Saturday, July 11, 2026
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ट्रोलिंग की कीमत चुकानी पड़ी, राजदीप सरदेसाई पर झूठा आरोप लगाने वाले X यूज़र पर ₹5 लाख हर्जाना”

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। सोशल मीडिया पर किसी भी व्यक्ति या संस्था पर बिना सबूत के आरोप लगाना कितना महंगा पड़ सकता है, इसका ताज़ा उदाहरण सामने आया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में वर्ष 2020 में पत्रकार राजदीप सरदेसाई और अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती के इंटरव्यू को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले एक X (पूर्व ट्विटर) यूज़र को ₹5 लाख का हर्जाना अदा करने का आदेश दिया है। यह राशि India Today Network को दी जाएगी।

मामला उस समय का है जब रिया चक्रवर्ती का राजदीप सरदेसाई को दिया गया इंटरव्यू सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में था। इसी दौरान एक यूज़र ने राजदीप सरदेसाई पर यह तक आरोप जड़ दिया कि उन्होंने यह इंटरव्यू करने के लिए 8 करोड़ रुपए लिए हैं। अदालत ने इस टिप्पणी को आधारहीन और मानहानिकारक माना।

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न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि सोशल मीडिया की आज़ादी का मतलब यह नहीं है कि कोई भी व्यक्ति किसी पर निराधार आरोप लगाकर उसकी साख को चोट पहुँचाए। ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई ज़रूरी है, ताकि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अनुशासन और जवाबदेही बनी रहे।

अब यह फैसला उन लोगों के लिए कड़ा सबक है जो सोचते हैं कि ऑनलाइन लिखी गई हर बात बिना किसी नतीजे के रह जाती है। दरअसल, एक गलत ट्वीट या पोस्ट न केवल कानूनी दिक्कत में डाल सकता है बल्कि लाखों रुपए का आर्थिक नुकसान भी करा सकता है।

योगी कैबिनेट ने लिए बड़े फैसले, 22 प्रस्तावों पर लगी मुहर

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश की योगी कैबिनेट की बैठक में आज कई अहम निर्णय लिए गए। सरकार ने जनता और विकास से जुड़े कुल 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इन फैसलों का असर उच्च शिक्षा, कृषि, बुनियादी ढांचा, सामाजिक योजनाओं और औद्योगिक विकास पर सीधा पड़ेगा। खासतौर पर धान के किसानों, छात्रों, महिलाओं और औद्योगिक क्षेत्र को इन निर्णयों से बड़ा लाभ मिलने जा रहा है।

कैबिनेट के मुख्य निर्णय – उच्च शिक्षा से जुड़े 3 अहम प्रस्ताव। पारित धान की MSP बढ़ाने पर सहमति – किसानों को राहत। सेमीकंडक्टर सेक्टर से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी।गांधी विवि झांसी को आशय पत्र जारी करने की हरी झंडी।दीपावली पर मुफ्त गैस सिलेंडर योजना को मंजूरी।ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेस वे परियोजना को स्वीकृति।छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए ₹647.38 करोड़ की धनराशि जारी।संतकबीर टेक्सटाइल्स एवं अपेरल पार्क योजना को स्वीकृति।जिला खनिज फाउंडेशन न्यास तृतीय संशोधन को मंजूरी।नए शहर प्रोत्साहन परियोजना के लिए धनराशि स्वीकृत।इन फैसलों के साथ सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि उसका फोकस किसानों, छात्रों, उद्योग जगत और आम जनता के कल्याण पर है।

🌟 27 सितंबर 2025 – दैनिक राशिफल 🌟

मेष (Aries)
आज का दिन: जोखिम कम करने से लाभ सुरक्षित रहेगा। सगे-संबंधियों से शुभ समाचार मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में सफलता और मन में प्रसन्नता बनी रहेगी।
शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: लाल | शुभ दिशा (यात्रा हेतु): पूर्व
सलाह: जल्दबाज़ी से बचें, महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर लें।
वृषभ (Taurus)
आज का दिन: व्यापारिक साझेदारी में नई योजनाएं सफल होंगी। परिश्रम के अनुरूप सफलता मिलेगी। नई पहचान और प्रतिष्ठा अर्जित करेंगे।
शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: सफेद | शुभ दिशा: उत्तर-पूर्व
सलाह: नए रिश्तों में सतर्क रहें और अनावश्यक विवादों से बचें।
मिथुन (Gemini)
आज का दिन: पारिवारिक व संतान संबंधी चिंताएं कम होंगी। यात्रा टालना बेहतर है। जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखें। पालतू पशुओं से सावधानी बरतें।
शुभ अंक: 5 | शुभ रंग: हरा | शुभ दिशा: पश्चिम
सलाह: दस्तावेज़ों और महत्वपूर्ण चीज़ों को सुरक्षित रखें।
कर्क (Cancer)
आज का दिन: धर्म-कर्म और सामाजिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। वरिष्ठों से प्रशंसा मिलेगी। स्वास्थ्य पर खर्च होने की संभावना।
शुभ अंक: 2 | शुभ रंग: चांदी | शुभ दिशा: उत्तर
सलाह: स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें और मानसिक शांति बनाए रखें।
सिंह (Leo)
आज का दिन: खर्च और विचारों में संतुलन आवश्यक। पदोन्नति और सहयोग की संभावना। परंतु विश्वासपात्र ही विश्वासघात कर सकते हैं।
शुभ अंक: 9 | शुभ रंग: सुनहरा | शुभ दिशा: दक्षिण-पूर्व
सलाह: निर्णय सोच-समझकर लें और अविश्वसनीय लोगों से दूरी बनाएं।
कन्या (Virgo)
आज का दिन: प्रतिष्ठा की रक्षा में सफलता। शुभ समाचार मिलेंगे। विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट सफल होंगे, लेकिन मन में हल्का असंतोष रह सकता है।
शुभ अंक: 7 | शुभ रंग: हरा | शुभ दिशा: उत्तर-पश्चिम
सलाह: आत्मविश्वास बनाए रखें और नकारात्मक सोच से बचें।
तुला (Libra)
आज का दिन: नए कार्यों की शुरुआत लाभकारी। आर्थिक लेन-देन सफल होंगे। सामाजिक कार्यों में रुचि और दान का अवसर मिलेगा। डूबे धन की वापसी संभव।
शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: नीला | शुभ दिशा: पश्चिम-उत्तर
सलाह: अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं और आर्थिक योजनाओं पर ध्यान दें।
वृश्चिक (Scorpio)
आज का दिन: प्रेम और आदर मिलेगा। जोखिम लेना भारी पड़ सकता है। सरकारी कार्यों में सफलता और संतान से लाभ होगा। कार्यभार से थकान हो सकती है।
शुभ अंक: 1 | शुभ रंग: लाल | शुभ दिशा: दक्षिण
सलाह: जोखिम से बचें और कार्यों में संतुलन बनाए रखें।
धनु (Sagittarius)
आज का दिन: धन संबंधी चिंतन और योजना में सफलता। समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी। किसी विशेष समस्या का समाधान मिलेगा।
शुभ अंक: 4 | शुभ रंग: पीला | शुभ दिशा: उत्तर-पूर्व
सलाह: धैर्य बनाए रखें और जल्दबाज़ी निर्णय न लें।
मकर (Capricorn)
आज का दिन: संतान से शुभ समाचार। गलतफहमियों और अफवाहों से बचें। निवेश लाभकारी। नौकरी और व्यापार में लाभ।
शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: काला | शुभ दिशा: दक्षिण-पश्चिम
सलाह: विवादों से बचें और वित्तीय योजनाओं पर ध्यान दें।
कुंभ (Aquarius)
आज का दिन: अविस्मरणीय दिन। नायक जैसा सम्मान मिलेगा। कार्य में सफलता और विशेष प्रशिक्षण के योग हैं।
शुभ अंक: 2 | शुभ रंग: आसमानी | शुभ दिशा: उत्तर
सलाह: आत्मविश्वास से कार्य करें और अवसरों को हाथ से न जाने दें।
मीन (Pisces)
आज का दिन: अशुभ समय, अप्रिय घटनाओं और समाचार की आशंका। फालतू गतिविधियों से बचें।
शुभ अंक: 5 | शुभ रंग: बैंगनी | शुभ दिशा: पूर्व
सलाह: समय का सदुपयोग करें और रिश्तों को मजबूती दें।
📰 विशेष टिप्स:
आज कई राशियों के लिए आर्थिक उन्नति और सामाजिक प्रतिष्ठा के योग हैं।
स्वास्थ्य और रिश्तों में धैर्य और सावधानी आवश्यक।
सकारात्मक सोच आपके दिन को सफल और संतुलित बनाएगी।

27 व 28 सितंबर 2025 का राहु काल के साथ दिशा शुल का विचार के साथ पंचांग

(पंडित सत्य प्रकाश पाण्डेय द्वारा प्रस्तुति)

आप के सुविधा अनुशार दो दिवसीय पंचाग इस लिए तैयार किया जा रहा है आप एक दिन पूर्व अपने सुविधानुसार तैयारी कर सके भविष्य में 5 दिवसीय जानकारी देने का प्रयास किया जा सकता है। यह सुझाव है निर्णय आप को करना है।जानकारी किसी अच्छे ज्ञानी से ले सकते है।

विषय विवरण
दिन- शनिवार
तिथि – शुक्ल पक्ष पंचमी (Panchami) — दोपहर 12:04 बजे तक
नक्षत्र अनूराधा (Anuradha) (रात्रि 1:08 AM तक)
राशि में चंद्र (चंद्रमान) वृश्चिक (Scorpio)
कारक (करण) बालव (Balava) — रात पहले की ओर से 12:04 बीच तक, फिर “Kaulava” आरंभ
योग प्रीति (Priti)
सूर्योदय / सूर्यास्त लगभग 5:48 AM से 5:49 PM (वंरासी समयानुसार)
चंद्र उदय / चंद्र अस्त चंद्र उदय लगभग 10:28 AM
राहुकाल / गुलिक / यमघंट / अन्य काल

राहुकाल: 8:48 AM – 10:18 AM
गुलिक काल: 5:48 AM – 7:18 AM
यमघंट काल: 1:19 PM – 2:49 PM
शुभ मुहूर्त 11:24 AM – 12:12 PM
पूजा, देवी-पूजा सुझाव एवं ध्यान
यह दिन स्कंद (कार्तिकeya / कुम्भकरण रूप में स्कंदमाता या सेना देवता) की पूजा के लिए विशेष शुभ माना जाता है क्योंकि यह स्कंद सष्टी का दिन भी है।
चूँकि यह शनिवार है, देवी शिव / शनि देव का भी ध्यान करना लाभदायक हो सकता है, विशेषकर यदि भक्त शनि दोष या शिव भक्त हों।
सुबह जल्दी (भोर) का समय, फिर 11:24 AM – 12:12 PM का शुभ समय, तथा सूर्य दीप्ति के समय, पूजा-अर्चना करना श्रेष्ठ रहेगा।
इस तिथि में नवरात्रि चल रही है — यदि पारंपरिक रूप से देवी दुर्गा की उपासना करते हों, तो उसी स्वरूप की पूजा (जैसे अक्षता, फूल, धूप-दीप, दुर्गा स्तुति) कर सकते हैं।
पूजा करते समय राहुकाल और यमघंट में न करें।

28 सितंबर 2025 – पंचांग
विषय विवरण
दिन – रविवार
तिथि शुक्ल पक्ष षष्ठी (Shashthi) — दोपहर 2:28 बजे तक
नक्षत्र ज्येष्ठा (Jyeshtha) — रात्रि 3:55 AM तक
राशि में चंद्र अभी तक वृश्चिक (Scorpio)
कारक (करण) तैतिल (Taitila) — दोपहर तक
योग आयुष्मान (Ayushman)
सूर्योदय / सूर्यास्त लगभग 5:49 AM / 5:48 PM
चंद्र उदय / अस्त चंद्र उदय लगभग 11:24 AM
राहुकाल / अन्य काल (सटीक राहु काल आदि समय स्थानीय प्रति बदल सकता है) — पर सामान्य पंचांगों में देखा गया है कि राहु काल एवं अन्य दोषकाल साझा होते हैं; सुबह एवं दोपहर समय की गड़बड़ी न करें।
विशेष तत्त्व / पर्व यह दिन काल प्रारंभ, बिल्व निमंत्रण, अकाल बोधन आदि की धार्मिक क्रियाएँ की जाती हैं (नवरात्रि के दौरान) पूजा, देवी-पूजा सुझाव एवं ध्यान
इस दिन देवी दुर्गा (विशेष रूप से कल प्रारंभ पूजा, अक्षता निमंत्रण आदि) का अनुष्ठान किया जाता है, क्योंकि यह नवरात्रि की षष्ठी है।
इसके अलावा, इस दिन भी बिल्व निमंत्रण का विधान है — अर्थात् भगवान शिव की पूजा के लिए बिल्व पत्र अर्पित करना शुभ माना जाता है। तेरहादि समय तथा शुभ मुहूर्त (सुबह जल्दी, दोपहर मध्य समय) में पूजा करना श्रेष्ठ रहेगा। राहु काल आदि दोषकाल से बचें।

27-28 सितंबर 2025: विस्तृत हिंदू पंचांग, तिथि-नक्षत्र, शुभ मुहूर्त व देवी-पूजा मार्गदर्शन”
इन दो दिनों का पंचांग निम्नलिखित विशेष धन देता है:
27 सितंबर को चंद्रमा वृश्चिक राशि में, नक्षत्र अनूराधा में है; यह दिन स्कंद सष्टी के नाम से प्रसिद्ध है और उस दिन स्कंदमाता / कार्तिकेय या शिव / शनि की पूजा करना अनुकूल है।
28 सितंबर को चंद्रमा अब भी वृश्चिक में रहेगा, नक्षत्र ज्येष्ठा रहेगा; यह दिन नवरात्रि की षष्ठी है, जिसमें काल प्रारंभ, बिल्व निमंत्रण और देवी दुर्गा की पूजा की परंपरा है।
विशेष – दोनों दिनों में राहुकाल, यमघंट आदि दोष कालों से बचना चाहिए — बुधवार, दोपहर और सुबह के अनुपयुक्त काल से बचकर ही शुभ कार्य प्रारंभ करें।
यह निर्णय आप अच्छे जानकार से लेकर कर सकते किसी प्रकार का अंतिम निर्णय न माने।

एशिया कप 2025: भारत ने श्रीलंका को दिया 203 रन का लक्ष्य, अभिषेक शर्मा ने जड़ा तूफानी अर्धशतक

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नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा) । एशिया कप 2025 के आखिरी सुपर-4 मुकाबले में भारत ने श्रीलंका के सामने 203 रन का लक्ष्य रखा है। कोलंबो में खेले जा रहे इस मैच में श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। भारतीय टीम ने निर्धारित ओवरों में तेज शुरुआत की, जिसमें युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने ताबड़तोड़ अर्धशतक जमाकर टीम को मजबूत आधार दिया।

अभिषेक शर्मा की आक्रामक पारी

भारत की ओर से ओपनिंग करने आए अभिषेक शर्मा ने शुरू से ही आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने मात्र कुछ ही गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और चौकों-छक्कों की बरसात कर दी। उनकी इस पारी ने भारतीय टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई।

फाइनल से पहले भारत की परीक्षा

भारत और पाकिस्तान पहले ही फाइनल में पहुंच चुके हैं। ऐसे में टीम इंडिया यह मैच जीतकर अपनी तैयारियों को और धार देना चाहेगी। वहीं श्रीलंका के लिए यह मुकाबला महज औपचारिकता है, लेकिन घरेलू मैदान पर टीम बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेगी।

भारत का स्कोरकार्ड

भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 202 रन बनाए। मध्यक्रम के बल्लेबाजों से अपेक्षित योगदान न मिल पाने के बावजूद, अभिषेक शर्मा की तूफानी पारी और कुछ ताबड़तोड़ शॉट्स ने टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।

अखिलेश यादव ने भाजपा की विदेश नीति को करार दिया ‘असफल’, अमेरिका के 100% दवा टैरिफ पर जताई चिंता

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लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को भाजपा सरकार की विदेश नीति पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे “असफल” बताया। उनका यह बयान उस समय आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 1 अक्टूबर से प्रभावी ब्रांडेड और पेटेंटेड दवाओं के आयात पर 100% टैरिफ लगाने की घोषणा की। अखिलेश यादव ने कहा कि इस नीति से भारतीय व्यापार और उद्योग को नुकसान उठाना पड़ सकता है और सरकार अपनी आर्थिक रणनीति में विफल साबित हो रही है।

यादव ने एएनआई को बताया कि, “हमारी अर्थव्यवस्था लगातार दबाव में है और टैरिफ की वजह से हमारे व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं। भाजपा की विदेश नीति अब तक सफल नहीं रही, और इसका खामियाजा हमारे उद्योग और देश को भुगतना पड़ रहा है।” उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि 50-100 प्रतिशत टैरिफ लागू होते हैं, तो व्यापारी और कारोबारी इसका सामना कैसे करेंगे।

हालांकि, विशेषज्ञों और इंडियन फार्मास्युटिकल अलायंस (IPA) के महासचिव सुदर्शन जैन के अनुसार, यह टैरिफ मुख्य रूप से पेटेंटेड और ब्रांडेड दवाओं पर लागू है, जबकि भारत अमेरिका को ज्यादातर जेनेरिक दवाइयाँ और सक्रिय दवा सामग्री (API) निर्यात करता है। इसलिए इस नीति का भारतीय दवा उद्योग पर प्रत्यक्ष असर नहीं पड़ेगा।

भारत का दवा और फार्मास्युटिकल क्षेत्र वैश्विक मांग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह अमेरिका में जेनेरिक दवाओं की 40%, ब्रिटेन में सभी दवाओं की 25%, और दुनिया में टीकों की 50% से अधिक आपूर्ति करता है। वित्त वर्ष 2025 में भारत का दवा निर्यात 30 बिलियन अमेरिकी डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 31% अधिक है।

अखिलेश यादव ने इसके अलावा जीएसटी सुधारों पर भी सवाल उठाए और भाजपा सरकार पर निशाना साधा, यह पूछते हुए कि क्या सरकार पिछले नौ सालों से जीएसटी के नकारात्मक प्रभावों से अनजान थी। उन्होंने तर्क दिया कि नए सुधार सरकार के लाभ को बनाए रखते हैं, क्योंकि एक क्षेत्र में जीएसटी बढ़ाया गया और दूसरे में घटाया गया।

मध्यप्रदेश के धार में दिल दहला देने वाला हत्याकांड: पांच साल के मासूम का सिर धड़ से अलग, गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी की ली जान

मध्यप्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। धार जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। कुक्षी क्षेत्र के ग्राम आली के धूलबयड़ी फल्या में शुक्रवार सुबह एक सनकी युवक ने पांच वर्षीय मासूम का सिर उसकी मां के सामने ही बेरहमी से काट डाला। इस निर्मम वारदात को देख मां चीखती-चिल्लाती रह गई। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर बांध दिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। अस्पताल ले जाते समय आरोपी ने भी दम तोड़ दिया। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।

ऐसे हुआ दर्दनाक हत्याकांड

घटना सुबह करीब 10:30 बजे हुई, जब कालू सिंह की पत्नी सोना घर का काम कर रही थी और बेटा विकास आंगन में खेल रहा था। अचानक आलीराजपुर जिले का रहने वाला युवक महेश मायड़ा बाइक से वहां पहुंचा और घर में घुसते ही दीवार पर टंगा धारदार फालिया उठाकर मासूम पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। वार इतना तेज था कि बच्चे की गर्दन धड़ से अलग हो गई। बच्चे की मां जब बचाने दौड़ी तो उस पर भी हमला करने की कोशिश की गई।

ग्रामीणों का गुस्सा फूटा, आरोपी की मौत

सोना की चीखें सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे। आरोपी भागने की कोशिश करने लगा लेकिन ग्रामीणों ने उसे पकड़कर रस्सी से बांध दिया और जमकर पिटाई की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को भीड़ से छुड़ाया और अस्पताल भिजवाया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।

आरोपी की मानसिक हालत थी खराब

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी महेश मायड़ा मानसिक रूप से अस्वस्थ था। वह अलीराजपुर जिले के जोबट बागदी का निवासी था और बीते कुछ दिनों से घर से लापता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी और पीड़ित परिवार के बीच न तो कोई जान-पहचान थी और न ही रंजिश।

पुलिस की कार्रवाई

धार एसपी मयंक अवस्थी ने इस घटना को बेहद हृदय विदारक बताया। उन्होंने कहा कि बच्चे की हत्या करने वाले आरोपी की मौत के पीछे ग्रामीणों की पिटाई कारण है या अन्य वजह, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा। फिलहाल गांव में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और एफएसएल टीम ने साक्ष्य भी जुटाए हैं।

बन्दियों के विधिक अधिकारों का हनन न हो: जिला जज राम मिलन

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में शुक्रवार को जिला कारागार, देवरिया का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का नेतृत्व जनपद न्यायाधीश राम मिलन सिंह ने किया।
निरीक्षण के दौरान सचिव/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंजू कुमारी, अपर जिलाधिकारी जैनेन्द्र सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी और अधीशासी अभियन्ता भी मौजूद रहे।
जनपद न्यायाधीश ने बंदियों की समस्याएँ सुनीं और निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने, जमानतदार की व्यवस्था, नियमित दवा वितरण तथा महिला बंदियों के बच्चों के लिए दूध की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पराविधिक स्वयंसेवकों को कारागार लीगल क्लिनिक के प्रपत्र व्यवस्थित रखने और बंदियों के विधिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा।
निरीक्षण में बैरकों, पाकशाला और चिकित्सालय में स्वच्छता बनाए रखने पर बल दिया गया। बंदियों से जातिगत या धार्मिक भेदभाव संबंधी सवाल किए गए, जिस पर सभी ने किसी भेदभाव की पुष्टि नहीं की। समिति ने विशेष रूप से बंदी भोला मिश्र को विधिक सहायता और महिला बंदी ममता को दवा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वृद्ध और असाध्य बीमार बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कारागार अधीक्षक को कार्रवाई करने को कहा गया।

सेवा पखवाड़े में आयोजित रक्तदान शिविर में विधायक ने किया रक्तदान

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले की चंद्रौटी स्थित एक अस्पताल में सेवा पखवाड़े के तहत रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन युवा भाजपा नेता और प्रबंध निदेशक बुद्धिसागर पाण्डेय ने किया।
भाजपा विधायक गणेश चौहान ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि रक्तदान केवल दान नहीं, बल्कि मानवता और कर्तव्य का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर स्वस्थ व्यक्ति चार महीने के अंतराल पर रक्तदान कर सकता है और यह किसी जरूरतमंद के लिए नया जीवन दे सकता है।
जिलाध्यक्ष नीतू सिंह ने रक्तदान करने वाले दाताओं को जूस पिलाकर उनका उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम में आयोजक बुद्धिसागर पाण्डेय ने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया और आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर दर्जनों युवाओं ने रक्तदान कर शिविर को सफल बनाया। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष नीतू सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष श्याम करन सिंह, रामललित चौधरी, जगदम्बा लाल श्रीवास्तव, बद्री प्रसाद यादव, जिला उपाध्यक्ष डॉ. सत्यपाल पाल, जिला मंत्री अशोक यादव, वरिष्ठ भाजपा नेता अरुणेश द्विवेदी, युवा मोर्चा अध्यक्ष सर्वेश त्रिपाठी, मंडल अध्यक्षगण सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सरकार की उपेक्षा से बढ़ रही असुरक्षा और बेरोकटोक चीन की गतिविधियाँ- जयराम रमेश

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने लद्दाख में हालिया हिंसा के बाद उठ रही स्थानीय नाराजगी और असुरक्षा पर गहरी चिंता जताई है। रमेश ने कहा कि लद्दाख के लोग अपनी जमीन और रोज़गार के अधिकारों को गंभीर खतरे में देखते हुए भारी निराशा का सामना कर रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से कहा कि केवल बातचीत पर निर्भर रहने की बजाय अब समय आ गया है कि वह अपनी अंतरात्मा को जागृत करे और स्थानीय लोगों की जायज़ मांगों को पूरी तरह से पूरा करे।

रमेश ने यह भी स्पष्ट किया कि छठी अनुसूची के तहत मिलने वाले विशेष संरक्षण और निर्वाचित विधायिका की मांगों को लगातार नजरअंदाज किया गया है, जबकि स्थानीय प्रशासन और निर्वाचित निकायों पर एलजी और नौकरशाही का पूर्ण नियंत्रण है। उन्होंने चीन द्वारा वास्तविक नियंत्रण रेखा पर एकतरफा फैसलों और प्रधानमंत्री द्वारा 19 जून, 2020 को चीन को क्लीन चिट देने के बाद उत्पन्न हुई अनिश्चितता पर भी चिंता जताई।

जयराम रमेश ने अपने बयान में लद्दाख के सांस्कृतिक, आर्थिक, पारिस्थितिक और सामरिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यहाँ के लोग हमेशा से गौरवान्वित भारतीय रहे हैं। उनकी पीड़ा और संकट सरकार के लिए चेतावनी है कि अब केवल औपचारिक बातचीत से काम नहीं चलेगा, बल्कि स्थानीय समुदाय की वैध आकांक्षाओं को तुरंत पूरा करना अनिवार्य है। 24 सितंबर को हुई हिंसा के बाद लेह में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंध भी लागू हैं।

मिशन शक्ति फेज-5 के तहत चला सघन चेकिंग अभियान

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित मिशन शक्ति फेज-5 के अंतर्गत जनपदीय पुलिस विभाग ने विशेष चेकिंग अभियान चलाया। अभियान में सभी थानों की मिशन शक्ति टीम और एंटी रोमियो स्क्वॉड ने सक्रिय भागीदारी निभाई।अभियान के तहत पुलिस ने शिक्षण संस्थानों, कोचिंग सेंटर, मॉल, पार्क, बस अड्डे, रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्ध रूप से घूम रहे युवकों/शोहदों की सघन चेकिंग की। विशेषकर स्कूल और कॉलेज खुलने व बंद होने के समय, बैंकिंग ऑवर्स के दौरान और सुनसान जगहों पर अभियान चलाया गया। संदिग्धों को चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया गया कि महिलाओं के प्रति किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक हरकत, पीछा करना, अभद्र टिप्पणी या अन्य अनुचित व्यवहार की स्थिति में कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।महिला टीमों ने अभियान के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक करते हुए महिला हेल्पलाइन 1090,आपातकालीन सेवा 112,चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और महिला सहायता 181 जैसी महत्वपूर्ण नंबरों की जानकारी दी। साथ ही उन्हें आत्मविश्वासपूर्वक अपनी बात रखने और किसी भी अनुचित परिस्थिति में मदद लेने के लिए प्रेरित किया गया।पुलिस अधीक्षक देवरिया ने बताया कि यह अभियान महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने और उनके सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे ऐसे अभियानों में सहयोग करें और किसी भी प्रकार की अनैतिक या आपत्तिजनक गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।अभियान के दौरान टीमों ने जनपद में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए तत्परता दिखाते हुए यह सुनिश्चित किया कि महिलाएं और बालिकाएं सुरक्षित वातावरण में अपने शैक्षणिक, सामाजिक और व्यावसायिक कार्यों को निर्विघ्न पूरा कर सकें।

अनुशासन और ईमानदारी की प्रतिमूर्ति प्रो. श्रीनिवास मणि त्रिपाठी को भावभीनी विदाई

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के रक्षा एवं स्त्रातज़िक अध्ययन विभाग में शुक्रवार को विभाग के वरिष्ठ आचार्य प्रो. श्रीनिवास मणि त्रिपाठी के सम्मान में भावभीनी विदाई समारोह आयोजित हुआ। प्रो. त्रिपाठी 30 जून 2025 को सेवानिवृत्त हुए थे।
समारोह की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. विनोद कुमार सिंह ने की। उन्होंने कहा कि “प्रो. श्रीनिवास मणि त्रिपाठी एक आदर्श शिक्षक की प्रतिमूर्ति हैं। उन्होंने शिक्षण और शोध के साथ विभाग को अनुशासन, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण कार्यसंस्कृति प्रदान की।”
इस अवसर पर विभिन्न संकायों के शिक्षकों और सहकर्मियों ने उन्हें अग्रणी नेतृत्वकर्ता, उच्चकोटि के शोधकर्ता, कुशल प्रशासक और विवादों से रहित व्यक्तित्व बताया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने रक्षा एवं स्त्रातज़िक अध्ययन विषय में गहन विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण स्थापित किया।
अपने संबोधन में प्रो. त्रिपाठी ने विश्वविद्यालयीय जीवन के 42 वर्षों की स्मृतियाँ साझा कीं। उन्होंने कहा, “मैंने शिक्षण को नौकरी नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम माना। विद्यार्थी ही मेरी प्रेरणा रहे हैं। शिक्षक का कार्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि जीवनमूल्यों को गढ़ना है।”
समारोह में विश्वविद्यालय के पूर्व प्रति-कुलपति और विभागाध्यक्ष प्रो. हरि सरन, प्रो. प्रदीप कुमार यादव, प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा, कला संकायाध्यक्ष प्रो. राजवंत राव, विधि संकाय अधिष्ठाता प्रो. जितेंद्र कुमार मिश्रा, रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. उमेश नाथ त्रिपाठी, गणित विभाग के सेवानिवृत्त प्रो. विजय कुमार, प्रो. सुधीर कुमार श्रीवास्तव, अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. संदीप दीक्षित एवं प्रो. सत्यपाल सिंह सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।

रक्षा एवं स्त्रातज़िक अध्ययन विभाग के सहायक आचार्य — डॉ. प्रवीन कुमार सिंह, डॉ. आरती यादव, डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. विजय कुमार, डॉ. अभिषेक सिंह, डॉ. श्रीभगवान सिंह, प्रो. असीम सत्यदेव, डॉ. रामप्रसाद यादव, डॉ. शुभ्रांशु शेखर सिंह, डॉ. अंशुमान सिंह समेत विभाग के शोधार्थी, परास्नातक और स्नातक के विद्यार्थी भी इस भावनात्मक क्षण के साक्षी बने।

मैत्री क्रिकेट मैच में प्रोफेसर्स की जीत, वैष्णवी छाईं मैदान पर

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग की ओर से मजीठिया भवन मैदान पर शिक्षक-छात्र मैत्री क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया।
मैच का उद्घाटन कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने सिक्का उछालकर किया। एमएससी छात्रों व शोधार्थियों की टीम ने प्रोफेसर्स को कड़ी टक्कर दी, लेकिन अंततः डॉ. मदन सिंह के नेतृत्व वाली प्रोफेसर्स की टीम विजयी रही।
मैच में एमएससी प्रथम सेमेस्टर की छात्रा वैष्णवी मनी त्रिपाठी ने शानदार बल्लेबाजी और सर्वांगीण प्रदर्शन किया। उन्हें “मैन ऑफ द मैच” घोषित कर स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया गया।
पुरस्कार वितरण समारोह में विजेता टीम को ट्रॉफी प्रदान की गई। इस अवसर पर कुलपति ने कहा कि ऐसे आयोजन शिक्षा और शोध के बीच संतुलन बनाए रखते हुए शिक्षक-छात्र संबंधों को और मजबूत बनाते हैं।
आयोजन में विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता शांतनु रस्तोगी, भौतिकी विभागाध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी समेत बड़ी संख्या में शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे। मैच ने विश्वविद्यालय परिसर में खेल और मैत्री दोनों का संदेश दिया।

दक्षिण एशिया में ज़ेन ज़ेड का बढ़ता प्रदर्शन -परिदृश्य और भारत पर इसका असर-लद्दाख (लेह) के हालिया घटनाक्रम पर विश्लेषण

लद्दाख के लिए पूर्ण राज्य का दर्जा, संविधान की छठी अनुसूची के तहत स्वायत्तता और जनजातीय क्षेत्र का दर्जा देना, अलग पब्लिक सर्विस कमीशन का गठन, इत्यादि मांग जोर पकड़ रही है

क्या ज़ेन ज़ेड की एंट्री भारत में एक साजिश की तरह कराई जा रही है? या फ़िर वास्तव में आक्रोश उत्पन्न हो रहा है?- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर पिछले तीन-चार वर्षों में दक्षिण एशिया के कुछ देशों में युवा-आधारित (अक्सर “ज़ेन ज़ेड”) आन्दोलन तेज़ी से उभरे हैं, श्रीलंका (2022), बांग्लादेश (2024) और हाल ही में नेपाल (सितंबर 2025) में बड़े सार्वजनिक आंदोलनों ने राजनीतिक संतुलन पर प्रभाव डाला है। इन घटनाओं ने यह सवाल जगाया है कि क्या इसी तरह की “ज़ेन ज़ेड” सक्रियता अब भारत के कुछ संवेदनशील इलाकों में (जैसे लद्दाख/लेह) परिलक्षित होकर हिंसा या बड़े सार्वजनिक अशांतियों का रूप ले रही है?और क्या इसके पीछे कोई व्यवस्थित “अंतरराष्ट्रीय साजिश” या सीमापार प्रेरणा है? क्या लद्दाख में नेपाल पार्ट-2 करने की कोशिश हो रही थी। आज सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या नेपाल की तरह लद्दाख में बगावत की तैयारी थी? जांच में ये पता चला है कि इसके पीछे एक गहरी साजिश थी और लद्दाख को जलाने के लिए एक पूरा टूलकिट काम कर रहा था। मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र ने सोशल मीडिया पर देखा कि लद्दाख में जेन-ज़ी प्रोटेस्ट क़ा कई लोगों ने दावा किया कि लद्दाख में प्रदर्शनकारी जेन ज़ेड के लोग थे,सोशलमीडिया पर एक शख्स ने लेह का एक वीडियो शेयर किया, जिसका टाइटल था-“जेन ज़ेड लद्दाख की सड़कों पर है “एक अन्य यूजर ने आरोप लगाया,”लद्दाख में जेन ज़ेड के प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी कार्यालय में आग लगा दी, पूरी तरह अराजकता फैल गई,”कुछ लोगों ने तो हाल ही में हुए नेपाल प्रोटेस्ट से भी तुलना की, जहां जेन ज़ेड के प्रदर्शनकारियों ने ओली सरकार को गिरा दिया था, इस बीच, एक एक्टिविस्ट ने चिंता जाहिर करते हुए कहा, “लेह में हुई घटनाएं बहुत दुखद हैं,शांतिपूर्ण रास्ते का मेरा संदेश आज फेल हो गया, मैं युवाओं से अपील करता हूं कि कृपया यह बकवास बंद करें, इससे हमारे मकसद को ही नुकसान पहुंचता है”अब सवाल उठता है कि क्या ज़ेन ज़ेड की एंट्री भारत में एक साजिश की तरह कराई जा रही है? या फिर वास्तव में आक्रोश उत्पन्न हो रहा है?इसलिए आज हम मीडिया में उपलब्धजानकारी के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे,दक्षिण एशिया में ज़ेन ज़ेड का बढ़ता प्रदर्शन-परिदृश्य और भारत पर इसका असर-लद्दाख (लेह) के हालिया घटनाक्रम पर सटीक विश्लेषण।
साथियों बात अगर हम क्या नेपाल – बांग्लादेश- श्रीलंका की तरह भारत में भी “ज़ेड ज़ेन साजिश” रची जा रही है? और क्या सरकार को हाई-अलर्ट होना चाहिए? को समझने की करें तो, अब तक उपलब्ध खुली रिपोर्टिंग यह संकेत देती है कि दक्षिण एशिया में उभरते ज़ेड ज़ेन
आंदोलनों की प्रेरणा अधिकतर आंतरिक (स्थानीय असंतोष, बेरोज़गारी, सोशल-मीडिया/नियमों पर आपत्ति, पारंपरिक व्यवस्था से नाराज़गी) से आई है, न कि किसी एक विदेशी- संगठित, निर्देशित “साजिश” से। फिर भी, क्योंकि युवाओं ने विभिन्न देशों की रणनीतियाँ और चिट-चैट सोशल प्लेटफॉर्मों पर देखा-सीखा है, विचारों का पारस्परिक आदान-प्रदान हुआ है,और सीमापार प्रभाव/प्रेरणा का छोटा-सा रोल काम कर सकता है। इस तरह के क्षेत्रों में केंद्र/राज्य सुरक्षा-तंत्रों के लिए सतर्कता व निगरानी महत्वपूर्ण है,पर मौजूदा रिपोर्टों में कोई निर्णायक ठोस सबूत नहीं मिला कि नेपाल/बांग्लादेश/श्रीलंका के आंदोलनों को किसी एक केंद्रीय विदेशी एजेंसी ने भारत के लिए निर्देशित किया है।विश्लेषकों का कहना है कि दक्षिण एशिया में ज़ेन ज़ेड आंदोलनों के बीच कुछ साझा विषय रहे,अविकसित रोज़गार, करप्शन/निहित-स्वार्थ, सोशल-मीडिया प्रतिबंध या अर्थव्यवस्था से जुड़ी असंतुष्टि। ये साझा कारण युवा- आंदोलन को“समान रणनीतिक विचार” दे सकते हैं। पर यह समानता स्वतः “साजिश” नहीं बनती;यह सामाजिक – राजनीतिक कारणों का सह-अवतरित होना है। निवारक स्तर पर हाई-अलर्ट होने की जरूरत-किसी संवेदनशील इलाके में (जैसे सीमाप्रान्त लद्दाख) जहाँ स्थानीय असंतोष पहले से मौजूद है (राज्य-दर्जा, नौकरी, भूमि सुरक्षा आदि), सरकार-प्रशासन का सतर्क रहना, सोशल- मीडिया- स्परशोध, सीमापार वित्त/समर्थन-चैनलों की निगरानी और स्थानीय बोतल-नेक मुद्दों (परमिट/भूमि/पर्यावरण) पर शीघ्र संवाद आवश्यक है,सुरक्षा-मंत्रालयों को तथ्यों-आधारित जांच (फॉरेंसिक वित्त निगरानी, सोशल-मीडिया ट्रैफ़िक विश्लेषण, सीमापार एनजीओ/फंडिंग-रूटे) करनी चाहिए,और मीडिया-रूम में अफ़वाहों पर भी नियंत्रण आवश्यक है।यह सामान्य सुरक्षा- प्रोटोकॉल है,साजिश का प्रमाण नहीं।
साथियों बात अगर हम, क्या वास्तव में लेह (लद्दाख) में ज़ेन ज़ेड युवाओं ने “गुस्से में भड़ककर” हिंसा की? इसके क्या कारण रहे? इसको समझने की करें तो, 24 सितंबर 2025 को लेह में बड़े प्रदर्शन हिंसक रूप ले गए; प्रदर्शनकारियों ने (रिपोर्ट्स के अनुसार) कुछ सरकारी/पार्टी कार्यालयों पर हमले किए, गाड़ियाँ जलायी गयीं और विरोध तेज़ हुआ;इसके बाद 25 सितंबर को स्थानीय प्रशासन ने कर्फ्यू और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की। रेउटर्स और एआई जजीरा सहित प्रमुख अख़बारों ने रिपोर्ट किया कि हिंसा में कुछ मौतें/घायलों की खबरें भी आईं और सुरक्षा बल सड़क पर तैनात हुए। यह घटनाक्रम 24-25 सितंबर की रात और अगले दिन तक फैला रहा।इसके मुख्य कारण जो चर्चा में आ रहे हैं-(1)राज्य-दर्जा व वादे का टूटना: लद्दाख के लोगों की प्रमुख मांगें, पूर्ण राज्य का दर्जा और स्थानीयसंवैधानिक सुरक्षा (छठवीं अनुसूची जैसे प्रावधान),लोकल नौकरी आरक्षण,कई वर्षों से चली आ रही हैं। लद्दाख के लोगों ने 2019 में यूनियन टेरिटरी बनने के बाद से कुछ वादों की पूर्ति न होने का अनुभव किया और इसे धोखा समझा। यह श्रोताओं के गुस्से की बुनियाद है। (2)लेह में पर्यावरणीय-सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और अन्य ने हंगर-स्ट्राइक जैसी कार्रवाई की; कुछ हंगर-स्ट्राइक में स्वास्थ्य प्रभावित होने की रिपोर्ट रही और यह स्थानीय युवाओं के भावनात्मक उभार का कारण बना, एक काटल्यस्त के रूप में। सरकारी दबाव/कार्रवाई पर प्रतिक्रियाएँ भड़क गईं।(सरकारी प्रेस रिलीज़ में भी सोनम वांगचुक के हंगर- स्ट्राइक का उल्लेख है)। (3)बेरोज़गारी और स्थानीय रोजगार पर दबाव: स्थानीय युवाओं में नौकरी- अभाव और केंद्र-कम्पनियों/बाहरी निवेश के चलते “भावी किसान/पर्यावरण/भूमि- अधिकार” खोने का भय था;युवा वर्ग ने इसे अपने भविष्य पर सीधा खतरा समझा।(4) पर्यावरण / संस्कृति पर भय: लद्दाख के लोग अक्सर स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक ज़मीन-हक़ और पर्यावरण के संरक्षण को केंद्र में रखते हैं; बड़े निवेश/पर्यटन-लहर से यह भय तेज़ हुआ। कुछ नेताओं ने कहा कि वे “भूमि-हड़प” से डरते हैं,और यह भी हिंसा के कारणों में शामिल है। (5) प्रेरणा-संग्रह और सोशल मीडिया: युवा समूहों में तेज़ी से वायरल हुयी फिल्मों/पोस्टों ने आंदोलनों की रणनीति साझा की; ऐसी परिस्थिति में किसी एक घटना (हंगर-स्ट्राइक, किसी की मौत, किसी की गिरफ्तारी) से भावनाएँ भड़क उठीं और प्रदर्शन हिंसक हो गया।
साथियों बात अगर हम क्या पूरे भारत में विदेशी फंड पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा? एफसीआरए (विदेशी योगदान) नियमावली क्या है?और हाल की संशोधन कौन-कौन से हैं? इसको समझने की करें तो, भारत में विदेशी योगदान के नियंत्रण का मुख्य क़ानून फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट (एफसीआरए), 2010 और उसके नियम (रूल्स) हैं; हाल के वर्षों (2024-2025) में नियमों/अमल में कड़े संशोधन आए हैं जिनका उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और संभावित विदेशी हस्तक्षेप पर सीमा लगाना घोषित किया गया है। सरकार ने मई-2025 में नियमों (रूल्स) में संशोधन किए,जिनमें रजिस्ट्रेशन व उपयोग-समय-सीमाएँ, ‘की पर्सन्स ’ की अतिरिक्त ज़िम्मेदारियाँ, और फंडिंग-चैनलों पर कड़ा रिकॉर्डिंग और ऑडिट शामिल हैं। सरकारी एफसीआरए पोर्टल और कई विधिक विश्लेषणों में इन संशोधन उपलब्ध है। मुख्य बिंदु
(1)रजिस्ट्रेशन/रेन्यूअल- एफसीआरए रजिस्ट्रेशन और प्रशासनिक परमिशन पर सख्ती। कुछ मामलों में रजिस्ट्रेशन की वैधता/समय सीमा सीमित करने के प्रावधान आए हैं। (2) की- पर्सन्स की ज़िम्मेदारी-किसी एनजीओ/संस्था के प्रमुखों पर अधिक जिम्मेदारी और नागरिकता/निवास स्थिति का खुलासा अपेक्षित। (3) फंडिंग- उपयोग टाइम-लाइन्स और रिपोर्टिंग-अब फंड रिसीविंग- पीरियड और उपयोग-पीरियड के लिए स्पष्ट समयसीमाएं और ऑडिट/रिटर्न-फाइलिंग की जुर्माना/कम्पाउंडिंग की शर्तें तय की गयी हैं। (4) निगरानी और जांच क्षमता-गृह मंत्रालय / एफसीआरए विभाग को विदेशी योगदान चैनलों पर झट-पटक जांच और संबन्धित संस्थाओं के बैंक/लेन-देन की निगरानी बढ़ाने का अधिकार दिया गया है। प्रशासन ने कहा है कि जो भी संस्थाएँ सामाजिक/राजनीतिक गतिविधियों के अंतर्गत विदेशी फंड पाती हैं, उन पर सख्ती से नियम लागू होंगे।(5) क्या देशभर में नया “शिकंजा” लगेगा?सरकार पहले से ही 2024-25 के संशोधनों के ज़रिये एफसीआरए/नियमों को कड़ा कर चुकी है; अगर हाल की घटनाएँ (जैसे लेह में हिंसा) यह दिखाती हैं कि किसी गैर-स्थानीय धन/संगठन का निहित-उद्देश्य अस्थिरता भड़काना था तो प्रशासन और गृह मंत्रालय और भी कड़े कदम उठा सकते हैं,जैसे रजिस्टर्ड एनजीओ -रद्द/फंडिंग रोकना कम्पाउंडिंग/आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ जांच। पर कानूनी ठोस उपायों के लिए मामला-विवरण और जांच रिपोर्ट मायने रखेगी। (6)सरल सलाह (नीति-नज़रिए से): एफसीआरए के हालिया संशोधनों ने पहले से ही विदेशी फंड पर निगरानी कड़ी कर दी है,और केंद्र/राज्य दोनों स्तरों पर संवेदनशील घटनाओं के बाद त्वरित कार्रवाई की संभाव्यता बढ़ जाती है।एनजीओस /स्थानीय संस्थाओं को अनुपालन और पारदर्शिता पर तुरन्त ध्यान देना चाहिए।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि दक्षिण एशिया में ज़ेन ज़ेड का बढ़ता प्रदर्शन-परिदृश्य और भारत पर इसका असर-लद्दाख (लेह) के हालिया घटनाक्रम पर विश्लेषण,क्या ज़ेन ज़ेड की एंट्री भारत में एक साजिश की तरह कराई जा रही है? या फ़िर वास्तव में आक्रोश उत्पन्न हो रहा है?

-संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9226229318

विभिन्न विद्यालयों के 21 विद्यार्थियों ने वाद विवाद प्रतियोगिता में किया प्रतिभाग

बघौचघाट/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
ब्लॉक स्तरीय वाद विवाद प्रतियोगियों ओर गणित ओलंपियाड ब्लॉक संसाधन केंद्र तरकुलवा के प्रशिक्षण हाल में खंड शिक्षा अधिकारी विजय कुमार ओझा के निर्देशन सकुशल सम्पन्न हुआ।
प्रतियोगिता में तरकुलवा के विभिन्न विद्यालयों से आए 21 विद्यार्थियों ने वाद विवाद प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। बच्चों ने अपने वाकपटुता और अच्छे संप्रेषण ने निर्णायक बंधुओं का दिल मोह लिया। जिस में कंपोजिट विद्यालय रतनपुरा की कक्षा 8 की ऋतिका प्रजापति ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में निर्णायक की जिम्मेदारी का निर्वहन ब्लॉक की अध्यापिका अनीता मौर्या और राजेश सिंह ने निभाई और कार्यक्रम का संचालन प्रतियोगियों के नोडल ए आर पी सगीर अहमद खान ने किया।
गणित ओलंपियाड में भी 45 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया जिस में कंपोजिट विद्यालय परास खांड से अतुल चतुर्वेदी और कृष्णा, उच्च प्राथमिक विद्यालय तरकुलवा से पायल सिंह और विवेक गुप्ता, उच्च प्राथमिक विद्यालय कैथौली से शिवम् सिंह और प्रतिमा कुमारी, उच्च प्राथमिक विद्यालय हरैया से दीपू सिंह, उच्च प्राथमिक विद्यालय कनकपुरा से सत्य कुशवाहा और आराध्या सिंह तथा कंपोजिट विद्यालय रतनपुरा से ऋतिका प्रजापति ने 10 प्रतिभागियों ने सफलता हासिल कर अपने विद्यालय एवं गुरुजनों का सम्मान बढ़ाया।
खंड शिक्षा अधिकारी विजय कुमार ओझा ने बच्चों की सफलता पर बधाई देते हुए उन्हें जिंदगी में आने वाली अन्य परीक्षाओं में सफल होने का आशीर्वाद दिया और अध्यापकों को भी अपने विद्यार्थियों को यहां तक पहुंचाने और उनके मेहनत की सराहना की।
प्रतियोगिता के सफल आयोजन में के के गुप्ता, ए आर पी मुन्ना अंसारी और सुनील तिवारी के साथ ब्लॉक के विभिन्न विद्यालयों के अध्यापकों साथियों की महती भूमिका रही।