Friday, July 17, 2026
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अमेरिका-भारत शुल्क विवाद: रूसी तेल पर अडिग रहने के कारण लगा अतिरिक्त टैक्स

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूसी तेल खरीदने के चलते अतिरिक्त 25 प्रतिशत दंडात्मक शुल्क लगाने की घोषणा की है। यह नया शुल्क सोमवार सुबह 9:30 बजे से लागू हो गया है। इसके साथ ही भारत पर कुल दंडात्मक शुल्क बढ़कर 50 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय तब लिया गया जब भारत ने अमेरिकी दबाव के बावजूद रूसी तेल की खरीद से पीछे हटने से इनकार कर दिया। वॉशिंगटन का मानना है कि रूस से तेल की खरीद जारी रखना उसके खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों को कमजोर करता है, वहीं भारत का कहना है कि उसकी प्राथमिकता सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराना और घरेलू जरूरतों को पूरा करना है।

विश्लेषकों की चेतावनी

आर्थिक विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि इस टैरिफ वृद्धि का असर सिर्फ तेल क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत के अन्य निर्यात क्षेत्रों पर भी पड़ेगा। खासकर टेक्सटाइल, फार्मा, आईटी और ऑटो पार्ट्स जैसे सेक्टर प्रभावित हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह विवाद लंबा खिंचता है तो भारत की विकास संभावनाओं और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा पर भी इसका नकारात्मक असर देखने को मिलेगा।

भारत का रुख

नई दिल्ली ने अब तक इस फैसले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि भारत ऊर्जा सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा और अपनी राष्ट्रीय हितों के अनुरूप ही निर्णय लेगा।

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब दोनों देशों के बीच रणनीतिक और रक्षा सहयोग को मजबूत करने की कोशिशें हो रही थीं। अब देखना होगा कि यह व्यापारिक टकराव आगे दोनों देशों के रिश्तों पर कैसा असर डालता है।

पूर्णिया में मासूम के साथ दरिंदगी, आरोपी फरार

पूर्णिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) बिहार के पूर्णिया जिले से एक शर्मनाक घटना सामने आई है। सोमवार दोपहर खेल रहे 5 वर्षीय मासूम को एक युवक बहला-फुसलाकर आइसक्रीम दिलाने के बहाने सुनसान घर में ले गया और उसके साथ गलत काम किया। घटना के बाद बच्चा बदहवास हालत में सड़क किनारे मिला। परिजनों और स्थानीय लोगों ने उसे तुरंत जीएमसीएच अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है।

घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। आरोपी युवक घटना के बाद से फरार है। पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है।

स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गुस्सा है। लोगों ने आरोप लगाया कि आरोपी पहले से ही संदिग्ध गतिविधियों में शामिल रहता था। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस को जल्द से जल्द उसे गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और बच्चे का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द पकड़ लिया जाएगा।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने की बड़ी घोषणा : RIMS-2 का नाम अब शिबू सोरेन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SSIMS)

रांची (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को लेकर एक अहम कदम उठाया गया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने मंगलवार को झारखंड विधानसभा के बाहर एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि नगड़ी में प्रस्तावित रिम्स-2 (RIMS-2) को अब शिबू सोरेन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SSIMS) के नाम से जाना जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि झारखंड की पहचान और संघर्ष से जुड़े नेता शिबू सोरेन ने राज्य निर्माण से लेकर जनता के हक-अधिकारों के लिए अहम योगदान दिया है। ऐसे में उनके नाम पर चिकित्सा संस्थान का नामकरण किया जाना झारखंडवासियों के लिए गर्व की बात होगी।

नगड़ी में बनने वाले इस सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल इंस्टीट्यूट को लेकर सरकार की तैयारी अंतिम चरण में है। यहां अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी और झारखंड ही नहीं, पड़ोसी राज्यों के मरीजों को भी इसका लाभ मिलेगा।

मंत्री अंसारी ने कहा कि रांची का रिम्स (RIMS) वर्तमान में राज्य का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है, लेकिन लगातार बढ़ती मरीजों की संख्या और स्वास्थ्य सेवाओं की मांग को देखते हुए दूसरा बड़ा संस्थान स्थापित किया जा रहा है। इससे चिकित्सा शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा और नए डॉक्टर तैयार होंगे।

सूत्रों के अनुसार, नगड़ी में बनने वाले इस मेडिकल इंस्टीट्यूट में एमबीबीएस, सुपर स्पेशियलिटी कोर्स और अत्याधुनिक शोध की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में इसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थान के रूप में विकसित किया जाए।

इस घोषणा के बाद चिकित्सा जगत के साथ-साथ आम लोगों में भी उत्साह देखने को मिला है। स्थानीय लोगों का कहना है कि SSIMS के रूप में यह संस्थान न केवल रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगा बल्कि बेहतर इलाज की सुविधा भी देगा।

लोन फर्जीवाड़ा: 70 से अधिक ग्रामीणों पर चुकता करने का नोटिस, डेढ़ करोड़ की वसूली का मामला

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में लोन फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीण बैंक की गोबरसही शाखा से मड़वन प्रखंड के कोदरिया और बसंत खरौना गांव के 70 से अधिक ग्रामीणों को तीन-तीन लाख रुपये तक चुकाने का नोटिस भेजा गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कभी कोई लोन नहीं लिया, इसके बावजूद बैंक अब उनसे कुल डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की वसूली कर रहा है।

ग्रामीणों में इस नोटिस के बाद भारी आक्रोश है और उन्होंने इसे धोखाधड़ी करार दिया है। वहीं बैंक प्रबंधन की ओर से सफाई दी गई है। बैंक के सहायक शाखा प्रबंधक और ऑपरेशन हेड अमित कुमार ने बताया कि यह ग्रुप लोन का मामला है। उनके अनुसार, ग्रुप में से किसी एक व्यक्ति ने राशि ली होगी, जिस कारण बाई डिफॉल्ट सभी के नाम पर नोटिस जारी हो गया है। उन्होंने कहा कि जिन ग्रामीणों ने लोन नहीं लिया है, उन्हें संबंधित व्यक्ति से राशि बैंक में जमा कराने की पहल करनी होगी।

इस घटना के उजागर होने के बाद ग्रामीणों ने बैंक पर गंभीर आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस फर्जीवाड़े पर क्या कदम उठाता है।

महाकाल गैंग का पर्दाफाश, भोजपुरी गानों पर हथियार लहराकर बनाते थे रील

अवैध हथियारों की तस्वीर

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) राजधानी पटना पुलिस ने रविवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात महाकाल गैंग का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह अवैध हथियार और कारतूस की तस्करी करता था तथा भोजपुरी गानों पर हथियार लहराते हुए सोशल मीडिया पर रील बनाकर युवाओं में डर और अपराध की भावना फैलाने की कोशिश करता था।

नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने गुप्त सूचना पर बिहटा थाना क्षेत्र के घोड़ाटाप गांव में छापेमारी की। इस दौरान गैंग के दो सक्रिय सदस्य हरेराम सिंह (57 वर्ष) और विनीत कुमार (25 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार, कारतूस और नकदी बरामद की। इसमें 2 रायफल, 1 गन, 1 रिवॉल्वर, 340 जिंदा कारतूस (12 बोर, .315 बोर, 7.65 एमएम, .32 बोर), 5.07 लाख रुपये नकद, 3 मोबाइल और अन्य सामान शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ बिहटा थाना कांड दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

सिटी एसपी ने बताया कि इस गैंग का सरगना भोजपुरी कलाकार अभिषेक सिंह है, जो हथियारों के साथ रील बनाकर सोशल मीडिया पर चर्चा में रहता था। उसके सहयोगी सोनू कुमार, सुमीत कुमार और निरंजन कुमार भी गैंग से जुड़े हैं। सोनू और सुमीत को पहले ही 13 जुलाई 2025 को 80 जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

पुलिस ने चेतावनी दी है कि हथियारों और गोली-बंदूक के साथ रील बनाकर युवाओं को अपराध की ओर धकेलने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। एसपी भानु प्रताप सिंह ने कहा कि कानून को चुनौती देने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।

चिंता की बात यह है कि भोजपुरी गानों में अब अश्लीलता के साथ हिंसा और हथियारों का क्रेज भी तेजी से बढ़ रहा है। कई गानों पर युवक इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर बंदूक और रायफल लहराते हुए वीडियो बना रहे हैं। समाजशास्त्रियों का कहना है कि मनोरंजन की आड़ में फैल रही यह हथियार संस्कृति समाज के लिए गंभीर खतरा है और इस पर सख्ती जरूरी है।

सीतामढ़ी पहुंचेगी आज यात्रा बिहार चुनाव से पहले राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा ने मचाई सियासी हलचल

दरभंगा/पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपनी बड़ी राजनीतिक रणनीति का आगाज़ कर दिया है। बुधवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने दरभंगा के जीवछ घाट से ‘वोटर अधिकार यात्रा’ की शुरुआत की। यात्रा के पहले ही दिन भारी जनसैलाब उमड़ा और माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में डूबा नजर आया।

यात्रा की खासियत यह रही कि राहुल गांधी के साथ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन मंच साझा करते दिखे। इससे साफ है कि कांग्रेस इस बार क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर सहयोगी दलों के साथ मिलकर बड़ा संदेश देना चाहती है।

सबसे ज्यादा राजनीतिक चर्चा इस बात को लेकर है कि बिहार की सियासत के अहम चेहरे भी इस यात्रा में शामिल हुए। राजद नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, भाकपा माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला और वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने राहुल गांधी के साथ कदम से कदम मिलाते हुए अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। यह तस्वीर विपक्षी एकजुटता को और मजबूती देती है।

राहुल गांधी ने इस मौके पर कहा कि “बिहार की जनता को उसके वोट का पूरा अधिकार दिलाना हमारा संकल्प है। गरीब, मजदूर, किसान और नौजवान की आवाज अब दबाई नहीं जा सकती।” प्रियंका गांधी ने भी युवाओं और महिलाओं के मुद्दों को उठाते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा। वहीं एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार पर संघीय ढांचे को कमजोर करने का आरोप लगाया और विपक्षी गठबंधन की मजबूती पर जोर दिया।

इस यात्रा के जरिए कांग्रेस और उसके सहयोगी दल बिहार में एक बड़ा राजनीतिक संदेश देना चाहते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह यात्रा आगामी विधानसभा चुनाव का एजेंडा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

भीड़ और विपक्षी दलों की साझा मौजूदगी ने साफ कर दिया है कि बिहार की सियासत अब और भी दिलचस्प मोड़ लेने जा रही है।

सेनानी आश्रितों को प्रमाण पत्र-पेंशन पर डीएम की सख्त चेतावनी

लापरवाही पर होगी कार्रवाई, दोबारा नहीं मिलेगा प्रमाण पत्र

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)

स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को प्रमाण पत्र और पेंशन जारी करने को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। डीएम ने कहा कि अब तक 11 सेनानियों के 18 परिवारों ने आवेदन किया है। सभी अभिलेखों की गहन जांच होगी और शपथ पत्र अनिवार्य होगा। उन्होंने साफ किया कि जिसे एक बार प्रमाण पत्र मिल चुका है, उसे दोबारा नहीं दिया जाएगा।
सेनानी सूरज भारद्वाज के अभिलेख समय पर प्रस्तुत न करने पर सहायक वरिष्ठ कोषाधिकारी साधना पांडेय को फटकार लगाई गई। डीएम ने चेतावनी दी कि गलत तरीके से प्रमाण पत्र जारी होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
उन्होंने एडीएम अनिल कुमार गुप्ता को निर्देश दिया कि केवल सत्य पाए गए दस्तावेजों पर ही पेंशन व प्रमाण पत्र जारी किए जाएं। बैठक में एडीएम, सीआरओ, वरिष्ठ कोषाधिकारी, सभी एसडीएम व सेनानी आश्रित मौजूद रहे।

भारत की शक्ति और हर वैश्विक साझेदारी का भविष्य-लोकतंत्र, जनसांख्यिकी और स्किल्ड वर्कफोर्स का संगम

भारत की शक्ति और वैश्विक परिदृश्य-लोकतंत्र, जनसांख्यिकी और स्किल्ड वर्कफोर्स की ताक़त हैँ

गोंदिया-वैश्विक स्तरपर भारत आज केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं है,बल्कि यह विश्व के लिए आशा,स्थिरता और अवसरों का केंद्र बन चुका है। भारत आज जिस मुकाम पर खड़ा है, उसे केवल एक राष्ट्र की उपलब्धि कहना कम होगा।यह 21वीं सदी के उस नए युग की शुरुआत है यह स्वतंत्रता के 75 से अधिक वर्षों की यात्रा में भारत ने बार-बार यह सिद्ध किया है कि, लोकतंत्र केवल एक शासन पद्धति नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र की आत्मा है। इसके साथ ही,भारत की जनसांख्यिकी और विशाल स्किल्ड वर्कफोर्स ने उसे ऐसे मुकाम पर ला खड़ा किया है, जहां से वह न केवल अपने नागरिकों के भविष्य को संवार सकता है,बल्कि पूरे विश्व के विकास की दिशा भी तय कर सकता है। मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र से यह लेख तीन मुख्यस्तंभों, लोकतंत्र की शक्ति, जनसांख्यिकीय लाभ और स्किल्ड वर्कफोर्स की क्षमता पर आधारित है, जिनकी वजह से भारत और उसके वैश्विक साझेदारों के बीच हर रिश्ते को “विन-विन सिचुएशन” के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।
साथियों बात अगर हम भारत की पहली सबसे बड़ी ताकत की करें तो,भारत दुनियाँ का सबसे बड़ा लोकतंत्र है।1950 में संविधान लागू होने के बाद से आज तक भारत ने चुनावों के जरिए सत्ता परिवर्तन, नीति निर्माण और नागरिक अधिकारों को जिस मजबूती से कायम रखा है, वह विश्व के लिए उदाहरण है। लोकतंत्र का अर्थ केवल सत्ता परिवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिक भागीदारी, न्याय व्यवस्था की स्वतंत्रता और पारदर्शी शासन की नींव पर खड़ा है। विविधता में एकता इसका सबसे बड़ा परिचायक है, जहां 22 आधिकारिक भाषाएँ, हजारों बोलियाँ, सैकड़ों धर्म-संप्रदाय और अलग-अलग संस्कृतियाँ होने के बावजूद लोग लोकतांत्रिक रूप से एकजुट रहते हैं। भारत का लोकतंत्र वैश्विक कंपनियों के लिए एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करता है क्योंकि वे जानती हैं कि यहां नीतियाँ पारदर्शी हैं, कानून का शासन है और निवेशकों के हितों की रक्षा की जाती है।दुनिया के कई हिस्सों में अधिनायकवाद और राजनीतिक अस्थिरता देखने को मिलती है। अफ्रीकी और एशियाई देशों में सत्ता परिवर्तन अक्सर हिंसा और अराजकता का कारण बनते हैं।इसके विपरीत भारत ने अपने लोकतांत्रिक ढांचे से स्थिरता का माहौल तैयार किया है। यही कारण है कि विश्व की बड़ी कंपनियाँ भारत को “सेफ़ हैवन” के रूप में देखती हैं। चीन या रूस जैसे देशों में निवेश करने पर राजनीतिक जोखिम अधिक होता है, जबकि भारत में लोकतंत्र यह सुनिश्चित करता है कि नीतियाँ स्थिर रहें और निवेश सुरक्षित रहे। यह लोकतंत्र की वही शक्ति है जो भारत को अलग पहचान दिलाती है।
साथियों बात अगर हम भारत की दूसरी सबसे बड़ी ताक़त की करें तो वह है उसकी जनसांख्यिकी।वर्तमान समय में भारत की आबादी लगभग 1.43 अरब है और इसमें से 65 पेर्सेंट से अधिक लोग 35 वर्ष से कम आयु वर्ग में आते हैं। यह स्थिति भारत को दुनियाँ की सबसे युवा आबादी वाला देश बनाती है। युवा आबादी किसी भी राष्ट्र के लिए ऊर्जा, नवाचार और विकास का प्रतीक होती है। जब यूरोप और जापान जैसे विकसित देश बूढ़ी होती आबादी की समस्या से जूझ रहे हैं, तब भारत के पास एक ऐसा डेमोग्राफिक एडवांटेज है जो उसे वैश्विक अर्थव्यवस्था का इंजन बना सकता है।भारत की युवा पीढ़ी तकनीक अपनाने में सबसे आगे है। वे न केवल नई तकनीकों को अपनाते हैं बल्कि स्टार्टअप्स और उद्यमिता की ओर भी बढ़ रहे हैं। यही कारण है कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है।”मेक इन इंडिया”,”स्टार्टअप इंडिया” और “डिजिटल इंडिया” जैसी योजनाएँ इसी युवा ऊर्जा का परिणाम हैं। यह डेमोग्राफिक डिविडेंड भारत को न केवल घरेलू विकास की दिशा में मजबूत बना रहा है बल्कि विश्व के लिए भी अवसर पैदा कर रहा है।भारत की यह जनसांख्यिकी वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण है। भारत हर साल लाखों इंजीनियर, डॉक्टर और मैनेजमेंट प्रोफेशनल तैयार करता है। यह वर्कफोर्स पूरी दुनिया की ज़रूरतें पूरी करता है। भारतीय पेशेवर आज अमेरिका, यूरोप, खाड़ी देशों और अफ्रीका तक अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। यह युवा आबादी उपभोक्ता बाजार के रूप में भी बेहद आकर्षक है। युवा वर्ग नई तकनीकों, डिजिटल सेवाओं और उपभोक्ता उत्पादों का सबसे बड़ा खरीदार है। यही कारण है कि वैश्विक कंपनियाँ भारत को भविष्य का सबसे बड़ा बाजार मानती हैं।
साथियों बात अगर हम भारत की तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण शक्ति की करें तो वह है उसका विशाल स्किल्ड वर्कफोर्स। भारत के पास आज दुनिया का सबसे बड़ा स्किल्ड ह्यूमन रिसोर्स पूल है।आईटी, हेल्थकेयर, इंजीनियरिंग, रिसर्च, शिक्षा और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भारतीयों ने अपनी प्रतिभा से पूरी दुनिया में पहचान बनाई है। बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे जैसे शहर वैश्विक आईटी हब के रूप में उभर चुके हैं। भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स अमेरिकी सिलिकॉन वैली की कंपनियों के लिए रीढ़ की हड्डी बन चुके हैं। हेल्थकेयर के क्षेत्र में भारतीय डॉक्टर और नर्स पूरी दुनिया में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान यह साफ दिखाई दिया कि भारतीय मेडिकल प्रोफेशनल्स की क्षमता कितनी विशाल है।मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स के क्षेत्र में भी भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। “मेक इन इंडिया” अभियान ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित किया है और भारत में उत्पादन का माहौल तैयार किया है। भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम भी दुनिया में तीसरे स्थान पर है, जिसने लाखों रोजगार पैदा किए हैं। यह स्किल्ड वर्कफोर्स केवल भारत की अर्थव्यवस्था के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक नवाचार और विकास के लिए भी अहम है।
साथियों बातें कर हम इन तीनों कारकों,लोकतंत्र, जनसांख्यिकी और स्किल्ड वर्कफोर्स,का संगम भारत को विश्व की बड़ी कंपनियों और सरकारों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाने की करें तो, जब कंपनियाँ भारत में निवेश करती हैं तो उन्हें स्थिर राजनीतिक माहौल, विशाल उपभोक्ता आधार और प्रतिभाशाली मानव संसाधन तीनों एक साथ मिलते हैं। यही कारण है कि एप्पल, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न और टेस्ला जैसी कंपनियाँ भारत को भविष्य का हब मान रही हैं।भारत और उसके वैश्विक साझेदारों के बीच संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं। यह संबंध वास्तव में परस्पर लाभकारी है। भारत को रोजगार, तकनीक और निवेश मिलता है,जबकि कंपनियों को लागत में कमी, स्थिर वातावरण और विशाल बाजार तक पहुंच मिलती है। इस प्रकार यह रिश्ता “विन-विन सिचुएशन” का प्रतीक बन जाता है।हालांकि भारत के सामने कुछ चुनौतियाँ भी हैं। शिक्षा और कौशल मेंअसमानता, आधारभूत ढाँचे की कमी, गरीबी और बेरोजगारी जैसी समस्याएँ अभी भी मौजूद हैं। लेकिन भारत सरकार “स्किल इंडिया”, “डिजिटल इंडिया”, “गति शक्ति योजना” और “आत्मनिर्भर भारत” जैसे अभियानों से इन चुनौतियों को अवसरों में बदलने का प्रयास कर रही है। यदि ये प्रयास सफल होते हैं तो भारत अपनी जनसांख्यिकी और स्किल्ड वर्कफोर्स का पूरा लाभ उठा सकेगा।
अंततः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि यह स्पष्ट है कि भारत की शक्ति तीन स्तंभों पर आधारित है,लोकतंत्र, जनसांख्यिकी और स्किल्ड वर्कफोर्स। ये तीनों मिलकर भारत को न केवल विश्व की आर्थिक महाशक्ति बना रहे हैं, बल्कि इसे एक भरोसेमंद वैश्विक साझेदार भी बना रहे हैं। भारत का विकास मॉडल शून्य-योग नहीं है, बल्कि यह पूरे विश्व के लिए अवसर पैदा करता है। आने वाले दशकों में जब दुनिया नए संकटों और अवसरों से गुज़रेगी, तब भारत अपनी लोकतांत्रिक ताक़त, युवा ऊर्जा और स्किल्ड वर्कफोर्स के दम पर पूरे विश्व के लिए आशा और सहयोग का केंद्र बना रहेगा। यही भारत की असली पहचान है-एक ऐसा राष्ट्र जो अपने विकास के साथ-साथ पूरे विश्व की प्रगति में योगदान देता है और हर वैश्विक साझेदारी को वास्तविक “विन-विन” बनाता है।

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र 9226229318

निष्काम प्रेम

आज ज़माना क्या फिर आयेगा,
राधा कृष्ण का त्याग बतलायेगा,
निष्काम प्रेम की आधारशिला,
नि:स्वार्थ आजीवन निभायेगा।

मित्रता की नींव भावनाओं से,
जुड़ी है तो टूटना मुश्किल है,
अगर स्वार्थ से जुड़ी हुई है,
तो टिकना बहुत मुश्किल है।

हर सुबह हर शाम हर किसी
के लिए सुहानी नहीं होती है,
हर दोस्ती हर प्यार के पीछे
कोई कहानी भी नहीं होती है।

परंतु कुछ तो असर होता है,
प्रेमी आत्माओं के मिलन का,
जैसे गोरी गोरी राधिका का,
कृष्ण साँवरे की दीवानगी का।

हर सुबह शाम गुनगुनाया करो,
राधा कृष्ण के गीत गाया करो,
सुबह भी, शाम भी सुहानी होगी,
प्रेम में क़िस्मत आजमानी होगी।

उन जैसा प्रेम कौन कर पायेगा,
राधा बर्साने, कृष्ण द्वारिका रहें
आदित्य अब ये कलियुग है,
सतयुग, त्रेता, द्वापर नहीं है।

  • डा. कर्नल आदि शंकर मिश्र
    ‘आदित्य’

फर्जी फर्मों का खेल: कागजों में दुकान, करोड़ों का भुगतान, जिम्मेदार बेखबर

सर्वाधिक फर्जी फर्म जिले के सदर, मिठौरा, सिसवां ब्लॉक में संचालित

धरातल पर न दुकान, न सामग्री सिर्फ कागजी खेल से अरबों का गोरखधंधा

सचिव प्रधान की मिली- भगत, अधिकारी चुप

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। महराजगंज जनपद के सदर घुघली, नौतनवा, फरेंदा, पनियरा, धानी, मिठौरा आदि ब्लाक में ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों के नाम पर फर्जी फर्मों से करोड़ों रुपये का गबन किया जा रहा है। जांच से यह साफ हुआ है कि ब्लाक की अधिकांश पंचायतों में जिन फर्मों के बिल लगे हैं, धरातल पर ऐसी कोई दुकान या मटेरियल सप्लाई का अता-पता तक नहीं है।
सिर्फ कागजों पर कारोबार, सरकार को चूना फर्जी फर्मों के नाम पर रेत, मोरंग, गिट्टी और पत्थर जैसे खनिजों की आपूर्ति दर्शाकर न केवल रकम आहरित की जा रही है बल्कि रॉयल्टी चोरी का भी खेल चल रहा है।
सूत्रों का कहना है कि मात्र जीएसटी नंबर लेकर इन फर्मों ने भारी भुगतान उठा लिया है। इनकम टैक्स विभाग और वाणिज्य कर विभाग की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं। सचिव व ग्राम प्रधान के चहेतों की फर्म
इस गोरखधंधे में ग्राम पंचायतों के सचिव और प्रधान की मिली-भगत खुलकर सामने आई है। सूत्र यह भी बताते हैं कि कई सचिव व प्रधान अपने चहेतों के नाम से फर्जी फर्म खड़ी करा कर पंचायत से मोटी रकम उठवा रहे हैं। हाल ही में सामने आई वैष्णवी ट्रेडर्स काल्पनिक नामक फर्म का कोई अस्तित्व जमीन पर नहीं मिला। मौके पर न दुकान,न गोदाम फिर भी ब्लाक के कई गांवों से इस फर्म के बिल लगाकर लाखों रुपये का भुगतान किया गया। एक ही काम अलग- अलग फर्म और तीन बिल हाल ही के भुगतान की सूची भी कई सवाल खड़े कर रही हैं। 17 जुलाई 2025 को पटेल ब्रदर्स टेंडर्स के नाम पर पंचम राज्य वित्त से ₹3011.94 का भुगतान किया गया।
16 जुलाई 2025 को एक दिन पहले ही 15 वीं राज्य वित्त से ₹3194 का भुगतान दर्शाया गया। 5 जुलाई 2025 को विश्वजीत इंटरप्राइजेज के नाम से 15 वीं राज्य वित्त से ₹3752 का भुगतान किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि जब काम एक ही फर्म से कराया गया तो तीन अलग- अलग फर्मों से बिल क्यों लगाए गए? आखिर लागत मूल्य अलग-अलग क्यों दर्शाया गया?जिम्मेदार मौन इतने बड़े पैमाने पर हो रहे फर्जीवाड़े पर विभागीय अधिकारी अब तक खामोश हैं।
इस संबंध में मिठौरा बीडीओ राहुल सागर से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने काल रिसीव नहीं की।

प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर फिर बढ़ा, आपदा तंत्र अलर्ट

प्रयागराज (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बीते 24 घंटे में दोनों नदियों का पानी खतरनाक रफ्तार से ऊपर आया है।

सिंचाई विभाग से मिली जानकारी के अनुसार –गंगा नदी का जलस्तर फाफामऊ और छतनाग में 104 सेंटीमीटर बढ़ गया।यमुना नदी का जलस्तर नैनी में 24 घंटे के भीतर 97 सेंटीमीटर ऊपर आया। बुधवार सुबह 8 बजे गंगा का फाफामऊ में जलस्तर 83.42 मीटर, छतनाग में 83.12 मीटर और नैनी में यमुना का जलस्तर 83.82 मीटर दर्ज किया गया।

हालांकि अभी दोनों नदियां अपने खतरे के निशान 84.734 मीटर से लगभग एक मीटर नीचे बह रही हैं, लेकिन पानी बढ़ने की रफ्तार चिंता बढ़ा रही है।

प्रशासन की तैयारी सिंचाई विभाग का कंट्रोल रूम लगातार जलस्तर की मॉनिटरिंग कर रहा है। आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट कर दिया गया है। NDRF, SDRF और जल पुलिस को तैनात किया गया है।नदी किनारे के निचले इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। नदी किनारे रहने वाले परिवारों को अलर्ट किया जा रहा है ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत सुरक्षित निकाला जा सके।

देवरिया पुलिस का मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान, 527 व्यक्तियों व 308 वाहनों की हुई चेकिंग

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)पुलिस अधीक्षक देवरिया विक्रान्त वीर के निर्देशन में बुधवार की सुबह पुलिस ने जिलेभर में मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान चलाया। यह अभियान सुबह 5 बजे से 8 बजे तक चला।अभियान के दौरान थानाध्यक्षों ने आमजन से सीधे संवाद स्थापित कर सुरक्षा का भरोसा दिलाया। साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग की गई। इस दौरान पुलिस ने मित्र पुलिसिंग की भावना को बढ़ावा देते हुए छोटे-छोटे विवादों को सामुदायिक स्तर पर सुलझाने का प्रयास किया।अभियान के मुख्य बिंदु संदिग्ध व्यक्तियों/वाहनों की जांच चोरी की गाड़ियों की बरामदगी तीन सवारी एवं नाबालिग वाहन चालकों पर कार्रवाई मोडिफाइड साइलेंसर वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई महिलाओं-बच्चियों पर फब्तियां कसने वालों के खिलाफ सख्ती तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने वालों पर कार्रवाई अवैध असलहा व मादक पदार्थों पर निगरानी जनता ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए मॉर्निंग वॉक के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर संतोष जताया।
कुल परिणाम 29 स्थानों पर हुई चेकिंग में 527 व्यक्तियों व 308 वाहनों की जांच की गई। नियम तोड़ने वाले 09 वाहनों का चालान भी किया गया।पुलिस अधीक्षक विक्रान्त वीर ने बताया कि ऐसे अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे ताकि जनमानस में सुरक्षा की भावना और मजबूत हो सके।

भूस्खलन, बड़ा बोल्डर सड़क पार कर खाई में गिरा अनहोनी से बचाव

देहरादून (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) उत्तरकाशी जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच भूस्खलन की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मंगलवार को पुरोला नगर पालिका क्षेत्र में नई बनी पार्किंग के पास पहाड़ी से एक विशाल बोल्डर अचानक लुढ़ककर सड़क पर आ गया। बोल्डर सड़क पार करते हुए लकड़ी के बने एक कच्चे भवन को तोड़ते हुए सीधे खाई में जा गिरा।

गनीमत रही कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त सड़क पर कोई वाहन या राहगीर मौजूद नहीं था। वरना बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद स्थानीय लोग दहशत में आ गए और प्रशासन को इसकी जानकारी दी।

नगर पालिका प्रशासन ने बताया कि भूस्खलन और बोल्डर गिरने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, ऐसे में यात्रियों और स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने की अपील की गई है। साथ ही संवेदनशील स्थानों पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीमें तैनात की गई हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि लगातार बारिश से पहाड़ कमजोर हो रहे हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं बार-बार घट रही हैं। फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

वैष्णो देवी में बड़ा हादसा: भूस्खलन से अब तक 30 श्रद्धालुओं की मौत, यात्रा स्थगित

कटरा (जम्मू-कश्मीर) माता वैष्णो देवी धाम के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं पर मंगलवार देर रात एक बड़ा हादसा टूट पड़ा। कटरा के पास अर्धकुंवारी क्षेत्र में भारी बारिश के बीच हुए भीषण भूस्खलन में अब तक 30 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हो चुकी है। राहत एवं बचाव दलों ने मलबे से शव निकालकर अस्पताल भेजे हैं।

प्रशासन का कहना है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है, क्योंकि अभी भी कई लोग मलबे में दबे होने की आशंका है।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हुई हैं।भारी बारिश और टूटे रास्तों की वजह से बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं।प्रशासन ने हेलीकॉप्टर से भी राहत सामग्री और बचाव उपकरण भेजे हैं।

यात्रा स्थगित भूस्खलन और लगातार हो रही तेज बारिश को देखते हुए वैष्णो देवी यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
श्राइन बोर्ड और प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे फिलहाल यात्रा पर न निकलें और आधिकारिक निर्देशों का इंतजार करें।

मौसम विभाग का अलर्ट भारतीय मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। कटरा और आसपास के इलाकों में अगले 24 घंटों तक मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है।

घायल श्रद्धालु अस्पताल में भर्ती इस हादसे में कई श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। उन्हें कटरा और जम्मू के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रशासन ने घायलों के उपचार के लिए विशेष मेडिकल टीम तैनात की है। यह त्रासदी श्रद्धालुओं के लिए बेहद दर्दनाक साबित हुई है। अभी तक की जानकारी के अनुसार मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और प्रभावित परिवारों से संपर्क किया जा रहा है।

बिजली विभाग में दो मुख्य अभियंता हटाए गए

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने बिजली विभाग में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मुख्य अभियंताओं को हटाने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई राजस्व वसूली में गिरावट और बढ़ते लाइन लॉस को देखते हुए की गई है।

सूत्रों के अनुसार, गाजियाबाद प्रथम और कानपुर द्वितीय के मुख्य अभियंताओं को पद से हटा दिया गया है। इनमें अशोक कुमार (मुख्य अभियंता, गाजियाबाद प्रथम) और ए.एन. गुप्ता (मुख्य अभियंता, कानपुर द्वितीय) शामिल हैं। दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है।

UPPCL अध्यक्ष आशीष गोयल ने बीते दिन लंबी समीक्षा बैठक की, जिसमें कई जोन के प्रदर्शन की रिपोर्ट पेश की गई। बैठक में सामने आया कि गाजियाबाद और कानपुर में न केवल बिजली राजस्व वसूली का स्तर कमजोर है बल्कि लाइन लॉस भी लगातार बढ़ रहा है। इस पर गंभीर नाराज़गी जताते हुए दोनों मुख्य अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई।

सूत्र बताते हैं कि पावर कॉर्पोरेशन अब राजस्व वसूली, बिजली चोरी पर नियंत्रण और लाइन लॉस को कम करने को लेकर ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है। अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि तय लक्ष्यों को पूरा न करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अन्य जोन के भी प्रदर्शन की समीक्षा होगी और लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर भी गाज गिर सकती है।