संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। शासन की मंशा एवं जिलाधिकारी के निर्देशन में मिशन शक्ति अभियान के पांचवें चरण “ड्राइविंग माय ड्रीम्स” के तहत माधव प्रसाद त्रिपाठी राजकीय महिला महाविद्यालय में जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई।
जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश चंद्र ने बताया कि कार्यशाला में छात्राओं एवं महिलाओं को ड्राइविंग और यातायात नियमों की जानकारी दी गई। ड्राइविंग सीखने की इच्छुक महिलाओं और बालिकाओं का नाम भी दर्ज किया गया। इसमें संजना, रोशनी, प्रिया, आकांक्षा, संध्या, निशा, वंदना, साधना चौधरी, प्रीति यादव, आंशिक मिश्रा, नीलम श्रीवास्तव और प्रीति सिंह ने सहमति जताई। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्रवक्ता नीलम श्रीवास्तव, प्रीति सिंह, मोनिका शुक्ला, ऋतुका दुबे, अमन और नरेंद्र यादव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के अंतर्गत मिल रहा अवसर
देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)।दीपावली के शुभ अवसर पर प्रदेश सरकार माटीकला से जुड़े कारीगरों को बड़ा तोहफ़ा देने जा रही है। जिला ग्रामोद्योग अधिकारी वीरेन्द्र प्रसाद ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा संचालित मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के तहत कारीगरों को पूंजीगत ऋण पर 25 प्रतिशत तक का अनुदान (मार्जिन मनी) उपलब्ध कराया जाएगा।उन्होंने बताया कि इस योजना में माटीकला आधारित कई व्यवसायिक गतिविधियाँ शामिल की गई हैं। इनमें मिट्टी के खिलौनों का निर्माण, घरेलू उपयोग की वस्तुएँ (घड़ा, सुराही, कुल्हड़, गिलास, कटोरी, कप-प्लेट, अचारदानी आदि), भवन निर्माण सामग्री (फ्लोर टाइल्स, रूफ टाइल्स, लैट्रिन पैन, पाइप, वाश बेसिन) तथा सजावटी सामान (गुलदस्ता, गार्डन पॉट्स, बोनसाई पॉट्स, लैम्प आदि) का उत्पादन शामिल है।योजना के अंतर्गत अधिकतम 10 लाख रुपये तक की परियोजनाएँ बैंकों के माध्यम से वित्तपोषित की जाएंगी। इसमें लाभार्थी का स्वयं का अंशदान केवल 5 प्रतिशत होगा, जबकि शेष 95 प्रतिशत राशि बैंक ऋण के रूप में दी जाएगी। इस पर राज्य सरकार की ओर से 25 प्रतिशत तक का अनुदान उपलब्ध होगा।जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ने बताया कि 5 लाख रुपये तक की परियोजना के लिए लाभार्थी का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी, न्यूनतम 18 वर्ष आयु का और साक्षर होना आवश्यक है। वहीं, 5 लाख रुपये से अधिक की परियोजना हेतु आवेदक का कक्षा 8 उत्तीर्ण होना और माटीकला का प्रशिक्षण प्राप्त करना या पारंपरिक जानकारी होना अनिवार्य है।माटीकला इकाई की स्थापना के इच्छुक इच्छुक व्यक्ति कार्यदिवसों में जिला पंचायत भवन (प्रथम तल), देवरिया स्थित जिला ग्रामोद्योग कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। यह योजना पूर्णतः ऑनलाइन पोर्टल https://upmatikalaboard.in के माध्यम से संचालित है। ऑनलाइन आवेदन करने के उपरांत आवश्यक दस्तावेज़—फोटो, आधार कार्ड, पैन कार्ड, जाति प्रमाणपत्र, प्रोजेक्ट रिपोर्ट एवं शैक्षिक योग्यता प्रमाणपत्र—कार्यालय में जमा करने होंगे।अधिक जानकारी के लिए लाभार्थी दूरभाष संख्या 05568-220333, 7408410721, 9935526811 एवं 9670844780 पर संपर्क कर सकते हैं।
अमेरिका में सरकारी शटडाउन- वैश्विक आर्थिक तंत्र, अंतरराष्ट्रीय राजनीति और बहुपक्षीय समझौतों पर भी गहरा असर डालता है
ट्रंप भले ही पूरी दुनियाँ में टैरिफ लगाकर पैसे कमाने की कोशिश कर रहे हैं,लेकिन आज अमेरिका कीअर्थव्यवस्था संभवतःठीक नहीं है?- एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
गोंदिया-वैश्विक स्तरपरअमेरिका जिसे दुनियाँ की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और लोकतांत्रिक शक्तियों का प्रतीक माना जाता है, वहां “सरकारी शटडाउन” जैसी स्थिति समय-समय पर उत्पन्न होती रहती है।यह केवल प्रशासनिक ठहराव नहीं होता, बल्कि वैश्विक आर्थिक तंत्र, अंतरराष्ट्रीय राजनीति और बहुपक्षीय समझौतों पर भी गहरा असर डालता है। हाल ही में ट्रंप प्रशासन के दौर में एक बार फिर से यह शटडाउन सामने आया है। इसके पीछे केवल सरकारी खर्चों के बिल पर संसद (कांग्रेस) में सहमति न बन पाने की वजह नहीं है,बल्कि अमेरिकी लोकतांत्रिक ढांचे की गहरी खींचतान भी जुड़ी हुई है।ट्रम्प के पहले कार्यकाल के दौरान तीन बार शटडाउन हुआ था। 1980 के दशक में रोनाल्ड रीगन कार्यकाल में 8 बार शटडाउन हुआ था। अमेरिका के इतिहास में सबसे लंबा शटडाउन ट्रंप के पिछले कार्यकाल में ही हुआ था जो 35 दिन चला था।मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र यह मानता हूं,कि ट्रंप भले ही पूरी दुनियाँ में टैरिफ लगाकर पैसे कमाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन आज अमेरिका की अर्थव्यवस्था संभवतःठीक नहीं है।
अमेरिका में महंगाई ज्यादा है, अर्थव्यवस्था की विकास दर धीमी है। दुनियाँ में सबसे ज्यादा कर्ज आज अमेरिका पर है। अमेरिका पर दुनियाँ में कुल कर्ज का करीब 35 पर्सेंट हिस्सा है। आज अमेरिका पर 3 हजार 200 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है।चूँकि अमेरिका में शटडाउन लगा हुआ है। साथियों बात अगर हम अमेरिका में सरकारी शट डाउन की स्थिति की करें तो,अमेरिका में सरकार ने काम करना बंद कर दिया है। क्योंकि ट्रंप सरकार के पास काम करने के लिए पैसे नहीं है।इसीलिए अमेरिका में सरकारी ऑफिस बंद हो रहे हैं और सरकारी कर्मचारियों को बिना सैलरी छुट्टी पर भेजा जा रहा है।दरअसल अमेरिकी सरकार को चलाने के लिए हर साल बजट पास करना जरूरी होता है। इस बजट के पास होने के बाद ही सरकारी कर्मचारियों को वेतन मिलता है। लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप इस बिल को पास नहीं करा पाए है। बिल को पास करने के लिए सीनेट में 60 वोटों की जरूरत होती है। बिल के समर्थन में 55 और विरोध में 45 वोट पड़े। एक तरह से अमेरिकी संसद में राष्ट्रपति ट्रंप की हार है। बिल के पास नहीं होने से सरकार को मिलने वाला पैसा रोक दिया जाता है। इसके बाद अमेरिका में गैर जरुरी सरकारी कामकाज बंद हो जाता है और इसे शटडाउन कहा जाता है।शटडाउन होने से यह असर होगा कि,अमेरिकी सरकार अपने खर्चों को घटाएगी। गैर जरुरी सेवाएं और ऑफिस बंद हो जाएंगे। करीब 40 लाख लोगों की सैलरी पर असर होगा। बड़ी संख्या में लोगों की छंटनी होगी।शटडाउन अगर लंबे समय तक चलता है तो इकोनॉमी भी असर होगा। शटडाउन के दौरान मेडिकल सेवा, सीमा सुरक्षा और हवाई यातायात जैसी जरूरी सेवाएं जारी रहती है। अमेरिका में पिछले 50 साल में फंडिंग बिल अटकने की वजह से 20 बार शटडाउन हुआ है,इसलिए आज हम मीडिया में उपलब्ध जानकारी के सहयोग से इसआर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे”अमेरिकन जॉब्स फर्स्ट” रणनीति बनाम सामाजिक योजनाएं,स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा के लिए अधिक फंडिंग प्राथमिकता नतीजा “सरकारी शटडाउन”।
साथियों बात अगर हम अमेरिका में शटडाउन क्यों हुआ वर्तमान परिप्रेक्ष्य में समझने की करें तो,अमेरिका की संघीय सरकार का बजट हर साल कांग्रेस (हाउस ऑफ़ रिप्रेजेन्टेटिव्स और सेनेट) से पास होना आवश्यक होता है। लेकिन कई बार सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नीतिगत मतभेद इतने बढ़ जाते हैं कि बजट अथवा अस्थायी फंडिंग बिल (कंटिन्यूग रिसोलूशन) पारित नहीं हो पाता। इसी के चलते सरकारी एजेंसियों के पास अपने कर्मचारियों को वेतन देने या योजनाओं को चलाने के लिए धन समाप्त हो जाता है।यही स्थिति “शटडाउन” कहलाती है।हाल ही में शटडाउन की स्थिति इसलिए बनी क्योंकि ट्रंप प्रशासन द्वारा प्रस्तुत बजट और विपक्षी डेमोक्रेट्स की मांगों में सामंजस्य नहीं बैठ पाया।ट्रंप,अमेरिका- मैक्सिको सीमा पर सख्त आव्रजन नीति और “अमेरिकन जॉब्स फर्स्ट” रणनीति को बजट में प्राथमिकता दे रहे थे, जबकि विपक्ष सामाजिक योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के लिए अधिक फंडिंग चाहता था। नतीजा यह हुआ कि बजट पर सहमति नहीं बनी और सरकारी मशीनरी ठप पड़ गई। साथियों बात अगर हम अमेरिका में ‘सरकारी शटडाउन’ की स्थिति कब कहलाती है? इसको समझने की करें तो”शटडाउन” की परिभाषा अमेरिकी राजनीतिक प्रणाली से जुड़ी है। जब कांग्रेस बजट या अस्थायी खर्च विधेयक पास नहीं करती, तब सरकार के पास “नॉन- एसेंशियल सर्विसेज” के लिए धन खत्म हो जाता है।इसके परिणाम स्वरूप :लाखों सरकारी कर्मचारी या तो “बिना वेतन” घर बैठने के लिए मजबूर हो जाते हैं या उन्हें “फरलो” पर भेज दिया जाता है।राष्ट्रीय उद्यान,म्यूजियम, रिसर्च लैब्स, और कई तरह की सेवाएँ बंद हो जाती हैं।केवल”एसेंशियल सर्विसेज” जैसे,सेना, पुलिस, आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएँ और हवाई यातायात नियंत्रण सीमित स्तर पर चलते रहते हैं।यदि शटडाउन लंबे समय तक जारी रहता है तो अर्थव्यवस्था की गति पर भारी असर पड़ता है।साधारण शब्दों में, जब सरकार के पास कर्मचारियों को वेतन देने और योजनाओं को चलाने के लिए “कानूनी स्वीकृत धन” नहीं होता, तो वही स्थिति “सरकारी शटडाउन” कहलाती है। साथियों बात अगर हमग्लोबल शटडाउन का खतरा- किसका मीटर डाउन होने वाला है? इसको समझने की करें तो, अमेरिका की अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और इसका डॉलर वैश्विक रिज़र्व करंसी है। इसलिए जब अमेरिका में शटडाउन होता है, तो इसका प्रभाव सीमित रूप से ही सही लेकिन पूरे विश्व पर पड़ता है।(1) वित्तीय बाजार पर असर- अमेरिकी शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ जाता है, डॉलर कमजोर पड़ सकता है और सोना जैसी सुरक्षित संपत्तियों में निवेश बढ़ जाता है।(2) वैश्विक सप्लाई चेन-जब अमेरिकी प्रशासनिक एजेंसियाँ बंद हो जाती हैं,तो अंतरराष्ट्रीय व्यापार अनुमोदन, आयात-निर्यात क्लीयरेंस और सीमा शुल्क प्रक्रियाएँ प्रभावित होती हैं।(3) विकासशील देशों पर दबाव- वे देश जिनकी अर्थव्यवस्था अमेरिकी निवेश या सहायता पर निर्भर है,उन्हें सबसे ज्यादा झटका लगता है।(4) ग्लोबल शटडाउन का रूपक- यदि अमेरिकी शटडाउन लंबा खिंचता है, तो इससे विश्व अर्थव्यवस्था की गति मंद पड़ सकती है।यह”ग्लोबल शटडाउन” जैसा असर डालता है, यानी पूरे सिस्टम का मीटर धीरे-धीरे डाउन होने लगता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह शटडाउन लंबा चलता है तो आईएमफ, वर्ल्ड बैंक और डब्लूटीओ जैसी संस्थाओं की कार्यशैली पर भी अप्रत्यक्ष दबाव पड़ सकता है, क्योंकि अमेरिका इन संस्थाओं में सबसे बड़ा दाता है।
साथियों बात अगर हम भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर असर को समझने की करें तोभारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ वर्षों से व्यापार समझौते (ट्रेड डील) पर बातचीत जारी है। इसमें कृषि, सेवा क्षेत्र, डेटा ट्रांसफर, दवा उद्योग और डिजिटल बाजार से जुड़े कई बिंदु शामिल हैं। शटडाउन के कारण इन वार्ताओं पर भी असर पड़ सकता है।(1) प्रशासनिक रुकावट-अमेरिकी व्यापार विभाग और संबंधित एजेंसियों के कामकाज ठप होने से बातचीत की गति धीमी हो सकती है।(2)राजनीतिक अनिश्चितता – भारत यह समझने में असमंजस की स्थिति में है कि अमेरिकी नीति अगले कुछ महीनों में किस दिशा में जाएगी।(3) निवेश पर असर-अमेरिकी कंपनियाँ भारत में निवेश के फैसले स्थगित कर सकती हैं क्योंकि उन्हें अपने घरेलू हालात स्पष्ट होने तक इंतजार करना होगा।(4)रणनीतिक साझेदारी- हालांकि भारत और अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी (जैसे रक्षा और टेक्नोलॉजी सहयोग) इतनी मजबूत है कि अल्पकालिक शटडाउन से टूटने वाली नहीं है,लेकिन अल्पावधि में इसके नकारात्मक संकेत ज़रूर मिल सकते हैं।इसलिए कहा जा सकता है कि शटडाउन भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता की रफ्तार को धीमा कर देगा, लेकिन इसे पूरी तरह रोक नहीं पाएगा। साथियों बात अगर हमअमेरिका में विपक्ष के पास इतने अधिकार कैसे आए कि ट्रंप का सिस्टम शटडाउन कर दिया? इसको समझने की करें तो अमेरिका का लोकतांत्रिक ढांचा “चेकस एंड बैलेंसस” के सिद्धांत पर आधारित है। इसमें राष्ट्रपति (एग्जीक्यूटिव),कांग्रेस (लेजिस्लेचर) और न्यायपालिका (जुडीशियरी) -तीनों शाखाओं को समान अधिकार और परस्पर नियंत्रण की शक्ति दी गई है।(1)कांग्रेस की शक्ति-बजट और कराधान से जुड़े सभी निर्णय कांग्रेस के हाथ में होते हैं।राष्ट्रपति केवल प्रस्ताव दे सकता है, लेकिन अंतिम स्वीकृति कांग्रेस ही देती है।(2)विपक्ष की भूमिका-यदि हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स या सीनेट में विपक्ष के पास बहुमत है, तो वह राष्ट्रपति के बजट प्रस्ताव को रोक सकता है।(3)ट्रंप के मामले में-डेमोक्रेट्स ने सामाजिक कल्याण योजनाओं और पर्यावरणीय मुद्दों पर अधिक बजट की मांग की, जबकि ट्रंप “अमेरिका फर्स्ट” एजेंडा को प्राथमिकता दे रहे थे। सहमति न बनने पर विपक्ष ने बजट को पारित होने से रोक दिया, जिससे शटडाउन हो गया।(4) लोकतंत्र का सार-यह स्थिति दर्शाती है कि अमेरिकी लोकतंत्र में विपक्ष केवल आलोचक नहीं है, बल्कि वह शासन की दिशा बदलने और रोकने की सटीक शक्ति भी रखता है। अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि,अमेरिका में शटडाउन केवल एक प्रशासनिक समस्या नहीं है, बल्कि यह विश्व अर्थव्यवस्था और वैश्विक राजनीति पर असर डालने वाला बड़ा घटनाक्रम है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि किसी भी लोकतंत्र में संतुलन बनाए रखने के लिए विपक्ष कितना शक्तिशाली हो सकता है। भारत के लिए यह स्थिति अवसर और चुनौती दोनों है-एक ओर भारत को अमेरिका की अनिश्चितताओं को ध्यान में रखते हुए अपनी आर्थिक नीतियों को मजबूत करना होगा, वहीं दूसरी ओर यह भारत को अधिक आत्मनिर्भर बनने का भी अवसर दे रहे हैँ।
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद देवरिया में शासन की महत्वाकांक्षी एग्री-स्टैक योजना के अंतर्गत चल रहे खरीफ-2025 सर्वे कार्य में लापरवाही बरतने वाले कृषि विभाग के दो कार्मिकों को निलम्बित कर दिया गया है। उप निदेशक कृषि सुभाष मौर्य ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जनपद में एग्री-स्टैक योजना के सर्वे का कार्य संचालित है। इस योजना की 02 अक्टूबर 2025 को जिलाधिकारी द्वारा समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान पाया गया कि कृषि विभाग के दो क्षेत्रीय कार्मिक अपने-अपने कार्यक्षेत्र में अनुपस्थित थे तथा सर्वे कार्य में गंभीर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता बरत रहे थे। इस पर जिलाधिकारी द्वारा तत्काल प्रभाव से दोनों कार्मिकों को निलम्बित करने के निर्देश दिए गए।निर्देशों का अनुपालन करते हुए विभाग ने दोनों प्राविधिक सहायक (ग्रुप “सी”) कार्मिकों को निलम्बित कर दिया है।उप निदेशक कृषि ने समस्त क्षेत्रीय कार्मिकों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे शासन की मंशा के अनुरूप अपने-अपने कार्यक्षेत्र में पूरी तत्परता के साथ उपस्थित रहकर सर्वे कार्य को शत-प्रतिशत पूर्ण करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि किसी कार्मिक द्वारा सर्वे कार्य या अन्य राजकीय कार्यों में लापरवाही पाई गई, तो उसके विरुद्ध कठोरतम अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
संत कबीर नगर(राष्ट्र की परम्परा)। जिले में शुक्रवार की नमाज को सकुशल सम्पन्न कराने एवं शांति-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आलोक कुमार और पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने संयुक्त रूप से खलीलाबाद क्षेत्रान्तर्गत मगहर कस्बे एवं थाना बखिरा क्षेत्रान्तर्गत लेडुआ महुआ में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारीद्वय ने पैदल गश्त कर सुरक्षा प्रबंधों का बारीकी से निरीक्षण किया और पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवांछनीय एवं अराजक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए और किसी भी प्रकार की गतिविधि सामने आने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की कि शासन-प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से नमाज एवं विसर्जन में सम्मिलित हों। इस मौके पर प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली खलीलाबाद पंकज कुमार पाण्डेय, प्रभारी निरीक्षक थाना बखिरा राकेश कुमार सिंह, पीआरओ पुलिस अधीक्षक दुर्गेश कुमार पाण्डेय सहित अन्य पुलिस अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
राष्ट्र की परम्परा डेस्क भारत और पाकिस्तान के बीच दशकों पुराना सर क्रीक विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। गुजरात की तटरेखा से सटे इस संवेदनशील क्षेत्र में पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे सैन्य ढांचे के विस्तार ने नई चिंता खड़ी कर दी है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में शस्त्र पूजन के अवसर पर सैनिकों के साथ दशहरा मनाते हुए पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान सर क्रीक सेक्टर में कोई भी दुस्साहस करता है, तो उसका जवाब इतना निर्णायक होगा कि “वह इतिहास और भूगोल दोनों बदल देगा।”
सिंह ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान जानबूझकर इस विवाद को भड़काता है, जबकि भारत ने हमेशा बातचीत के जरिए समाधान की पहल की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना द्वारा सिंध के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में आपातकालीन हवाई पट्टियों और सैन्य छावनियों का निर्माण उसके अस्पष्ट इरादों और उकसावे वाले रुख को दर्शाता है।
रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान ने पाकिस्तान की हवाई रक्षा को बेनकाब किया और भारत की सैन्य क्षमता को साबित किया। उन्होंने 1965 के युद्ध का ज़िक्र करते हुए कहा, “उस समय भारतीय सेना ने लाहौर तक पहुंचने की क्षमता दिखाई थी। पाकिस्तान को याद रखना चाहिए कि कराची का रास्ता भी सर क्रीक से होकर जाता है।”
करीब 96 किलोमीटर लंबा सर क्रीक क्षेत्र, कच्छ के रण और पाकिस्तान के बीच स्थित ज्वारीय मुहाना है। समुद्री सीमा की अलग-अलग व्याख्याओं के कारण यह इलाका आजादी के 78 साल बाद भी विवादित बना हुआ है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इसका सामरिक महत्व इतना बड़ा है कि किसी भी प्रकार का टकराव पूरे क्षेत्र की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण को प्रभावित कर सकता है।
सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। सलेमपुर नगर में इस बार भी मूर्ति विसर्जन का आयोजन गगनभेदी नारों, ढोल-नगाड़ों और अनुशासनपूर्ण जुलूसों के बीच ऐतिहासिक रूप से सम्पन्न हुआ। मौसम की आंख-मिचौली और बीच-बीच में होती तेज–हल्की बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।सुबह से ही नगर में भक्ति और उल्लास का वातावरण बन गया। हजारों की संख्या में लोग कतारबद्ध होकर पूरे अनुशासन के साथ मंदिरों और पंडालों से प्रतिमाओं को लेकर विसर्जन स्थल तक पहुंचे। कभी आसमान साफ हो जाता तो कभी बादलों से घिर जाता, किंतु भक्तजन भीगते हुए भी जयकारों और देवी–देवताओं के गीतों पर थिरकते नजर आए। उनका जोश मौसम की किसी चुनौती से डगमगाता नहीं दिखा।नगरवासी परिवार सहित जुलूस में शामिल हुए और इस सामूहिक धार्मिक उत्सव का हिस्सा बने। एक-दूसरे का उत्साहपूर्वक अभिवादन कर भक्तों ने पूरे नगर को मेले के रूप में परिवर्तित कर दिया। सड़कों और गलियों में “जय माँ की” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से वातावरण गुंजायमान हो उठा।प्रशासनिक स्तर पर भी पूर्ण मुस्तैदी देखी गई। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्राधिकारी सलेमपुर मनोज कुमार और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार पटेल सुरक्षा व्यवस्था में सक्रिय दिखे।
पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के बाद भी भीड़ के कारण कई बार यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई, मगर उत्सव की लय में कहीं बाधा नहीं आई।बारिश और मौसम की चुनौती के बावजूद हजारों श्रद्धालुओं का उमड़ना नगर की सामूहिक आस्था, एकजुटता और धार्मिक उत्साह का परिचायक रहा। लोगों के चेहरों पर प्रसन्नता झलक रही थी और पूरे नगर में परंपरा और आस्था का अद्भुत संगम दिखाई दिया।
सिंगापुर/असम (राष्ट्र की परम्परा)। असमिया गायक और बॉलीवुड में लोकप्रियता हासिल कर चुके जुबीन गर्ग के निधन के बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनोखी श्रद्धांजलि दी गई है। सिंगापुर में उस स्थान का नाम बदलकर ‘जुबीन गर्ग द्वीप’ कर दिया गया है, जहां उनका निधन हुआ था। अब गूगल मैप पर भी यह द्वीप ‘जुबीन गर्ग द्वीप’ के नाम से दिखाई दे रहा है।
इस कदम से दुनिया भर में उनके फैंस भावुक हो गए और सोशल मीडिया पर #ZubeenGarg ट्रेंड करने लगा। लोग स्क्रीनशॉट शेयर कर जुबीन की विरासत को याद कर रहे हैं।
नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में शामिल होने गए थे जुबीन
20 सितंबर 2025 को जुबीन गर्ग सिंगापुर में आयोजित नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में परफॉर्म करने पहुंचे थे। उससे एक दिन पहले यानी 19 सितंबर को वह सेंट जॉन्स द्वीप के पास तैरने गए थे। इसी दौरान वह अचानक पानी में बेहोश हो गए और उनकी मौत हो गई।
असम में हुआ अंतिम संस्कार
जुबीन गर्ग के निधन के बाद पहले उनका पोस्टमार्टम सिंगापुर और दिल्ली में किया गया, इसके बाद पार्थिव शरीर को असम लाया गया। उनके पैतृक गांव में उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और हजारों की संख्या में उनके प्रशंसक मौजूद रहे।
जुबीन गर्ग के निधन की जांच जारी
गायक की मौत के मामले में 60 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं। अब तक कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और उन पर हत्या का आरोप लगाया गया है। फिलहाल जांच जारी है।
जुबीन गर्ग: संगीत जगत का अमर नाम
जुबीन गर्ग ने बॉलीवुड में ‘या अली’ जैसे सुपरहिट गाने से अपनी खास पहचान बनाई थी। इसके अलावा उन्होंने असमिया, हिंदी और कई भाषाओं में हजारों गाने गाए। उनकी आवाज़ और संगीत को लेकर दीवानगी सिर्फ असम तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे देश और विदेश में फैली रही।
पटना (राष्ट्र की परम्परा)। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 3 अक्टूबर 2025 को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत बिहार की महिलाओं को बड़ी सौगात दी। पटना स्थित 1, अणे मार्ग से उन्होंने 25 लाख महिला लाभुकों के बैंक खातों में प्रत्येक को 10-10 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर की। इस तरह कुल 2500 करोड़ रुपये प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाए गए।
नीतीश कुमार ने कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक आज़ादी और स्वावलंबन की दिशा में मजबूत बनाएगी। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि जिन महिलाओं का स्वरोजगार सफल होगा, उन्हें 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी।
अब तक एक करोड़ महिलाओं तक पहुंची आर्थिक सहायता
जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने जानकारी दी कि अब तक इस योजना के तहत लगभग 1 करोड़ महिलाओं को आर्थिक लाभ दिया जा चुका है। समस्तीपुर की अंजू देवी योजना की 1 करोड़वीं लाभार्थी बनीं। उन्होंने जीविका समूह की अहमियत बताते हुए कहा कि इसी से महिलाओं को स्वरोजगार का रास्ता मिला।
योजना के लिए अब तक 1.40 करोड़ से अधिक आवेदन आए हैं, जबकि 1.5 करोड़ महिलाएं स्वरोजगार शुरू करने के लिए पंजीकृत हो चुकी हैं।
महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का नया मॉडल
मंत्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना बिहार में महिलाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने का प्रेरणादायक मॉडल बन गई है। इस पहल से सामाजिक समावेशन और आर्थिक विकास को नई गति मिली है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना न केवल बिहार बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी आदर्श मॉडल है, जो महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मददगार साबित हो सकता है।
मुख्य बातें
25 लाख महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता
DBT के माध्यम से सीधे बैंक खातों में 2500 करोड़ की राशि हस्तांतरित
स्वरोजगार सफल होने पर 2 लाख रुपये की अतिरिक्त मदद
अब तक 1 करोड़ महिलाओं को मिल चुकी है सहायता
योजना से बिहार में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा
बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। भाजपा नगर मण्डल अध्यक्ष विवेक गुप्त के नेतृत्व मे भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा शॉप टू शॉप व्यापारियों से संपर्क कर जीएसटी से संबंधित ब्लॉक सभागार भलुअनी में 4 अक्टूबर 2:00 बजे से होने वाले व्यापारिक सम्मेलन में सम्मिलित होने के लिए जी एस टी पत्र देकर अपील किया गया। सम्मेलन के मुख्य अतिथि एवं जी एस टी प्रवक्ता बरहज विधायक दीपक कुमार मिश्र शाका एवं जी एस टी के श्रेष्ठ वक्ता अजय बरनवाल (CA), तथा पूर्व जिला अध्यक्ष अनिरुद्ध मिश्र होंगें। इस दौरान अशोक सोनकर, अमित शर्मा, सह संयोजक विनोद वर्मा,विजय विश्वकर्मा, आशुतोष तिवारी, पूर्व सभासद संजय जायसवाल, गौरव जायसवाल आदि मौजूद रहें।
मुंबई (राष्ट्र की परम्परा)। मुंबई के जाने माने फिल्म निर्माता व निर्देशक मनोज गिरी प्रोडक्शन का विजयदशमी के पावन अवसर पर धार्मिक एपिसोड महिषासुर मर्दिनी लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जनता के बीच आ ही गया। जो 21एपिसोड का है और जिसमें मशहूर गीतकार,संगीतकार व गायक सुरेश वाडकर ,साधना सरगम और सतीश देहरा की सुमधुर भक्ति भाव से ओतप्रोत आवाज सुनने के बाद अपनी तरफ आकर्षित करने लगता है। उन भक्तिमय गीतों की तारीफ शब्दों में कर पाना अत्यंत कठिन है। अभी तक प्रख्यात एपिसोड क्राइम पेट्रोल, सावधान इंडिया,खाकी,मौकाये वारदात,क्राइम एलर्ट, हरिओम चैनल पर जय जगन्नाथ और फिल्मों के रूप में दीनदयाल एक युगपुरुष, मैं खुदीराम बोस हूँ। काश्मीर में बेगुनाहों पर आतंकवादियों द्वारा हमला बोल उनकी निर्मम हत्या कर देने पर गालिब जैसी मर्मस्पर्शी फिल्मों को देने वाले निर्माता निर्देशक मनोज गिरी ने बताया कि कई अन्य फिल्मे व एपिसोड जनता की सेवा में सुपुर्द किया जा चुका है। जो खूब सराहा गया। और जनता की मांग पर ही धार्मिक एपिसोड महिषासुर मर्दिनी बनाया गया है। जिसमें माता रानी के नौ रूपो को अलग अलग दर्शाया गया है। जो अत्यंत मनमोहक और ऊर्जा व शक्ति प्रदान करने वाला है। और यह एक धार्मिक सीरियल है। जिसे कैप्टेन टीवी चैनल पर देखा जा सकता है। जिसका प्रसारण शाम 6 बजे से डिश टीवी, जिओ टीवी,टाटा प्ले, डेन टीवी, डीजी महाराजा टीवी पर महाराष्ट्र के अलावा बिहार और झारखंड में देखा जा सकता है। धार्मिक प्रवत्ति, आचरण व आस्था के साथ साथ मनोज गिरी अपनी जनसेवा के बलबूते मनसे से मीरा रोड के वार्ड क्रमांक 16 से नगरसेवक का चुनाव लड़ने के लिए पूर्ण तैयारी कर चुके है। और मनोज गिरी ने स्थानीय लोगों से अपील किया है कि मैं उत्तर भारतीय हूँ जो मान सम्मान मुझे यहां मिल रहा है वह किसी अन्य राजनीतिक दल में संभव नही है। मनसे केवल सच्चाई का साथ देती है। चापलूसी करने वालों का इस पार्टी में कोई स्थान नही है। गिरी ने आगे कहा कि आप सबके के हक और अधिकार की लड़ाई के लिए मनसे चौबीसों घंटे आप के साथ कदम से कदम मिलाकर चलती रहेगी। और लोग निसंकोच मुझसे संपर्क कर सकते है। जनसेवा हमारे खून में था और सदैव रहेगा।
चंडीगढ़ (राष्ट्र की परम्परा)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तरनतारन विधानसभा उपचुनाव के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार के रूप में पूर्व विधायक हरमीत सिंह संधू का नाम घोषित कर दिया है। यह सीट जून 2025 में AAP विधायक कश्मीर सिंह सोहल के निधन के बाद खाली हुई थी। हालांकि, चुनाव आयोग ने अभी तक उपचुनाव की तारीख की घोषणा नहीं की है।
सभा में किया ऐलान
सीएम मान ने तरनतारन में ग्रामीण संपर्क सड़कों के निर्माण परियोजना के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा, “हरमीत संधू आपकी पसंद हैं और वे ही उपचुनाव में AAP के उम्मीदवार होंगे।”
घोषणा के बाद स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह देखने को मिला। संधू तरनतारन से तीन बार विधायक रह चुके हैं—
2002 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में
2007 और 2012 में शिरोमणि अकाली दल (SAD) के टिकट पर
हालांकि, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
AAP में कब शामिल हुए संधू?
हरमीत सिंह संधू ने जुलाई 2025 में शिरोमणि अकाली दल छोड़कर आम आदमी पार्टी का दामन थामा था। इसके बाद उन्हें पार्टी ने तरनतारन जिला प्रभारी और हलका इंचार्ज बनाया।
संधू पंजाब के प्रमुख पंथिक चेहरों में गिने जाते हैं और वे पूर्व सांसद सूरिंदर सिंह कैरों के परिवार से जुड़े हैं।
AAP ने उन्हें टिकट देने का फैसला इसलिए किया है क्योंकि संधू की पकड़ स्थानीय मुद्दों—खासतौर पर कृषि और ग्रामीण समस्याओं—पर मजबूत मानी जाती है।
AAP का सातवां उपचुनाव
पंजाब में 2022 से अब तक आम आदमी पार्टी को सात उपचुनावों का सामना करना पड़ा है। पार्टी को उम्मीद है कि संधू की लोकप्रियता और स्थानीय आधारभूत मुद्दों पर उनकी पकड़ से AAP को तरनतारन सीट पर जीत मिल सकती है।
शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जैतीपुर परिवहन निगम द्वारा कस्बे से अब बरेली के लिए रोडवेज बस की शुरुआत की गई है।बस सुबह ब्लॉक मुख्यालय से खेड़ा बझेड़ा,नवादा मोड़ से फतेहगंज पूर्वी होते हुए बरेली को प्रस्थान करेगी और शाम को वापस आएगी,पहले बरेली जाने के लिए लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था।अब बस की शुरुआत होने से व्यापारियों,विद्यार्थियों सहित आम जनमानस को बरेली जाने के लिए दुश्वारियों का सामना करना नहीं पड़ेगा।ड्राइवर राजवीर ने बताया बस सुबह 7:30 बजे जैतीपुर से चलेगी।वहीं शाम 5 बजे बरेली से जैतीपुर के लिए रवाना होगी। परिवहन निगम द्वारा रोडवेज बस की शुरुआत करने से क्षेत्र वासियों में खुशी का माहौल है।
दिल्ली के वसंत कुंज यौन शोषण मामले में गिरफ्तार आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को आज कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपी की पांच दिन की पुलिस रिमांड आज (शुक्रवार) को खत्म हो रही थी, जिसके बाद पुलिस ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत की मांग की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। दिल्ली पुलिस फिलहाल आरोपी स्वामी से मामले की गहन पूछताछ कर रही है। स्वामी चैतन्यानंद पर यौन शोषण के अलावा जालसाजी और फर्जी नंबर प्लेट लगाने के दो अलग-अलग मामले भी दर्ज हैं। ऐसे पकड़ा गया था चैतन्यानंद
गिरफ्तारी: दिल्ली के वसंत कुंज स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट-रिसर्च की 17 छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थसारथी को दिल्ली पुलिस ने 27 सितंबर की रात आगरा से गिरफ्तार किया था।
स्थान: आरोपी को आगरा, उत्तर प्रदेश के होटल फर्स्ट ताजगं से पकड़ा गया था।
बड़े खुलासे और जांच में नए मोड़
छात्राओं संग अल्मोड़ा में रुका था स्वामी: पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी स्वामी चैतन्यानंद उर्फ पार्थ सारथी उत्तराखंड के अल्मोड़ा के एक होटल में कुछ छात्राओं के साथ रुका था। बाबा के खिलाफ सबूत जुटाने अल्मोड़ा पहुंची पुलिस टीम ने होटल स्टाफ से भी पूछताछ कर इसकी पुष्टि की है।
छात्राओं पर योग करते तस्वीरें डालने का था दबाव:
पुलिस को चैतन्यानंद द्वारा बनाए गए एक व्हाट्सएप ग्रुप की जानकारी मिली है।
इस ग्रुप पर छात्राओं को योग करते हुए तस्वीरें डालना अनिवार्य था।
पुलिस को चैट मिली है, जिसमें आरोपी उन तस्वीरों पर अनुचित और अश्लील टिप्पणियां करता था।
विरोध दबाना: यदि कोई छात्रा विरोध करती थी, तो संस्थान में कार्यरत वार्डन उनकी आवाज को दबा देती थीं।
तीन वार्डन गिरफ्तार:
इस गंभीर मामले में बाबा की हरकतों पर पर्दा डालने और छात्राओं के विरोध को दबाने के आरोप में पुलिस ने संस्थान की तीन वार्डन को भी गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर सकती है।
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि भारत की मैक्रो-इकोनॉमिक स्थिति मजबूत बनी हुई है और देश एक अस्थिर वैश्विक परिदृश्य में आर्थिक स्थिरता का भरोसा बनकर उभरा है।
वे शुक्रवार को आयोजित कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव 2025 में बोल रहे थे।
कम मुद्रास्फीति और मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार ने बढ़ाई ताकत
गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि भारत की मजबूती का आधार है—
नियंत्रित मुद्रास्फीति (Inflation)
मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves)
सीमित चालू खाता घाटा (Current Account Deficit)
और बैंकों व कॉरपोरेट्स की सुदृढ़ बैलेंस शीट।
सरकार और नियामक संस्थाओं के प्रयासों का नतीजा
RBI गवर्नर ने कहा कि यह उपलब्धि सरकार, नीति-निर्माताओं, नियामकों और वित्तीय संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।
उन्होंने आगे कहा कि हाल की वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था लचीले विकास और स्थिरता के बीच संतुलन बनाए हुए है। यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।