Friday, July 17, 2026
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राजकीय इन्दिरा उद्यान का उप निदेशक देवीपाटन मण्डल ने किया निरीक्षण

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। जिला उद्यान अधिकारी दिनेश चौधरी ने बताया कि उप निदेशक उद्यान, देवीपाटन मण्डल, गोण्डा गीता त्रिवेदी द्वारा राजकीय इन्दिरा उद्यान, बहराइच एवं कृषक प्रक्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। प्रगतिशील कृषक लालता प्रसाद गुप्ता, ग्राम सोहरवा, विकास खण्ड चित्तौरा, बहराइच के ताईवान अमरूद, किन्नों का निरीक्षण किया गया। साथ ही लालजी व कल्लूराम, ग्राम-रायपुर के मचान विविध से लौकी, खीरा एवं मिर्च प्रक्षेत्र का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय किसानों से उत्पादन, विपणन आदि से सम्बन्धित जानकारियों को साझा किया गया। निरीक्षण के समय दिनेश चौधरी, जिला उद्यान अधिकारी, बहराइच, पंकज वर्मा, योजना प्रभारी, जितेन्द्र सिंह, व.स. का.उ.नि.उ., देवीपाटन मण्डल गोण्डा व अन्य उपस्थित रहे।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना अंतर्गत हुए कार्यों का हुआ लोकार्पण

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। स्थानीय नगर पालिका परिषद गौरा बरहज के अंतर्गत सोमवार को नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता जायसवाल ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना 2024-25 के अंतर्गत स्वीकृत विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया।
वार्ड संख्या 14 नंदना दक्षिणी-पश्चिमी में रोमा के मकान से चंदा, महेश यादव, प्रभा यादव के मकान होते हुए डॉ. अमरेश सिंह के मकान तक तथा प्रभाकर की दुकान से राणा यादव के मकान होते हुए जंगली बासफोर के मकान तक सीसी रोड, नाली एवं स्लैब निर्माण कार्य पूरे किए गए। इन कार्यों पर क्रमशः 34.77 लाख एवं 35.93 लाख रुपये की लागत आई।
पालिका अध्यक्ष श्वेता जायसवाल ने कहा कि इन कार्यों से वार्डवासियों को बड़ी सुविधा होगी। उन्होंने कार्यों की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अवसर पर विनोद कुमार मद्देशिया, ज्ञान प्रकाश मिश्रा, रिंकू कसेरा, सत्येंद्र प्रधान, अरविंद रावत, अमित जायसवाल, मनोज गुप्ता, संतोष सिंह गहमरी, लालमोहन जायसवाल, मनोज सिंह, विशाल जायसवाल, अजय जायसवाल, घनश्याम कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।

अखिलेश यादव ने साधा भाजपा पर निशाना, बोले– “हनुमान जी को भी अंतरिक्ष यात्रा का श्रेय लेना चाहती है भाजपा”

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) समाजवादी पार्टी प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर की उस टिप्पणी की कड़ी आलोचना की, जिसमें उन्होंने कहा था कि “भगवान हनुमान अंतरिक्ष में सबसे पहले गए थे।” अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा हमेशा हर चीज़ का श्रेय लेने की कोशिश करती है, जबकि अंतरिक्ष विज्ञान जैसी उपलब्धियाँ वैज्ञानिकों की मेहनत और अंतरिक्ष यात्रियों की प्रतिबद्धता का परिणाम होती हैं।

अखिलेश यादव लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को बधाई दी, जो हाल ही में एक्सिओम-4 (AX-4) मिशन के तहत अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा पूरी करने वाले पहले भारतीय बने। यादव ने कहा—
“उन्होंने कई वर्षों तक कड़ी मेहनत और प्रशिक्षण के बाद यह सफलता हासिल की है। यह देश, उनके परिवार और विज्ञान जगत के लिए गर्व की बात है। ऐसे मिशन किसी राजनीतिक दल की बजाय वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष यात्रियों की निष्ठा से पूरे होते हैं।”

सपा अध्यक्ष ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा,
“अब वे कह रहे हैं कि हमारे भगवान हनुमान अंतरिक्ष में सबसे पहले गए थे। हम तो हमेशा कहते हैं कि हमारे देवता अंतरिक्ष में रहते हैं, लेकिन उपलब्धियों का श्रेय उन्हें देने के बजाय उन वैज्ञानिकों और युवाओं को मिलना चाहिए जिन्होंने दिन-रात मेहनत करके यह सफलता हासिल की है।”

गौरतलब है कि विवाद तब शुरू हुआ जब केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के ऊना स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में छात्रों से संवाद के दौरान कहा कि ज्ञान की परंपराएँ सिर्फ अंग्रेजों द्वारा लिखी गई पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। छात्रों से “अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले पहले व्यक्ति” का नाम पूछने पर जब बच्चों ने “नील आर्मस्ट्रांग” कहा, तो ठाकुर ने टिप्पणी की—
“मुझे लगता है कि हनुमान जी अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले पहले व्यक्ति थे।”

ठाकुर ने आगे कहा कि शिक्षकों को वेदों और भारतीय ज्ञान परंपरा से भी बच्चों को अवगत कराना चाहिए।

उधर, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने नासा के एक्सिओम-4 मिशन के तहत 25 जून 2025 को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से प्रस्थान किया था और 15 जुलाई को कैलिफ़ोर्निया के तट से लौटकर पृथ्वी पर आए। वे 41 साल बाद अंतरिक्ष जाने वाले पहले भारतीय हैं। 17 अगस्त को उनकी स्वदेश वापसी पर दिल्ली एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत हुआ।

अपनी मांगों को लेकर पूर्वांचल छात्र संघर्ष समिति का तिरंगा मार्च

डीएम को सौंपा ज्ञापन, समस्याओं के समाधान की मांग

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

विभिन्न समस्याओं को लेकर पूर्वांचल छात्र संघर्ष समिति के बैनर तले सोमवार को छात्रों ने तिरंगा यात्रा निकालते हुए कलेक्ट्रेट का घेराव किया। हाथों में तिरंगा लिए सैकड़ों छात्र व छात्र नेताओं ने जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया और पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। समिति के संयोजक नागेंद्र बहादुर सिंह ‘झुन्नू’ ने कहा कि पूरा बलिया जनपद बाढ़ की त्रासदी झेल रहा है, लेकिन राहत सामग्री केवल खानापूर्ति तक सीमित रही। बिजली, सड़क और स्वास्थ्य सेवाएं अब तक की सबसे बदतर स्थिति में हैं। उन्होंने छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग उठाई। इस पर डीएम ने आश्वासन दिया कि यदि विश्वविद्यालय नियमावली जारी करता है और महाविद्यालय से तिथि प्राप्त होती है तो चुनाव कराए जाएंगे।
छात्र नेताओं ने मेडिकल कॉलेज निर्माण को लेकर भी नाराजगी जताई। कहा कि पिछले वर्ष आंदोलन के बाद तत्कालीन डीएम ने जिला जेल परिसर को स्थान चिन्हित किया था, लेकिन आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद गोंडवाना ने आरोप लगाया कि डीएम के आदेश के बावजूद गोंड-खरवार जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं हो रहे, जिससे इस समाज के छात्रों को न प्रवेश मिल पा रहा है, न ही छात्रवृत्ति। वहीं छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष राहुल मिश्र ने कहा कि खरीफ फसलों के चरम सीजन में सहकारी समितियों पर यूरिया व खाद नदारद है, किसान महंगे दामों पर निजी दुकानों से खरीदने को मजबूर हैं। इस अवसर पर संचालन छात्र नेता धनजी यादव ने किया। अविनाश सिंह नंदन, मिथिलेश यादव, अनुपम उपाध्याय, आदित्य योगी, रितेश पांडेय, प्रमोद यादव, हरेंद्र यादव, अंकित ओझा, लक्ष्मी यादव, नीरज प्रताप सिंह, शिवा पासी, राज भारती, विशाल पाठक सहित सैकड़ों छात्र एवं छात्र नेता उपस्थित रहे

डायट सभागार में शुरू हुआ एफएलएन प्रशिक्षण, शिक्षकों को दी गई नई तकनीकों की जानकारी

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के सभागार में पांच दिवसीय फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमरेसी (एफएलएन) प्रशिक्षण का शुभारंभ हुआ। पहले दिन विभिन्न ब्लॉकों से आए लगभग 100 शिक्षकों को गणित एवं भाषा शिक्षण की प्रिंट समृद्ध सामग्री तथा मोबाइल एप के उपयोग की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण का शुभारंभ करते हुए डायट प्राचार्य धीरेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि “एफएलएन प्रशिक्षण का मूल उद्देश्य शिक्षकों को बच्चों की सीखने-समझने की प्रक्रिया को सरल, रोचक और प्रभावी बनाने के लिए नवीनतम शिक्षण तकनीकों से अवगत कराना है। इस प्रशिक्षण से शिक्षकों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और बच्चे भी सहज वातावरण में बेहतर ढंग से सीख पाएंगे।”
प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को प्रभावी ढंग से पढ़ाने और आवश्यक कौशल विकसित करने के प्रति जागरूक करना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में कक्षा 5 तक मातृभाषा या स्थानीय भाषा को शिक्षा का माध्यम बनाए जाने पर बल दिया गया है। इसी क्रम में स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा देने की दिशा में भी विशेष चर्चा की गई।
प्रथम दिवस के भाषा सत्र में प्रशिक्षकों ने लोकगीतों को पाठ्यक्रम से जोड़ने पर जोर दिया। तीज के अवसर पर शिक्षकों ने सोहर, कजरी और फगुआ जैसे पारंपरिक लोकगीत भी प्रस्तुत किए।
प्रशिक्षण सत्रों का संचालन धीरेन्द्र पांडे, आलोक सिंह, संदीप दुबे, अनीता जय सिंह और राजेश पांडे द्वारा दो समूहों में किया गया।
इस अवसर पर पूजा, अनामिका, मनभावती, महिमा, वंदना सिंह, तारा देवी, अंशुमान सलभ, जिलाजीत चौहान, गिरिजेश कुमार, मानसिंह, अनीश सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।

मेट्रो मिल्क फैक्ट्री में अमोनिया गैस लीक, 12 मजदूर फंसे, इलाके में अफरा-तफरी

जालंधर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)शहर में सोमवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कपूरथला रोड स्थित लेदर कॉम्प्लेक्स के पास मेट्रो मिल्क फैक्ट्री में अचानक अमोनिया गैस का रिसाव हो गया। गैस लीक होते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और फैक्ट्री के अंदर मौजूद मजदूर दम घुटने से परेशान हो गए।

सूत्रों के मुताबिक, हादसे के समय फैक्ट्री में करीब 30 से 40 कर्मचारी मौजूद थे, जिनमें से 12 मजदूर गैस की चपेट में आकर पहली मंजिल पर फंस गए। अचानक हुई इस घटना से फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दी। मौके पर राहत और बचाव दल पहुंचा और फंसे हुए मजदूरों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। गैस रिसाव रोकने के लिए तकनीकी टीम को भी मौके पर बुलाया गया है।

अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गैस लीक कैसे हुई, लेकिन शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने आसपास के इलाके को घेर लिया है ताकि लोग प्रभावित न हों।

घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी अलर्ट कर दिया गया। गैस लीक की गंभीरता को देखते हुए एहतियातन इलाके को खाली कराया जा रहा है।

इस हादसे के बाद आसपास के उद्योगों और कॉलोनियों में दहशत का माहौल है। फैक्ट्री प्रबंधन से इस संबंध में जवाब तलब किया जा रहा है।

दौसा और सवाई माधोपुर में बारिश का कहर: सुरवाल बांध के ओवरफ्लो से गांव जलमग्न, सैकड़ों घर प्रभावित

दौसा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) राजस्थान में बीते 24 घंटों से लगातार हो रही बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। दौसा जिले में जहां लगातार बारिश से सड़कों पर जलभराव हो गया है और निचले इलाके पानी में डूब गए हैं, वहीं सवाई माधोपुर जिले में सुरवाल बांध के ओवरफ्लो होने से तबाही का मंजर सामने आया है।

दौसा में सड़कों पर भरा पानीदौसा शहर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बारिश के चलते हालात बेहाल हैं। निचले इलाकों में पानी भर गया है और कई सड़कें नदी जैसी दिखाई दे रही हैं। जलभराव से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई घंटों से घरों में पानी घुस गया है और बिजली व्यवस्था भी चरमराई हुई है।

सुरवाल बांध से उपजी आफत सवाई माधोपुर जिले में लगातार बारिश ने हालात और गंभीर कर दिए हैं। सुरवाल बांध के ओवरफ्लो होने से रविवार को बांध के पास की ज़मीन धंस गई, जिससे एक विशाल गड्ढा बन गया। इस धंसाव ने गांवों तक पहुंचने वाले रास्ते काट दिए और चारों ओर पानी भर गया।

सुरवाल, धनोली, गोगोर, जड़ावता, शेषा और मच्छीपुरा सहित कई गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। सैकड़ों घरों में पानी भरने से लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। गांव के खेत और फसलें भी पानी में डूब गई हैं।

प्रशासन अलर्ट पर हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम राहत और बचाव कार्य में जुट गई है। प्रभावित गांवों में नावों और ट्रैक्टरों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे निचले इलाकों से दूर रहें और सावधानी बरतें।

आमजन परेशान दौसा और सवाई माधोपुर दोनों ही जिलों के हालात फिलहाल चिंताजनक बने हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश ने उनकी रोज़मर्रा की जिंदगी अस्त-व्यस्त कर दी है। बच्चों की पढ़ाई से लेकर कामकाज तक सब ठप हो गया है। वहीं, किसानों की मेहनत की फसलें बाढ़ में बहने का खतरा मंडरा रहा है।

“अस्पताल रोड पर बेसहारा जिंदगी: छह महीने से विक्षिप्त हाल में पड़ा युवा, न प्रशासन जागा न समाज”

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)जिला मुख्यालय की सबसे व्यस्त मानी जाने वाली अस्पताल रोड, जहां से रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं—लेकिन इसी सड़क के किनारे विगत छह माह से एक लावारिस युवा विक्षिप्त अवस्था में जीवन और मौत के बीच जूझ रहा है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि वन स्टॉप जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज जैसी बड़ी स्वास्थ्य सुविधाओं के बीच खुले आसमान के नीचे जिंदगी काट रहा यह युवक क्यों आज तक इलाज और सहारा से वंचित है?

भोजन तो मिलता है… इलाज कौन करेगा?

राह चलते लोग और एक समाजसेवी संगठन की भोजन गाड़ी से उसका पेट तो कभी-कभी भर जाता है, लेकिन शरीर की बिगड़ती हालत और बेसुध पड़ी स्थिति यह सवाल खड़ा करती है कि क्या सिर्फ दो वक्त की रोटी ही जीवन का सहारा है, इलाज नहीं?

प्रशासन और समाज की बेरुखी

यहां प्रशासनिक अमले की चुप्पी और सामाजिक संगठनों की नदारद भूमिका सबसे ज्यादा खटकती है। शहर में सक्रिय तमाम स्वयंसेवी संस्थाएं हर वक्त अपने “सामाजिक कार्य” का बखान करती हैं, लेकिन सड़क पर तड़पते इस बेसहारा युवक तक कोई नहीं पहुंचा। वहीं प्रशासनिक तंत्र भी मानो आंख मूंदे बैठा है।

अगर समय पर हाथ बढ़े होते…

स्थानीय लोग बताते हैं कि यदि प्रशासन या कोई संस्था समय रहते आगे आती, तो संभव था कि यह युवक अपने परिजनों तक पहुंच जाता या कम से कम उसका इलाज शुरू हो पाता। लेकिन आज वह बेसुध हालत में पड़ा है—और शायद धीरे-धीरे जिंदगी की डोर टूट रही है।

शहर का आइना

जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज जैसी स्वास्थ्य संस्थाओं के सामने पड़ा यह नजारा न सिर्फ प्रशासनिक संवेदनहीनता को उजागर करता है, बल्कि समाज की सामूहिक बेरुखी का आईना भी दिखाता है।

जनपद स्तरीय छात्रवृत्ति अनुश्रवण समिति की बैठक संपन्न

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार के निर्देशानुसार मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय छात्रवृत्ति अनुश्रवण समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई।
बैठक में पूर्वदशम (कक्षा 9-10) एवं दशमोत्तर (कक्षा 11-12) छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति योजनान्तर्गत (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग) संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार 02 अक्टूबर 2025 तक अधिकतम पात्र छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति की धनराशि वितरित की जानी है। इसके लिए सभी शिक्षण संस्थानों को अपनी प्रोफाइल तत्काल लॉक करने और छात्रों के ऑनलाइन आवेदन 31 अगस्त 2025 तक अनिवार्य रूप से अग्रसारित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी रवीश चंद्र ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 से सभी छात्रों के लिए ओटीआर (OTR) पंजीकरण अनिवार्य होगा। नवीनीकरण छात्रों के आवेदन संस्था स्तर से रिसीव, वेरिफाई एवं बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण के बाद अग्रसारित किए जाएंगे। साथ ही पिछली कक्षा के प्राप्तांक, पूर्णांक एवं उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल माता/पिता/अभिभावक की समस्त स्रोतों से वार्षिक आय का प्रमाणपत्र ही मान्य होगा।
इसके अतिरिक्त सभी संस्थानों के लिए UDISE कोड आवश्यक है तथा जिन निजी संस्थानों में अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र अध्ययनरत हैं उनका एनएसपी (NSP) पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा। योजना का लाभ एक ही परिवार के सभी बच्चों को मिलेगा, लेकिन इसका लाभ लेने वाला छात्र किसी अन्य छात्रवृत्ति के लिए पात्र नहीं होगा।
मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों और संस्थानों को निर्देश दिया कि समय-सीमा का कड़ाई से पालन करते हुए छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र छात्र तक पहुँचाना सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी रवीश चंद्र, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार मिश्र, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी चंद्रशेखर यादव, अधीक्षक समाज कल्याण बैजनाथ गुप्ता, सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज सहित विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

सरकारी आवास निर्माण के लिए पीड़ित महिला के घर आकर दिया फर्जी चेक

दफ्तर खर्च के नाम पर माँग रहे थे सात हजार रूपये, नकदी न मिलने पर लाखों का जेवर लेकर हुए फरार

मऊ ( राष्ट्र की परम्परा ) जनपद में आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने संबंधी पुलिस की तमाम प्रतिबद्धताओं के बावजूद अपराधी बेखौफ होकर अपने नापाक मंसूबों को परवान चढ़ाते देखे जा रहे हैं। गत रविवार को जनपद के मधुबन थानान्तर्गत सिपाह इब्राहिमाबाद बाजार निवासिनी कुसुम देवी पत्नी संजय राजभर को झांसा देकर जेवर हथियाने का मामला प्रकाश में आया है |जानकारी के अनुसार रविवार को दोपहर बाद 12 बजे के आस – पास बाइक सवार 2 अज्ञात युवक कुर्मीटोला के निकट नहर स्थित कुसुम देवी पत्नी संजय राजभर के घर आकर उसे आवास निर्माण हेतु एक चेक देकर दफ्तर खर्च के रूप में सात हजार रूपयों की माँग करने लगे |

घर में अकेली महिला द्वारा जब पास में नकद रुपये न होने की बात बताई गई तब जालसाजों ने तात्कालिक तौर पर कोई आभूषण देने की बात कही , साथ ही यह भी कहा कि दो – तीन के अंदर जब वह सात हजार रूपये लेकर तहसील स्थित उनके कार्यालय में आएगी तब उसका जेवर उसे लौटा दिया जाएगा | कुसुम देवी ने ठगों के झाँसे में आकर अपना एक तोले वजन का स्वर्ण निर्मित झालर जिसकी कीमत लगभग एक लाख रुपये बताई गई है, ठगों को दे दिया जिसके तुरंत बाद ठग वहाँ से चंपत हो गए |कुछ देर बाद जब महिला द्वारा पूरा मामला अपने पति को बताया गया तब खुद को ठगी का शिकार हुआ जान पति – पत्नी दोनों ने अपना सिर पीट लिया | महिला द्वारा घटना की लिखित सूचना पुलिस को दे दी गई है |

बलिया में पुलिस की बड़ी कार्रवाई : 13 लाख से अधिक की अवैध अंग्रेजी शराब बरामद, टाटा पिकअप सीज

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

पुलिस अधीक्षक श्री ओमवीर सिंह के निर्देशन में जनपद में अवैध शराब तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में बैरिया थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) कृपा शंकर के निकट पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी बैरिया मो0 फहीम कुरैशी एवं प्रभारी निरीक्षक बैरिया मूलचन्द्र चौरसिया के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।
सोमवार को उ0नि0 सरीमन सोनकर अपनी पुलिस टीम के साथ संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक टाटा पिकअप (संख्या UP60T 6248) पर अवैध अंग्रेजी शराब लादकर जयप्रकाश नगर की ओर जा रही है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने नीलम देवी डिग्री कालेज के पास उक्त वाहन को रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखकर शराब उतार रहे कुछ लोग मौके से फरार हो गए।
वाहन की जांच ई-चालान ऐप से की गई, जिसमें वाहन स्वामी सोनू कुमार पुत्र जोगेंद्र निवासी जगदीशपुर, थाना कोतवाली बलिया अंकित पाया गया। वाहन की तलाशी में भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद हुई, जिसमें—
ब्लेंडर्स प्राइड : 4 पेटी (48 बोतल, 36 लीटर) रॉयल स्टेज : 78 पेटी (936 बोतल, 702 लीटर) रॉयल स्टेज (375 एमएल) : 3 पेटी (72 बोतल, 27 लीटर) आफ्टर डार्क ब्लू : 88 पेटी (4224 बोतल, 760.320 लीटर)
कुल मिलाकर 1525.320 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 13,39,920 रुपये आंकी गई है। बरामद वाहन को धारा 207 एमवी एक्ट के तहत सीज कर दिया गया।
थाना बैरिया पुलिस ने वाहन स्वामी के विरुद्ध मु0अ0सं0 314/25 धारा 60(1) आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही शुरू कर दी है।

छात्र किस दिशा में जा रहे हैं?

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“शिक्षा, संस्कार और समाज की जिम्मेदारी : बदलते छात्र-शिक्षक संबंध और सही दिशा की तलाश”

आज शिक्षा केवल अंक और नौकरी तक सीमित हो गई है। नैतिक मूल्य और संस्कार बच्चों की प्राथमिकता से गायब होते जा रहे हैं। परिणामस्वरूप शिक्षक-छात्र संबंधों में खटास बढ़ रही है और अनुशासनहीनता सामने आ रही है। यदि परिवार, समाज, शिक्षक और प्रशासन मिलकर सही कदम नहीं उठाएँगे तो आने वाली पीढ़ी गलत दिशा में बढ़ सकती है। शिक्षा को केवल ज्ञान का माध्यम नहीं बल्कि चरित्र निर्माण और जीवन-मूल्य का आधार बनाना होगा, तभी हम कह पाएंगे कि हमारे छात्र सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
समाज का दर्पण कहलाने वाला विद्यालय आज एक गहरी चिंता का विषय बन गया है। जहाँ पहले शिक्षा का अर्थ केवल ज्ञान नहीं बल्कि संस्कार, अनुशासन और नैतिकता था, वहीं अब कुछ घटनाएँ यह सोचने पर मजबूर कर रही हैं कि हमारे छात्र आखिर किस दिशा में जा रहे हैं। हाल ही में हरियाणा के भिवानी जिले के ढाणा लाडनपुर गाँव के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में हुई घटना, जहाँ एक छात्र ने अपने ही शिक्षक पर हमला कर दिया, यह सवाल और गंभीर हो जाता है। यह घटना सिर्फ एक शिक्षक और एक छात्र के बीच का विवाद नहीं बल्कि पूरे शिक्षा-तंत्र और समाज के लिए चेतावनी है।
भारतीय परंपरा में गुरु को ईश्वर से भी उच्च स्थान दिया गया है – गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरु देवो महेश्वरः। लेकिन आज की वास्तविकता यह है कि कई जगहों पर शिक्षक-छात्र संबंधों में खटास बढ़ती जा रही है। पहले शिक्षक की डांट को भी विद्यार्थी प्यार और मार्गदर्शन मानते थे, आज वही डांट अपमान या प्रताड़ना लगती है। मोबाइल और इंटरनेट ने छात्रों को स्वतंत्रता तो दी है, लेकिन साथ ही उनमें अहंकार और अनुशासनहीनता भी बढ़ाई है।
किसी भी बच्चे के व्यक्तित्व की नींव घर पर रखी जाती है। अगर घर में अनुशासन, संस्कार और मर्यादा का माहौल होगा तो बच्चा वही सीखेगा। लेकिन आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में माता-पिता बच्चों को समय नहीं दे पा रहे। टेलीविज़न, मोबाइल और सोशल मीडिया बच्चों के ‘गुरु’ बन गए हैं। नशे और हिंसा जैसी प्रवृत्तियों तक छात्रों की पहुँच आसान हो चुकी है। नतीजा यह कि जब शिक्षक बच्चे को सही राह दिखाने की कोशिश करता है, तो छात्र उसे रोक-टोक या बंधन मानकर विद्रोह कर बैठता है।
वर्तमान शिक्षा प्रणाली का सबसे बड़ा संकट यह है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी और अंक तक सीमित रह गया है। नैतिक शिक्षा, जीवन मूल्य और चरित्र निर्माण पर जोर लगभग समाप्त हो गया है। बच्चों को ‘क्या बनना है’ यह तो सिखाया जा रहा है, लेकिन ‘कैसा इंसान बनना है’ यह कहीं खो गया है। प्रतियोगिता की दौड़ में छात्रों पर दबाव इतना बढ़ गया है कि उनमें सहनशीलता और धैर्य की जगह अधीरता और आक्रामकता ने ले ली है।
एक छात्र का अपने शिक्षक पर हमला करना केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं है, बल्कि यह पूरी शिक्षा प्रणाली और समाज के लिए शर्मनाक है। इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं। शिक्षक छात्रों को अनुशासित करने से कतराएँगे, विद्यालय की गरिमा को आघात पहुँचेगा और समाज में गलत संदेश जाएगा कि यदि छात्र ही शिक्षक का आदर नहीं करेंगे तो समाज में वरिष्ठों और बड़ों के प्रति सम्मान कैसे बना रहेगा।
इस तरह की घटनाएँ केवल विद्यालय स्तर की समस्या नहीं हैं, बल्कि यह कानून-व्यवस्था से भी जुड़ी हैं। ऐसे मामलों में तुरंत और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि छात्र और अभिभावक दोनों यह समझें कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऐसे बच्चों के पुनर्वास और परामर्श की भी व्यवस्था हो।
अगर हमें छात्रों को सही दिशा में ले जाना है तो केवल सजा या डर से यह संभव नहीं होगा। इसके लिए बहुआयामी कदम उठाने होंगे। परिवार को बच्चों के साथ संवाद बढ़ाना होगा और घर में अनुशासन और संस्कार का वातावरण बनाना होगा। शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता है, पाठ्यक्रम में नैतिक शिक्षा, मूल्य-आधारित शिक्षा और चरित्र निर्माण की गतिविधियाँ अनिवार्य की जानी चाहिए। शिक्षक को भी बच्चों की मानसिकता को समझते हुए संवाद की शैली बदलनी होगी। डांट या डर की बजाय समझाना और विश्वास दिलाना होगा। विद्यालयों में काउंसलिंग कक्ष अनिवार्य होने चाहिए और आक्रामक प्रवृत्ति वाले बच्चों को समय पर मनोवैज्ञानिक सहायता दी जानी चाहिए। समाज और मीडिया को भी अपनी भूमिका निभानी होगी, हिंसक और नकारात्मक सामग्री के प्रभाव को कम करना होगा और सकारात्मक आदर्श प्रस्तुत करने होंगे। “छात्र किस दिशा में जा रहे हैं?” यह सवाल केवल एक घटना से उपजा हुआ प्रश्न नहीं है, बल्कि पूरे समाज की स्थिति पर एक गहरा चिंतन है। यदि आज ही हम बच्चों को अनुशासन, सम्मान और संस्कार की सही राह नहीं दिखाएंगे तो आने वाली पीढ़ी में शिक्षक-छात्र संबंध और समाज की संरचना दोनों कमजोर हो जाएँगे। समाधान परिवार, विद्यालय, समाज और प्रशासन—सभी के संयुक्त प्रयास में छिपा है। शिक्षा केवल डिग्री दिलाने का माध्यम न होकर चरित्र निर्माण और जीवन मूल्य का संस्कार बने, तभी हम कह पाएंगे कि हमारे छात्र सही दिशा में जा रहे हैं।

  • डॉ. प्रियंका सौरभ

नगर पंचायत छितौनी में मछली हेतु दुकानों के निर्माण एवं फीस फूड की स्थापना पर डीएम ने दिया जोर

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत जन सामान्य को विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन करने हेतु जिला स्तरीय समिति के समक्ष डीएलसी की कार्यवाही संबंधी आवश्यक बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न की गई।समीक्षा बैठक दौरान मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना अंतर्गत पट्टे के तालाबों में मत्स्य पालन हेतु 66 आवेदनों को ऑनलाइन स्वीकृत होने, तथा अपात्र 19 आवेदनकर्ताओं का विवरण भी प्रस्तुत किया गया जिसके अंतर्गत आवेदन निरस्त होने के कारणों का भी उल्लेख किया गया। इसी प्रकार मत्स्य बीज बैंक की स्थापना हेतु 4 आवेदनों को स्वीकृत एवं एक आवेदन का पोर्टल पर निरस्त होने की जानकारी दी गई।जिलाधिकारी द्वारा समीक्षा दौरान पट्टा आवंटन संबंधी एक पत्रावली का अवलोकन भी किया गया, उन्होंने निर्देशित किया कि नियमों के अंतर्गत ही कोई भी लाभ देने का कार्य करें। उन्होंने अपात्रों की सूची पोर्टल पर अपलोड किए जाने का निर्देश दिए। सीएम डैश बोर्ड पर प्रदर्शित विगत मार्क्स का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस बार नंबर कटना नहीं चाहिए अन्यथा कार्यवाही की जाएगी। समीक्षा दौरान समितियों के गठन की जानकारी, केसीसी, विभाग द्वारा नई योजनाओं की जानकारी, जनपद में कितने का बीमा हुआ,आदि विस्तृत रूप से जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने जनपद में चेफुआ मछली एवं अन्य मांग वाली मछलियों के मार्केट को बढ़ावा दिए जाने संबंधी विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए कहा कि नगर पंचायत छितौनी में ईओ से वार्ता कर दुकान बनवाए जाने के क्रम में पहल की जाएगी। उन्होंने कहा कि फीस मार्केट को मॉडर्न के रूप में विकसित किए जाएंगे, तथा फीस फूड के स्थापना के संबंध में भी चर्चा करते हुए इस पर कार्य किए जाने निर्देश दिए।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी गुंजन द्विवेदी, डीएसटीओ श्रवण कुमार, उप निदेशक /सहायक निदेशक मत्स्य ब्रजेश कुमार, सहित अन्य सभी समिति के सदस्य गण उपस्थित रहे।

बांसी नदी एवं हिरण्यवती नदी का पुनरोद्धार दिसंबर तक पूर्ण करने का है लक्ष्य-डीएम

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता व मुख्य विकास अधिकारी गुंजन द्विवेदी की उपस्थिति में आज जनपद के बांसी नदी एवं हिरण्यवती नदी के पुनरोद्धार हेतु एक आवश्यक बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सभी संबंधित अधिकारियों के साथ आवश्यक बैठक आयोजित की गई।पौराणिक बांसी नदी को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से बैठक दौरान बांसी नदी (कुल लंबाई 85 किमी) रेगुलेटर से पिपरा घाट तक के सर्व प्रथम रेवेन्यू टीम द्वारा चिन्हांकन किए जाने का निर्देश अपर जिलाधिकारी को दिए गए तथा कहीं अवैध कब्जा हो उसे मुक्त कराने का निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने रेवेन्यू संबंधित कार्य हेतु एडीएम वि0/रा0 को नोडल अधिकारी नामित करते हुए निर्देशित किया गया कि एक टीम का गठन करते हुए चिन्हांकन संबंधी कार्य तत्काल शुरू कराएं उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि बांसी नदी के उद्धार हेतु विस्तृत कार्य योजना तैयार कर अलग अलग जिम्मेदारी तय करते हुए आगामी दस दिनों में दुबारा होने वाली बैठक में प्रस्तुत की जाय। जिलाधिकारी ने बिंदुवार चर्चा करते हुए कहा कि मजदूर /मशीनों /स्वयंसेवी संस्थाओं व आमजन के सहयोग से ही ये कार्य संभव हो पाएगा, इसके लिए सभी संबंधित अपने स्तर से प्रभावी कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि जिनके पास इस कार्य में जो मशीनें हों दे कर सहयोग करें, डीजल की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा कर लिया जाएगा, उन्होंने श्रमदान हेतु विभिन्न संगठनों एवं आमजन से सहयोग हेतु प्रेरित किए जाने पर बल देते हुए प्रभावी कार्यवाही किए जाने का निर्देश संबंधित को दिए। उन्होंने कहा कि सभी कार्यवाहियां पूर्ण होने पश्चात एक तिथि निर्धारित कर अभियान के रूप में इस कार्य को पूर्ण कराया जाएगा । जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड से बांसी नदी में हमेशा पानी बनाए रखने के दृष्टिकोण से विस्तृत चर्चा कर इसे विभिन्न रजवाहों तथा अन्य नदियों से जोड़ने पर विचार विमर्श भी किया गया। जिलाधिकारी ने नदी में पानी हमेशा बनाए रखने के प्लान को भी कार्ययोजना में शामिल किए जाने का निर्देश दिए। भरपुरवा रेगुलेटर को खोलने पर क्या प्रभाव पड़ सकता है इसके बारे में भी जानकारी ली गई । जिलाधिकारी ने कहा कि मन, मनोयोग, मनोबल, मशीन एवं मनरेगा, जन सहयोग को मूलमंत्र बनाकर इस नदी को पुनर्जीवित करने में मां0 जन प्रतिनिधि गणों, ग्राम प्रधान गण, विभिन्न संगठनों, एवं आमजन से सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कार्य हेतु धन की कमी आड़े नहीं आएगी जिला प्रशासन धन की व्यवस्था करेगा, सभी विकल्पों को अमल में लाते हुए दिसंबर तक इस कार्य की पूर्ण कर लिए जाएगा। कुशीनगर स्थित हिरण्यवती नदी की साफ सफाई एवं निरंतर जल प्रवाह बनाए रखे जाने की भी समीक्षा कर अधि0 अभि0 सिंचाई को कार्ययोजना तैयार किए जाने एवं अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 को नोडल अधिकारी नामित करते हुए कमेटी गठन किए जाने हेतु निर्देशित किया गया। तथा कार्य योजना में कितने सेक्शन बनेंगे कहां से कहां तक किसकी जिम्मेदारी दी जानी है सभी का उल्लेख किया जाएगा।जिलाधिकारी ने कहा कि ये कार्य भी माह दिसंबर तक पूर्ण कर लिए जाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि बांसी नदी एवं हिरण्यवती नदी के दोनों कार्यों हेतु लगभग रुपए डेढ़ करोड़ की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा कर लिया जाएगा, इसके अतिरिक्त और भी धन की जरूरत पड़ेगी तो व्यवस्था कर ली जाएगी।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी गुंजन द्विवेदी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव मिश्रा, अधिशासी अभियंता सिंचाई, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड, डीसी मनरेगा, डीपीआरओ, सहित अन्य सभी संबंधित अधिकारी गण उपस्थित रहे।

भजन ही है भगवान तक पहुँचने का साधन- रमेश भाई शुक्ला

शाहजहाँपुर (राष्ट्र की परम्परा)। खिरनीबाग स्थित रामलीला मैदान में चल रहे 11 दिवसीय श्रीराम कथा अमृत महोत्सव के तृतीय दिवस पर,अंतरराष्ट्रीय कथा व्यास रमेश भाई शुक्ला ने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम की लीला सुनाते हुए बताया कि धर्म की स्थापना हेतु भगवान समय-समय पर अवतार लेते हैं। उन्होंने कहा कि जब प्रत्येक हृदय में श्रीराम का अवतरण होगा और हर व्यक्ति राम जी के आदर्शों पर चलना शुरू करेगा, तभी सच्चे अर्थों में राम राज्य की स्थापना होगी। कथा व्यास ने यह भी समझाया कि भजन ही भगवान को प्राप्त करने का एकमात्र साधन है। जब साधक को भजन के बिना जीवन व्यर्थ लगे, तब समझना चाहिए कि वह भगवान के बहुत निकट है। आज की कथा में श्रीराम जन्मोत्सव का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें हजारों भक्तों ने भावपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम संयोजक पंडित निर्मल शास्त्री, राष्ट्रीय अध्यक्ष राम नाम जागरण मंच ने बताया कि राम कथा सुनने का सबसे बड़ा प्रमाण यही है कि इसका प्रभाव श्रोताओं के जीवन में अवश्य दिखता है, और जीवन राम जी के आदर्शों के अनुरूप हो जाता है। आज का प्रसाद भंडारा अतुल गुप्ता राम पुस्तक सदन के सौजन्य से कराया गया। आज की कथा में डॉक्टर विजय पाठक, डॉक्टर सत्य प्रकाश मिश्रा, नगर आयुक्त विपिन मिश्रा, हरि शरण बाजपेई, नामित दीक्षित, ब्लॉक प्रमुख खुटार श्रीधर शुक्ला, ब्लॉक प्रमुख कांट हरिओम पांडे, नीरज बाजपेई, हरि शुमरान दीक्षित द्वारा कथा विश्राम पर व्यास पीठ का आरती पूजन किया गया।इसके उपरांत कथा श्रोताओं को प्रसाद वितरण व भंडारा कराया हरिओम पांडे ने।