरे स्वाद और चटपटी सुगंध के साथ उपवास का मज़ा और बढ़ा देते हैं।ééé

सिर्फ धार्मिक परंपरा ही नहीं, बल्कि सेहत और स्वाद दोनों ही दृष्टि से साबूदाना व्रत और त्योहारों में खास स्थान रखता है। यही वजह है कि नवरात्रि, शिवरात्रि या अन्य उपवास के अवसर पर हर घर में साबूदाना की सुगंध और स्वाद का अहसास जरूर मिलता है।

छुट्टियों के बावजूद सुस्त पड़ी ‘वॉर 2’, ट्रेड एनालिस्ट्स ने गिनाई फिल्म की 3 बड़ी कमजोरियां

मुंबई (राष्ट्र की परम्परा डेस्क )ऋतिक रोशन और जूनियर एनटीआर की मच अवेटेड एक्शन स्पाई-थ्रिलर ‘वॉर 2’ ने शुरुआत में बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार प्रदर्शन किया था. फिल्म ने सिर्फ दो दिनों में 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया था, लेकिन इसके बाद इसकी रफ्तार थम गई. रिलीज़ के 7 दिन पूरे होने के बाद भी यह फिल्म 200 करोड़ का आंकड़ा पार करने में संघर्ष कर रही है.

ट्रेड एनालिस्ट्स की राय प्रसिद्ध ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श के मुताबिक फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी कमजोर कहानी रही. उन्होंने बताया कि ट्रेलर, टीज़र और गानों की वजह से शुरुआती भीड़ तो जुटी, लेकिन लंबे समय तक दर्शकों को बांधे रखने के लिए दमदार कंटेंट जरूरी होता है. ‘वॉर 2’ के मामले में पहले दिन से ही वर्ड ऑफ माउथ निगेटिव रहे, जिसका असर इसकी कमाई पर साफ नजर आ रहा है.

तरण आदर्श का मानना है कि स्वतंत्रता दिवस और जन्माष्टमी जैसे बड़े छुट्टियों वाले वीकेंड का फिल्म को पूरा फायदा मिलना चाहिए था. लेकिन अगर कोई फिल्म ऐसे मौकों पर भी अच्छा प्रदर्शन न कर पाए, तो इसका मतलब है कि उसमें कंटेंट स्तर पर गंभीर कमी है.

स्पाई-यूनिवर्स से थकान वहीं, सिनेमाघर मालिक और फिल्म विश्लेषक विशेक चौहान ने कहा कि लगातार आ रही स्पाई और यूनिवर्स-बेस्ड फिल्मों से दर्शक अब थक चुके हैं. हॉलीवुड में इसे “सुपरहीरो फैटीग” कहा जाता है और यही थकान भारतीय दर्शकों में भी दिख रही है. ‘टाइगर 3’ और ‘फाइटर’ के कमजोर प्रदर्शन के बाद ‘वॉर 2’ भी उसी राह पर चलती दिख रही है.

स्टारकास्ट भी नहीं बचा पाई फिल्म कुल मिलाकर, दमदार स्टारकास्ट और बड़े पैमाने पर बनाई गई इस फिल्म की कहानी और ताजगी की कमी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में असफल रही. यही वजह है कि ‘वॉर 2’ धीरे-धीरे बॉक्स ऑफिस पर पिछड़ती जा रही है.

यूपीपीएससी संयुक्त राज्य अभियंत्रण सेवा (CES) मेन्स परीक्षा शेड्यूल घोषित

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने संयुक्त राज्य अभियंत्रण सेवा (CES) मेन्स परीक्षा 2024 का विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया है। इंजीनियरिंग क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह परीक्षा अहम अवसर साबित होगी। आयोग की ओर से जारी सूचना के अनुसार मेन्स परीक्षा का आयोजन 28 और 29 सितंबर 2025 को दो शिफ्टों में किया जाएगा।

आयोग इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से कुल 609 रिक्त पदों पर नियुक्ति करेगा। इसमें सामान्य एवं विशेष दोनों श्रेणियों के लिए पद आरक्षित हैं। बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने इस परीक्षा में आवेदन किया था और अब मेन्स परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।

परीक्षा से जुड़ी अहम जानकारियां

परीक्षा तिथि: 28 और 29 सितंबर 2025 ,शिफ्ट: प्रतिदिन दो शिफ्ट,रिक्त पदों की संख्या: 609,भर्ती श्रेणी: सामान्य एवं विशेष दोनों

एडमिट कार्ड,आयोग द्वारा परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आयोग की वेबसाइट पर समय-समय पर अपडेट चेक करते रहें और एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लें। बिना एडमिट कार्ड के परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

उम्मीदवारों में उत्साह ,भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों में परीक्षा शेड्यूल जारी होने के बाद उत्साह देखने को मिल रहा है। कई छात्रों का कहना है कि अब उन्हें अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने और समय प्रबंधन पर अधिक ध्यान देने का अवसर मिलेगा।

तेजस्वी ने संभाली कमान, राहुल गांधी लखीसराय से होंगे शामिल

पटना(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) बिहार में जारी वोटर अधिकार यात्रा शुक्रवार को पांचवें दिन शेखपुरा से आगे बढ़ी। यात्रा की शुरुआत शेखपुरा जिले के त्रिमुहानी स्थित दुर्गा मंदिर से हुई, जहां नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कमान संभाली। इस मौके पर माले नेता दीपांकर भट्टाचार्य और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम भी मौजूद रहे। यात्रा में रंगत उस समय और बढ़ गई जब राजद कार्यकर्ता घोड़ों पर सवार होकर जुलूस के साथ चलते दिखाई दिए।

यात्रा के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही। वे फिलहाल दिल्ली में I.N.D.I.A गठबंधन की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी के नामांकन कार्यक्रम में शामिल हुए। हालांकि, लंच के बाद राहुल गांधी लखीसराय से यात्रा का हिस्सा बनेंगे।

तय रूट और कार्यक्रम यात्रा का रूट शेखपुरा से पटेल चौक, कॉलेज मोड़ और चेवाड़ा चौक होते हुए लखीसराय तक रखा गया है।रामगढ़ चौक पर सुबह का विश्राम गांधी मैदान में दोपहर का लंच ब्रेक शाम 4 बजे यात्रा लखीसराय बाजार समिति से निकलकर विद्यापीठ चौक पहुंचेगीजमालपुर विधानसभा के हेमजापुर में टी ब्रेक

रात्रि विश्राम मुंगेर के साफियाबाद एयरपोर्ट मैदान में होग राजनीतिक संदेश वोटर अधिकार यात्रा का मकसद आगामी चुनावों से पहले विपक्षी दलों की एकजुटता दिखाना और जनता से सीधा संवाद करना है। तेजस्वी यादव ने शेखपुरा से शुरुआत करते हुए कहा कि यह यात्रा सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि जनाधिकारों की लड़ाई है।

एयरपोर्ट पर एलायंस एयर की उड़ान की इमरजेंसी लैंडिंग, सभी यात्री सुरक्षित

गुवाहाटी।(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) गुवाहाटी से कोलकाता के बीच संचालित एलायंस एयर की उड़ान संख्या 9I756 को बुधवार को तकनीकी खराबी के चलते आपातकालीन स्थिति में गुवाहाटी एयरपोर्ट पर उतारना पड़ा। एयरलाइन और हवाई अड्डा प्रशासन के अनुसार, सभी यात्री और चालक दल सुरक्षित हैं तथा उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई।

एयरलाइन ने अपने बयान में कहा कि उड़ान के दौरान तकनीकी समस्या आने पर मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए विमान को गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (LGBI Airport) पर वापस लाने का निर्णय लिया गया। दोपहर 1:42 बजे एयरपोर्ट पर पूर्ण आपातकाल घोषित कर दिया गया।

एयरपोर्ट सूत्रों ने बताया कि विमान ने दोपहर 1:09 बजे गुवाहाटी से उड़ान भरी थी। तकनीकी गड़बड़ी के कारण मार्ग परिवर्तन करने के बाद विमान दोपहर 2:27 बजे सुरक्षित उतरा और 2:40 बजे आपातकालीन स्थिति समाप्त कर दी गई।

एयरपोर्ट प्रवक्ता ने कहा, “विमान से सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया और टर्मिनल कर्मचारियों ने उनकी पूरी मदद की।” एलायंस एयर ने यात्रियों की आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की है। एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है ताकि तकनीकी खराबी के कारणों का पता लगाया जा सके।

एयरपोर्ट प्रशासन ने दावा किया कि इस घटना से हवाई अड्डे के सामान्य संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा। यात्रियों ने सुरक्षित लैंडिंग के बाद राहत की सांस ली और एयरपोर्ट स्टाफ की तत्परता की सराहना की।

पत्नी को ‘नोरा फतेही’ जैसा बनाने के लिए पति ने किया टॉर्चर, जबरन कराई कसरत, भूखा रखा और कराया गर्भपात!

गाजियाबाद (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) जिले से एक अजीबोगरीब और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि उसका पति उसे जबरन बॉलीवुड अभिनेत्री नोरा फतेही जैसी दिखने के लिए रोज़ाना घंटों तक सख्त व्यायाम करने पर मजबूर करता था।

पीड़िता का कहना है कि पति और ससुराल वाले उसे रोज़ाना तीन घंटे कसरत कराते थे और यदि वह थकान या तबीयत का हवाला देकर मना कर देती, तो उसे खाना तक नहीं दिया जाता था। महिला का आरोप है कि उसके पति को लगता था कि उसे नोरा फतेही जैसी खूबसूरत पार्टनर आसानी से मिल सकती है, इसलिए वह अपनी पत्नी को उसी अंदाज़ में ढालने की ज़िद करता था।

महिला ने यह भी आरोप लगाया कि पति महिलाओं का दीवाना है और इंटरनेट पर लगातार अश्लील वीडियो देखता है। विरोध करने पर उसके साथ शारीरिक उत्पीड़न किया गया। इतना ही नहीं, महिला का कहना है कि ससुराल पक्ष ने उसे गर्भपात की दवा खाने और विशेष तरह का खाना लेने के लिए मजबूर किया, जिसके चलते उसका गर्भपात हो गया।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि महिला ने पति और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और जबरन गर्भपात कराने जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पीड़िता को सुरक्षा देने की बात कही है।

यह मामला न सिर्फ फैन कल्चर और दीवानगी की हदों को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि ऐसी सोच किस तरह परिवारिक रिश्तों और महिला की ज़िंदगी को बर्बाद कर सकती है।

अग्नि-5 का सफल परीक्षण: भारत ने दिखाई सामरिक शक्ति

नई दिल्ली(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) भारत ने अपनी सामरिक सैन्य क्षमताओं का जोरदार प्रदर्शन करते हुए बुधवार को मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि-5’ का सफल परीक्षण किया। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस अत्याधुनिक मिसाइल का परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से किया गया। परीक्षण के दौरान मिसाइल ने सभी परिचालन एवं तकनीकी मापदंडों को सफलतापूर्वक पूरा किया।

मंत्रालय के अनुसार, ‘‘मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि-5’ का 20 अगस्त को सफल परीक्षण किया गया। विभिन्न दूरमापी और रडार केंद्रों से इस पूरे परीक्षण पर नजर रखी गई और मिसाइल ने सभी निर्धारित मानकों को पूरा किया।’’

2012 में हुआ था पहला परीक्षण

गौरतलब है कि भारत ने पहली बार अग्नि-5 का परीक्षण 19 अप्रैल 2012 को चांदीपुर से किया था। उस समय इसे हिंद महासागर में एक पूर्व-निर्धारित लक्ष्य पर प्रक्षेपित किया गया था।

5,000 किलोमीटर तक की मारक क्षमता अग्नि-5 मिसाइल को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने विकसित किया है। यह मिसाइल 5,000 किलोमीटर से अधिक दूरी तक लक्ष्य भेदने में सक्षम है और अधिकतम 600 किलोमीटर की ऊंचाई तक जा सकती है। यह 1.5 टन तक का परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है।

MIRV तकनीक से लैस अग्नि-5 मिसाइल MIRV (मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल) तकनीक से लैस है। इसका मतलब है कि एक ही मिसाइल कई हथियारों से युक्त होकर अलग-अलग लक्ष्यों पर एक साथ प्रहार कर सकती है। इससे भारत की सामरिक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।

अत्याधुनिक नेविगेशन सिस्टम मिसाइल को अचूक सटीकता देने के लिए इसमें RLG-INS (रिंग लेज़र जाइरोस्कोप आधारित इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम) और MINGS (माइक्रो-इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम) का प्रयोग किया गया है। ये प्रणाली भारत की अपनी उपग्रह नेविगेशन प्रणाली NavIC और अमेरिकी GPS से भी समर्थित हैं।

RLG-INS: बाहरी संकेतों पर निर्भर हुए बिना मिसाइल को सही रास्ते पर बनाए रखता है। NavIC: भारत की स्वदेशी उपग्रह प्रणाली, जो वास्तविक समय की स्थिति तय करने में मदद करती है।GPS: अमेरिकी प्रणाली, जो अतिरिक्त सटीकता प्रदान करती है।

तीन-चरणीय ठोस-ईंधन प्रणाली अग्नि-5 मिसाइल तीन-चरणीय ठोस-ईंधन प्रणाली से संचालित होती है और इसे कनस्तर से प्रक्षेपित किया जाता है। इससे मिसाइल को सुरक्षित तरीके से संग्रहीत, आसानी से स्थानांतरित और शीघ्र प्रक्षेपित किया जा सकता है। हाल के वर्षों में इसमें बेहतर एवियोनिक्स, पुनः प्रवेश पर मज़बूत ताप परिरक्षण और उन्नत मार्गदर्शन प्रणालियाँ जोड़ी गई हैं।

भारत की परमाणु रक्षा प्रणाली की रीढ़ विशेषज्ञों के मुताबिक, अग्नि-5 मिसाइल भारत की भूमि-आधारित परमाणु रक्षा प्रणाली की मुख्य ताकत है। यह न केवल भारत की सामरिक शक्ति को मजबूत करती है, बल्कि संभावित खतरों के खिलाफ विश्व मंच पर भारत की स्थिति को भी और सशक्त बनाती है।

नाले में मिला युवक का शव, इलाके में सनसनी

अमेठी (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) जिले में बृहस्पतिवार को मोहनगंज क्षेत्र स्थित एक नाले से 21 वर्षीय युवक का शव बरामद होने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान फूल सिंह उर्फ टोपी लाल (21 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि फूल सिंह पूरे दरोगा मजरे तिलोई गांव स्थित अपने ननिहाल आया हुआ था। स्थानीय लोगों ने नाले में शव देखे जाने की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बाहर निकलवाया।

मोहनगंज थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल घटना के संबंध में परिजनों से पूछताछ की जा रही है।

अचानक हुई इस घटना से गांव और आसपास के क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। परिजन गहरे सदमे में हैं। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि मामले की हर पहलू से जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

गुरुकुल में मासूमों पर बर्बरता : बिस्तर गीला करने पर वार्डन ने दागी गर्म छड़

बाड़मेर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)राजस्थान के बाड़मेर ज़िले से मासूम बच्चों के उत्पीड़न का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिले के सेड़वा थाना क्षेत्र के हरपालिया गाँव स्थित एक गुरुकुल में वार्डन द्वारा दो बच्चों को गर्म लोहे की छड़ से दागने का सनसनीखेज आरोप लगा है। यह घटना 17 अगस्त की बताई जा रही है, जिसकी जानकारी गुरुवार को अधिकारियों ने दी।

सूत्रों के अनुसार हरपालेश्वर महादेव विकास सेवा समिति द्वारा वर्ष 2022 से संचालित इस गुरुकुल में गरीब, खानाबदोश और अनाथ परिवारों के बच्चे रहते हैं। यहीं पर वार्डन ने कथित तौर पर बिस्तर गीला करने पर दो बच्चों को सज़ा देने के नाम पर गर्म लोहे की छड़ से दाग दिया।

घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। अधिकारियों ने बच्चों से पूछताछ की और उनकी चिकित्सीय जाँच करवाई। बताया जा रहा है कि बच्चों के शरीर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं।

इस मामले ने न सिर्फ गुरुकुल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं बल्कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंताएँ उभरी हैं। स्थानीय पुलिस ने पीड़ित बच्चों के बयान दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी है।

ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि गरीब परिवार अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा और संस्कार दिलाने की उम्मीद से गुरुकुल भेजते हैं, लेकिन ऐसी घटनाएँ बच्चों के भविष्य और उनके मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए खतरनाक हैं।

जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और गुरुकुल में रह रहे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

वैष्णो देवी जाने वाली बस हादसे का शिकार

जम्मू कश्मीर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)सांबा (जम्मू-कश्मीर)।माँ वैष्णो देवी के दर्शन के लिए उत्तर प्रदेश से रवाना हुए श्रद्धालुओं की बस गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गई। सांबा ज़िले के जटवाल क्षेत्र में अचानक बस का टायर फटने से वाहन अनियंत्रित होकर करीब 20 फीट गहरे नाले में जा गिरा। इस भीषण दुर्घटना में एक श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि 40 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े। पुलिस और आपातकालीन सेवाएँ भी मौके पर पहुँचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। फंसे हुए यात्रियों को बड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया।

घायलों को पहले सांबा जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को बेहतर इलाज के लिए एम्स विजयपुर रेफर कर दिया गया। बस में करीब 65 से 70 श्रद्धालु सवार थे, जो कटरा स्थित माता वैष्णो देवी धाम की ओर जा रहे थे।

यह दुर्घटना जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई, जिसके चलते यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।

धार्मिक आस्था से जुड़े इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि भक्ति और श्रद्धा के मार्ग में लापरवाही या असावधानी किस हद तक जानलेवा साबित हो सकती है। एक ओर लोग माँ के दरबार में माथा टेकने जा रहे थे, वहीं दूसरी ओर अधर्म समान यह दुर्घटना उनकी जिंदगी पर भारी पड़ गई।

श्रद्धालुओं के परिजनों और समाज में गहरा दुख व्याप्त है। फिलहाल प्रशासन ने मृतक के परिजनों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।

इंडिया गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ने दाखिल किया नामांकन

नई दिल्ली(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) इंडिया गठबंधन ने आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अपने उम्मीदवार के रूप में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी का नामांकन दाखिल कर दिया है। बुधवार को संविधान सदन (पुरानी संसद) के सेंट्रल हॉल में नामांकन प्रक्रिया पूरी हुई। इस मौके पर विपक्षी दलों की ताकतवर मौजूदगी देखने को मिली।

नामांकन दाखिल करने के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी मौजूद थे। उनके साथ एनसीपी-एससीपी प्रमुख शरद पवार, सपा सांसद राम गोपाल यादव, डीएमके सांसद तिरुची शिवा, शिवसेना (उद्धव) के सांसद संजय राउत समेत कई अन्य दलों के वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे।

इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने बी. सुदर्शन रेड्डी का परिचय देते हुए कहा कि “विपक्षी दलों ने ऐसे व्यक्ति को उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है, जो संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक सिद्धांतों के प्रति समर्पित रहे हैं। न्यायमूर्ति रेड्डी ने अपने कार्यकाल में निष्पक्षता और न्यायप्रियता की मिसाल कायम की है।”

बी. सुदर्शन रेड्डी सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश रह चुके हैं और न्यायपालिका में अपने बेदाग कार्यकाल, निष्पक्ष दृष्टिकोण तथा संविधान की गरिमा बनाए रखने की प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं। विपक्षी दलों का मानना है कि उपराष्ट्रपति पद पर उनकी मौजूदगी न केवल लोकतंत्र को मजबूती देगी, बल्कि संसद की गरिमा को भी और अधिक सुदृढ़ करेगी।

इंडिया गठबंधन ने उपराष्ट्रपति चुनाव को लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और संवैधानिक संस्थाओं की मजबूती से जोड़ा है। नामांकन दाखिल करते समय विपक्षी नेताओं की एकजुटता ने यह संदेश दिया कि आने वाले चुनाव में गठबंधन पूरी तैयारी और मजबूती के साथ मैदान में उतरेगा।

अखिलेश यादव का भाजपा-प्रशासन पर तीखा हमला : “हक़ का गणित 18000-14 = 17986”

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को भाजपा और प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता के अधिकारों से खिलवाड़ हो रहा है।

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग को 18,000 हलफ़नामे (एफ़िडेविट) सौंपे थे, जिनमें मतदाताओं के हक़मारी और गड़बड़ियों के ठोस सबूत मौजूद हैं। लेकिन अब तक आयोग और ज़िला प्रशासन की ओर से केवल 14 शपथपत्रों पर ही आधी-अधूरी सफ़ाई दी गई है।

उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा—

“18,000 हलफ़नामों में से अगर 14 भी कम कर दें तो भी 17,986 का हिसाब बाक़ी है। यही है हक़ का गणित। भाजपा-चुनाव आयोग-ज़िलाधिकारी की तिकड़ी, लाख जुगाड़ और दबाव बनाने के बावजूद सच छिपा नहीं सकती।”

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग करके लोकतंत्र को कमजोर करने में जुटा है। लेकिन समाजवादी पार्टी जनता के हक़ और वोट की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।

उन्होंने नारा दिया—“न चलेगी हक़मारी, न मतमारी… इस बार PDA सरकार हमारी।” अखिलेश यादव का यह बयान साफ़ करता है कि आगामी चुनाव में सपा सत्ता पक्ष और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को बड़ा मुद्दा बनाने जा रही है।

दिल्ली में एक बार फिर स्कूलों को बम की झूठी धमकी, तीसरे दिन भी दहशत का माहौल

नई दिल्ली(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार को एक बार फिर बम की धमकी वाले ई-मेल ने हड़कंप मचा दिया। सुबह छह बजकर 35 मिनट से सात बजकर 48 मिनट के बीच अलग-अलग समय पर कम से कम छह स्कूलों को धमकी भरे ई-मेल भेजे गए। इनमें प्रसाद नगर स्थित आंध्रा स्कूल, बीजीएस इंटरनेशनल स्कूल, राव मान सिंह स्कूल, कॉन्वेंट स्कूल, मैक्स फोर्ट स्कूल और द्वारका स्थित इंद्रप्रस्थ इंटरनेशनल स्कूल शामिल हैं।

जैसे ही ई-मेल की सूचना मिली, पुलिस, दमकल विभाग और बम निरोधक दस्ते तत्काल मौके पर पहुंचे और पूरे स्कूल परिसर की गहन तलाशी अभियान शुरू किया गया। बच्चों और स्टाफ को सुरक्षित निकाल लिया गया। दिल्ली दमकल सेवा के एक अधिकारी ने बताया कि हर कॉल और ई-मेल को गंभीरता से लिया जा रहा है और जांच एजेंसियां अलर्ट पर हैं।

यह धमकी इस हफ्ते की तीसरी घटना है। सोमवार को दिल्ली के 32 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी, जो बाद में फर्जी निकली। इसके बाद बुधवार को करीब 50 से ज्यादा स्कूलों को इसी तरह के ई-मेल भेजे गए। लगातार तीसरे दिन मिली धमकी ने छात्रों, अभिभावकों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

अधिकारियों का कहना है कि अब तक हुई जांच में कोई विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है। माना जा रहा है कि यह शरारती तत्वों की करतूत है, लेकिन पुलिस साइबर सेल ई-मेल की उत्पत्ति और भेजने वाले की पहचान के लिए तकनीकी जांच में जुटी है।

लगातार मिल रही इन धमकियों ने दिल्ली में स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता न करें।

लखनऊ में सीएम आवास पर जनता दरबार में सुरक्षा पर बड़ा सवाल: रिटायर्ड आर्मी जवान ने खाया ज़हर

लखनऊ।(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) सीएम आवास पर गुरुवार को आयोजित जनता दरबार उस समय हड़कंप और अफरा-तफरी का शिकार हो गया, जब ग़ाज़ियाबाद जिले के लोनी निवासी सेवानिवृत्त आर्मी जवान सतवीर सिंह ने अचानक ज़हर खा लिया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने तुरंत सतवीर सिंह को संभाला और उन्हें गंभीर हालत में सिविल अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ फिलहाल उनका इलाज जारी है।

यह घटना न केवल वहां की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, बल्कि जनता दरबार की कार्यप्रणाली पर भी गहरे प्रश्नचिह्न लगाती है। दरअसल, मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित जनता दरबार में बेहद कड़ी सुरक्षा और सघन चेकिंग की व्यवस्था रहती है। फरियादियों को प्रवेश से पहले गहन तलाशी के बाद ही अंदर आने दिया जाता है। इसके बावजूद सतवीर सिंह के पास ज़हर जैसी प्रतिबंधित वस्तु पहुँचना सुरक्षा तंत्र की भारी चूक माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार सतवीर सिंह किसी व्यक्तिगत शिकायत और लंबे समय से चल रहे विवाद को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने आए थे। बताया जा रहा है कि जब उनकी फरियाद पर अपेक्षित समाधान या संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने यह कदम उठाया।

अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। यह भी पड़ताल की जा रही है कि इतनी सख़्त सुरक्षा के बावजूद ज़हर जैसी खतरनाक वस्तु को अंदर ले जाने में वह कैसे सफल हो गए।

सिविल अस्पताल प्रशासन ने जानकारी दी है कि सतवीर सिंह की स्थिति गंभीर बनी हुई है और डॉक्टरों की विशेष टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। वहीं, पुलिस और प्रशासन इस घटना की गहराई से छानबीन में जुट गया है।

यह घटना दोहरे स्तर पर सवाल उठाती है—

  1. सुरक्षा चूक: इतनी बड़ी सुरक्षा परख के बावजूद ज़हर जैसी वस्तु अंदर तक कैसे पहुँची?
  2. जनता दरबार की संवेदनशीलता: आखिर फरियादी इतने मजबूर क्यों हो रहे हैं कि आत्मघाती कदम तक उठाने पर विवश हो जाएँ?

सतवीर सिंह की स्थिति को लेकर फिलहाल अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन इस घटना ने सीएम आवास की सुरक्षा और जनता दरबार की संवेदनशीलता दोनों पर ही गहन विमर्श छेड़ दिया है।

गवर्नर दोबारा आया बिल राष्ट्रपति को नहीं भेज सकते : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) राज्यपालों के अधिकारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि विधानसभा द्वारा किसी विधेयक को पुनः पारित कर राज्यपाल के पास भेजा जाता है, तो राज्यपाल उस विधेयक को राष्ट्रपति के पास विचार हेतु नहीं भेज सकते।

मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ की अनुपस्थिति में न्यायमूर्ति बी. आर. गवई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने यह टिप्पणी की। पीठ ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 200 के तहत राज्यपाल को विधानसभा द्वारा पारित विधेयक पर सीमित विकल्प दिए गए हैं।

पीठ ने कहा कि राज्यपाल किसी भी विधेयक पर—

  1. अपनी अनुमति प्रदान कर सकते हैं,
  2. अनुमति रोक सकते हैं,
  3. राष्ट्रपति के विचारार्थ भेज सकते हैं, या
  4. पुनर्विचार के लिए विधानसभा को वापस भेज सकते हैं (धन विधेयक को छोड़कर)।

लेकिन यदि विधानसभा उस विधेयक को दोबारा पारित कर राज्यपाल को भेज देती है, तो उस स्थिति में राज्यपाल के पास केवल दो ही विकल्प बचते हैं—या तो वह अपनी अनुमति दें या उसे रोक लें। ऐसे में राज्यपाल उस विधेयक को राष्ट्रपति के पास नहीं भेज सकते।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से भी सवाल किया कि राज्यपालों द्वारा विधेयकों को रोककर रखने या राष्ट्रपति को भेजने की प्रक्रिया पर स्पष्टता क्यों नहीं है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी भविष्य में राज्यपालों और राज्य सरकारों के बीच टकराव की स्थिति को स्पष्ट दिशा देगी और संवैधानिक प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाएगी।