Friday, July 17, 2026
Home Blog Page 758

पर्यावरण जल संरक्षण के लिये सामूहिक रूप से हरिशंकरी व पंचवटी प्रजाति के वृक्षों का रोपण व उनका संरक्षण करें : उप जिलाधिकारी

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। नानपारा पौराणिक शिवालय बाग शिव मन्दिर परिसर में पर्यावरण , जल संरक्षण , नशा उन्मूलन विषयक चौपाल का आयोजन किया गया।आयोजित चौपाल नगर व ग्रामीण क्षेत्र के पर्यावरण विद , समाजसेवी , शिक्षक अधिवक्ता , विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संगठनों से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
शिवालय बाग शिव मन्दिर प्रबन्धन समिति की ओर से आयोजित चौपाल को सम्बोधित करते हुऐ उपजिलाधिकारी नानपारा मोना लिसा जौहरी ने कहा कि पर्यावरण व जल मानव जीवन के लिये अमूल्य निधि है पर्यावरण जल संरक्षण के लिये आवश्यक है कि हम सब लोग सामूहिक रूप से अधिकतम संख्या में हरिशंकरी व पंचवटी प्रजाति के वृक्षों का रोपण व उनका संरक्षण करें ताकि पर्यावरण व जल मानव जीवन के अनुकूल बना रह सके।
मन्दिर प्रबन्धन समिति प्रबन्धक पर्यावरण विद संजीव श्रीवास्तव एडवोकेट ने बताया कि विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों से समन्वय बनाकर मठ- मंदिर विद्यालय , चिकित्सालय व सरयू नदी के तटीय इलाकों में पंचवटी प्रजाति के वृक्षों का रोपण कर उनके संरक्षण का कार्य किया जा रहा है साथ ही अवैध नशा कारोबार क्रय विक्रय उपभोग व उत्पादन पर प्रभावी अंकुश के लिए गांव गांव में जन जागरण अभियान भी चलाया जा रहा है। महन्त शिवालय बाग शिव मन्दिर श्री श्री श्री वीरेन्द्र गिरी महाराज ने पर्यावरण को स्वस्थ बनाएं रखने के लिये सघन वृक्षारोपण अभियान चलाए जाने का आवाहन किया।
किसान परिषद संयोजक केशव पाण्डेय ने बताया कि भारत नेपाल सीमावर्ती इलाकों में नशा का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है इसपर प्रभावी नियंत्रण के लिए सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं से समन्वय बनाकर जन- जागरण अभियान चलाए जाने की आवश्यकता है।संघ विचारक बाल मुकुंद तिवारी व शिक्षाविद् अशोक तिवारी ने शिवालय बाग परिसर में शोषित , दलित व वंचित समाज के गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षण व्यवस्था उपलब्ध कराए जाने के लिए एकल विद्यालय योजना व बाल संस्कार शाला संचालन विषयक पर कार्ययोजना प्रस्तुत किया और लोगों से हर सम्भव सहयोग का आग्रह किया।कार्यक्रम का संचालन शिक्षक नेता राहुल पाण्डेय ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रबंधन सचिव महेन्द्र सिंह सेंगर ने किया। आयोजिक चौपाल की अध्यक्षता विकास खण्ड शिवपुर ब्लॉक प्रमुख सुधीर यज्ञसेनी ने किया।
आयोजित चौपाल में प्रमुख रूप से समाजसेवी चन्द्र प्रकाश मिश्र  , सरदार जसवीर सिंह , किसान नेता सुखविंदर सिंह , मुकेश पोरवाल , सनातन समाज नेता लवकुश अवस्थी , प्रमोद पांडेय, संघ चिंतक बलजीत एवं समाजसेवी धर्मेन्द्र गुप्ता सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।समापन अवसर पर मंदिर परिसर में हरिशंकरी प्रजाति के वृक्ष का रोपण कर पर्यावरण व जल संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया गया।

पत्रकार स्थायी समिति की बैठक सम्पन्न

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। प्रभारी जिलाधिकारी जयप्रकाश व पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार में पत्रकार स्थायी समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सूचना अधिकारी सहित समिति के सदस्य व वरिष्ठ पत्रकार मौजूद रहे।
प्रभारी जिलाधिकारी ने कहा कि पत्रकारों और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल व प्रेस की स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए बैठकें नियमित रूप से होंगी तथा पत्रकारों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जाएगा।
बैठक में वरिष्ठ पत्रकार पवन कुमार श्रीवास्तव ने सूचना संकुल/प्रेस क्लब भवन निर्माण का मुद्दा उठाया। इस पर बताया गया कि जिलाधिकारी द्वारा शासन को पत्र भेजा गया है और प्रक्रिया प्रगति पर है। पत्रकारों ने जिला चिकित्सालय में अलग काउंटर की मांग की, जिस पर अधिकारियों ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित करने का आश्वासन दिया।
पत्रकार रमेश शर्मा द्वारा उठाए गए उत्पीड़न संबंधी मामलों पर प्रभारी जिलाधिकारी ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा व हित प्रशासन की प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर उत्पीड़न हुआ तो तत्काल कार्रवाई होगी।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि तथ्यहीन समाचारों से बचने हेतु खबर प्रकाशित करने से पहले संबंधित अधिकारी का पक्ष अवश्य लिया जाए।

सूखे ने तोड़ी किसानों की कमर, नहरों में पानी न आने से धान की फसल पर संकट

(बहराइच से धीरेन्द्र कुमार शर्मा की रिपोर्ट)

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के सीमावर्ती विकास खंड नवाबगंज क्षेत्र के किसानों की हालत इस समय बेहद खराब हो चुकी है। न बारिश हो रही है और न ही नहरों में पानी पहुंच पा रहा है। ऐसे में खेतों में खड़ी धान की फसल सूखने लगी है। किसान मजबूर होकर आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं।

धान की रोपाई किसानों ने किसी तरह पूरी कर ली थी, लेकिन खेतों में पानी की कमी से अब पौधे मुरझाने लगे हैं। सिंचाई विभाग का कहना है कि नहरों में पानी छोड़ने का रोस्टर प्रणाली लागू है, मगर निर्धारित समय पर पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।

चर्दा सर्किल क्षेत्र में धान की खेती ही किसानों की मुख्य आय का साधन है। यहां की मिट्टी धान के लिए काफी उपजाऊ मानी जाती है। लेकिन पानी की कमी ने किसानों को गहरी निराशा में डाल दिया है। पटना पम्प हाउस से नहरों के जरिए चर्दा, गंगापुर, लखैहिया, महाराजनगर, बरवलिया, सिसैया, कालियापुरवा, पुरैनी, उमरिया, महागांव, हरिहरपुर, ढोढेगांव, गुलारिहा, हसनपुर, सद्धगांव, सेमरा, केवलपुर समेत सैकड़ों गांवों में सिंचाई होती है। इन गांवों के किसानों ने धान की रोपाई तो कर ली लेकिन पानी के अभाव में अब उनकी फसलें सूख रही हैं।

नंदा गांव के नंदकिशोर वर्मा, उमरिया के सावित राम वर्मा, बिलासपुर के धरनीधर शर्मा, जगमोहन शर्मा, राम बाहोरी और शीतल प्रसाद ने बताया कि धान की सिंचाई का यह उपयुक्त समय है लेकिन पानी नहीं मिलने से उत्पादन प्रभावित होगा। किसानों का कहना है कि बेहतर पैदावार के लिए उन्होंने धान की उत्तम प्रजातियों की रोपाई की, परंतु सिंचाई व्यवस्था ध्वस्त होने से मेहनत बेकार जा रही है।

सद्धगांव के जगमोहन वर्मा का कहना है कि समय पर नहर में पानी न आने से खरीफ की मुख्य फसल पर बुरा असर पड़ेगा और किसानों की आय बुरी तरह प्रभावित होगी। वहीं सेमरा के मूलचंद वर्मा का कहना है कि अगर जल्द ही पानी की आपूर्ति नहीं की गई तो किसान आंदोलन को मजबूर होंगे।

नहर विभाग का पक्ष
जब इस संबंध में अधिशासी अभियंता हर्ष कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पानी छोड़ने की प्रक्रिया जारी है। वहीं पटना पम्प नहर के सब-डिवीजन आफिसर आदित्य कुमार का कहना है कि चार मोटर पम्प में से दो लगातार चल रहे हैं, लेकिन लो वोल्टेज और बिजली आपूर्ति में दिक्कत के कारण पम्पिंग सेट अक्सर लोड नहीं ले पाते। इस समस्या की जानकारी पावर हाउस अधिकारियों को दी गई है।

वहीं सरयू पम्प नहर के उप विभागीय अधिकारी सिरताज अहमद का कहना है कि नहर में पानी छोड़ा गया है और सहाबा क्षेत्र तक पानी पहुंच भी गया है। लेकिन किसानों द्वारा पम्पिंग सेट का अत्यधिक उपयोग करने से पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा।

हालांकि विभागीय अधिकारी अपनी-अपनी सफाई दे रहे हैं, लेकिन किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या यही है कि खेतों में पानी न होने से धान की फसल सूख रही है। ऐसे में अन्नदाता मायूस और निराश होकर अब आंदोलन की राह पर जाने को विवश दिख रहे हैं।

32 नवचयनित मुख्य सेविकाओं को मिला नियुक्ति पत्र

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया के तहत प्रदेश की 2425 मुख्य सेविकाओं एवं 13 फार्मासिस्टों को नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन सभागार, लखनऊ से वितरित किए। इसका लाइव प्रसारण संतकबीरनगर कलेक्ट्रेट सभागार में देखा गया।
इस अवसर पर विधायक मेहदावल अनिल कुमार त्रिपाठी, विधायक धनघटा गणेश चंद्र चौहान, ब्लॉक प्रमुख हैसर बाजार कालिंदी चौहान, मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी सहित लाभार्थी उपस्थित रहे।
विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से मुख्य सेविकाओं की नियुक्ति की गई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं की देखभाल एक माँ की तरह करती हैं और शासन-प्रशासन के निर्देशानुसार अन्य कार्यों में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
विधायक गणेश चंद्र चौहान ने नवचयनित मुख्य सेविकाओं को बधाई देते हुए कहा कि सभी अपने दायित्व का ईमानदारी से निर्वहन करें।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिले की 32 नवचयनित मुख्य सेविकाओं को नियुक्ति पत्र सौंपा गया। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि शासन के निर्देशानुसार कार्य करना ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी प्रेम प्रकाश त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी सत्येंद्र सिंह, सीडीपीओ गरिमा पांडेय, अनुज कुमार, छबि शर्मा सहित संबंधित अधिकारी एवं नवचयनित मुख्य सेविकाएं मौजूद रहीं।

पंजाब नेशनल बैंक नवीनीकृत शाखा का भव्य लोकार्पण

बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l नगरपालिका स्थित पंजाब नेशनल बैंक के नवीनीकृत शाखा का अंचल प्रबंधक दीपक सिंह ने किया उद्घाटन। इस अवसर पर अंचल प्रबंधक दीपक सिंह ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि,कहा कि पंजाब नेशनल बैंक का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों का संतुष्ट होना है।उन्होंने कहा कि बरहज शाखा सभी सुविधाओं से लैस है, जो निरंतर विकास की ओर अग्रसर है। पीएनबी बैंक सरकारी योजनाओं के साथ मिलकर देश की प्रगति में योगदान दे रहा है। पंजाब नेशनल बैंक एक लाख से अधिक कर्मचारियों के माध्यम से 17 करोड़ ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि बैंकिंग सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को हर एक व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से पंजाब नेशनल बैंक सामाजिक सुरक्षा एवं वित्तीय समावेशन कैंप का आयोजन कर, लोगों को जागरुक कर रहा है। लोगों को बैंक द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं व बैंकिंग सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बैंक से संबंधित प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, तथा अटल पेंशन योजना के लाभ व विशेषताओं की जानकारी दी।
इस दौरान मंडल प्रमुख अमित कुमार ने अपने सम्बोधन मे कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाएं केवल आर्थिक सुरक्षा ही नहीं बल्कि यह आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति आश्वासन प्रदान करती है। सेना, पुलिस अग्निवीर और पेंशनर्स के लिए पीएनबी रक्षक स्कीम के तहत नई योजना में 50 लाख से 1.5 करोड़ तक की बीमा राशि का प्रावधान है। विभिन्न श्रेणियां में अधिकतम 2.5 करोड़ तक की बीमा राशि का लाभ एवं कई आकर्षक सुविधा प्रदान की जाती है। बैंक का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों की पूर्ण संतुष्टि है। हमारा बैंक निरंतर विकास की ओर अग्रसर है, नई योजनाओं के साथ ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। शाखा प्रबंधक सत्यवीर दुबे ने बरहज शाखा के क्रियाकलापों और उपलब्धियां के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए सम्मानित जन के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता,रमेश यादव, मुन्ना तिवारी, राजीव मिश्र, चित्रसेन शुक्ल, सुभाष पाठक,,पुनीत श्रीवास्तव मुख्य प्रबंधक, सागर राजेश सिंह उप शाखा प्रबंधक, लक्ष्मी नारायण उप मंडल प्रमुख , हिमांशु भारती मुख्य प्रबंधक, राजेश कुमार चौधरी प्रधान खजांची, गोरख कुमार सहायक खजांची, शशांक पांडेय, अजय कुमार , बैंक सहायक मित्र शैलेश कुमार गुप्ता, गोलू जायसवाल, सोनू कुमार, हिमांशु पांडेय , अजय यादव, चंद्र प्रकाश सहित आदि लोग मौजूद रहे।

33 हजार वोल्ट की तार नीचे लटकने से दहशत में स्थानीय लोग, विभाग की लापरवाही से बढ़ा खतरा

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) सलेमपुर नगर के सुगही वार्ड में चेरो मार्ग से लार टाउन तक जा रही 33 हजार वोल्ट की विद्युत तार सलेमपुर बन विभाग कार्यालय से महात्मा बुद्ध जूनियर हाईस्कूल के बीच अपेक्षा से काफी नीचे लटक गई है। इस वजह से स्थानीय निवासी डर के माहौल में जीने को मजबूर हैं।

लोगों का कहना है कि महीनों से विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को मौखिक व लिखित प्रार्थना पत्र देकर तार को ठीक करने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

स्थानीय निवासी अंगद यादव ने बताया कि विभागीय कार्यालय में कई बार आवेदन देने के साथ-साथ अधिकारियों को फोन से भी अवगत कराया गया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। वहीं सतपाल सिंह ने कहा कि विभाग की लापरवाही से किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। छेदी गौण ने कटाक्ष करते हुए कहा कि लगता है विभाग के लोग किसी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं, जब कोई दुर्घटना होगी तभी तार ठीक किया जाएगा।

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर तार को सही करवाने की मांग की है, ताकि क्षेत्रवासियों की जानमाल सुरक्षित रह सके।

आईटीआई आगरा में प्रवेश के लिए 30 अगस्त तक करें आवेदन, प्रमाणपत्रों की जांच उपरांत ही मिलेगा प्रवेश

आगरा, (राष्ट्र की परम्परा)
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, अगवार, एत्मादपुर में प्रवेश की प्रक्रिया जारी है। प्रधानाचार्य श्री मोहित तिवारी ने बताया कि राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद, उत्तर प्रदेश, लखनऊ से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में चतुर्थ चरण प्रवेश प्रक्रिया उपरांत रिक्त रह गई सीटों पर प्रवेश वॉक-इन सिद्धांत के अनुसार पूर्ण किए जाएंगे।
संस्थान की रिक्त सीटों का विवरण सूचना पट्ट तथा परिषद की वेबसाइट www.scvtup.in पर उपलब्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रवेश केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को अनुमन्य होगा जिनके ऑनलाइन आवेदन में दी गई सूचनाओं की जांच उनके सभी प्रमाण-पत्रों—शैक्षिक योग्यता, जाति इत्यादि—के आधार पर सही पाई जाएगी।
प्रधानाचार्य ने बताया कि प्रवेश हेतु अंतिम तिथि 30 अगस्त 2025 निर्धारित की गई है। इच्छुक अभ्यर्थी समय रहते आवश्यक प्रक्रिया पूरी करें।

30 जिलों में 11 कीटनाशकों पर 60 दिन की रोक, आगरा भी शामिल

आगरा,(राष्ट्र की परम्परा)राज्यपाल ने कीटनाशी अधिनियम 1968 की धारा 27 के तहत आदेश जारी कर बासमती चावल की फसल में प्रयोग होने वाले 11 कीटनाशकों के क्रय, विक्रय, वितरण और प्रयोग पर 60 दिन की रोक लगा दी है। यह आदेश 1 अगस्त से प्रभावी है और 30 जिलों, जिनमें आगरा भी शामिल है, में लागू रहेगा।
प्रतिबंधित कीटनाशकों में ट्राइसाइक्लाजोल, थायोमेथोक्साम, बुप्रोफेजिन, प्रोफेनोफॉस, एसीफेट, इमिडाक्लोप्रिड, क्लोरोपायरीफॉस, कार्बेन्डाजिम, टेबुकोनाजोल, कार्बोफ्यूरान और प्रोपिकोनाजोल शामिल हैं।
जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि एपीडा ने बासमती के निर्यात को सुरक्षित रखने और अधिक अवशेष स्तर (एमआरएल) से बचाव के लिए इस रोक का अनुरोध किया था।

एक देश एक चुनाव को भाजपा भाजपा जिलाध्यक्ष ने युवाओं से किया संपर्क

देवरिया, (राष्ट्र की परम्परा)। एक देश एक चुनाव को लेकर सितंबर माह के प्रथम सप्ताह में लखनऊ में होने वाले सम्मेलन में भाग लेने के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं ने बुधवार को जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में युवा छात्रों से संपर्क किया।
इस दौरान एक देश एक चुनाव के लिए भाजपा ने युवाओं का आह्वान किया।
जिलाध्यक्ष सिंह ने कहा कि अब समय आ गया है जब लोकतंत्र को अनावश्यक खर्च, बार-बार होने वाले चुनाव और राजनैतिक अस्थिरता की बेड़ियों से मुक्त किया जाए। आर्थिक नीतियों में निरन्तरता, व्यापार और रोजगार को गति देने के लिए एक देश-एक चुनाव समय की मांग है। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र-एक चुनाव के लिए लोकमत तैयार करना है ताकि भारत को वैभवशाली और विकसित राष्ट्र बनाने की इस मुहिम में जनता की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि गांव, गली, शहरों, खेत, खलिहानों, दुकानों, प्रतिष्ठानों में चर्चा के साथ ही हमें बड़ी संख्या में युवाओं को भी जोड़ना है। इसके लिए विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, कॉचिंग सेंटर, लाइब्रेरी सहित सभी शिक्षण संस्थानों, खेल के मैदानों में पहुंचकर हमें युवाओं को जोड़ना है और एक राष्ट्र-एक चुनाव के विषय को लोकव्यापी बनाना है। इस दौरान डॉ. विनय राव, अभिषेक राय अंकुर, जिला मीडिया प्रभारी प्रभाकर तिवारी, सुधीर श्रीवास्तव, अनुसूचित जाति के जिलाध्यक्ष राजन सोनकर, मंडल अध्यक्ष विजय पांडे, उमापति सिंह, मनीष मल्ल अक्षय प्रताप सिंह, जावेद आलम सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कृषक उत्पादक संगठन की निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न

आगरा,(राष्ट्र की परम्परा) मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) की जनपदस्तरीय निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने एफपीओ सदस्यों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी तथा शक्ति पोर्टल पर एफपीओ की ग्रेडिंग एवं कृषकों की फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया से अवगत कराया।
मुख्य विकास अधिकारी ने एफपीओ से जुड़े सुझाव व शिकायतें सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये और आगामी बैठक में विभागों को अपनी योजनाओं की पीपीटी प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। बैठक में उप कृषि निदेशक, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी समेत अन्य विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

देवरिया में कृषि उद्यमी प्रशिक्षण बैच का शुभारंभ

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। आरसेटी पुरुषोत्तमपुर में बुधवार को कृषि उद्यमी प्रशिक्षण के नए बैच का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कुल 15 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया। यह प्रशिक्षण 13 दिनों तक चलेगा, जिसमें देवरिया जिले के 16 ब्लॉकों से आए प्रतिभागियों को कृषि उद्यमिता से जुड़ी बारीकियों की जानकारी दी जाएगी।

प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रतिभागी अपने-अपने ब्लॉकों में वन स्टाफ वन सेंटर योजना के तहत कृषि उपकरण एवं कृषि रसायनों की बिक्री करेंगे।

उद्घाटन अवसर पर संस्था के निदेशक विशाल गुप्ता, वरिष्ठ संकाय सदस्य सोमनाथ मिश्रा, कार्यालय सहायक अभिषेक कुमार तिवारी समेत अन्य स्टाफ मौजूद रहे।

ठाकरे बंधुओं की मुलाक़ात से बढ़ी गठबंधन की अटकलें

मुंबई (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) गणेश चतुर्थी के मौके पर बुधवार को शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने चचेरे भाई और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के आवास पर पहुँचे। नवंबर 2021 में राज ठाकरे के नए आवास में शिफ्ट होने के बाद यह उद्धव ठाकरे की पहली यात्रा थी। इस अवसर पर उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मि ठाकरे और उनके बेटे, पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे भी साथ मौजूद थे।

दोनों परिवारों की यह मुलाक़ात भले ही “पारिवारिक” बताई जा रही हो, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे बेहद अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, दोनों ने दोपहर का भोजन साथ किया। शिवसेना (यूबीटी) के एक वरिष्ठ नेता ने स्पष्ट किया कि यह निजी मुलाक़ात थी और राजनीति पर कोई बातचीत नहीं हुई। हालांकि, मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों से पहले इस तरह का मेल-मिलाप गठबंधन की दिशा में बड़ा संकेत माना जा रहा है।

पिछले दो दशकों से दोनों चचेरे भाइयों को एक साथ लाने की कई कोशिशें नाकाम रही हैं। लेकिन 2024 के विधानसभा चुनावों में शिवसेना और मनसे के निराशाजनक प्रदर्शन ने अब सुलह की मांग को और तेज़ कर दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीएमसी चुनावों में भाजपा और शिंदे गुट के बढ़ते दबदबे को देखते हुए उद्धव ठाकरे गठबंधन के लिए पहले से कहीं अधिक उत्सुक हैं।

हाल ही में बेस्ट वर्कर्स क्रेडिट सोसाइटी चुनाव में शिवसेना (यूबीटी) और मनसे ने मिलकर किस्मत आजमाई थी, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस नतीजे ने दोनों दलों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अलग-अलग चुनाव लड़ने से मुकाबला और मुश्किल हो सकता है।

गणेशोत्सव के बीच ठाकरे बंधुओं की यह नज़दीकी न सिर्फ़ परिवारिक रिश्तों को ताज़ा करती है, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में आने वाले दिनों में बड़े बदलाव की आहट भी देती है।

संत जगत में संग्राम: प्रेमानंद महाराज बनाम रामभद्राचार्य, संत समाज दो खेमों में बंटा

चित्रकूट (राष्ट्र की परम्परा)धार्मिक जगत में इन दिनों संत प्रेमानंद महाराज को लेकर मचा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। जगद्गुरु रामभद्राचार्य द्वारा दिए गए एक बयान ने साधु-संतों की दुनिया को दो खेमों में बाँट दिया है। हाल ही में एक पॉडकास्ट में रामभद्राचार्य ने कहा कि वे प्रेमानंद महाराज को “चमत्कारी” नहीं मानते। इतना ही नहीं, उन्होंने यह चुनौती भी दे डाली कि यदि प्रेमानंद महाराज वास्तव में चमत्कारी हैं, तो वे अपने संस्कृत श्लोकों का अर्थ हिंदी में बताकर दिखाएँ।

रामभद्राचार्य के इस बयान ने संत समाज में हलचल मचा दी। वृंदावन और ब्रज के कई संतों ने उनकी टिप्पणी को अहंकार से प्रेरित बताया है। साधक मधुसूदन दास ने स्पष्ट कहा कि “भक्ति का भाषा से कोई लेना-देना नहीं होता। कोई चाइनीज, कोई फ्रेंच या कोई अन्य भाषा बोलने वाला भी जब भक्ति करता है तो भगवान स्वीकार करते हैं। संस्कृत न आने से भक्ति पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।”

अभिदास महाराज ने प्रेमानंद महाराज को कलियुग का दिव्य संत बताते हुए कहा कि उन्होंने लाखों युवाओं को गलत रास्तों से हटाकर सत्कर्म की ओर अग्रसर किया है। ऐसे संत पर टिप्पणी करना अनुचित है। वहीं, दिनेश फलाहारी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “इतना अहंकार तो रावण में भी नहीं था। प्रेमानंद महाराज का जीवन सादगी भरा है और उनके पास कोई संपत्ति नहीं, जबकि रामभद्राचार्य के पास संपत्ति है। प्रेमानंद के पास केवल राधा नाम की शक्ति है।”

युवाओं के बीच लोकप्रिय अनमोल शास्त्री ने प्रेमानंद महाराज को “युवाओं के दिल की धड़कन” बताते हुए कहा कि किसी संत को यह शोभा नहीं देता कि वह दूसरे को छोटा साबित करे।

स्पष्ट है कि यह विवाद अब सिर्फ़ एक बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संत समाज में गहरी वैचारिक खाई बन गई है। एक ओर रामभद्राचार्य का मत है कि विद्वता और शास्त्रज्ञान ही संतत्व की कसौटी है, तो दूसरी ओर प्रेमानंद महाराज के समर्थक मानते हैं कि भक्ति और सरलता ही सबसे बड़ा चमत्कार है।

यह संतों का टकराव अब धार्मिक जगत ही नहीं, बल्कि भक्त समाज में भी चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।

तीज के दिन छिन गया परिवार का सहारा, संदिग्ध परिस्थितियों में युवक की मौत से गांव में मातम

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। पकड़ी थाना क्षेत्र के डंकिनगंज निवासी दीनानाथ राजभर (36 वर्ष) पुत्र विक्रमा राजभर की मंगलवार की शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार दीनानाथ अपने ससुराल, थाना मनियर क्षेत्र के कम्युनिस्ट मोहल्ला निवासी दीनदयाल राजभर के घर तीज का त्योहार मनाने गए थे। दिनभर परिवार संग खुशी बांटने के बाद देर शाम वे बाजार के लिए निकले, लेकिन अचानक परशुराम स्थान के पीछे पुलिया से फिसलकर बहेरा नाले में गिर पड़े। मौके पर फैली इस खबर ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। घटना के समय पत्नी पूनम देवी मायके में ही थीं। पति की लंबी उम्र के लिए उन्होंने निर्जला व्रत रखा था, लेकिन पति की मौत की सूचना मिलते ही वे बेसुध होकर विलाप करने लगीं। उनका रो-रोकर बुरा हाल है। दो मासूम बेटे अमन (13 वर्ष) और यश (9 वर्ष) बार-बार पूछ रहे हैं कि आखिर उनके पिता कहां चले गए। परिवार की रीढ़ रहे दीनानाथ चार भाइयों में सबसे बड़े थे। उनकी असामयिक मौत की खबर सुनते ही गांव डंकिनगंज थाना पकड़ी में कोहराम मच गया। बूढ़ी मां सुशीला देवी बार-बार बेहोश हो जातीं और फूट-फूटकर यही चीत्कार करतीं लेट हो गइल बा ए बेरा मत जा उनकी करुण पुकार सुनकर हर किसी की आंखें नम हो उठीं। गांव के लोगों ने बताया कि तीज का त्योहार हर साल खुशियों और मंगलकामना का प्रतीक होता है, लेकिन इस बार का तीज मातम में बदल गया। उसी गांव के अशोक ने कहा तीज के दिन ऐसा मंजर कभी नहीं देखा। जब चारों ओर गीत-संगीत और पूजा की गूंज थी, तब एक घर से चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। इस हृदय विदारक हादसे से पूरा क्षेत्र शोकाकुल है।

जनपद के चयनित 12 मुख्य सेविकाओं को वितरित किये गये नियुक्ति पत्र

12 मुख्य सेविकाओं में थारू जनजाति की तीन बेटियों ने हासिल की सफलता

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत प्रदेश के चयनित 2,425 मुख्य सेविकाओं एवं 13 फार्मासिस्टों को नियुक्ति पत्र वितरण हेतु लोक भवन सभागार लखनऊ में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरण किया गया। इस अवसर पर सांसद बहराइच डॉ. आनन्द कुमार गोंड, एमएलसी पदमसेन चौधरी व डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी, विधायक पयागपुर सुभाष त्रिपाठी, सदर अनुपमा जायसवाल, सांसद कैसरगंज करण भूषण सिंह के प्रतिनिधि सुनील सिंह ने मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चन्द्र के साथ जिले के चयनित 12 मुख्य सेविकाओं को नियुक्ति पत्र का वितरण किया। लोकभवन सभागार में आयोजित समारोह का सजीव प्रसारण भी किया गया। विकास भवन सभागार में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में जिले की चयनित वन्दना वर्मा, रीतू मिश्रा, सौम्या चौधरी, शिखा मिश्रा, आयुषी चौधरी, शिवांकिता त्रिपाठी, प्रीति वर्मा, प्रतिभा सिंह, नीलम वर्मा, उर्मिला राणा, कु. रीता व संध्या कुमारी को मौजूद जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों द्वारा नियुक्ति पत्र का वितरण किया गया है। इसके अलावा पोषण ट्रैक्कर एैप व एफआरएस के अन्तर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाली 06 मुख्य सेविकाओं तेजवापुर की रजनी सिंह यादव, नगर की पल्लवी श्रीवास्तव, पयागपुर शिवकुमारी सिंह, महसी की संजू पाण्डेय, फखरपुर स्मिता सिंह व मिहींपुरवा की बीना सक्सेना तथा 12 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों माया देवी, रेनू उर्फ सीमा, पुष्पा देवी, अनीता देवी, सविता पाण्डेय, पुष्पलता, नीतू पाण्डेय, दीपमाला राव, जशीमुन्ननिंशा व नीति सिंह, रूबी रिजवी व राशिदा बेगम को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सदर विधायक प्रतिनिधि शिवम जायसवाल, डीडीओ राज कुमार, पीडीडीआरडीए अरूण कुमार, डीसी मनरेगा रवि पाण्डेय, एनआरएलएम धनन्जय सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी निहारिका विश्वकर्मा, बाल विकास परियोजना अधिकारी विमल सिंह, दीपा गुप्ता, सीमा इजराईल, अनुज कुमार, अंजली गुप्ता, गरिमा श्रीवास्तव, आनन्द कुमार सहित अन्य बाल विकास परियोजना अधिकारी, मुख्य सेविका, कार्यकत्री, नवनियुक्त मुख्य सेविकाओं के अभिभावक तथा अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।