Saturday, July 11, 2026
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दक्षिण एशिया में ज़ेन ज़ेड का बढ़ता प्रदर्शन -परिदृश्य और भारत पर इसका असर-लद्दाख (लेह) के हालिया घटनाक्रम पर विश्लेषण

लद्दाख के लिए पूर्ण राज्य का दर्जा, संविधान की छठी अनुसूची के तहत स्वायत्तता और जनजातीय क्षेत्र का दर्जा देना, अलग पब्लिक सर्विस कमीशन का गठन, इत्यादि मांग जोर पकड़ रही है

क्या ज़ेन ज़ेड की एंट्री भारत में एक साजिश की तरह कराई जा रही है? या फ़िर वास्तव में आक्रोश उत्पन्न हो रहा है?- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर पिछले तीन-चार वर्षों में दक्षिण एशिया के कुछ देशों में युवा-आधारित (अक्सर “ज़ेन ज़ेड”) आन्दोलन तेज़ी से उभरे हैं, श्रीलंका (2022), बांग्लादेश (2024) और हाल ही में नेपाल (सितंबर 2025) में बड़े सार्वजनिक आंदोलनों ने राजनीतिक संतुलन पर प्रभाव डाला है। इन घटनाओं ने यह सवाल जगाया है कि क्या इसी तरह की “ज़ेन ज़ेड” सक्रियता अब भारत के कुछ संवेदनशील इलाकों में (जैसे लद्दाख/लेह) परिलक्षित होकर हिंसा या बड़े सार्वजनिक अशांतियों का रूप ले रही है?और क्या इसके पीछे कोई व्यवस्थित “अंतरराष्ट्रीय साजिश” या सीमापार प्रेरणा है? क्या लद्दाख में नेपाल पार्ट-2 करने की कोशिश हो रही थी। आज सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या नेपाल की तरह लद्दाख में बगावत की तैयारी थी? जांच में ये पता चला है कि इसके पीछे एक गहरी साजिश थी और लद्दाख को जलाने के लिए एक पूरा टूलकिट काम कर रहा था। मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र ने सोशल मीडिया पर देखा कि लद्दाख में जेन-ज़ी प्रोटेस्ट क़ा कई लोगों ने दावा किया कि लद्दाख में प्रदर्शनकारी जेन ज़ेड के लोग थे,सोशलमीडिया पर एक शख्स ने लेह का एक वीडियो शेयर किया, जिसका टाइटल था-“जेन ज़ेड लद्दाख की सड़कों पर है “एक अन्य यूजर ने आरोप लगाया,”लद्दाख में जेन ज़ेड के प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी कार्यालय में आग लगा दी, पूरी तरह अराजकता फैल गई,”कुछ लोगों ने तो हाल ही में हुए नेपाल प्रोटेस्ट से भी तुलना की, जहां जेन ज़ेड के प्रदर्शनकारियों ने ओली सरकार को गिरा दिया था, इस बीच, एक एक्टिविस्ट ने चिंता जाहिर करते हुए कहा, “लेह में हुई घटनाएं बहुत दुखद हैं,शांतिपूर्ण रास्ते का मेरा संदेश आज फेल हो गया, मैं युवाओं से अपील करता हूं कि कृपया यह बकवास बंद करें, इससे हमारे मकसद को ही नुकसान पहुंचता है”अब सवाल उठता है कि क्या ज़ेन ज़ेड की एंट्री भारत में एक साजिश की तरह कराई जा रही है? या फिर वास्तव में आक्रोश उत्पन्न हो रहा है?इसलिए आज हम मीडिया में उपलब्धजानकारी के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे,दक्षिण एशिया में ज़ेन ज़ेड का बढ़ता प्रदर्शन-परिदृश्य और भारत पर इसका असर-लद्दाख (लेह) के हालिया घटनाक्रम पर सटीक विश्लेषण।
साथियों बात अगर हम क्या नेपाल – बांग्लादेश- श्रीलंका की तरह भारत में भी “ज़ेड ज़ेन साजिश” रची जा रही है? और क्या सरकार को हाई-अलर्ट होना चाहिए? को समझने की करें तो, अब तक उपलब्ध खुली रिपोर्टिंग यह संकेत देती है कि दक्षिण एशिया में उभरते ज़ेड ज़ेन
आंदोलनों की प्रेरणा अधिकतर आंतरिक (स्थानीय असंतोष, बेरोज़गारी, सोशल-मीडिया/नियमों पर आपत्ति, पारंपरिक व्यवस्था से नाराज़गी) से आई है, न कि किसी एक विदेशी- संगठित, निर्देशित “साजिश” से। फिर भी, क्योंकि युवाओं ने विभिन्न देशों की रणनीतियाँ और चिट-चैट सोशल प्लेटफॉर्मों पर देखा-सीखा है, विचारों का पारस्परिक आदान-प्रदान हुआ है,और सीमापार प्रभाव/प्रेरणा का छोटा-सा रोल काम कर सकता है। इस तरह के क्षेत्रों में केंद्र/राज्य सुरक्षा-तंत्रों के लिए सतर्कता व निगरानी महत्वपूर्ण है,पर मौजूदा रिपोर्टों में कोई निर्णायक ठोस सबूत नहीं मिला कि नेपाल/बांग्लादेश/श्रीलंका के आंदोलनों को किसी एक केंद्रीय विदेशी एजेंसी ने भारत के लिए निर्देशित किया है।विश्लेषकों का कहना है कि दक्षिण एशिया में ज़ेन ज़ेड आंदोलनों के बीच कुछ साझा विषय रहे,अविकसित रोज़गार, करप्शन/निहित-स्वार्थ, सोशल-मीडिया प्रतिबंध या अर्थव्यवस्था से जुड़ी असंतुष्टि। ये साझा कारण युवा- आंदोलन को“समान रणनीतिक विचार” दे सकते हैं। पर यह समानता स्वतः “साजिश” नहीं बनती;यह सामाजिक – राजनीतिक कारणों का सह-अवतरित होना है। निवारक स्तर पर हाई-अलर्ट होने की जरूरत-किसी संवेदनशील इलाके में (जैसे सीमाप्रान्त लद्दाख) जहाँ स्थानीय असंतोष पहले से मौजूद है (राज्य-दर्जा, नौकरी, भूमि सुरक्षा आदि), सरकार-प्रशासन का सतर्क रहना, सोशल- मीडिया- स्परशोध, सीमापार वित्त/समर्थन-चैनलों की निगरानी और स्थानीय बोतल-नेक मुद्दों (परमिट/भूमि/पर्यावरण) पर शीघ्र संवाद आवश्यक है,सुरक्षा-मंत्रालयों को तथ्यों-आधारित जांच (फॉरेंसिक वित्त निगरानी, सोशल-मीडिया ट्रैफ़िक विश्लेषण, सीमापार एनजीओ/फंडिंग-रूटे) करनी चाहिए,और मीडिया-रूम में अफ़वाहों पर भी नियंत्रण आवश्यक है।यह सामान्य सुरक्षा- प्रोटोकॉल है,साजिश का प्रमाण नहीं।
साथियों बात अगर हम, क्या वास्तव में लेह (लद्दाख) में ज़ेन ज़ेड युवाओं ने “गुस्से में भड़ककर” हिंसा की? इसके क्या कारण रहे? इसको समझने की करें तो, 24 सितंबर 2025 को लेह में बड़े प्रदर्शन हिंसक रूप ले गए; प्रदर्शनकारियों ने (रिपोर्ट्स के अनुसार) कुछ सरकारी/पार्टी कार्यालयों पर हमले किए, गाड़ियाँ जलायी गयीं और विरोध तेज़ हुआ;इसके बाद 25 सितंबर को स्थानीय प्रशासन ने कर्फ्यू और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की। रेउटर्स और एआई जजीरा सहित प्रमुख अख़बारों ने रिपोर्ट किया कि हिंसा में कुछ मौतें/घायलों की खबरें भी आईं और सुरक्षा बल सड़क पर तैनात हुए। यह घटनाक्रम 24-25 सितंबर की रात और अगले दिन तक फैला रहा।इसके मुख्य कारण जो चर्चा में आ रहे हैं-(1)राज्य-दर्जा व वादे का टूटना: लद्दाख के लोगों की प्रमुख मांगें, पूर्ण राज्य का दर्जा और स्थानीयसंवैधानिक सुरक्षा (छठवीं अनुसूची जैसे प्रावधान),लोकल नौकरी आरक्षण,कई वर्षों से चली आ रही हैं। लद्दाख के लोगों ने 2019 में यूनियन टेरिटरी बनने के बाद से कुछ वादों की पूर्ति न होने का अनुभव किया और इसे धोखा समझा। यह श्रोताओं के गुस्से की बुनियाद है। (2)लेह में पर्यावरणीय-सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और अन्य ने हंगर-स्ट्राइक जैसी कार्रवाई की; कुछ हंगर-स्ट्राइक में स्वास्थ्य प्रभावित होने की रिपोर्ट रही और यह स्थानीय युवाओं के भावनात्मक उभार का कारण बना, एक काटल्यस्त के रूप में। सरकारी दबाव/कार्रवाई पर प्रतिक्रियाएँ भड़क गईं।(सरकारी प्रेस रिलीज़ में भी सोनम वांगचुक के हंगर- स्ट्राइक का उल्लेख है)। (3)बेरोज़गारी और स्थानीय रोजगार पर दबाव: स्थानीय युवाओं में नौकरी- अभाव और केंद्र-कम्पनियों/बाहरी निवेश के चलते “भावी किसान/पर्यावरण/भूमि- अधिकार” खोने का भय था;युवा वर्ग ने इसे अपने भविष्य पर सीधा खतरा समझा।(4) पर्यावरण / संस्कृति पर भय: लद्दाख के लोग अक्सर स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक ज़मीन-हक़ और पर्यावरण के संरक्षण को केंद्र में रखते हैं; बड़े निवेश/पर्यटन-लहर से यह भय तेज़ हुआ। कुछ नेताओं ने कहा कि वे “भूमि-हड़प” से डरते हैं,और यह भी हिंसा के कारणों में शामिल है। (5) प्रेरणा-संग्रह और सोशल मीडिया: युवा समूहों में तेज़ी से वायरल हुयी फिल्मों/पोस्टों ने आंदोलनों की रणनीति साझा की; ऐसी परिस्थिति में किसी एक घटना (हंगर-स्ट्राइक, किसी की मौत, किसी की गिरफ्तारी) से भावनाएँ भड़क उठीं और प्रदर्शन हिंसक हो गया।
साथियों बात अगर हम क्या पूरे भारत में विदेशी फंड पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा? एफसीआरए (विदेशी योगदान) नियमावली क्या है?और हाल की संशोधन कौन-कौन से हैं? इसको समझने की करें तो, भारत में विदेशी योगदान के नियंत्रण का मुख्य क़ानून फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट (एफसीआरए), 2010 और उसके नियम (रूल्स) हैं; हाल के वर्षों (2024-2025) में नियमों/अमल में कड़े संशोधन आए हैं जिनका उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और संभावित विदेशी हस्तक्षेप पर सीमा लगाना घोषित किया गया है। सरकार ने मई-2025 में नियमों (रूल्स) में संशोधन किए,जिनमें रजिस्ट्रेशन व उपयोग-समय-सीमाएँ, ‘की पर्सन्स ’ की अतिरिक्त ज़िम्मेदारियाँ, और फंडिंग-चैनलों पर कड़ा रिकॉर्डिंग और ऑडिट शामिल हैं। सरकारी एफसीआरए पोर्टल और कई विधिक विश्लेषणों में इन संशोधन उपलब्ध है। मुख्य बिंदु
(1)रजिस्ट्रेशन/रेन्यूअल- एफसीआरए रजिस्ट्रेशन और प्रशासनिक परमिशन पर सख्ती। कुछ मामलों में रजिस्ट्रेशन की वैधता/समय सीमा सीमित करने के प्रावधान आए हैं। (2) की- पर्सन्स की ज़िम्मेदारी-किसी एनजीओ/संस्था के प्रमुखों पर अधिक जिम्मेदारी और नागरिकता/निवास स्थिति का खुलासा अपेक्षित। (3) फंडिंग- उपयोग टाइम-लाइन्स और रिपोर्टिंग-अब फंड रिसीविंग- पीरियड और उपयोग-पीरियड के लिए स्पष्ट समयसीमाएं और ऑडिट/रिटर्न-फाइलिंग की जुर्माना/कम्पाउंडिंग की शर्तें तय की गयी हैं। (4) निगरानी और जांच क्षमता-गृह मंत्रालय / एफसीआरए विभाग को विदेशी योगदान चैनलों पर झट-पटक जांच और संबन्धित संस्थाओं के बैंक/लेन-देन की निगरानी बढ़ाने का अधिकार दिया गया है। प्रशासन ने कहा है कि जो भी संस्थाएँ सामाजिक/राजनीतिक गतिविधियों के अंतर्गत विदेशी फंड पाती हैं, उन पर सख्ती से नियम लागू होंगे।(5) क्या देशभर में नया “शिकंजा” लगेगा?सरकार पहले से ही 2024-25 के संशोधनों के ज़रिये एफसीआरए/नियमों को कड़ा कर चुकी है; अगर हाल की घटनाएँ (जैसे लेह में हिंसा) यह दिखाती हैं कि किसी गैर-स्थानीय धन/संगठन का निहित-उद्देश्य अस्थिरता भड़काना था तो प्रशासन और गृह मंत्रालय और भी कड़े कदम उठा सकते हैं,जैसे रजिस्टर्ड एनजीओ -रद्द/फंडिंग रोकना कम्पाउंडिंग/आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ जांच। पर कानूनी ठोस उपायों के लिए मामला-विवरण और जांच रिपोर्ट मायने रखेगी। (6)सरल सलाह (नीति-नज़रिए से): एफसीआरए के हालिया संशोधनों ने पहले से ही विदेशी फंड पर निगरानी कड़ी कर दी है,और केंद्र/राज्य दोनों स्तरों पर संवेदनशील घटनाओं के बाद त्वरित कार्रवाई की संभाव्यता बढ़ जाती है।एनजीओस /स्थानीय संस्थाओं को अनुपालन और पारदर्शिता पर तुरन्त ध्यान देना चाहिए।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि दक्षिण एशिया में ज़ेन ज़ेड का बढ़ता प्रदर्शन-परिदृश्य और भारत पर इसका असर-लद्दाख (लेह) के हालिया घटनाक्रम पर विश्लेषण,क्या ज़ेन ज़ेड की एंट्री भारत में एक साजिश की तरह कराई जा रही है? या फ़िर वास्तव में आक्रोश उत्पन्न हो रहा है?

-संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9226229318

विभिन्न विद्यालयों के 21 विद्यार्थियों ने वाद विवाद प्रतियोगिता में किया प्रतिभाग

बघौचघाट/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
ब्लॉक स्तरीय वाद विवाद प्रतियोगियों ओर गणित ओलंपियाड ब्लॉक संसाधन केंद्र तरकुलवा के प्रशिक्षण हाल में खंड शिक्षा अधिकारी विजय कुमार ओझा के निर्देशन सकुशल सम्पन्न हुआ।
प्रतियोगिता में तरकुलवा के विभिन्न विद्यालयों से आए 21 विद्यार्थियों ने वाद विवाद प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। बच्चों ने अपने वाकपटुता और अच्छे संप्रेषण ने निर्णायक बंधुओं का दिल मोह लिया। जिस में कंपोजिट विद्यालय रतनपुरा की कक्षा 8 की ऋतिका प्रजापति ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में निर्णायक की जिम्मेदारी का निर्वहन ब्लॉक की अध्यापिका अनीता मौर्या और राजेश सिंह ने निभाई और कार्यक्रम का संचालन प्रतियोगियों के नोडल ए आर पी सगीर अहमद खान ने किया।
गणित ओलंपियाड में भी 45 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया जिस में कंपोजिट विद्यालय परास खांड से अतुल चतुर्वेदी और कृष्णा, उच्च प्राथमिक विद्यालय तरकुलवा से पायल सिंह और विवेक गुप्ता, उच्च प्राथमिक विद्यालय कैथौली से शिवम् सिंह और प्रतिमा कुमारी, उच्च प्राथमिक विद्यालय हरैया से दीपू सिंह, उच्च प्राथमिक विद्यालय कनकपुरा से सत्य कुशवाहा और आराध्या सिंह तथा कंपोजिट विद्यालय रतनपुरा से ऋतिका प्रजापति ने 10 प्रतिभागियों ने सफलता हासिल कर अपने विद्यालय एवं गुरुजनों का सम्मान बढ़ाया।
खंड शिक्षा अधिकारी विजय कुमार ओझा ने बच्चों की सफलता पर बधाई देते हुए उन्हें जिंदगी में आने वाली अन्य परीक्षाओं में सफल होने का आशीर्वाद दिया और अध्यापकों को भी अपने विद्यार्थियों को यहां तक पहुंचाने और उनके मेहनत की सराहना की।
प्रतियोगिता के सफल आयोजन में के के गुप्ता, ए आर पी मुन्ना अंसारी और सुनील तिवारी के साथ ब्लॉक के विभिन्न विद्यालयों के अध्यापकों साथियों की महती भूमिका रही।

“354 -A नोटिस धरी की धरी, अवैध गेस्ट हाऊस का नवनिर्माण पूर्ण

कनिष्ठ अभियंता विशाल बिरारी के कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप,

रिपोर्ट: अजय उपाध्याय
मुंबई (राष्ट्र की परम्परा ) कुर्ला एल विभाग, वार्ड क्रमांक 160, नारी सेवा सदन रोड, यूनियन बैंक के समीप नारायण नगर, घाटकोपर (पश्चिम) क्षेत्र में स्थित “Cool Cool Guest House” में अवैध नवनिर्माण का मामला सामने आया है।
स्थानीय शिकायतकर्ताओ के अनुसार, मनपा के इमारत व कारखाने विभाग द्वारा इस अवैध निर्माण पर धारा 354(A) के तहत स्टॉप वर्क नोटिस जारी की गई थी। इसके बावजूद गेस्ट हाउस का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जब उन्होंने इस मामले में मनपा से कार्रवाई की मांग की, तो विभाग की ओर से जवाब मिला कि “प्रकरण मा. दिवाणी न्यायालय में प्रलंबित है”। स्थानिक शिकायतकर्ताओ का सवाल है — यदि मामला अदालत में है, तो कनिष्ठ अभियंता विशाल बिरारी की नियुक्ति कारवाई के लिए हुई है या टेम्पररी स्टे दिलाने के लिए?
आरोप यह भी है कि कनिष्ठ अभियंता विशाल बिरारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और उनकी मिलीभगत से यह अवैध नवनिर्माण पूरा हुआ है। इस पूरे प्रकरण से मनपा की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है।
स्थानीय लोगो ने मांग की है कि संबंधित अधिकारियों पर तत्काल जांच व निलंबन की कार्रवाई हो, और “Cool Cool” गेस्ट हाउस पर कारवाही कर कानून का पालन सुनिश्चित किया जाए।

निर्माण श्रमिक 15 अक्टूबर से पहले कराएं पंजीकरण का नवीनीकरण

आगरा (राष्ट्र की परम्परा)
उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अन्तर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को 15 अक्टूबर से पहले अपना पंजीकरण नवीनीकरण कराने की अपील की गई है। सहायक श्रमायुक्त शगुन ओमर ने बताया कि वर्तमान में जनपद में कुल 5,76,242 निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं, जिनमें से केवल 21,570 श्रमिकों ने ही अद्यतन अंशदान जमा किया है। शेष श्रमिकों ने विगत कई वर्षों से नवीनीकरण नहीं कराया है।
बोर्ड द्वारा ऐसे श्रमिकों को, जिन्होंने चार वर्ष या उससे अधिक समय से नवीनीकरण नहीं कराया है, निष्क्रिय सूची में डालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे वे शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने से वंचित हो सकते हैं।सहायक श्रमायुक्त ने कहा कि श्रमिकों को चाहिए कि वे अपनी पात्रता बनाए रखने और योजनाओं का लाभ उठाने हेतु निर्धारित समयसीमा के भीतर पंजीकरण का नवीनीकरण अवश्य कराएं। यह सुविधा बोर्ड के पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त श्रमिक अपने नजदीकी जनसुविधा केन्द्र (सीएससी) के माध्यम से भी नवीनीकरण कर सकते हैं।
उन्होंने श्रमिकों से अपील की कि अंतिम तिथि तक पंजीकरण अद्यतन अवश्य कराएं ताकि उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहे।

थ्योरेटिकल मॉडल और गणित से मानव सभ्यता की जटिल समस्याओं का समाधान संभव: प्रो. पूनम टंडन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग में शुक्रवार को प्रो. देवेंद्र शर्मा स्मृति व्याख्यान का आयोजन हुआ। यह इस व्याख्यान श्रृंखला का पहला कार्यक्रम था, जिसे अब हर माह के अंतिम शुक्रवार को नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने की। उन्होंने इस अवसर पर विभाग की कक्ष संख्या 113 को “प्रो. देवेंद्र शर्मा कक्ष” के रूप में नामित करने की घोषणा की। अपने व्याख्यान में उन्होंने तारों के H-R डायग्राम, डायटॉमिक मॉलिक्यूल, रमन स्पेक्ट्रा और वाइब्रेशनल मोड की व्याख्या करते हुए कहा कि स्पेक्ट्रोस्कोपी मटेरियल साइंस में अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने बताया कि प्रोटीन और डीएनए की संरचना के अध्ययन से दवा खोज में स्पेक्ट्रोस्कोपी की भूमिका महत्वपूर्ण है, अणु के पॉलिमॉर्फ़िज़्म गुण से चॉकलेट निर्माण में उपयोग होता है तथा थ्योरेटिकल मॉडल और गणित के माध्यम से मानव सभ्यता की जटिल समस्याओं के समाधान खोजे जा सकते हैं।
विज्ञान संकाय के डीन प्रो. शांतनू रस्तोगी ने प्रो. देवेंद्र शर्मा के जीवन एवं कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका स्पेक्ट्रोस्कोपी, आणविक भौतिकी और मटेरियल साइंस में योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने शोध संस्कृति को प्रोत्साहित करने और छात्रों को अनुसंधान पद्धति की ओर प्रेरित करने में भी अहम भूमिका निभाई।
कुलपति ने प्रधानमंत्री की Lab to Land योजना और विश्वविद्यालय में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयासों पर भी बल दिया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अपरा त्रिपाठी ने किया और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. राकेश कुमार तिवारी ने प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में नारी सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन को समर्पित “मिशन शक्ति -5.0 ” का दिया संदेश

आगरा (राष्ट्र की परम्परा) जीजीआईसी सभागार पंचकुईया शाहगंज में जनपद के छात्र छात्राओं को छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम संपन्न हुआ।उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने नारी सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन को समर्पित “मिशन शक्ति -5.0 ” के अंतर्गत पहली बार फरवरी- मार्च के स्थान पर नवरात्र के पवित्र दिनों में सितंबर माह में ही छात्रवृत्ति का वितरण लखनऊ से बटन दबाकर डीबीटी के माध्यम से किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मा. विधायक डॉ. जीएस धर्मेश जी का उपनिदेशक अन्य पिछड़ावर्गकल्याण,डीआईओएस, जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा पुष्पगुच्छ देकर भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मा. विधायक डॉ. जीएस धर्मेश जी ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीपप्रज्ज्वलित कर किया।प्रदेश के 3,96,602 छात्र छात्राओं को छात्रवृत्ति के रूप में रुपया 89.86 की धनराशि कार्यक्रम का इंदिरगांधी प्रतिष्ठान लखनऊ से सजीव प्रसारण हुआ, जनपद में आज मौके पर डीबीटी के माध्यम से कक्षा-9 के 171, कक्षा-10 के 738 कुल 909 छात्र- छात्राओं को छात्रा छात्राओं के खाते में राशि हस्तांतरित हुई।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मा.यशस्वी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के संबोधन को जनपद के मा.जनप्रतिनिधि, अधिकारियों व उपस्थित छात्राओं ने देखा व सुना।
मा. विधायक महोदय ने नारी सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन को समर्पित “मिशन शक्ति -5.0 ” (22 सितंबर से 24 दिसंबर 2025) के अंतर्गत छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रमाण पत्र का वितरण किया गया।इस अवसर पर मा.विधायक महोदय ने अपने संबोधन में कहा कि डबल इंजन दोनों सरकारों की कोशिश है कि महिलाओं को प्रगतिशील बनाया जाए, महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रदेश सरकार सभी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है, नवरात्र के पावन अवसर योगी जी की सरकार ने पहली बार फरवरी- मार्च के स्थान पर सितंबर माह में ही छात्रवृत्ति का वितरण किया गया है, उन्होंने छात्राओं को देवी स्वरूप बताते हुए बेटियों को पढ़ने, आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया तथा कहा कि सरकार हर कदम पर आपके साथ है, चाहे बेटियों, महिलाओं की सुरक्षा हो या छात्रवृत्ति का समय से पूर्व नवरात्र में वितरण , उन्होंने कहा कि पहले छात्रवृत्ति समय से नहीं मिलती थी बीच में बिचौलिए होते थे अब डीबीटी के माध्यम से डायरेक्ट खाते में धनराशि जाती है।उन्होंने बताया कि महिला सशक्तिकरण से महिलाएँ शिक्षा, आर्थिक स्वतंत्रता, रोजगार, और राजनीति जैसे विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं।कार्यक्रम में संचारी रोग नियंत्रण अभियान हेतु जनजागरुकता करजानकारी दी गई, स्वच्छता शपथ भी दिलाई गई।कार्यक्रम में उपनिदेशक अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण शैलेश श्रीवास्तव,डीआईओएस चंद्रशेखर, सामाजकल्याण अधिकारी जीआर प्रजापति, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी विजय लक्ष्मी मौर्य,अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नीलिमा सहितसंबंधित विभागों केअधिकारीगण मौजूद रहे।

Asia Cup 2025: हारिस रऊफ पर लगा जुर्माना, फरहान के गनफायर जश्न पर आईसीसी ने दी चेतावनी

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दुबई (राष्ट्र की परम्परा)। भारत-पाकिस्तान मुकाबले के दौरान पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस रऊफ और बल्लेबाज साहिबजादा फरहान की हरकतें उन पर भारी पड़ गईं। बीसीसीआई की शिकायत पर ICC (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) ने सख्त कार्रवाई करते हुए रऊफ पर मैच फीस का 30% जुर्माना लगाया है। वहीं, फरहान को उनके विवादित ‘गनफायर सेलिब्रेशन’ के लिए चेतावनी दी गई है।

क्या है पूरा मामला?

21 सितंबर को खेले गए भारत बनाम पाकिस्तान (IND vs PAK) एशिया कप मैच में मैदान पर तनाव बढ़ गया था। भारतीय सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल और अभिषेक शर्मा ने तेज शुरुआत दिलाई, जिसके बाद पाकिस्तानी गेंदबाजों से बहस हो गई। इसी दौरान बाउंड्री पर खड़े हारिस रऊफ ने आपत्तिजनक इशारे और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, जिसे कैमरे में कैद कर लिया गया।

यह भी पढ़ें – https://rkpnewsup.com/asia-cup-2025-final-history-will-be-made-after-41-years-india-and-pakistan-will-face-each-other-in-the-title-battle-for-the-first-time/

वहीं, पाकिस्तान के बल्लेबाज साहिबजादा फरहान ने अर्धशतक पूरा करने के बाद बल्ले को बंदूक की तरह पकड़कर फायरिंग का इशारा किया। सोशल मीडिया पर उनकी इस हरकत की कड़ी आलोचना हुई और बीसीसीआई ने इसे लेकर आधिकारिक शिकायत दर्ज की।

आईसीसी का फैसला

हारिस रऊफ: अभद्र भाषा और आक्रामक इशारों के दोषी पाए गए, मैच फीस का 30% जुर्माना।

साहिबजादा फरहान: गनफायर सेलिब्रेशन पर चेतावनी, हालांकि उन्होंने इसे अपनी पख्तून परंपरा बताया।

मैच रेफरी रिची रिचर्डसन ने टीम होटल में सुनवाई कर फैसला सुनाया।

क्यों बढ़ी विवाद की गरमी?

गिल ने शाहीन अफरीदी की गेंदों पर लगातार चौके जड़ दिए जिसके बाद दोनों में बहस हो गई। इसके बाद हारिस रऊफ और अभिषेक शर्मा के बीच भी टकराव हुआ। अंपायरों को बीच-बचाव करना पड़ा।

हादसे में घायल बच्चों का थाना प्रभारी ने जाना हाल,दिया मदद का आश्वासन

शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जैतीपुर- थाना परिसर की जर्जर दीवार गिरने से मलबे में दबकर घायल हुए संदीप के बेटे अंश की हालत में सुधार हैं। उसका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।शुक्रवार को फिर से उसके हाथ का एक्सरे किया गया।जो ठीक निकला। अंश के पिता संदीप ने बताया बच्चों की हालत ठीक है।चिकित्सक से परामर्श कर छुट्टी करा ली है।दर्द की वजह से बच्चा रो रहा है।गुम चोटों के कारण उठने बैठनें में भी परेशानी हो रही है, डॉक्टर ने दवाई दी है।गुरूवार की सुबह स्टेट हाईवे से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाने वाले मार्ग पर थाना परिसर की जर्जर दीवार गिर गई थी,जिसके मलबे में दबकर स्कूल जा रहा संदीप का 6 वर्षीय बेटा अंश,राजनाथ का 8 वर्षीय पुत्र गौरव घायल हो गए थे। मौके पर जुटे लोगों ने तत्काल ईटों को हटाकर बच्चों को बाहर निकाला था।सीएचसी पर गौरव को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।वहीं गंभीर चोटें आने पर अंश को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था।जहां उसका डॉक्टरों की देखरेख में उपचार चला।हालत ठीक होने पर शुक्रवार शाम अस्पताल से छुट्टी कर दी गई।सुबह भी जैतीपुर पुलिस जिला अस्पताल गई। चिकित्सकों से बच्चे के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली।
हादसे के बाद थाना प्रभारी गौरव त्यागी घायल बच्चों के घर पहुंचे।घायल गौरव का हाल जाना और अंश के परिजनों से बातचीत कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया हैं।

डीजल चोरी के दो आरोपित गिरफ्तार, 30 लीटर डीजल बरामद

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। थाना तरकुलवा पुलिस ने डीजल चोरी करने वाले दो आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके पास से 30 लीटर डीजल बरामद किया है। एक अन्य आरोपित की तलाश जारी है।पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी आनन्द कुमार पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी नगर संजय कुमार रेड्डी के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार अभियुक्तों में राहुल पासवान पुत्र नगीना पासवान निवासी पासी टोला रामपुर कारखाना तथा प्रदुम्न यादव पुत्र चन्द्रिका यादव निवासी रामपुर कारखाना, थाना रामपुर कारखाना (जनपद देवरिया) शामिल हैं। दोनों को मुखबिर की सूचना पर इण्डियन आयल पेट्रोल पम्प के पास से चोरी के डीजल के साथ पकड़ा गया।पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उन्होंने अपने साथी बाबूलाल पासवान निवासी रामनगर कर्जहा (जनपद गोरखपुर) के साथ मिलकर चोरी की वारदात की थी। बाबूलाल की गिरफ्तारी शेष है, जिसके लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है।गौरतलब है कि 25 सितंबर को वादी दीपक गुप्ता निवासी बंजरिया ने थाने पर तहरीर देकर अपनी ट्रेलर (संख्या- यूपी 52 बी 1480) से डीजल चोरी होने की सूचना दी थी। इस आधार पर थाना तरकुलवा में मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना की गई, जिसमें अभियुक्तों का नाम सामने आया।बरामदगी: एक जरिकेन में 30 लीटर डीजल।गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम:उपनिरीक्षक शुभम कुमार सिंह उपनिरीक्षक अजहर अब्बास जैदी हेड कांस्टेबल अनिल रैना कांस्टेबल मदन कुमार (थाना तरकुलवा)

देश के आर्थिक सुधार के प्रणेता थे डॉ मनमोहन सिंह – डॉ धर्मेन्द्र पांडेय

कांग्रेसियों ने मनाया पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह की जयंती

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह की जयंती कांग्रेस कार्यालय पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर संगोष्ठी का आयोजन कर मनाया गया। इस दौरान सम्बोधित करते हुए जिला उपाध्यक्ष डॉ धर्मेन्द्र पांडेय ने कहा कि डॉ मनमोहन सिंह देश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का काम किया। वह वास्तव में देश के आर्थिक सुधारों के प्रणेता थे। देश के वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने निजी पूंजी को उत्साहित कर घाटे में चलने वाले सार्वजनिक उपक्रमों के लिए अलग से नीतियां विकसित की जिसके चलते भारत की डूबती अर्थव्यवस्था बहुत ही मजबूत हो गई। ब्लॉक अध्यक्ष मनीष रजक ने कहा कि डॉ मनमोहन सिंह महान अर्थ शास्त्री, नौकरशाह,शिक्षाविद और राजनेता थे।उनके बनाये गए नीतियों पर चलकर आज देश पूरी दुनिया में अपनी आन बान शान बनाए हुए है।उन्होंने बच्चों के लिए अनिवार्य मुफ्त शिक्षा का अधिकार प्रदान किया।युवा कांग्रेस के सोशल मीडिया के प्रदेश संयोजक सत्यम पांडेय ने कहा कि उन्होंने देश के किसानों के हित के लिए 71 हजार करोड़ रुपए माफ कर दिए थे। मनरेगा योजना लागू कर देश के बेरोजगार लोगों को अपने गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू कर गरीब परिवार के लोगों के भरण पोषण की व्यवस्था किया।वह देश के सफलतम प्रधानमंत्री थे। कार्यक्रम को पूर्व जिला महासचिव रामविलास तिवारी, सैयद फिरोज अहमद,राजकुमार पटवा,सुनील तिवारी, राघवेन्द्र चौहान, उपेन्द्र चौहान , सत्यवान पांडेय, डॉ याहिया अंजुम, परमानन्द प्रसाद,विपिन पांडेय, गंगासागर मिश्र,सुच्चन खान,मणिप्रकाश पांडेय, विजयलाल, अवधेश यादव, चन्द्रिका मिश्र, नागेन्द्र तिवारी ,अवधेश पांडेय,अखिलेश मिश्र आदि प्रमुख से सम्बोधित किया।

रविवार को भी खुले रहेंगे उप निबंधक कार्यालय

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। नवरात्र पर्व के दौरान विलेख पंजीकरण की अधिक संभावना को देखते हुए जनपद के सभी उप निबंधक कार्यालय रविवार को भी खुले रहेंगे।सहायक महानिरीक्षक निबंधन कुशीनगर बी.एस. वर्मा ने बताया कि सितंबर माह में अधिक संख्या में विलेख पंजीकरण होने की संभावना है। इस कारण रविवार के अवकाश वाले दिन भी कार्यालयों में सामान्य कार्य दिवस की भांति विलेख पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।उन्होंने उप निबंधक पडरौना सदर, हाटा, कसया, तमकुहीराज, कप्तानगंज एवं खड्डा को निर्देशित किया है कि अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत बार एसोसिएशन, दस्तावेज लेखक संघ तथा अन्य संबंधित पक्षों को सूचित करते हुए व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें।
वर्मा ने बताया कि 28 सितंबर 2025, रविवार को अवकाश के दिन भी आमजन अपने विलेखों का पंजीकरण कर सकेंगे।

पेट्रोल सेक्टर से बढ़ा ली ढाई गुना आय प्रजा को बोल दिया टाटा बाय-बाय

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कैसे लगता है पेट्रोल डीजल पर वेट और टैक्स

जी हां मित्रों हमारे देश में पेट्रोल डीजल ही और गैस एक ऐसी प्रोडक्ट है की जिसको आज भी जीएसटी की सूची में शामिल नहीं किया गया। और केंद्र और राज्य सरकार है अपने मन मुताबिक उसमें टैक्स शामिल कर रहे हैं जो वेट के स्वरूप पर सरचार्ज के स्वरूप पर और उसके ऊपर जीएसटी लेकर टैक्स का कलेक्शन कर रहे हैं। अगर हम कोई भी एक राज्य का उदाहरण भी ले ले तो उसमें वेट शेष और अलग प्रकार के छुपे हुए खर्च शामिल है जिससे हमें 30 से ₹40 का पेट्रोल आज भी 90 से 100 रुपए में मिलता है। तो आईए जानते हैं इसकी सच्चाई और यह भी जानते हैं कि आपकी सरकार कैसे कर रही है देश को आपके साथ बेवफाई।

राज्य वाइज पेट्रोलियम पैदाशो से मिल रही आय
अगर आप देखें की हर एक राज्यों में पेट्रोल और डीजल का यानी कि पेट्रोल के पदार्थ का पूरा माजरा अलग पूरा टैक्स का कलेक्शन अलग-अलग रित से हो रहा है। और सब राज्य अपनी ही चल रहा है यह नीचे दिए हुए आंकड़ों से साफ साबित हो जाएगा।

देखते हे आय के आंकड़े
तो अब जानते हैं सरकारी वेबसाइट के अनुसार कितना टैक्स पेट्रोल और डीजल से आया ।
आंध्र प्रदेश 8,777 करोड़ से लेकर 15,970.4 करोड़
अरुणाचल प्रदेश 56 करोड़ से 210.0 करोड़
असम 2,268 करोड़ से 6,057.7 करोड़
बिहार 2,885 करोड़ से 10,275.4 करोड़
चंडीगढ़ 84 करोड़ से 88.6 करोड़
छत्तीसगढ 2,645 करोड़ से 6,810.6 करोड़
दिल्ली 2,798 करोड़ से 4,619.3 करोड़
गोवा 478 करोड़ से 1,274.1 करोड़
गुजरात 15,879 करोड़ से 24,586.2 करोड़
हरयाणा 5,112 करोड़ से 10,087.4 करोड़
हिमाचल प्रदेश 234 करोड़ से 1,615.9 करोड़
जम्मू एवं कश्मीर 951 करोड़ से 1,675.1 करोड़
झारखंड 2,076 करोड़ से 5,726.0 करोड़
कर्नाटक 8,668 करोड़ से 23,427.6 करोड़
केरल 5,378 करोड़ से 12,281.2 करोड़
मध्य प्रदेश 6,832 करोड़ से 15,329.4 करोड़
महाराष्ट्र 19,795 करोड़ से 36,992.2 करोड़
मणिपुर 116 करोड़ से 270.5 करोड़
मिजोरम 58 करोड़ से 152.3 करोड़
नगालैंड 83 करोड़ से 194.1 करोड़
ओडिशा 2,865 करोड़ से 9,759.3 करोड़
पंजाब 4,179 करोड़ से 8,178.9 करोड़
राजस्थान 8,373 करोड़ से 18,873.8 करोड़
सिक्किम 74 करोड़ से 190.3 करोड़
तमिलनाडु 12,316 करोड़ से 24,861.3 करोड़
तेलंगाना 4,527 करोड़ से 15,515.8
त्रिपुरा 180 करोड़ से 523.2 करोड़
उतार प्रदेश 12,579 करोड़ से 31,214.1 करोड़
उत्तराखंड 1,157 करोड़ से 2,159.5 करोड़
पश्चिम बंगाल 5,563 करोड़ से 12,979.0 करोड़ ऐसे कुल पूरे देश का टेक्स कलेक्शन 137157.3 करोड़ से 302058.52 करोड़ तक पहुंचा।।

तो इस तरह अगर सिर्फ डायरेक्ट टेक्स को जोड़ दिया जाए तो भी 2014 15 में 137 हजार करोड़ से सिर्फ पेट्रोल प्रोडक्ट में टेक्स की आय 2024 25 में 3 लाख 2 हजार करोड़ की हो गई हे।

अब जानते हे इस प्रोडक्ट की कुल आय

और अब हम आगे जाकर जब इसी सरकारी साइट मुताबिक पूरी आय देखेंगे तो हमारी आंखे 4 हो जाएगी क्योंकि सिर्फ पेट्रोलियम कंपनियों ने ही देश को 2023 24 में 755000 करोड़ से ज्यादा आय करके दी हे जिसमें सारे पेट्रोलियम प्रोडक्ट और उसका मुनाफा जोड़ा हुआ हे जो आय 2014 – 15 में 3 लाख 32 हजार करोड़ थी।

सड़क और विकास के साथ आय का जोड़
अब जो सबसे जरूरी हे उस पॉइंट पर आए तो यह बात तय हे की भारत में पिछले कई सालों से रोड बनते ही जा रहे हे। और उनके आंकड़े भी अब नेता अपने भाषण में बोल रहे हे। लेकिन यह आंकड़े उसकी पोल खोल रहे हे।

आज कल कही नेता हाई वे और एक्सप्रेस वे को लेकर अपनी पीठ थपथपाते हे लेकिन अगर सही माइनो में देखा जाए तो पिछले 5 सालों में 10 लाख करोड़ से ज्यादा सिर्फ और सिर्फ पेट्रोल डीजल पे ही टेक्स का कलेक्शन हुआ हे। और सदके 7 लाख 84 हजार करोड़ की ही बनी हे।

इच्छा हो तो कल से ही पेट्रोल डीजल के दाम 10 से 15% गीर सकते हे।

अगर राज्य और केंद्र सरकार की इच्छा शक्ति हो तो यह दाम 24 घंटे में ही आपके राज्य में 10 से 15 % घट सकते हे। लेकिन इसमें सारी सरकार एकजुट हो कर सारा टेक्स का मार जनता पर थोप रही हे। न तो वो अपनी और से टेक्स घटा रही हे और न तो कोई राज्य को सही तरीके से उसकी पहल करने को बोल रही हे। इसमें तेरीभी चुप और मेरी भी चुप वाला घाट हो रहा हे।

टेक्स के नाम पर चल रही लुट

साथ में इसमें हम रोड से जुड़े हुए सारे टेक्स यानी कि गाड़ियों पर लगते , उसके बीमें से आते और टोल टेक्स को जोड़ दिया जाए तो यह एक बहुत मोटा जोल हे और साफ नजर आता हे की सरकारे देश और उसके लोगो को टीक के नाम पर लूट चला रहे हे। और उसमें भी पेट्रोलियम विभाग का तो ऐसा हाल हे के हर राज्य में अपने हिसाब से टेक्स वसूली चल रही हे। साथ में कितने रोड पर उसने लोन भी ले रखी हे। पिछले कई सालों में दंड से लेकर स्टैम्प ड्यूटी 10 से 2 गुना बढ़ाई गई लेकिन पेट्रोल और डीजल के दाम वैश्विक बाजार में गिरे फिरभी उसको किसी भी प्रकार से प्रजा को राहत देने की कोशिश नहीं हो रही हे। सिर्फ और सिर्फ लोगों को बेवकूफ बनाया जा रहा हे।अब देखते हे यह आंकड़े के साथ किस देशभक्त सरकार की जमीर जागृत होते हे और वह अपने राज्य की प्रजा को थोड़ी राहत देते है।

प्रतीक संघवी (गुजरात)

डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग का तीसरा दिन

केरल स्टोरी से बस्तर के नक्सलवाद की समाप्ति तक की यात्रा पर व्यापक विमर्श

पणजी/गोवा (राष्ट्र की परम्परा)। भारत के भीतर, भारत के विरुद्ध। यह विषय वास्तव में बहुत गंभीर है। देश की बदलती डेमोग्राफी। देश के भीतर से देश को टुकड़े करने के सपने देखने वाले लोग। अवैध घुसपैठ। बस्तर जैसे क्षेत्र। बंगाल की विभाजक शक्तियां। पूर्वोत्तर को काटने की साजिश। सच यह है कि देश तोड़ने की बात करने वाले और उनको उकसाने वाली शक्तियों बहुत कमजोर हैं, उनको उनकी शैली में जब हम जवाब देना शुरू कर देंगे तो वे भाग खड़े होंगे और उन्हें छुपने की जगह नहीं मिलेगी। निर्देशन के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त सुदीप्तो सेन ऐसा ही सोचते हैं।
तीसरे दिन की एक बहुत महत्वपूर्ण चर्चा छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद और माओवाद पर विशेष रूप से रही जिसमें छत्तीसगढ़ के उपमुख्य मंत्री विजय शर्मा ने स्वयं बहुत विस्तार से अपनी बात रखी।
जून 89 के नरसंहार का वह दौर जब नक्सली और माओवादियों ने इस प्रदेश को रक्त रंजित कर रखा था। लगभग छह दशकों की वह खूनी सक्रियता समाप्त हो रही है। नक्सलियों और माओवादियों का एक मात्र उद्देश्य होता है बंदूक के बल से सत्ता लेना। उनके लिए लोकतंत्र और मानवता का कोई महत्व नहीं होता। बस्तर के 27 नक्सल समूह समाप्त हो चुके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और गृहमंत्री अमित शाह जी के उस संकल्प को हमने पूरा कर लिया है जिसमें मार्च 2026 तक पूरे बस्तर को नक्सलमुक्त कर देना है। श्री शर्मा ने नक्सली नेक्सस में अर्बन, फाइनेंशियल, सोशल, लीगल आदि सभी नेटवर्क का भेदन किया गया है। जंगल की लड़ाई तो हम जीत लेंगे, अब यह इन्फुएंसर्स की जिम्मेदारी है कि आप बस्तर की वास्तविक कहानी को विश्व के सामने रखें। इस सत्र का संचालन रुचा लिमए,और आईआईटी दिल्ली के प्रो कुमार शुभम ने किया। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि
छत्तीसगढ़ अब माओवादी, नक्सली प्रभाव से लगभग मुक्त हो चुका है।
संकल्प से सिद्धि की ओर नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ बढ़ रहा है। उपमुख्य मंत्री, छत्तीसगढ़ प्रदेश ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीति जरूरी है। युवाओं को राजनीति में आना चाहिए। अच्छे लोग राजनीति में नहीं आएंगे तो बुरे लोग वह स्थान ले लेंगे। निर्णय समूह में ही संभव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के इस भाव से सीखना चाहिए। देश के मानविंदुओं और जनकल्याण के लिए कार्य होना चाहिए। लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए। आज के हर युवा को समझना चाहिए कि आज आपका समय आ चुका है। आपको इसके लिए सक्रिय होना चाहिए।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ,भारत सरकार के सचिव संजय जाजू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिजिटल इंडिया की सोच और उनके द्वारा रचे जा रहे नए संस्थानों और नई योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। कनेक्टिंग क्रिएटर्स, कनेक्टिंग कंट्रीज, डिजिटल रिवोल्यूशन के लिए किए जा रहे प्रयासों को उन्होंने सामने रखा। यूट्यूब के सी ई ओ से इस मुद्दे पर अलग से विमर्श किया गया है।
क्रिएटर्स इकोनॉमी ,मैजिक ऑफ डिजिटल इंडिया, क्रिएट कॉमर्स, न्यू मीडिया, ओल्ड मीडिया आदि पर बहुत कुछ हो रहा है। डिजिटल मीडिया को समझाना है कि इंपार्टेंट पार्टनर ऑफ जर्नी आप हैं। आप डेवलेपमेंट के एंबेसेडर हैं। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी, भारत सरकार ने शुरू कर दिया है। इसकी कक्षाएं शुरू हो रही हैं।वेव्स बाजार जैसा प्लेटफॉर्म
क्रिएटर्स के लिए बनाया गया है। सॉफ्ट पावर, स्टोरीज के लिए बहुत कुछ किया जा रहा है। सरकार की अनेक सुविधाएं हैं जिनका लाभ क्रिएटर्स को लेना है।
क्रिएटिव इंडिया मिशन, क्रिएटिव इकोनॉमी हमारा लक्ष्य है। ये आज के क्रिएटर्स पॉलिसी हिस्टोरियंस हैं। वेव्स ओटीटी जैसा प्लेटफॉर्म भारत सरकार ने शुरू कर दिया है।
आई आईटी मुंबई के प्रो गणेश सुब्रमण्यन जी और सी ई ओ इंडिया ए आई, अभिषेक सिंह ने नवीन तकनीक और ए आई के प्रभाव और उपयोग पर विस्तार से चर्चा की। समाज, राजनीति, शिक्षा , कृषि, चिकित्सा आदि क्षेत्रों में इसके उपयोग पर तो चर्चा की ही गई, इसके दुरुपयोग को रोकने के उपायों पर भी बात की गई।

आचार्य संजय तिवारी

प्रेम प्रसंग विवाद: नाराज युवक हाईटेंशन टॉवर पर चढ़ा, घंटों बाद सकुशल उतारा गया

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महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा) घुघली थाना क्षेत्र के हरखपुरा गांव में शुक्रवार की सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक युवक गांव में स्थित हाईटेंशन बिजली के टॉवर पर विरोध स्वरूप चढ़ गया। यह घटना प्रेम प्रसंग से जुड़े विवाद का परिणाम बताई जा रही है। पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया।

​घटनाक्रम और विवाद की जड़

  • टॉवर पर चढ़ा युवक: पुलिस जांच में युवक की पहचान करण (पुत्र बलिराम प्रसाद, निवासी अतरडीहा, थाना नेंबुआ नौरंगिया, कुशीनगर) के रूप में हुई।
  • प्रेम प्रसंग का मामला: पुलिस के अनुसार, यह विवाद प्रेम प्रसंग से जुड़ा है। विगत 27 अगस्त को घुघली थाना में पार्वती (पुत्री नंद किशोर, निवासी बैरिया) की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी, जिसे पुलिस ने 31 अगस्त को सकुशल बरामद कर लिया था।
  • विवाह से इनकार: पूछताछ में पता चला कि युवती पार्वती और करण के बीच प्रेम संबंध था। युवती के परिजनों ने पहले तो दोनों के विवाह के लिए सहमति दी, लेकिन बाद में वे अपने फैसले से पलट गए
  • विरोध प्रदर्शन: इसी बात से नाराज होकर करण शुक्रवार की सुबह युवती के गांव हरखपुरा पहुंचा और विरोध जताते हुए हाईटेंशन टॉवर पर चढ़ गया।

​पुलिस और प्रशासन की सक्रियता

​युवक के टॉवर पर चढ़ने की सूचना मिलते ही मौके पर अफरातफरी मच गई और ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।

  • तत्काल कार्रवाई: थानाध्यक्ष घुघली कुंवर गौरव सिंह पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे।
  • बचाव टीम: थोड़ी ही देर में सीओ सदर, बिजली विभाग के अधिकारी और फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंच गई।
  • सुरक्षा उपाय: किसी भी अनहोनी की आशंका को देखते हुए बिजली विभाग ने एहतियात के तौर पर सप्लाई बंद कर दी।
  • सफल रेस्क्यू: पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने युवक को लगातार समझाया-बुझायाघंटों मशक्कत के बाद अंततः युवक करण को सुरक्षित नीचे उतारा गया

​अधिकारियों का बयान और शांति व्यवस्था

​थानाध्यक्ष घुघली कुंवर गौरव सिंह ने बताया कि युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया है। उन्होंने पुष्टि की कि गांव में शांति व्यवस्था कायम है। मामले की जांच की जा रही है और नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में थानाध्यक्ष घुघली और बचाव टीम के कार्य की प्रशंसा की जा रही है।

दुर्गा प्रतिमा विसर्जन स्थल का निरीक्षण

एडीजी रेंज ने दिए सुरक्षा के निर्देश

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के मद्देनज़र शुक्रवार को एडीजी रेंज एस. चनप्पा ने मंडलायुक्त अनिल ढींगरा, जिलाधिकारी दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव व अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा के साथ एकला बंधा के पास राप्ती नदी के तट पर बने कृत्रिम तालाब का निरीक्षण किया।

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एडीजी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि विसर्जन स्थल पर किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न घटे, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता होनी चाहिए। उन्होंने पूरे स्थल पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही भीड़ प्रबंधन के लिए पुलिस बल की प्रभावी तैनाती करने, बैरिकेडिंग, पार्किंग व यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा।

मंडलायुक्त व जिलाधिकारी ने भी संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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