Friday, July 17, 2026
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संसद या हंगामे का अखाड़ा? लोकतंत्र के भविष्य पर गंभीर सवाल

(राष्ट्र की परम्परा के लिए गणेश दत्त द्विवेदी की रिपोर्ट)

लोकतंत्र की सबसे बड़ी पहचान उसकी संसद होती है। संसद केवल कानून बनाने का मंच नहीं बल्कि वह पवित्र स्थान है जहाँ जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि राष्ट्रहित में विचार-विमर्श और निर्णय करते हैं। यह वह सर्वोच्च संस्था है जहाँ विभिन्न विचारधाराओं के बीच संवाद और विमर्श के जरिए समाधान निकलता है। लेकिन दुर्भाग्यवश हाल के वर्षों में भारतीय संसद की छवि गंभीर विमर्श के बजाय हंगामे, नारेबाजी और गतिरोध से जुड़ने लगी है। हाल ही में संपन्न मानसून सत्र इसकी ताजा मिसाल रहा, जो शुरुआत से अंत तक राजनीतिक टकराव और शोर-शराबे की भेंट चढ़ गया।

व्यर्थ गया बहुमूल्य समय

लोकसभा के मानसून सत्र के लिए कुल 120 घंटे चर्चा के लिये निर्धारित थे, लेकिन वास्तविक कार्यवाही मात्र 37 घंटे ही चल पाई। यानी 70 प्रतिशत से अधिक समय हंगामे और गतिरोध की भेंट चढ़ गया। राज्यसभा का हाल भी इससे अलग नहीं रहा, जहाँ निर्धारित समय के मुकाबले केवल 41.15 घंटे ही काम हो पाया। यह आंकड़े न केवल निराशाजनक हैं बल्कि लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने वाले भी हैं।

संसद में बिताया गया हर घंटा जनता के करोड़ों रुपये के टैक्स से संचालित होता है। जब वह समय व्यर्थ चला जाए तो यह सीधे-सीधे जनता के साथ अन्याय है। गुजरात के एक निर्दलीय सांसद ने यह प्रश्न भी उठाया कि यदि सांसद हंगामे के कारण सदन का समय नष्ट करते हैं, तो क्या उन्हें जनता के धन की बर्बादी की जिम्मेदारी नहीं लेनी चाहिए? यह सवाल लोकतांत्रिक जिम्मेदारी का आईना दिखाता है।

जवाबदेही से बचाव या लोकतांत्रिक परंपरा का अपमान?

लोकसभा में इस बार 419 तारांकित प्रश्न सूचीबद्ध थे, लेकिन केवल 55 का ही मौखिक उत्तर मिल सका। इसका अर्थ है कि देश और जनता से जुड़े अनेक अहम सवाल अधूरे रह गए। विपक्ष का कार्य सरकार को जवाबदेह बनाना है और असहमति लोकतंत्र का स्वभाव भी है। मगर असहमति व्यक्त करने का तरीका संवाद और बहस होना चाहिए, न कि हंगामा और नारेबाजी। संसद का चरित्र सड़क जैसे संघर्ष-स्थल का नहीं, बल्कि संवाद के पवित्र मंच का होना चाहिए।

सांसदों की जिम्मेदारी और मतदाताओं की भूमिका

कई सांसद यह तर्क देते हैं कि यदि उनकी आवाज़ संसद में नहीं सुनी जाती तो वे हंगामे को मजबूरी में अपनाते हैं। यह तर्क स्वीकार्य नहीं है क्योंकि सांसदों के पास शून्यकाल, प्रश्नकाल, विशेष उल्लेख और संसदीय समितियों जैसे अनेक मंच उपलब्ध हैं। यदि इनका सदुपयोग हो तो हंगामे की कोई आवश्यकता नहीं रह जाती।

अब समय आ गया है कि जनता भी अपने जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछे। मतदाता केवल जाति, धर्म या दल देखकर वोट न दें, बल्कि यह भी देखें कि उनका सांसद संसद में कितनी बार उपस्थित रहता है, कितने प्रश्न पूछता है और बहसों में कितनी गंभीरता से भाग लेता है। चुनाव आयोग और मीडिया को भी इन आँकड़ों को जनता तक पहुँचाना चाहिए।

लोकतंत्र की मर्यादा बचाने की पुकार

लोकतंत्र का भविष्य तभी सुरक्षित रह सकता है जब संसद की गरिमा और कार्य संस्कृति सुरक्षित रहे। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को समझना होगा कि संसद संघर्ष का अखाड़ा नहीं बल्कि संवाद का मंच है। यदि यह प्रवृत्ति नहीं बदली तो संसद का महत्व जनता की नज़रों में कम होता जाएगा और लोकतंत्र का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।

पीएम विकसित भारत रोजगार योजना : पहली नौकरी पर युवाओं को 15 हजार, कंपनियों को 3 हजार का लाभ

(दिलीप कुमार पाण्डेय)

नई दिल्ली(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2025) को लालकिले के प्राचीर से देश के युवाओं और उद्योग जगत को बड़ी सौगात दी। इस मौके पर उन्होंने “पीएम विकसित भारत रोजगार योजना” लागू करने की घोषणा की। इस योजना से निजी क्षेत्र में स्वस्थ कार्यसंस्कृति के विकसित होने और कंपनियों-कर्मचारियों के बीच भरोसा बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

क्या है योजना की खासियत
इस योजना के तहत पहली बार नौकरी करने वाले युवा और उन्हें अवसर देने वाली कंपनियां, दोनों को फायदा होगा।
युवा को लाभ: पहली नौकरी शुरू करने पर केंद्र सरकार सीधा कर्मचारी के बैंक अकाउंट में 15,000 रुपये तक की राशि ट्रांसफर करेगी। यह वेतन से अलग प्रोत्साहन राशि होगी।
कंपनी को लाभ: जिस कंपनी ने पहली बार नौकरी पर युवा को अवसर दिया है, उसे सरकार की ओर से 3,000 रुपये प्रति माह की सहायता मिलेगी।
योजना के दो स्पष्ट भाग हैं—

  1. नौकरी करने वाले युवाओं के लिए वित्तीय प्रोत्साहन।
  2. नौकरी देने वाली कंपनियों को सहयोग।
    कब से लागू हुई योजना
    यह योजना पहले 1 अगस्त 2025 से लागू होनी थी, लेकिन सरकार ने इसकी शुरुआत 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर की। इससे पहले बजट 2025-26 में ही इस योजना के लिए धनराशि आवंटित कर दी गई थी। योजना का प्रारंभिक नाम ईएलआई (Employment Linked Incentive) स्कीम था, जिसे बदलकर अब पीएम विकसित भारत रोजगार योजना कर दिया गया है।
    लाभार्थियों की संख्या
    सरकार ने घोषणा की है कि इस योजना के तहत 1.92 करोड़ युवाओं को पहली नौकरी मिलने पर यह लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।
    EPFO ने जारी किए कड़े निर्देश
    कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ केवल उन्हीं युवाओं को मिलेगा जिनकी ग्रॉस सैलरी 1 लाख रुपये प्रति माह से कम होगी।
    कंपनियों को हर महीने सही वेतन विवरण ईसीआर (Electronic Challan cum Return) में दर्ज करना होगा।
    यदि किसी कर्मचारी की सैलरी का गलत ब्योरा दिया गया तो योजना के तहत मिलने वाला लाभ तुरंत वापस ले लिया जाएगा।
    यानी न तो कर्मचारी को 15,000 रुपये मिलेंगे और न ही कंपनी को 3,000 रुपये प्रति माह की सहायता दी जाएगी।
    क्यों है महत्वपूर्ण
    अक्सर नौकरी की शुरुआत में युवाओं को कम वेतन और अस्थायी नौकरी मिलती है। पीएफ-ईएसआई जैसी सुविधाएं भी कई बार नहीं मिलतीं। लेकिन इस योजना से उम्मीद है कि कंपनियां स्थायी रोजगार की ओर बढ़ेंगी और युवाओं को आर्थिक मजबूती के साथ भरोसा भी मिलेगा।

सेबी प्रमुख तुहिन कांत पांडेय का चेतावनी संदेश: म्यूचुअल फंड उद्योग को परिचालन संबंधी खतरों और फर्जीवाड़े से सतर्क रहने की जरूरत

सांकेतिक फोटो

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरपर्सन तुहिन कांत पांडेय ने शुक्रवार को म्यूचुअल फंड उद्योग को निवेश जोखिमों के साथ-साथ परिचालन संबंधी खतरों पर भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी। उन्होंने आगाह किया कि फर्जी निवेशकों द्वारा धोखाधड़ी कर फंड योजनाओं को भुनाने के मामले न केवल निवेशकों के पैसे को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि इससे पूरे उद्योग पर निवेशकों के भरोसे को गंभीर धक्का लग सकता है।

पांडेय ने बताया कि ऐसे मामलों में कोई फर्जी व्यक्ति असली निवेशक बनकर, झूठे दस्तावेज़ या पहचान के सहारे फंड यूनिट्स या पैसा निकाल लेता है। इसे रोकने के लिए संपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और अपराध के बदलते तरीकों पर पैनी निगाह रखनी होगी।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि ऐसे मामलों के तौर-तरीकों को सभी एएमसी और पंजीकरण एजेंटों के बीच साझा किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जा सकें।

कार्यक्रम में सेबी के पूर्णकालिक सदस्य अमरजीत सिंह ने भी उद्योग को जिम्मेदाराना वृद्धि पर जोर देते हुए कहा कि शासन, पारदर्शिता और नैतिक आचरण को बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि उद्योग में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और तेज़ी से हो रहे नवाचार के बीच, अल्पकालिक लाभ के बजाय निवेशकों के हितों को प्राथमिकता देना ही म्यूचुअल फंड उद्योग की दीर्घकालिक सफलता की कुंजी होगी।
सेबी के इस स्पष्ट संदेश के बाद अब म्यूचुअल फंड कंपनियों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है कि वे निवेशकों की सुरक्षा और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

BPSC 71वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा 2025 : सामान्य ज्ञान की तैयारी से बढ़ेगा सफलता का रास्ता

पटना(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 71वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा 2025 अब बेहद नजदीक है। परीक्षा को लेकर अभ्यर्थी अंतिम तैयारी में जुट गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रतियोगी परीक्षा में सफलता का सबसे बड़ा आधार सामान्य अध्ययन (General Studies) और सामान्य ज्ञान (GK) है। यही विषय उम्मीदवारों के स्कोर को बढ़ाने और प्रतियोगिता में आगे निकलने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

क्यों अहम है सामान्य ज्ञान?

बीपीएससी परीक्षा में सामान्य अध्ययन का व्यापक दायरा होता है। इसमें इतिहास, भूगोल, राजनीति, अर्थव्यवस्था, विज्ञान, करंट अफेयर्स और बिहार विशेष से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। कई बार उम्मीदवार अन्य विषयों में अच्छा प्रदर्शन कर लेते हैं, लेकिन सामान्य अध्ययन में पीछे रह जाने से उनका चयन प्रभावित हो जाता है। ऐसे में जीके की अच्छी तैयारी परीक्षा में सफलता की कुंजी मानी जाती है।

किन टॉपिक्स पर करें फोकस विशेषज्ञों के अनुसार अंतिम दिनों में अभ्यर्थियों को इन टॉपिक्स पर खास ध्यान देना चाहिए:

बिहार विशेष – इतिहास, संस्कृति, भूगोल, राजनीति एवं आर्थिक परिदृश्य,भारत का संविधान एवं राजनीति विज्ञान – प्रमुख अनुच्छेद, संशोधन और समितियाँ,भारतीय इतिहास – स्वतंत्रता संग्राम, प्राचीन और मध्यकालीन इतिहास,अर्थव्यवस्था – मौद्रिक नीतियाँ, बजट, योजनाएँ और समसामयिक आर्थिक घटनाएँ,विज्ञान एवं तकनीक – बुनियादी विज्ञान के प्रश्न, हालिया खोजें और प्रौद्योगिकी,करंट अफेयर्स – राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाएँ, पुरस्कार, खेल, प्रमुख नियुक्तियाँ

मॉक टेस्ट और रिवीजन से मिलेगी बढ़त

परीक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि अंतिम तैयारी में लगातार मॉक टेस्ट देना और पहले से पढ़े हुए टॉपिक्स की रिवीजन करना सबसे ज्यादा फायदेमंद रहता है। इससे न केवल समय प्रबंधन में मदद मिलती है बल्कि प्रश्नों को हल करने की गति और आत्मविश्वास भी बढ़ता है।BPSC 71वीं परीक्षा 2025 की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह सही समय है कि वे सामान्य ज्ञान और सामान्य अध्ययन के महत्वपूर्ण सवालों की बार-बार प्रैक्टिस करें। इससे न केवल प्रीलिम्स में बढ़त मिलेगी बल्कि मुख्य परीक्षा में भी सफलता की संभावना मजबूत होगी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट से पूर्व सांसद उमाकांत यादव को राहत

प्रयागराज (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व सांसद उमाकांत यादव को बड़ी राहत दी है। हत्या के एक मामले में सजा काट रहे उमाकांत यादव को कोर्ट ने जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
गौरतलब है कि उमाकांत यादव लंबे समय से जेल में बंद थे। उनके अधिवक्ताओं ने जमानत के लिए याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने यह निर्णय सुनाया। कोर्ट के आदेश के बाद अब उमाकांत यादव की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।

विराट कोहली की वापसी पर सबकी निगाहें, ऑस्ट्रेलिया दौरे से होगा बड़ा इम्तिहान

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज़ विराट कोहली को मैदान पर देखे हुए काफ़ी वक्त बीत चुका है। क्रिकेट प्रेमियों ने उन्हें आखिरी बार आईपीएल 2025 के फाइनल मुकाबले में बल्लेबाज़ी करते हुए देखा था। इसके बाद से कोहली किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ में शामिल नहीं हुए।

कोहली ने इस साल इंग्लैंड में खेले गए एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी से पहले ही टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। यही कारण है कि वह ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज़ का हिस्सा नहीं बने। वहीं, कोहली पिछले साल टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, जिसके चलते वह एशिया कप 2025 में भी भारतीय टीम का हिस्सा नहीं होंगे।

अब कोहली की नज़रें ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हैं। टीम इंडिया का यह दौरा सीमित ओवरों का होगा, जिसमें तीन वनडे और पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले जाएंगे। इस दौरे की सबसे खास बात यह होगी कि कोहली वनडे प्रारूप में वापसी करेंगे, जिसे वह अपना सबसे पसंदीदा फॉर्मेट मानते हैं।

दौरे का आग़ाज़ अक्टूबर में होगा। भारत 19 अक्टूबर को पर्थ, 23 अक्टूबर को एडिलेड और 25 अक्टूबर को सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे खेलेगा। क्रिकेट विशेषज्ञ मानते हैं कि यह दौरा कोहली के लिए बेहद अहम साबित होगा, क्योंकि यहीं से वह 2027 विश्व कप की तैयारियों की शुरुआत करेंगे और यह साबित करने की कोशिश करेंगे कि वह अभी भी टीम के अहम सदस्य हैं।

कोहली के करियर के इस मोड़ पर हर क्रिकेट प्रेमी की निगाहें उनके प्रदर्शन पर टिकी रहेंगी। सवाल यही है कि क्या किंग कोहली एक बार फिर अपने बल्ले से वही जलवा बिखेर पाएंगे, जिसके लिए पूरी दुनिया उन्हें जानती है।

पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय ने जारी किया UG द्वितीय सेमेस्टर परीक्षा का एडमिट कार्ड

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) स्थित पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय (PPU) ने अंडरग्रेजुएट (UG) द्वितीय सेमेस्टर परीक्षा 2025 के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र अब अपना हॉल टिकट विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट ppuponline.in से डाउनलोड कर सकते हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना एडमिट कार्ड के किसी भी छात्र को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसलिए परीक्षार्थियों को समय रहते एडमिट कार्ड डाउनलोड कर उसकी प्रिंट कॉपी सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।

छात्रों को एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए अपना यूज़र आईडी और पासवर्ड लॉगिन पेज पर दर्ज करना होगा। एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र का नाम, रोल नंबर, विषयवार तिथि, समय और महत्वपूर्ण निर्देश दर्ज होंगे।

📌 एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की प्रक्रिया

  1. छात्र ppuponline.in पर जाएं।
  2. “Admit Card UG Semester II 2025” लिंक पर क्लिक करें।
  3. यूज़र आईडी और पासवर्ड डालकर लॉगिन करें।
  4. एडमिट कार्ड स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा।
  5. इसे डाउनलोड कर प्रिंट निकाल लें।

विश्वविद्यालय ने छात्रों को निर्देश दिया है कि वे एडमिट कार्ड पर दर्ज सभी जानकारियों की सही तरह से जांच कर लें और किसी भी त्रुटि की स्थिति में तुरंत विश्वविद्यालय प्रशासन से संपर्क करें।

👉 गौरतलब है कि पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय समय-समय पर अपने पोर्टल के माध्यम से परीक्षाओं से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराता है। ऐसे में छात्रों को नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करने की सलाह दी गई है।

इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक का शव दुकान में फंदे से लटका मिला, परिजनों ने हत्या का जताया आरोप – पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल

मुजफ्फरपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)जिले के मिठनपुरा थाना क्षेत्र के हरिसभा चौक में शनिवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां टीवी और मोबाइल रिपेयरिंग का काम करने वाले 38 वर्षीय मैकेनिक परेश पाल का शव उनकी ही इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान में फंदे से लटका मिला। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।

मृतक मूल रूप से पुरानी गुदरी के निवासी थे। परिजनों का कहना है कि परेश आत्महत्या नहीं कर सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी ने उनकी हत्या कर शव को फंदे से लटका दिया है। सबूत के तौर पर परिजनों ने बताया कि मृतक के मुंह पर टेप बंधा था और गले पर गहरे निशान थे, जो हत्या की ओर इशारा करते हैं।

घटना की जानकारी के अनुसार, परेश पाल शनिवार सुबह करीब 8 बजे नाश्ता करने के बाद घर से निकले थे। बेटे को स्कूल छोड़ने के बाद वे दुकान पहुंचे। पत्नी मौसमी पाल ने उन्हें कई बार कॉल किया लेकिन जवाब नहीं मिला। बाद में स्टाफ ने फोन उठाकर घबराते हुए कहा – “जल्दी आइए, भैया का शव फंदे से लटका है।” यह सुनते ही परिवार के लोग दौड़े-दौड़े दुकान पहुंचे। पत्नी मौके पर बेहोश होकर बार-बार गिर रही थी।

घटना की सूचना पाकर मिठनपुरा थाना पुलिस और SSP टाउन वन सुरेश कुमार मौके पर पहुंचे। शव को उतारने से पहले फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) टीम को बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ सकेगी।

करीब 15 साल पहले परेश की शादी मौसमी पाल से हुई थी। दंपती का एक 5 साल का बेटा भी है। अचानक हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। पत्नी का हाल बेहाल है और परिजन लगातार न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

घोर कलियुग है भाई

स्थानीय समाचार पत्रों का समाचार
मन को कितना विचलित कर देता है,
ऐसा लगता है, घोर कलियुग है, भाई
भाई, मित्र मित्र की हत्या कर देता है।

किसको दोष दिया जाय, उस बालक को,
जो हत्यारा बन कर कारागार में जायेगा,
या समाज को जहाँ ऐसा वातावरण बना,
प्रश्न जटिल है, क्या समाधान हो पाएगा।

आख़िर ऐसा क्या हो रहा है,
इस देश और इस दुनिया में,
भाई भाई का दुश्मन बन कर,
कुढ़ता है ईर्ष्या की अग्नी में।

नेता नेता का दुश्मन बनकर,
नेता को ही धूल चटाता है,
कोई गुंडा गुंडा बन करके,
एक गुंडे को मार गिराता है।

सामाजिक वैमनस्य की पराकाष्ठा,
हुआ पराभव मानवता की निष्ठा का,
गौतम, गांधी जी का देश भारत था,
हुआ अभाव, उनके पवित्र आदर्शों का।

फ़िल्में, टीवी सीरियल दिखलाते हैं,
दिन रात हिंसा व्यभिचार के नाटक,
आदित्य कर दिए गए बन्द भारत में,
सत्य, अहिंसा और शांति के फाटक।

क्या कोई गौतम फिर से पैदा होगा,
गांधी कोई फिर से भारत में आयेगा,
राम, कृष्ण की इस पावन धरती में,
आदित्य फिर कोई अधर्म मिटायेगा।

  • डा. कर्नल आदि शंकर मिश्र
    ‘आदित्य’

बाबा तामेश्वरनाथ धाम को कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के खलीलाबाद विधायक अंकुर राज तिवारी व जिलाधिकारी आलोक कुमार की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार में बाबा तामेश्वरनाथ धाम के पर्यटन विकास, सौंदर्यीकरण और कॉरिडोर के रूप में रूपांतरण की रूपरेखा तैयार करने को लेकर बैठक आयोजित हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) जयप्रकाश, मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी सहित अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में विधायक ने धाम परिसर व आसपास के स्थानीय निवासियों/गोसाईं जी से संवाद कर उनके सुझाव लिए। उन्होंने कहा कि तामेश्वरनाथ धाम का कॉरिडोर के रूप में विकास न केवल जनपद की सांस्कृतिक धरोहर को सशक्त करेगा बल्कि स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ भी मिलेगा।
विधायक ने धाम परिसर के सौंदर्यीकरण, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, गो-आश्रय स्थल के निर्माण तथा सोलर पैनल से विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने आश्वस्त किया कि कॉरिडोर परियोजना में स्थानीय लोगों व गोसाईं जी के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा और किसी का अहित नहीं होने दिया जाएगा।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी खलीलाबाद अरुण कुमार, पर्यटन अधिकारी विकास नारायण सहित संबंधित अधिकारी एवं स्थानीय ग्रामवासी उपस्थित रहे।

10 वर्षीय बच्चे की हत्या का खुलासा, मुख्य आरोपी गिरफ्तार – दो ने किया सरेंडर

सहरसा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) सहरसा जिले के कनरिया ओपी क्षेत्र में 10 वर्षीय मासूम की हत्या मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। साइबर डीएसपी अजीत कुमार ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि कनरिया थाना और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने हत्याकांड के मुख्य आरोपी को दबोच लिया है। वहीं पुलिस की दबिश के चलते दो अन्य अभियुक्तों ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया।

डीएसपी ने जानकारी दी कि अपराधियों का असली निशाना मासूम का पिता था, लेकिन गोलियों का शिकार उसका बेटा बन गया। 12 मई को सौरबाजार थाना क्षेत्र के विशनपुर वार्ड संख्या-12 निवासी रविन्द्र यादव के पुत्र मणिकांत कुमार (10 वर्ष) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद अपराधियों ने शव को कनरिया थाना क्षेत्र के हसुलिया गांव स्थित कोसी नदी के किनारे फेंक दिया था।

मामले की गंभीरता को देखते पुलिस अधीक्षक हिमांशु ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सिमरी बख्तियारपुर के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया। जांच के क्रम में पुलिस ने घटना के मुख्य आरोपी राजा उर्फ राजनंदन यादव (निवासी विशनपुर वार्ड-12, थाना सोनवर्षा कचहरी) को 22 अगस्त को सदर थाना क्षेत्र के कचहरी रोड से गिरफ्तार कर लिया।

डीएसपी अजीत कुमार ने बताया कि आरोपी राजा उर्फ राजनंदन यादव का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। सलखुआ थाना में उस पर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है।
उन्होंने कहा कि फरार अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन समिति की बैठक सम्पन्न

आगरा (राष्ट्र की परम्परा)l मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन अंतर्गत जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन समिति की बैठक विकास भवन में हुई।
सीडीओ ने सतही स्रोत आधारित पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि ग्रामीण व पीडब्ल्यूडी सड़कों की खुदाई व रीस्टोर की स्थिति की अलग-अलग रिपोर्ट तैयार कर प्रेजेंटेशन दें। उन्होंने जेसीबी से सड़क न काटने, केवल कटर मशीन के प्रयोग, एक मीटर गहराई में मानकानुसार पाइपलाइन डालने तथा समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण रीस्टोर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सिंचाई विभाग द्वारा नहर पटरी पर पाइपलाइन डालने की जानकारी दी गई, जिस पर सीडीओ ने एनओसी प्राप्त कर ही कार्य पूर्ण करने को कहा।
बैठक में एडीएम नमामि गंगे जुहैर बेग, जल निगम व सिंचाई विभाग के अभियंता, डीआईओएस, डीपीआरओ सहित संबंधित अधिकारी व कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

खेल शिक्षक का रहस्यमय अपहरण, पुलिस की जांच तेज

सासाराम (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) कोचस थाना क्षेत्र से एक बड़ा मामला सामने आया है। शुक्रवार की देर शाम मध्य विद्यालय कपसियां के खेल शिक्षक दिलीप कुमार रहस्यमय तरीके से लापता हो गए। आशंका जताई जा रही है कि अज्ञात अपराधियों ने उनका अपहरण कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, परसथुआं थाना क्षेत्र के रूपीबांध गांव निवासी श्रीनिवास सिंह के पुत्र दिलीप कुमार विद्यालय से छुट्टी के बाद बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान अपराधियों ने उन्हें रास्ते से उठा लिया। देर रात पुलिस को उनकी प्लेटिना बाइक (BR24Y1681) बलथरी कुटिया के पास लावारिस हालत में बरामद हुई।

परिजनों के अनुसार, अपहरणकर्ताओं ने दिलीप कुमार के मोबाइल से उनकी पत्नी को कॉल कर 5 लाख रुपये की फिरौती की मांग भी की है। इसके बाद से शिक्षक का मोबाइल फोन लगातार स्विच ऑफ मिल रहा है। इस घटना के बाद परिवार डरा-सहमा हुआ है।

सूचना मिलते ही एसपी रौशन कुमार खुद देर रात कोचस थाना पहुंचे और घटना की जानकारी ली। उन्होंने घटनास्थल तक जाने वाले रास्तों और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के निर्देश दिए। एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ-2 कुमार वैभव के नेतृत्व में पुलिस की कई टीमें अलग-अलग एंगल से जांच में जुटी हैं। थानाध्यक्ष रंजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि पुलिस हर पहलू पर काम कर रही है।

हालांकि, घटना के 24 घंटे बाद भी अपराधी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इससे शिक्षक के परिवार और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। यह मामला अब जिले में बड़ी चुनौती बन गया है और पुलिस पर अपहरणकर्ताओं तक पहुंचने का दबाव बढ़ गया है।

दाह संस्कार के दौरान कहासुनी ने लिया हिंसक रूप, चली गोली और पथराव में चार लोग गंभीर

सिकन्दरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

शनिवार को सिकंदरपुर थाना क्षेत्र कठौड़ा श्मशान घाट पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब दाह संस्कार के दौरान कहासुनी हिंसा में बदल गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों में मारपीट, ईंट-पत्थरबाजी और गोलीबारी शुरू हो गई। इस घटना में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई।
भटवाचक गांव निवासी 55 वर्षीय मंशा देवी पत्नी मिठाई लाल का शव लेकर परिजन घाट पर अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान पहले से मौजूद बनहरा गांव के लोगों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट शुरू हो गई और देखते-देखते ईंट-पत्थर चलने लगे। स्थिति यहां तक बिगड़ी कि गोलीबारी भी हो गई।
गोली लगने से 35 वर्षिय अमलेश और 30 वर्षिय वीरेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं ईंट-पत्थर की चपेट में आकर 75 वर्षिय इंद्रजीत ( और 68 वर्षी सुभाष राजभर जख्मी हो गए। सभी घायलों भटवा चक के निवासी है सभी को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गोली से घायल दोनों व्यक्तियों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहीं पथराव से घायल दो लोगों को भी गंभीर स्थिति देखते हुए जिला अस्पताल भेजा गया।
घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह व चौकी प्रभारी अश्वनी कुमार मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को काबू में किया और एहतियातन गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है। पुलिस का कहना है कि मामले की छानबीन की जा रही है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि दाह संस्कार जैसे मौके पर इस तरह की घटना अत्यंत शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है।

थाना समाधान दिवस पर सुनी गई 40 शिकायतें, डीएम-एसपी ने दिए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार व पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने संयुक्त रूप से थाना दुधारा में आयोजित थाना समाधान दिवस पर फरियादियों की समस्याओं को सुना।
थाना समाधान दिवस पर प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा में खलीलाबाद कोतवाली से राजस्व विभाग के 08 और पुलिस विभाग के 02, दुधारा से राजस्व विभाग के 04, धनघटा से 15, महुली से 06, मेंहदावल से 01 राजस्व और 01 पुलिस, बखिरा से 02, बेलहरकला से 01 तथा धर्मसिंहवा से कोई प्रकरण प्राप्त नहीं हुआ। इस प्रकार जिलेभर से कुल 37 प्रकरण राजस्व विभाग और 03 प्रकरण पुलिस विभाग से प्राप्त हुए।
डीएम व एसपी ने शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान स्थल निरीक्षण के बाद प्राथमिकता से किया जाए। साथ ही पुलिस विभाग को यह भी निर्देशित किया गया कि जिन प्रकरणों का निस्तारण उच्चाधिकारियों के स्तर से होना है, उन्हें रिपोर्ट सहित तत्काल प्रेषित किया जाए।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी खलीलाबाद अरुण कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी अजय सिंह, थानाध्यक्ष दुधारा इन्द्रभूषण सिंह समेत अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।