Thursday, July 16, 2026
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महराजगंज महोत्सव के संदर्भ में डीएम ने किया अधिकारियों संग बैठक

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महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में महराजगंज महोत्सव के संदर्भ में जिलास्तरीय समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया।
बैठक में कार्यक्रम तिथि, कार्यक्रम स्थल, विभिन्न कार्यक्रमों, स्टालों और समितियों के गठन के संदर्भ में चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने दशहरा के दृष्टिगत महोत्सव का शुभारंभ 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर करने का निर्देश दिया। उन्होंने विगत वर्ष के कार्यक्रमों की जानकारी ली और निर्देशित करते हुए कहा कि विभिन्न आयोजनों के लिए जल्द से जल्द समितियों और उप समितियों का गठन करने का निर्देश दिया। स्थानीय कलाकारों और हुनरमंदों को उनकी कला व हुनर का प्रदर्शन करने हेतु हुनर प्वाइंट बनाने का निर्देश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय एकता दिवस के दृष्टिगत रन फॉर यूनिटी से करने का निर्देश दिया। महोत्सव में विभागीय योजनाओं के प्रचार–प्रसार हेतु विभागीय गोष्ठी का आयोजन करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों हेतु स्लॉट का निर्धारण करने और उसके अनुरूप कार्यक्रमों का निर्धारण करने का निर्देश दिया। महोत्सव में कला, विज्ञान, शिक्षा, खेल, महराजगंज का इतिहास आदि विषयों पर कार्यक्रम आयोजित करने निर्देश दिया।
इससे पूर्व जिला सूचना अधिकारी/सहायक पर्यटक अधिकारी द्वारा कार्यक्रम की रूपरेखा के विषय में समिति को अवगत कराया गया।
इस दौरान बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अनुराज जैन, डीएफओ निरंजन सुर्वे राजेंद्र,एडीएम (वि/रा) डॉ प्रशांत कुमार, सीएमओ डॉ श्रीकांत शुक्ला, डीडीओ बी.एन. कन्नौजिया, पीडी राम दरश चौधरी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें।

शिक्षक दिवस: गुरु की अमर परम्परा और राष्ट्र निर्माण में योगदान

✍️नवनीत मिश्र

शिक्षक का स्थान समाज में हमेशा सबसे ऊंचा रहा है। वह केवल पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं होता, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य और राष्ट्र की दिशा तय करने वाला मार्गदर्शक होता है। अपने व्यक्तित्व, आचरण और विचारों के माध्यम से शिक्षक विद्यार्थियों को ज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला, संस्कार और जिम्मेदारी का बोध भी कराता है। यही कारण है कि शिक्षक को समाज का पथप्रदर्शक और राष्ट्र का निर्माता कहा गया है।

भारत सदियों से विद्या और ज्ञान की धरती रहा है। यहां के ऋषि और आचार्य न केवल देश, बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा बने। तक्षशिला और नालंदा जैसे प्राचीन विश्वविद्यालयों ने अपने अनुसंधान और शिक्षण परंपरा से विश्व को शिक्षा का उजाला दिया। गणित, साहित्य, विज्ञान और दर्शन जैसे विषयों में भारतीय मनीषियों की उपलब्धियों ने मानव सभ्यता को नई दिशा प्रदान की। इस गौरवशाली परंपरा के कारण भारत को विश्व गुरु की संज्ञा मिली।

आज भले ही शिक्षा का स्वरूप बदल गया हो, लेकिन शिक्षक की भूमिका पहले जैसी ही महत्वपूर्ण बनी हुई है। तकनीक और वैश्वीकरण ने नई चुनौतियां और अवसर दोनों दिए हैं। ऐसे समय में शिक्षक केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहते, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, दृष्टिकोण और संवेदनाओं को भी गढ़ते हैं। नए शिक्षकों का उत्साह जहां संस्थानों में नई ऊर्जा भरता है, वहीं वरिष्ठ शिक्षकों का अनुभव उस ऊर्जा को स्थिरता और गहराई देता है।

भारत में शिक्षक दिवस मनाने की शुरुआत 1962 में हुई। यह परंपरा महान दार्शनिक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस से जुड़ी है। उनका विचार था कि यदि इस दिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए, तो यह शिक्षकों के सम्मान का सच्चा प्रतीक होगा। तभी से 5 सितम्बर का दिन पूरे देश में शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता और आभार प्रकट करने का अवसर बन गया है।

शिक्षक का योगदान विद्यालय की चारदीवारी तक सीमित नहीं है। वह समाज में ज्ञान, अनुशासन, संस्कृति और नैतिकता की नींव रखता है। प्राचीन गुरु-शिष्य परंपरा से लेकर आधुनिक शिक्षा व्यवस्था तक, हर युग में शिक्षक ने राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी निभाई है। आज समय की मांग है कि हम अपने शिक्षकों का सम्मान करें, उनके मार्गदर्शन को आत्मसात करें और उनके बताए रास्ते पर चलकर ज्ञान और मूल्यों से समृद्ध समाज का निर्माण करें।

हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन द्वारा जेंडर सेंसिटाइजेशन कार्यक्रम

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

महिला कल्याण विभाग के हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन द्वारा 10 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान के तहत गुरुवार को सनबीम स्कूल, अगरसंडा में जेंडर सेंसिटाइजेशन कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री हरीश कुमार ने की। इस मौके पर निदेशक कुँवर अरुण सिंह एवं प्रधानाचार्या अर्पिता सिंह मौजूद रहीं। जिला मिशन समन्वयक सुश्री अंजली सिंह ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देकर छात्र-छात्राओं को जागरूक किया। कार्यक्रम में जेंडर स्पेशलिस्ट निकिता सिंह सहित शिक्षकगण व छात्र-छात्राएँ सक्रिय रूप से शामिल रहे।

लिंग संवेदीकरण पर जागरूकता कार्यशाला संपन्न

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। महिला कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश के निदेशक के निर्देशानुसार “संकल्प–हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन” योजनांतर्गत चल रहे 10 दिवसीय महिला सशक्तिकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम (2 से 12 सितंबर 2025) के अंतर्गत आज हीरालाल पीजी कॉलेज, खलीलाबाद में लिंग संवेदीकरण विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में जेंडर स्पेशलिस्ट शुभम चौधरी ने विद्यार्थियों को लिंग संवेदीकरण के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी और महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में भी बताया। इसके साथ ही सेंटर मैनेजर ऋतुका दुबे ने वन स्टॉप सेंटर की कार्यशैली और महिलाओं की सहायता के लिए उपलब्ध सेवाओं के बारे में जागरूक किया।
इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बृजेश त्रिपाठी, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. माला सिंह, डॉ. नेहा सिंह, डॉ. संध्या, डीएमसी मोनिका शुक्ला, सेंटर मैनेजर ऋतुका दुबे, केस वर्कर सुमन सिंह, जेंडर स्पेशलिस्ट शुभम चौधरी, अमन तथा असिस्टेंट अकाउंटेंट आशीष वर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

पुरानी राप्ती नदी के जीर्णोद्धार का विधायक ने किया शुभारंभ

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। मेहदावल तहसील के मेहदावल विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बिसौवां के मजरे दमका में गुरुवार को पुरानी राप्ती नदी के जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच किया गया। इस अवसर पर विधायक मेहदावल अनिल कुमार त्रिपाठी व जिलाधिकारी आलोक कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने अपने संबोधन में नदियों के महत्व और उनके संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। वहीं जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कहा कि नदियां पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने हेतु हमें नदियों की रक्षा और संरक्षण के प्रति जागरूक रहना चाहिए।
इस मौके पर डीसी मनरेगा प्रभात द्विवेदी, उप जिलाधिकारी मेहदावल संजीव राय, पुलिस क्षेत्राधिकारी मेहदावल सर्व दमन सिंह, तहसीलदार मेहदावल अल्पिका वर्मा, खंड विकास अधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारी मेहदावल सहित अनेक अधिकारीगण मौजूद रहे।

मझवालिया न. 4 के प्राथमिक विद्यालय में बालवाटिका प्रोत्साहन कार्यक्रम, अतिथियों ने बच्चों का बढ़ाया उत्साह

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)मझवालिया नं. 4 में प्राथमिक विद्यालय को शासन के निर्देशानुसार “बालवाटिका” में परिवर्तित किए जाने के उपलक्ष्य में प्रोत्साहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अमरेश सिंह बबलू ने कहा कि सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से ग्रामीण अंचल के छोटे बच्चे अब खेल-खेल में पढ़ाई करेंगे और कान्वेंट स्कूलों को टक्कर देंगे।

कार्यक्रम में भाजपा जिला मंत्री अभिषेक जायसवाल ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार “बालवाटिका” जैसी योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से हुआ है। अब हर ब्लॉक में बच्चों को कान्वेंट जैसी सुविधा मिलेगी। वहीं अभिषेक गौतम ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना की सराहना करते हुए विद्यालय में “मां के नाम एक पेड़” गतिविधि के अंतर्गत पौधारोपण किया और विद्यालय के कक्षों को टाइल्स से सजाने का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम में प्रतिमाह बच्चों का जन्मदिन मनाने की परंपरा को भी आगे बढ़ाया गया। इसी दौरान आगामी शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर महान शिक्षाविद एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की स्मृति में केक काटा गया।

कार्यक्रम का संचालन अध्यापक नंदकिशोर पटेल द्वारा किया गया और विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक अभिषेक सिंह ने सभी अतिथियों का माला पहनाकर स्वागत किया। अंत में खंड शिक्षा अधिकारी रामप्यारे राम ने आभार व्यक्त किया और बच्चों के साथ ग्रामवासियों व अतिथियों ने भोजन कर उनके उत्साह को बढ़ाया।

इस अवसर पर अध्यापिका मधुकांति चौधरी, सतेन्द्र सिंह, मोनू मधेशिया, कुशेश्वर, परमेश्वर पटेल, जय राम गुप्ता, ग्राम प्रधान कलावती देवी, भूपेंद्र जी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व बीडीसी सदस्य उपस्थित रहे।

विद्यार्थी परिषद द्वारा आयोजित हुआ शिक्षक अभिनंदन समारोह

शिक्षक वह बनता है जिसे ईश्वर चुनता है:प्रो श्रीप्रकाश मणि

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।
अखिल विद्यार्थी परिषद देवरिया द्वारा जिला पंचायत सभागार मे शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर शिक्षक अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षण के साथ समाज क्षेत्र मे कार्य कर रहे शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व कुलपति प्रो श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी और मुख्य वक्ता के रूप मे अभाविप के प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ निगम मौर्य रहें। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत करते हुए अतिथियों द्वारा मॉ सरस्वती और स्वामी विवेकानन्द की प्रतिमा पर पुष्पांजलि और दीप प्रज्वलित किया गया।
मुख्य अतिथि प्रो श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी ने कहा कि अभाविप समाज, संस्था और राष्ट्र के बीच सेतु का कार्य कर रहा है यह संगठन राष्ट्रीय पुर्ननिमार्ण के लिए सदैव तत्पर और क्रियाशील रहते हुए आज विश्व का सबसे बड़ा सांस्कारित छात्र संगठन बन चुका है। शिक्षक की भूमिका को बताते हुए उन्होंने कह कि वही राष्ट्र विकसित त होता है जहाँ आचार्य प्रतिष्ठित होते हैं। हमारा धर्म होता हर गुरू का सम्मान करना और यह घर्म भी हमे वही गुरु सिखाता है।इस धरा पर ज्ञान से बड़ा कुछ नहीं है वह ज्ञान का बोध कराने वाला शिक्षक ही है। आज की तकनीकी विधा और विशेषकर एआई के युग मे ज्ञानार्थ आईये और विकासार्थ जाईये के ध्येय के साथ जब हम विद्यालय परिसर से विद्यार्थीयों को निकालेंगे तो ऐसे विद्यार्थी समाज को अपने प्रकाश से आलोकित करते रहेंगे।शिक्षक होना एक महनीय कार्य है और शिक्षक वह बनता है जिसे ईश्वर चुनता है।

अभाविप के प्रान्त उपाध्यक्ष और मुख्य वक्ता डॉ निगम मौर्य ने कहा कि समाज मे शिक्षक की भूमिका को ईश्वर से ऊँचा बताया गया है ।आज की युवा तरुणाई को मार्गदर्शन करने का कार्य एक शिक्षक ही कर सकता है। विद्यार्थी परिषद विद्यार्थियों को शैक्षिक जगत में परिपक्व और प्रतियोगी बनाते हुए उन्हें समाज और राष्ट्र के उत्थान हेतु अतिरिक्त समय देने के लिए प्रशिक्षित करने का कार्य करता है। शिक्षक की भूमिका समाज मे एक दार्शनिक और मार्गदर्शक के रूप मे है इस देश के सभी महान व्यक्तित्व के पीछे किसी महान शिक्षक का हाथ रहा है और वर्तमान समाज को देखते हुए आज का शिक्षक केवल क्लास तक सीमित होता है तो यह समाज के प्रति उसकी बहुआयामी भूमिका के प्रति न्यायसंगत नही है।
स्वागत भाषण जिला प्रमुख डॉ अभिनव सिंह ने किया और आभार नगर अध्यक्ष डॉ मंतोष मौर्य द्वारा व्यक्त किया गया।कार्यक्रम का संचालन नगर सहमंत्री अमन तिवारी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ विवेक मिश्र,विभाग सहप्रमुख डॉ राघवेन्द्र पाण्डेय,पूर्व विधायक प्रो सत्य प्रकाश मणि, प्रो अर्जुन मिश्र, प्रो बृजेश पाण्डेय, डॉ वीरेंद्र मणि, प्रोफेसर अशोक सिंह, डॉ अभिषेक तिवारी, डॉ प्रद्योत सिंह, डॉ भावना सिन्हा , डॉ सुधीर कुमार, शैलेन्द्र कुमार सैनी, प्रशांत मणि ,सात्विक श्रीवास्तव, सविनय पाण्डेय अमित मणि सहित विभिन्न महाविद्यालयों व इंटर कालेजों के अध्यापक और कार्यकर्ता उपस्थित रहें।

कांग्रेस का मोदी सरकार पर हमला: “वोट मिलावट से सत्ता, अब पेट्रोल मिलावट से देश चला रही है सरकार” – पवन खेड़ा

नई दिल्ली(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) कांग्रेस नेता और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने गुरुवार को केंद्र की मोदी सरकार और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल नीति (E-20) को जनता के साथ “धोखा” करार देते हुए कहा कि “वोट मिलावट से जीतने वाली सरकार अब पेट्रोल मिलावट से देश चला रही है।”

प्रेस बयान में पवन खेड़ा ने कहा, “पहले वोट चोरी, अब मोदी जी द्वारा पेट्रोल चोरी। ‘न खाऊँगा, न खाने दूँगा’ के झंडाबरदार अब जनता की जेब पर डाका डाल रहे हैं। ई-20 नीति असल में जनता से पैसे ऐंठने की नई चाल है।”

पेट्रोल-डीजल कीमतों का मुद्दा कांग्रेस प्रवक्ता ने दावा किया कि 2014 में पेट्रोल की कीमत 71.41 रुपये प्रति लीटर थी, जो 2025 में बढ़कर 94.77 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इसी अवधि में डीजल 55.49 रुपये से बढ़कर 87.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरी ओर इथेनॉल उत्पादन से जुड़ी चीनी मिलें और उद्योगपति रिकॉर्ड मुनाफा कमा रहे हैं।

“हितों के टकराव” का आरोप पवन खेड़ा ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पर सीधा हमला बोलते हुए उनके परिवार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गडकरी के बेटे निखिल गडकरी की कंपनी सियान एग्रो इंडस्ट्रीज इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड देश की प्रमुख इथेनॉल आपूर्तिकर्ताओं में से है। वहीं, उनके दूसरे बेटे सारंग गडकरी मानस एग्रो इंडस्ट्रीज में निदेशक हैं, जो इथेनॉल कारोबार से जुड़ी है। खेड़ा ने इसे स्पष्ट “हितों का टकराव” बताया।

कांग्रेस की मांग खेड़ा ने कहा कि मोदी सरकार को इस नीति पर जवाब देना चाहिए और गडकरी परिवार से जुड़े कारोबारी हितों की जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का बोझ आम आदमी पर डाला जा रहा है, जबकि चुनिंदा उद्योगपतियों को फायदा पहुँचाया जा रहा है।

इस विवाद के बाद अब सियासत और गर्माने की पूरी संभावना है, क्योंकि कांग्रेस ने सीधे नितिन गडकरी और उनके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज, नवंबर में तीन चरणों में हो सकता है मतदान

पटना(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज़ हो गई हैं। चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, मतदान कार्यक्रम की घोषणा इस महीने के अंत या अगले महीने की शुरुआत में होने की पूरी संभावना है।

जानकारी के अनुसार, नई विधानसभा के चुनाव के लिए मतदान नवंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में कराया जा सकता है। इस बार चुनाव तीन चरणों में संपन्न होने की उम्मीद है। चुनाव आयोग दिवाली और छठ जैसे प्रमुख त्यौहारों को ध्यान में रखते हुए अंतिम कार्यक्रम तय कर रहा है, ताकि त्योहारों के दौरान मतदान प्रभावित न हो।

गौरतलब है कि वर्तमान बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर, 2025 को समाप्त हो रहा है। ऐसे में चुनाव आयोग को उसी तिथि से पहले पूरी चुनावी प्रक्रिया संपन्न करनी होगी। चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लागू हो जाएगी और राज्य की राजनीति में सरगर्मी और बढ़ जाएगी।

राजनीतिक दलों ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सत्ता पक्ष जहां अपनी उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने में जुटा है, वहीं विपक्ष सरकार की नाकामियों को मुद्दा बनाकर मतदाताओं को साधने की कोशिश कर रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार का यह चुनाव कई मायनों में अहम होगा, क्योंकि इसमें न सिर्फ सत्ता की कुर्सी दांव पर होगी, बल्कि आने वाले लोकसभा चुनावों की दिशा भी तय हो सकती है।

दिल्ली में पीएम मोदी और सिंगापुर के पीएम लॉरेंस वोंग के बीच उच्चस्तरीय वार्ता, कई समझौतों पर हस्ताक्षर

नई दिल्ली।(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने गुरुवार को दिल्ली में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। दोनों नेताओं की उपस्थिति में भारत और सिंगापुर के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने वाले कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए।

वार्ता के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग की यह यात्रा विशेष महत्व रखती है क्योंकि इस वर्ष भारत और सिंगापुर अपने द्विपक्षीय संबंधों की 60वीं वर्षगांठ मना रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा, “दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र में सिंगापुर हमारा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है।””सिंगापुर से भारत में बड़े पैमाने पर निवेश हुआ है।””हमारे रक्षा संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं।”

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि दोनों देशों ने भविष्य की साझेदारी के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया है। इस दौरान निर्णय लिया गया कि आपसी व्यापार को और गति देने के लिए द्विपक्षीय कॉम्प्रेहेन्सिव इकोनॉमिक कोऑपरेशन एग्रीमेंट (CECA) और आसियान के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) का समयबद्ध समीक्षा की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा से भारत–सिंगापुर आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई ऊँचाइयाँ मिलेंगी और आने वाले वर्षों में व्यापार, निवेश और रक्षा सहयोग और अधिक मजबूत होंगे।

लापरवाही पर पेशकार निलंबित

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने गंभीर लापरवाही बरतने पर उप जिलाधिकारी सदर न्यायालय के पेशकार नीरज कुमार श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया। जांच में पाया गया कि एक ही मामले को बार-बार दर्ज कर निरस्त किया गया तथा आदेश आर्डर शीट में अंकित नहीं किए गए। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर उन्हें निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। निलंबन अवधि में वे तहसील बलिया के संग्रह अनुभाग से संबद्ध रहेंगे। जांच अधिकारी के रूप में एडीएम (नमामि गंगे) को नामित किया गया है

ग्राम न्यायालय में 4 मुकदमों का हुआ निस्तारण

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। उच्च न्यायालय के आदेशानुसार बैरिया के कोटवां पंचायत भवन में गुरुवार को सचल ग्राम न्यायालय का आयोजन हुआ। न्यायाधिकारी विशाल शर्मा ने ग्रामीणों को कानूनी अधिकारों और छोटे-छोटे विवादों के त्वरित निस्तारण की जानकारी दी। कुल 14 पत्रावलियां पेश हुईं, जिनमें से 4 मुकदमों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। कई अन्य मामलों में आपसी समझौते की प्रक्रिया शुरू की गई। मौके पर खंड विकास अधिकारी आदित्य कुमार सिंह व दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।

बाल वाटिका के बच्चों ने अपनी कला से सबका मन मोह लिया

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। शासन के निर्देशानुसार प्राथमिक विद्यालय बड़कागांव में अध्यनरत बच्चों ने वाल वाटिका मे विभिन्न कार्यक्रम के द्वारा सभी उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। ईसीसी एजुकेटर गुड़िया यादव ने बच्चों से विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत कराए।जिसमें बाल वाटिका के छात्र चंदन ने कविता सुनाया, दिव्या कुमारी ने विभिन्न पक्षियों एवं जानवरों की आवाज को सुनकर पहचान की, सत्येंद्र कुमार और रितिक ने बहुत ही शानदार तरीके से अपना परिचय दिया। वर्ष 2025- 26 से को लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों एवं प्राथमिक विद्यालयों में बाल वाटिका का संचालन शासन के निर्देशानुसार चल रहा है, जिसके लिए सभी को लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों पर ईसीसी एजुकेटर की नियुक्ति की गई है जो 5 से 6 साल के बच्चों को पढ़ाने का काम कर रही है। मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख बरहज सुभाष प्रसाद ने कहा कि यह 5 साल के बच्चे जो विभिन्न प्रस्तुति दिए हैं, निश्चित ही सराहनीय है। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग में नामांकन एवं शैक्षिक गुणवत्ता लाने में निश्चित ही यह अनूठी पहल है। विशिष्ट अतिथि के रूप में खंड शिक्षा अधिकारी बरहज राजेश कुमार यादव ने कहा कि कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर बेसिक शिक्षा विभाग में 5 से 6 साल के बच्चों को बाल वाटिका के अंतर्गत पढ़ने का जो निर्णय लिया गया है, निश्चित रूप से यह सकारात्म पहल है। इससे बच्चों के शैक्षिक गुणवत्ता में वृद्धि होगी साथ ही नामांकन भी बढ़ेगा। विद्यालय के प्रधानाध्यापक आशुतोष शाह ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया और कहा कि ईसीसी एजुकेटर की नियुक्ति कर सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों के नामांकन वृद्धि के लिए संजीवनी का काम किया है। इस अवसर पर ग्राम प्रधान नब्बे लाल गुप्ता, दिवाकर देव मालवीय,अरुण कुमार विश्वकर्मा, प्रतिभा पाठक, इंदु तिवारी, सत्यदा देवी, शैलेंद्र कुमार, अनिल कुमार आदि उपस्थित रहे।

सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरों की कमी पर स्वतः संज्ञान लिया

नई दिल्ली।(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरों की कमी और उनमें खामियों को लेकर स्वतः संज्ञान लेते हुए एक जनहित याचिका (पीआईएल) शुरू की है। यह कार्रवाई उस समय हुई, जब एक अखबार में प्रकाशित खबर में पुलिस हिरासत में मौतों और सीसीटीवी निगरानी की लापरवाही का मुद्दा उजागर हुआ।

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि केवल राजस्थान में ही पिछले सात–आठ महीनों के भीतर पुलिस हिरासत में 11 मौतें हो चुकी हैं। अदालत ने इसे बेहद चिंताजनक बताते हुए इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप की आवश्यकता पर बल दिया।

गौरतलब है कि वर्ष 2020 में सर्वोच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक निर्णय में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया था कि देशभर के सभी पुलिस थानों में नाइट विज़न और ऑडियो क्षमता वाले सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। अदालत ने साफ कहा था कि पुलिस परिसरों के महत्वपूर्ण हिस्सों—जैसे लॉक-अप, पूछताछ कक्ष और प्रवेश–निकास द्वार—पर हर समय कैमरों की निगरानी होनी चाहिए। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया गया था कि रिकॉर्डेड फुटेज कम से कम 18 महीने तक सुरक्षित रखा जाए और हिरासत में यातना या मौत से जुड़े मामलों की जांच के दौरान उपलब्ध कराया जाए।

लेकिन चार साल बाद भी स्थिति संतोषजनक नहीं है। कई पुलिस थानों में कैमरे या तो काम ही नहीं कर रहे, या फिर फुटेज उपलब्ध नहीं कराया जाता। जांच के दौरान पुलिस अक्सर तकनीकी खराबी या रिकॉर्डिंग के गायब होने का बहाना बनाती है। इस वजह से न केवल हिरासत में होने वाले दुर्व्यवहार के मामलों की जांच प्रभावित होती है बल्कि जवाबदेही भी तय नहीं हो पाती।

सुप्रीम कोर्ट की यह स्वतः संज्ञान कार्रवाई इस बात की ओर इशारा करती है कि पुलिस तंत्र और राज्य सरकारें अदालत के स्पष्ट निर्देशों का पूरी तरह पालन करने में नाकाम रही हैं। अदालत ने संकेत दिया है कि यदि राज्यों ने शीघ्र ही सीसीटीवी कवरेज और रिकॉर्डिंग व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया, तो सख्त आदेश जारी किए जा सकते हैं।

🔴 यह मामला अब पूरे देश में पुलिस हिरासत की पारदर्शिता और मानवाधिकार संरक्षण की दिशा में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है

मनरेगा कर्मियों को बड़ी राहतः ईपीएफ की रकम अब सीधे खाते में, देरी पर होगी सख्त कार्रवाई

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। प्रदेश के हजारों मनरेगा कर्मियों के लिए यह खबर राहत भरी है। अब उनके ईपीएफ अंशदान की रकम कभी भी 14 दिन से ज्यादा नहीं रुकेगी। पैसा सीधे उनके बैंक खाते में पहुंचेगा।
वित्त मंत्रालय के आदेश पर उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास विभाग ने सभी जिलों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। इसमें साफ कहा गया है कि होल्डिंग अकाउंट में राशि अटकाना बंद करें। यदि भुगतान में देरी की गई,तो जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।आयुक्त ग्राम्य विकास जी.एस. प्रियदर्शी और उपायुक्त मनरेगा चंद्र शेखर ने चेतावनी दी है कि कर्मियों की मेहनत की कमाई में अब किसी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस फैसले से मनरेगा कर्मियों को समय पर उनका हक मिलेगा। कर्मियों के बीच इस आदेश से खुशी और विश्वास की लहर दौड़ गई है। इस संबंध में डीसी मनरेगा गौरवेन्द्र सिंह ने बताया कि सभी विकासखंडों में पत्र जारी कर दिया गया है कि तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित करें।
उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ महराजगंज के जिलाध्यक्ष ब्रह्मानंद ने पत्र का स्वागत करते हुए कहा कि मनरेगा कार्मिकों का ईपीएफ धनराशि समय से उनके यूएन खाते में ट्रांसफर किया जाना मनरेगा कार्मिकों के हित में है प्रदेश सरकार व जीएस प्रियदर्शी आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग का फैसला अति महत्वपूर्ण स्वागत योग्य है। इस आदेश से खासकर रोजगार सेवक बहुत उत्साहित है, कि अब उनके ईपीएफ की धनराशि बिना समय गंवाए उनके यूएन खाते में समय से पहुंच जायेगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन से हमारी यह मांग है कि इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुए ग्राम रोजगार सेवकों के मानदेय से कटी हुई ईपीएफ की धनराशि विकासखंड के एसएएन खाते से उनके यूएन खाते में 14 दिनों के अंदर भिजवाया जाए, जिससे ईपीएफ धनराशि की पारदर्शिता बनी रहे।जब समय से ईपीएफ धनराशि कार्मिक के खाते में जमा होगा तो ईपीएफ कार्यालय समुचित ब्याज का निर्धारण भी कर सकेगा जिससे कार्मिकों को लाभ मिल सकेगा।