नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) उपराष्ट्रपति चुनाव अब अंतिम चरण में पहुँच चुका है। 9 सितंबर को होने वाले मतदान के मद्देनज़र भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी तैयारियाँ तेज कर दी हैं। पार्टी ने अपने सभी सांसदों को 6 सितंबर तक दिल्ली पहुँचने का सख्त निर्देश दिया है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 6 सितंबर को शाम 7 बजे सांसदों को अपने आवास पर रात्रिभोज के लिए आमंत्रित किया है। इसके बाद 7 सितंबर को सुबह 9 बजे से देर शाम तक पार्टी की कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें चुनाव से जुड़े रणनीतिक बिंदुओं पर चर्चा होगी और सांसदों को मतदान प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।
संख्याबल में एनडीए मजबूत
एनडीए उम्मीदवार राधाकृष्णन की स्थिति इस समय बेहद मजबूत मानी जा रही है। एनडीए के पास लोकसभा में 293 और राज्यसभा में 129 सांसद हैं। दोनों सदनों को मिलाकर यह संख्या 422 सांसदों तक पहुँचती है, जिसमें मनोनीत सदस्य भी शामिल हैं। ऐसे में यह साफ है कि एनडीए के उम्मीदवार को भारी बढ़त मिलेगी।
लोकसभा की कुल सदस्य संख्या 542 है, वहीं राज्यसभा की प्रभावी संख्या फिलहाल 245 है। विपक्ष के पास अपेक्षित संख्याबल न होने के कारण यह चुनाव 2017 और 2022 की तरह प्रतीकात्मक मुकाबला बनकर रह गया है।
विपक्ष की स्थिति कमजोर
विपक्षी दलों ने चुनाव मैदान में अपना उम्मीदवार जरूर उतारा है, लेकिन संख्याबल की कमी के कारण उनकी स्थिति बहुत कमजोर है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उपराष्ट्रपति चुनाव का परिणाम लगभग तय है और एनडीए उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित मानी जा रही है। कुल मिलाकर, भाजपा संगठनात्मक स्तर पर पूरी मजबूती के साथ चुनावी तैयारी कर रही है, वहीं विपक्ष केवल अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराने तक सीमित दिख रहा है।
गीडा को मुख्यमंत्री ने दी 2251 करोड़ रुपये के निवेश और विकास परियोजनाओं की सौगात
गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा ) पूर्वी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास में गुरुवार का दिन काफी अहम रहा। गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) क्षेत्र में 2251 करोड़ रुपये के निवेश और विकास परियोजना का शिलान्यास व लोकार्पण किया। निवेश की परियोजनाओं में मल्टीनेशनल कंपनी कोका कोला के बॉटलिंग प्लांट का भूमि पूजन, देश में अग्रणी प्लास्टिक उत्पाद-पैकेजिंग कम्पनी टेक्नोप्लास्ट की यूनिट का लोकार्पण शामिल है। इस अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने वर्तमान सरकार में बने सुरक्षा के माहौल को निवेश की आधारशिला बताया। इस संदर्भ के उन्होंने पूर्व की सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि व्यापारियों और उद्यमियों से गुंडा टैक्स की वसूली सपा सरकार के संस्कार का हिस्सा था। गीडा के प्लास्टिक पार्क में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तर प्रदेश में 2017 के पहले निवेश सपना था। डबल इंजन सरकार के द्वारा प्रतिबद्धता से जनसेवा के किए गए कार्यों का परिणाम है कि आज प्रदेश में विकास, निवेश और रोजगार की संभावनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब सुरक्षा का माहौल बनता है तो निवेश आता है। निवेश से नौकरी और रोजगार के द्वार खुलते हैं। रोजगार से खुशहाली आती है और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। डबल इंजन की सरकार सुरक्षा का माहौल देकर समृद्धि का मार्ग सुगम कर रही है। उन्होंने बिना नाम लिए सपा पर शाब्दिक प्रहार करते हुए कहा कि जाति के नाम पर समाज को बांटने वाले, प्रदेश को दंगों की आग में झोंकने वाले लोगों ने नागरिकों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया। वोट बैंक की राजनीति में सुरक्षा से खिलवाड़ किया। बेटी-बहन की इज्जत की परवाह नहीं की, मातृशक्ति की गरिमा का ख्याल नहीं किया। ऐसे लोगों से विकास की उम्मीद कैसे की जा सकती है। जब ऐसे लोगों को मौका मिला और विकास नहीं करा पाए तो वे आगे भी नहीं करा पाएंगे।
समाज में अराजकता और वैमनस्यता फैलाई सपा ने
सीएम योगी ने कहा कि सपा सरकार में उद्यमियों, व्यापारियों से वसूली होती थी, गुंडा टैक्स लिया जाता था। आज ऐसा करने की हिम्मत कोई नहीं कर सकता। किसी ने गुंडा टैक्स वसूला तो अगले चौराहे पर यमराज उसका इंतजार करते मिलेंगे। सपा सरकार में बिजली यदा कदा आती थी। ये उजाले के दुश्मन थे। उन्होंने समाज में अराजकता फैलाई। जातीय आधार पर सामाजिक तानाबाना छिन्न भिन्न किया। तुष्टिकरण को बढ़ावा देकर वैमनस्यता पैदा किया। जब सत्ता में ऐसे लोग होते हैं तो विकास पीछे छूट जाता है, युवा पलायन को मजबूर होते हैं। आज सरकार की स्पष्ट नीति, साफ नीयत और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है कि देश और दुनिया का सबसे अच्छा निवेश यूपी में हो रहा है। निजी क्षेत्र में हुए निवेश से 60 लाख लोगों को रोजगार मिला है।
पुलिस में भर्ती पाने वाले के परिवार को करें सम्मानित
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल में 60 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती हुई है। इनमें गोरखपुर से भी काफी संख्या में युवा भर्ती हुए हैं। उन्होंने अपील की कि जिन गांवों के युवा पुलिस में भर्ती हुए हैं, ग्रामीणों को उनके परिवार को सम्मानित करना चाहिए। सीएम ने कहा कि अभी 2538 मुख्य सेविकाओं की भर्ती हुई है। पुलिस में सब इंस्पेक्टर की भर्ती निकल चुकी है। नई भर्ती के लिए भी विज्ञापन आने वाला है। इस तरह सरकारी नौकरियों की भी बाढ़ आई हुई है। हर तरफ रोजगार ही रोजगार है। सरकार का प्रयास है कि यूपी के नौजवानों को रोजगार के लिए कहीं दूसरी जगह हाथ फैलाने की नौबत न आए।
हर जिले में सरदार पटेल के नाम पर बनाएंगे एंप्लॉयमेंट जोन
मुख्यमंत्री ने विकास, निवेश और रोजगार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि सरकार हर जिले में सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर 100 एकड़ में एम्प्लॉयमेंट जोन बनाएगी। उसके माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षित कर उनके रुचि के अनुरूप कार्य देकर उन्हें सेवायोजित करेगी। उन्होंने कहा कि आज प्रत्येक जनपद में औद्योगिक वातावरण बन रहा है।
पीएम की मां अपमान, हर मां और सभी भारतीयों का अपमान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले दिनों बिहार में कांग्रेस और राजद के मंच पर हुए कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मां के प्रति अपशब्दों का प्रयोग किया गया। यह राजनीति के पतन का स्तर है। इस अशोभनीय कृत्य को कतई स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ दिन बाद शारदीय नवरात्र पर हम सब मातृशक्ति की आराधना के अनुष्ठान से जुड़ेंगे। दुर्गा सप्तशती में कहा गया है कि पुत्र, कुपुत्र हो सकता है लेकिन माता कभी कुमाता नहीं होती है। राजद और कांग्रेस नेताओं के मंच से पीएम मोदी की मां के प्रति अपशब्दों का प्रयोग 140 करोड़ भारतीयों और हर मां का अपमान है। नया भारत ऐसी उच्चश्रृंखलताओं को कभी स्वीकार नहीं कर सकता।
मीठा-मीठा गप और कड़वा थू नहीं चलेगा
सीएम योगी ने कहा कि ईवीएम से जब वे (विपक्ष) जीतते हैं, हम स्वीकार कर लेते हैं लेकिन जब भाजपा जीतती है तो वे ईवीएम और वोटर लिस्ट को दोषी ठहराने लगते हैं। मीठा-मीठा गप और कड़वा थू नहीं चलेगा। इंडी गठबंधन तुष्टिकरण की राजनीति पर चल रहा है। उन्होंने कहा कि जाति, क्षेत्र, भाषा के नाम पर समाज को बांटने वाले विकसित भारत के बैरियर हैं और इन्हें उखाड़ फेंकना है।
जातीय विभाजन फिर से गुलामी की तरफ धकेलने का कार्य
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के नेताओं पर हमला जारी रखते हुए कहा कि विभाजन ही गुलामी का कारण होता है। कुछ लोग जातीय विभाजन से देश को फिर से गुलामी की तरफ धकेलने का कार्य कर रहे हैं।
शताब्दी संकल्प का मंत्र बनेगा ‘विकसित भारत का विकसित उत्तर प्रदेश’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप 2047 तक विकसित भारत के लिए विकसित उत्तर प्रदेश और हर जनपद के हर निकाय, गांव को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सबके योगदान का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित भारत का विकसित उत्तर प्रदेश शताब्दी संकल्प का मंत्र बनेगा। विकसित भारत का विजन हर तबके की खुशहाली, हर हाथ को काम देने का माध्यम है। 2047 तक उत्तर प्रदेश को विकसित बनाने के लिए ही 13-14 अगस्त को विधानमंडल में लगातार 24-25 घंटे चर्चा हुई। इसके अगले क्रम में 300 से अधिक बुद्धिजीवी हर जिले में जाकर लोगों को जागरूक करेंगे। उन्होंने कहा कि एक आम नागरिक भी विकसित उत्तर प्रदेश के लिए विजन डॉक्यूमेंट में क्यूआर कोड से अपने सुझाव दे सकता है।
15000 से अधिक लोगों को नौकरी देने जा रहा गीडा
सीएम योगी ने गीडा की वर्तमान और आगामी निवेश परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन निवेश परियोजनाओं से गीडा 15000 से अधिक लोगों को रोजगार देने जा रहा है। युवाओं को अपने घर के पास ही रोजगार मिल जाएगा। उन्होंने बताया कि जिन औद्योगिक भूखंडो का आवंटन हुआ है उससे 5903 करोड़ रुपये का निवेश आएगा और दस हजार लोगों को नौकरी मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो गीडा कभी सहजनवा तक सीमित था आज उसका विस्तार पिपरौली से होते हुए धुरियापार तक हो गया है।
यूपी को मॉडल स्टेट की पहचान दिलाई सीएम योगी ने : नंदी
गीडा में निवेश और विकास परियोजनाओं की सौगात देने वाले इस कार्यक्रम में उपस्थित प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने अद्वितीय नेतृत्व से यूपी को मॉडल स्टेट की पहचान दिलाई है। सीएम योगी के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की औद्योगिक प्रगति का रथ निरंतर तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज प्रदेश विकास के नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। आठ वर्षों के दौरान यूपी की जनता ने कथनी और करनी को एकाकार होते देखा है। अब विकास सिर्फ सैफई तक नहीं बल्कि प्रदेश के हर जिले में हो रहा है। श्री नंदी ने कहा कि तीव्र औद्योगिक प्रगति करते हुए यूपी एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
विपक्ष की घिनौनी राजनीति से सचेत रहे जनता: रविकिशन
गीडा में आयोजित लोकार्पण और शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि पीएम मोदी और सीएम योगी राजनीति में निस्वार्थ संत हैं। मोदी-योगी की लोकप्रियता से घबराकर विपक्ष राजनीति के निम्न स्तर पर उतर आया है। उन्होंने कहा कि जनता को विपक्ष की घिनौनी राजनीति से सचेत रहने की आवश्यकता है। उन्होंने गोरखपुर और गीडा के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि सपा सरकार जहां कब्रिस्तान बनाना चाहती थी वहां उद्योग लगवाकर सीएम योगी रोजगार दिला रहे हैं।
सीएम योगी के मार्गदर्शन में नोएडा सा चमक रहा गीडा: प्रदीप शुक्ल
समारोह में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए सहजनवा के विधायक प्रदीप शुक्ल ने कहा कि सीएम योगी के मार्गदर्शन में गीडा, नोएडा की तर्ज पर चमक रहा है। बड़ी-बड़ी कंपनियां यहां निवेश कर रही हैं। एक वह दौर भी था जब यहां कोई उद्योग लगाने के बारे में सोचता भी नहीं था लेकिन आज सीएम के विजन से गीडा उद्योग और रोजगार का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। कार्यक्रम को गोरखपुर ग्रामीण क्षेत्र के विधायक विपिन सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक राजेश त्रिपाठी, महेंद्रपाल सिंह, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, गीडा बोर्ड के अध्यक्ष/मंडलायुक्त अनिल ढींगरा, गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी अनुज मलिक, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, उद्यमीगण ओम फ्लैक्स के शिवेंद्र टेकड़ीवाल, केयान और श्रेयस डिस्टिलरीज के विनय सिंह, अडानी ग्रुप के भीमसी कचोट, प्रशांत कुमार, टेक्नोप्लास्ट के पवन गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
कोका कोला (अमृत बॉटलर्स) के प्लांट का भूमि पूजन किया सीएम योगी ने
गीडा में निवेश और विकास परियोजनाओं की सौगात देने के क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले सेक्टर 27 में मल्टीनेशनल कंपनी कोका कोला के अमृत बॉटलर्स की बॉटलिंग प्लांट की स्थापना के लिए भूमि पूजन किया। 40 एकड़ क्षेत्रफल में बॉटलिंग प्लांट की इस परियोजना में 700 करोड़ रुपये के निवेश से करीब 1200 लोगों को रोजगार मिल सकेगा। पहले चरण में यहां 3000 बोतल प्रतिदिन की उत्पादन क्षमता का प्लांट लगाया जाएगा। इस प्लांट में कोका कोला ग्रुप के थम्सअप, फैंटा, स्प्राइट, माजा ब्रांड के पेय पदार्थ और किनले ब्रांड के बॉटल वाटर का उत्पादन किया जाएगा।
सेक्टर 27 में 640 करोड़ रुपये की निवेश वाली तीन यूनिट्स का सीएम ने किया शिलान्यास
गीडा में लोकार्पण और शिलान्यास के समारोह के दौरान सीएम योगी ने सेक्टर 27 में कोका कोला प्लांट के भूमि पूजन के अलावा 640 करोड़ रुपये की निवेश वाली तीन यूनिट्स का शिलान्यास भी किया। इनमें एपीएल अपोलो ट्यूब्स लिमिटेड, ग्रीनटेक भारत प्राइवेट लिमिटेड (एसएलएमजी ग्रुप) और कपिला कृषि उद्योग शामिल हैं। इन तीनों यूनिट्स के बन जाने पर करीब 1200 लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
प्लास्टिक पार्क में टेक्नोप्लास्ट सहित तीन यूनिट्स का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण
गुरुवार को गीडा पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के पहले प्लास्टिक पार्क में 120 करोड़ रुपये के निवेश से टेक्नोप्लास्ट सहित तीन यूनिट्स का लोकार्पण किया। लोकार्पित यूनिट्स में से टेक्नोप्लास्ट पैकेंजिंग प्राइवेट लिमिटेड ने 96 करोड़ रुपये के निवेश से 250 लोगों को रोजगार दिया है। लोकार्पित अन्य दो कंपनियों, ओमफ्लैक्स इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड ने 17 करोड़ रुपये और गजानन पाली प्लास्ट में 7 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अब गोरखपुर से देशभर के लिए प्लास्टिक उत्पादों की आपूर्ति होगी।
प्लास्टिक पार्क में सीपेट के सेंटर और सीएफसी का शिलान्यास
गीडा के प्लास्टिक पार्क में केंद्रीय पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एवं तकनीक संस्थान (सीपेट) के स्किल ट्रेनिंग सेंटर और सीएफसी (कामन फैसिलिटी सेंटर) की स्थापना होगी। इसका शिलान्यास गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इसके निर्माण पर 16 करोड़ रुपये की लागत आएगी। सीपेट सेंटर के लिए गीडा द्वारा पांच एकड़ भूमि निशुल्क दी गई है। इसे लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब यहीं डिग्री और डिप्लोमा लेकर, ट्रेनिंग प्राप्त कर युवा नौकरी प्राप्त कर सकेंगे।
सीईटीपी से होगा औद्योगिक इकाइयों के अपशिष्ट का उपचार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गीडा की औद्योगिक इकाइयों के अपशिष्ट उपचार के लिए कामन एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) का भी शिलान्यास किया। 4 एमएलडी क्षमता की इस सीईटीपी का निर्माण अड़िलापार में 11.15 एकड़ क्षेत्रफल में करीब 199 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब शोधित जल का इस्तेमाल फैक्ट्रियों में दोबारा हो सकेगा और इसका इस्तेमाल खेती में भी किया जा सकेगा। नदियों का जल भी प्रदूषित होने से बचेगा।
281 करोड़ रुपये के अवस्थापना विकास कार्यों की मिली सौगात
गीडा द्वारा विभिन्न सेक्टर्स 281 करोड़ रुपये की अवस्थापना विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों कराया गया। इसमें गीडा क्षेत्र में मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं जैसे सड़क, नाली, पुलिया, स्ट्रीट लाइट एवं विद्युत तंत्र के निर्माण से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं।
आवासीय व औद्योगिक भूखंडों के आवंटन पत्र का सीएम ने किया वितरण लोकार्पण और शिलान्यास समारोह के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 400 करोड़ रुपये की लागत वाली कालेसर आवासीय योजना सेक्टर 11 के आवंटियों को आवंटन पत्र का वितरण किया। इसके अलावा उन्होंने गीडा क्षेत्र के कुछ निवेशकों और धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप के प्रमुख निवेशकों अंबुजा सीमेंट (अडानी ग्रुप), श्रेयस डिस्टिलरीज एंड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड को औद्योगिक भूखंडों के वितरण का आवंटन पत्र प्रदान किया।
सलेमपुर /देवरिया( राष्ट्र की परम्परा)। सरकार जहाँ पूरे प्रदेश में बेहतर विद्युत आपूर्ति का दावा कर रही है, वहीं सलेमपुर तहसील मुख्यालय पर पूरे अगस्त माह से बिजली आपूर्ति चरमराई हुई है। इससे आजिज नगर के व्यापारियों ने उद्योग व्यापार मंडल के तहसील अध्यक्ष एवं पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सुधाकर गुप्त के नेतृत्व में अधिशासी अभियंता कार्यालय पहुँचकर प्रदर्शन किया।
अधिकारियों की अनुपस्थिति में वरिष्ठ लिपिक को ज्ञापन सौंपते हुए व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो वे यहीं कार्यालय परिसर में सल्फास खाकर आत्महत्या करने को मजबूर होंगे। इसकी समस्त जिम्मेदारी विभाग की होगी।
सुधाकर गुप्त ने कहा कि नगर के विभिन्न ट्रांसफार्मर – स्व. रामविलास राव के मकान के सामने, सोहनाग मोड़, मेन रोड पर गौरीशंकर गुप्ता के मकान के सामने, रेलवे स्टेशन और हरैया – आए दिन खराब होते रहते हैं। नतीजा यह है कि कभी खूंटी, कभी जम्फर जलने जैसी दिक्कतों से उपभोक्ताओं को पूरी-पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ती है। उपभोक्ताओं की शिकायत सुनने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी फोन तक नहीं उठाता।
उन्होंने कहा कि मजबूरीवश हमें यह कठोर कदम उठाने की चेतावनी देनी पड़ रही है। यहाँ के निर्वाचित प्रतिनिधि भी सलेमपुर में निवास नहीं करते, जिससे जनता की तकलीफ़ें अनसुनी रह जाती हैं।
पत्रक सौंपने वालों में सोमेश्वर सिंह, संजय पांडेय, कर्मवीर रौनियार, महेश जायसवाल, रामप्रताप यादव, आकाश जी, शिवलाल वर्मा, योगेश जायसवाल, मुकेश कुमार वर्मा, विद्यासागर तिवारी, ओमप्रकाश गुप्ता, प्रदीप कुमार, विनय वर्मा, संतोष आलोक, आकर्ष गुप्ता, छोटेलाल, मेवालाल, पवन कुमार, हरेराम श्रीवास्तव सहित अनेक व्यापारी शामिल रहे।
पितृपक्ष 7 सितम्बर से शुरू होकर 21सितम्बर को हो रहा समाप्त
सलेमपुर, देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। इस वर्ष शुरू हो रहे पितृपक्ष में बड़ा ही दुर्लभ संयोग बन रहा है। एक शताब्दी वर्ष बाद पितृपक्ष में चन्द्रग्रहण व सूर्य ग्रहण लग रहा है।उक्त बातें बताते हुए जयराम ब्रम्ह पीठ के आचार्य अजय शुक्ल ने कहा कि पितृपक्ष का प्रारंभ 7 सितम्बर को शुरू हो कर 21 सितम्बर को समाप्त हो रहा है।7 सितम्बर को रात 9 बजकर 57 मिनट पर ग्रहण की शुरूआत होगा मध्य रात्रि 11 बजकर 41 मिनट व मोक्ष रात 1 बजकर 27 मिनट पर होगा। ग्रहण का सूतक 9 घण्टे पूर्व ही लग जाएगा जबकि सूर्यग्रहण 21 सितम्बर को लगेगा जो भारत में नही दिखाई देने के कारण कोई सूतक नही लगेगा। पितृपक्ष में ग्रहण की यह घटना पितरों के तर्पण,शांति व कर्मकांड को खास बनाता है। पितृपक्ष में पूर्णिमा श्राद्ध 7 सितम्बर,प्रतिपदा 8 द्वितीया 9,तृतीया 10, चतुर्थी 11,पंचमी व षष्टी 12 ,सप्तमी 13,अष्टमी 14,नवमी 15,दशमी 16,एकादशी 17,द्वादशी 18,त्रयोदशी 19 चतुर्दशी 20 व अमावस्या 21 को है। पितृपक्ष में लोग अपने पितरों को मोक्ष के लिए पिंडदान से लेकर हर प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान विधिविधान से करते हैं। पितरों के शान्ति के लिए तर्पण और श्राद्ध करें ब्राह्मणों को भोजन करावें व दान दें, घर के दक्षिण दिशा में पितरों के नाम दीपक जलाएं, प्रतिदिन पीपल के वृक्ष की पूजा करें व जल अर्पित करें, ॐ श्री पितराय नमः या ॐ श्री पितृभ्य नमः जैसे मन्त्र का जाप पूरे पितृपक्ष में नियमित जाप करें। अगर पितर लोग शांत रहेंगे तो आपका का जीवन सुख सम्पत्ति व वैभव से परिपूर्ण रहेगा।
टेम्परेरीं स्टे का आड़ लेकर बांधकाम -माफिया रहमान सक्रिय,सहआयुक्त धनाजी हेर्लेकर बने मूकदर्शक
रिपोर्ट: अजय उपाध्याय मुंबई (राष्ट्र की परम्परा) : कुर्ला एल विभाग मनपा प्रभाग क्र, 168, सीटीएस क्र. 585, एलबीएस मार्ग, सर्वेश्वर मंदिर के पीछे झोपड़पट्टी परिसर में एक आरसीसी धोखादायक बड़ा अवैध निर्माण का विवाद खड़ा हो गया है। पहले से मौजूद आरसीसी का खतरनाक 4 मंज़िला अवैध ढांचा अब टेम्परेरी स्टे के आड़ में पाँचवें मंज़िले में तब्दील किया जा रहा है।
स्टॉप-वर्क व स्पिकिंग नोटिस भी बेअसर
सूत्रों के अनुसार, इस अवैध निर्माण कार्य पर मनपा ने 354अ स्टॉप वर्क, व स्पिकिंग नोटिस जारी किया था। इसके बावजूद बांधकाम माफिया रहमान ने एल विभाग मनपा प्रशासन की नाक के नीचे अवैध नवनिर्माण का काम पूर्ण कर लिया है।
सहायक अभियंता किरण कुमार अन्नमवार पर संरक्षण का आरोप
स्थानिक नागरिकों का आरोप है कि हाल ही में बदली हुए सहायक अभियंता किरण कुमार अन्नमवार के संरक्षण में यह अवैध निर्माण तेजी से चल रहा था और एक मंज़िले का खंडहर अब 5 मंज़िला खतरनाक ढांचे के रूप में तब्दील हो चुका है।
जिम्मेदार सहायक आयुक्त धनाजी हेर्लेकर पर भी सवाल
सहायक आयुक्त धनाजी हेर्लेकर पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर उन्होंने इस अवैध और खतरनाक निर्माण को रोकने के लिए अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की? क्या वह बांधकाम माफिया रहमान को खुला संरक्षण दे रहे हैं या फिर भ्रष्टाचार की मलाई के आगे बेबस और लाचार है?
हाल मे घटित विरार जैसे हादसे की आहट?
स्थानिक लोगो का कहना है कि यदि यह निर्माण इसी तरह चलता रहा, तो यह इमारत किसी भी समय विरार जैसी दुर्घटना का कारण बन सकती है और मनपा अधिकारियों की मिलीभगत और लापरवाही से लोगों की जान भी जा सकती सकती है।
स्थानिक समाजसेवियो की मनपा आयुक्त भूषण गागरानी से तुरंत मांग
उक्त प्रकरण मे धोखादायक इमारत ध्वस्त किया जाये व जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो बांधकाम माफिया-ठेकेदार रहमान पर एम आर टी पी के तहत मामला दर्ज किया जाए|
कटरा।(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) लगातार प्रतिकूल मौसम और तीर्थयात्रा मार्ग पर बार-बार हो रहे भूस्खलन के कारण श्री माता वैष्णो देवी यात्रा लगातार 10वें दिन भी स्थगित रही। भारी बारिश से अचानक बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे मार्ग के ढलान अस्थिर हो गए हैं और यात्रियों की सुरक्षा को गंभीर खतरा बना हुआ है।
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए श्राइन बोर्ड, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमें चौबीसों घंटे राहत और पुनर्निर्माण कार्य में जुटी हैं। मार्ग से मलबा हटाने, ढलानों को स्थिर करने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत का कार्य तेजी से जारी है।
फिलहाल, प्रशासन ने साफ किया है कि जन सुरक्षा सर्वोपरि है और जब तक मौसम में सुधार नहीं होता तथा यात्रा मार्ग को पूर्ण रूप से सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक यात्रा स्थगित रहेगी।
श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासनिक घोषणाओं पर ही विश्वास करें। साथ ही उन्हें धैर्य बनाए रखने और यात्रा शुरू होने तक इंतजार करने की सलाह दी गई है।
“देश-विदेश में सक्रिय लेखन, 27 पुस्तकों के रचयिता साहित्यकार दंपत्ति का साहित्यान्चल सम्मान हेतु चयन
(हिसार, सिवानी मंडी)
भीलवाड़ा, राजस्थान – औद्योगिक नगरी के साथ-साथ साहित्य साधना की धरा बन चुके भीलवाड़ा से एक महत्वपूर्ण समाचार सामने आया है। साहित्यांचल संस्था द्वारा घोषित परिणामों में सिवानी मंडी के गाँव बड़वा के साहित्यकार दंपत्ति डॉ. प्रियंका सौरभ और डॉ. सत्यवान सौरभ का राष्ट्रीय स्तर के सम्मान हेतु चयन हुआ है।
घोषित सूची के अनुसार, डॉ. प्रियंका सौरभ का चयन “सुशीला देवी खमेसरा राष्ट्रीय साहित्यांचल सम्मान” (₹5100) और डॉ. सत्यवान सौरभ का चयन “स्वरूप सिंह खमेसरा राष्ट्रीय साहित्यांचल सम्मान” (₹5100) के लिए किया गया है।
यह दंपत्ति न केवल सक्रिय साहित्यकार हैं, बल्कि प्रतिदिन देश-विदेश के हज़ारों अख़बारों में विभिन्न भाषाओं में संपादकीय लेख लिखते हैं। डॉ. सत्यवान सौरभ की अब तक 17 पुस्तकें और डॉ. प्रियंका सौरभ की 10 पुस्तकें विभिन्न विधाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं।
संसमयिक विषयों पर लेखन के साथ-साथ दोनों कवि-लेखक कविता, दोहे, कहानियाँ, लघुकथाएँ और बाल कविताएँ भी रचते हैं, जिससे उनकी रचनात्मकता का व्यापक स्वरूप सामने आता है। दोनों ही राजनीति विज्ञान में डॉक्टरेट उपाधि प्राप्त हैं।
डॉ. प्रियंका सौरभ ने चयन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा –
“शब्द मेरे लिए केवल अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि जीवन का आधार हैं। यह चयन साहित्य साधना की यात्रा को नई प्रेरणा देगा।”
वहीं डॉ. सत्यवान सौरभ ने कहा –
“साहित्य साधना का मार्ग कठिन होता है, लेकिन जब समाज और संस्थाएँ उसे मान्यता देती हैं, तो यह तपस्या सार्थक हो जाती है।”
गौरतलब है कि साहित्यांचल संस्था वर्षों से साहित्यकारों को मंच और सम्मान प्रदान कर रही है। संस्था का यह प्रयास साहित्यिक धारा को मजबूती देने के साथ-साथ नई पीढ़ी को भी प्रेरणा दे रहा है।
दोनों साहित्यकारों ने चयन हेतु साहित्यांचल परिवार, निर्णायक मंडल और अपने सभी शुभचिंतकों का आभार प्रकट किया और इसे अपनी साहित्यिक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा ) अपने गोरखपुर दौरे के दूसरे दिन प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन में, आए हुए सभी फरियादियो की बारी-बारी से समस्याओं को सुनकर उनके समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने फरियादियो को आश्वस्त किया कि आपकी जो भी समस्याएं हैं उनका समयवद्ध तरीके से निस्तारण कर दिया जाएगा।
गोंदिया – वैश्विक स्तरपर भारत विविधताओं का देश है जहाँ भाषाएँ, धर्म, संस्कृतियाँ,परंपराएँ और विचारधाराएँ एक साथ मिलकर सह-अस्तित्व का अद्भुत उदाहरण पेश करती हैं।5सितंबर 2025 का दिन इस सांस्कृतिक विविधता को और भी गहराई से महसूस करने का अवसर प्रदान करता है, क्योंकि इस दिन शिक्षक दिवस और ईद-ए- मिलादउन -नबी दोनों एक साथ मनाए जा रहे हैं। यह केवल कैलेंडर का संयोग भर नहीं है, बल्कि भारतीय समाज के उस ताने-बाने का प्रमाण है जिसमें विभिन्न आस्थाएँ और मान्यताएँ एक ही मंच पर आकर सामंजस्य और भाईचारे का संदेश देती हैं। मैं एडवोकेट किशन समुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र अपनी राइस सिटी के नाम से मशहूर गोंदिया सिटी में जब एक ही दिन आने वाले हैं दोनों पर्वों की तैयारी स्थलों की ग्राउंड रिपोर्टिंग क़ी तो मुझे बहुत अच्छा लगा और इस विषय पर आर्टिकल लिखने की सोची।भारत के इतिहास में कई ऐसे अवसर आते रहे हैं जब अलग-अलग समुदायों के पर्व एक ही दिन पड़े हों। इसने हमेशा भारतीय लोकतंत्र और समाज की बहुलतावादी संरचना को मज़बूत किया है। 5 सितंबर 2025 का यह संगम भी इसी श्रंखला का हिस्सा है। जहाँ एक ओर शिक्षा और ज्ञान के महत्व को रेखांकित करने वाला शिक्षक दिवस है,वहीं दूसरी ओर करुणा, नैतिकता और पैग़म्बर मुहम्मद साहब की शिक्षाओं को स्मरण कराने वाला ईद-ए-मिलाद-उन- नबी है। यह दो अलग-अलग आयामों के उत्सव हैं,किंतु दोनों ही मानवता के कल्याण और समाज के उत्थान से जुड़े हैं। साथियों बात अगर हम शिक्षक दिवस व ईद-ए-मिलाद- उन-नबी का निर्धारण और महत्व की करें तो,शिक्षक दिवस हर वर्ष 5 सितंबर को मनाया जाता है, जो कि भारत के दूसरे राष्ट्रपति और महान दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती है। उन्होंने शिक्षा को केवल ज्ञानार्जन का साधन न मानकर, बल्कि जीवन और समाज को सही दिशा देने वाला स्तंभ बताया।उनकेअनुसार शिक्षक केवल पढ़ाने वाला नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माता होता है।1962 से हर वर्ष यह दिन भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है ताकि शिक्षकों के योगदान को सम्मान दिया जा सके। यह परंपरा शिक्षा और ज्ञान की महत्ता को रेखांकित करती है और समाज में गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा को बनाए रखती है।दूसरी ओर, ईद-ए-मिलाद-उन- नबी इस्लामी चंद्र कैलेंडर के अनुसार तय होता है। इसे पैग़म्बर मुहम्मद साहब के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन मुस्लिम समुदाय पैग़म्बर की शिक्षाओं, उनके जीवन-दर्शन और मानवता के लिए दिए गए मार्गदर्शन को याद करता है। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है, बल्कि इंसानियत, बराबरी और करुणा का संदेश भी देता है। चूँकि यह पर्व चंद्र कैलेंडर पर आधारित है, इसलिए हर वर्ष इसकी तिथि बदलती रहती है।संयोगवश 2025 में यह 5 सितंबर को पड़ रहा है, जो इसे और भी विशेष बना देता है। साथियों बात अगर हम दोनों दोनों पर्वों के संयोग क़े ऐतिहासिक पहलू की करें तो, इतिहासकारों और धार्मिक विद्वानों के अनुसार, संभवतः पहली बार ऐसा अवसर आया है जब भारत का शिक्षक दिवस और इस्लामी जगत का ईद-ए- मिलाद-उन-नबी एक ही दिन मनाया जा रहा है। यह अद्वितीय संयोग भारत की सांस्कृतिक धरती की विशेषता को दर्शाता है। भारतीय समाज हमेशा से विभिन्न समुदायों के मेल-जोल का प्रतीक रहा है, और यह घटना उसी परंपरा की एक नई झलक प्रस्तुत करती है। साथियों बातें अगर हम दोनों पर्वों शिक्षा और धर्म क़े साझा संदेश क़ी करें और इसे यदि हम गहराई से देखें तो शिक्षक दिवस और ईद-ए-मिलाद दोनों का मूल संदेश एक ही है, ज्ञान, नैतिकता और मानवता की सेवा। डॉ. राधाकृष्णन ने शिक्षा को राष्ट्र और मानवता के विकास की आधारशिला माना, वहीं पैग़म्बर मुहम्मद साहब ने इंसानियत, भाईचारे और समानता को सबसे महत्वपूर्ण बताया। इस तरह, दोनों पर्व हमें सिखाते हैं कि चाहे शिक्षा के माध्यम से हो या धर्म के माध्यम से, लक्ष्य हमेशा इंसान को बेहतर बनाना और समाज में शांति व न्याय स्थापित करना ज़रूरी है। साथियों बातें कर हमअंतरराष्ट्रीय स्तरपर यह संगम और भी महत्वपूर्ण है होने की करें तो, आज पूरी दुनियाँ धार्मिक असहिष्णुता, सांप्रदायिक टकराव और सांस्कृतिक विभाजन की चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में भारत से यह संदेश जाता है कि विभिन्न धर्म और परंपराएँ एक साथ मिलकर मनाई जा सकती हैं और समाज में भाईचारा स्थापित किया जा सकता है। यह केवल भारतीय लोकतंत्र की शक्ति ही नहीं, बल्कि वैश्विक शांति की दिशा में भी एक प्रेरक उदाहरण है।शिक्षक दिवस और ईद-ए- मिलाद का साझा उत्सव व सामाजिक प्रयोग हैँ भारत के कई राज्यों में 5 सितंबर 2025 को विद्यालयों, कॉलेजों और मस्जिदों दोनों में उत्सव का माहौल रहेगा। बच्चे अपने शिक्षकों का सम्मान करेंगे और मुस्लिम समाज पैग़म्बर साहब की शिक्षाओं को याद करेगा। यह दृश्य उस सामाजिक प्रयोग जैसा होगा जहाँ दो अलग- अलग मान्यताएँ एक-दूसरे के साथ विरोध में नहीं, बल्कि सहयोग में खड़ी होती हैं। इससे समाज में आपसी सम्मान और विश्वास बढ़ता है। साथियों बात अगर हम अवकाश का प्रश्न,राष्ट्रीय और राजपत्रित छुट्टियाँ बहुसांस्कृतिकता का जीवंत उदाहरण की करें तो, ध्यानt देने योग्य तथ्य यह है कि न तो शिक्षक दिवस और न ही ईद-ए-मिलाद भारत में राष्ट्रीय अवकाश की श्रेणी में आते हैं।हालाँकि ईद-ए-मिलाद को राजपत्रित अवकाश माना जाता है, यानी केंद्र सरकार इसेमान्यता देती है और राज्यों को यह अधिकार होता है कि वे अपने स्तर पर छुट्टी घोषित करें। उदाहरण के लिए महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में यह दिन सरकारी अवकाश होता है। इसके विपरीत, शिक्षक दिवस को प्रायः शैक्षिक संस्थानों में ही विशेष कार्यक्रमों और समारोहों के रूप में मनाया जाता है, जबकि औपचारिक अवकाश नहीं होता। इससे यह स्पष्ट होता है कि भारतीय संविधान और प्रशासन दोनों ही विभिन्न आस्थाओं को सम्मान देते हुए लचीलेपन की नीति अपनाते हैं।भारत की शक्ति हमेशा उसकी बहुसांस्कृतिकता में रही है। यहाँ एक ओर हिन्दू पर्व दीपावली और होली हैं, तो दूसरी ओर मुस्लिम पर्व ईद और मुहर्रम हैं;एक ओर क्रिसमस और गुड फ्राइडे हैं तो दूसरी ओर गुरु नानक जयंती और बुद्ध पूर्णिमा। इन सभी त्योहारों का एक साथ मनाया जाना और समाज के हर वर्ग का इसमें शामिल होना ही भारत को विशिष्ट बनाता है। शिक्षक दिवस और ईद-ए-मिलाद का संगम इसी बहुसांस्कृतिक परंपरा की पुष्टि करता है जो अच्छी बात है। साथियों बात अगर हम वैश्विक शांति और शिक्षा का सेतु व भारतीय लोकतंत्र का संदेश की करें तो,आज कीदुनियाँ में जहाँ हिंसा, युद्ध और आतंकवाद जैसी चुनौतियाँ हैं,वहाँ शिक्षा और धार्मिक मूल्यों का सही संगम ही मानवता को बचा सकता है।शिक्षक दिवस शिक्षा के महत्व को उजागर करता है,जबकि ईद- ए- मिलाद हमें धार्मिक और नैतिक मूल्यों की याद दिलाता है। यदि इन दोनों को मिलाकर देखा जाए तो यह मानव सभ्यता के लिए एक मजबूत सेतु का काम करता है।भारत का संविधान सभी धर्मों को समान अधिकार देता है। यहाँ न तो किसी एक धर्म को सर्वोपरि माना गया है और न ही किसी आस्था के अनुयायियों कोकमतर आँका गया है। 5 सितंबर 2025 का यह संयोग भारतीय लोकतंत्र के उस मूलभूत सिद्धांत को और मज़बूत करता है,जिसमें सभी धर्म और मान्यताएँ समान रूप से आदरणीय हैं। यह दुनिया को यह संदेश देता है किलोकतंत्र केवल चुनाव या शासन व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह विविधताओं को साथ लेकर चलने की क्षमता भी है।दोनों पर्वों के संगम से समाज में सामूहिक उत्साह का वातावरण बनेगा। विद्यालयों और मस्जिदों से निकलने वाले संदेश मिलकर समाज में भाईचारे और शांति को और गहरा करेंगे। यह अवसर केवल धार्मिक या सांस्कृतिक दृष्टि से नहीं, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि 5 सितंबर 2025 को मनाया जाने वाला शिक्षक दिवस और ईद-ए-मिलाद का संगम भारतीय संस्कृति और लोकतंत्र की जीवंत मिसाल है।यह केवल तिथियों का मेल नहीं, बल्कि शिक्षा और धर्म के साझा मूल्यों का प्रतीक है। यह हमें याद दिलाता है कि चाहे हम किसी भी समुदाय से आते हों, हमारे लक्ष्य और मूल्य समान हैंज्ञान, नैतिकता, इंसानियत और समाज का कल्याण। यह अद्वितीय अवसर भारत की उस आत्मा को प्रकट करता है, जो सदैव विविधताओं में एकता और विभिन्नताओं में सामंजस्य का मार्ग दिखाती है।
–संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
उतरौला (बलरामपुर)। आज़ादी के 77 साल बाद भी उतरौला तहसील परिसर के अधिवक्ताओं और वादकारियों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। तहसील परिसर में न तो बिजली-पानी की व्यवस्था है और न ही शौचालय की। अधिवक्ताओं का कहना है कि शौच के लिए उन्हें एक किलोमीटर दूर जाना पड़ता है।
वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक कुमार दुबे का कहना है कि “तहसील की स्थापना 1853 में बलरामपुर स्टेट द्वारा कराई गई थी, लेकिन तब से अब तक अधिवक्ताओं और वादकारियों की सुविधा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।”
अधिवक्ता अखिलेश कुमार तिवारी ने बताया कि “तहसील परिसर में लगभग 300 अधिवक्ता प्रतिदिन बैठते हैं और करीब 500 वादकारी न्याय के लिए आते हैं, लेकिन सुविधाओं का टोटा सबको परेशान करता है।”
अधिवक्ता दीपक श्रीवास्तव का कहना है कि “एक शौचालय बना तो है, लेकिन वह बंद पड़ा है। केवल कागज़ी खानापूरी हो रही है।” वहीं निराकार कोली ने कहा कि “आज तक सरकार ने वकीलों के हित में कोई कदम नहीं उठाया।”
सैकड़ों अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में बिजली, पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की तत्काल व्यवस्था की मांग करते हुए कड़ी नाराज़गी जताई है।
सलेमपुर, देवरिया।(राष्ट्र की परम्परा) परिजनों से कुछ देर में आने की बात कह कर निकले मजदूर की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। यह दर्दनाक घटना रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के गोपालपुर गांव के समीप भटनी-वाराणसी रेल खण्ड पर हुई। मृतक की पहचान ग्राम इमलिया निवासी पिंटू यादव (25) पुत्र रामजनक यादव के रूप में हुई है, जो मजदूरी का कार्य करता था।
जानकारी के अनुसार पिंटू मंगलवार की शाम गांव के पास एक ट्रक से बालू उतारकर घर लौटा था। स्नान-भोजन के बाद उसने परिजनों से थोड़ी देर में लौटने की बात कहकर घर से निकल गया। देर रात ग्रामीणों ने उसका शव रेलवे ट्रैक पर पड़ा देखा और पुलिस को सूचना दी।
सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मृतक अपने तीन भाइयों में सबसे छोटा था। बड़ा भाई कमला यादव, दूसरा संतोष यादव और दो बहनें सीमा व रीमा की शादी हो चुकी है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
कोतवाल सुनील कुमार पटेल ने बताया कि युवक की मौत ट्रेन से कटकर हुई है, शव को पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया गया है।
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) राष्ट्रीय राजधानी में गुरुवार को भी अराजकता और तबाही का दौर जारी रहा। रुक-रुक कर हो रही बारिश और उफनती यमुना नदी ने हालात और बिगाड़ दिए। निचले इलाकों में पानी भरने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। कई इलाकों में घरों तक पानी घुस आया है, वहीं दिल्ली सचिवालय के आसपास की सड़कें भी जलमग्न हो गईं।
सबसे चिंताजनक स्थिति तब बनी जब एक राहत शिविर तक पानी पहुंच गया और वहां रह रहे बाढ़ पीड़ितों को दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ा। शहर की प्रमुख सड़कों पर बने गड्ढों और जलभराव ने यातायात व्यवस्था को ठप कर दिया है। कई इलाकों में वाहनों की लंबी कतारें और जाम की समस्या से लोग बेहाल रहे।
विशेषज्ञों का कहना है कि यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे खतरा टला नहीं है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन बाढ़ के पानी ने अब राजधानी की रफ्तार थाम दी है।
नवादा।(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) बिहार के नवादा जिले में बुधवार को करमा पूजा के अवसर पर बड़ा हादसा हो गया। पकरीबरावां थाना क्षेत्र के दतरौला गांव में पूजा-अर्चना के बाद तालाब में डूबने से तीन किशोरी और एक महिला की मौत हो गई। घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
पुलिस के अनुसार, मृतकों में पंचायत समिति सदस्य कृष्ण पासवान की दो बेटियां—अनामिका कुमारी (12) और पूजा कुमारी (18) शामिल हैं। इनके साथ ही गांव की एक अन्य किशोरी और एक महिला की भी तालाब में डूबकर जान चली गई। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोगों ने बचाव का प्रयास किया, लेकिन सभी को बाहर निकालने के बाद चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
सूचना पाकर स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में कोहराम मच गया, मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों का कहना है कि करमा पूजा के बाद कई महिलाएं और लड़कियां स्नान के लिए तालाब गई थीं, तभी यह हादसा हुआ। अचानक गहरे पानी में चले जाने से वे डूब गईं और समय रहते बचाया नहीं जा सका।
हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
नागपुर।(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) महाराष्ट्र के नागपुर जिले में बुधवार की मध्यरात्रि के बाद विस्फोटक बनाने वाली फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि सात अन्य लोग घायल हो गए। घटना जिले के बाजारगांव स्थित ‘सोलर एक्सप्लोसिव्स’ की आरडीएक्स इकाई में आधी रात के बाद हुई।
पुलिस के मुताबिक हादसे में 25 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घायल सात लोगों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें प्राथमिक उपचार देने के बाद शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार घायलों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
ढांडे अस्पताल के आईसीयू प्रभारी डॉ. नृपाल ढांडे ने बताया कि रात करीब 1:30 बजे घायलों को अस्पताल लाया गया। इनमें से दो मरीजों को सिर में गंभीर चोटें आई थीं, जिन्हें आईसीयू में भर्ती कर वेंटिलेटर पर रखा गया है। अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि सात लोगों का इलाज अब भी चल रहा है।
हादसे की जानकारी मिलते ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख अस्पताल पहुंचे और घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।
पुलिस और फैक्ट्री प्रबंधन हादसे के कारणों की जांच में जुट गए हैं।