Wednesday, July 15, 2026
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“नेपाल का ऑनलाइन लॉकडाउन: आज़ादी पर सवाल”

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(सोशल मीडिया पर नेपाल का बड़ा ताला: लोगों की आवाज़ पर रोक या नियमों की ज़रूरत?)

नेपाल सरकार ने 26 बड़े सोशल मीडिया और संदेश भेजने वाले मंच—जिनमें फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और एक्स (पहले ट्विटर) शामिल हैं—को देश में बंद करने का आदेश दिया है। सरकार का तर्क है कि कंपनियों ने स्थानीय कार्यालय नहीं खोला और शिकायत निवारण व्यवस्था नहीं बनाई, जिससे अफवाहें और साइबर अपराध बढ़ रहे हैं। आलोचक इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला मानते हैं। इस कदम से आम नागरिक, परिवार, व्यापारी और सामग्री निर्माता प्रभावित होंगे। विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि पूर्ण प्रतिबंध की बजाय कंपनियों को नियमों का पालन कराने और जनता की आवाज़ सुरक्षित रखने वाला संतुलित समाधान बेहतर होगा।
नेपाल जैसे छोटे लोकतांत्रिक देश ने हाल ही में ऐसा बड़ा निर्णय लिया है जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया। सरकार ने 26 सोशल मीडिया और संदेश मंचों पर अचानक रोक लगाने का आदेश दिया। इसमें फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और एक्स जैसे सबसे लोकप्रिय मंच शामिल हैं। यह फैसला जितना अचानक लिया गया, उतना ही गहरी बहस भी शुरू कर दी कि क्या यह कदम नागरिक अधिकारों पर हमला है या देश की डिजिटल सुरक्षा के लिए जरूरी था।

सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया कंपनियों को पहले ही चेतावनी दी गई थी कि वे नेपाल में अपना स्थानीय कार्यालय खोलें, प्रतिनिधि नियुक्त करें और शिकायत निवारण की व्यवस्था सुनिश्चित करें। लेकिन कंपनियों ने इसका पालन नहीं किया। सरकार के अनुसार, इस कारण अफवाहें, भ्रामक खबरें और साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे थे। इसे रोकने के लिए ही यह बड़ा कदम उठाया गया।

लेकिन इस फैसले का विरोध भी तेजी से हो रहा है। पत्रकार संगठन, मानवाधिकार समूह और आम नागरिक इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला मान रहे हैं। उनका तर्क है कि सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह अब नागरिकों की आवाज़ और लोकतंत्र का आधार बन चुका है। जब इतने बड़े स्तर पर मंच बंद कर दिए जाएंगे, तो जनता की संवाद और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर गहरा असर पड़ेगा।

नेपाल में लाखों परिवार ऐसे हैं जिनके सदस्य विदेशों में काम कर रहे हैं। उनके लिए व्हाट्सएप और फेसबुक ही परिवार से जुड़े रहने का सबसे आसान माध्यम हैं। इस प्रतिबंध से उनकी रोज़मर्रा की जिंदगी कठिन हो जाएगी। यही नहीं, छोटे व्यापारी और ऑनलाइन कारोबार करने वाले लोग भी सोशल मीडिया के माध्यम से ग्राहकों तक पहुँचते थे। इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक पर विज्ञापन देकर वे अपने उत्पाद बेचते थे। अब यह सब प्रभावित होगा।

हजारों सामग्री निर्माता और यूट्यूबर, जो सोशल मीडिया से अपनी रोज़ी-रोटी चला रहे थे, अचानक बेरोज़गार होने की कगार पर पहुँच गए हैं। युवाओं में निराशा और असंतोष बढ़ रहा है। यह केवल आर्थिक समस्या नहीं है, बल्कि डिजिटल रोजगार पर भी बड़ा झटका है।

राजनीतिक दृष्टि से भी यह निर्णय नेपाल सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। विपक्ष इसे तानाशाही कदम मान रहा है। उनका कहना है कि सरकार आलोचना और सवालों से डर रही है, इसलिए उसने सोशल मीडिया पर रोक लगा दी। लोकतंत्र की असली ताकत जनता की आवाज़ में है। जब उस आवाज़ को दबाया जाता है, तो लोकतंत्र कमजोर पड़ जाता है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नेपाल की छवि प्रभावित होगी। निवेशक और डिजिटल कंपनियाँ यह सोचेंगी कि नेपाल का डिजिटल माहौल स्थिर और सुरक्षित नहीं है। इससे निवेश और साझेदारी पर असर पड़ेगा। पर्यटक भी नाखुश हो सकते हैं, क्योंकि आज यात्रा, संचार और जानकारी का बड़ा हिस्सा सोशल मीडिया पर आधारित है।

सरकार का तर्क बिल्कुल गलत नहीं है। सोशल मीडिया पर अफवाहें, फर्जी खबरें और साइबर अपराध तेजी से फैल रहे हैं। इससे सामाजिक तनाव और हिंसा भी भड़क सकती है। सरकार को यह हक़ है कि वह नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और कंपनियों को जिम्मेदार बनाए। लेकिन समस्या का हल सीधे मंचों को बंद करना नहीं होना चाहिए।

दुनिया के कई देशों ने सोशल मीडिया कंपनियों पर नियम लागू किए हैं। भारत ने 2021 में नए सूचना प्रौद्योगिकी नियम बनाए, जिनमें कंपनियों को शिकायत अधिकारी नियुक्त करना और सामग्री पर तुरंत कार्रवाई करना अनिवार्य किया गया। यूरोपियन संघ ने भी डिजिटल सेवा कानून लागू किया। लेकिन कहीं भी इस तरह का पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया गया। नेपाल का कदम इसलिए कठोर और जल्दबाज़ी भरा लगता है।

समाधान यही है कि सरकार कंपनियों से बातचीत करे, उन पर जुर्माना लगाए और नियमों का पालन करने के लिए दबाव बनाए। जनता की आवाज़ को पूरी तरह रोकना सही तरीका नहीं है। यह न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है बल्कि जनता और सरकार के बीच अविश्वास भी बढ़ाएगा।

भविष्य में नेपाल को संतुलन की राह चुननी होगी। उसे समझना होगा कि सोशल मीडिया अब केवल तकनीकी साधन नहीं है, बल्कि लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। इसे बंद करना लोगों की स्वतंत्रता और संवाद दोनों पर चोट है। बेहतर होगा कि सरकार कंपनियों को सख्त नियमों के दायरे में रखे, लेकिन नागरिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुरक्षित भी रहे।

लोकतंत्र की असली ताकत जनता का भरोसा है। यह भरोसा तभी बनता है जब सरकार जनता से संवाद करेगी, न कि उसकी आवाज़ को दबाएगी। नेपाल को चाहिए कि वह अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करे और ऐसा रास्ता अपनाए जिससे कानून का पालन भी हो और नागरिकों की स्वतंत्रता भी सुरक्षित रहे। यही सही लोकतांत्रिक समाधान है।

नेपाल की यह घटना पूरे विश्व के लिए भी सीख है। यह दिखाती है कि डिजिटल दुनिया में नियमों और स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाना कितना महत्वपूर्ण है। एक ओर सुरक्षा, अफवाहों और अपराधों पर नियंत्रण की जरूरत है, तो दूसरी ओर जनता की अभिव्यक्ति और संवाद की स्वतंत्रता का सम्मान भी उतना ही आवश्यक है। यदि यही संतुलन मिल जाता है, तो लोकतंत्र मजबूत रहेगा और डिजिटल दुनिया का लाभ सभी को मिलेगा।

नेपाल के निर्णय ने यह स्पष्ट किया है कि सरकारें डिजिटल दुनिया में सही कदम उठाने के लिए जिम्मेदार हैं, लेकिन इस जिम्मेदारी का मतलब जनता की आवाज़ पर अंकुश लगाना नहीं होना चाहिए। हर लोकतंत्र में नागरिकों की स्वतंत्रता सर्वोपरि है। इसलिए नेपाल को चाहिए कि वह कानून की कठोरता और लोगों की स्वतंत्रता के बीच सही संतुलन बनाए और सोशल मीडिया को केवल प्रतिबंध का शिकार न बनने दे।

अंततः यह निर्णय एक चेतावनी भी है कि सोशल मीडिया का महत्व अब केवल मनोरंजन या सूचना तक सीमित नहीं है। यह लोकतंत्र, रोजगार, सामाजिक संवाद और वैश्विक पहचान का अहम हिस्सा बन चुका है। इसे सही ढंग से नियंत्रित करना, नियम लागू करना और नागरिकों की आवाज़ सुरक्षित रखना ही भविष्य की दिशा है।

नेपाल को चाहिए कि वह इस निर्णय का पुनर्विचार करे और ऐसा समाधान निकाले जो कानून का पालन सुनिश्चित करे, अफवाहों और साइबर अपराध पर रोक लगाए, और साथ ही जनता की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को भी सुरक्षित रखे। यही लोकतंत्र की सच्ची ताकत है।

डॉ प्रियंका सौरभ

कुर्ला (पश्चिम) काजुपाडा में डेंगू-मलेरिया का प्रकोप,

बीएमसी एल वार्ड पर स्थानीय पत्रकार पवन पाठक ने लगाया लापरवाही के आरोप,

रिपोर्ट :अजय उपाध्याय
मुंबई (राष्ट्र की परम्परा (कुर्ला पश्चिम के काजुपाड़ा क्षेत्र अंतर्गत गरीबी हटाओ सोसायटी, पांडेय चाल और हलाई मेमन चाल में डेंगू और मलेरिया का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। स्थानीय निवासी पत्रकार पवन पाठक का आरोप है कि पिछले दो महीनों से बीएमसी ने यहां धुआं तक नहीं मारा, जिससे मच्छरों का प्रकोप और भी ज्यादा हो गया है।
इस स्थानिक इलाके के रहिवासी लगातार डेंगू,मलेरिया जैसे घातक बीमारियों से जूझ रहे हैं। बढ़ते संक्रमण के बीच इलाज कराने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है |
स्थानीय निवासी एवं पत्रकार पवन पाठक ने इस मामले को गंभीरता से उठाते हुए एल विभाग मनपा के सहायक आयुक्त धनाजी हेर्लेकर से तुरंत पेस्ट कंट्रोल विभाग को आदेश जारी कर धुआं फॉगिंग अभियान शुरू कराने की मांग की है।
पाठक ने कहा कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो डेंगू-मलेरिया जैसी घातक बीमारियां और फैल सकती हैं, जिससे आम जनता की जान खतरे में पड़ जाएगी।

दुनियाँ में विज्ञान पर सबसे बड़ी चुनौती,लाइलाज कैंसर को मात मिलेगी,“इंटरोमिक्स” कैंसर वैक्सीन शीघ्र बाजार में- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी

गोंदिया – विश्व स्वास्थ्य जगत में कैंसर एक ऐसा सार्वभौमिक संकट रहा है जिसने अनेक बार वैज्ञानिकों को अचम्भित किया है। बढ़ते कैंसर के मामलों और उसके आर्थिक व सामाजिक प्रभावों की चुनौतियों ने एक से अधिक बार चिकित्सा अनुसंधान को अग्रसर किया है।कैंसर आज के समय में इंसानों को तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है, पहले यह बड़े उम्र के लोगों में ज्यादा होता था,लेकिन आज कम उम्र के लोग भी इसकी चपेट में हैं, मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र यह मानता हूं कि अगर सरल शब्दों में कहा जाए तो स्त्री से लेकर पुरुष तक हर कोई कैंसर से परेशान है,इसके अलावा इसके इलाज में काफी खर्च आता है जो आम इंसान कभी-कभी उतना दे नहीं पाता और इसके चलते हर साल बड़ी संख्या में इससे लोगों की मौत हो जाती है, अब इसी बीमारी को काउंटर करने के लिए रूस ने वैक्सीन का निर्माण किया है,यह वैक्सीन अगर इंसानों पर पूरी तरह सफल होती है, तो यह मानव सभ्यता के सबसे महान खोजों में से एक होने वाली है, 8 सितंबर 25 को देर रात्रि आई जानकारी के अनुसार,अभी तक एम- आरएनए बेस्ड वैक्सीन ‘एंटरोमिक्स’ ने प्री-क्लिनिकल ट्रायल्स में 100 प्रतिशत तक प्रभावशील और सुरक्षित दिखी है, इस वैक्सीन को रूस के नेशनल मेडिकल रिसर्च रेडियोलॉजी सेंटर और रूस के ही एकेडमी ऑफ साइंस के एंगेलहार्ट इंस्टीट्यूट ऑफ मॉलिक्यूलर बायोलॉजी ने साथ मिलकर तैयार किया है।समाचारों में अक्सर”नई वैक्सीन”,”नया इलाज” “क्रांतिकारी शोध” जैसी बातें सामने आती हैं परंतु सच्चाई अक्सर संतोषजनक नहीं होती। इसलिए रूस की वैज्ञानिक टीम द्वारा प्रकाशित हालिया रिपोर्ट, जिसमें दावा है कि “इंटरोमिक्स” नामक एम-आरएनए कैंसर वैक्सीन ग्लोबली प्रीक्लिनिकल से लेकर क्लिनिकल ट्रायल्स में 100 पर्सेंट सफल रही है,वास्तव में एक व्यापक और सावधानी पूर्वक मूल्यांकन मांगती है।चूँकि एक नई उम्मीद “इंटरोमिक्स” कैंसर वैक्सीन:- कैंसर को वैक्सीन से हराने की पहल, वैश्विक शोध जगत में इस खोज को एक संभावित गेम-चेंजर माना जा रहा है।इसलिए आज हम मीडिया में उपलब्धजानकारी के सहयोग से इसआर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे,कैंसर के इलाज में रूस की क्रांतिकारी खोज-“नई वैक्सीन” “नया इलाज”,”क्रांतिकारी शोध”- “इंटरोमिक्स” कैंसर वैक्सीन।
साथियों बात अगर हम शोध का दायरा और वैक्सीन का निर्माण व ट्रायल के प्रारंभिक नतीजों की करें तो,रूसी नेशनल मेडिकल रिसर्च रेडियोलॉजिकल सेंटर एवं एंगेल्हार्डट इंस्टिट्यूट ऑफ़ मोलेक्युलर बायोलॉजी (रूसी विज्ञान अकादमी) द्वारा मिलकर विकसित की गई “इंटरोमिक्स ” वैक्सीन का आधार वही एम-आरएनए तकनीक है जो कोविड-19 वैक्सीन में प्रयोग हुई थी। इसकी खासियत है,यह व्यक्तिगत ट्यूमर जीनोमिक प्रोफ़िलिंग पर आधारित,पूर्णतया कस्टमाइज़्ड थेरेपी है। इसका मतलब है कि प्रत्येक मरीज के ट्यूमर की जीन-म्युटेशनल विश्लेषण के आधार पर वैक्सीन तैयार की जाती है ताकि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कैंसर कोशिकाओं को पहचान कर उन्हें लक्ष्य कर सके। यह प्रयास केवल वर्गगत प्रतिरक्षा (स्टैंडर्ड कैंसर वैक्सीन) से हटकर, सटीक, तेज और प्रभावी चिकित्सा का नेतृत्व करता है। ट्रायल के प्रारंभिक नतीजे–फेज-1 क्लिनिकल ट्रायल, जिसमें लगभग 48 स्वैच्छिक प्रतिभागियों को शामिल किया गया था,में मरीजों में ट्यूमर में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई और कोई गंभीर साइड-इफेक्ट्स नहीं दर्ज हुए। यह दुर्लभ उपलब्धि है, क्योंकि कैंसर उपचार में अक्सर कष्टप्रद स्वास्थ्य प्रभाव आते हैं,विशेषकर कीमोथेरेपी, रेडिएशन या सर्जरी में। ट्रायल में प्राप्त परिणामों के आधार पर दावा किया जा रहा है कि वैक्सीन सुरक्षित और अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुई है।
साथियों बात अगर हम कोलोरेक्टल कैंसर पर पहली सफलता व दावे और दूसरी परीक्षण पोकियाँ की करें तो हम देखेंगे कि इंटरोमिक्स की पहली लक्षित उपयोगिता कोलोरेक्टल कैंसर (बड़ी आंत का कैंसर) पर केंद्रित रही। इस कैंसर का वैश्विक स्तर पर प्रसार और मृत्यु दर काफ़ी उच्च है।प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार,इंटरोमिक्स ने कोलोरेक्टल कैंसर से ग्रसित रोगियों में ट्यूमर सिकुड़ने और वृद्धि में बाधा डालने में सफलता हासिल की है।दावे और दूसरी परीक्षण पोकियाँ-रूसी एजेंसी एफएमबीए (फेडरल मेडिकल एंड बायोलॉजिकल एजेंसी) ने घोषणा की है कि कई वर्षों की अनुसंधान अवधि और कम से कम तीन साल के अनिवार्य प्रीक्लिनिकल अध्ययनों के बाद अब यह वैक्सीन “उपयोग के लिए तैयार” है,लेकिन “आधिकारिक अप्रूवल” अभी अग्रसर है।रिपोर्ट अनुसार, ट्यूमर की वृद्धि दर में 60 पर्सेंट से 80 पर्सेंट तक की गिरावट दिखाई गई और जीवनकाल में सुधार भी हुआ।
साथियों बात अगर हम अगली चुनौतियों: ग्लोबल ज़रूरतों और अवरोधों पर नजर डालकर समझने की करें तो, वैश्विक शोध जगत में इस खोज को एक संभावित गेम-चेंजर माना जा रहा है। अगर अगले चरण के ट्रायल—फेज -2, फेज-3,में यह वैक्सीन सुरक्षित और प्रभावी साबित होती है, तो यह कैंसर उपचार के आसपास के परिदृश्य को बदलने का दम रखती है। हालांकि, वैज्ञानिक विश्व में सामान्यतः “फेज-1 की सफलता” अंतिम मंज़िल नहीं होती। फेज-2 और फेज-3 के बड़े, व्यापक ट्रायल्स, दीर्घकालिक प्रभाव, उत्पादन- लागत, वितरण व्यवस्था और नियामकीय मंज़ूरी जैसीचुनौतियाँ अभी बाकी हैं।फिर भी, आज 8 सितंबर 2025 की तारीख में, वैश्विक स्वास्थ्य और कैंसर अनुसंधान की दुनिया में रूस की यह खोज निश्चित रूप से एक उल्लेखनीय और प्रेरणादायी मोड़ बन चुकी है, जो नई उम्मीदों को जन्म देती है।यह व्यक्तिगत, मुँहतोड़ और साइड- इफेक्ट- रहित चिकित्सा का भविष्य का प्रवाह हो सकता है।भारत जैसे देशों में, जहाँ कैंसर की बीमारी आर्थिक बोझ और चिकित्सा पहुँच की चुनौतियों के बीच एक गंभीर समस्या है, ऐसी सफलता आशा की किरण बन सकती है,बशर्ते लागत, इंफ़्रास्ट्रक्चर और नियामक अवरोधों का समाधान हो सके।भारत में कैंसर के इलाज पर अनुमानत: 29,000 करोड़ रूपए सालाना खर्च होता है, जिससे अनेक परिवार आर्थिक रूप से बुरी तरह प्रभावित होते हैं।बच्चों, वृद्धों और समाज पर प्रभाव- कैंसर कोई उम्र-विशिष्ट बीमारी नहीं है,यह बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक किसी को भी प्रभावित कर सकता है। कई बार इस बीमारी से युवा जीवन की संभावना छिन जाती है, या जो लोग बच जाते हैं, उन्हें सारा जीवन आर्थिक और मानसिक संघर्ष करना पड़ता है। अगर इंटरोमिक्स जैसी वैक्सीन हर उम्र वर्ग में सफल हो जाती है, तो यह मानवीय विकास का सबसे महान योगदानों में से एक बन सकती है।
साथियों बात अगर हम वैश्विक परिप्रेक्ष्य: इतिहास में सामने आई अन्य कोशिशें तथा डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों की करें तो,पहले भी कुछ देशों और संस्थानों ने कैंसर वैक्सीन विकास की पहल की,जैसे अमेरिका कीऑनकफज (विटेस्पेन) नामक वैक्सीन, जिसे रूस ने भी अप्रूवल दिया था (2008 में शुरुआती-स्टेज किडनी कैंसर के लिए)। लेकिन इसके बावजूद वैश्विक स्तरपर यह वैक्सीन व्यावसायिक रूप से सफल नहीं हो सकीइसलिए इंटरोमिक्स की सफलता सिर्फ एक वैज्ञानिक अध्याय नहीं, बल्कि एक व्यापक वैश्विक चुनौती और संभावनाओं का भाग हो सकती है। यदि व्यापक परीक्षणों और वैश्विक मान्यता में यह सफल हो जाती है, तो चिकित्सा जगत की चुनौतियाँ और उपचार दृष्टिकोण दोनों परिवर्तित हो सकते हैं।वैश्विक दृष्टिकोण से,विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, प्रत्येक वर्ष लगभग 2 करोड़ नए कैंसर के मामलों का सामना विश्व करता है, और करीब 1 करोड़ कैंसर के कारण मर जाते हैं।
अतःअगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे किरूस का लाइलाज़ बीमारी कैंसर को वैक्सीन से हराने की क्रांतिकारी खोज़ -“नई वैक्सीन”,”नया इलाज”, “क्रांतिकारी शोध”इंटरोमिक्स कैंसर वैक्सीनएक नई उम्मीद “इंटरोमिक्स” कैंसर वैक्सीन:- वैश्विक शोध जगत में इस खोज को एक संभावित गेम-चेंजर माना जा रहा है।

रेलवे की लापरवाही बड़ी दुर्घटना टली : इंजन आगे बढ़ा, डिब्बे स्टेशन पर रह गए

देवरिया।(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) मंगलवार, 9 अगस्त 2025 को देवरिया जनपद के भटनी खण्ड के नूनखार रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा हादसा टल गया। छपरा से गोरखपुर जा रही नौतनवा इंटरसिटी एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 15105) का इंजन अचानक डिब्बों से अलग होकर आगे निकल गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही ट्रेन नूनखार स्टेशन पर पहुंची, अचानक इंजन डिब्बों से कटकर आगे बढ़ गया जबकि ट्रेन के सभी डिब्बे स्टेशन पर ही खड़े रह गए। इस दौरान यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और लोग भयभीत हो उठे। गनीमत रही कि यह घटना स्टेशन पर हुई और गति बहुत तेज नहीं थी, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।

रेलवे अधिकारियों को मामले की सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। तकनीकी टीम को मौके पर भेजकर इंजन और डिब्बों को दोबारा जोड़ा गया। इस घटना के चलते ट्रेन का संचालन करीब एक घंटे प्रभावित रहा।

सूत्रों का कहना है कि यह घटना कपलिंग (इंजन और डिब्बों को जोड़ने वाली व्यवस्था) में तकनीकी खराबी के कारण हुई है। फिलहाल जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

यात्रियों ने राहत की सांस ली कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन इस तरह की घटनाओं ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ट्रेन : नौतनवा इंटरसिटी एक्सप्रेस (15105) रूट : छपरा से गोरखपुर स्थान : नूनखार स्टेशन, देवरिया भटनी खण्ड तिथि : मंगलवार, 9 अगस्त 2025 घटना : इंजन डिब्बों से अलग होकर आगे चला गया, बड़ा हादसा टला, जांच शुरू हो गई।

आज का राशिफल (09 सितम्बर 2025)

आज कई राशियों के लिए आर्थिक उन्नति और व्यापार में तरक्की के योग बन रहे हैं। विशेष रूप से व्यवसाय से जुड़े जातकों को सफलता और नए अवसर प्राप्त होंगे। वहीं कुछ राशियों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी, घरेलू विवाद या गलतफहमियों से सावधान रहने की आवश्यकता है। ऐसे में धैर्य और विवेक ही सफलता की कुंजी रहेगा।

मेष (Aries)
आज का दिन सामाजिक और पारिवारिक दृष्टि से शुभ रहेगा। परिवार में खुशहाली बढ़ेगी और आपकी राय का महत्व बढ़ेगा। आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी तथा धन से जुड़े नए अवसर प्राप्त होंगे। कारोबार में विस्तार की संभावना है।
वृष (Taurus)
आज परिवार और समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। व्यापारिक वर्ग को कोई बड़ा लाभकारी सौदा मिल सकता है। करियर में तरक्की के योग बन रहे हैं। दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा।
मिथुन (Gemini)
आपकी लोकप्रियता बढ़ने का समय है। नौकरीपेशा और व्यापारियों को तरक्की मिलेगी। उद्योग-व्यवसाय में नए अवसर प्राप्त होंगे। मित्रों का सहयोग मिलेगा। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा।
कर्क (Cancer)
दिन अत्यंत शुभ और मंगलकारी है। सुख, सफलता और मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। परिवार के साथ समय बिताने से प्रसन्नता मिलेगी। संतान के भविष्य संबंधी योजनाओं पर विचार करने का सही समय है।
सिंह (Leo)
आज आपको अपने अहंकार पर नियंत्रण रखना होगा। अनावश्यक वाद-विवाद से बचें, अन्यथा शत्रु बढ़ सकते हैं। पारिवारिक जीवन में आनंद रहेगा। यात्रा के योग हैं, परिवार सहित कहीं घूमने जा सकते हैं।
कन्या (Virgo)
आज आपकी उपलब्धियों की यात्रा जारी रहेगी। सार्वजनिक जीवन में मान-सम्मान प्राप्त होगा। सामाजिक कार्यक्रमों में आपकी प्रशंसा होगी। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
तुला (Libra)
उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा और नए सम्पर्क लाभकारी साबित होंगे। हालांकि, स्वास्थ्य थोड़ी परेशानी दे सकता है, इसलिए खानपान पर ध्यान दें। व्यापार में अच्छा लाभ होने की संभावना है।
वृश्चिक (Scorpio)
आज का दिन धार्मिक प्रवृत्ति का रहेगा। किसी धर्मस्थल की यात्रा करेंगे या आध्यात्मिक कार्यों में रुचि लेंगे। अपने रहस्यों को दूसरों से साझा न करें। कार्यक्षेत्र में सावधानी जरूरी है।
धनु (Sagittarius)
सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी। नौकरीपेशा लोगों को सम्मान मिलेगा। व्यापारिक प्रतिष्ठा और ईमानदारी की चर्चाएं होंगी। आज भाग्य आपका साथ देगा।
मकर (Capricorn)
आज जल्दबाजी में लिया गया निर्णय नुकसान पहुंचा सकता है। “आ बैल मुझे मार” वाली कहावत आप पर लागू हो सकती है, इसलिए सोच-समझकर कदम उठाएं। विद्यार्थियों को लक्ष्य पर केन्द्रित रहना होगा।
कुंभ (Aquarius)
आपके स्वजन ही आज विरोधी जैसा व्यवहार कर सकते हैं। धैर्य बनाए रखें। व्यापार में सावधानी बरतें और लापरवाही से बचें। कार्यक्षेत्र में निष्ठा और सजगता से सफलता मिलेगी।
मीन (Pisces)
आज का दिन चुनौतियों से भरा रहेगा, लेकिन विषम परिस्थितियों में भी आप आगे बढ़ेंगे। धन संबंधी मामलों में सोच-विचार आवश्यक है। परिवार में किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो सकती है।

यह राशिफल सामान्य प्रभाव पर आधारित है। व्यक्तिगत जीवन पर इसका प्रभाव जन्मपत्री की स्थिति के अनुसार भिन्न हो सकता है।

पंडित जय प्रकाश पाण्डेय

सावधान: प्रयागराज जाना हो तो जाने 15 दिन तक बंद रहेगा चंद्रशेखर आज़ाद सेतु, मरम्मत कार्य शुरू

प्रयागराज। (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)जिला प्रशासन ने बड़ा निर्णय लेते हुए चंद्रशेखर आज़ाद सेतु को आगामी 15 दिनों तक आवागमन के लिए पूर्णत: बंद करने का आदेश जारी किया है।

प्रशासन के अनुसार, पुल की संरचनात्मक मजबूती और मरम्मत कार्य की ज़रूरत को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। इंजीनियरिंग टीम की रिपोर्ट में सेतु की स्थिति पर चिंता जताई गई थी, जिसके बाद तत्काल मरम्मत आवश्यक मानी गई। इसी क्रम में 15 दिनों तक वाहनों और आमजन के यातायात पर रोक रहेगी।

इस अवधि में प्रशासन ने वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की है। नगर निगम और यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का उपयोग करें और अनावश्यक यात्रा से बचें।

अधिकारियों ने बताया कि मरम्मत कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की कोशिश की जाएगी, ताकि 15 दिनों के भीतर पुल को पुनः खोला जा सके। जिला प्रशासन ने आमजन से सहयोग की अपील करते हुए आश्वासन दिया है कि उनकी सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

ट्रेन से अवैध शराब की तस्करी का भंडाफोड़

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)राजधानी लखनऊ में पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मिलकर अवैध शराब तस्करी का बड़ा खुलासा किया है। शराब तस्कर अब पुलिस की नजर से बचने के लिए ट्रेनों का सहारा लेने लगे हैं।

सूत्रों के अनुसार, गोमती नगर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 6 पर खड़ी ट्रेन 15078 कामाख्या वीकली एक्सप्रेस के कोच संख्या बी-2 से शराब की बड़ी खेप बरामद की गई। बरामद शराब की अनुमानित कीमत 70 हजार रुपये बताई जा रही है।

इस कार्रवाई में कोच अटेंडेंट अविनाश पाठक, नीरज और टुनटुन कुमार को मौके पर ही अवैध शराब के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।

जीआरपी चारबाग और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर यह सफलता हासिल की। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ चारबाग जीआरपी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है और आगे की जांच जारी है।

रेलवे सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, लगातार सख्ती के बावजूद शराब तस्कर गिरोह नए-नए तरीके अपनाकर तस्करी कर रहे हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश में जुट गई है।

विधायक ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, लड़कियों के अपहरण मामलों पर जताई गंभीर चिंता

लखनऊ(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) उत्तर प्रदेश कांग्रेस विधायक व विधानसभा में कांग्रेस दल की नेता आराधना मिश्रा “मोना” ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अंबेडकरनगर जिले में लगातार सामने आ रहे लड़कियों के अपहरण के मामलों पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं न केवल कानून-व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती हैं बल्कि समाज में भय का माहौल भी पैदा कर रही हैं।

आराधना मिश्रा ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि जिले में हो रही अपहरण की घटनाओं की उच्चस्तरीय जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में तेजी से कार्रवाई होना बेहद ज़रूरी है, ताकि अपराधियों पर शिकंजा कसा जा सके और पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके।

उन्होंने सरकार से यह भी मांग की कि लड़कियों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस को विशेष निर्देश दिए जाएं, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

आराधना मिश्रा के पत्र के बाद यह मामला एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है और अब देखना होगा कि प्रदेश सरकार इस पर क्या कदम उठाती है।

स्वास्थ्य शिविर : चिकित्सकों व जनप्रतिनिधियों का अनोखा संगम, सेवा भाव से ओतप्रोत हुआ कार्यक्रम

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरही मंदिर परिसर में आयोजित भव्य स्वास्थ्य शिविर के विशेष कार्यक्रम में समाजसेवा और चिकित्सा जगत से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व एक मंच पर एकत्र हुए। कार्यक्रम की अगुवाई फिजियो संगठन के अध्यक्ष डॉ. डी.के. पांडे ने की। इस दौरान चिकित्सकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर आयोजन की गरिमा को बढ़ाया।

कार्यक्रम में विशेष रूप से शामिल चिकित्सकों में डॉ. के.डी. मिश्रा, डॉ. इकराम अंसारी, डॉ. सतीश जायसवाल, डॉ. प्रशांत मिश्रा, डॉ. आलोक पाठक, डॉ. के.के. मिश्रा, डॉ. अकरम अंसारी, डॉ. कदीर अंसारी, डॉ. नरेंद्र नाथ त्रिपाठी, डॉ. विकास मौर्य, डॉ. वाई.के. यादव, डॉ. छत्रपति त्रिपाठी, डॉ. आदित्यमणि त्रिपाठी, डॉ. इंद्रजीत यादव, डॉ. बृजेश यादव, डॉ. रजनी शुक्ला, भाजपा चिकित्सा प्रदेश सहयोग डॉ. मणि त्रिपाठी, डॉ. अजय मणि त्रिपाठी, डॉ. के.एम. यादव, डॉ. रत्नेश शर्मा, डॉ. जितेंद्र प्रताप व डॉ. विपुल चौहान शामिल रहे।

फिजियोथेरेपिस्टों की टीम ने शिविर में आए मरीजों को परामर्श देते हुए विशेष रूप से गर्दन व कमर दर्द, नसों का दबना, सायटिका, लकवा, जोड़ों का दर्द, पोलियो तथा फ्रैक्चर के बाद उत्पन्न समस्याओं के उपचार और बचाव की जानकारी दी।

कार्यक्रम में राजनीतिक व प्रशासनिक जगत से भी कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे, जिनमें नगर पालिका अध्यक्ष अलका सिंह, डॉ. गिरीश चंद्र तिवारी, जिलाधिकारी दिव्या मित्तल, नगर अध्यक्ष रमेश वर्मा और नगर महामंत्री अरविंद मद्धेशिया प्रमुख रूप से शामिल रहे।

सभी अतिथियों ने आयोजन को प्रेरणादायी और समाज के लिए उपयोगी बताया। चिकित्सकों ने स्वास्थ्य जागरूकता और सेवा की प्रतिबद्धता को दोहराया, वहीं जनप्रतिनिधियों ने जनता के सहयोग और विकास के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।

वक्ताओं ने इस अवसर पर वीर शहीदों व समाजसेवियों के योगदान को नमन करते हुए कहा कि समाज का हर वर्ग एक दिन अपनी सेवा शिविर के माध्यम से दे और समाज को अगर एकजुट होकर कार्य करेने को प्रेरणा मिले तो राष्ट्र और प्रदेश दोनों विकास की नई ऊँचाइयों को छू सकते हैं।

तेजरफ्तार कार ने तीन लोगों को मारी ठोकर

प्रतिकात्मक चित्र

नशे में धुत चालक गिरफ्तार, एक घायल अस्पताल भेजा गया

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। रविवार देर शाम नगर क्षेत्र में बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक तेजरफ्तार कार चालक ने नशे की हालत में अनियंत्रित होकर बाइक सवार और दो दुकानदारों को ठोकर मार दी।

जानकारी के अनुसार ग्राम फुलवरिया निवासी बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे पुलिस ने तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। वहीं सड़क किनारे दुकान पर बैठे प्लास्टिक कुर्सी दुकानदार और एक बाइक मिस्त्री को भी कार ने ठोकर मारी, लेकिन दोनों समय रहते हटकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि चालक ने पास की शराब भट्टी पर शराब पीने के बाद गाड़ी चलाई थी, जिसके चलते उसका वाहन पर से नियंत्रण हट गया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और कार सहित चालक को हिरासत में लेकर थाने ले आई।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार चालक की पहचान ग्राम नवलपुर निवासी डब्लू के रूप में की गई है।

क्या आप चाहेंगे कि मैं इस खबर को थोड़ी और विस्तार से कानूनी कार्रवाई और चश्मदीदों की प्रतिक्रियाओं के साथ लिख दूँ ताकि यह अखबार में प्रमुख खबर की तरह लगे?

यूपी में आईपीएस अफसरों के बंपर तबादले

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर तबादले किए हैं। इस फेरबदल में कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों से लेकर एसपी और एएसपी स्तर तक के अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

तबादलों की सूची इस प्रकार है – राजीव सभरवाल – डीजी पीटीसी मुरादाबाद,सतीश गणेश – एडीजी ट्रैफिक (लखनऊ वापसी),मोदक राजेश – आईजी जीआरपी,सत्यनारायण – एडीजी एसीओ,सुभाष चंद्र दुबे – आईजी महिला एवं बाल सुरक्षा,अनीस अंसारी – डीआईजी पीएसी लखनऊ,देव रंजन – डीआईजी स्थापना,डॉ. मिनाक्षी – सेनानायक वाराणसी,सर्वोदय चंद्र यादव – एसपी एसएसएफ,पंकज पांडेय – एसपी पीएसी मुख्यालय,महेंद्र पाल – सेनानायक SSF सहारनपुर,शुभम पटेल – एसपी तकनीकी सेवाएं,मनोज अवस्थी – सेनानायक 12वीं पीएसी फतेहपुर,अशोक कुमार – एसपी पावर कॉर्पोरेशन,चन्द्र कांत मीणा – एसपी इंटेलीजेंस कानपुर,रोहन झा – एएसपी साइबर क्राइम लखनऊ,निहारिका शर्मा – सेनानायक पीएसी गोरखपुर,संजीव बाजपेयी – सेनानायक पीएसी एटा,अनिल कुमार – प्रधानाचार्य पीटीएस गोरखपुर,ब्रजेश गौतम और ओमप्रकाश सिंह – डीजी मुख्यालय,ओमप्रकाश द्वितीय – डीजीपी मुख्यालय,अजीजुल हक – पुलिस मुख्यालय,विनय कुमार सिंह – एसपी एटीएस,अशोक कुमार – एसपी पुलिस भर्ती बोर्ड,संजय राय – एसपी इंटेलीजेंस अयोध्या,आनंद कुमार द्वितीय – एसपी इंटेलीजेंस बरेली,संजय कुमार द्वितीय – एसपी इंटेलीजेंस गोरखपुर

प्रदेश सरकार के इस बड़े कदम को पुलिस व्यवस्था में ताजगी और कार्यकुशलता लाने की कवायद माना जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों की अदला-बदली से जहां प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर असर पड़ेगा, वहीं फील्ड में तैनात एसपी स्तर के अफसरों से कानून-व्यवस्था और खुफिया तंत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

देवरिया PWD में फर्जी भुगतान और कमीशनखोरी का खुलासा : बाबुओं के वीडियो-ऑडियो वायरल, सरकार पर उठ रहे सवाल

इस वायरल ऑडियो की पुष्टि rkpnews नहीं करता

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) जनपद मुख्यालय स्थित लोक निर्माण विभाग (PWD) इन दिनों चर्चाओं में है। विभाग पर फर्जी भुगतान और कमीशनखोरी का बड़ा आरोप लगा है। ताज़ा घटनाक्रम में करोड़ों रुपये के भुगतान में गड़बड़ी का मामला सामने आया, जिसका भंडाफोड़ समाचार पत्रों और टीवी चैनलों ने किया। इस बीच विभाग के दो चर्चित बाबुओं का वीडियो वायरल हुआ और अब उनका एक ऑडियो भी सामने आया है, जिसमें वे छह सड़कों के फर्जी भुगतान और कमीशन बंटवारे की बातें करते सुने जा रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, एक बाबू ने दूसरे बाबू पर आरोप लगाया कि फर्जी भुगतान में उसे कमीशन का हिस्सा नहीं मिला। बातचीत में यहां तक कहा गया कि “नशा उतार देंगे और देख लेंगे”। इस ऑडियो के वायरल होते ही विभाग में हड़कंप मच गया।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि “जांच कमेटी बैठाई जा रही है”, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि हर बार केवल जांच बनाम जांच ही क्यों होती है, कार्रवाई कब होगी?

स्थानीय जनता का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग के बाबू, अभियंता और सहायक अभियंता आपसी मिलीभगत से एक ही सड़क पर दो-दो बार भुगतान तक कर लेते हैं। कई मामलों में सड़कें दुरुस्त दिखने के बावजूद फर्जी भुगतान कर दिया गया। जन सूचना (RTI) के जरिए जानकारी मांगने पर विभाग ने भुगतान की डिटेल देने से यह कहकर इंकार कर दिया कि यह “व्यक्तिगत सूचना” है।

जनता सवाल उठा रही है कि आखिर सरकारी कार्य व्यक्तिगत कैसे हो सकते हैं? लोगों का कहना है कि सरकार को चाहिए कि देवरिया मुख्यालय पर तैनात सभी बाबुओं और अभियंताओं को अन्य जनपदों में ट्रांसफर कर यहां की पूरी कार्यप्रणाली की जांच कराए।

चर्चा यह भी है कि कमीशन की रकम ऊपर तक पहुंच रही है, इसी कारण सरकार भी कठोर कदम उठाने से बच रही है। अब जनता मांग कर रही है कि सरकार पारदर्शिता का दावा साबित करे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कर एक कड़ा संदेश दे।

👉 अब सवाल यह है कि क्या सरकार जांच की खानापूर्ति से आगे बढ़कर सख्त कार्रवाई करेगी, या फिर PWD का भ्रष्टाचार इसी तरह विकास की गाड़ी को रोकता रहेगा?

देवरिया में शताब्दी संकल्प @2047 कार्यशालाओं का आयोजन

देवरिया, (राष्ट्र की परम्परा)
शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी एवं सचिव नगर विकास विभाग अजय शुक्ला की उपस्थिति में विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश, आत्मनिर्भर भारत–आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश शताब्दी संकल्प @2047 कार्यक्रम अंतर्गत विभिन्न कार्यशालाओं का आयोजन हुआ।
राजकीय इंटर कॉलेज, व्यवसायी–उद्यमियों, स्वयंसेवी संगठनों, महिला समूहों, श्रमिक संगठनों तथा मीडिया प्रतिनिधियों के साथ अलग–अलग चरणों में कार्यशालाएँ सम्पन्न हुईं। इनमें अर्थ शक्ति, सृजन शक्ति व जीवन शक्ति की थीम पर चर्चा करते हुए कृषि, उद्योग, आईटी, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा व सुशासन सहित 12 प्रमुख सेक्टरों में सरकार की दृष्टि साझा की गई।
इस अवसर पर जिलाधिकारी दिव्या मित्तल, सीडीओ प्रत्यूष पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। नागरिकों से अधिक से अधिक सुझाव क्यूआर कोड के माध्यम से देने की अपील की गई।

सपा सरकार में ही सबका विकास: विजय रावत

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। पीडीए सम्मान यात्रा के क्रम में सोमवार को चौथे दिन बरहज नगर के रगरगंज वार्ड में निकाली गई। इस दौरान भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
इस दौरान सपा नेता विजय रावत ने कहा कि सपा की कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं हैं। वह जो कहती है वह करती हैं और पीडीए समाज का भला सिर्फ़ सपा सरकार में ही हो सकता हैं। इसलिए सभी से अपील है की सपा की सरकार बनाएं। पिछले आठ साल के भाजपा सरकार के कार्यकाल में विकास का कोई काम नहीं हुआ और यह सरकार जनता को गुमराह करती रही। भाजपा सरकार में जहां भ्रष्टाचार चरम पर है। वहीं नौजवान बेरोजगार किसान मज़दूर व्यापारी सभी तपका परेशान हैं इसलिए सभी से अपील हैं की सपा की सरकार बनाने का काम करें। इस दौरान एक दर्जन से अधिक लोगों को साल व माला पहनाकर कर सम्मानित किया गया।
इस दौरान देवेंद्र यादव, लाल बहादुर चौहान, राहुल कुमार, सज्जन कुमार, विकास शर्मा, अनिल निषाद, विकास यादव, अखिलेश कुमार, राजन सिंह आदि उपस्थित थे।

विकसित भारत@2047: संत कबीर नगर में कृषि कार्यशाला से उन्नत खेती पर जोर

गन्ना, दलहन, तिलहन और मक्का उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दृष्टि से चल रहे विकसित भारत@2047 अभियान के अंतर्गत जनपद संतकबीर नगर में कृषि विज्ञान केंद्र बगही में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में कृषि उत्पादकता बढ़ाने और नई तकनीकों के उपयोग पर विशेष चर्चा की गई।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरविंद कुमार सिंह (सेवानिवृत्त वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज अयोध्या) ने कहा कि पूर्वांचल के जिलों की तुलना में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की उत्पादकता अधिक है। संतकबीर नगर में कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए आधुनिक विधियों, उर्वरकों और सिंचाई तकनीकों का उपयोग आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से गन्ना, गेहूं, चावल, दलहन और तिलहन की उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया।
विजय उपाध्याय (हाईटेक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, नाथनगर) ने बताया कि पौधों को 16 प्रकार के पोषक तत्व चाहिए होते हैं। समय-समय पर इनका प्रयोग करने से उत्पादन में बढ़ोतरी संभव है। उन्होंने कहा कि एफपीओ को पूंजी की आवश्यकता है, जिसके लिए बैंक से ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। साथ ही मोटा अनाज, मक्का, दलहन और तिलहन की खेती को विशेष ब्लॉकों में बढ़ावा देने का सुझाव दिया।

यशवर्धन पांडेय ने मक्का उत्पादन के लिए बैच ड्रायर, फार्म मशीनरी बैंक, ड्रोन और न्यूमैटिक प्लांटर की जरूरत बताई।
राम बहादुर मिश्रा ने आर्गेनिक सरसों और अन्न उत्पादन हेतु प्रमाणपत्र जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि एफपीओ को खाद और प्रोसेसिंग यूनिट नहीं मिल रही है।
अमिताभ पांडेय ने दलहनी फसलों के लिए सोलर फैसिलिटी की मांग रखी।
अनुराग राय ने प्राकृतिक खेती और पशुधन विकास पर अपने विचार रखे।
इस मौके पर अरविंद चतुर्वेदी (निदेशक, डेटार एफपीओ) सहित अन्य कृषि वैज्ञानिकों व प्रबुद्धजनों ने प्राकृतिक और जैविक खेती, उर्वरकों के सही प्रयोग और आधुनिक तकनीकों पर सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं, जिनके माध्यम से वर्ष 2047 तक जनपद, प्रदेश और देश को विकसित बनाने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम में उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह, कृषि वैज्ञानिक, अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।