Monday, July 13, 2026
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हिंदी दिवस पर “अनुगूँज–हिंदी की” प्रतियोगिता संपन्न

टीचर्स ऑफ बिहार की ओर से प्रदान किया गया डिजिटल प्रशस्ति पत्र/सहभागिता प्रमाण पत्र

पटना(राष्ट्र की परम्परा)
हिंदी दिवस के अवसर पर टीचर्स ऑफ बिहार द्वारा आयोजित ‘अनुगूँज हिंदी की विशेष प्रतियोगिता’ सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह प्रतियोगिता दो विधाओं – पत्र लेखन एवं स्वरचित काव्य लेखन – में आयोजित की गई, जिसमें राज्य भर से शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

प्रतियोगिता के लिए पत्र लेखन का विषय था – “हिंदी के महत्व को समझाते हुए माता का पुत्र/पुत्री के नाम पत्र” तथा काव्य लेखन का विषय था – “हिंदी: हमारी अस्मिता की पहचान”। प्रविष्टियों का मूल्यांकन निर्णायक मंडल एवं पाठकों की पसंद (लाइक्स) – दोनों आधारों पर किया गया।

काव्य लेखन प्रतियोगिता परिणाम

शिक्षक श्रेणी (लाइक्स के आधार पर) में प्रथम स्थान शशि भूषण (उ.मा.वि. बरियारपुर कंध, मुजफ्फरपुर), द्वितीय स्थान रागिनी कुमारी (उ.उ.वि. जमीन मठिया, मीनापुर, मुजफ्फरपुर) तथा तृतीय स्थान एकता कुमारी (मध्य विद्यालय नगरनौसा, नालंदा) को प्राप्त हुआ।

निर्णायकों की पसंद पर शिक्षक श्रेणी में असीम कलीम (उ.मा.वि. चोरमा, पूर्वी चंपारण) को प्रथम, पंकज कुमार (उ.उ.वि. मरवापाकर, मुजफ्फरपुर) को द्वितीय तथा लाल बच्चन पासवान (उ.मा.वि. मधुबनी, मीनापुर, मुजफ्फरपुर) को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

विद्यार्थी श्रेणी में निर्णायकों ने मयंक कृष्ण (उ.उ.वि. दरगाहीगंज, अररिया) को प्रथम, पियूष कुमार (उ.मा.वि. बरियारपुर कंध, मुजफ्फरपुर) को द्वितीय तथा निगम कुमारी (उ.उ.वि. दरगाहीगंज, अररिया) को तृतीय स्थान पर चुना।

पत्र लेखन प्रतियोगिता परिणाम

शिक्षक श्रेणी (निर्णायकों की पसंद पर) में रुचिका (प्रा. विद्यालय कुरमौली, सीवान), दीप शिखा (मध्य विद्यालय जगतपुर, सुपौल) और श्री कृष्णा सिंह (+2 उच्च विद्यालय रामगढ़, कैमूर) क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रहे।
लाइक्स के आधार पर शिक्षक श्रेणी में दीपक कुमार (उ.मा.वि. दुधैल, समस्तीपुर) ने प्रथम, घनश्याम कुमार (प्रा. विद्यालय झंडापुर, भागलपुर) ने द्वितीय तथा कुमारी कांती (राजकीय मध्य विद्यालय, बोचहां, मुजफ्फरपुर) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

विद्यार्थी श्रेणी में कशिश कुमारी और सोनम कुमारी (दोनों राजकीयकृत उच्च विद्यालय, कुढ़नी, मुजफ्फरपुर) ने क्रमशः प्रथम एवं द्वितीय तथा लक्ष्मी कुमारी (उ.मा.वि. सियटानर, झाझा, जमुई) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में राम किशोर पाठक, डॉ. स्नेहलता द्विवेदी, डॉ. स्वराक्षी स्वरा, अमितेश कुमार, प्रियंका प्रिया, डॉ. विनोद उपाध्याय, सुबोध कुमार द्विवेदी एवं आस्था दीपाली शामिल थे।

टीचर्स ऑफ बिहार के फाउंडर शिव कुमार एवं टेक्निकल टीम लीडर ई. शिवेंद्र प्रकाश सुमन ने संयुक्त रूप से कहा कि “इस प्रतियोगिता ने शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों को हिंदी भाषा के प्रति रचनात्मक सोच और अभिव्यक्ति का अवसर प्रदान किया है।”
इवेंट लीडर केशव कुमार एवं अनुपमा प्रियदर्शिनी ने बताया कि “प्रतियोगिता को लेकर प्रतिभागियों का उत्साह उल्लेखनीय रहा। राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या मे प्रदेश प्रवक्ता रंजेश कुमार एवं प्रदेश मीडिया संयोजक मृत्युंजय कुमार ने संयुक्त रूप से कहा कि “टीचर्स ऑफ बिहार सदैव शिक्षा और भाषा के क्षेत्र में सकारात्मक पहल करता रहा है। इस आयोजन ने हिंदी दिवस को और अधिक सार्थक बना दिया।”

प्रमाणपत्र उपलब्ध
सभी विजेताओं एवं प्रतिभागियों को डिजिटल प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया गया है। इन्हें टीचर्स ऑफ बिहार की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है।

निष्कर्ष
कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को हिंदी भाषा के महत्व और गौरव को अभिव्यक्त करने का अनूठा अवसर प्रदान किया। निर्णायकों और पाठकों की पसंद से चयनित प्रविष्टियों ने यह स्पष्ट किया कि हिंदी हमारी अस्मिता की पहचान होने के साथ-साथ सांस्कृतिक धरोहर की धड़कन भी है।

“वन नेशन, वन इलेक्शन से लोकतंत्र होगा मजबूत – डाॅ.अरविन्द पाण्डेय

बार-बार चुनाव से जनता और शासन दोनों पर पड़ता है बोझ – नीरज शाही

एकसाथ चुनाव से शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास कार्यों को मिलेगा बल – शिवम निषाद

1967 में सफल प्रयोग, अब फिर से लागू होने की उठी जोरदार मांग

रुद्रपुर(राष्ट्र की परम्परा)
पंडित श्रीकृष्ण उपाध्याय महिला महाविद्यालय में मंगलवार को “वन नेशन, वन इलेक्शन” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, पूर्व राज्य मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता नीरज शाही ने कहा कि यह व्यवस्था देश की संसदीय प्रणाली को सशक्त, सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बार-बार होने वाले चुनावों से जनता थकान महसूस करती है, जबकि एकसाथ चुनाव से शासन निर्विघ्न चलेगा और खर्च नियंत्रित रहेगा।
मुख्य वक्ता बाबा राघवदास भगवानदास स्नातकोत्तर महाविद्यालय बरहज के राजनीति विज्ञान विभाग के आचार्य डॉ. अरविन्द पाण्डेय ने कहा कि अलग-अलग समय पर होने वाले चुनावों में करोड़ों रुपये खर्च होते हैं। यदि एकसाथ चुनाव कराए जाएं तो यह खर्च आधा से भी कम रह जाएगा और बचाए गए संसाधन शिक्षा, स्वास्थ्य व विकास कार्यों पर लगाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार आचार संहिता लागू होने से योजनाओं की गति थमती रहती है, जबकि “वन नेशन, वन इलेक्शन” लागू होने पर विकास कार्य निरंतर गति पकड़ेंगे।
महाविद्यालय के प्रबंधक व कार्यक्रम अध्यक्ष मदन उपाध्याय ने कहा कि एक साथ चुनाव से सुरक्षा बलों को बार-बार चुनावी ड्यूटी से नहीं गुजरना पड़ेगा और राजनीतिक दल लंबे समय तक शासन व विकास पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे। कार्यक्रम के जिला संयोजक शिवम निषाद ने बताया कि 1967 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एकसाथ हुए थे और यह व्यवस्था सहज व सफल रही थी। उन्होंने कहा कि एकसाथ चुनाव से चुनाव खर्च में लगभग 40% तक की कमी आएगी।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन से हुई। इस अवसर पर शारदानन्द राय, निखिल गुप्ता, नन्हे पटेल, सत्यम पांडेय समेत अनेक लोग मौजूद रहे।

अयोध्या में धन्नीपुर मस्जिद योजना खारिज, एडीए ने एनओसी न मिलने का दिया हवाला

अयोध्या (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) ने धन्नीपुर गाँव में मस्जिद के निर्माण की योजना को खारिज कर दिया है। एडीए का कहना है कि कई सरकारी विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं मिलने के कारण योजना आगे नहीं बढ़ाई जा सकती।

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यह जमीन सुप्रीम कोर्ट के 2019 के फैसले के अनुसार सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को दी गई थी। 3 अगस्त, 2020 को यह ज़मीन वक्फ बोर्ड को आधिकारिक रूप से सौंप दी गई थी।

एडीए ने 16 सितंबर को एक पत्र के माध्यम से जानकारी दी कि मस्जिद ट्रस्ट का 23 जून, 2021 को किया गया आवेदन लोक निर्माण विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नागरिक उड्डयन, सिंचाई, राजस्व, नगर निगम और अग्निशमन सेवाओं से मंज़ूरी न मिलने के कारण खारिज किया गया।

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मस्जिद ट्रस्ट के सचिव अतहर हुसैन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद के लिए ज़मीन आवंटित की थी और राज्य सरकार ने भी भूखंड दिया था। लेकिन सरकारी विभागों ने एनओसी जारी नहीं किए, इसके लिए वे कुछ नहीं कह सकते।

हुसैन ने बताया कि हाल ही में अग्निशमन विभाग ने स्थल निरीक्षण के दौरान पहुंच मार्ग को लेकर चिंता जताई। प्रस्तावित मस्जिद और अस्पताल भवन के लिए सुरक्षा मानदंड के अनुसार सड़क कम से कम 12 मीटर चौड़ी होनी चाहिए, जबकि वर्तमान में सड़क केवल छह मीटर चौड़ी है और मस्जिद के मुख्य प्रवेश द्वार पर चार मीटर तक संकरी हो जाती है। उन्होंने कहा कि अग्निशमन विभाग की आपत्ति के अलावा अन्य विभागों की चिंताओं की जानकारी उन्हें नहीं है।

सुगंध क्रांति नीति 2026-2036’, शिक्षा, आवास और समाज कल्याण योजनाओं को भी मिली हरी झंडी

देहरादून (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने मंगलवार को राज्य की ‘उत्तराखंड सुगंध क्रांति नीति 2026-2036’ को मंज़ूरी दे दी। नीति के पहले चरण में 91,000 लाभार्थियों के माध्यम से 22,750 हेक्टेयर भूमि को सुगंधित फसलों के अंतर्गत लाया जाएगा। किसानों को एक हेक्टेयर की खेती की लागत पर 80 प्रतिशत तक और एक हेक्टेयर से अधिक की लागत पर 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाएगी, जिससे राज्य में सुगंधित कृषि उत्पादों के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

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सुगंध क्रांति नीति के अलावा, मंत्रिमंडल ने शिक्षा, आवास और कारागार से जुड़े विभिन्न व्यय को भी मंज़ूरी दी। स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में, पीएम ई-विद्या कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) द्वारा प्रसारित पाँच निःशुल्क शैक्षिक टीवी चैनलों के लिए एक सुसज्जित स्टूडियो स्थापित किया जाएगा।

आवास विभाग के लिए, प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के अंतर्गत घरों को विनिर्देशों के अनुसार संशोधित करने हेतु 2,785 लाख रुपये (27 करोड़ 85 लाख 7 हजार रुपये) का अतिरिक्त अनुमानित व्यय स्वीकृत किया गया है। उधम सिंह नगर जिले की रुद्रपुर तहसील के बागवाला गाँव में निम्न आय वर्ग के लिए 1,872 किफायती घरों का निर्माण जिला विकास प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है।

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शिक्षा क्षेत्र में सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में राजकीय प्राथमिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली में संशोधन किया गया है। अब विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक (विशेष शिक्षा) की नियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा, सहायक अध्यापक (प्राथमिक) के पद पर नियुक्ति हेतु, सितंबर 2017 से 31 मार्च 2019 के मध्य एनआईओएस द्वारा संचालित मुक्त दूरस्थ शिक्षा (ओडीएल) के माध्यम से डी.एल.एड. प्रशिक्षण को मान्यता दी गई है।

समाज कल्याण विभाग द्वारा भी विभिन्न विवाह अनुदान योजनाएँ चलाई जा रही हैं, जिनमें अनुसूचित जाति/जनजाति की पुत्रियों, निराश्रित विधवाओं की पुत्रियों, परित्यक्त या मानसिक रूप से विकलांग व्यक्तियों की पुत्रियों, अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन और दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह हेतु सहायता शामिल है।

मंत्रिमंडल की यह पहल राज्य में कृषि, शिक्षा, आवास और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में समग्र विकास को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

खजुराहो में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव का स्वागत, कार्यकर्ताओं में दोगुना हुआ जोश

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खजुराहो (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। समाजवादी पार्टी (सपा) के आज़मगढ़ सांसद धर्मेंद्र यादव मंगलवार को मध्य प्रदेश के खजुराहो पहुंचे, जहां पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। जैसे ही धर्मेंद्र यादव का काफिला खजुराहो पहुंचा, कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। सपा के झंडे, बैनर और नारेबाज़ी से माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंग गया।

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धर्मेंद्र यादव का स्वागत फूल-मालाओं से किया गया और जगह-जगह पर कार्यकर्ताओं ने स्वागत द्वार बनाकर पार्टी नेता का अभिनंदन किया। इस दौरान सपा नेताओं ने कहा कि धर्मेंद्र यादव का आगमन कार्यकर्ताओं के लिए ऊर्जा का संचार है और इससे संगठन को नई दिशा और मजबूती मिलेगी।

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सांसद धर्मेंद्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि समाजवादी पार्टी जनहित और सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और जनता के मुद्दों को मुखरता से उठाने का आह्वान किया।

खजुराहो में हुए इस स्वागत समारोह में बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता, स्थानीय पदाधिकारी और समर्थक शामिल हुए। इस पूरे आयोजन ने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और जोश भरने का काम किया।

महाविद्यालय को आनलाइन कोर्स संचालन की मिली अनुमति

बीसीए एमसीए बीबीए एमबीए जैसे कोर्स की मान्यता

भाटपार रानी/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) यूजीसी के द्वि डिग्री कार्यक्रम अर्थात डूयल डिग्री प्रोग्राम के अंतर्गत महाविद्यालय में ऑनलाइन कोर्स के संचालन की अनुमति कस्बे के मदन मोहन मालवीय पीजी कॉलेज को प्राप्त हो गई है। यह जानकारी संस्थान के प्रबंधक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता राघवेंद्र वीर विक्रम सिंह व प्राचार्य प्रोफेसर सतीश चंद्र गौड़ ने संयुक्त प्रेस वार्ता में मीडिया को साझा की। अधिकारी द्वय ने बताया है कि महाविद्यालय को दो विश्वविद्यालयों गुरु काशी विश्वविद्यालय पंजाब तथा दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर के ऑनलाइन कोर्सेज को चलाने की अनुमति मिली है। यह क्षेत्र के युवाओं के लिए यह एक स्वर्णिम अवसर है। ऐसे छात्र-छात्राएं जो आर्थिक कारणों से बाहर जाकर बीसीए एमसीए बीबीए एमबीए जैसे कोर्स नहीं कर पाते थे उन्हें घर बैठे बीस से अधिक कोर्सेज को करने की सुविधा मिलेगी। इसके अतिरिक्त इन डिग्रियों को वर्क लिंक्ड कार्यक्रम के अंतर्गत भी प्राप्त किया जा सकेगा जिसमें छात्र को कोर्स के समय काम अर्थात अप्रेंटिस करने का भी अवसर प्रदान किया जाएगा ,जिससे छात्र पढ़ाई के साथ कमाई और अनुभव भी प्राप्त कर सकेंगे। विशेष रूप से ऐसे छात्र-छात्राएं जो किसी अन्य कोर्स में रेगुलर प्रवेश लिए हैं वे लोग उस कोर्स के साथ-साथ इन कोर्सेज को भी कर सकते हैं जो यूजीसी द्वारा मान्य है तथा उनका समय भी बचेगा। इच्छुक छात्र-छात्राएं किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए प्रत्येक कार्य दिवस को महाविद्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

देवरिया पुलिस का सख्त अभियान: नो हेलमेट-नो फ्यूल व सड़क सुरक्षा के उल्लंघन पर कार्रवाई

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)यातायात पुलिस देवरिया ने आज दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देशन में यातायात प्रभारी श्री गुलाब सिंह एवं उनकी टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों में ई-रिक्शा और ऑटो वाहनों की सघन जांच की।अभियान के दौरान ई-रिक्शा वाहनों पर दाहिने तरफ रस्सी बंधवाकर वाहन स्वामी का नाम, पता, थाना क्षेत्र और मोबाइल नंबर दर्ज किया गया। न्यू कॉलोनी नो पार्किंग एरिया, कसया ओवरब्रिज, मालवीय रोड और बस स्टैंड पर सड़क पर गाड़ी खड़ा कर सवारी भरने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।

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इसी क्रम में नो हेलमेट-नो फ्यूल अभियान के तहत शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर चेकिंग की गई। यातायात पुलिस ने आम जनता को जागरूक किया और पेट्रोल पंप संचालकों को भी नियमों का पालन सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया।अभियान के परिणामस्वरूप कुल 72 वाहनों का ई-चालान किया गया और 5 वाहनों को सीज किया गया।यातायात पुलिस ने बताया कि इस प्रकार की कार्रवाई से न केवल यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित होता है, बल्कि दुर्घटनाओं की रोकथाम में भी मदद मिलती है और वाहन चालकों को यह संदेश जाता है कि नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मिलावटी कुट्टू के आटे से मचा हड़कंप, नवरात्रि व्रतधारियों की सेहत पर संकट

भाजपा पर आप नेता भारद्वाज का तंज

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) राजधानी दिल्ली में नवरात्रि व्रत के दौरान कुट्टू का आटा खाने से सैकड़ों लोगों के बीमार पड़ने की घटना ने हड़कंप मचा दिया है। आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सौरभ भारद्वाज ने इस पर चिंता जताते हुए सरकार पर लापरवाही के आरोप लगाए और कहा कि पवित्र अवसर पर खाए जाने वाले शुद्ध भोजन में भी मिलावट होना बेहद गंभीर है।

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मंगलवार सुबह से जहाँगीरपुरी, महेंद्र पार्क, समयपुर, भलस्वा डेयरी, लाल बाग और स्वरूप नगर जैसे इलाकों में 150-200 लोगों ने कुट्टू का आटा खाने के बाद उल्टी और बेचैनी की शिकायत की। सूचना मिलते ही लोगों को बाबू जगजीवन राम अस्पताल और बुराड़ी अस्पताल ले जाया गया।

बीजेआरएम अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विशेष यादव ने बताया कि सभी रोगी उल्टी की शिकायत लेकर आए थे, लेकिन किसी को भर्ती करने की आवश्यकता नहीं पड़ी और कोई भी मामला गंभीर नहीं पाया गया।

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दिल्ली पुलिस के अनुसार, घटना की जानकारी खाद्य विभाग को भी दे दी गई है। बीट स्टाफ और सार्वजनिक संबोधन प्रणालियों के ज़रिए स्थानीय दुकानदारों और निवासियों को सतर्क किया जा रहा है।

सौरभ भारद्वाज ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “ज़रा सोचिए, नवरात्रि में व्रत रखने वालों के शुद्ध माने जाने वाले खाने में भी मिलावट हो रही है और चार इंजन वाली सरकार डांडिया खेलने में मस्त है।”

नवरात्रि के पावन अवसर पर जब लाखों लोग व्रत रखकर कुट्टू के आटे जैसे विशेष खाद्य पदार्थ ग्रहण करते हैं, उस दौरान मिलावट का यह मामला न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है, बल्कि प्रशासनिक निगरानी की भी पोल खोलता है।


गोजऐ ने किया एक विमर्श विषयक गोष्ठी का आयोजन

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन (गोजए) के तत्वावधान में “मोदी शासन के 11 वर्ष – एक विमर्श” विषयक विचार गोष्ठी का आयोजन होटल विवेक में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, मुख्य अतिथि दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन, पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने अपने विचार रखे।

श्रीराम पब्लिक स्कूल के बच्चों ने दिया मोबाइल अवेयरनेस का अनोखा संदेश

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)।
सलेमपुर क्षेत्र के ग्राम गौरी ठाकुर स्थित श्रीराम पब्लिक स्कूल में सोमवार को बच्चों द्वारा मोबाइल अवेयरनेस रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में छात्र-छात्राओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर समाज को यह संदेश दिया कि मोबाइल से दूरी बनाएँ और बच्चों को समय व प्यार दें।

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विद्यालय के निदेशक विकास गुप्ता व प्रधानाचार्य संध्या गुप्ता ने कहा कि आज के परिवेश में बच्चों को मोबाइल से दूर रखना अत्यंत आवश्यक है। यदि अभिभावक इस दिशा में ध्यान नहीं देते हैं तो बच्चों की शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तथा आंखों से जुड़ी बीमारियां भी बढ़ रही हैं।

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विद्यालय के अध्यापक लक्ष्मी कांत दुबे और आरिफ अंसारी ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को मोबाइल पर समय व्यतीत न करने दें। परिवार का साथ, संवाद और स्नेह ही बच्चों की सबसे बड़ी जरूरत है।

इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक, प्रधानाचार्य एवं सभी शिक्षक-शिक्षिकाएँ मौजूद रहे। विद्यालय प्रबंधन ने भी अभिभावकों से आग्रह किया कि वे मोबाइल की लत से बचें और अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहयोग दें।

आजम खान जेल से रिहा, सपा नेताओं ने कोर्ट के फैसले का किया स्वागत

सीतापुर/लखनऊ(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की सीतापुर जेल से रिहाई मंगलवार को आखिरकार हो गई। उनकी रिहाई लंबित अदालती कार्यवाही के कारण तड़के टल गई थी, लेकिन बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।

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आजम खान की रिहाई के कुछ ही मिनट बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “समाजवादियों को विश्वास है कि अदालत न्याय करेगी। हम न्यायालय का आभार व्यक्त करते हैं। हमें उम्मीद है कि आने वाले समय में भाजपा द्वारा कोई झूठा मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा और किसी के साथ अन्याय नहीं होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि एक अधिकारी को लगातार सेवा विस्तार दिया जा रहा था, लेकिन आज समाजवादियों के लिए खुशी की बात है कि आजम खान रिहा हो गए हैं।

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वहीं सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि आजम खान को गलत मामलों में फंसाया गया था। उन्होंने कहा, “सरकार ने उन पर सैकड़ों केस लगाए, लेकिन कोर्ट ने उन्हें राहत दी। इसके लिए हम न्यायालय का स्वागत करते हैं। समाजवादी पार्टी उनकी पूरी मदद कर रही है।”

आजम खान की रिहाई को लेकर सीतापुर जेल के बाहर सुबह से ही समर्थकों की भीड़ जुटी रही। उनके बड़े बेटे अदीब खान ने कहा, “आजम खान आज के नायक हैं। हम सब उनका स्वागत करने आए हैं। बाकी बातें वे खुद जेल से बाहर आने के बाद कहेंगे।”

रामपुर की सियासत में आजम खान का दबदबा हमेशा से रहा है। वह इतने प्रभावशाली रहे हैं कि इलाके के उम्मीदवारों का ऐलान तक रामपुर स्थित उनके कार्यालय से होता था। अक्टूबर 2023 में जेल जाने के बाद उनके विरोधियों ने सियासी और आर्थिक रूप से अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की, लेकिन आजम के कद को कम नहीं कर पाए।

प्रशासन ने रिहाई को लेकर सतर्कता बरती और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सीतापुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई। इसके बावजूद समर्थक वाहनों के साथ जेल के पास पहुंचने में सफल रहे।

करीब दो साल की कैद के बाद आजम खान की जमानत पर हुई रिहाई ने सपा खेमे में नई ऊर्जा भर दी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आजम खान जेल से बाहर आने के बाद क्या रुख अपनाते हैं और प्रदेश की राजनीति में उनकी क्या नई भूमिका सामने आती है।

हैदराबाद में मूसलाधार बारिश से शहर जलमग्न, यातायात ठप

हैदराबाद (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) सोमवार देर रात हुई अचानक भारी बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी। तेज़ बारिश से कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई, जिससे लोग घंटों तक फंसे रहे। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शेखपेट, वनस्थलीपुरम, कृष्णानगर, टोलीचौकी, अमीरपेट और सोमाजीगुडा का ग्रीनलैंड्स इलाका शामिल रहा, जहाँ पानी घुटनों तक भर गया।

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बारिश के चलते कई वाहन, खासकर दोपहिया और ऑटो, पानी में बह गए। आईकिया जंक्शन, माइंडस्पेस टू केबल ब्रिज, शेखपेट फ्लाईओवर और पीजेआर फ्लाईओवर जैसे प्रमुख मार्गों पर ट्रैफ़िक बुरी तरह जाम हो गया। आईटी कॉरिडोर की मुख्य सड़कें नालों में तब्दील हो गईं, जिससे व्यस्त समय में यात्रियों को एक घंटे से अधिक की देरी का सामना करना पड़ा।

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राजभवन रोड, खैरताबाद और पीवीएनआर एक्सप्रेसवे भी जलमग्न हो गए। कई मेट्रो स्टेशनों के बाहर पानी भरने से लोग स्टेशन की छतों के नीचे शरण लेने पर मजबूर हुए। वहीं, तावलीचौकी और हकीमपेट जैसे इलाकों में ट्रांसफार्मरों में पानी घुस जाने से बिजली गुल हो गई।

पटनी नाला के पास डीवी कॉलोनी के निवासियों ने एक बार फिर जलभराव की शिकायत की और कहा कि हाल ही में किए गए जल निकासी के उपाय नाकाम साबित हुए। बिजली कटौती ने पंपिंग कार्य को भी बाधित कर दिया।

गौरतलब है कि ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) ने हाल ही में वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण किया था, जिनकी क्षमता 2 से 10 लाख लीटर तक और लागत 50 लाख से 1 करोड़ रुपये प्रति संरचना बताई गई थी। लेकिन बीते 24 घंटों की बारिश में ये संरचनाएँ भी जलमग्न हो गईं और शहर को राहत नहीं दिला सकीं।

उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में कुट्टू का आटा खाने से हड़कंप, 200 लोग अस्पताल पहुँचे

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के कई इलाकों में मंगलवार सुबह अचानक अफरा-तफरी मच गई, जब लगभग 150 से 200 लोगों ने कुट्टू का आटा खाने के बाद बेचैनी और उल्टी की शिकायत की। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) (उत्तर-पश्चिम) भीष्म सिंह ने बताया कि बीजेआरएम अस्पताल, जहांगीरपुरी में सुबह छह बजे से ही मरीज पहुँचने लगे। इनमें ज्यादातर लोग जहांगीरपुरी, महेंद्र पार्क, समयपुर, भलस्वा डेयरी, लाल बाग और स्वरूप नगर क्षेत्रों से थे।

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अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. विशेष यादव ने कहा कि सभी मरीज स्थिर हैं और किसी को भर्ती करने की आवश्यकता नहीं पड़ी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी मामला गंभीर नहीं है। प्रशासन ने यह जानकारी घबराहट से बचने के लिए साझा की है।

पुलिस के अनुसार, सुबह करीब 6:10 बजे सबसे पहले जहांगीरपुरी से शिकायतें आने लगीं। इसके बाद तुरंत बीट कर्मचारियों को मोहल्लों में लाउडस्पीकर से घोषणाएँ करने के लिए भेजा गया, ताकि दुकानदारों, विक्रेताओं और स्थानीय निवासियों को सतर्क किया जा सके। दुकानदारों को आटे की गुणवत्ता को लेकर आगाह किया जा रहा है।

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मामले की जानकारी खाद्य विभाग को भी दी गई है। अधिकारी फिलहाल खाद्य सुरक्षा टीमों से रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आटा दूषित या मिलावटी था या नहीं।कुट्टू का आटा नवरात्रि के व्रत के दौरान बड़ी संख्या में खाया जाता है। ऐसे में इस घटना ने स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ा दी है।

राहुल गांधी का बड़ा आरोप : बेरोज़गारी “वोट चोरी” का परिणाम, जल्द पेश करेंगे “हाइड्रोजन बम” सबूत

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए मंगलवार को दावा किया कि देश में युवाओं की बेरोजगारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा की गई “वोट चोरी” का सीधा नतीजा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोगों के हितों की अनदेखी कर रही है और लोकतांत्रिक संस्थानों पर कब्ज़ा करके सत्ता में बनी हुई है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट किया—
“भारत में युवाओं की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है और यह सीधे तौर पर वोट चोरी से जुड़ी है। जब कोई भी सरकार जनता का विश्वास जीतकर सत्ता में आती है, तो उसका पहला कर्तव्य युवाओं को रोजगार और अवसर उपलब्ध कराना होता है। लेकिन भाजपा ईमानदारी से चुनाव नहीं जीतती। वे वोट चुराकर और संस्थानों को बंदी बनाकर सत्ता में बने रहते हैं।”

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कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि भाजपा के संस्थानों पर कब्ज़े के कारण नौकरियों में भारी गिरावट आई है, भर्ती प्रक्रियाएँ चरमराई हुई हैं और युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे केवल प्रचार, मशहूर हस्तियों से प्रशंसा बटोरने और अरबपतियों के मुनाफ़े पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

राहुल गांधी ने लिखा कि देश का युवा कड़ी मेहनत करता है, सपने देखता है और संघर्ष करता है, लेकिन उसकी उम्मीदों को तोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब बदलाव आना तय है क्योंकि युवा न तो नौकरियों की लूट और न ही वोटों की चोरी को बर्दाश्त करेगा।

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गौरतलब है कि राहुल गांधी पहले भी कई बार व्यवस्थित चुनावी धांधली का आरोप लगा चुके हैं और दावा करते रहे हैं कि विपक्षी दलों के वोटों को निशाना बनाया गया है। इस बार उन्होंने एक कदम आगे बढ़ते हुए कहा कि वे जल्द ही सबूतों का एक “हाइड्रोजन बम” जारी करेंगे, जो प्रधानमंत्री मोदी की कथित “वोट चोरी” की सच्चाई को सामने रख देगा।

20 सितंबर को वायनाड में आयोजित एक सभा में राहुल गांधी ने कहा था—
“हम एक ऐसा हाइड्रोजन बम उजागर करने जा रहे हैं जो स्थिति की वास्तविकता को पूरी तरह ध्वस्त कर देगा। हमारे पास 100 प्रतिशत सबूत हैं, बिना सबूत के मैं कुछ नहीं कह रहा हूँ। जल्द ही यह देश के सामने होगा।”

राहुल गांधी के इस बयान से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और विपक्षी दलों में उत्सुकता है कि आखिर वे कौन से दस्तावेज़ या साक्ष्य पेश करने वाले हैं। वहीं भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कांग्रेस नेता पर केवल “झूठी बयानबाज़ी” करने का आरोप लगाया है।

भारत-रूस रक्षा सहयोग: एस-400 से लेकर सु-57 तक, सामरिक स्वायत्तता की दिशा में मजबूत कदम

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)भारत की रक्षा ज़रूरतें केवल वर्तमान सुरक्षा चुनौतियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आने वाले दशकों की सामरिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तय की जाती हैं। इसी कड़ी में रूस से मिल रहे अत्याधुनिक हथियार—विशेषकर एस-400 वायु रक्षा प्रणाली, भविष्य के एस-500 मिसाइल सिस्टम और सु-57 स्टेल्थ फाइटर—भारत की सामरिक शक्ति को नई ऊँचाई प्रदान करने वाले साबित हो रहे हैं।

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एस-400 ने बदली वायु रक्षा की तस्वीर

भारत और रूस के बीच 2018 में हुए 5.5 अरब डॉलर के समझौते के तहत पाँच एस-400 ट्रायम्फ प्रणालियाँ खरीदी गई थीं। इनमें से चार प्रणालियाँ भारत को मिल चुकी हैं और अंतिम आपूर्ति 2026 तक पूरी होगी। यह प्रणाली लंबी दूरी तक दुश्मन के लड़ाकू विमान, ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम है।
मई 2025 के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में इसने अपनी प्रभावशीलता साबित की, जब भारतीय वायु रक्षा ने पाकिस्तान से दागी मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया। इस सफलता ने स्पष्ट कर दिया कि भारत का वायु कवच पहले की तुलना में कहीं अधिक विश्वसनीय और मजबूत हो चुका है।

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रूस पर भरोसा क्यों?

सोवियत दौर से लेकर आज तक, भारत के रक्षा ढांचे में रूसी तकनीक की गहरी मौजूदगी रही है। टी-90 टैंक, मिग-29 फाइटर, कामोव हेलीकॉप्टर, ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल और एके-203 राइफलें—ये सभी भारत-रूस रक्षा सहयोग की मिसाल हैं।
भारत ने पश्चिमी दबावों को दरकिनार करते हुए एस-400 सौदे को जारी रखा, जिससे यह साबित हुआ कि भारत अपनी सामरिक नीतियों में रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखना चाहता है।

सु-57: भविष्य का स्टेल्थ विकल्प

रूस ने भारत को अपनी पाँचवीं पीढ़ी की लड़ाकू विमान प्रणाली सु-57 की आपूर्ति और स्थानीय उत्पादन का प्रस्ताव दिया है। यदि यह सौदा साकार होता है, तो भारतीय वायुसेना को स्टेल्थ, सुपरमैनेवरेबिलिटी और अत्याधुनिक एवियोनिक्स जैसी क्षमताएँ मिलेंगी।
भारत पहले अमेरिका से एफ-35 हासिल करना चाहता था, लेकिन राजनीतिक-सामरिक कारणों से यह संभव नहीं हो पाया। ऐसे में सु-57 भारतीय ज़रूरतों का व्यावहारिक विकल्प साबित हो सकता है।

बहु-स्रोत नीति, पर केंद्र में रूस

भारत की रक्षा रणनीति “बहु-स्रोत” नीति पर आधारित है।
फ्रांस से 26 राफेल-एम नौसैनिक विमान आईएनएस विक्रांत के लिए आ रहे हैं।

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अमेरिका से प्रीडेटर-बी ड्रोन का सौदा लगभग तय है।
इज़राइल से हेरोन-टीपी ड्रोन और आयरन डोम तकनीक पर सहयोग की संभावनाएँ बढ़ रही हैं।
इसके बावजूद, रूस भारत का सबसे बड़ा रक्षा साझेदार बना हुआ है। आने वाले वर्षों में एस-500 मिसाइल सिस्टम, सु-57 फाइटर जेट्स, ब्रह्मोस का हाइपरसोनिक संस्करण और एडवांस्ड सबमरीन तकनीक पर भी दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है।
एस-400 की सफल तैनाती और रूस से संभावित सु-57 व एस-500 जैसी प्रणालियों की उपलब्धता भारत को एशिया में न केवल सैन्य संतुलन बनाए रखने में मदद करेगी, बल्कि सामरिक बढ़त भी सुनिश्चित करेगी। यह सहयोग केवल हथियारों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की सामरिक गहराई, तकनीकी आत्मनिर्भरता और वैश्विक शक्ति संतुलन में भूमिका को परिभाषित करता है।