Friday, July 17, 2026
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संत अय्यंकाली की जयंती पर बच्चों ने दिखाई प्रतिभा

विजेताओं को मिला सम्मान

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार, बाबू जगजीवन राम फाउंडेशन, नई दिल्ली और एकलव्य चैरिटेबल एंड एजुकेशनल ट्रस्ट, मगहर के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय होटल के सभागार में संत अय्यंकाली जयंती बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र-छात्राएँ और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं संत अय्यंकाली के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। इसके उपरांत विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर सभी को भावविभोर कर दिया। साथ ही वाद-विवाद, भाषण, निबंध, चित्रकला, नृत्य और नुक्कड़ नाटक जैसी प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं, जिनमें सात विद्यालयों के बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
निबंध प्रतियोगिता में विशाखा गौड़ ने प्रथम, शिवम यादव ने द्वितीय और शिधि उपाध्यक्ष ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। चित्रकला प्रतियोगिता में अंशा आफाक प्रथम, भोलू जायसवाल द्वितीय और नाज़िया अंसारी तृतीय स्थान पर रहीं। विजेताओं को शील्ड और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, वहीं अन्य प्रतिभागियों को भी प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
मुख्य अतिथि महंत विचार दास ने कहा कि संत अय्यंकाली सदैव दलित समाज के लिए प्रेरणा स्रोत रहे हैं। उन्होंने शिक्षा को समाज सुधार का सबसे सशक्त माध्यम माना और अपना पूरा जीवन वंचितों एवं पिछड़े तबके को समान अवसर दिलाने के लिए समर्पित किया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. सुधांशु अरुणाभ मिश्रा ने संत अय्यंकाली के जीवन और योगदान पर प्रकाश डाला। वहीं अमरनाथ यादव, अत्रेश श्रीवास्तव और ई. अरुण गुप्ता ने भी अपने विचार व्यक्त किए। निर्णायक मंडल में अरविंद दास, जुबेर अहमद, नसीम अहमद और धर्मेंद्र गौड़ शामिल रहे।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए मुख्य ट्रस्टी गौरव निषाद ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, शिक्षकों और आयोजकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट आगे भी ऐसे आयोजन करता रहेगा, ताकि नई पीढ़ी संत अय्यंकाली के आदर्शों और विचारों से प्रेरणा प्राप्त कर सके।

संत अय्यंकाली की जयंती पर बच्चों ने दिखाई प्रतिभा

विजेताओं को मिला सम्मान

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार, बाबू जगजीवन राम फाउंडेशन, नई दिल्ली और एकलव्य चैरिटेबल एंड एजुकेशनल ट्रस्ट, मगहर के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय होटल के सभागार में संत अय्यंकाली जयंती बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र-छात्राएँ और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं संत अय्यंकाली के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। इसके उपरांत विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर सभी को भावविभोर कर दिया। साथ ही वाद-विवाद, भाषण, निबंध, चित्रकला, नृत्य और नुक्कड़ नाटक जैसी प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं, जिनमें सात विद्यालयों के बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
निबंध प्रतियोगिता में विशाखा गौड़ ने प्रथम, शिवम यादव ने द्वितीय और शिधि उपाध्यक्ष ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। चित्रकला प्रतियोगिता में अंशा आफाक प्रथम, भोलू जायसवाल द्वितीय और नाज़िया अंसारी तृतीय स्थान पर रहीं। विजेताओं को शील्ड और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, वहीं अन्य प्रतिभागियों को भी प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
मुख्य अतिथि महंत विचार दास ने कहा कि संत अय्यंकाली सदैव दलित समाज के लिए प्रेरणा स्रोत रहे हैं। उन्होंने शिक्षा को समाज सुधार का सबसे सशक्त माध्यम माना और अपना पूरा जीवन वंचितों एवं पिछड़े तबके को समान अवसर दिलाने के लिए समर्पित किया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. सुधांशु अरुणाभ मिश्रा ने संत अय्यंकाली के जीवन और योगदान पर प्रकाश डाला। वहीं अमरनाथ यादव, अत्रेश श्रीवास्तव और ई. अरुण गुप्ता ने भी अपने विचार व्यक्त किए। निर्णायक मंडल में अरविंद दास, जुबेर अहमद, नसीम अहमद और धर्मेंद्र गौड़ शामिल रहे।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए मुख्य ट्रस्टी गौरव निषाद ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, शिक्षकों और आयोजकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट आगे भी ऐसे आयोजन करता रहेगा, ताकि नई पीढ़ी संत अय्यंकाली के आदर्शों और विचारों से प्रेरणा प्राप्त कर सके।

मुगलसराय पुलिस ने 120 ग्राम हेरोइन के साथ तस्कर को दबोचा, कीमत 2 करोड़ रुपये

चंदौली (राष्ट्र की परम्परा) उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले की मुगलसराय कोतवाली पुलिस ने नशे के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक तस्कर को 120 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई जा रही है।

राजस्थान से लाई गई थी हेरोइन पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार तस्कर यह मादक पदार्थ राजस्थान से लेकर आया था और इसकी आपूर्ति गाजीपुर जिले के जमनिया क्षेत्र में की जानी थी। पकड़े गए आरोपी की पहचान चित्तौड़गढ़ जिले के जावदा थाना क्षेत्र के गुजरोकि मोवरन गांव निवासी सीताराम पुत्र देवीलाल के रूप में हुई है।

मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) पीडीडीयू नगर कृष्ण मुरारी ने बताया कि बृहस्पतिवार को कोतवाली पुलिस को सूचना मिली थी कि जीटीआर ब्रिज के पास एक संदिग्ध व्यक्ति झोला लिए खड़ा है। इस पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मानसरोवर पोखरे के पास मौजूद संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया।

तलाशी में मिला नशा व नकदी सीओ ने बताया कि आरोपी के झोले की तलाशी लेने पर दो पैकेटों में रखे 120 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। इसके अलावा उसके पास से एक हजार रुपये नकद भी मिले।

जेल भेजा गया आरोपी पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उसे जेल भेज दिया गया है।

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, आगरा में चतुर्थ चरण की प्रवेश प्रक्रिया 30 अगस्त तक

आगरा (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, बल्केश्वर, आगरा में चतुर्थ चरण के अंतर्गत प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ हो चुकी है। संस्थान के प्रधानाचार्य मान सिंह भारती ने बताया कि जनपद के सभी राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में रिक्त सीटों पर वॉक-इन सिद्धान्त के आधार पर प्रवेश दिए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों को इस प्रक्रिया के अंतर्गत दिनांक 29 अगस्त 2025 को प्रातः 10 बजे संस्थान परिसर, बल्केश्वर, आगरा में उपस्थित होना अनिवार्य है। उपस्थित अभ्यर्थी वॉक-इन सिद्धान्त के आधार पर प्रवेश ले सकेंगे।

प्रधानाचार्य ने स्पष्ट किया कि प्रवेश लेने के बाद सभी अभ्यर्थियों को अपनी वैरिफिकेशन एवं आवश्यक औपचारिकताएँ 30 अगस्त 2025 की अंतिम तिथि से पूर्व पूर्ण करनी होंगी। जो अभ्यर्थी 29 अगस्त को प्रवेश प्रक्रिया में अनुपस्थित रहेंगे, उनके आवेदन पर किसी भी प्रकार से विचार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने जिले के सभी इच्छुक युवाओं से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएँ और समय से उपस्थित होकर प्रवेश सुनिश्चित करें।

डीडीयूजीयू और सीआरसी गोरखपुर के बीच शैक्षणिक सहयोग हेतु एमओयू

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग और कंपोज़िट रीजनल सेंटर फ़ॉर स्किल डेवलपमेंट, रिहैबिलिटेशन ऐंड एम्पावरमेंट ऑफ़ पर्सन्स विथ डिसएबिलिटीज़ (सीआरसी), गोरखपुर के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह केंद्र नेशनल इंस्टिट्यूट फ़ॉर द एम्पावरमेंट ऑफ़ पर्सन्स विथ विज़ुअल डिसएबिलिटीज़ (एनआईईपीवीडी), सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन संचालित है। समझौते का उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक सहयोग और संस्थागत समन्वय को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. अनुभूति दुबे, मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. धनंजय कुमार, सीआरसी गोरखपुर के निदेशक जितेन्द्र यादव, सहायक प्रोफ़ेसर (क्लीनिकल साइकोलॉजी) राजेश कुमार तथा स्पेशल एजुकेटर (वीआई) नागेन्द्र पांडेय उपस्थित रहे। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि यह एमओयू छात्रों को व्यावसायिक प्रशिक्षण और संवेदनशीलता में दक्ष बनाएगा तथा समाज में समावेशन की दिशा में एक सशक्त कदम साबित होगा।
समझौते के अंतर्गत मनोविज्ञान विभाग के विद्यार्थियों को सीआरसी गोरखपुर में इंटर्नशिप, फील्ड विज़िट और प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य, पुनर्वास और सामुदायिक मनोविज्ञान में संयुक्त अनुसंधान को प्रोत्साहन मिलेगा। पुनर्वास मनोविज्ञान और दिव्यांगता अध्ययन पर विशेष प्रशिक्षण सत्र, कार्यशालाएँ और मॉड्यूल विकसित किए जाएंगे। दिव्यांगता एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता के लिए संयुक्त कार्यक्रम, शिक्षकों हेतु एक्सचेंज प्रोग्राम, कार्यशालाएँ और सेमिनार आयोजित किए जाएंगे तथा शोध, पुस्तकालय और अन्य शैक्षणिक संसाधन साझा किए जाएंगे।
यह समझौता तीन वर्षों की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा जिसे आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकेगा। यह एमओयू शिक्षा, अनुसंधान और समाज सेवा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होगा और समाज में समावेशन एवं संवेदनशीलता को नई दिशा मिलेगी।

थोपे गए गृहकर व जलकर का विरोध, अध्यक्ष से मिला संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल का प्रतिनिधिमंडल

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को प्रदेश अध्यक्ष विष्णु अग्रवाल की अध्यक्षता में नगरपालिका अध्यक्ष अलका सिंह एवं ईओ संजय कुमार तिवारी से मिला। इसमें नगरपालिका द्वारा मनमाने ढंग से थोपे गए गृहकर एवं जलकर के विरोध में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि बढ़े हुए कर की वापसी एवं विधिसम्मत प्रक्रिया द्वारा, व्यापारी एवं सामाजिक संगठनों से परामर्श के पश्चात ही कर निर्धारण होना चाहिए। नगर पालिका परिषद् द्वारा हाल ही में गृह कर एवं जल कर में की गई वृद्धि न केवल मनमानी है बल्कि नगर पालिका अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत भी है। इस अधिनियम की धारा 128 से 135 तक करारोपण एवं निर्धारण की प्रक्रिया का स्पष्ट प्रावधान करती हैं, जिनमें यह अनिवार्य है कि कर निर्धारण से पूर्व जन-सुनवाई, आपत्तियों की प्राप्ति एवं निस्तारण की विधि का पालन किया जाए। धारा 131(3) के अनुसार कोई भी नया कर अथवा कर की दर में वृद्धि तब तक लागू नहीं की जा सकती जब तक कि उसके संबंध में आपत्तियाँ आमंत्रित कर विधिवत सुनवाई न की जाए। नगर निकाय अधिनियम की मंशा यह है कि करारोपण जनहित में, पारदर्शी एवं सहमति के आधार पर हो। अतः बिना व्यापारी संगठनों, सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों की सहमति के लिया गया कोई भी निर्णय विधिसंगत नहीं ठहराया जा सकता। स्वकर में दस वर्षों में एक बार कर निर्धारण की प्रक्रिया बताई गई थी जबकि वर्तमान में जिनका कर निर्धारण 2022-23, 2023-2024 में हुआ है उनका भी कर निर्धारण कर प्रक्रिया 2025-26 का हवाला देते हुए नगरपालिका कर्मचारी जिम्मेदार कर रहे हैं ये उचित नहीं हैं। पुनः कर निर्धारण अन्याय पूर्ण है इस पर तत्काल रोक लगाना चाहिए। इसके अलावा अन्य मांग शामिल है। नगरपालिका अध्यक्ष ने शासन स्तर पर पत्र लिखकर नगर वासियों को राहत दिलाने के लिए कहा। इस दौरान जिलाध्यक्ष जवाहर लाल बरनवाल, योगेश सिंह, बशिष्ठ मुनि बरनवाल, संजय गुप्ता, मार्कण्डेय, व्यास चंद्र, अंकित गुप्ता, पंकज वर्मा, पवन जयसवाल, गोपाल मद्धेशिया, सौरभ केडिया, आशीष कनोड़िया, सुरेश गुप्ता, अनूप गुप्ता, राहुल कुमार, विनोद कुमार, दिनेश चंद्र, श्याम रंजन, जवाहर लाल, सोनू मद्देशिया, अनिल कुमार, धनेश पाल, विनोद कुमार, मनमोहन, ओमप्रकाश सिंह, मुन्ना रावत, कृष्ण कुमार, राजकुमार गुप्ता, पवन जयसवाल, संदीप कुमार शामिल रहे।

राष्ट्रीय डिज़ाइन चैलेंज में IET-DDUGU के विद्यार्थी फाइनलिस्ट बने

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयूजीयू) के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। आईईटी-डीडीयूजीयू की पाँच टीमों का चयन ऑटोडेस्क स्किल सर्ज इंटर-स्टेट डिज़ाइन चैलेंज 2025 के फाइनलिस्ट के रूप में हुआ है। इस प्रतियोगिता का आयोजन ट्विनटेक इंजीनियरिंग एंड डिज़ाइन टेक्नोलॉजी प्रा. लि. द्वारा ऑटोडेस्क इंक. के सहयोग से किया गया।
देशभर के 25 से अधिक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों, जिनमें आईआईटी तिरुपति, केआईआईटी, जीएनए और एलपीयू जैसे संस्थान शामिल हैं, से आए 800 से अधिक प्रतिभागियों के बीच हुई इस प्रतिस्पर्धा में आईईटी-डीडीयूजीयू की पाँच टीमों ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
फाइनलिस्ट टीमों में सुन्दरम त्रिपाठी एवं आर्यन कुमार विश्वकर्मा, प्रज्ज्वल पांडेय एवं ओंकार सिंह, ख्याति कुमारी एवं जान्हवी गुप्ता, आनंद गुप्ता एवं शिखा मल्ल तथा अखण्ड प्रताप सिंह एवं मुस्कान प्रजापति शामिल हैं। इन सभी विद्यार्थियों ने डॉ. राहुल कुमार के मार्गदर्शन में यह सफलता अर्जित की है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे गर्व का विषय बताया। कुलपति ने प्रोफेसर-इन-चार्ज प्रो. एस. एन. तिवारी, प्रो. हिमांशु पांडेय (डीन, संकाय इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी) तथा डॉ. राहुल कुमार (समन्वयक, मैकेनिकल इंजीनियरिंग) को उनके योगदान के लिए बधाई दी और प्रतिभागी विद्यार्थियों को आगामी ग्रैंड फिनाले के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

डीएम की अध्यक्षता में डिजिटल क्रॉप सर्वे अंतर्गत ई-खसरा पड़ताल की समीक्षा बैठक संपन्न

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में डिजिटल क्रॉप सर्वे अंतर्गत ई-खसरा पड़ताल की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी भी उपस्थित रहे।
बैठक में उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह ने अवगत कराया कि जनपद में 24 अगस्त से खसरा पड़ताल कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। इस बार मोबाइल ऐप के माध्यम से जियो रेफरेंस गाटा, अर्थात किसान के खेत में बोई गई फसल का फोटो अपलोड किया जाना है। इससे जिले में बोई जाने वाली सभी फसलों का विवरण तैयार हो सकेगा, जिसका लाभ किसानों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष दोनों रूप से मिलेगा। इस कार्य के लिए रोजगार सेवक, पंचायत सहायक और कृषि विभाग के कार्मिक लगाए गए हैं।
जिलाधिकारी ने प्रगति संतोषजनक न पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को कड़ाई से कार्य करने के निर्देश दिए। सभी खंड विकास अधिकारियों को ब्लॉक स्तर पर कर्मचारियों की बैठक कर उन्हें कार्य हेतु निर्देशित करने और आवश्यकता पड़ने पर पुनः प्रशिक्षण प्रदान करने को कहा गया। प्रत्येक कर्मचारी द्वारा 1100 गाटों का सर्वे 20 दिनों में पूरा किया जाना है। शासन स्तर से यह कार्य 15 सितंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में परियोजना निदेशक विजयंत सिंह, उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह सहित संबंधित अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।

जनकपुरी रामलीला महोत्सव की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक सम्पन्न


जिलाधिकारी ने विकास कार्य शीघ्र पूर्ण करने के दिए निर्देश

आगरा,(राष्ट्र की परम्परा)
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता एवं. विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल की गरिमामयी उपस्थिति में जनकपुरी स्थित श्रीरामलीला कमेटी के पदाधिकारियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ रामलीला महोत्सव 2025 की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई।

बैठक में नगर निगम, आगरा विकास प्राधिकरण, स्वास्थ्य विभाग, जल निगम, पीडब्ल्यूडी, जलकल, विद्युत विभाग, दूरसंचार, वन विभाग, फायर डिपार्टमेंट, टोरेंट पावर, मनोरंजन कर विभाग आदि के अधिकारियों ने भाग लिया।

महोत्सव हेतु मुख्य प्रस्तावित कार्य

बैठक में श्रीरामलीला कमेटी के पदाधिकारियों द्वारा बताया गया कि महोत्सव को भव्य एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए विभिन्न कार्य कराए जाने आवश्यक हैं। इनमें –

रामलीला ग्राउंड में नाले की सफाई, रैंप और सीढ़ियों का निर्माण व क्षतिग्रस्त दर्शकदीर्घा की मरम्मत
शोभायात्रा मार्ग पर पेड़ों की छटाई, सड़क निर्माण व इंटरलॉकिंग कार्य
हाई मास्ट लाइट व विद्युत खंभों की मरम्मत तथा प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करना
खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत व जल आपूर्ति की समुचित व्यवस्था
शोभायात्रा मार्ग व ग्राउंड के बड़े नालों को ढकना, नियमित सफाई व एंटी-लार्वा फॉगिंग
इंटरनेट व केबल टीवी तारों को हटाकर सुचारु यातायात व्यवस्था
पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती तथा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
रामलीला महोत्सव का कार्यक्रम
रामलीला महोत्सव के अंतर्गत 6 सितंबर से श्रृंखलाबद्ध कार्यक्रम प्रारंभ होंगे।
6 सितंबर: लाला चन्नोमल जी की बारहद्वारी, मनःकामेश्वर पर गणेश पूजन व मुकुट पूजन
7 सितंबर: मनःकामेश्वरनाथ जी की मुकुट सवारी
9 सितंबर: गणेश जी की सवारी का नगर भ्रमण
10 सितंबर: रावण की दुहाई का नगर परिभ्रमण
11 सितंबर: रामलीला ग्राउंड में मंचीय लीला का शुभारंभ, नारद मोह व विष्मोहिनी लीला का मंचन
12 से 17 सितंबर: श्रीराम जन्मोत्सव, सीता जन्मोत्सव, ताड़का वध, पुष्पवाटिका, धनुष भंजन, परशुराम संवाद, जनकपुरी निमंत्रण तथा भगवान रामचंद्र जी की वर यात्रा
18 सितंबर: जनकपुरी में राम बारात का भव्य आयोजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम
इसके बाद 6 अक्टूबर तक भगवान श्रीराम के जीवन से संबंधित विभिन्न लीलाओं का मंचन एवं कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
विकास कार्यों पर जोर
बैठक में बताया गया कि नगर निगम द्वारा 4 करोड़ 68 लाख 55 हजार रुपये की लागत से विकास कार्यों के टेंडर किए गए हैं। साथ ही लगभग 66 लाख रुपये से रामलीला ग्राउंड में अलग-अलग विकास कार्य किए जाएंगे। विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने आगरा विकास प्राधिकरण से 2 करोड़ रुपये के अतिरिक्त कार्य कराने का अनुरोध किया, जिस पर उचित आश्वासन दिया गया। जल संस्थान द्वारा बताया गया कि पाइप लाइन कार्य प्रगति पर है और शोभायात्रा मार्ग पर खराब पड़े हैंडपंप जल्द दुरुस्त कराए जाएंगे।

जिलाधिकारी के निर्देश

जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने जनकपुरी में कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए, जिसमें नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, जलकल, जलनिगम, वन विभाग, फायर डिपार्टमेंट, टोरेंट, विद्युत विभाग आदि के अधिकारी तैनात रहेंगे।
उन्होंने सभी विभागों को नोडल अधिकारी नामित करने, प्रमुख कार्यक्रमों के दौरान एम्बुलेंस व डॉक्टरों की टीम की उपलब्धता सुनिश्चित करने और एम्बुलेंस हेतु पुलिस विभाग के साथ ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था बनाने को कहा। फायर डिपार्टमेंट को दमकल गाड़ियां और छोटे अग्निशमन यंत्र मौके पर रखने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने साफ-सफाई, नालों की ड्रेनेज कवरिंग, सड़क निर्माण, इंटरलॉकिंग, गिरासू मकानों व छज्जों की पहचान, प्रकाश व्यवस्था, प्रतिदिन एंटी-लार्वा छिड़काव सहित सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराने के आदेश दिए। उन्होंने अधिकारियों को शोभायात्रा मार्ग, रामलीला ग्राउंड व जनकपुरी स्थल का मौके पर निरीक्षण करने और कार्यों को जल्द पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में मौजूद
बैठक मे. विधायक व श्रीरामलीला कमेटी अध्यक्ष पुरुषोत्तम खंडेलवाल, नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल, एडीए उपाध्यक्ष श्रीमती एम. अरुणमोली, अपर जिलाधिकारी (नगर) यमुनाधर चौहान, सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव, श्रीरामलीला कमेटी महामंत्री राजीव कुमार अग्रवाल, मुरारी प्रसाद अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, नितिन कोहली, पंकज अग्रवाल सहित कमेटी एवं जनकपुरी समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में शहर में सुरक्षित, सुगम यातायात,गड्ढा मुक्त सड़क,आदि हेतु उच्च स्तरीय बैठक संपन्न

आगरा (राष्ट्र की परम्परा)संबंधित विभाग की बिना परमीशन के सड़क खोदने,तदसंबंधी प्रोटोकॉल का अनुपालन न करने, रोड़ पर मिट्टी, निर्माण सामग्री मैटेरियल गिराने आदि पर संबंधित के विरुद्ध होगी एफआईआर

बैठक में नगरनिगम,एडीए,मेट्रो प्रोजेक्ट,जलनिगम,पीडब्ल्यूडी, जलकल आदि विभागों के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

आगरा.जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में शहर में सुरक्षित, सुगम यातायात, गड्ढा मुक्त सड़क, बिना संबंधित विभाग की परमीशन के सड़क खुदाई करने, रोड़ पर मैटेरियल,मिट्टी,निर्माण सामग्री आदि गिराने की प्राप्त हो रही विभिन्न शिकायतों के संज्ञान पर उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई।
बैठक में संबंधित विभागों को बिना परमीशन के सड़क खोदने,तदसंबंधी प्रोटोकॉल का अनुपालन न करने, रोड़ पर मिट्टी, निर्माण सामग्री,मैटेरियल गिराने आदि पर जिलाधिकारी द्वारा संबंधित से कड़ी नाराजगी व्यक्त की,जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जलकल, जल निगम,विद्युत आदि विभिन्न विभागों को कार्य कराए जाने हेतु सड़क खुदाई की आवश्यकता है तो अपर जिलाधिकारी (नगर) के माध्यम से संबंधित विभाग से पूर्व अनुमति लेनी होगी तथा तदसंबंधी प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया जाएगा प्रोटोकॉल का अनुपालन न करने पर संबंधित विभाग के अधिकारी व ठेकेदार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज होगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने सुगम, सुरक्षित यातायात हेतु शहर में सड़कों को गड्ढा मुक्त करने हेतु मेट्रो सहित संबंधित विभागों को तत्काल सर्वे कर सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के कड़े निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बैठक में रोड़ पर मिट्टी, निर्माण सामग्री,मैटेरियल गिराने आदि का भी संज्ञान लिया तथा निर्माण व अन्य सामग्री के आवागमन में प्रोटोकॉल का अनुपालन न करने पर संबंधित के विरुद्ध प्रभावी कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए।

बैठक में नागरयुक्त अंकित खंडेलवाल,एडीए उपाध्यक्ष एम. अरुनमोली, डीएफओ राजेश कुमार,अपर जिलाधिकारी (नगर) यमुनाधर चौहान, अपर जिलाधिकारी (प्रोटोकॉल) प्रशांत तिवारी,मेट्रो के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार राय,अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी आरएस वर्मा, जलकल संस्थान, जलनिगम आदि विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

तकनीकी खराबी के चलते इंडिगो का विमान अहमदाबाद में सुरक्षित उतारा गया, यात्रियों के लिए दूसरी उड़ान का इंतजाम

अहमदाबाद (राष्ट्र की परम्परा डेस्क )सूरत से दुबई जा रहे इंडिगो एयरलाइंस के विमान में गुरुवार को उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी आ गई। स्थिति को देखते हुए विमान को अहमदाबाद एयरपोर्ट पर डायवर्ट किया गया, जहां यह पूरी तरह सुरक्षित उतरा। विमान में सवार लगभग 150 यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।

हवाई अड्डा अधिकारी ने बताया कि यह घटना पूर्वाह्न करीब 11 बजकर 40 मिनट पर हुई। विमान को आपातकालीन स्थिति घोषित किए बिना सामान्य प्रक्रिया के तहत अहमदाबाद एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कराया गया।

इंडिगो की ओर से यात्रियों को परेशानी से बचाने के लिए तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की गई। एयरलाइन ने एक अन्य विमान उपलब्ध कराया, जो अपराह्न करीब 1 बजकर 45 मिनट पर दुबई के लिए रवाना हो गया।

वहीं, जिस विमान को तकनीकी खराबी के कारण अहमदाबाद में उतारा गया था, उसका निरीक्षण इंजीनियरों की टीम द्वारा किया जा रहा है। एयरलाइन ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं का पूरा ध्यान रखने का भरोसा दिया है।

सीएम डैशबोर्ड आधारित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित प्राप्तांक एवं ग्रेडिंग के आधार पर विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिन विभागों का प्रदर्शन कमजोर है, वे योजनाओं एवं कार्यों में गुणात्मक प्रगति सुनिश्चित करें। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की धीमी प्रगति पर असंतोष जताते हुए उन्होंने वेंडर्स एवं विद्युत विभाग को अधिक से अधिक रजिस्ट्रेशन कराने के निर्देश दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति घंटे में सुधार और लंबित बिल सुधार प्रकरणों को शीघ्र निस्तारित करने को कहा गया। साथ ही शिफ्टिंग के 61 तथा नए कनेक्शन के 164 मामलों को तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सरकारी एवं शैक्षणिक भवनों में लंबित विद्युत कनेक्शन, ट्रांसफार्मर अथवा पोल शिफ्टिंग जैसी समस्याओं का स्थलीय निरीक्षण कर तत्काल निस्तारण कराने पर जोर दिया।
बैठक में फैमिली आईडी बनाने की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने एडीओ पंचायतों को निर्देशित किया कि जिन परिवारों के पास राशन कार्ड नहीं है, उनका शत-प्रतिशत फैमिली आईडी बनवाना सुनिश्चित करें। शहरी क्षेत्रों में भी प्रगति लाने के निर्देश दिए गए।
कन्या सुमंगला योजना के लंबित आवेदनों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण और जल जीवन मिशन के तहत सभी आच्छादित ग्राम पंचायतों में घर-घर पाइप्ड पानी का कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। अधिशासी अभियंता जल निगम ने बताया कि इस माह 1500 नए कनेक्शन दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों से कहा कि लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति पर विशेष ध्यान दें, ताकि सीएम डैशबोर्ड पर जिले की रैंकिंग बेहतर बनी रहे।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामानुज कनौजिया, परियोजना निदेशक विजयंत सिंह, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी अजय श्रीवास्तव, उपायुक्त उद्योग राजकुमार शर्मा, अधिशासी अभियंता विद्युत राजेश कुमार, उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश चंद्र, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी रवीश चंद्र, श्रम प्रवर्तन अधिकारी मनोज कुमार, जिला उद्यान अधिकारी समुद्रगुप्त मल्ल, डिप्टी आरएमओ कमलेश सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी राजीव कुमार, एआर को-ऑपरेटिव अनूप मिश्रा, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका अवधेश भारती, खंड विकास अधिकारीगण सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

बिहार पुलिस कर्मियों को ड्यूटी के दौरान हादसे में मौत पर 1.50 करोड़ रुपये बीमा का लाभ

पटना(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) अब बिहार पुलिस कर्मियों को ड्यूटी के दौरान हादसे या दुर्घटना में मौत होने की स्थिति में 1.50 करोड़ रुपये बीमा का लाभ मिलेगा। हाल ही में पुलिस विभाग ने सभी रैंक के पुलिसकर्मियों के वेतन पैकेज का प्रबंध बैंक ऑफ बड़ौदा से किया है। इसमें यह बीमा सुविधा भी शामिल है। साथ ही सभी पुलिसकर्मियों का वेतन खाता भी इसी बैंक में स्थानांतरित कर दिया गया है, ताकि उन्हें अन्य बैंकिंग लाभ भी समय पर मिल सके।

एडीजी (बजट, अपील एवं कल्याण) डॉ. कमल किशोर सिंह ने पुलिस मुख्यालय, सरदार पटेल भवन के सभागार में गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संबंधित पुलिसकर्मी की ड्यूटी के दौरान मौत होने पर यह राशि सीधे उनके परिजनों को प्रदान की जाएगी।

इसके अलावा, पुलिस सहायता कल्याण कोष से भी असमय मृत्यु होने पर परिजनों को सालाना 24 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। इस वर्ष 83 लाभार्थियों को कुल 32 लाख रुपये वितरित किए जा रहे हैं, जबकि अब तक लगभग 1300 लोगों को सहायता उपलब्ध कराई गई है।

एडीजी ने बताया कि वर्ष 2009 में मेतिहारी में ट्रैफिक सिपाही मारगेट हंसदा की मौत हुई थी। अब उनकी पुत्री को अनुकंपा पर नौकरी दी जा रही है।

वक्फ भूमि पर फर्जी बिक्री का मामला दर्ज

सिकन्दरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

वक्फ की बहुमूल्य भूमि को फर्जी तरीके से बेचने के मामले में थाना सिकन्दरपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई वक्फ प्रबंधक हारूनल रसीद की शिकायत पर न्यायालय के आदेश के बाद की गई।
मामला मौजा ग्राम चक मुबारक की गाटा संख्या 136/2, रकबा 0.5220 हेक्टेयर भूमि से जुड़ा है। आरोप है कि इस भूमि का एक हिस्सा तजे अहमद ने 9 मई 2023 को सुनेहा के नाम रजिस्ट्री करा दिया, जबकि यह भूमि वक्फ संपत्ति है। इस फर्जी रजिस्ट्री में गुंजन परवीन और राशिद समेत अन्य लोगों की संलिप्तता बताई गई है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने तजे अहमद सहित अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 420 व 504 के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना उपनिरीक्षक अश्वनी कुमार मिश्रा को सौंपी है।

बच्चों द्वारा भीख मांगना-(एक सामाजिक बुराई)

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। यदि कोई भी व्यक्ति किसी किशोर अथवा बच्चे से भीख मंगवाता है अथवा इस उद्देश्य से रोजगार पर रखता है तो उसे 3 वर्ष तक कैद की सजा दी जा सकती है और उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है आईपीसी की धारा 363A के तहत बच्चों के द्वारा भीख मंगवाने पर 10 साल की कारावास का प्रावधान है लेकिन फिर भी स्थिति में सुधार नहीं है आज भी बच्चे भीख मांगते नजर आते हैं अक्सर छोटे बच्चों को भीख मांगते या हाथ फैलाए रास्ते में चौराहे मंदिर बस स्टेशन रेलवे स्टेशन तथा होटलों के सामने आपने अवश्य देखा होगा भीख मंगवाना या बच्चों से काम करवाना घोर अपराध है क्योंकि लेकिन हम सभी इस विषय पर विचार करने के बजाय आगे बढ़ जाते हैं इस तरह से हम सभी अपने नैतिक तथा सामाजिक दायित्व की अवहेलना करते हैं हमारे द्वारा इस समस्या पर गंभीरता से विचार अथवा कार्यवाही ना करना ही इस अपराध को बढ़ाने में मददगार साबित होता है और अपराधी निर्भीक होकर बच्चों का शोषण करता है यूनिसेफ की माने तो दुनिया भर में तकरीबन 10 मिलियन बच्चे बाल श्रम में लिप्त हैं गरीबी भूखमरी तथा आय की असमानताओं के चलते देश में एक वर्ग ऐसा भी है जिसे भोजन कपड़ा और आवास जैसी आधारभूत सुविधाएं भी प्राप्त नहीं हो पाती हैं यह वर्ग कई बार मजबूर होकर भीख मांगने का विकल्प अपना लेता है कई बार गरीबी से पीड़ित व्यक्ति की मजबूरी का फायदा कुछ विरोधी उठाते हैं ऐसे गिरोह संगठित रूप से भिक्षावृत्ति के रैकेट चलाते हैं यह गरीब व्यक्तियों को लालच देकर या डरा धमकाकर नशीले ड्रग्स देकर भीख मांगने को मजबूर करते हैं भीख मांगना एक सामाजिक बुराई है जिसे जड़ से मिटाने के लिए निम्नलिखित प्रयास किया जाना चाहिए—
1-भिक्षावृत्ति पर कड़ाई से प्रतिबंध लगाना चाहिए
2-किसी को भी भिक्षा वृत्ति को बढ़ावा नहीं देना चाहिए
3-भूखे व जरूरतमंदों को खाना
कपड़ा देना चाहिए
4-भिक्षावृत्ति करने वालों का पहचान पत्र होना चाहिए

  • सीमा त्रिपाठी
    (शिक्षिका साहित्यकार लेखिका)