Monday, July 13, 2026
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सीडीओ ने की जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक, दिया सख्त निर्देश

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। मुख्य विकास अधिकारी अनुराज जैन की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई।
मुख्य विकास अधिकारी ने बाल वाटिकाओं के संचालन, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना, गम्भीर कुपोषित एवं मध्यम कुपोषित बच्चों की पहचान, उपचार तथा पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चों की प्रगति की समीक्षा की।
उन्होंने संभव अभियान में अपेक्षित प्रगति न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सभी सीडीपीओ सैम बच्चों के स्वास्थ्य के संदर्भ में नियमित फॉलोअप करें। उन्होंने 30 सितम्बर तक सभी को उक्त बिंदुओं पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए तब तक समस्त सीडीपीओ का वेतन बाधित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी
ने संभव अभियान और पोषण अभियान की प्रगति के आधार पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का पीएलआई परफॉर्मेंस लिंक्ड इनसेंटिव जारी करने का निर्देश दिया। कहा कि जिनकी प्रगति असंतोषजनक है उनका पीएलआई लक्ष्य की प्राप्ति तक जारी न करें। मुख्य विकास अधिकारी ने युग्मन के उपरांत रिक्त सभी विद्यालयों में आंगनबाड़ी केंद्रों को शुरू करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने नवाचार के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में उच्च पोषण युक्त चिक्की वितरण की रिपोर्ट न होने पर नाराजगी जताई और उक्त योजना के प्रगति का विवरण प्रस्तुत करने के लिए कहा। समीक्षा में प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत न करने पर एफएलएस विजय कुमार प्रजापति का वेतन बाधित करने का निर्देश दिया।आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के वजन, लंबाई एवं पोषण स्थिति के अद्यतन आंकड़े समय से अपलोड करने के निर्देश दिए।
उन्होंने गर्भवती एवं धात्री माताओं को समय से पूरक पोषण आहार और एएनसी जांच उपलब्ध कराने पर जोर दिया। ग्राम स्वास्थ्य पोषण एवं स्वच्छता दिवस नियमित रूप से आयोजित करने और समुदाय को जागरूक करने के लिए विशेष जनजागरूकता गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए।
अंत में सभी अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में लक्ष्य प्राप्त करने का आदेश दिया और कहा कि कुपोषण उन्मूलन शासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में है, इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस दौरान बैठक में सीएमओ डॉ श्रीकांत शुक्ला, डीपीओ दुर्गेश कुमार, बीएसए ऋद्धि पांडेय, समस्त सीडीपीओ सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहें।

शाहजहांपुर: कीचड़ और गंदगी से त्रस्त गांव, ग्रामीणों ने पंचायत और स्वास्थ्य विभाग पर उठाए सवाल

“शाहजहांपुर के जरगवां और भटियां गांव में गंदगी, कीचड़ और जलभराव से ग्रामीण परेशान हैं। स्वास्थ्य विभाग और पंचायत की लापरवाही पर उठ रहे हैं सवाल।”

शाहजहांपुर/उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। शाहजहांपुर जिले के जैतीपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत जरगवां और भटियां में इन दिनों गंदगी और जलभराव ने ग्रामीणों का जीना मुश्किल कर दिया है। बारिश के मौसम में स्थिति और भी बदतर हो गई है, जिससे ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय पंचायत के प्रति आक्रोश बढ़ रहा है।

कीचड़ और जलभराव से बढ़ी मुश्किलें

गांव की गलियों में जगह-जगह कीचड़ और गंदा पानी भरा हुआ है। इसकी वजह से न सिर्फ दुर्गंध फैल रही है, बल्कि मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे और बुजुर्ग आए दिन फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे उन्हें चोटें लग रही हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, गांव की नाली व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो चुकी है और गलियों की मरम्मत न होने से पूरा रास्ता दलदल में बदल गया है। इस वजह से स्कूल जाने वाले बच्चों और बीमार लोगों को अस्पताल तक ले जाना भी मुश्किल हो गया है।

प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार स्थानीय प्रशासन और ग्राम पंचायत से शिकायत की, लेकिन उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। लोगों का आरोप है कि यह स्थिति सरकार की स्वच्छता योजनाओं की नाकामी को दर्शाती है और जिम्मेदार विभागों की घोर लापरवाही पर सवाल खड़े करती है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही नालियों की सफाई और सड़कों की मरम्मत नहीं हुई तो गांव में बीमारियों का प्रकोप फैल सकता है।

योगी सरकार का बड़ा फैसला: यूपी में पुलिस रिकॉर्ड से हटेगा जाति का उल्लेख, हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई

इलाहाबाद/लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क )उच्च न्यायालय के आदेश के बाद उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पुलिस रिकॉर्ड और आधिकारिक दस्तावेजों से जाति-आधारित संदर्भों को हटाने का आदेश जारी किया है। सरकार का यह निर्णय राज्य में जातिगत भेदभाव को समाप्त करने और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने साफ कहा है कि अब गिरफ्तारी ज्ञापन, प्राथमिकी (FIR) या किसी अन्य पुलिस दस्तावेज़ में किसी भी व्यक्ति की जाति का उल्लेख नहीं किया जाएगा। इस संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने सभी विभागों को आदेश जारी किया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पहचान के लिए केवल माता-पिता का नाम ही प्रयोग किया जा सकता है।

इसके साथ ही पुलिस वाहनों, थानों के नोटिसबोर्ड और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित जाति-आधारित नाम और संदर्भ भी पूरी तरह से हटाए जाएंगे। इस फैसले को प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार पुलिस नियमावली और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) में भी संशोधन करेगी।

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हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम से संबंधित मामलों में जाति का उल्लेख करना आवश्यक होगा और ऐसे मामलों को इस आदेश से छूट दी गई है।

दरअसल, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 16 सितंबर को अपने आदेश में कहा था कि पुलिस रिकॉर्ड में आरोपियों या व्यक्तियों की जाति का उल्लेख करना एक “कानूनी भ्रांति” है, जो न केवल संवैधानिक नैतिकता को कमजोर करता है बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर चुनौती भी पेश करता है। न्यायालय ने यह भी कहा कि आरोपियों की जाति जैसे माली, राजपूत, ठाकुर, ब्राह्मण आदि लिखना किसी वैध उद्देश्य की पूर्ति नहीं करता।

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विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला सामाजिक समरसता को बढ़ावा देगा और जातिगत भेदभाव की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाएगा। उत्तर प्रदेश में यह कदम देशभर के लिए एक नजीर साबित हो सकता है।

यह निर्णय न केवल उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को और मजबूत करेगा, बल्कि गूगल सर्च में भी इसे लेकर बड़ी चर्चा होने की संभावना है, क्योंकि यह फैसला सामाजिक न्याय और समानता से जुड़ा हुआ है।

सीबीआई निदेशक की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 26 सितंबर को, तिरुपति प्रसादम विवाद से जुड़ा है मामला

“तिरुपति प्रसादम में मिलावटी घी विवाद से जुड़ा मामला। आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली सीबीआई निदेशक की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 26 सितंबर को सुनवाई करेगा।”

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के एक आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 26 सितंबर को सुनवाई करेगा। यह मामला तिरुमला तिरुपति देवस्थानम में प्रसादम बनाने के लिए मिलावटी घी के इस्तेमाल की जांच से जुड़ा है।

क्या है पूरा विवाद?

यह विवाद आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के उस फैसले से उत्पन्न हुआ है, जिसमें कहा गया था कि सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन किया है। हाईकोर्ट के अनुसार, सीबीआई निदेशक ने एक अधिकारी जे. वेंकट राव को जांच का अधिकार दिया, जबकि वह विशेष जांच दल (SIT) के औपचारिक सदस्य नहीं थे।

सुप्रीम कोर्ट ने 2024 में आदेश दिया था कि इस मामले की जांच एक स्वतंत्र SIT करेगी। इस टीम में दो सीबीआई अधिकारी, दो आंध्र प्रदेश पुलिस अधिकारी और खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) का एक वरिष्ठ अधिकारी शामिल होना था। हाईकोर्ट ने पाया कि वेंकट राव को इस SIT का सदस्य नामित नहीं किया गया था।

उत्पीड़न के आरोप और सुनवाई का अनुरोध

वेंकट राव पर कडुरु चिन्नापन्ना ने उत्पीड़न का आरोप लगाया था। चिन्नापन्ना ने हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में कहा था कि राव ने उन्हें बार-बार बुलाया और झूठे बयान देने के लिए दबाव डाला।

सीबीआई निदेशक की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की पीठ से इस मामले की सुनवाई 29 सितंबर के बजाय 26 सितंबर को करने का अनुरोध किया। मुख्य न्यायाधीश ने अनुरोध स्वीकार करते हुए कहा, “ठीक है, इसे शुक्रवार को सूचीबद्ध करें।”

शिव गौर क्लीनिक: इलाज या मौत का अड्डा? दो हफ्तों में गईं दो जिंदगियां,उठे गंभीर सवाल

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(इटावा से राहुल कुमार की रिपोर्ट)

इटावा (राष्ट्र की परम्परा)। जसवंतनगर में स्थित शिव गौर क्लीनिक एक बार फिर विवादों में है। तीन सप्ताह पहले 10 वर्षीय दिव्यांश की मौत से उपजा आक्रोश लोग अभी भूल भी नहीं पाए थे कि अब एक और मरीज की मौत ने क्लीनिक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

नवीनतम मामले में, एक महिला को मामूली चोट के इलाज के लिए परिजन इस क्लीनिक में लेकर आए थे। लेकिन परिजनों के विरोध के बावजूद स्टाफ ने उसे एक इंजेक्शन लगाया। हैरानी की बात यह रही कि इंजेक्शन लगने के महज 10 मिनट के भीतर महिला ने दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि यह सीधी-सीधी लापरवाही और आपराधिक लापरवाही का मामला है।

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यह घटना जसवंतनगरवासियों को उस दर्दनाक हादसे की याद दिलाती है, जब 10 साल का मासूम दिव्यांश पेट दर्द की शिकायत पर इसी क्लीनिक लाया गया था। करीब एक घंटे तक इलाज चलता रहा, लेकिन बच्चा जिंदगी की जंग हार गया। उस दिन उसकी मां अपने मृत बेटे को गोद में लिए मदद के लिए अस्पताल-दर-अस्पताल भटकती रही, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि डॉ. शिव गौड़ का यह क्लीनिक चिकित्सा मानकों की धज्जियां उड़ा रहा है। यहां न तो उचित चिकित्सकीय सुविधाएं हैं और न ही प्रशिक्षित स्टाफ। फिर भी इलाज के नाम पर लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। सवाल यह है कि दो मौतों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग चुप क्यों है? क्या प्रशासन किसी और की जान जाने का इंतजार कर रहा है?

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इस बार मृतका के परिजनों ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि शिव गौर क्लीनिक पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए और दोषियों को कठोर सजा मिले। इटावा के स्वास्थ्य तंत्र और जिला प्रशासन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर क्यों लापरवाह क्लीनिकों पर अंकुश नहीं लगाया जा रहा।

अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासनिक मशीनरी जागेगी या फिर शिव गौर क्लीनिक में हुई ये मौतें भी महज सुर्खियों तक सीमित रह जाएंगी।

विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर खास आयोजन: सीएमएस होंगे मुख्य अतिथि, फार्मासिस्टों के हितों पर मंथन

इटावा (राष्ट्र की परम्परा )। अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसियेशन (All India Pharmacist Association) के तत्वावधान में जिला अस्पताल, इटावा में एक अहम बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष डॉ. अभिषेक यादव ने की। इस दौरान एसोसियेशन के पदाधिकारियों ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) से भेंट की और आगामी विश्व फार्मासिस्ट दिवस (World Pharmacist Day 2025) कार्यक्रम में उन्हें बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का औपचारिक आमंत्रण दिया।

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गौरतलब है कि हर वर्ष 25 सितम्बर को विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर फार्मासिस्टों की भूमिका, उनके महत्व और समाज एवं स्वास्थ्य सेवाओं में उनके योगदान को रेखांकित किया जाता है। इस बार जिला अस्पताल इटावा में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें फार्मासिस्टों के सामने आने वाली चुनौतियों और उनके हितों की रक्षा पर चर्चा की जाएगी।

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बैठक में उपस्थित सदस्यों ने बताया कि वर्तमान समय में फार्मासिस्टों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कार्यस्थल पर शोषण, पदोन्नति में पारदर्शिता की कमी और सेवा शर्तों को लेकर असंतोष जैसे मुद्दों पर संगठन लगातार आवाज उठा रहा है। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल फार्मासिस्टों की समस्याओं को सामने रखा जाएगा, बल्कि उनके समाधान के लिए ठोस सुझाव भी दिए जाएंगे।

इस मौके पर प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य उत्पल अग्निहोत्री, जिला महासचिव मोहित यादव, जिला प्रवक्ता रजत पांडे, जिला उपाध्यक्ष डॉ. गोपाल यादव, कविंद्र, अनुज और मोहित सहित अन्य सक्रिय सदस्य मौजूद रहे। सभी ने संयुक्त रूप से यह संकल्प लिया कि फार्मासिस्टों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीएमएस ने भी आश्वासन दिया कि वह फार्मासिस्टों की समस्याओं को गंभीरता से सुनेंगे और उन्हें उच्च स्तर पर उठाएंगे। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल फार्मासिस्टों की भूमिका को समाज में मजबूत करना है, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था में उनके योगदान को भी रेखांकित करना है।

श्रद्धालुओं में मां दुर्गा के प्रति बढी आस्था: शारदीय नवरात्रि मां दुर्गा को समर्पित

बघौचघाट/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। विकास खंड क्षेत्र पथरदेवा में नवरात्रि के पहले दिन से श्रद्धालुओं में विशेष धूम मची हुई है। शारदीय नवरात्र का पर्व बहुत ही पावन माना जाता है। यह मां दुर्गा को समर्पित है।सोमवार को नवरात्र का पहला दिन है। इस दिन मां शैलपुत्री की पूजा विधि विधान से होती है।मान्यता के अनुसार नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की कथा का पाठ और उनकी विधिवत पूजा किया गया। पथरदेवा क्षेत्र के बसडिला, सखिनी,कोटवा मिश्र,मेंदीपट्टी,मलसी खास,नोनिया पट्टी,मोतीपुर,पकहां,रामनगर, विशुनपुरा बाजार,पथरदेवा,धर्मचौरा आदि गांवों में शारदीय नवरात्र के पहले दिन विधि विधान पूर्वक कलश स्थापित कर एवं दुर्गा मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजा पाठ किया। मेंदीपट्टी दुर्गा मंदिर के पुजारी आचार्य राजू मिश्रा ने बताया कि एक बार राजा दक्ष प्रजापति की एक बेटी जिनका नाम सती था।जो अपनी मर्जी से भगवान शिव से शादी की, लेकिन राजा दक्ष इस रिश्ते से खुश नहीं थे।जो शिव जी और देवी सती से हमेशा नाराज रहते थे। एक दिन राजा दक्ष ने एक बहुत बड़ा यज्ञ रखा और सभी देवी-देवताओं को बुलाया, लेकिन उन्होंने जान-बूझकर अपनी बेटी सती और दामाद शिव जी को निमंत्रण नहीं भेजा। जब देवी सती को इस यज्ञ के बारे में पता चला, तो वह बहुत बेचैन हो गईं और वहां जाने का विचार करने लगीं। हालांकि शिव जी ने उन्हें समझाया कि बिना बुलाए कहीं जाना ठीक नहीं होता, लेकिन वे फिर भी नहीं मानीं। अपनी जिद पर अड़ी सती को देखकर शंकर भगवान को उन्हें भेजना ही पड़ा। जब सती अपने पिता के घर पहुंचीं, तो वहां किसी ने भी उनसे अच्छे से बात नहीं की और उनके पिता ने भोलेनाथ का अपमान किया। यह सब देखकर देवी सती बहुत दुखी हुईं।इसके बाद फिर से देवी सती ने हिमालय राज की पुत्री पार्वती के रूप में जन्म लिया। हिमालय को ‘शैल’ भी कहते हैं।इसलिए हिमालय की पुत्री होने के कारण देवी पार्वती को शैलपुत्री कहा जाने लगा। मेंदीपट्टी निवासी मूर्ति आयोजक राजू राय, मिथलेश शर्मा ने बताया कि दुर्गा पूजा को लेकर भव्य पंडाल बनाया जा रहा है।इसके लिए दुर्गा पूजा समिति के कार्यकर्ता पंडालों को भव्य रूप देने में लगे हैं।

धूमधाम से मनाई गयी अग्रसेन महाराज की जयंती

देवरिया/उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। महाराजा अग्रसेन महाराज की 5149वीं जयंती 22 सितंबर, 2025 को देवरिया में अग्र समाज द्वारा धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। जयंती के अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

​जयंती समारोह और विशेष कार्यक्रम

​जयंती के दिन, संरक्षक संजय केडिया ने महाराजा अग्रसेन का विधि-विधान से पूजन किया। इसके बाद हवन, ध्वजारोहण और प्रसाद वितरण किया गया। इस खास मौके पर अग्र समाज के सदस्यों के साथ-साथ देवरिया के जिलाधिकारी (DM) भी उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

​दो दिवसीय आयोजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और शोभायात्रा

​जयंती से एक दिन पहले, 21 सितंबर, 2025 को विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था, जिसमें कुर्सी दौड़, चित्रकला प्रतियोगिता, नॉन-फायर कुकिंग और हौजी शामिल थे।

​शाम को एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो नगर भ्रमण करते हुए पेड़ा गली स्थित अग्रसेन भवन में वापस लौटी। शोभायात्रा में घोड़े, सिंघे, ढोल, डीजे और आकर्षक झांकियां शामिल थीं। कलाकारों द्वारा किए गए लोक नृत्य ने लोगों का ध्यान खींचा। शोभायात्रा का संयोजन मारवाड़ी युवा मंच के सदस्यों ने किया था।

​वरिष्ठों का सम्मान और पुरस्कार वितरण

​कार्यक्रम के अंत में, वरिष्ठ अग्रजनों का सम्मान किया गया और प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले बच्चों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर महाराजा अग्रसेन सेवा समिति के अध्यक्ष पुरुषोत्तम मरोदिया, महामंत्री आनंद अग्रवाल, कोषाध्यक्ष अरुण जाखोदिया, और मारवाड़ी युवा मंच के अध्यक्ष समेत समाज के कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। महिलाओं और बच्चों की भी बड़ी संख्या में उपस्थिति दर्ज की गई, जिसने पूरे माहौल को और भी जीवंत बना दिया।

गाजे बाजे, दिव्य झांकी के साथ निकली भागवत महायज्ञ के लिए कलश यात्रा

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मिश्रौली से निकलकर नदावर घाट पर भागवत कथा के लिए भरा गया कलश

सलेमपुर, देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। नवरात्र पर्व के अवसर पर क्षेत्र के मिश्रौली में आयोजित देवी भागवत कथा के लिए कलश यात्रा गाजे बाजे , भव्य झांकी व आचार्य गणों के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश यात्रा निकाली गई जो मिश्रौली, उरदौली, नवलपुर चौराहा ,मझौली मोड़ होते हुए नदावर घाट पहुंच कर पवित्र हिरण्यावती नदी (छोटी गंडक ) में जल भरकर पुनः उसी रास्ते यज्ञ स्थल पर पहुंची। इस दौरान हजारों पुरुष कन्याएं व महिलाएं पीत वस्त्र धारण कर सिर पर कलश ऱखकर भक्तिमय वातावरण में माता जी का जयकारे लगाते हुए कतारबद्ध होकर चल रही थीं।कलश यात्रा में मनमोहक झांकियां आकर्षक की केन्द्र बनी रही।

यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए जगह जगह जलपान का इंतजाम किया गया था।साथ ही साथ सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किए गए थे। यात्रा में प्रमुख रूप से शंकर प्रसाद गुप्ता, संजय गुप्ता, अजय गुप्ता, कांग्रेस नेता डॉ धर्मेन्द्र पांडेय, परमानन्द प्रसाद,राहुल गुप्ता, रामप्यारे गुप्ता, अनूप मिश्र, बब्लू यादव, रमेश शर्मा, मनोज शर्मा, गुड्डी गुप्ता, सावित्री गुप्ता, प्रियंका गुप्ता, मनीषा, कुसुम ,मीना मीरा, ओमप्रकाश यादव, असरफी गुप्ता, नथुनी गुप्ता, दीना गुप्ता, मुंद्रिका प्रसाद,चन्द्र प्रजापति, शीत कुमारी, रेणु गुप्ता, अनुराधा गुप्ता सुभावती गुप्ता आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।

महिलाओं को सशक्त बना रहे मोदी- जयनाथ कुशवाहा

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देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
भाजपा द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्मदिवस तक चलाये जा रहे सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित बालिका विद्यालय, टाउनहाल में लगी नमो प्रदर्शनी के पांचवे दिन महाराजा अग्रसेन इंटर कालेज के छात्रों ने भाग लेकर प्रदर्शनी को देखा।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व जिला उपाध्यक्ष भाजपा जयनाथ कुशवाहा गुड्डन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना पूरा जीवन देश के लिए समर्पित कर दिया है, देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को स्वयं सहायता समूह के माध्यम से विभिन्न योजनाओं का लाभ देकर महिलाओं को लखपति दीदी बनाया है।
जिला मंत्री भाजपा निर्मला गौतम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबके साथ-सबके विकास का नारा देकर भारत के सर्वांगीण विकास के लिए आयुष्मान योजना, हर घर नल, स्वच्छ भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना जैसी विभिन्न योजनाओं को चलाया है।

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प्रदर्शनी संयोजक, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष पवन कुमार मिश्र ने कहा कि नमो प्रदर्शनी के माध्यम से विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाल्यकाल से प्रधानमंत्री बनने तक उनके द्वारा किये गए कार्यो को जानकर उससे प्रेरणा ले रहे है।
प्रदर्शनी में मुख्य रूप से मुकेश राय, सुब्रत सिंह, नलिनी सिंह, प्रभात कुमार, प्रमोद कुमार सिंह, प्रभुनाथ पाण्डेय, प्रमोद पाण्डेय, सूरज सिंह, बाबूलाल उपस्थित रहे।

चौकीपुर गांव के बगीचे से युवक का शव बरामद, हत्या की आशंका से मचा हड़कंप

भोजपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) जिले के उदवंतनगर थाना क्षेत्र के गजराजगंज ओपी अंतर्गत चौकीपुर गांव में सोमवार की सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब गांव के बगीचे से 22 वर्षीय युवक का शव बरामद किया गया। मृतक की पहचान स्व. चंद्रदेव पासवान के पुत्र बैजू कुमार पासवान के रूप में हुई है। बैजू बेंगलुरु की एक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत था और हाल ही में छुट्टी पर अपने गांव लौटा था।

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ग्रामीणों के अनुसार, बैजू का शव सुबह बगीचे में देखा गया। उसके शरीर पर दाहिनी छाती और ललाट पर गहरे चोट के निशान पाए गए, जिससे परिजनों ने आशंका जताई है कि उसकी हत्या मारपीट कर की गई है। शव मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

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सूचना मिलते ही गजराजगंज ओपी प्रभारी चंचल कुमार मेहता पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, परिजनों के बयान के आधार पर हत्या की आशंका को ध्यान में रखते हुए पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

इस सनसनीखेज वारदात ने गांव सहित पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।

इंटरनेशनल स्कूल स्पोर्ट्स मे जयेश ट्रेनिंग क्लासेस की स्वर्णिम उपलब्धि

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मुंबई (राष्ट्र की परम्परा) नीता अंबानी इंटरनेशनल स्कूल मे संपन्न हुए इंटरनेशनल स्कूल स्पोर्ट्स ऑर्गनाइजेशन गेम्स 2025 प्रतियोगिता में देशभर की 30 से 35 स्कूलों के 600 से अधिक खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस भव्य खेल महोत्सव में घाटकोपर के जयेश ट्रेनिंग क्लासेस के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्णिम सफलता अर्जित की।
अकादमी के प्रमुख, अंतरराष्ट्रीय रेफरी एवं प्रशिक्षक जयेश वेल्हाल के मार्गदर्शन में खिलाड़ियों ने क्यूरोगी और पूमसे दोनों प्रकारों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की।
क्यूरोगी प्रकार में : 11 स्वर्ण, 9 रजत, 2 कांस्य
पूमसे प्रकार में : 5 स्वर्ण, 3 रजत, 4 कांस्य
इस प्रकार जयेश ट्रेनिंग क्लासेस ने कुल 16 स्वर्ण, 12 रजत और 6 कांस्य पदक जीतकर अपना दबदबा सिद्ध किया।

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इस शानदार सफलता के बाद जयेश वेल्हाल ने सभी पदक विजेताओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि, “खिलाड़ियों की निष्ठा, परिश्रम तथा प्रशिक्षकों के अथक प्रयास ही इस सफलता की असली नींव हैं।”
इस स्वर्णिम उपलब्धि में कोच निशांत शिंदे, यश दलवी, चंदन परिदा, प्रणय मुल्की, अमित यादव, कृपेश रांक्षेत्रे, स्वप्नील शिंदे और फ्रैंक कनाडिया के अथक प्रयासों का विशेष उल्लेख किया गया।

सिवान में जमीनी रंजिश से डबल मर्डर: पति-पत्नी की हत्या, बेटी गंभीर घायल

सिवान (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) बिहार के सिवान जिले में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। जामो थाना क्षेत्र के हेतिमपुर गांव में पुरानी जमीनी रंजिश ने खूनी रूप ले लिया। हमलावरों ने एक ही परिवार पर जानलेवा हमला कर पति-पत्नी की हत्या कर दी, जबकि उनकी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई।

विवाद से शुरू हुई कहासुनी, फिर बरसी गोलियां

स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, सोमवार सुबह अवध किशोर गुप्ता का अपने पाटीदार से जमीन विवाद को लेकर झगड़ा हुआ था। उस समय गांव वालों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया था। लेकिन थोड़ी देर बाद ही हमलावर हथियारों के साथ लौटे। आरोपियों ने पहले चाकू से हमला किया और फिर गोलियों की बौछार कर दी।

घर और खेत दोनों जगह मिले शव

घटना में अवध किशोर गुप्ता की मौके पर ही मौत हो गई। उनका शव खेत के पास मिला। वहीं, उनकी पत्नी का शव घर के अंदर से बरामद किया गया। हमले के दौरान उनकी बेटी भी गंभीर रूप से घायल हो गई। ग्रामीणों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक बताई है।

पुरानी जमीनी रंजिश बनी खून-खराबे की वजह

गांव वालों का कहना है कि अवध किशोर गुप्ता और उनके पाटीदार के बीच जमीन का विवाद कई सालों से चला आ रहा था। सुबह की कहासुनी इसी विवाद का हिस्सा थी, लेकिन कुछ घंटे बाद ही यह मामूली बहस खूनी खेल में बदल गई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

डबल मर्डर की सूचना पर इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। महाराजगंज के एसडीपीओ अमन ने बताया कि पहली जांच में मामला पुरानी जमीनी रंजिश से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु छापेमारी अभियान शुरू कर दिया गया है।

शारदीय नवरात्र की शुभकामनाओं के साथ जिलाधिकारी ने की जनपदवासियों के कल्याण की प्रार्थना

पंचमी पर 27 सितंबर को देवरही मंदिर प्रांगण में होगा भव्य जागरण का आयोजन

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देवरिया, (राष्ट्र की परम्परा)
शारदीय नवरात्र के प्रथम दिवस पर जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने रविवार को जनपद के प्रसिद्ध शक्ति स्थल देवरही माता मंदिर पहुँचकर विधिवत पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने माँ भगवती से जनपदवासियों की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं सर्वांगीण प्रगति की कामना की।
जिलाधिकारी ने कहा कि “नवरात्रि शक्ति की उपासना का पर्व है। माँ भगवती की कृपा से जनपद में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे। ऐसे धार्मिक आयोजन सामाजिक सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।”
उन्होंने सभी नागरिकों को शारदीय नवरात्र की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और बताया कि पंचमी तिथि 27 सितम्बर, शनिवार की साँय 6 बजे देवरही मंदिर प्रांगण में भव्य जागरण का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर प्रसिद्ध भजन-कीर्तन मंडलियाँ अपनी प्रस्तुतियाँ देंगी और माता रानी के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठेगा।
जिलाधिकारी ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अपने परिवार सहित इस जागरण में सम्मिलित होकर माँ भगवती का आशीर्वाद प्राप्त करें।

सुख समृद्धि हेतु कार्तिक मास में करें एक विशेष दीप आकाशदीप की व्यवस्था

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ऊंचाई पर आकाश में जो दीप टांगा जाता है उसे आकाशदीप कहते हैं। वास्तव में आकाशदीप पितरों के लिए और अन्य पितर देवताओं के लिए टांगा जाता है।

यह दो प्रकार से कार्य करता है- १. जो पितर आकाश मार्ग से विभिन्न लोगों में भटक रहे हैं उनको प्रकाश दिखाता है और उनके मार्ग को प्रकाशित करता है और उनकी गति को तीव्र करता है उनके जीवन के बारे में भावनाओं को तृप्त करता है और १. दूसरे पर कार्य करने का अर्थ है कि आकाशदीप टांगने वाले व्यक्ति से उसके पितृ संतुष्ट हो जाते हैं कि मेरे पुत्र-पौत्र सब संपन्न और सुखी है फिर वह उनको आशीर्वाद देते हैं, शुभकामनाएं देते हैं और उनकी प्रगति के लिए प्रयत्नशील रहते हैं। सार रूप में कहां जाए तो अतृप्त पितरों की तृप्ति के लिए, भटकते पितरों के मार्गदर्शन के लिए, स्वर्ग में सुखी संतुष्ट और पितरों से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए, संसार के लोग अपने निवास से काफी ऊंचाई पर शून्य आकाश में आकाश दीप हटाने की व्यवस्था करते हैं। वह व्यक्ति शुभत्व को प्राप्त करता है, मान सम्मान प्राप्त करता है, इसलिए प्रतिवर्ष कार्तिक मास में प्रतिदिन आकाशदीप टांगने की व्यवस्था करें। आकाशदीप की व्यवस्था करने के लिए एक बड़ा बांस, जिसमें गरारी लगी हो, की व्यवस्था करनी होती है। बांस और गरारी उसी तरह लगानी चाहिए जैसे झंडा फहराने में लगी रहती है। जिस प्रकार डोर को बांधा जाता है,

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उसी प्रकार बांध देते हैं। दीपक रखने के लिए कन्दील या पिंजरेनुमा पात्र चाहिए फिर उसमें दीपक रखना चाहिए। उसमें हवा निकलने के झरोखे हो दीपक इतना बड़ा हो जिसमें 100 ग्राम तेल भरा जा सके, ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि दीपक उतारने चढ़ाने में चाहिए और व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि दीपक रात भर जलता रहे। कार्तिक कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा को सूर्यास्त के बाद छत पर दीपक पूजन की सारी व्यवस्था करें और पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजन करें और आकाशदीप को डोरी से बांधकर

लटका दे कुछ देर से उठाकर दीपक के प्रकाश को देखते रहे और मन में सोचे कि यह आकाशदीप जो है वह स्वर्ग में स्थित मेरे पितरों तक प्रकाश पहुंचा रहा है। 30 दिनों तक निरंतर दीप की पूजा करें प्रार्थना करें और प्रार्थना करें हम आपके आभारी हैं कि आपने एक माह तक शीतल हवाओं से संघर्ष करते हुए हमारे लिए, हमारे पितरों के लिए प्रकाश की व्यवस्था की, हम आपको नमस्कार करते प्रणाम करते हैं और नित्य पूजा के बाद यह निवेदन करें कि आप सदैव हमें हमारे घर परिवार पूर्वजों को और आध्यात्मिक आर्थिक पद पर बढ़ने का मार्ग प्रकाश दिखाया आलोकित किया है, आज हम फिर से प्रार्थना कर रहे हैं कि हमारे पितरों को आलोक प्रदान करें, जिससे हमारे पितृ हम पर प्रसन्न होकर आशीर्वाद की वर्षा करें जिससे हमारा परिवार सुख संपन्न और समृद्धि होता रहे। ज्ञात हो कि पितरों की प्रसन्नता देवताओं की प्रसन्नता से की गुना अधिक लाभप्रदान करती है।

गरिमा सिंह अजमेर