Tuesday, July 14, 2026
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पटना और मुंबई को दहलाने की साजिश का खुलासा, धमकीबाज अश्विनी पुलिस रिमांड पर

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) अभी विगत दिनों पटना को दहलाने की मेल करने वाला खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है। 34 जगहों पर 4 क्विंटल RDX लगाने और गांधी मैदान थाना के अंडरग्राउंड में धमाका करने की धमकी देने वाले आरोपी अश्विनी कुमार को पटना पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड पर लिया है। यही नहीं, यही शख्स मुंबई में भी फिरोज बनकर गणेश पूजा पंडाल को उड़ाने की धमकी दे चुका है, जिससे वहां भी हड़कंप मच गया था।

नोएडा से गिरफ्तार अश्विनी को पहले मुंबई ले जाया गया और आर्थर रोड जेल भेजा गया था। अब पटना पुलिस उसकी चार दिन की रिमांड पर पूछताछ कर रही है। पटना टाउन डीएसपी कामख्या नारायण सिंह ने बताया कि 4 सितंबर को गांधी मैदान थाना के सरकारी नंबर पर सैकड़ों कॉल और धमकी भरे व्हाट्सएप मैसेज आए थे। संदेश में लिखा था—“पटना के 23 जगहों पर RDX लगाया है, गांधी मैदान थाना के अंडरग्राउंड में बम फिट है, दम है तो बचा लो।” आरोपी ने इंद्रपुरी इलाके में दो बच्चों की हत्या की जिम्मेदारी लेने की भी बात मैसेज में लिखी थी।

पुलिस की टेक्निकल टीम ने कॉल डिटेल्स खंगाले तो पता चला कि यही मोबाइल नंबर मुंबई में धमकी के लिए इस्तेमाल हुआ था। वहां भी आरोपी ने खुद को फिरोज बताकर गणेश पंडाल को उड़ाने की धमकी दी थी। मोबाइल की जब्ती और जांच के बाद धमकीबाज की पहचान पटना निवासी अश्विनी कुमार के रूप में हुई।

बिहार पुलिस का कहना है कि अश्विनी के खिलाफ गांधी मैदान थाना में धोखाधड़ी के कई मामले पहले से दर्ज हैं। वह अक्सर अपनी पहचान बदलकर अलग-अलग नामों से वारदात करता है। पटना पुलिस को शक है कि इन धमकियों के पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।

चार दिन की रिमांड बुधवार को खत्म होगी और तब तक की पूछताछ से ही साफ होगा कि अश्विनी की असली मंशा क्या थी—सिर्फ दहशत फैलाना या किसी बड़े नेटवर्क की गहरी प्लानिंग का हिस्सा बनना। पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े कई सनसनीखेज खुलासे सामने आ सकते हैं।

धूमधाम से मनाया गया मंडल अध्यक्ष विष्णु प्रताप गुप्ता का जन्मदिन समारोह

सादुल्लानगर/बलरामपुर (राष्ट्र की परम्परा)।भारतीय जनता पार्टी सादुल्लानगर मंडल अध्यक्ष विष्णु प्रताप गुप्ता का जन्मदिन ग्रीन फील्ड मैरिज हॉल, मनकापुर रोड सादुल्लानगर में बीती रात को बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के पत्रकार जगत की तमाम हस्तियां, समाजसेवी तथा पार्टी सभी कार्यकर्ता गण उपस्थित रहे। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष विष्णु प्रताप गुप्ता ने अपने जन्मदिन को विशेष बनाने के लिए सभी के योगदान को याद करते हुए कहा कि “मेरे इस खास दिन को यादगार बनाने में सभी भाइयो का बहुत बड़ा सहयोग रहा है। मैं उनके प्रति हृदय से आभारी हूँ।” कार्यक्रम में केक काटकर जन्मदिन की शुभकामनाएं दी गईं। पूरे समारोह में उत्साह और सौहार्द का वातावरण देखने को मिला। इस अवसर पर रमेश चंद्र तिवारी,बहरैची प्रसाद गुप्ता,राधेश्याम गुप्ता,जिला मंत्री भाजयुमो सुमित सिंह,मंडल अध्यक्ष भाजयुमो श्याम जी वर्मा,सुभसपा प्रदेश अध्यक्ष विकास तिवारी,भगवान पूजन पटेल,दीपचंद जायसवाल,जग प्रसाद गुप्ता,रमेश चौहान,अनूप शुक्ला,तौकीर हुसैन,मुकीम सिद्दीकी,शाहिद हुसैन,आशीष गुप्ता,रमेश शर्मा,अशोक पाल,विकास श्रीवास्तव साहित क्षेत्र के सैकड़ो लोग उपस्थित रहें।

बांसी नदी पुनरोद्धार के लिए कार्ययोजना तैयार, मेला से पूर्व होगी सफाई

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी गुंजन द्विवेदी की उपस्थिति में बांसी नदी के पुनरोद्धार को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में अधिकारियों के साथ बांसी नदी से सटे ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान भी मौजूद रहे।बैठक में जानकारी दी गई कि नदी की कुल 114 किमी लंबाई को सेक्टरों में विभाजित कर कार्ययोजना तैयार की गई है। इसमें 0 से 60 किमी तक का क्षेत्र सिंचाई खंड-2 तथा 60 से 114 किमी तक का क्षेत्र बाढ़ खंड के अंतर्गत आता है। जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान नदी का ड्रोन से लिया गया वीडियो भी देखा।डीएम ने निर्देश दिया कि बांसी मेला से पूर्व सफाई का कार्य हर हाल में पूरा कर लिया जाए। उन्होंने इसे सामाजिक अभियान का रूप देने की बात कहते हुए सभी ग्राम प्रधानों से श्रमदान के लिए ग्रामीणों को प्रेरित करने की अपील की।बैठक में बताया गया कि नदी जीर्णोद्धार हेतु 6 करोड़ 22 लाख रुपये का डीपीआर शासन को भेजा जाएगा। वहीं, टाइड फंड के अंतर्गत प्राप्त 2 करोड़ रुपये में से 1.5 करोड़ बांसी नदी और 50 लाख हिरण्यवती नदी के लिए खर्च किए जाने का निर्णय लिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जलकुंभी की समस्या को स्थायी रूप से खत्म करने के उपाय किए जाएंगे।डीएम ने कहा कि सभी विभाग अपनी जिम्मेदारी के तहत कार्ययोजना अनुसार तय समयसीमा में काम शुरू करें। एक सप्ताह, 15 दिन और एक माह में पूर्ण होने वाले कार्यों का अलग-अलग उल्लेख करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा नदी किनारे सरकारी भूमि पर तालाब एवं केले की खेती प्रशासन की देखरेख में कराने तथा प्रदूषण विभाग को भी समिति में शामिल करने का आदेश दिया गया।उन्होंने कहा कि यह केवल शुरुआत है, जब तक कार्य पूर्ण नहीं होता तब तक ग्राम प्रधानों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आमजन के सहयोग से इसे सामाजिक अभियान के रूप में लगातार आगे बढ़ाया जाएगा।बैठक में अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा, जिला विकास अधिकारी अरुण कुमार पांडेय, डीसी मनरेगा राकेश, खंड विकास अधिकारी, नगर पालिका अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।

भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पटरी पर, अमेरिकी रुख में नरमी

Image Source: X Grok

नई दिल्ली।(राष्ट्र की परम्परा) भारत और अमेरिका के बीच ठंडी पड़ी व्यापार वार्ता एक बार फिर से पटरी पर लौट आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ बढ़ाने और वार्ता रोक देने के कुछ ही हफ्तों बाद वाशिंगटन से एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली पहुंचा है। दोनों देशों के बीच बातचीत सकारात्मक माहौल में शुरू हो चुकी है।

अमेरिकी रुख में बदलाव

जानकारी के मुताबिक, इस बार अमेरिका ने अपने रुख में लचीलापन दिखाया है। अब वह भारत से कृषि और डेयरी बाजारों में व्यापक पहुंच की बजाय केवल प्रीमियम चीज़ (cheese) और मक्का (corn) की खरीद की अपेक्षा कर रहा है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य भारत के छोटे डेयरी किसानों से प्रतिस्पर्धा करना नहीं, बल्कि उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद बेचना है।

जीएम कॉर्न बना रोड़ा

हालाँकि, मक्का आयात पर बड़ा विवाद बरकरार है। अमेरिका का अधिकांश कॉर्न जेनिटिकली मॉडिफाइड (GM) है, जबकि भारत न तो इसके आयात की अनुमति देता है और न ही घरेलू स्तर पर इसकी खेती करता है। इसके अलावा, बिहार जैसे राज्यों में चुनावी परिदृश्य को देखते हुए इस पर राजनीतिक विरोध की संभावना भी है।

चीन-अमेरिका व्यापार युद्ध का असर

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी नरमी उसके घरेलू कृषि संकट की देन है। चीन के साथ व्यापार युद्ध ने अमेरिकी किसानों की हालत खराब कर दी है। चीन, जो अमेरिका का सबसे बड़ा खरीदार था, अब ब्राज़ील जैसे विकल्पों की ओर रुख कर चुका है। नतीजतन अमेरिकी गोदाम सोयाबीन और कॉर्न से भर गए हैं। यही वजह है कि ट्रंप प्रशासन भारत जैसे बड़े बाजार के साथ समझौते की कोशिश कर रहा है।

भारत की रणनीतिक मजबूती

विश्लेषकों का मानना है कि भारत ने इस पूरे घटनाक्रम में रणनीतिक धैर्य दिखाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी दबाव के आगे झुकने का संदेश नहीं दिया, बल्कि किसानों और स्वदेशी उद्योगों के पक्ष में खड़े होने का भरोसा जताया। इससे वैश्विक मंच पर यह संकेत गया कि भारत अपने हितों से समझौता नहीं करेगा।

आगे की राह

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के अनुसार, जब तक अमेरिका अतिरिक्त शुल्क—विशेषकर रूस से तेल आयात पर लगाई गई 25% ड्यूटी—को वापस नहीं लेता, तब तक कोई बड़ा ब्रेकथ्रू संभव नहीं है। साथ ही, विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका का मौजूदा लचीलापन स्थायी नहीं है। परिस्थितियाँ बदलते ही वह फिर से कड़ा रुख अपना सकता है।

भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता का यह नया चरण अवसरों के साथ चुनौतियाँ भी लेकर आया है। भारत को दीर्घकालिक तैयारी के साथ आगे बढ़ना होगा और किसानों, घरेलू उद्योग व उपभोक्ताओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। अमेरिका चाहे कितनी भी ‘चीज़ी’ पेशकश क्यों न करे, भारत को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी समझौता उसकी संप्रभुता और आत्मनिर्भरता की नींव को कमजोर न करे।

दुर्गापुर यार्ड रिमॉडलिंग, कई ट्रेनें रद्द, कुछ का समय बदला

वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा) रेलवे प्रशासन द्वारा परिचालनिक सुगमता हेतु पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल के दुर्गापुर स्टेशन के यार्ड रिमॉडलिंग एवं इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग केबिन के कमीशनिंग के परिप्रेक्ष्य में प्री-नान इंटरलॉक/इंटरलॉक कार्य किये जाने के कारण गाड़ियों का संशोधित निरस्तीकरण एवं पुनर्निधारण निम्नवत रहेगा।
निरस्तीकरण –
हावड़ा से 19, 20, 21 एवं 22 नवम्बर, 2025 को चलने वाली 12333 हावड़ा-प्रयागराज रामबाग एक्सप्रेस निरस्त रहेगी।
प्रयागराज रामबाग से 20, 21, 22 एवं 23 नवम्बर, 2025 को चलने वाली 12334 प्रयागराज रामबाग-हावड़ा एक्सप्रेस निरस्त रहेगी।
हावड़ा से 31 अक्टूबर एवं 14 नवम्बर, 2025 को चलने वाली 12353 हावड़ा-लालकुआं एक्सप्रेस निरस्त रहेगी।
लालकुआं से 01 एवं 15 नवम्बर, 2025 को चलने वाली 12354 लालकुआं-हावड़ा एक्सप्रेस निरस्त रहेगी।
कोलकाता से 20 नवम्बर, 2025 को चलने वाली 13167 कोलकाता-आगरा कैंट एक्सप्रेस निरस्त रहेगी।
आगरा कैंट से 22 नवम्बर, 2025 को चलने वाली 13168 आगरा कैंट-कोलकाता एक्सप्रेस निरस्त रहेगी।
पुनर्निर्धारण-
सियालदह से 06, 07, 08, 09, 10, 11, 13, 17 एवं 18 अक्टूबर, 2025 को चलने वाली 13105 सियालदह-बलिया एक्सप्रेस सियालदह से 40 मिनट पुनर्निर्धारित कर चलाई जायेगी।

31 जनवरी 2026 तक कराए जाएं स्थानीय निकाय चुनाव

सुप्रीमकोर्ट

नई दिल्ली/मुंबई।(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को महाराष्ट्र सरकार और राज्य चुनाव आयोग को कड़ा निर्देश जारी करते हुए कहा कि राज्य में 31 जनवरी, 2026 तक हर हाल में स्थानीय निकाय चुनाव कराए जाएं। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया 10 अक्टूबर, 2025 तक पूरी कर ली जाए, ताकि चुनाव में कोई और देरी न हो।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह आदेश पारित किया। अदालत ने राज्य चुनाव आयोग के प्रति असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि उसने पहले दिए गए आदेशों का पालन समय पर नहीं किया। सुप्रीम कोर्ट ने याद दिलाया कि 6 मई को आयोग को चार सप्ताह के भीतर चुनावों की घोषणा करने और अधिकतम चार महीने के भीतर मतदान कराने का निर्देश दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद तत्काल कार्रवाई नहीं हुई।

पीठ ने कहा कि लोकतांत्रिक ढांचे की मजबूती के लिए स्थानीय निकाय चुनाव समय पर कराना आवश्यक है। अदालत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अब किसी भी परिस्थिति में चुनावों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में लंबे समय से कई नगर निगम, नगर परिषद और ग्राम पंचायतों के चुनाव टलते आ रहे हैं। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति से प्रशासनिक जवाबदेही भी कम हो रही है।

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब राज्य सरकार और चुनाव आयोग पर दबाव बढ़ गया है कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर सारी प्रक्रियाएं पूरी करें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पटरी पर लाएं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीएम योगी की प्रतिक्रिया

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सेवारत शिक्षकों पर TET अनिवार्यता: यूपी सरकार दायर करेगी समीक्षा याचिका

लखनऊ।(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बड़ा फैसला लेते हुए बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि वह सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए उस आदेश के खिलाफ समीक्षा याचिका दायर करे, जिसमें सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को अनिवार्य बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षक अनुभवी हैं और उन्हें समय-समय पर सरकार द्वारा प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता रहा है। ऐसे में उनकी वर्षों की सेवा और योग्यता को नजरअंदाज करना उचित नहीं है।

सीएम कार्यालय ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर जानकारी दी—
“माननीय मुख्यमंत्री जी ने बेसिक शिक्षा विभाग के सेवारत शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता पर उच्चतम न्यायालय के आदेश के खिलाफ समीक्षा याचिका दाखिल करने का निर्देश दिया है।”

सुप्रीम कोर्ट का आदेश

गौरतलब है कि 1 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट की पीठ—न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह—ने आदेश दिया था कि जिन सरकारी स्कूल शिक्षकों की सेवा में पाँच साल से अधिक समय शेष है, उन्हें शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। आदेश का पालन न करने की स्थिति में उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति या त्यागपत्र देना पड़ेगा।

यह आदेश मूल रूप से तमिलनाडु और महाराष्ट्र में शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया गया था, लेकिन इसका असर पूरे देश पर पड़ा। अनुमानित तौर पर लगभग 10 लाख शिक्षक इससे प्रभावित होंगे, जिनमें से केवल उत्तर प्रदेश में ही करीब 2 लाख शिक्षक शामिल हैं।

शिक्षकों में तनाव, दो ने की आत्महत्या

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद उत्तर प्रदेश में शिक्षकों पर मानसिक दबाव बढ़ता जा रहा है। बीते पाँच दिनों में राज्य में दो शिक्षकों ने आत्महत्या कर ली। मृतक शिक्षकों की आयु क्रमशः 40 और 50 वर्ष के आसपास बताई जा रही है। परिजनों का आरोप है कि वे टीईटी परीक्षा की तैयारी और उसे पास करने के दबाव को सहन नहीं कर पाए।

आगे की राह

राज्य सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि वह शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में समीक्षा याचिका दाखिल करेगी। अब देखना होगा कि देश के लगभग 10 लाख प्रभावित शिक्षकों को इस मामले में क्या राहत मिलती है।

14 साल के छात्र ने लगाई फांसी,

ऑनलाइन गेम में हार बैठा था पिता के 13 लाख

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा) ऑनलाइन गेम की लत एक बार फिर जानलेवा साबित हुई है. राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के धनुवासाड़ गांव में 14 वर्षीय छात्र यश यादव ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली।
दरअसल, करोड़ों रुपए कमाने के लालच में यश ने ‘फ्री फायर’ नामक मोबाइल गेम खेलते हुए अपने पिता के खाते से 13 लाख रुपए गंवा दिए थे। जब पिता ने इस बात पर डांटा और समझाया की कोशिश की। इस बात से नाराज होकर उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया।
यश यादव, किसान सुरेश कुमार यादव का इकलौता बेटा था और एक प्राइवेट स्कूल में 6 में कक्षा का छात्र था।
वह अक्सर अपने पिता के मोबाइल पर ऑनलाइन गेम ‘फ्री फायर’ खेला करता था. गेम में इनाम जीतने और करोड़पति बनने के लालच में यश ने धीरे-धीरे पिता के खाते से 13 लाख रुपए गेम में खर्च कर दिए।

“नशे के खिलाफ जंग: शाह बोले – 2047 के ‘महान भारत’ के लिए ड्रग्स कार्टेल का सफाया ज़रूरी”

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के एएनटीएफ प्रमुखों के दूसरे राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार देश से नशे का सफाया करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। शाह ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनाने का सपना तभी पूरा होगा, जब युवा पीढ़ी को नशे से बचाया जाएगा। उन्होंने ड्रग्स नेटवर्क को तीन स्तरों — सीमा प्रवेश बिंदु, राज्यों तक वितरण और नुक्कड़ों पर बिक्री — में बाँटते हुए उन पर कड़े प्रहार की जरूरत बताई।

शाह ने भगोड़ों के प्रत्यर्पण और निर्वासन को बेहद अहम बताया और कहा कि विदेशों से नशा कारोबार चलाने वालों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। गृह मंत्रालय जल्द ही इसके लिए एसओपी जारी करेगा। उन्होंने कहा — “अगर हमारी आने वाली पीढ़ियाँ खोखली हो जाएँगी, तो देश भटक जाएगा।”

किशोर का दो वर्षों तक यौन शोषण, नौ गिरफ्तार

पॉक्सो एक्ट के तहत 14 मामले दर्ज, एसआईटी गठित

कंटेंट लाइसेंस के तहत उपयोग के लिए निःशुल्क

कासरगोड (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। केरल के कासरगोड जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। एक 16 वर्षीय किशोर का पिछले दो वर्षों से लगातार यौन शोषण किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार इस घिनौने कृत्य में 14 पुरुष शामिल थे, जिनमें दो सरकारी कर्मचारी भी हैं। पुलिस ने अब तक नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

मां की सतर्कता से खुला राज पुलिस ने बताया कि यह मामला तब उजागर हुआ जब किशोर की मां ने अपने घर में एक संदिग्ध युवक को देखा, जो उन्हें देखकर तुरंत भाग निकला। संदेह होने पर जब मां ने बेटे से पूछताछ की तो उसने पूरी घटना बताई। इसके बाद मां ने चाइल्ड लाइन को सूचना दी और फिर मामला पुलिस तक पहुंचा।

पॉक्सो अधिनियम के तहत कार्रवाई किशोर के बयान के आधार पर पुलिस ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, 2012 के तहत 14 मामले दर्ज किए हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है, जिसमें एक पुलिस उपाधीक्षक और चार निरीक्षक शामिल हैं। यह टीम कासरगोड जिले में दर्ज आठ मामलों की जांच करेगी। शेष छह मामले उन जिलों को स्थानांतरित किए गए हैं जहां शोषण की घटनाएं हुई थीं — कन्नूर और कोझिकोड।

आरोपी और गिरफ्तारी

पुलिस के अनुसार आरोपियों की उम्र 25 से 51 वर्ष के बीच है। इनमें से एक रेलवे कर्मचारी और एक अन्य राज्य सरकार का कर्मचारी है। फिलहाल नौ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, शेष की तलाश जारी है।

समाज के लिए चेतावनी

यह मामला इंटरनेट और मोबाइल ऐप्स के खतरों को उजागर करता है। पुलिस का कहना है कि आरोपी LGBTQ समुदाय के एक ऐप के जरिए किशोर तक पहुंचे और फिर उसे फंसा लिया। विशेषज्ञों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नज़र रखें और समय-समय पर उनसे संवाद करते रहें।

त्रिस्तरीय पंचायतों की निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण की समय सारिणी जारी

आगरा(राष्ट्र की परम्परा)जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) अरविन्द मल्लप्पा बंगारी ने आगामी त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन की तैयारी के क्रम में निर्वाचक नामावलियों (मतदाता सूची) के वृहद पुनरीक्षण की संशोधित समय सारिणी जारी की है।राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार यह कार्यवाही सम्पूर्ण जनपद में कराई जाएगी। इसके लिए समस्त उपजिलाधिकारी/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (पंचायत), तहसीलदार/अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा खण्ड विकास अधिकारी/समन्वयक अधिकारी को नामित किया गया है।निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण की प्रमुख तिथियाँ इस प्रकार हैंः29 सितम्बर, 2025 तक: बी.एल.ओ. द्वारा घर-घर जाकर गणना व सर्वेक्षण तथा हस्तलिखित पाण्डुलिपि तैयार करना। (01 जनवरी, 2025 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सभी अर्ह व्यक्तियों को शामिल किया जाएगा।)22 सितम्बर, 2025 तक : ऑनलाइन आवेदन की अवधि।23 से 29 सितम्बर, 2025 तक : ऑनलाइन प्राप्त आवेदन पत्रों की घर-घर जाकर जाँच।30 सितम्बर से 06 अक्टूबर, 2025 तक : परिवर्तन, संशोधन एवं विलोपन की हस्तलिखित पाण्डुलिपि तैयार कर सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को जमा करना।
07 अक्टूबर से 24 नवम्बर, 2025 तक: ड्राफ्ट नामावलियों की कम्प्यूटरीकृत पाण्डुलिपि तैयार करना।
25 नवम्बर से 04 दिसम्बर, 2025 तक : कम्प्यूटरीकरण उपरान्त मतदान केन्द्र/स्थलवार क्रमांकन, वार्ड मैपिंग एवं फोटोप्रतियों की तैयारी।05 दिसम्बर, 2025 : अनन्तिम मतदाता सूची का प्रकाशन।06 से 12 दिसम्बर, 2025 तक : प्रकाशित सूची का निरीक्षण एवं दावे/आपत्तियाँ प्राप्त करना।13 से 19 दिसम्बर, 2025 तक : दावे-आपत्तियों का निस्तारण।20 से 23 दिसम्बर, 2025 तक: निस्तारण उपरान्त हस्तलिखित पाण्डुलिपियों की तैयारी व जमा करना।24 दिसम्बर, 2025 से 08 जनवरी, 2026 तक : पूरक सूचियों का कम्प्यूटरीकरण एवं मूल सूची में समायोजन।09 से 14 जनवरी, 2026 तक पूरक सूचियों का क्रमांकन, वार्ड मैपिंग एवं फोटोप्रतियों की तैयारी।
15 जनवरी, 2026 : निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन।जिलाधिकारी ने सभी सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, जिससे आगामी पंचायत चुनाव हेतु अद्यतन एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची उपलब्ध कराई जा सके।

किराना दुकान में भीषण लगी आग हजारों का नुकसान

सिकन्दरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

स्थानीय तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत जमुई स्थित चट्टी पर सोमवार की देर रात एक किराना दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि आग बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगी। हादसे में लगभग हजारो रुपये का सामान तथा 20 हजार रुपये नकदी जलकर राख हो गई।सूचना मिलते ही ग्राम प्रधान इम्तियाज अहमद मौके पर पहुंचे और पीड़ित दुकानदार संतोष कुमार वर्मा से मुलाकात की। उन्होंने मौके पर आर्थिक सहायता प्रदान की तथा आश्वासन दिया कि इस कठिन समय में हर संभव मदद की जाएगी। दुकानदार संतोष वर्मा ने बताया कि वह रात को दुकान बंद कर घर चले गए थे। देर रात पड़ोसियों ने दुकान से धुआं उठता देख उन्हें जानकारी दी। आनन-फानन में ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक सारा सामान जलकर खाक हो चुका था। घटना की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण भारी संख्या में मौके पर इकट्ठा हो गए और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। लोगों ने प्रशासन से भी त्वरित राहत दिलाने की अपील की। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है।

देवरिया पुलिस का मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान, आमजन को दिलाया सुरक्षा का भरोसा

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) पुलिस अधीक्षक देवरिया विक्रान्त वीर के निर्देशन में तड़के सुबह 5 बजे से 8 बजे तक जिलेभर में “मॉर्निंग वॉकर चेकिंग अभियान” चलाया गया। इस दौरान थानावार पुलिस टीमों ने पार्कों, सड़कों व सार्वजनिक स्थानों पर मॉर्निंग वॉक पर निकले आमजन से संवाद स्थापित किया और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया।
अभियान का मुख्य उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच आपसी विश्वास को मजबूत करना, छोटे विवादों का सामुदायिक स्तर पर निस्तारण करना और मित्र पुलिसिंग की भावना को प्रोत्साहित करना रहा। चेकिंग के दौरान पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की तलाशी ली। चोरी की गाड़ियों, तीन सवारी, मोडिफाइड साइलेंसर, नाबालिग चालकों, फब्तियां कसने वालों और अवैध गतिविधियों पर विशेष कार्रवाई की गई।पुलिस अधीक्षक विक्रान्त वीर ने बताया कि यह पहल शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ ही आमजन में विश्वास की भावना जागृत करने का प्रयास है। जनसामान्य ने पुलिस की इस पहल की सराहना की और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संतोष जताया।थानावार चेकिंग परिणाम अभियान के दौरान जिलेभर में कुल 26 स्थानों पर चेकिंग की गई, जिसमें 485 व्यक्तियों व 302 वाहनों की जांच की गई। थाना कोतवाली क्षेत्र में 35 व्यक्तियों व 36 वाहनों की चेकिंग
रामपुर कारखाना में 27 व्यक्तियों व 22 वाहन
तरकुलवा में 15 व्यक्ति व 6 वाहन
बघौचघाट में 20 व्यक्ति व 13 वाहन
महुआडीह में 20 व्यक्ति व 15 वाहन
रुद्रपुर में 12 व्यक्ति व 8 वाहन
गौरीबाजार में 18 व्यक्ति व 12 वाहन
मदनपुर में 17 व्यक्ति व 9 वाहन एकौना में 12 व्यक्ति व 10 वाहन
सलेमपुर में 22 व्यक्ति व 17 वाहन
लार में 25 व्यक्ति व 13 वाहन
खुखुन्दू में 22 व्यक्ति व 8 वाहन
बरियारपुर में 20 व्यक्ति व 12 वाहन
भाटपाररानी में 22 व्यक्ति व 15 वाहन भटनी में 22 व्यक्ति व 15 वाहन
बनकटा में 24 व्यक्ति व 10 वाहन
खामपार में 30 व्यक्ति व 10 वाहन
श्रीरामपुर में 20 व्यक्ति व 12 वाहन
बरहज में 23 व्यक्ति व 18 वाहन
मईल में 18 व्यक्ति व 12 वाहन
भलुअनी में 18 व्यक्ति व 12 वाहन
सुरौली में 24 व्यक्ति व 16 वाहन
जनपदीय पुलिस ने आश्वस्त किया है कि ऐसे अभियान आगे भी निरंतर चलाए जाएंगे ताकि आमजन की सुरक्षा, शांति और विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा सके।

कैमूर में श्रद्धालुओं से भरी बस और ट्रक की टक्कर, एक की मौत, 10 गंभीर घायल

मृतक की फाइल फोटो

कैमूर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। श्रद्धालुओं से भरी बस और एक ट्रक की जोरदार टक्कर में बस खलासी की मौत हो गई, जबकि 10 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर जुटे और घायलों को अस्पताल भेजने में मदद की।

जानकारी के मुताबिक, हादसे का शिकार हुई बस में कुल 38 श्रद्धालु सवार थे, जिनमें 14 महिलाएं और 24 पुरुष शामिल थे। सभी श्रद्धालु मध्य प्रदेश के निवासी बताए जा रहे हैं। यह लोग काशी (वाराणसी) से दर्शन कर गयाजी पितृपक्ष मेले में शामिल होने जा रहे थे। लेकिन, कैमूर जिले के दुर्गावती थाना क्षेत्र में बस और ट्रक की आमने-सामने टक्कर हो गई।

हादसे में बस के खलासी महेश वर्मा (30 वर्ष), निवासी महेशबार गांव, जिला खरगोन (मध्य प्रदेश) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अन्य 10 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घटना की जानकारी मिलते ही दुर्गावती थाना पुलिस और NHAI पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने राहत और बचाव कार्य शुरू कराया। क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बस को सड़क किनारे कर यातायात बहाल कराया गया।

दुर्गावती थाने के सब-इंस्पेक्टर अजीत कुमार ने बताया कि टक्कर काफी भीषण थी। एक युवक की मौत हो चुकी है जबकि 10 लोग घायल हैं। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।

भारी बारिश का कहर : तीन की मौत, मंडी का बस स्टैंड जलमग्न, शिमला में सड़कें बंद

मंडी (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर तबाही मचाई है। रातभर हुई मूसलाधार बारिश के चलते कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं हुईं। मंडी जिले के सुंदरनगर उपमंडल के नेहरी क्षेत्र की बोई पंचायत में भूस्खलन के बाद एक मकान ढह गया, जिसमें एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे में दो अन्य लोगों को स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से बचा लिया गया। मंडी के उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि मृतकों के शव बरामद कर लिए गए हैं और राहत-बचाव कार्य जारी है।

इधर, मंडी जिले के धरमपुर क्षेत्र में भारी बारिश से सोन और भारंद नालों में बाढ़ आ गई। पानी भर जाने से धरमपुर बस स्टैंड पूरी तरह जलमग्न हो गया। बाढ़ के कारण करीब दो दर्जन एचआरटीसी बसों को भारी नुकसान हुआ, वहीं पंप हाउस, वर्कशॉप और दुकानों में भी पानी घुस गया। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने फेसबुक पोस्ट में बताया कि बारिश से बस स्टैंड और आसपास के कई प्रतिष्ठानों को भारी क्षति पहुंची है।

शिमला में भी हालात गंभीर बने हुए हैं। शहर के बीचोंबीच हिमलैंड के निकट भूस्खलन से मुख्य सर्कुलर रोड अवरुद्ध हो गया। कई वाहन मलबे में दब गए, जिससे सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों और स्थानीय लोगों को खासी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। हिमलैंड के पास अपने वाहन में सो रहे गौतम और राहुल शुक्ला ने बताया कि रात करीब एक बजे उन्हें मलबा गिरने की तेज आवाज सुनाई दी, जिसके बाद उन्होंने तुरंत अपने वाहन वहां से हटाए और बड़ी दुर्घटना से बच गए।

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे तक प्रदेश में और भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों के पास न जाएं और सावधानी बरतें।