Monday, July 13, 2026
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दिल्ली, यूपी समेत पूरे उत्तर भारत में मौसम का हाल: जानें आपके शहर में कब होगी बारिश और कैसा रहेगा तापमान

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नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। जहां कुछ दिनों से तेज धूप और गर्मी का प्रकोप जारी था, वहीं अब मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। यह बदलाव लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत दे सकता है। आइए जानते हैं दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गोरखपुर और लखनऊ सहित अन्य प्रमुख शहरों में आने वाले दिनों में मौसम का क्या हाल रहने वाला है।


दिल्ली-एनसीआर: गर्मी का दौर जारी, बारिश की उम्मीद कम
राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में फिलहाल गर्मी का असर बना रहेगा। अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहने और आसमान साफ रहने का अनुमान है। दिन का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के करीब रह सकता है। हालांकि, सप्ताह के अंत तक हल्की बूंदाबांदी की संभावना बन सकती है, लेकिन फिलहाल तेज बारिश के आसार नहीं हैं।


उत्तर प्रदेश: पूर्वी यूपी में बारिश, पश्चिमी यूपी में गर्मी
उत्तर प्रदेश में मौसम का रुख अलग-अलग हिस्सों में भिन्न है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी यूपी में अगले कुछ दिनों तक मौसम पूरी तरह से शुष्क बना रहेगा, जिससे दिन के समय तेज धूप और गर्मी का अनुभव हो सकता है। इसके विपरीत, पूर्वी यूपी के कुछ इलाकों में हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। खास तौर पर गोरखपुर और लखनऊ जैसे शहरों में 24 सितंबर के आसपास बारिश हो सकती है।


लखनऊ: 25 सितंबर के बाद मिल सकती है राहत
राजधानी लखनऊ में भी गर्मी और धूप का सिलसिला जारी है। दिन का अधिकतम तापमान 34°C और न्यूनतम तापमान 26°C तक रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, 25 सितंबर से मौसम में बदलाव आ सकता है और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है।


गोरखपुर: गरज के साथ बारिश के आसार
गोरखपुर के लोगों को गर्मी से जल्द ही राहत मिल सकती है। यहां 24 सितंबर को गरज-चमक के साथ बारिश की 65% तक संभावना जताई गई है। इसके बाद भी हल्की बारिश और बादलों का दौर बना रह सकता है, जिससे मौसम खुशनुमा हो जाएगा। दिन का अधिकतम तापमान 34°C और न्यूनतम तापमान 27°C के बीच रहने की उम्मीद है।


निष्कर्ष:


कुल मिलाकर, उत्तर भारत में मानसून की वापसी का असर दिख रहा है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में बारिश की संभावना है, लेकिन अभी भी कई जगह गर्मी का अहसास बना रहेगा। किसानों और आम लोगों को मौसम की इस बदलती हुई चाल के बारे में अपडेट रहने की सलाह दी जाती है। अपने शहर के मौसम का सटीक पूर्वानुमान जानने के लिए स्थानीय मौसम विभाग की वेबसाइट देखते रहें।

जैकलीन फर्नांडिस को सुप्रीम कोर्ट से झटका, मनी लॉन्ड्रिंग केस में नहीं मिली राहत


नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने एक्ट्रेस की उस याचिका पर सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ चल रहे केस को रद्द करने की मांग की थी।

यह मामला ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग केस से संबंधित है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस केस में जैकलीन को आरोपी बनाया है। इस फैसले के बाद, जैकलीन की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं और अब उन्हें कोर्ट में इस मामले का सामना करना पड़ेगा।

दिल्ली दंगे: उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को भेजा नोटिस


नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों से संबंधित मामले में आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। इन दोनों पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, यानी UAPA के तहत गंभीर आरोप हैं। जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी की पीठ ने इस मामले में दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है।


मामले का विवरण:


यह मामला 2020 में दिल्ली में हुए दंगों से जुड़ा है, जिसमें आरोप है कि उमर खालिद और शरजील इमाम ने दंगों की साजिश रची थी। दिल्ली पुलिस ने इन पर UAPA की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। इन दोनों ने अपनी जमानत के लिए पहले दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन वहां उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। इसके बाद, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की।


सुप्रीम कोर्ट का रुख:


सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है और इस पर उनका पक्ष जानने की कोशिश की है। यह फैसला इन दोनों की कानूनी लड़ाई में एक अहम मोड़ माना जा रहा है। अगर सुप्रीम कोर्ट दिल्ली पुलिस के जवाब से संतुष्ट नहीं होता है, तो उनकी जमानत पर आगे सुनवाई हो सकती है।


आगे क्या?


अब सभी की निगाहें दिल्ली पुलिस के जवाब पर टिकी हैं। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई कब होगी, यह अभी तय नहीं हुआ है। फिलहाल, उमर खालिद और शरजील इमाम न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे। यह मामला देश में कानून और व्यवस्था के साथ-साथ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों पर भी बहस का केंद्र बना हुआ है।

नागालैंड: NSCN (K) पर फिर लगा प्रतिबंध, सरकार ने 5 साल के लिए बढ़ाई रोक, जानें वजह


नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नागालैंड के उग्रवादी समूह नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (खपलांग) यानी NSCN (K) पर एक बार फिर से प्रतिबंध बढ़ा दिया है। यह प्रतिबंध अगले पांच सालों तक जारी रहेगा, जिसके चलते यह संगठन किसी भी तरह की देश विरोधी गतिविधियों में हिस्सा नहीं ले सकेगा। सरकार ने यह फैसला देश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और उत्तर-पूर्व में शांति बनाए रखने के लिए लिया है।


क्यों लगा NSCN (K) पर प्रतिबंध?


गृह मंत्रालय के अनुसार, NSCN (K) एक गैरकानूनी और आतंकवादी संगठन है। इस समूह पर नागालैंड में हिंसा, जबरन वसूली, और हत्या जैसी गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। इसके अलावा, इस संगठन ने भारतीय सुरक्षा बलों पर भी कई बार हमला किया है, जिससे देश की संप्रभुता और सुरक्षा को सीधा खतरा है। इन्हीं कारणों से गृह मंत्रालय ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत इस संगठन को आतंकवादी समूह घोषित कर रखा है। यह प्रतिबंध इसी अधिनियम के तहत बढ़ाया गया है।


सरकार के इस कदम का क्या है मकसद?


सरकार का यह कदम उत्तर-पूर्व भारत में शांति और स्थिरता लाने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास है। सरकार का लक्ष्य है कि NSCN (K) की अवैध गतिविधियों को पूरी तरह से रोका जाए, ताकि इस क्षेत्र में विकास और शांति का माहौल बन सके।


गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि NSCN (K) के साथ किसी भी तरह की बातचीत तभी संभव है जब वह हिंसा का रास्ता पूरी तरह से छोड़ दे। इस नए प्रतिबंध से सुरक्षा बल इस संगठन के खिलाफ कड़े कदम उठा सकेंगे, जिससे नागालैंड में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति और बेहतर होगी। यह फैसला इस बात को दर्शाता है कि सरकार आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ अपनी नीति को लेकर पूरी तरह से दृढ़ है।

उपराष्ट्रपति बोले – मोदी ने दुनिया में रचे अद्भुत रिश्ते, ‘नामुमकिन को मुमकिन’ करने की क्षमता रखते हैं

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली छवि और रिश्तों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मोदी वह नेता हैं जो नामुमकिन को भी मुमकिन बना सकते हैं। राजधानी में आयोजित प्रधानमंत्री के भाषणों पर आधारित दो पुस्तकों के विमोचन समारोह में उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मोदी के संबंधों का विशेष उल्लेख किया।

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राधाकृष्णन ने कहा कि अमेरिका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने के बावजूद, डोनाल्ड ट्रंप हमेशा प्रधानमंत्री मोदी को अपना ‘अच्छा दोस्त’ बताते रहे। ‘‘उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि वह मोदी के खिलाफ हैं, बल्कि हमेशा यही कहा कि मैं मोदी के साथ हूं।’’ उन्होंने आगे कहा कि पुतिन और शी जिनपिंग के साथ भी प्रधानमंत्री के रिश्ते बेहद प्रगाढ़ हैं। ‘‘अंतरराष्ट्रीय राजनीति में मतभेदों के बावजूद, यह रिश्ते भारत की कूटनीतिक सफलता को दर्शाते हैं।’’

कार्यक्रम में अपने पहले सार्वजनिक संबोधन में उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का दृष्टिकोण पूरी तरह जनता केंद्रित है। ‘‘वह जनता के लिए निष्ठा से काम करते हैं और बदले में कुछ नहीं चाहते। यही वजह है कि उनकी लोकप्रियता वैश्विक स्तर पर भी दिखाई देती है।’’

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इस अवसर पर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा जनता की भाषा में संवाद करते हैं और उसी के लिए बोलते हैं। वहीं, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पहले सरकारी योजनाएं केवल तत्काल राहत के लिए ‘बैंड-एड’ की तरह होती थीं, लेकिन मोदी ने योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का एक नया दृष्टिकोण दिया। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री राजनीति को जनसेवा का माध्यम मानते हैं और उनका हर निर्णय समाज के कल्याण को ध्यान में रखकर लिया जाता है।’’

इस मौके पर उपस्थित जनसमूह ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत की वैश्विक छवि और मजबूत होती कूटनीति पर उपराष्ट्रपति के विचारों की सराहना की।

मुख्य मंत्री के आदेश को नहीं मानते अधिकारी मंत्री के कॉल को भी नजरअंदाज, कर रहे अफसरों की कार्यशैली पर उठ रहा सवाल

रायबरेली में अफसरों की ‘फोन पर लापरवाही’ पर बरसे मंत्री राकेश सचान

लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी’ – फोन न उठाने पर मंत्री का सख्त संदेश

रायबरेली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) जिले में अफसरों द्वारा सीयूजी नंबर पर कॉल रिसीव न करने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अभी कुछ दिन पहले ही जिलाधिकारी (DM) द्वारा प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव का फोन न उठाने का मामला सुर्खियों में आया था। अब प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान के रियल्टी चेक में कई अधिकारी सवालों के घेरे में आ गए हैं।

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सोमवार को मंत्री राकेश सचान ने पत्रकारों के सामने ही अधिकारियों की कार्यशैली परखने का फैसला किया। उन्होंने सीधे CUG नंबर पर जिलाधिकारी स्तर से जुड़े अधिकारियों को कॉल किया। इस दौरान सबसे पहले उन्होंने जिला वन अधिकारी (DFO) और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अर्पित उपाध्याय को फोन लगाया। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि न तो DFO ने कॉल रिसीव किया और न ही CDO ने।

CDO अर्पित उपाध्याय के नंबर पर कॉल किसी अन्य व्यक्ति ने रिसीव किया, जिस पर मंत्री सचान ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यों और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों का सीयूजी नंबर 24 घंटे सक्रिय रहना चाहिए, लेकिन रायबरेली में कई अधिकारी फोन उठाने में लापरवाही बरतते हैं।

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मंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखने की बात कही। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि अफसर फोन नहीं उठाएंगे तो जनता की समस्याओं का समाधान कैसे होगा। मंत्री के तेवर देखकर जिला प्रशासन में खलबली मच गई है।

बताते चलें कि इससे पहले भी जिले में अधिकारियों द्वारा फोन न उठाने को लेकर जनता और नेताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। अब कैबिनेट मंत्री के रियल्टी चेक के बाद यह मुद्दा और गरमा गया है।

👉 अब प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा है कि क्या लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी या मामला पहले की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

नवरात्रि के तीसरे दिन करें मां चंद्रघंटा की पूजा, जानें मंत्र, विधि और महत्व

(राष्ट्र की परम्परा के लिए पंडित राजकुमार मणि की प्रस्तुति)

शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन मां दुर्गा के चंद्रघंटा स्वरूप की उपासना का विधान है। मां चंद्रघंटा को युद्ध और शौर्य की देवी माना जाता है। इनके मस्तक पर अर्धचंद्र के आकार की घंटा सुशोभित रहती है, इसी कारण इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। माता का यह स्वरूप भक्तों को अद्भुत शक्ति, साहस और विजय प्रदान करता है। मान्यता है कि मां चंद्रघंटा की उपासना से साधक के जीवन से सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं और जीवन में शांति, सुख और समृद्धि आती है।
मां चंद्रघंटा का स्वरूप
मां चंद्रघंटा के दस हाथ हैं और वे सिंह पर सवार रहती हैं। उनके हाथों में कमल, धनुष, तलवार, गदा, त्रिशूल और अन्य अस्त्र-शस्त्र रहते हैं। उनके गले में सफेद पुष्पमाला रहती है। इनके स्वरूप से वीरता, साहस और पराक्रम की झलक मिलती है। इस रूप की आराधना से साधक के भीतर से भय का नाश होता है और आत्मबल बढ़ता है।
पूजा की विधि
नवरात्रि के तीसरे दिन प्रातः स्नानादि कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
घर या मंदिर के पूजन स्थल को शुद्ध जल या गंगाजल से पवित्र करें।
मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र के समक्ष कलश स्थापित करें और दीपक प्रज्वलित करें।
मां चंद्रघंटा को सुगंधित पुष्प (विशेषकर लाल और पीले फूल) अर्पित करें।
धूप-दीप, चंदन, अक्षत, रोली और सिंदूर से विधिवत पूजा करें।
मां को दूध से बनी मिठाई, खीर अथवा सफेद मिष्ठान्न का भोग अर्पित करना उत्तम माना गया है।
पूजा के दौरान माता का ध्यान करते हुए उनका बीज मंत्र और ध्यान मंत्र का जाप करें।
मंत्र
मां चंद्रघंटा की उपासना के लिए निम्न मंत्र का जप करना विशेष रूप से फलदायी होता है –
बीज मंत्र:
“ॐ देवी चंद्रघंटायै नमः॥”
ध्यान मंत्र:
“पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकेर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघंटेति विश्रुता॥”

जप के समय साधक को पूरे मन से माता का ध्यान करते हुए कमलासन या कुशासन पर बैठकर मंत्र का उच्चारण करना चाहिए।
मां चंद्रघंटा की उपासना का महत्व
मां चंद्रघंटा की पूजा से भक्त को भय, शंका और नकारात्मकता से मुक्ति मिलती है। यह रूप शौर्य और पराक्रम का प्रतीक है। मां की कृपा से साधक को आत्मविश्वास, साहस और मानसिक शांति प्राप्त होती है। शत्रु भयभीत होते हैं और जीवन में विजय का मार्ग प्रशस्त होता है।
शास्त्रों के अनुसार, जो साधक भक्ति भाव से मां चंद्रघंटा की उपासना करता है, उसके जीवन में कभी दुर्भाग्य का वास नहीं होता। नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा और आध्यात्मिक साधना में सफलता प्राप्त होती है। इस दिन की उपासना से मन की चंचलता समाप्त होती है और स्थिरता आती है।

नवरात्रि का तीसरा दिन साधना और शौर्य की देवी मां चंद्रघंटा की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। विधिपूर्वक पूजा करने से जीवन में साहस, आत्मबल, विजय और सुख-समृद्धि का वास होता है। अतः भक्तजन इस दिन श्रद्धा, संयम और पूर्ण आस्था के साथ मां चंद्रघंटा की उपासना अवश्य करें।

23 सितंबर 2025 दिन मंगलवार का राशिफल

(राष्ट्र की परम्परा के लिए प्रस्तुति पंडित सत्य प्रकाश पाण्डेय द्वारा)
आज का दिन ग्रह-नक्षत्रों की दृष्टि से खास रहने वाला है। चंद्रमा दिन भर मिथुन राशि में गोचर कर रहा है, जबकि सूर्य कन्या राशि में स्थित है। मंगलवार का दिन मंगलदेव का दिन माना जाता है, अतः आज साहस, ऊर्जा और निर्णय क्षमता बढ़ाने का अवसर मिलेगा। कार्यक्षेत्र से लेकर परिवार और स्वास्थ्य तक कई राशियों के लिए यह दिन शुभ साबित होगा। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल—
मेष (Aries)
आज कार्यक्षेत्र में सकारात्मक समाचार मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। किसी बड़े निर्णय में भाई-बहन का सहयोग मिलेगा। यात्रा से लाभ संभव है।
उपाय: हनुमान जी को लाल चोला चढ़ाएं।
वृषभ (Taurus)
आज आत्मविश्वास से कार्य करेंगे। परिवार में सम्मान बढ़ेगा। जीवनसाथी के सहयोग से अधूरे कार्य पूरे होंगे। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल।
उपाय: दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
मिथुन (Gemini)
चंद्रमा आपके ही राशि में है, जिससे भाग्य का साथ मिलेगा। रुके कार्य पूरे होंगे। प्रेम संबंध मजबूत होंगे। सेहत का ध्यान रखें, ठंडी चीज़ों से बचें।
उपाय: विष्णु सहस्रनाम का जप करें।
कर्क (Cancer)
आज मानसिक शांति बनी रहेगी। पारिवारिक माहौल खुशनुमा होगा। कामकाज में थोड़ा उतार-चढ़ाव रहेगा। खर्चों पर नियंत्रण रखें।
उपाय: दुग्ध मिश्रित जल से शिवलिंग का अभिषेक करें।
सिंह (Leo)
आज कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में सफलता मिल सकती है। यात्रा के योग भी बन रहे हैं।
उपाय: सूर्य देव को जल अर्पित करें।
कन्या (Virgo)
आज अधिकारी वर्ग का सहयोग मिलेगा। धन लाभ के योग हैं। परिवार में प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। निर्णय सोच-समझकर लें।
उपाय: माता दुर्गा को लाल पुष्प अर्पित करें।
तुला (Libra)
आज विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिलेगी। भाग्य का साथ रहेगा। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
उपाय: तुलसी को जल अर्पित करें।
वृश्चिक (Scorpio)
आज दिन मिश्रित रहेगा। कार्यक्षेत्र में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। जल्दबाजी से बचें। रिश्तों में मधुरता बनाए रखें।
उपाय: मंगलवार को मसूर की दाल दान करें।
धनु (Sagittarius)
आज साझेदारी में लाभ होगा। दांपत्य जीवन मधुर रहेगा। सामाजिक कार्यों में नाम होगा। आर्थिक दृष्टि से दिन शुभ।
उपाय: पीपल के वृक्ष की परिक्रमा करें।
मकर (Capricorn)
आज स्वास्थ्य पर ध्यान दें। कार्यक्षेत्र में मेहनत अधिक करनी पड़ सकती है। परिवार में किसी बात को लेकर तनाव हो सकता है। धैर्य बनाए रखें।
उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
कुंभ (Aquarius)
आज रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। संतान पक्ष से सुख मिलेगा। प्रेम संबंध मजबूत होंगे।
उपाय: सरस्वती वंदना करें।
मीन (Pisces)
आज भूमि, भवन या वाहन संबंधी लाभ हो सकता है। पारिवारिक जिम्मेदारी बढ़ेगी। कामकाज में प्रगति होगी। माता-पिता का आशीर्वाद प्राप्त होगा।
उपाय: भगवान विष्णु को पीला वस्त्र अर्पित करें।
👉 आज का विशेष उपाय : मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करने से कार्यों में सफलता मिलेगी और भय दूर होंगे।

नवरात्रि के दूसरे दिन करें मां ब्रह्मचारिणी की करे पूजा, जानें मंत्र, विधि और महत्व

(राष्ट्र की परम्परा के लिए पंडित राजकुमार मणि की प्रस्तुति)

शारदीय नवरात्रि में प्रत्येक दिन माता दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की उपासना की जाती है। नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा का विधान है। शास्त्रों के अनुसार, ब्रह्मचारिणी माता तपस्या और संयम की प्रतीक हैं। इनकी उपासना से साधक को असीम धैर्य, तप और विजय की प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि मां ब्रह्मचारिणी की कृपा से कठिन से कठिन कार्य भी सरलता से सिद्ध हो जाते हैं और साधक के जीवन में सफलता के मार्ग खुलते हैं।
मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप
मां ब्रह्मचारिणी के दाहिने हाथ में जपमाला और बाएं हाथ में कमंडल होता है। उनका स्वरूप अत्यंत तेजस्वी और शांत है। यह रूप साधना और तपस्या का प्रतीक है। माता के इस रूप की पूजा से आत्मविश्वास और आत्मबल में वृद्धि होती है।
पूजा की विधि
नवरात्रि के दूसरे दिन सुबह स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें। घर के पूजा स्थल को स्वच्छ करें और माता दुर्गा के चित्र अथवा प्रतिमा को गंगाजल से पवित्र कर स्थापित करें। फिर कलश स्थापना कर दीपक जलाएं।
मां ब्रह्मचारिणी को सफेद या गुलाबी पुष्प अर्पित करना श्रेष्ठ माना गया है।
अक्षत, सिंदूर, चंदन और धूप-दीप से पूजन करें।
प्रसाद के रूप में मिश्री, गुड़ अथवा शक्करयुक्त पंचामृत अर्पित करना शुभ फलदायी होता है।
पूजा के समय मां ब्रह्मचारिणी का ध्यान करते हुए उनके बीज मंत्र और स्तुति का जप करें।
मंत्र
मां ब्रह्मचारिणी की उपासना के लिए निम्न मंत्र का जप विशेष फलदायी होता है–
“ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥”
इसके अतिरिक्त ध्यान मंत्र का पाठ भी करना चाहिए–
“दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥”

मंत्र जप के समय कमलासन या कुशासन पर बैठकर मन को एकाग्र करना चाहिए।
महत्व
मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से साधक में त्याग, तप और संयम की शक्ति विकसित होती है। यह रूप साधना और ब्रह्मचर्य का सर्वोच्च आदर्श माना जाता है। माना जाता है कि माता की कृपा से साधक को कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है और मनोवांछित फल प्राप्त होता है। छात्र, साधक और तपस्वी विशेष रूप से इस दिन मां ब्रह्मचारिणी की उपासना करके ज्ञान और सफलता की प्राप्ति कर सकते हैं।
नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का अत्यंत महत्व है। विधिवत पूजा करने से जीवन में धैर्य, आत्मविश्वास और सफलता के साथ-साथ मानसिक शांति भी प्राप्त होती है। मां ब्रह्मचारिणी की कृपा से साधक का जीवन तप, संयम और सिद्धि से परिपूर्ण हो जाता है। इसलिए भक्तजन इस दिन श्रद्धा और भक्ति से मां की आराधना अवश्य करें।

लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा ही मोहन सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि : सपा नेता

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता, विचारक और पूर्व सांसद रहे स्वर्गीय मोहन सिंह की 12वीं पुण्यतिथि पर जिला पंचायत सभागार में भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ। इस अवसर पर जिले भर से आए सैकड़ों समाजवादी कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। कार्यक्रम में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि वे केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक न्याय की मजबूत आवाज थे।

श्रद्धांजलि सभा में स्व. मोहन सिंह की बेटी और पूर्व राज्यसभा सदस्य कनकलता सिंह ने कहा कि आज पूर्वांचल के अनेक नेता और कार्यकर्ता उनके स्मृति दिवस पर यहां उपस्थित हुए हैं, यह इस बात का प्रमाण है कि उन्होंने राजनीति में अपने सिद्धांतों और संघर्ष के बल पर लोगों के दिलों में गहरी जगह बनाई। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने कभी पद और सत्ता के लिए समझौता नहीं किया बल्कि समाज और गरीबों की आवाज को संसद तक पहुंचाया।

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इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सुभाष श्रीवास्तव ने कहा कि आज जिस तरह से देश की संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा खतरे में है, उसे देखकर मोहन सिंह जी का संघर्ष और भी प्रासंगिक हो जाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा करना और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता बनाए रखना ही स्वर्गीय मोहन सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। श्रीवास्तव ने कहा, “मोहन सिंह जी ने जीवन भर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। आज जरूरत है कि हम उनके विचारों और संघर्ष को आत्मसात करें और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट हों।”

मोहन सिंह का राजनीतिक सफर

स्वर्गीय मोहन सिंह का जन्म जिले में हुआ और उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा से ही छात्र राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। वे समाजवादी विचारधारा से गहराई से प्रभावित थे। आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ सक्रिय रहते हुए उन्होंने जेल यातना भी सही, लेकिन अपने सिद्धांतों से पीछे नहीं हटे।

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मोहन सिंह तीन बार लोकसभा सदस्य रहे और राज्यसभा में भी उन्होंने समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधित्व किया। वे राममनोहर लोहिया और जनेश्वर मिश्र की विचारधारा को अपने जीवन में उतारने वाले नेताओं में गिने जाते थे। संसद में रहते हुए उन्होंने किसानों, मजदूरों और वंचित तबके की आवाज को बुलंद किया। सादगी और ईमानदारी उनकी पहचान रही। वे प्रदेश और देश की राजनीति में समाजवादी आंदोलन की धड़कन कहे जाते थे।

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मोहन सिंह न सिर्फ राजनीति में, बल्कि बौद्धिक विमर्श में भी अपनी गहरी छाप छोड़ गए। उनकी वाकपटुता और स्पष्टवादी छवि के कारण विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों में उनका सम्मान था। यही कारण है कि उनकी मृत्यु के बाद भी वे आज लोगों की स्मृतियों में जिंदा हैं।

लोकतंत्र की रक्षा का संदेश

पुण्यतिथि कार्यक्रम में शामिल नेताओं ने एक स्वर से कहा कि आज जब लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े हो रहे हैं, तब मोहन सिंह का संघर्ष और उनके विचार और भी जरूरी हो जाते हैं। कार्यक्रम का समापन उनके विचारों को आत्मसात करने और लोकतंत्र की रक्षा की शपथ के साथ हुआ।

स्वर्गीय मोहन सिंह का जीवन संघर्ष, सादगी और मूल्यों की राजनीति का प्रतीक था। शायद इसी कारण आज उनकी पुण्यतिथि पर यह संदेश गूंजा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

भोजपुर में बक्सर-पटना फोरलेन पर बड़ी शराब तस्करी पकड़ाई, 25 लाख रुपये की विदेशी शराब बरामद

भोजपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क), बिहार – जिले में मद्यनिषेध विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया के निर्देश पर बक्सर-पटना फोरलेन पर गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की गई, जिसमें भारी मात्रा में विदेशी शराब पकड़ी गई।

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मद्यनिषेध विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि हरियाणा से एक बारह चक्का ट्रक में अवैध शराब लाई जा रही है। कार्रवाई करते हुए सहायक आयुक्त मद्यनिषेध रजनीश ने बताया कि पकड़े गए ट्रक चालक देवा राम और उसके साथी जसराज, दोनों ही बाड़मेर, राजस्थान के निवासी हैं। दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के लिए अदालत में पेश किया जाएगा।

छापेमारी में कुल 2,160 लीटर अवैध शराब बरामद की गई। इसमें 375 एमएल की 129 बोतलें इंपीरियल ब्लू ग्रीन व्हिस्की और 750 एमएल की 2,232 बोतलें मेक डेविल नंबर-01 डीलक्स व्हिस्की शामिल हैं। बरामद की गई शराब की अनुमानित कीमत लगभग 25 लाख रुपये है।

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सहायक आयुक्त ने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई जिले में अवैध शराब तस्करी को रोकने में मददगार साबित होगी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें शराब की अवैध खेप की जानकारी हो तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें।

सुप्रिया सुले का आरक्षण बयान फिर सुर्खियों में, आर्थिक आधार पर आरक्षण की वकालत

महाराष्ट्र/नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)जाति जनगणना और आरक्षण पर जारी बहस पूरे भारत में गर्माई हुई है। इसी कड़ी में एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने आरक्षण को लेकर अपने विचार व्यक्त किए, जो तुरंत राजनीतिक और सार्वजनिक विवाद का विषय बन गए। सुले ने जोर देकर कहा कि आरक्षण केवल जाति या समुदाय के आधार पर नहीं, बल्कि वास्तविक आर्थिक रूप से ज़रूरतमंद लोगों को दिया जाना चाहिए।

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सुले के इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने उनकी आलोचना की, लेकिन विवाद बढ़ता देख उन्होंने अपने बयान को स्पष्ट करने की कोशिश की। एक निजी मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “मैं बहुत स्पष्ट हूं कि हमें सभी को बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा लिखे संविधान का पालन करना चाहिए। हमारा देश संविधान पर चले।” उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि आरक्षण प्रणाली में सुधार कर इसे वास्तविक ज़रूरतमंदों तक सीमित किया जाए।

सुले ने अपने बयान में यह भी कहा कि उनका परिवार आरक्षण के लाभ का हकदार नहीं है। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता शिक्षित थे और उनके बच्चे अच्छे स्कूलों में पढ़ते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “अगर मैं सिर्फ इसलिए आरक्षण की हक़दार हूँ क्योंकि मैं एक जाति से हूँ, तो मुझे शर्म आनी चाहिए। एक दूरदराज के गाँव में सीमित संसाधनों वाले लेकिन असाधारण प्रतिभा वाले बच्चे को मुंबई के शीर्ष स्कूलों में पढ़ने वाले मेरे बच्चे से कहीं ज़्यादा आरक्षण की ज़रूरत है।”

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सुले ने इस दौरान आरक्षण प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया और कहा कि इसमें जातिगत पहचान की बजाय आर्थिक कमज़ोरी पर ध्यान केंद्रित होना चाहिए, ताकि योग्य बच्चों और परिवारों को समान अवसर मिल सकें।

यह टिप्पणी महाराष्ट्र में मराठों के आरक्षण आंदोलन के ठीक बाद आई है। कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने मराठों के लिए नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया था। महाराष्ट्र सरकार द्वारा उनकी अधिकांश मांगें स्वीकार करने और कुनबी जाति प्रमाण पत्र प्रदान करने के बाद, उन्होंने अपने आंदोलन को इस महीने की शुरुआत में वापस ले लिया था। अब मराठ समुदाय के पात्र लोगों को ओबीसी आरक्षण के लाभ प्राप्त होंगे।

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सुले ने साथ ही पार्टी के ओबीसी सेल के प्रदेश अध्यक्ष राज राजापुरकर के लिए सरकार से सुरक्षा की मांग भी की है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सुले का यह बयान आरक्षण प्रणाली में जातिगत आधार की बजाय आर्थिक आधार पर चर्चा को आगे बढ़ा सकता है। वहीं, विपक्षी दल इसे संवैधानिक मूल्यों पर सवाल उठाने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं।

आरक्षण और जाति जनगणना का यह विवाद आगामी दिनों में राजनीतिक और सामाजिक बहस को और तेज कर सकता है।

शारदीय नवरात्रि के दृष्टिगत डीएम ने लेहड़ा देवी मंदिर का किया निरीक्षण

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा द्वारा शारदीय नवरात्रि के दृष्टिगत जनपद के प्रसिद्ध शक्ति पीठ लेहड़ा देवी मंदिर का स्थलीय निरीक्षण किया गया।
जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर में साफ- सफाई,पेयजल, शौचालय, विद्युत प्रकाश व्यवस्था तथा चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु पर्याप्त बैरिकेडिंग, पंडाल एवं विश्राम स्थलों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन के लिए पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती, सीसीटीवी कैमरे व कंट्रोल रूम की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु पार्किंग व्यवस्था को भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को मंदिर परिसर में प्राथमिक उपचार हेतु स्वास्थ्य शिविर की व्यवस्था का निर्देश दिया।
इससे पूर्व उन्होंने लेहड़ा देवी का दर्शन कर पूजन अर्चन किया और सभी के कल्याण की कामना की। अंत में उन्होंने अपील की कि श्रद्धालु प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें ताकि वे सुविधापूर्वक दर्शन कर सकें और शारदीय नवरात्रि का पर्व सुरक्षित एवं सफलता पूर्वक सम्पन्न हो सके।
इस दौरान तहसील प्रशासन और पुलिस विभाग के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें।

नवरात्र पर महराजगंज पुलिस अलर्ट, एसपी ने लिया लेहड़ा व सोनाड़ी देवी मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। शारदीय नवरात्र की शुरुआत के साथ ही जिले में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा ने सोमवार को बृजमनगंज थाना अंतर्गत लेहड़ा देवी मंदिर तथा चौक थाना क्षेत्र के सोनाड़ी देवी मंदिर में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का निरीक्षण किया।
उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस व यातायात बल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए चाक-चौबंद व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान अफवाह फैलाने वालों, असामाजिक तत्वों और सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस हर संवेदनशील स्थान पर लगातार भ्रमणशील रहेगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई होगी।
त्योहारों को शांतिपूर्ण माहौल में मनाने के लिए पुलिस द्वारा सभी थानाक्षेत्रों में धर्मगुरुओं, ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकें की गई हैं। सभी समुदायों ने साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने का आश्वासन दिया है।
पुलिस अधीक्षक ने श्रद्धालुओं और नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को उपलब्ध कराएं।