Friday, July 17, 2026
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सड़कें तेज़ी से बन रही हैं, लेकिन सुरक्षा पीछे छूट गई – हर साल लाखों ज़िंदगियाँ दांव पर

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)भारत आज गर्व से दुनिया को बता रहा है कि वह सबसे तेज़ी से सड़कें बनाने वाला देश है। हर महीने हज़ारों किलोमीटर नई सड़कें बिछ रही हैं, एक्सप्रेसवे और हाईवे का जाल लगातार फैल रहा है। यह उपलब्धि निस्संदेह विकास की रफ्तार का प्रतीक है।

लेकिन इस उपलब्धि के पीछे एक कटु और दर्दनाक सच्चाई भी छिपी है – भारत में हर साल सड़क दुर्घटनाओं में लाखों लोगों की जान चली जाती है। सुबह से लेकर शाम तक, अख़बारों और चैनलों पर सड़क हादसों की खबरें सुर्खियों में छाई रहती हैं।

तेज़ रफ्तार बनाम सुरक्षित सफर – एक विडंबना विडंबना यह है कि जिस देश में सड़क निर्माण की गति को वैश्विक मानकों पर गिना जाता है, वहीं सड़क सुरक्षा की हालत दुनिया में सबसे खराब है। नई-नई सड़कें बन रही हैं, मगर उन सड़कों पर चलने वाले यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही।

नीतियाँ केवल इन्फ्रास्ट्रक्चर तक सीमित दिखाई देती हैं, जबकि मानवीय जीवन की सुरक्षा को दरकिनार कर दिया गया है। सवाल यह उठता है कि आखिर खामी कहाँ है? समस्या की जड़ें

मोटर व्हीकल एक्ट में सख्त प्रावधान तो हैं, लेकिन अधिकतर राज्य इन्हें आधे-अधूरे तरीके से लागू करते हैं।

हाईवे पर तेज़ रफ्तार के लिए तो जगह है, मगर पैदल यात्रियों, साइकिल चालकों और ग्रामीण यातायात के लिए सुरक्षित लेन का अभाव है।शराब पीकर गाड़ी चलाना, हेलमेट और सीट बेल्ट न पहनना आम बात बन चुकी है। दुर्घटना के बाद समय पर इलाज न मिलना मौतों की सबसे बड़ी वजह है।

तेज़ रफ्तार = विकास? या सुरक्षित रफ्तार = सतत विकास? ऐसा लगता है मानो सरकारों ने यह मान लिया है कि तेज़ रफ्तार ही विकास है, जबकि हकीकत यह है कि सुरक्षित रफ्तार ही सतत विकास है। यदि हर साल लाखों लोग इन सड़कों पर मरते रहेंगे, तो क्या इन्हें असली प्रगति कहा जा सकता है?

आगे की राह क्या हो? विशेषज्ञों का मानना है कि अब सड़क सुरक्षा को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाया जाना चाहिए। इसके लिए ज़रूरी है कि–नए हाईवे और एक्सप्रेसवे का डिज़ाइन मानव जीवन केंद्रित हो।

स्कूल स्तर से ट्रैफिक शिक्षा अनिवार्य की जाए। हर दुर्घटना स्थल से 50 किमी के दायरे में ट्रॉमा सेंटर और एंबुलेंस नेटवर्क सुनिश्चित किया जाए। ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए।

मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं एवं बालिकाओं को किया गया जागरूक

सिकन्दरपुर/बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। पुलिस अधीक्षक बलिया ओमवीर सिंह के निर्देशन एवं आदेश के अनुपालन में थाना सिकन्दरपुर पर मंगलवार को मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं एवं बालिकाओं को उनकी सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं और प्रावधानों की जानकारी दी गई। उन्हें महिला हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन नंबर 112, महिला हेल्पलाइन 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, बाल हेल्पलाइन 1098, एम्बुलेंस सेवा 102/108 तथा साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के उपयोग एवं महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इन हेल्पलाइन नंबरों का उद्देश्य महिलाओं एवं बच्चों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराना है। साथ ही यह भी बताया गया कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति या समस्या आने पर बिना झिझक इन नंबरों का प्रयोग करें। मिशन शक्ति अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को आत्मनिर्भर एवं सुरक्षित बनाना है। थाना स्तर पर चलाए जा रहे ऐसे कार्यक्रमों से समाज में सुरक्षा की भावना और अधिक सुदृढ़ हो रही है।

युवती से सामूहिक दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार

लिफ्ट देने के बहाने बाइक सवार दो युवकों ने किया शर्मनाक कृत्य

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।
देवरिया जिले के सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में सोमवार की रात एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने सनसनी फैला दी।

सूत्रों के अनुसार, युवती अपने घर से मौसी के घर जा रही थी। रास्ते में बाइक सवार दो युवकों ने उसे लिफ्ट दी और सुनसान स्थान पर ले जाकर मुंह दबाकर दुष्कर्म किया। शोर मचाने पर आरोपी मौके से भाग निकले।

घटना की जानकारी ग्रामीणों को मिली तो वे मौके पर पहुंचे और पीड़िता से आपबीती जानकर तुरंत यूपी-112 पर पुलिस को सूचना दी।

सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने गंभीरता से मामले की जांच शुरू कर दी। डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए।

पुलिस अधीक्षक देवरिया ने बताया कि दो युवकों ने वारदात को अंजाम दिया था, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।

इस घटना से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश और दहशत का माहौल व्याप्त है।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में वेयरहाउस परिसर में आयोजित हुई बैठक

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। निर्वाचक नामावली के आगामी गहन पुनरीक्षण की तैयारियों को लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में ईवीएम/वीवीपैट गोदाम के मासिक निरीक्षण से पूर्व वेयरहाउस प्रांगण में समस्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जनपद के सभी सात विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों – 357-बेल्थरा रोड (अ0जा0), 358-रसड़ा, 359-सिकन्दरपुर, 360-फेफना, 361-बलिया नगर, 362-बांसडीह एवं 363-बैरिया से संबंधित सामान्य सूचनाएं साझा की गईं। इनमें मतदान स्थल, मतदान केन्द्रों की संख्या, निर्वाचकों की संख्या, जेंडर रेशियो, ईपी रेशियो सहित 1200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदेय स्थलों के सम्भाजन पश्चात मतदेय स्थलों की संभावित वृद्धि संबंधी जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने बताया कि 31 जुलाई को हुई पिछली बैठक में राजनैतिक दलों से विधानसभावार/बूथवार बीएलओ नियुक्त कर सूची उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया था। इस संदर्भ में समाजवादी पार्टी के जिला महासचिव बीरबल राम ने जानकारी दी कि उनकी पार्टी ने सूची उपलब्ध करा दी है। अन्य दलों से भी शीघ्र सूची उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बीएलओ नियुक्त होने से कार्य में पारदर्शिता आएगी और निर्वाचक नामावली को अधिक शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाया जा सकेगा। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि पंचायत निर्वाचक नामावली का आलेख्य प्रकाशन हो चुका है। अब बीएलओ घर-घर जाकर 01.01.2025 की अर्हता तिथि के आधार पर पात्र निर्वाचकों के नाम जोड़ने तथा मृतक/अनर्ह/डुप्लीकेट नाम विलोपित करने का कार्य कर रहे हैं। इस कार्य को पारदर्शी बनाने में राजनैतिक दलों से सहयोग अपेक्षित है। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार गुप्ता, सीआरओ त्रिभुवन सिंह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी अख्तर हसन समेत विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

व्यपहरण व पाक्सो एक्ट से सम्बन्धित वांछित अभियुक्त गिरफ्तार

सिकन्दरपुर/बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। पुलिस अधीक्षक बलिया ओम वीर सिंह के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार झा के पर्यवेक्षण में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सिकन्दरपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना प्रभारी प्रवीण कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अपहरण व पाक्सो एक्ट से संबंधित वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। थाना सिकन्दरपुर क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने 16 जून को थाना स्थानीय पर प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि उसकी नाबालिग पुत्री को पड़ोसी गुड्डु कुमार तुरहा (पुत्र लक्ष्मण प्रसाद तुरहा) बहला-फुसलाकर शादी का झांसा देकर भगा ले गया। इस संबंध में थाना स्थानीय पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई थी। मंगलवार को उपनिरीक्षक अश्विनी कुमार मिश्रा पुलिस बल के साथ क्षेत्र में भ्रमण कर रहे थे, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि मुकदमे का वांछित अभियुक्त जलपा कलपा देवी मार्ग पर खड़ा है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मौके से गुड्डु कुमार तुरहा (उम्र 22 वर्ष, निवासी मुडियापुर, थाना सिकन्दरपुर) को गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त को संबंधित धाराओं—धारा 137(2), 87, 64(2) बीएनएस एवं धारा 5(एल)/6 पाक्सो एक्ट—से अवगत कराते हुए हिरासत में लिया गया तथा आवश्यक विधिक कार्रवाई पूर्ण कर न्यायालय भेज दिया गया।

जम्मू-कश्मीर में डोडा ज़िले में बादल फटने से तबाही, कई घर क्षतिग्रस्त

जम्मू-कश्मीर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) डोडा ज़िले में मंगलवार सुबह बादल फटने की घटना से अचानक आई बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। इस आपदा में अब तक 10 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि हुई है। राहत की बात यह है कि किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं मिली है।

यह घटना ऐसे समय में हुई जब भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पहले ही कठुआ, सांबा, डोडा, जम्मू, रामबन और किश्तवाड़ ज़िलों सहित जम्मू संभाग के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया था।

स्थिति और प्रशासन की तैयारी तवी नदी उफान पर है और कई छोटी-बड़ी नदियों व नालों का जलस्तर पहले ही खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।अधिकारियों के अनुसार, रात तक जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।प्रशासन ने लोगों को जल निकायों और भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।

एहतियातन, मंगलवार को जम्मू संभाग के सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रखे गए। कश्मीर घाटी में भी असर ,दक्षिणी कश्मीर में मध्यम से भारी वर्षा,ऊँचाई वाले इलाकों में भारी बारिश, मध्य कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश, उत्तरी कश्मीर में हल्की बारिश या शुष्क मौसम दर्ज किया गया।

हालाँकि, झेलम नदी के लिए अभी बाढ़ की कोई औपचारिक चेतावनी जारी नहीं हुई है, लेकिन जलस्तर में धीरे-धीरे वृद्धि होने की संभावना जताई गई है।

मोदी की जापान-चीन यात्रा: बहुध्रुवीय कूटनीति की मिसाल

नई दिल्ली(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अगस्त से 1 सितम्बर तक जापान और चीन के दौरे पर रहेंगे। यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब वैश्विक परिदृश्य में गहरी हलचल है—अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगाकर नया दबाव बनाया है, वहीं चीन और अमेरिका के बीच रेयर अर्थ मिनरल्स व टेक्नोलॉजी सप्लाई चेन को लेकर तनातनी तेज़ हो गई है। ऐसे माहौल में मोदी की यह विदेश यात्रा भारत की संतुलित और बहुध्रुवीय विदेश नीति का स्पष्ट संकेत है।

जापान दौरा (29-30 अगस्त)

मोदी का पहला पड़ाव जापान होगा, जहां वे 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ उनकी पहली मुलाकात होगी। दोनों देशों के बीच विशेष सामरिक और वैश्विक साझेदारी को नए आयाम देने पर चर्चा होगी।

रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग: नौसैनिक अभ्यास, साइबर सुरक्षा करार और नए रक्षा समझौते एजेंडे में शामिल रहेंगे।

तकनीकी निवेश: सेमीकंडक्टर, ईवी बैटरियां और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में जापानी निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

इंडो-पैसिफिक संतुलन: क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए भारत-जापान सहयोग को और मज़बूती देने पर सहमति बनने की संभावना है।

चीन दौरा (31 अगस्त-1 सितम्बर)

जापान यात्रा के बाद मोदी चीन जाएंगे। हालांकि बीजिंग और नई दिल्ली के बीच सीमा विवाद अब भी संवेदनशील मुद्दा है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि यह यात्रा आर्थिक और सामरिक स्तर पर संतुलन साधने की कोशिश होगी।

व्यापारिक रिश्ते: अमेरिका की नई टैरिफ नीति के बाद भारत और चीन के बीच वैकल्पिक व्यापारिक व्यवस्थाओं पर चर्चा हो सकती है।

रेयर अर्थ मिनरल्स और सप्लाई चेन: टेक्नोलॉजी सेक्टर में सहयोग और प्रतिस्पर्धा दोनों ही अहम मुद्दे रहेंगे।

क्षेत्रीय स्थिरता: ब्रिक्स और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) जैसे मंचों पर सहयोग बढ़ाने पर बातचीत हो सकती है।

वैश्विक परिप्रेक्ष्य

विश्लेषकों का मानना है कि मोदी की यह यात्रा भारत की “स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी” (रणनीतिक स्वायत्तता) की नीति को मजबूती देगी। भारत एक ओर अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ साझेदारी बनाए रखना चाहता है, तो दूसरी ओर चीन, रूस और एशियाई शक्तियों के साथ भी संवाद जारी रखकर वैश्विक मंच पर संतुलित भूमिका निभा रहा है।

जिलाधिकारी ने ईवीएम एवं वीवीपैट वेयरहाउस का किया निरीक्षण

राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायज़ा

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुपालन में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मंगलवार को ईवीएम एवं वीवीपैट वेयरहाउस का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वेयरहाउस के प्रत्येक तल की सुरक्षा व्यवस्था का विस्तार से जायज़ा लिया और संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की।जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सुरक्षा में किसी प्रकार की कमी न रह जाए और सभी व्यवस्थाएं आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही संचालित हों। सीसीटीवी कक्ष का निरीक्षण करते हुए उन्होंने कैमरों की रैम क्षमता की जानकारी ली तथा रिकॉर्डिंग में कोई बाधा न आए, इसके लिए रैम बढ़ाने के निर्देश दिए।उन्होंने वेयरहाउस तक पहुंचने वाली सड़क की खराब स्थिति पर भी संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को तत्काल मरम्मत कार्य कराने के निर्देश दिए। साथ ही लॉग बुक का अवलोकन कर यह सुनिश्चित किया कि सभी गतिविधियों का सही ढंग से रिकॉर्ड दर्ज किया जा रहा है।निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार गुप्ता, सीआरओ त्रिभुवन सिंह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी अख्तर हसन तथा मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

गणेश उत्सव से पूर्व बच्चों की रचनात्मक कार्यशाला का आयोजन

इंदिरापुरम/गाजियाबाद (राष्ट्र की परम्परा )
26 अगस्त मंगलवार को सनराइज ग्रीन, इंदिरापुरम में आगामी गणेश उत्सव के शुभारंभ से पूर्व, क्लब हाउस में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य, बच्चों में सृजनशीलता, भारतीय संस्कृति एवं पर्यावरण-संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना शामिल है।
इस अवसर पर 100 से अधिक बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने अपने गणपति की प्रतिमा स्वयं अपने हाथों से मिट्टी से निर्मित किए। आयोजन समिति ने बच्चों को पारंपरिक विधियों के साथ-साथ पर्यावरण-मित्र तरीके से प्रतिमा निर्माण के महत्व की जानकारी दी। बच्चों द्वारा बनाई गई प्रतिमाओं में न केवल उनकी श्रद्धा और भक्ति झलकी, बल्कि उनकी कल्पनाशक्ति और कौशल भी देखने को मिला।
गणेश उत्सव समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष का उत्सव विशेष रूप से हाथ से बनी गणेश प्रतिमाओं को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। इसका उद्देश्य समाज में यह संदेश देना है कि मिट्टी की प्रतिमा से पर्यावरण सुरक्षित रहता है और परंपरा भी जीवित रहती है।
गणेश उत्सव का शुभारंभ 27 अगस्त 2025 को होगा, जिसमें स्थापना, सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन संध्या, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता तथा 8 पहर का भोग आदि आयोजन किए जाएंगे। समिति ने सभी क्षेत्रवासियों से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर उत्सव की गरिमा और उल्लास में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करे।

जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश से हालात बिगड़े, श्री माता वैष्णो देवी यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित

जम्मू (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। मौसम विभाग ने मंगलवार को पूरे केंद्र शासित प्रदेश के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया। सुरक्षा कारणों से श्री माता वैष्णो देवी मंदिर की यात्रा को अगली सूचना तक स्थगित कर दिया गया है।

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अनुसार, अर्धकुवारी स्थित इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास भूस्खलन की घटना हुई है, जिसमें कुछ लोगों के घायल होने की आशंका है। बचाव दल आवश्यक जनशक्ति और मशीनरी के साथ मौके पर जुटा हुआ है।

इससे पहले, भारी बारिश और सुरक्षा जोखिम को देखते हुए बैटरी कार और हेलीकॉप्टर सेवाएं बंद कर दी गई थीं। हालांकि, तब तक परंपरागत मार्ग से यात्रा जारी रही, लेकिन हालात बिगड़ने के बाद पूरी यात्रा स्थगित करनी पड़ी।

राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी यातायात प्रभावित

लगातार तीसरे दिन भी बारिश के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित रहा। रामबन जिले के चंदरकोट, केला मोड़ और बैटरी चश्मा की पहाड़ियों से पत्थर गिरने की घटनाओं के चलते 250 किलोमीटर लंबे इस हाईवे पर यातायात रोक दिया गया है। इससे सैकड़ों यात्री और वाहन जगह-जगह फंसे हुए हैं।

नदियाँ खतरे के निशान के पार

लगातार वर्षा से लगभग सभी नदियाँ और नाले उफान पर हैं। कई निचले इलाके और सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे शहर के हिस्सों में जनजीवन ठप हो गया है।

अन्य जिलों में भी नुकसान

बारिश का असर सिर्फ कटरा और रामबन तक ही सीमित नहीं है। किश्तवाड़, डोडा और राजौरी जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों से भी भूस्खलन और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान की खबरें आ रही हैं।

मंदिर यात्रा का महत्व

गौरतलब है कि श्री माता वैष्णो देवी मंदिर रियासी जिले के कटरा से करीब 13 किलोमीटर दूर त्रिकूट पर्वत पर स्थित है। हर दिन हजारों श्रद्धालु पैदल यात्रा कर माता के दरबार में हाजिरी लगाते हैं। यात्रा स्थगित होने से भक्तों को निराशा हुई है, लेकिन प्रशासन ने सभी को सुरक्षा कारणों से संयम बरतने की अपील की है।

पूर्व मंत्री राजधारी सिंह ने मुन्ना बहादुर के आंदोलन को दिया समर्थन

सिकन्दरपुर/बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

पूर्व मंत्री राजधारी सिंह ने मंगलवार को बलिया मार्ग स्थित एक मैरिज हॉल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा नेता मुन्ना बहादुर को खुला समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल मुन्ना बहादुर की नहीं, बल्कि पूरे जिले की है।उन्होंने बिजली विभाग की लापरवाही को जनता की सबसे बड़ी समस्या करार दिया। कहा कि सरकार का उद्देश्य गांव-गांव तक सुचारू रूप से बिजली पहुंचाना है, लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। अगर अधिकारी समय से जिम्मेदारी निभाते तो लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते।राजधारी सिंह ने हाल की घटना की निंदा करते हुए विभागीय कर्मचारियों को भी दोषी ठहराया। उन्होंने बताया कि भाजपा नेता मुन्ना बहादुर कई बार विभागीय कार्यालय का चक्कर लगा चुके थे, लेकिन अफसरों की लापरवाही से समस्या जस की तस बनी हुई है।पूर्व मंत्री ने साफ किया कि भाजपा कार्यकर्ता जनता की समस्याओं को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी मजबूती के साथ मुन्ना बहादुर के साथ खड़ी है। यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि जनता के हित का है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को पटरी पर लाना है।उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस आंदोलन को मजबूती दें, ताकि विभाग को अपनी जिम्मेदारी का एहसास हो और आम नागरिकों को राहत मिल सके प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा नेता प्रयाग चौहान, जयराम पांडेय समेत दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

नीलगाय से टकराई बाइक, 30 वर्षीय युवक की मौत

बांसडीह-मनियर मार्ग पर हुआ हादसा, परिवार में कोहराम

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

बांसडीह-मनियर मार्ग पर नारायणपुर गांव के पास सोमवार की देर रात एक भीषण सड़क हादसे में 30 वर्षीय युवक की जान चली गई। बाइक सवार युवक की सड़क पार करती नीलगाय से जोरदार टक्कर हो गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के दौरान देर रात उसकी मौत हो गई।
मनियर थाना क्षेत्र के ककरघट्टा निवासी कमलेश यादव सोमवार की देर रात बांसडीह से अपने घर लौट रहे थे। नारायणपुर गांव के पास अचानक दौड़ती हुई नीलगाय सामने आ गई और उनकी बाइक उससे टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कमलेश बाइक से उछलकर सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोग उन्हें तुरंत सीएचसी बांसडीह ले गए। चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई।
कमलेश की मौत की खबर मिलते ही घर में मातम छा गया। माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि कमलेश मिलनसार स्वभाव के थे और अभी अविवाहित थे। उनकी अचानक मौत से पूरा गांव गमगीन है ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में नीलगायों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। आए दिन सड़क पर अचानक निकल आने से हादसे होते रहते हैं। लोगों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है।सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

सप्तऋषि कॉ- ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी समिति बर्खास्त,

मुंबई (राष्ट्र की परम्परा) चुनाभट्टी स्थित सप्तऋषि को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी लिमिटेड की वर्तमान समिति को महाराष्ट्र सहकारी संस्था अधिनियम 1960 की धारा 75(5), 77(अ) और 82(4) का उल्लंघन करने के आरोप में पद से बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही समिति सदस्यों को अगले पाँच वर्षों तक चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए अयोग्य घोषित किया गया है।
29 सितंबर 2024 को हुई एजीएम मीटिंग अधूरी छोड़कर जाने वाली और रजिस्ट्रार को इस्तीफा देने की बात कहने वाली यही समिति अब पद से हटा दी गई है।
सोसायटी सदस्यों ने आरोप लगाया था कि पिछले साल हुई एजीएम में जमा राशि बाँटने का कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ था, लेकिन लगभग 11 महीने बाद दबाव और आशंका के चलते राशि वितरित की गई। इस दौरान अलग-अलग प्रकार के फॉर्म भरवाए गए, संमती पत्र की माँग की गई, और अंततः सभी से रसीद पर हस्ताक्षर करवाए गए। यह रसीद सोसायटी के लेटरहेड पर ली गई और उस पर रेवेन्यू स्टाम्प भी लगाया गया।
सदस्यों का कहना है कि इस तरह की तानाशाही चलाने वाली समिति का पद से हटना राहत की बात है। सवाल उठाया जा रहा है कि बिल्डर से 25 लाख रुपये का दावा करने वाली यही समिति आम सदस्यों को न्याय कैसे दिला पाती?
सूत्रों के अनुसार, अभी और भी कई फैसले आना बाकी हैं, लेकिन फिलहाल समिति को बर्खास्त कर अयोग्य ठहराया गया है।

भारत की शांति-शक्ति नीति पर सीडीएस अनिल चौहान का संदेश

महू (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) मध्य प्रदेश चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने मंगलवार को साफ शब्दों में कहा कि भारत शांति का पक्षधर है, लेकिन इसे शांतिवाद समझने की भूल किसी को नहीं करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि शक्ति के बिना शांति एक काल्पनिक धारणा है।

महू स्थित आर्मी वॉर कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय ‘रण संवाद’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीडीएस ने पाकिस्तान को अप्रत्यक्ष रूप से कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत की सैन्य प्रतिक्रिया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी भी जारी है।

जनरल चौहान ने कहा, “भारत हमेशा से शांति का समर्थक रहा है। हम एक शांतिप्रिय राष्ट्र हैं, लेकिन हमें शांतिवादी नहीं समझा जाना चाहिए। मेरा मानना है कि शक्ति के बिना शांति केवल कल्पना मात्र है। जैसा कि एक लैटिन उद्धरण कहता है—‘यदि आप शांति चाहते हैं, तो युद्ध के लिए तैयार रहिए।’”

ऑपरेशन सिंदूर से मिले सबक

सीडीएस ने हालिया सैन्य अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की आधुनिक सैन्य क्षमता का उदाहरण है। इससे भारतीय सेना ने कई महत्वपूर्ण सबक सीखे हैं और उन पर तेजी से काम भी किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “यह ऑपरेशन अभी भी जारी है। हालांकि, आज का हमारा उद्देश्य केवल इसी पर चर्चा करना नहीं, बल्कि इससे आगे की रणनीतियों और भविष्य के संघर्षों की संभावनाओं पर विचार करना है।”

भविष्य के युद्धों को परिभाषित करने वाले कारक जनरल चौहान ने अपने संबोधन में चार प्रमुख प्रवृत्तियों की ओर इशारा किया, जो आने वाले समय में संघर्ष की दिशा तय करेंगी—

  1. टेक्नोलॉजी आधारित युद्धक रणनीति
  2. सूचना और साइबर डोमेन की भूमिका
  3. तेजी से बदलते भू-राजनीतिक समीकरण
  4. हाइब्रिड वारफेयर की चुनौतियाँ

रक्षा मंत्री देंगे समापन संबोधन 26-27 अगस्त तक चलने वाले इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में सेवारत सैन्य अधिकारी और रणनीतिकार शामिल हुए हैं। अंतिम दिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस आयोजन को संबोधित करेंगे और समापन सत्र का नेतृत्व करेंगे।

जनरल चौहान का यह संदेश साफ है कि भारत शांति के पक्ष में खड़ा है, लेकिन दुश्मन को किसी भी प्रकार की ग़लतफहमी पालने की इजाज़त नहीं देगा।

स्मार्ट मीटर लगने के बाद तत्काल नहीं हटेंगे पुराने मीटर-उपभोक्ताओं की शिकायतों को देखते हुए विभाग का निर्णय

बलिया(राष्ट्र की परम्परा) बिजली उपभोक्ताओं की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए अब स्मार्ट मीटर लगाने के बाद विभाग तत्काल पुराने मीटर नहीं हटाएगा। स्मार्ट मीटर और पुराने इलेक्ट्रॉनिक मीटर की रीडिंग को कुछ माह तक मिलान किया जाएगा। यदि दोनों मीटरों की रीडिंग समान पाई जाती है, तभी पुराने मीटर को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। विभाग का यह निर्णय उन उपभोक्ताओं की शिकायतों के बाद लिया गया है, जिनका कहना था कि स्मार्ट मीटर से उनकी बिजली खपत की रीडिंग अपेक्षाकृत अधिक आ रही है। उपभोक्ता व्यापारी स्मार्ट मीटर लगाए जाने का विरोध कर रहे हैं। उनकी आशंका है कि नए मीटरों में गड़बड़ी के कारण अतिरिक्त बिल आ रहा है। इसे देखते हुए कंपनी को निर्देशित किया गया है कि पुराने इलेक्ट्रॉनिक मीटर दो माह तक उपभोक्ताओं के घरों में लगे रहेंगे। इस दौरान उपभोक्ता रीडिंग की तुलना कर संतुष्ट हो सकेंगे। यदि किसी उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर में गड़बड़ी लगती है तो वह पुराने मीटर के आधार पर शिकायत दर्ज करा सकता है। विभाग ने साथ ही उपभोक्ताओं के लिए” यूपीपीसीएल स्मार्ट एप “भी लॉन्च किया है। जिले में लगभग एक लाख इंटेली स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इन उपभोक्ताओं को जल्द ही पोस्टपेड से प्रीपेड व्यवस्था में लाया जाएगा। यानी उपभोक्ता को बिजली उपयोग से पहले अपने स्मार्ट मीटर को रिचार्ज करना होगा। एप के माध्यम से उपभोक्ता यह भी देख सकेंगे कि उन्होंने कितनी यूनिट बिजली खर्च की है और उसकी कीमत कितनी है।
इस संबंध में सिकंदरपुर के एसडीओ अजय कुमार सरोज ने बताया कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था उपभोक्ता और विभाग दोनों के लिए पारदर्शिता लाएगी। पहले जहां बिलिंग को लेकर उपभोक्ता और कर्मचारियों के बीच विवाद की स्थिति बन जाती थी, वहीं अब यह समस्या समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि नई प्रणाली से बिजली खपत का पूरा लेखा-जोखा उपभोक्ता की मोबाइल स्क्रीन पर उपलब्ध होगा, जिससे भ्रम और विवाद की गुंजाइश नहीं बचेगी।