पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बिहार सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों की शिक्षा और पोषण का मजबूत आधार बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। चुनाव के बाद यह नई व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू होगी। अब आंगनबाड़ी केंद्र सिर्फ पोषाहार वितरण का माध्यम नहीं रहेंगे, बल्कि स्कूल जैसी दिनचर्या के साथ बच्चों को पढ़ाई और अनुशासन से भी जोड़ा जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर सुबह घंटी बजेगी, बच्चे प्रार्थना करेंगे और उसके बाद पढ़ाई का सत्र चलेगा। निर्धारित समय पर बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही महीने में एक बार अभिभावक बैठक आयोजित होगी, जिसमें बच्चों की स्वास्थ्य रिपोर्ट साझा की जाएगी।
सरकार ने बच्चों को एक जैसी ड्रेस उपलब्ध कराने की भी पहल की है। यह यूनिफॉर्म जीविका दीदियों के माध्यम से वितरित की जा रही है और जिन जिलों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां यूनिफॉर्म पहनकर आना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे बच्चों में न केवल अनुशासन की भावना विकसित होगी बल्कि उन्हें स्कूल जैसी वातावरण का भी अनुभव मिलेगा।
आंगनबाड़ी केंद्रों को रंगीन और आकर्षक बनाने की योजना भी शुरू की गई है। केंद्रों की दीवारों पर फूल, फल, जानवर और पक्षियों की चित्रकारी कराई जाएगी ताकि बच्चे खेल-खेल में सीखने की प्रक्रिया से जुड़ सकें।
सरकार का दावा है कि इस नई पहल से बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ेगी, उन्हें संतुलित पोषण मिलेगा और साथ ही प्राथमिक शिक्षा की मजबूत नींव तैयार होगी। यह कदम ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक बड़ा बदलाव साबित होगा।
गोंदिया-वैश्विक स्तरपर भारत ने 2 सितंबर 2025 को सेमीकंडक्टर इंडिया कॉन्फ्रेंस का ऐतिहासिक उद्घाटन करके न केवल एक तकनीकी युग का शुभारंभ किया बल्कि वैश्विक राजनीति,अर्थव्यवस्था और तकनीक की दिशा में भी एक निर्णायक मोड़ ला दिया। इस कॉन्फ्रेंस में दुनियाभर से 100 से अधिक विशेषज्ञों और विभिन्न देशों ने भाग लिया। यह आयोजन भारत की उस महत्वाकांक्षा का प्रतीक था जिसमें वह स्वयं को केवल डिजिटल उपभोक्ता के रूप में नहीं बल्कि डिजिटल उत्पादक और तकनीकी नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करना चाहता है। मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र यह मानता हूं कि, जिस प्रकार 20वीं सदी ने तेल की क्रांति से दुनियाँ का आर्थिक और राजनीतिक मानचित्र बदला था, ठीक उसी प्रकार 21वीं सदी में सेमीकंडक्टर चिप दुनियाँ का समीकरण बदल रही है और भारत इस बदलाव का केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।तेल को 20वीं सदी का काला सोना कहा गया था। जिन देशों के पास तेल था उन्होंने न केवल आर्थिक समृद्धि पाई बल्कि विश्वराजनीति में भी प्रमुख भूमिका निभाई। अमेरिका और खाड़ी देशों का वर्चस्व इसी ऊर्जा राजनीति पर आधारित रहा। अब वही स्थिति सेमीकंडक्टर की है।तेल ने पिछली शताब्दी में औद्योगिक क्रांति और ऊर्जा आधारित भू-राजनीति को दिशा दी थी। चिप वह अदृश्य हीरा है जो हर मशीन, हर उपकरण और हर डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का दिमाग बन चुका है। चाहे वह मोबाइल फोन हो, लैपटॉप,टीवी,इलेक्ट्रिक गाड़ियां, कैलकुलेटर, घड़ी, रक्षा उपकरण या फिर अंतरिक्ष उपग्रह, किसी भी तकनीकी उत्पाद का संचालन बिना चिप के असंभव है। यही कारण है कि आज दुनियाँ का हर बड़ा देश इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और वर्चस्व के लिए संघर्ष कर रहा है।
साथियों बात अगर हम भारत में 2 सितंबर 2025 का दिन “चिप क्रांति का ऐतिहासिक दिन”की करें तो सेमीकंडक्टर कॉन्फ्रेंस का आयोजन केवल एक उद्घाटन समारोह नहीं था बल्कि यह भारत के भविष्य का खाका था। पीएम ने जिस “डिजिटल डायमंड” की बात की,वह केवल एक प्रतीक नहीं बल्कि वास्तविकता की ओर बढ़ता हुआ कदम है। भारत ने यह दिखा दिया है कि वह केवल डेटा उपभोक्ता राष्ट्र नहीं बल्कि तकनीकीशिल्पकार बन सकता है।इस पूरे परिप्रेक्ष्य में कहा जा सकता है कि 2 सितंबर 2025 का दिन भारतीय इतिहास में “चिप युग का आगाज” कहलाएगा।जैसे आजादी का दिन 15 अगस्त 1947 ने राजनीतिक स्वतंत्रता दी थी, वैसे ही 2 सितंबर 2025 ने तकनीकी स्वतंत्रता की दिशा में पहला कदम दिया है। विक्रम चिप भारत के आत्मनिर्भर भविष्य का प्रतीक है और यह भारत को 21वीं सदी में डिजिटल सुपरपावर बनने की दिशा में अग्रसर करेगा।यह वही क्षण है,जब भारत ने अपनी नई पहचान गढ़ते हुए यह घोषणा की कि आने वाले वर्षों में वह केवल चिप आयातक नहीं रहेगा बल्कि निर्यातक भी बनेगा। भारतीय पीएम ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि भारत अब डिजिटल उपभोक्ता नहीं बल्कि निर्माता बनने की राह पर है। उन्होंने भारत को “डिजिटल डायमंड” के रूप में परिभाषित करते हुए यह स्पष्ट किया कि देश में स्वदेशी क्रांति की नई नींव रखी जा चुकी है।
साथियों बात अगर कर हम सेमीकंडक्टर के वैश्विक महत्व की करें तो,सेमीकंडक्टर का महत्व केवल अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा और सामरिक शक्ति से भी जुड़ा है। आजकल के युद्ध केवल पारंपरिक हथियारों से नहीं लड़े जाते बल्कि साइबर युद्ध, ड्रोन, मिसाइल गाइडेंस सिस्टम और एआई आधारित तकनीकों से लड़े जाते हैं। इन सभी का संचालन चिप्स के बिना संभव नहीं। यदि किसी देश के पास अपनी चिप निर्माण क्षमता है तो वह न केवल आत्मनिर्भर रहेगा बल्कि अपने विरोधियों पर तकनीकी बढ़त भी बनाएगा। भारत के लिए यह रक्षा और अंतरिक्ष दोनों ही क्षेत्रों में निर्णायक साबित होगा। वैश्विक स्तर पर भारत की सेमीकंडक्टर पहल अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा के बीच संतुलनकारी भूमिका निभा सकती है। अमेरिका ताइवान और कोरिया पर निर्भर है लेकिन उसे भारत जैसे स्थिर और विश्वसनीय भागीदार की आवश्यकता है। चीन अपनी तकनीकी शक्ति बढ़ा रहा है, लेकिन उस पर भरोसा करने में पश्चिमी देश हिचकिचाते हैं। भारत यदि अपनी चिप इंडस्ट्री को तेजी से विकसित करता है तो वह न केवल आत्मनिर्भर बनेगा बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भी एक निर्णायक हिस्सा होगा।
साथियों बात अगर हम सेमीकंडक्टर की परिभाषा समझनें की करें तो, यह बेहद महत्वपूर्ण है। सेमीकंडक्टर एक ऐसा पदार्थ होता है जिसकी चालकता(कंडक्टिविटी) धातु और अचालक(इन्सुलेटर) के बीच होतीहै,सिलिकॉन इसका सबसे प्रमुख उदाहरण है।जब इसमें डोपिंग की जाती है तो यह नियंत्रित तरीके से विद्युत प्रवाह को संचालित करता है और इसी से ट्रांजिस्टर, माइक्रोप्रोसेसर और मेमोरी चिप बनाए जाते हैं। सरल भाषा में कहा जाए तो सेमीकंडक्टर चिप किसी भी मशीन का दिमाग होता है। यह मशीन को सोचने, निर्णय लेने और सही समय पर सही कार्य करने की क्षमता देता है। यही कारण है कि इसे आधुनिक सभ्यता का आधारस्तंभ कहा जा सकता है।कोई भी देश जो सेमीकंडक्टर निर्माण और डिजाइन में अग्रणी है, वह केवल तकनीकी शक्ति ही नहीं बल्कि वैश्विक राजनीति में भी नियंत्रण स्थापित करता है। यही वजह है कि अमेरिका, चीन, ताइवान, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देश इस क्षेत्र में तीव्र प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। अमेरिका अपनी तकनीकी श्रेष्ठता बनाए रखने के लिए ताइवान जिसकी जनसंख्या भारत के दिल्ली से भी काम है लेकिन वह विश्व में चिप का टॉप निर्माता है उसकी टीएसएमसी और दक्षिण कोरिया की सैमसंग जैसी कंपनियों पर निर्भर है। चीन अपने “मेड इन चाइना 2025” मिशन के तहत इस क्षेत्र में भारी निवेश कर रहा है। ऐसे में भारत का इस क्षेत्र में कदम रखना केवल आर्थिक ही नहीं बल्कि भू-राजनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
साथियों बातें अगर हम सेमीकंडक्टर बनाने की जटिल प्रक्रिया की करें तो, सेमीकंडक्टर निर्माण बेहद जटिल प्रक्रिया है। एक चिप बनाने के लिए सैकड़ों चरणों से गुजरना पड़ता है।इसके लिए “फैब यूनिट” की आवश्यकता होती है जिसे बनाना और चलाना अत्यंत महंगा और कठिन है। एक फैब यूनिट में 25, से 51हज़ार करोड़ रुपए तक का निवेश लगता है। इसके अलावा वहां स्वच्छता का स्तर इतना ऊंचा होता है कि उसकी तुलना अस्पताल के आईसीयू से भी नहीं की जा सकती। वास्तव में फैब यूनिट की स्वच्छता आईसीयू से हजार गुना अधिक होती है क्योंकि एक छोटे से धूलकण से भी पूरी चिप नष्ट हो सकती है। इसीलिए इसे दुनियाँ की सबसे जटिल उत्पादन प्रक्रिया कहा जाता है।भारत ने इस चुनौती को स्वीकार कर दुनियाँ को यह संदेश दिया है कि वह अब केवल उपभोक्ता नहीं रहेगा। यह कदम भारतीय युवाओं और इंजीनियरों के लिए भी अवसरों का नया द्वार खोलता है। भारत में बड़ी संख्या में इंजीनियरिंग स्नातक और आईटी पेशेवर मौजूद हैं।अब उन्हें सेमीकंडक्टर डिजाइनफैब्रिकेशन और टेस्टिंग जैसे क्षेत्रों में रोजगार मिलेगा। यह भारत की अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है।
साथियों बात अगर हम भारत की”विक्रम चिप” नाम रखने की करें तो,इसका नाम विक्रम साराभाई के नाम पर रखा गया है। विक्रम साराभाई को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक कहा जाता है। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद भारत को अंतरिक्ष शक्ति के रूप में खड़ा किया। आज इस नाम का उपयोग कर भारत ने यह संदेश दिया है कि जिस प्रकार अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत ने आत्मनिर्भरता पाई थी,उसी प्रकार सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी वह आत्मनिर्भर होगा। विक्रम चिप केवल तकनीक नहीं बल्कि एक राष्ट्रीय विरासत और आत्मनिर्भरता की पहचान है।
साथियों बात अगर हम भारत की इस क्रांति का असर “ग्लोबल साउथ” के देशों पर भी पड़ेगा। विकासशील देश अबतक तकनीक के मामले में पश्चिम और पूर्वी एशिया पर निर्भर थे। लेकिन भारत यदि एक मजबूत चिप सप्लायर बनता है तो वह इन देशों को भी विकल्प दे सकेगा। इससे तकनीकी साम्राज्यवाद की पकड़ ढीली होगी और विकासशील देशों को अधिक अवसर मिलेंगे।अर्थव्यवस्था की दृष्टि से देखें तो भारत की सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री आने वाले वर्षों में लाखों रोजगार उत्पन्न करेगी। निर्यात से अरबों डॉलर की आय होगी। ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता से आयात पर निर्भरता घटेगी और चालू खाता घाटा कम होगा। भारत का जीडीपी इस क्षेत्र से नई गति प्राप्त करेगा।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विशेषण करें तो हम पाएंगे कि भारत की सेमीकंडक्टर क्रांति- विक्रम चिप और वैश्विकडिजिटल शक्तिका नया अध्याय, सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बड़ी छलांग चिप के बिना कोई भी इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल उपकरण कार्य नहीं कर सकता।सेमीकंडक्टर को आधुनिक युग का “डिजिटल ऑक्सीजन” कहा जा रहा है।
–संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
“आर्थिक उन्नति और तरक्की का दिन, पर धैर्य से बढ़ेगी सफलता”
आज कई राशियों के लिए आर्थिक उन्नति, व्यापार में प्रगति और नई संभावनाओं के द्वार खुल रहे हैं। हालांकि, कुछ जातकों को गलतफहमी, स्वास्थ्य संबंधी चिंता और पारिवारिक विवाद से जूझना पड़ सकता है। ऐसे में धैर्य, विवेक और संवाद ही आपकी शक्ति बनेंगे। आइए जानते हैं 12 राशियों का आज का हाल—
♈ मेष (Aries) 👉 आपकी योग्यता और सलाह दूसरों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। 💰 आर्थिक लाभ व पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि संभव। ⭐ अधिकार बढ़ेंगे, जिससे आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
♉ वृषभ (Taurus) 👉 परिवार में सम्मान और प्रभाव बढ़ेगा। 💼 कार्यक्षेत्र में लाभ और बड़े लोगों से संपर्क होंगे। ⚠ परिवार में हल्के मतभेद संभव, धैर्य रखें।
♊ मिथुन (Gemini) 👉 ऋण, रोग और पुराने विवादों से मुक्ति मिलेगी। ⚠ विरोधी पक्ष हावी रहने की कोशिश करेगा। 🤝 संयमित रहें, जल्द ही हालात आपके पक्ष में होंगे।
♋ कर्क (Cancer) 👉 धर्म-कर्म और आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। 🚗 यात्रा का योग है, लेकिन स्थगित करना ही बेहतर होगा। 😊 मानसिक चिंताएं दूर होंगी।
♌ सिंह (Leo) 👉 प्रतियोगिता, खेल और इंटरव्यू में सफलता मिलेगी। 🏆 आज का दिन उपलब्धियों और आत्मसंतोष से भरा रहेगा। 🌟 नई संभावनाएं आपके सामने खुलेंगी।
♍ कन्या (Virgo) 👉 बिगड़े हालात आज सुधरेंगे। 👨👩👧 वरिष्ठ जनों और बुज़ुर्गों से लाभ मिलेगा। ⭐ जो भी कार्य करेंगे, उसमें सफलता निश्चित है।
♎ तुला (Libra) 👉 अटका हुआ धन वापस मिलेगा। 📈 उन्नति और तरक्की के नए अवसर मिलेंगे। 💼 व्यापारिक प्रतिस्पर्धा में जीत आपकी होगी।
♏ वृश्चिक (Scorpio) 👉 उपलब्धियों से मन शांत और प्रसन्न रहेगा। 🚫 लंबी यात्राओं से बचना उचित रहेगा। ⭐ कार्यक्षेत्र में सकारात्मक माहौल मिलेगा।
♐ धनु (Sagittarius) 👉 अधिक लालच करने से नुकसान संभव। 👨👩👧 वैवाहिक व पारिवारिक कार्यक्रमों में व्यस्त रहेंगे। ⚠ सावधानी और संयम से कार्य करें।
♑ मकर (Capricorn) 👉 परिश्रम का पूरा फल मिलेगा। 🎯 मनोरथ पूरे होंगे और लक्ष्य सिद्ध होगा। 💰 आर्थिक व सामाजिक लाभ की संभावना।
♒ कुंभ (Aquarius) 👉 संवाद से बड़ी समस्या का समाधान निकलेगा। 🎉 किसी खास प्रतिभोज या सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। ⭐ नए रिश्ते और अवसर आपके लिए लाभकारी साबित होंगे।
♓ मीन (Pisces) 👉 मित्रता की परीक्षा में सफल रहेंगे। 🏠 घर-परिवार में आनंददायक वातावरण रहेगा। ⭐ जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।
✨ आज का दिन कई राशियों के लिए आर्थिक और सामाजिक प्रगति का संदेश लाता है। सावधानी रखें, धैर्य रखें और अवसरों का पूरा लाभ उठाएं।
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) आउटसोर्सिंग कर्मियों की समस्याओं के समाधान और उन्हें समय से वेतन-सुविधाएं दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में अब उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) का गठन किया जाएगा। यह निगम कंपनी एक्ट-2013 के सेक्शन-8 के तहत पब्लिक लिमिटेड (नॉन-प्रॉफिटेबल) कंपनी के रूप में रजिस्टर्ड होगा।
निगम का मुख्य उद्देश्य आउटसोर्सिंग एजेंसियों का इम्पैनलमेंट, ब्लैकलिस्टिंग, पैनल्टी, मानीटरिंग व मानक निर्धारण करना होगा। चयन प्रक्रिया पारदर्शी बनाने के लिए एजेंसियों का पंजीकरण जेम पोर्टल पर तीन वर्ष के लिए होगा।
निगम की प्रमुख व्यवस्थाएं आउटसोर्स कर्मियों का पारिश्रमिक, ईपीएफ, ईएसआई हर माह की 5 तारीख तक जमा होगा।आरक्षण का लाभ एससी/एसटी, ओबीसी, पूर्व सैनिक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रितों, दिव्यांगजनों व महिलाओं को मिलेगा।कर्मियों का चयन लिखित परीक्षा, अतिरिक्त योग्यता व स्थायी निवास के आधार पर होगा।कर्मियों को ईएसआईसी (मेडिकल व मातृत्व अवकाश) और ईपीएफ (पेंशन, बीमा, पारिवारिक पेंशन) की सुविधाएं मिलेंगी।नियमित/सृजित पदों के स्थान पर सेवाएं नहीं ली जाएंगी।कर्मियों को हटाने का निर्णय एजेंसी निगम की सहमति से ही करेगी।निगम के खर्च के बाद सर्विस चार्ज का हिस्सा वेलफेयर फंड में जाएगा।
श्रेणी-4 : लिफ्ट ऑपरेटर, कार्यालय अधीनस्थ, भंडारण, डाक, खान-पान, बागवानी, सुरक्षा, फायर, सैनिटेशन आदि सेवाएं – ₹20,000/-
संगठनात्मक ढांचा निगम में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, सलाहकार समिति, निगम मुख्यालय के साथ-साथ शासन, मण्डल, जिला और स्थानीय स्तर पर मानीटरिंग कमेटी बनाई जाएगी।
महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम सभा कटहरा निवासी पप्पू साहनी की 14 वर्षीय पुत्री सुनीता का शव मंगलवार दोपहर आम के पेड़ से फंदे पर लटकता मिला। घटना की जानकारी होते ही गांव में सनसनी फैल गई।परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्राप्त समाचार के अनुसार ग्राम पंचायत कटहरा टोला समय स्थान निवासी पप्पू साहनी पुत्री सुनीता उम्र 14 वर्ष बागापार चौराहा स्थित इण्डियन पब्लिक स्कूल की कक्षा 6 की छात्रा थी। वह रोजाना की तरह सोमवार को पढ़ने गयी थी। छुट्टी होने के बाद घर पहुंची शाम लगभग 6 बजे घर से निकल कर कही चली गयी। देर रात तक जब वह घर नही पहुंची तो परिजन खोजना प्रारम्भ किए।लेकिन पता नही चला,परिजन नात रिश्तेदारों के वहां सम्पर्क किये तो पता नही चला। पुरी रात परिजन लड़की के खोज बिन में लगे रहे । मंगलवार को दोपहर गांव की कुछ औरतें बागीचे के तरफ गई तो शव आम की डाल में लटकता देख शोर मचाया शोर सुन कर परिजन सहित गांव के तमाम लोग जुट गए और परिजनों ने घटना की सूचना बागापार चौकी पुलिस को दी।सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी मनीष कुमार पटेल मय फोर्स के साथ घटना स्थल पर पहुंच कर घटना का जायजा लिया साथ ही घटना के बारे मे अपने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया सूचना मिलते ही सीओ सदर कोतवाली प्रभारी निर्भय कुमार सिंह व स्काट टीम मौके पर पहुंच कर घटना का जायजा लिया साथ ही घटना से जुड़े कुछ सबूत अपने साथ उठा ले गए।पुलिस ने शव का पंचनामा कराने के बाद शव को अपने कब्जे में लेकर पीएम के लिए मर्चरी हाउस महराजगंज भेज दिया। साथ ही घटना के बारे में पुलिस बिंदु वार जांच करने में जुट गई है। गौरतलब बात यह है कि लड़की के गले में उसी के दुपट्टे से फंदा लगाया गया है। और घटना के समय लड़की का पैर जमीन से टकराता दिखा। लड़की के बाएं हाथ पर पेन से लिखा है कि सुनीता अपने से मर गया साथ पढ़ रहा भाई अमरनाथ ने बताया कि स्कूल से छुट्टी होने के बाद रास्ते मे बागापार के कुछ युवक मोटरसाईकिल से बहन का पीछा कर रास्ते मे रोक कर छीटा कसी करते थे। हमें देखने पर लोग भग जाते थे जिसकी शिकायत पिता को कई बार दिया है। लड़के के कहने के अनुसार परिजनो ने तीन लोगो पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया है।तीनो लोगो को पुलिस कोतवाली ले जाकर पूछ-ताछ कर रही है। वही छात्रा के बैग से कापियों में लिखे मोबाइल नम्बर भी मिले है। इस सम्बंध में बागापार चौकी प्रभारी मनीष कुमार पटेल से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि कुछ बच्चों को पूछ-ताछ के लिए लाया गया है। मृतक लड़की के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी हाउस महराजगंज भेज दिया गया है। पीएम रिपोर्ट से घटना का खुलासा किया जा सकता है।
देवरिया, (राष्ट्र की परम्परा) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव मनोज कुमार तिवारी ने राजकीय बाल गृह देवरिया का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण, नियमित व्यायाम, पौष्टिक भोजन तथा साफ-सफाई एवं सुरक्षा पर विशेष निर्देश दिए। साथ ही बाल गृह के प्रपत्रों का अवलोकन भी किया।
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला सेवायोजन कार्यालय व मॉडल करियर सेंटर, देवरिया के संयुक्त तत्वावधान में 3 सितम्बर (बुधवार) को जीआईटीआई कैम्पस स्थित सेवायोजन कार्यालय में एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन होगा। इसमें श्रीराम फाइनेंस कम्पनी द्वारा विभिन्न पदों के लिए अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। न्यूनतम योग्यता हाईस्कूल से डिप्लोमा तक निर्धारित है तथा आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। रोजगार मेला पूर्णतः निःशुल्क है। इच्छुक अभ्यर्थी सेवायोजन कार्यालय से अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l तहसील बरहज के घाघरा नदी स्थित गौरा घाट पर मंगलवार को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं 11वीं बटालियन एनडीआरएफ के संयुक्त तत्वावधान में बाढ़ आपदा से बचाव का मॉक ड्रिल किया गया। यह अभ्यास जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के दिशानिर्देश एवं उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में, उपकमांडेंट कुलदीप सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ। एनडीआरएफ के जवानों ने पांच अलग-अलग परिस्थितियों में बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया, जिसमें नाव दुर्घटना, डूबते व्यक्ति की मदद, नदी में लापता की खोज तथा अस्थायी लाइफ जैकेट बनाने जैसे उपाय शामिल रहे। अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) राम शंकर ने कहा कि ऐसे अभ्यास ग्रामीणों का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और उन्हें आपदा से निपटने के लिए तैयार करते हैं। अभ्यास में एसडीएम विपिन द्विवेदी, तहसीलदार अरुण कुमार, विभिन्न विभागों के अधिकारी, 26 वाहिनी पीएसी बाढ़ दल तथा सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस के एक बयान ने सोशल मीडिया पर हड़कंप मचा दिया है। बीते दिनों दिए गए इस बयान के बाद ट्विटर (X) पर अचानक #TrumpIsDead ट्रेंड करने लगा।
वेंस ने कहा था— “पिछले 200 दिनों में मुझे बहुत अच्छी ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग मिली है। अगर भगवान न करे, कोई भयानक हादसा हो जाता है तो मैं पिछले 200 दिनों में मुझे जो ट्रेनिंग मिली है उससे बेहतर तैयारी के बारे में नहीं सोच सकता।” इस बयान को लेकर लोगों ने तरह-तरह के कयास लगाने शुरू कर दिए।
दरअसल, हाल ही में सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें और वीडियो सामने आए थे, जिनमें किसी ने डोनाल्ड ट्रंप के हाथ पर पड़े निशान को लेकर सवाल खड़े किए तो किसी ने उनके पैरों में सूजन दिखाकर स्वास्थ्य संबंधी थ्योरियां गढ़ डालीं। इन चर्चाओं के बीच जे.डी. वेंस का यह बयान सामने आना आग में घी का काम कर गया।
अब सोशल मीडिया पर तरह-तरह की कहानियां और अफवाहें फैल रही हैं। समर्थक और विरोधी दोनों ही #TrumpIsDead हैशटैग का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर ट्रंप की सेहत को लेकर किसी तरह की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन यह पूरा घटनाक्रम अमेरिकी राजनीति में हलचल पैदा कर चुका है।
श्रीनगर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) में ड्यूटी के दौरान हुए हादसे में बिहार के सारण जिले का लाल, सेना का जवान छोटू शर्मा शहीद हो गया। मंगलवार को दिघवारा प्रखंड के पिपरा गंगा घाट पर उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। गंगा किनारे उमड़ी भीड़ में हर आंख नम थी और वातावरण भारत माता की जय, वंदे मातरम व “शहीद छोटू शर्मा अमर रहे” के नारों से गूंज उठा।
शहीद छोटू शर्मा का पार्थिव शरीर जैसे ही उनके पैतृक गांव बेला शर्मा टोला पहुंचा, जनसैलाब उमड़ पड़ा। ग्रामीणों ने तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर अंतिम विदाई दी। परिजन शव से लिपटकर रोते-बिलखते रहे, तो वहीं ग्रामीण उन्हें सांत्वना देने में लगे रहे। बाद में पिपरा गंगा घाट पर सैन्य जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया और उनके भतीजे ऋषभ ने मुखाग्नि दी।
2017 में बने सिपाही, श्रीनगर में थी तैनाती छोटू शर्मा वर्ष 2017 में दानापुर आर्मी भर्ती से सेना में शामिल हुए थे। फिलहाल वे श्रीनगर में राष्ट्रीय राइफल की 24वीं बटालियन में सिपाही के पद पर तैनात थे। शनिवार की शाम करीब तीन बजे ड्यूटी के दौरान सैनिक वाहन से उतरते समय उनकी रायफल से अचानक गोली चल गई, जो सिर में लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
चार भाइयों में सबसे छोटे, पिता का साया बचपन में ही छिना शहीद चार भाइयों में सबसे छोटे थे। उनकी तीन बहनें भी हैं। एक भाई अपाहिज है और दो भाई प्राइवेट नौकरी करते हैं। बचपन में ही पिता का निधन हो गया था। मां कामिनी देवी ने तमाम कठिनाइयों में बच्चों को पाला। मेहनत और लगन से छोटू ने सेना में जगह बनाई और घर की आर्थिक स्थिति सुधरी।
9 मई को हुई थी शादी, 4 महीने में टूटा बंधन परिवार की खुशियां धीरे-धीरे लौट रही थीं कि इसी बीच 9 मई को छोटू का विवाह धूमधाम से सुष्मिता से हुआ। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। शादी के महज चार महीने बाद ही सुष्मिता का सुहाग उजड़ गया। शहीद की विधवा मां और पत्नी की हालत देख पूरा गांव गमगीन है।
नेताओं और अफसरों ने दी श्रद्धांजलि सोमवार की शाम पटना एयरपोर्ट पर उनका पार्थिव शरीर लाया गया। वहां से दानापुर छावनी ले जाया गया, जहां उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय समेत कई नेताओं और अफसरों ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। मंगलवार सुबह उनका शव सेना के वाहन से पैतृक गांव पहुंचा।
छोटू शर्मा की शहादत ने जहां पूरे गांव और जिले को गर्व से भर दिया, वहीं उनकी असमय मौत से मातम भी छा गया है। गांव-गांव में अब लोग उन्हें “वीर सपूत” के नाम से याद कर रहे हैं।
साफ़ सफाई व्यवस्था सही न होने से मैनेजर को जमकर लगाईं फटकार
नो हेलमेट नो फ्यूल अभियान जारी
बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। नानपारा, एसडीएम मोनालिसा जौहरी व नायब तहसीलदार बलहा, पूर्ति निरीक्षक नवाबगंज व बलहा एवं शिवपुर बाट माप निरीक्षक के साथ आलोक ट्रेंडिंग कंपनी और रूपईडीहा फिलिंग स्टेशन पैट्रोल पम्पो का आकस्मिक निरीक्षण किया । निरीक्षण के समय आलोक ट्रेंडिंग कंपनी पर हवा मशीन बन्द पाई गई जिस पर एसडीएम ने प्रबन्धक को चेतावनी देते हुए निर्देशित किया गया कि वह प्रत्येक समय हवा मशीन को खुला रखेंगे बिना हेलमेट के किसी भी दोपहिया वाहन वाले व्यक्ति को तेल न दिया जाए तथा नो हेलमेट नो फ्यूल निर्देशो का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएं।निरीक्षण के समय रूपईडीहा फिलिंग स्टेशन पर हवा मशीन, स्वच्छ पेयजल की सुविधा नहीं पाई गई। शौचालय अत्यधिक गन्दे पाएं गए एवं परिसर में भी अत्यधिक गंदगी पाई गई जिस पर एसडीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबन्धित मैनेजर को मौके पर ही जमकर फटकार लगाई और संबन्धित के विरुद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए। एसडीएम ने सभी पम्प स्वामियों को निर्देशित किया कि पम्प पर आने वाले व्यक्तियों के लिये हवा पानी की समुचित व्यवस्था करें और पम्प पर मेडिकल किट भी रक्खें और शौचालय को साफ सुथरा रक्खें ।शौचालय में साबुन अथवा हैंडवाश की भी व्यवस्था रखना होना चाहिए तथा परिसर को स्वच्छता साथ ही यह भी निर्देशित किया गया की बिना हेलमेट के किसी भी दोपहिया वाहन वाले व्यक्ति को तेल न दिया जाए नो हेलमेट नो फ्यूल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।एसडीएम मोनालिसा जौहरी की अचानक की गई कार्यवाही से हड़कंप मच गया और सभी ने एसडीएम के निर्देशों का कड़ाई से पालन करना सुनिश्चित किया । एसडीएम ने बताया कि उनके द्वारा दो पम्पों का स्वयं निरीक्षण किया गया है ,और निरीक्षण रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है आगे भी इसी तरह निरीक्षण जारी रहेगा।
बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। यह कहानी है बहराइच जनपद मुख्यालय से लगभग 120 किलोमीटर दूर विकास खण्ड मिहीपुरवा के भारत-नेपाल सीमा एवं कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार के बीच बसे थारू जनजाति बाहुल्य गांव फकीर पुरी के प्रतिमा स्वयं सहायता समूह की दीदियों की। स्वयं सहायता समूह का गठन सितम्बर, 2018 में बिहार आजीविका मिशन से आई दीदियों ने किया था। इस स्वयं सहायता समूह में कुल 11 दीदियां जुडी जिसमें कुछ अलग करने की लगन थी। समूह में जुडने के बाद राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से इनकों रिवाल्विंग फण्ड के रूप में सामुदायिक निवेश निधि के रूप में रू. 1,50,000 दिये गये। समूह की दीदियों से जब रोजगार एवं प्रशिक्षण के विषय में बात की गई तो इन लोगो ने अपने परम्परागत उत्पादों को बनाने एवं उसको अलग पहचान दिलाने में रूचि दिखाई। इसी कड़ी में वर्ष 2023 में विश्व प्रकृति निधि (डब्लूडब्लूएफ) के माध्यम से 15 दिवस एवं वर्ष 2024 में 10 दिवस का परम्परागत उत्पाद जैसे डलिया जूट बैग, कैप, हैडबैग, टोकरी, रोटी बॉक्स एवं फूलदान बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरान्त समूह की सभी दीदीयां जूट एवं जल कुम्भी से उपरोक्त सभी उत्पाद बना रही है। यह पर्यावरण के अनूकूल भी है। आज इस समूह की दीदियां स्वयं तो आत्मनिर्भर है। साथ ही अपने आस-पास के अन्य समूहों की दीदियों को भी प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बना रहीं हैं। इस समूह की दीदियों द्वारा आज अपने उत्पाद की बिक्री कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार आने वाले पर्यटकों के अलावा अन्य स्थानों पर भी की जा रही है। सम्पूर्णता अभियान अन्तर्गत आडिटोरियम परिसर में भी समूह की दीदियों द्वारा स्टाल लगाकर अपने उत्पादों की बिक्री की जा रही है।
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि दहेज हत्या के एक चर्चित मामले में जनपद न्यायालय ने दोषी पति अमरीश यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर कुल ₹50,000 का अर्थदंड भी लगाया गया है। मिली जानकारी के अनुसार वादी रामअशीष निवासी रेवडा विजयपुर (जनपद गोरखपुर) ने थाना खलीलाबाद में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उनकी पुत्री रागिनी की शादी 24 मई 2022 को अमरीश यादव पुत्र रामलौट निवासी विश्वनाथपुर टोला रईमा, थाना खलीलाबाद से हुई थी। शादी के बाद से ही पति और ससुराल पक्ष 4 लाख रुपये एवं एक बुलेट मोटरसाइकिल की अतिरिक्त दहेज मांग करने लगे। वादी के अनुसार रागिनी बार-बार फोन पर उत्पीड़न की बात बताती थी और घर आने पर भी उसने परिवारजनों को ससुराल पक्ष द्वारा मारपीट और जान से मारने की धमकियों के बारे में जानकारी दी थी। घटना के समय वह 4 माह की गर्भवती थी। 5/6 मई 2023 की रात को ससुरालजनों ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और उसे दवा के बहाने अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले में अभियोजन पक्ष से कुल सात साक्षियों के बयान कराए गए। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर इश्तियाक अहमद ने स्पष्ट किया कि रागिनी की मृत्यु गला दबाने से श्वसन नली अवरुद्ध होने के कारण हुई थी। जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) विशाल श्रीवास्तव ने दलील दी कि मृतका गर्भवती थी और विवाह के सात वर्ष के भीतर उसकी अस्वाभाविक मृत्यु हुई। इसे देखते हुए अभियुक्त को कठोर दंड मिलना आवश्यक है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहनलाल विश्वकर्मा ने आरोपी पति अमरीश यादव को हत्या एवं गर्भपात के अपराध में सश्रम आजीवन कारावास तथा ₹25,000-₹25,000 (कुल ₹50,000) अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने की स्थिति में एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि घटना के मात्र दो वर्ष के भीतर पीड़ित पक्ष को न्याय मिल गया है।
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। भारत तिब्बत समन्वय संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम कुमार सिंह का मंगलवार को जनपद आगमन हुआ। जनपद मे कैलाश मानसरोवर मुक्ति महासंकल्प पत्र अभियान के राष्ट्रीय संयोजक श्रीकांत मणि त्रिपाठी सहित अन्य लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत एवं अभिनंदन किया। कार्यक्रम के दौरान बीटीएसएस के कार्यों के विस्तार, संगठनात्मक ढांचे को सुदृढ़ बनाने तथा गतिविधियों के सुचारू संचालन पर सारगर्भित चर्चा हुई। उपाध्यक्ष राम कुमार सिंह ने कहा कि भारत तिब्बत समन्वय संघ का उद्देश्य केवल संगठन का विस्तार करना ही नहीं, बल्कि समाज में सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रीय एकता और सीमावर्ती क्षेत्रों के प्रति जागरूकता का संदेश पहुँचाना है। उन्होंने बताया कि बीटीएसएस निरंतर युवाओं को जोड़ने और उनके माध्यम से समाजहित में कार्य करने की दिशा में अग्रसर है। इस दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार रखते हुए संगठन की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में राम कुमार सिंह ने संत कबीर नगर मे आयोजित होने वाली श्रीमद्भागवत कथा में सम्मिलित होने का निमंत्रण भी दिया। यह कथा 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर 2025 तक आयोजित होगी। उन्होंने सभी को इस धार्मिक आयोजन में उपस्थित होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने का आह्वान किया।
करियर गाइडेंस मेला, जिला गणित-विज्ञान मेला, टीएलएम प्रदर्शनी एवं 2D-3D आर्ट्स-हस्तशिल्प प्रदर्शनी संपन्न
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। पीएम श्री राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, खलीलाबाद में मंगलवार को करियर गाइडेंस मेला, जिला गणित-विज्ञान मेला, टीएलएम प्रदर्शनी एवं 2D-3D आर्ट्स-हस्तशिल्प प्रदर्शनी का भव्य आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी आलोक कुमार ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक हरिश्चंद्र नाथ विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मेले में छात्राओं ने भौतिकी, रसायन, गणित एवं विज्ञान के विभिन्न सिद्धांतों पर आधारित प्रायोगिक मॉडल प्रस्तुत किए। कलर चेंज एक्सपेरिमेंट, न्यूटन का कलर डिस्क, बबल व सरफेस टेंशन प्रयोग, बलून एक्सपेरिमेंट, टूथपेस्ट चेक एक्सपेरिमेंट तथा बाइनरी नंबर गेम, पीरियोडिक टेबल गेम विशेष आकर्षण का केंद्र बने। वहीं कैरियर हब में 500 करियर कार्ड का प्रदर्शन किया गया। टीएलएम प्रदर्शनी में हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, कला, सामाजिक विज्ञान, गृह विज्ञान एवं उर्दू विषयों की शिक्षण सहायक सामग्री प्रदर्शित की गई। छात्राओं द्वारा बनाया गया सेल्फी प्वाइंट और हस्तनिर्मित मधुबनी पेंटिंग ने भी सबका ध्यान आकर्षित किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर छात्राओं का उत्साहवर्धन किया और कहा कि आज के समय में करियर की अनेक संभावनाएं हैं। बच्चों को अपनी रुचि के अनुसार क्षेत्र का चयन कर उसी में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विद्यालय को उत्कृष्ट बनाने हेतु हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। कार्यक्रम में पूर्व छात्राओं ने जिलाधिकारी से सीधे संवाद कर अपने प्रश्न पूछे, जिनका उत्तर पाकर छात्राएं उत्साहित दिखीं। कार्यक्रम में प्रधानाचार्या डॉ. सबीहा मुमताज़, जिला समन्वयक, विद्यालय की शिक्षिकाएं, छात्राएं एवं अभिभावक उपस्थित रहे।