लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। भारत सरकार के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के प्रयासों से बाराबंकी से बहराइच को जोड़ने वाले 101.5 किमी लंबे नए राष्ट्रीय राजमार्ग-927 के उच्चीकरण को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल लागत लगभग 6969 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई दिशा देगी।
इस परियोजना के तहत एनएच-927 को 8 लेन में विकसित किया जाएगा, जिससे लखनऊ राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) के विकास को भी गति मिलेगी। सड़क के निर्माण के बाद बाराबंकी से बहराइच के बीच यात्रा समय करीब 2.5 घंटे से घटकर लगभग 1.25 घंटे रह जाएगा।
इस परियोजना की खासियत यह है कि इसमें मुख्य मार्ग के दोनों ओर दो-दो लेन और साथ में सर्विस रोड का भी निर्माण किया जाएगा, जिससे स्थानीय और लंबी दूरी के वाहनों का आवागमन सुगम होगा। इसके अलावा घाघरा नदी पर 1130 मीटर लंबा 6 लेन का अत्याधुनिक पुल बनाया जाएगा, जो इस परियोजना का प्रमुख आकर्षण होगा।
जानकारी के अनुसार इस हाईवे का निर्माण कार्य अक्टूबर 2026 से शुरू होकर अक्टूबर 2028 तक पूरा होने की संभावना है। यह परियोजना भारतमाला कार्यक्रम के तहत प्रदेश में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के प्रयास से 6969 करोड़ की परियोजना मंजूर, बाराबंकी-बहराइच के बीच सफर होगा आसान
गुरुवार को देखा जाएगा ईद का चांद इबादत में बीता 28वां रोजा
गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
जहन्नम से आजादी का अशरा चल रहा है। ईद आने वाली है। नमाज, रोजा, तिलावत व नेक कामों के जरिए अल्लाह की इबादत की जा रही है। बुधवार को 28वां रोजा अल्लाह व रसूल की याद में गुजरा। खूब रो-रो कर दुआ मांगी जा रही है। तरावीह की नमाज जारी है। रोजेदार एतिकाफ में मश्गूल हैं, शबे कद्र की अंतिम (29वीं) ताक रात में खूब इबादत हुई। बाजार में ईद की खरीदारी जोरों पर है। अल कलम एसोसिएशन की ओर से मरकजी नूरी जामा मस्जिद अहमदनगर चक्शा हुसैन में ‘किताबें बुला रही हैं’ नाम से दीनी किताबों का स्टॉल लगाया गया। जिसे अवाम ने काफी सराहा। स्टॉल लगाने में मौलाना गुलाम हुसैन अजीजी, शमशाद खान भोला, मुजफ्फर हसनैन रूमी, आसिफ महमूद, हस्सान, नेहाल अहमद ने महती भूमिका निभाई। गौसे आजम फाउंडेशन के समीर अली, मो. फैज, अमान अहमद, रियाज अहमद व मो. शारिक ने जरूरतमंदों में खाद्य पदार्थ की ईद किट बांटी।
वहीं इस्लाम धर्म के मानने वाले गुरुवार 19 मार्च को 29वां रोजा पूरा करके ईद का चांद (शव्वाल माह) देखेंगे। अगर चांद नजर आ गया तो शुक्रवार 20 मार्च को ईद का त्योहार मनाया जाएगा। अगर चांद नहीं दिखा तो शुक्रवार को 30वां रोजा मुकम्मल करके शनिवार 21 मार्च को ईद का त्योहार मनाया जाएगा। उलमा किराम ने चांद देखने की तैयारी पूरी कर ली है।
शहर काजी मुफ्ती मुहम्मद अजहर शम्सी ने बताया कि पांच महीनों का चांद देखना वाजिबे किफाया है शाबान, रमजान, शव्वाल, जीकादा, जिलहिज्जा। पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया कि महीना 29 का भी होता है और 30 का भी। रोजा चांद देख कर शुरु करो और चांद देख कर रोजा बंद कर दो। अगर आसमान साफ नहीं है तो 30 की गिनती पूरी करो।
मुफ्ती-ए-शहर अख्तर हुसैन मन्नानी ने बताया कि ईदगाह का अर्थ होता है खुशी की जगह या खुशी का समय। यह ऐसी जगह है जहां पर बंदे दो रकात नमाज पढ़कर अल्लाह का शुक्र अदा करते हैं। जब बंदा 29 या 30 दिन का रोजा पूरा कर लेता है तो अल्लाह तआला उसे खुशी मनाने का हुक्म देता है।
कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी ने बताया कि ईदगाह में ईद की नमाज अदा करना पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम व सहाबा किराम की सुन्नत है, इसलिए कोशिश रहे कि ईद की नमाज ईदगाह में ही अदा करें। ईदगाह दो ईदों के लिए ही बनाई गई है। ईद-उल-फित्र की नमाज के लिए जाते हुए रास्ते में आहिस्ता से तकबीरे तशरीक ‘अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर, ला इलाहा इल्लल्लाह, वल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर, व लिल्लाहिल हम्द’ पढ़ी जाएगी। नमाज ईदगाह में जाकर पढ़ना और रास्ता बदल कर आना, पैदल जाना और रास्ते में तकबीरे तशरीक पढ़ना सुन्नत है। पैगंबर-ए-इस्लाम ईद-उल-फित्र के दिन कुछ खाकर नमाज के लिए तशरीफ ले जाते। ईद को एक रास्ते से तशरीफ ले जाते और दूसरे से वापस होते।
काजी की इजाजत से ईदगाह या मस्जिद में दो बार ईद की नमाज हो सकती है : उलमा किराम
रमजान हेल्पलाइन नंबर 8604887862, 9598348521, 9956971232, 7860799059 पर बुधवार को सवाल ओ जवाब का सिलसिला जारी रहा।
सवाल : एक ही ईदगाह या मस्जिद में दो बार ईद की नमाज अदा करना कैसा?
जवाब : आम हालात में ऐसा करना मकरुह है। अलबत्ता किसी खास सूरत-ए-हाल में शहर के काजी या सबसे बड़े सहीहुल अकीदा आलिम जिसके तरफ लोग शरअ के मसाइल में रूजू करते हों उसकी इजाजत लेकर कायम की जा सकती है।
सीएम डैशबोर्ड पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं जिम्मेदारों को कारण बताओ नोटिस
सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी की सख्ती—रैंकिंग न सुधरी तो वेतन बाधित करने की चेतावनी
गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
सीएम डैशबोर्ड पर खराब प्रदर्शन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) शाश्वत त्रिपुरारी ने स्पष्ट कर दिया है कि, जनसमस्याओं के निस्तारण और विकास कार्यों की प्रगति में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी क्रम में खराब प्रगति वाले अधिकारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
सीडीओ ने बताया कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, जिसके माध्यम से विभिन्न योजनाओं और शिकायतों की निगरानी की जाती है। फरवरी माह की समीक्षा में कई विभागों की रैंकिंग संतोषजनक नहीं पाई गई। इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को चिन्हित किया गया और उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई।
जिन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, उनमें जिला विकास अधिकारी सतीश सिंह (जो पीओ नेडा का अतिरिक्त प्रभार भी देख रहे हैं), जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जीएम डीआईसी और डीसी एनआरएलएम सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हैं। इन सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया है कि उनके विभाग की प्रगति खराब क्यों रही।
सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी ने सख्त शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि मार्च माह में हर हाल में रैंकिंग में सुधार लाया जाए। यदि प्रगति में अपेक्षित सुधार नहीं दिखा, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ शासन स्तर पर पत्राचार किया जाएगा और वेतन बाधित करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी अधिकारी अपने-अपने विभागों की लंबित शिकायतों और योजनाओं की समीक्षा करें और उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। केवल औपचारिक रिपोर्टिंग नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्य दिखना चाहिए। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई तय है।
सीडीओ ने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और समयबद्धता बेहद जरूरी है। शासन की मंशा के अनुरूप काम करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इस सख्ती के बाद प्रशासनिक हलकों में सक्रियता बढ़ गई है और विभागों ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं।
चनकौंली ग्राम पंचायत में वित्तीय अनियमितताओं का मामला गरमाया, प्रधान के कबूलनामें का वीडियो वायरल
पुत्र व पुत्रवधू को मजदूरी भुगतान, निजी फर्म से खरीद दिखाकर निकासी को किया स्वीकार
करीब 18 लाख की भुगतान पर उठे सवाल 10 दिनों में रिपोर्ट देने का आश्वासन
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। महराजगंज जनपद के सिसवा विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत चनकौंली में कथित वित्तीय अनियमितताओं और शासकीय धनराशि के दुरुपयोग का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। प्रशासनिक जांच के दौरान ग्राम प्रधान द्वारा अपनी गलतियों को स्वीकार किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को गांव में जांच की गई, जिसमें जांच अधिकारी ने वर्तमान में ग्राम विकास अधिकारी कार्यालय के रूप में संचालित विद्यालय भवन में बैठकर अभिलेखों की समीक्षा की और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। इस दौरान ग्राम प्रधान ने स्वीकार किया कि भूलवश अपने पुत्र और पुत्रवधू के खाते में मजदूरी का भुगतान कर दिया गया। साथ ही उन्होंने यह भी माना कि ग्राम पंचायत में अपने पुत्र के निजी फर्म से खरीदारी दिखाकर धन निकासी की गई। इसके अलावा विद्यालय भवन की मरम्मत कार्य को ग्राम विकास अधिकारी कार्यालय के नाम पर कराए जाने और उस पर लाखों रुपये खर्च किए जाने की बात भी सामने आई है।
जांच के दौरान मौजूद ग्रामीणों ने प्रधान और अधिकारियों के बयान अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिए, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव निवासी रामसनेही ने 12 जनवरी 2026 को जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर शासकीय धन के दुरुपयोग तथा विकास कार्यों में अनियमितता के आरोप लगाए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए 11 फरवरी को जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कन्हैया यादव को प्रारंभिक जांच सौंपी गई थी।
जांच अधिकारी द्वारा 6 मार्च को खंड विकास अधिकारी सिसवा को संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन समय बीतने के बावजूद आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके, जिससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हुई। पहले यह जांच 12 मार्च को प्रस्तावित थी, जिसे बाद में स्थगित कर दिया गया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान द्वारा स्वीकार की गई अनियमितताओं में करीब 18 लाख रुपये की धनराशि का भुगतान किया गया है। साथ ही विद्यालय भवन की मरम्मत में भी भारी धनराशि खर्च की गई है। इन आरोपों को लेकर गांव में काफी रोष है और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन भी किया है।
जांच अधिकारी ने मौके पर मौजूद लोगों को आश्वस्त किया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दस दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले में प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं।
स्वरोजगार को बढ़ावा: युवा उद्यमियों को लाखों का ब्याज मुक्त ऋण वितरित
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के तहत कलेक्ट्रेट के एनआईसी सभागार में वृहद ऋण वितरण कैम्प आयोजित किया गया। शिविर में 18 लाभार्थियों को 75.50 लाख रुपये के डेमो चेक वितरित किए गए, जबकि कुल 55 लाभार्थियों को 192.50 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत एवं वितरित किया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि योजना के अंतर्गत युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण चार वर्षों के लिए उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस योजना का अधिकतम लाभ उठाकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ें। साथ ही लाभार्थियों को अपने उद्यम को पूरी लगन और जिम्मेदारी के साथ संचालित करने के लिए प्रेरित किया गया।
उपायुक्त उद्योग राज कुमार शर्मा ने बैंक समन्वयकों से लंबित ऋण आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने का अनुरोध किया। सहायक आयुक्त उद्योग जितेन्द्र कुमार गौतम ने योजना की उपयोगिता बताते हुए युवाओं को उद्योग एवं सेवा क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, खलीलाबाद में संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं।
शिविर में विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयकों एवं शाखा प्रबंधकों ने भाग लिया और लाभार्थियों को ऋण वितरित किया। साथ ही मौके पर पंजीकरण और समस्याओं के समाधान की भी व्यवस्था की गई।
किसान दिवस में उठीं भुगतान, रजिस्ट्री और जल निकासी की समस्याएं
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी की अध्यक्षता में जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों और अधिकारियों के बीच विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
किसान दिवस में उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह ने पिछले माह किसानों द्वारा उठाई गई समस्याओं पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस दौरान कई किसानों ने अपनी व्यावहारिक समस्याएं सामने रखीं।
ग्राम गैवसन्तपुर के रामचेत चौरसिया ने धान विक्रय के बाद पूर्ण भुगतान न मिलने की समस्या उठाई। वहीं सॉखी के राममणि राय ने फॉर्मर रजिस्ट्री में दूसरे गांव की भूमि न जुड़ने, खतौनी में नाम और अंश निर्धारण से जुड़ी त्रुटियों के कारण रजिस्ट्री में आ रही दिक्कतों की जानकारी दी।
भगवानपुर चौराहा (पूर्वी काली जगदीशपुर, नाथनगर) के राजेंद्र राय ने सिद्धार्थनगर स्थित ड्रेनेज खंड कार्यालय की दूरी अधिक होने से समस्या के समाधान में हो रही कठिनाइयों का मुद्दा उठाते हुए कार्यालय को संत कबीर नगर में स्थापित करने की मांग की।
ग्राम प्रसादपुर के नसीम अहमद ने खेत के हिस्से में बने तालाब और भीटा/बांध के कारण जलभराव से धान की फसल खराब होने की समस्या बताई और पानी निकासी के लिए नाली निर्माण की मांग की। वहीं कठैचा, नाथनगर के रामदरश यादव ने रबी फसल कटाई से पहले बिजली के खंभों पर लूज तारों को ठीक कराने की मांग रखी।
मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए, विशेष रूप से विद्युत विभाग को ढीले तारों को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर जिला उद्यान अधिकारी समुद्रगुप्त मल्ल सहित अन्य अधिकारी और किसान उपस्थित रहे।
9 वर्ष की उपलब्धियों पर विकास पुस्तिका का विमोचन, जनपद में हुआ सजीव प्रसारण
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। प्रदेश सरकार के सेवा, सुरक्षा और सुशासन के 9 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के तहत लखनऊ स्थित लोक भवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा “नवनिर्माण के 9 वर्ष” शीर्षक विकास पुस्तिका का विमोचन किया गया। इस कार्यक्रम का जनपद संत कबीर नगर में सजीव प्रसारण किया गया, जिसे विकास भवन परिसर स्थित डीपीआरसी हॉल में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने देखा और सुना।
जनपद में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष बलिराम यादव, विधायक धनघटा गणेश चन्द्र चौहान, एमएलसी प्रतिनिधि सुधांशु सिंह और मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर विधायक धनघटा ने प्रेस वार्ता कर सरकार की 9 वर्षों की उपलब्धियों को विस्तार से गिनाया।
उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों के चलते बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा है। गरीब, पिछड़े, असहाय और दिव्यांगजनों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। उन्होंने प्रदेश में बढ़ते निवेश, बेहतर कानून-व्यवस्था और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित स्टालों और विकास प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया गया। लोकगायन के माध्यम से कलाकारों ने सरकारी योजनाओं का आकर्षक प्रस्तुतीकरण किया।
इस अवसर पर परियोजना निदेशक विजयन्त सिंह, उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज यादव, जिला उद्यान अधिकारी समुद्रगुप्त मल्ल, जिला समाज कल्याण अधिकारी महेन्द्र कुमार सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित रहे।
🚨 बुल्डोजर की दहाड़ से थमी मछली मंडी, शटर गिराकर भागे दुकानदार
विशेष रिपोर्ट गौरव कुशवाहा की कलम से
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) शहर में बुधवार को नगर पालिका की सख्त कार्रवाई ने अतिक्रमणकारियों के बीच हड़कंप मचा दिया। शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले स्टेशन रोड और मछली मंडी क्षेत्र में जैसे ही बुल्डोजर की भनक लगी, दुकानदारों ने आनन-फानन में अपने शटर गिरा दिए और मौके से गायब हो गए। लेकिन इस बार प्रशासन पूरी तैयारी के साथ आया था—बंद दुकानें भी अवैध कब्जों को बचा नहीं सकीं।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) संजय कुमार तिवारी के नेतृत्व में चला यह अभियान सिर्फ एक औपचारिक कार्रवाई नहीं, बल्कि साफ संदेश था कि अब शहर की सड़कों और नालियों पर कब्जा जमाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है।
🛑 मिनटों में ध्वस्त हुए अवैध चबूतरे
अभियान की शुरुआत रेलवे स्टेशन रोड से हुई, जहां वर्षों से दुकानों के बाहर बनाए गए अवैध चबूतरे सड़क और नालियों को बाधित कर रहे थे। जेसीबी मशीन ने कुछ ही मिनटों में इन अतिक्रमणों को जमींदोज कर दिया।
मछली मंडी क्षेत्र में दृश्य और भी दिलचस्प रहा। जैसे ही कार्रवाई की सूचना फैली, बड़े-बड़े कारोबारी अपनी दुकानें बंद कर मौके से खिसक गए। लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि शटर बंद कर लेने से कानून का शिकंजा ढीला नहीं होगा। टीम ने दुकानों के सामने बने अवैध ढांचों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
💰 मौके पर ही कटे चालान, जेबें हुई ढीली
कार्रवाई के दौरान कई दुकानदारों पर आर्थिक कार्रवाई भी की गई। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मौके पर ही चालान काटे गए। इससे यह साफ हो गया कि अब अतिक्रमण केवल हटाया ही नहीं जाएगा, बल्कि इसके लिए दंड भी भुगतना होगा।
🐔 शराब की दुकान में छिपा मिला मुर्गा मंडी का सामान
कार्रवाई के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। मछली मंडी स्थित एक देशी शराब की दुकान के अंदर मुर्गा मंडी का सामान छिपाकर रखा गया था। दुकानदारों ने कार्रवाई से बचने के लिए अपने जाल और अन्य सामग्री वहां छिपा दी थी।
पालिका टीम ने तत्काल छापेमारी कर इन जालियों को जब्त कर लिया। इस घटना ने यह भी उजागर किया कि अतिक्रमणकारी किस तरह नियमों से बचने के लिए नए-नए तरीके अपनाते हैं।
🧹 नालियों से हटाए पत्थर, महीनों की गंदगी साफ
अभियान के दौरान नालियों पर रखे पत्थरों को हटाकर लंबे समय से जमी गंदगी की सफाई भी कराई गई। इससे क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों ने इस कदम का स्वागत किया और कहा कि इससे न सिर्फ यातायात सुगम होगा, बल्कि जलभराव की समस्या से भी राहत मिलेगी।
⚖️ प्रशासन की सख्त चेतावनी
ईओ संजय कुमार तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कार्रवाई किसी एक दिन की नहीं है, बल्कि लगातार जारी रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दोबारा सड़क या नालियों पर अतिक्रमण किया गया, तो सीधे कानूनी मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “शहर की सड़कों और नालियों को कब्जा मुक्त रखना हमारी प्राथमिकता है। नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।”
📍 स्टेशन रोड से सब्जी मंडी तक चला अभियान
यह अभियान केवल मछली मंडी तक सीमित नहीं रहा। स्टेशन रोड से लेकर सब्जी मंडी तक नगर पालिका की टीम ने लगातार कार्रवाई करते हुए अवैध कब्जों को हटाया।
पूरे इलाके में इस कार्रवाई से दिनभर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। दुकानदारों में डर साफ दिखाई दिया, जबकि आम नागरिकों ने राहत की सांस ली।
🔎 क्या बदलेगा इस कार्रवाई से?
इस सख्त अभियान के बाद शहर में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं—
सड़कों पर यातायात सुगम होगा।
नालियों का जल निकासी तंत्र सुधरेगा।
अवैध कब्जों पर लगाम लगेगी।
स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी।
📊 देवरिया में चला यह बुल्डोजर अभियान केवल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं, बल्कि शहर को व्यवस्थित और स्वच्छ बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। प्रशासन की सख्ती से यह स्पष्ट है कि अब नियमों से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।
नव निर्माण के 9 वर्ष: महराजगंज में विकास की झलक, लाभार्थियों को मिला सम्मान
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। महराजगंज प्रदेश सरकार के नव निर्माण के नौ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विकास भवन परिसर में जिला पंचायत अध्यक्ष रविकांत पटेल की अध्यक्षता में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक पनियरा ज्ञानेन्द्र सिंह, सांसद प्रतिनिधि जगदीश मिश्रा, जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा तथा मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस दौरान अतिथियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल और चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन कर विकास कार्यों की प्रगति को नजदीक से देखा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष रविकांत पटेल ने सभी जनपद वासियों को आगामी नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं दीं और जिले के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं विधायक पनियरा ज्ञानेन्द्र सिंह ने प्रदेश सरकार के नौ वर्षों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में तेजी से उभर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 25 करोड़ जनता के समग्र विकास के लिए बिना भेद-भाव के योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है। साथ ही महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक जनपद में महिला छात्रावास और प्रत्येक ग्राम सभा में विवाह उत्सव भवन निर्माण योजना की जानकारी दिया।
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं की प्रगति का विस्तृत विवरण देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 3,71,419 लाभार्थियों को 1,745.52 करोड़ रुपये वितरित किए गए। किसान ऋण मोचन योजना के तहत 80,341 किसानों को 303.98 करोड़ रुपये तथा गन्ना मूल्य भुगतान में 4,32,285 कृषकों को 1,624.46 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। उन्होंने बताया कि समर्थन मूल्य पर किसानों से धान और गेहूं की खरीद की गई, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिला
औद्योगिक विकास के क्षेत्र में 2,382.21 करोड़ रुपये के निवेश से 10,510 लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 63,921 और शहरी आवास योजना के अंतर्गत 37,058 लाभार्थियों को कुल 814.45 करोड़ रुपये की सहायता दी गई, जबकि मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 7,448 लोगों को आवास उपलब्ध कराए गए। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 97,468 व्यक्तिगत एवं 882 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया।
प्रधानमंत्री स्व निधि योजना के तहत 14,858 रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को लाभ मिला, जबकि उज्ज्वला योजना के अंतर्गत 2,54,362 परिवारों को निःशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किए गए। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत 630.34 लाख मानव दिवस सृजित किए गए। इसके अतिरिक्त 348 आंगनबाड़ी केंद्र और 95 अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण भी पूर्ण कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान लखनऊ में आयोजित मुख्य समारोह का सीधा प्रसारण भी देखा गया, जहां प्रदेश की विकास पुस्तिका का विमोचन किया गया। कार्यक्रम के अंत में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र एवं प्रमाण- पत्र वितरित किए गए।कार्यक्रम का संचालन पंकज मौर्य द्वारा किया गया।
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी भोलानाथ कन्नौजिया, निरंकार, जिला प्रोबेशन अधिकारी कन्हैया यादव, जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी, अधिशासी अधिकारी आलोक कुमार, एलडीएम भूपेन्द्र नाथ मिश्रा सहित बड़ी संख्या में नागरिक एवं लाभार्थी उपस्थित रहें।
एनएसएस शिविर में मेहंदी व भाषण प्रतियोगिता से दिखी प्रतिभा, वैश्विक परिदृश्य पर हुआ मंथन
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दिग्विजय नाथ पी.जी. कॉलेज, गोरखपुर के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सप्तदिवसीय विशेष शिविर के चतुर्थ दिवस का शुभारंभ मीराबाई छात्रावास स्थित दिग्विजय नाथ स्मृति सभागार में गरिमामय वातावरण में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती, महंत दिग्विजय नाथ एवं राष्ट्र संत अवैद्यनाथ की प्रतिमाओं पर पुष्पार्पण व माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद एनएसएस लक्ष्य गीत व प्रार्थना सभा आयोजित कर अनुशासन, सेवा भावना और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया गया।
शिविर में रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्वयंसेविकाओं के बीच मेहंदी प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में रिया पाण्डेय ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि मुस्कान मद्धेशिया, काजल और रीना संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान पर रहीं। तृतीय स्थान पर अनुष्का पाण्डेय, अर्चना चौधरी, श्रेया पाण्डेय, ज्योति, नैंसी पाण्डेय और संजना रहीं। प्रतियोगिता ने शिविर में उत्साह और सहभागिता का माहौल बनाया।
इसके उपरांत “विकसित देश 2047 बनने में उत्तर प्रदेश की भूमिका” विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित हुई। प्रतिभागियों ने औद्योगिक विकास, शिक्षा, कृषि, तकनीकी उन्नति और युवा शक्ति जैसे विषयों पर अपने विचार रखते हुए राष्ट्र निर्माण में प्रदेश की भूमिका को रेखांकित किया।
दोपहर के बौद्धिक सत्र में “युद्धग्रस्त वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका” विषय पर व्याख्यान हुआ। मुख्य वक्ता डॉ. इंद्रेश पाण्डेय ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का विश्लेषण करते हुए ईरान, अमेरिका और इज़राइल से जुड़े वैश्विक तनावों का उल्लेख किया तथा भारत की संतुलित और कूटनीतिक भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना के साथ विश्व में शांति, सहयोग और संवाद को बढ़ावा देने वाला देश है तथा उसकी विदेश नीति आत्मनिर्भरता और रणनीतिक संतुलन की दिशा में आगे बढ़ रही है।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार पाण्डेय ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. प्रदीप यादव ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डॉ. निधि राय, डॉ. पीयूष सिंह सहित अनेक स्वयंसेवकों का सहयोग रहा।
पिछड़ा वर्ग से मनोनीत सभासद नहीं बनाए जाने पर पिछड़ों में रोष
बरहज नगर पालिका में एक भी ओबीसी वर्ग के कार्यकर्ता का नहीं हुआ मनोनयन
बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l जनपद की दोनों नगर पालिकाओं – देवरिया तथा गौरा बरहज में सभासदों के मनोनयन की सूची जारी हुई । सूची पढ़कर क्षेत्र के लोग थोड़ी देर के लिए चश्मा साफ करते रहे । शायद कहीं पढ़ने में गलती हो गई हो। लेकिन नहीं, सच यही था कि पूरी सूची में एक भी पिछड़ा वर्ग का सभासद नामित नहीं हुआ। अब क्षेत्र के लोगों को समझ नहीं आ रहा कि इसे क्या कहा जाय। राजनीतिक गणित, प्रशासनिक भूल या फिर “अदृश्य पिछड़ा वर्ग सशक्तिकरण योजना”! दिलचस्प बात यह है कि भाषणों में पिछड़ा वर्ग के उत्थान की बात इतनी जोर-शोर से होती है कि लगता है जैसे देश में सबसे ज़्यादा प्रेम अगर किसी से है तो वह पिछड़ा वर्ग ही है। मंच से लेकर माइक तक, हर जगह पिछड़ा वर्ग का नाम बड़े आदर से लिया जाता है। लेकिन जैसे ही कुर्सियाँ बांटने की बारी आती है, प्रेम अचानक इतना विनम्र हो जाता है कि सामने दिखना ही बंद हो जाता है।
बरहज के राजनीतिक गलियारों में अब मज़ाक चल रहा है कि शायद पिछड़ा वर्ग के नेताओं को “मानसिक रूप से नामित” कर दिया गया होगा । कागज़ पर भले न दिखें, लेकिन भावना में तो मौजूद ही होंगे। कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि यह नई राजनीतिक तकनीक है “प्रतिनिधित्व का आध्यात्मिक मॉडल”। इसमें समाज के हर वर्ग को सम्मान दिया जाता है, बस सूची में नाम लिखना जरूरी नहीं समझा जाता। वहीं क्षेत्र के जागरूक नागरिक पूछ रहे हैं कि जब मंच से पिछड़ा वर्ग की भागीदारी की बात की जाती है, तो नगर निकायों में नामांकन के समय यह भागीदारी रास्ता क्यों भूल जाती है। फिलहाल बरहज की जनता इंतज़ार कर रही है कि शायद अगली सूची में “पिछड़ा वर्ग प्रेम” भाषणों से निकलकर नामांकन की सूची तक भी पहुंच जाय, तब तक के लिए यह सवाल हवा में तैरता रहेगा । क्या यही है वह बहुचर्चित पिछड़ा वर्ग प्रेम है ?
🌼 चैत्र नवरात्रि 2026: आस्था, साधना और शक्ति का महापर्व – जानें पूजा विधि, नियम और महत्व
भारत में मनाया जाने वाला पवित्र पर्व चैत्र नवरात्रि आध्यात्मिक ऊर्जा, भक्ति और साधना का अद्भुत संगम है। यह नौ दिनों का त्योहार माँ मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना का विशेष अवसर प्रदान करता है। मान्यता है कि इन दिनों विधि-विधान से पूजा करने पर घर में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
इस वर्ष चैत्र नवरात्रि को लेकर भक्तों में खास उत्साह है। आइए जानते हैं इस पर्व से जुड़ी संपूर्ण जानकारी, पूजा विधि, नियम और क्या करें-क्या न करें।
🔱 नवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व
चैत्र नवरात्रि हिंदू नववर्ष की शुरुआत का भी प्रतीक मानी जाती है। इन नौ दिनों में देवी के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है, जो जीवन में शक्ति, ज्ञान और समृद्धि का संचार करते हैं।
भक्त इन दिनों उपवास, ध्यान और मंत्र जाप के माध्यम से आत्मशुद्धि का प्रयास करते हैं।
🪔 पहले दिन घटस्थापना का महत्व और विधि
नवरात्रि का आरंभ घटस्थापना (कलश स्थापना) से होता है।
सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें
पूजा स्थल की साफ-सफाई करें
मिट्टी के पात्र में जौ बोएं
कलश में जल भरकर नारियल स्थापित करें
माँ दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें
यह प्रक्रिया पूरे नौ दिनों तक पूजा की नींव मानी जाती है।
🔥 अखंड ज्योति का विशेष महत्व
यदि घर में अखंड ज्योति जलाई जाती है, तो यह निरंतर जलती रहनी चाहिए।
यह घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है
ध्यान रखें कि दीपक बुझने न पाए
घर में किसी न किसी का उपस्थित रहना जरूरी है
📿 मंत्र जाप और पाठ का महत्व
नवरात्रि के दौरान मंत्र जाप और धार्मिक ग्रंथों का पाठ विशेष फलदायी माना जाता है।
“ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे” मंत्र का जाप करें
दुर्गा सप्तशती का पाठ करें
दुर्गा चालीसा का नियमित पाठ करें
यह साधना मन को शांत और केंद्रित करती है।
🥗 व्रत और सात्विक भोजन नियम
नवरात्रि में व्रत रखने का विशेष महत्व है।
क्या खाएं:
कुट्टू का आटा
साबूदाना
फल और दूध
सिंघाड़े का आटा
क्या न खाएं:
लहसुन और प्याज
मांसाहार
तामसिक भोजन
यह आहार शरीर और मन दोनों को शुद्ध रखने में सहायक होता है।
👧 अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन
नवरात्रि का सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान कन्या पूजन है।
छोटी कन्याओं को घर बुलाएं
उन्हें भोजन कराएं (पूड़ी, हलवा, चना)
उपहार दें
माता का स्वरूप मानकर आशीर्वाद लें
यह पूजा देवी की कृपा प्राप्त करने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम माना जाता है।
🧘 नवरात्रि में अपनाएं ये विशेष नियम
घर और पूजा स्थल को स्वच्छ रखें
ब्रह्मचर्य का पालन करें
मन में सकारात्मक विचार रखें
क्रोध और विवाद से दूर रहें
दया, क्षमा और सेवा का भाव रखें
❌ नवरात्रि में क्या न करें (वर्जित कार्य)
बाल और नाखून न काटें
दाढ़ी-मूंछ बनवाने से बचें
काले और नीले कपड़े पहनने से परहेज करें
झगड़ा और अपशब्दों से बचें
शराब और मांसाहार का सेवन न करें
🌺 नवरात्रि का सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश
चैत्र नवरात्रि केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि समाज में एकता, अनुशासन और सकारात्मकता का संदेश भी देता है। यह पर्व हमें आत्मसंयम, सेवा और भक्ति का महत्व सिखाता है।
तेज रफ्तार कार की टक्कर से सब्जी विक्रेता की मौत, चालक गंभीर
शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)l जिले में बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक सब्जी विक्रेता की मौत हो गई, जबकि ऑटो चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा बतलैया के पास उस समय हुआ, जब मंडी जा रहे ऑटो को पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने जोरदार टक्कर मार दी।
हादसे में 40 वर्षीय निसार अली की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर मारने के बाद कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में पलट गई। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया।
निसार अली थाना कटरा क्षेत्र के खड़करी गांव के निवासी थे। वह रोजाना मंडी से सब्जी लाकर गांव में बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। परिवार में पत्नी और चार बच्चे हैं। उनकी असमय मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी के अनुसार, फरार कार चालक की तलाश जारी है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।
साईं झूलेलाल साहिब की 1076वीं जयंती 20 मार्च 2026 –चेटीचंड महोत्सव और ईद-उल-फितर का अद्भुत संयोग
विश्वव्यापी आस्था, संस्कृति और सद्भाव का संगम – समग्र विश्लेषण
दुनिया में जब-जब अत्याचार और अन्याय बढ़ा है, तब-तब ईश्वर ने मानवता की रक्षा के लिए किसी न किसी रूप में अवतार लेकर समाज को सही मार्ग दिखाया है। साईं झूलेलाल साहिब की 1076वीं जयंती इसी दिव्य परंपरा और आस्था का प्रतीक है। वर्ष 2026 में यह पावन अवसर इसलिए और भी विशेष हो गया है क्योंकि इसी समय पवित्र इस्लामिक पर्व ईद-उल-फितर भी आने की संभावना है। यह संयोग केवल एक धार्मिक घटना नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर सांस्कृतिक सह-अस्तित्व, सहिष्णुता और भाईचारे का सशक्त संदेश देता है।
गोंदिया (महाराष्ट्र) से एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी के अनुसार मार्च 2026 का समय भारत सहित विश्व भर में धार्मिक और सांस्कृतिक समरसता का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। एक ओर सिंधी समाज अपने आराध्य देव साईं झूलेलाल की 1076वीं जयंती को चेटीचंड महोत्सव के रूप में भव्यता के साथ मना रहा है, वहीं दूसरी ओर मुसलमानों का पवित्र पर्व ईद-उल-फितर भी लगभग इसी समय मनाया जाना संभावित है। यह संगम भारत की “विविधता में एकता” की जीवंत परंपरा को और मजबूत करता है।
चेटीचंड – सिंधी समाज की सांस्कृतिक पहचान
सिंधी समाज के लिए चेटीचंड केवल एक धार्मिक पर्व नहीं बल्कि उनकी सांस्कृतिक पहचान, ऐतिहासिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यह पर्व साईं झूलेलाल साहिब के अवतरण दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिन्हें जल देवता और सत्य-न्याय के संरक्षक के रूप में पूजा जाता है।
विश्वभर में फैले सिंधी समुदाय—चाहे वे भारत, अमेरिका, यूएई, यूके, अफ्रीका या एशिया के अन्य देशों में हों—इस दिन को अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाते हैं। वर्ष 2026 में यह उत्सव 15 से 20 मार्च तक सात दिवसीय चेटीचंड पखवाड़ा महोत्सव के रूप में आयोजित किया जा रहा है। विभिन्न झूलेलाल जयंती समारोह समितियों, सामाजिक संगठनों, पंचायतों, विद्यालयों और धार्मिक संस्थाओं के सहयोग से यह आयोजन वैश्विक सांस्कृतिक उत्सव का स्वरूप ले चुका है।
सप्ताह भर चलने वाले कार्यक्रम
इस दौरान अनेक धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। प्रभात फेरियों से दिन की शुरुआत होती है, जहां श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए झूलेलाल साहिब की महिमा का गुणगान करते हैं। रक्तदान शिविर समाज सेवा और मानवता की भावना को प्रोत्साहित करते हैं।
बच्चों और युवाओं के लिए चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित होती हैं, वहीं योग शिविर स्वास्थ्य और संतुलित जीवनशैली का संदेश देते हैं। व्यापार मेले और आनंद मेले स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देते हैं और सामाजिक मेलजोल का अवसर प्रदान करते हैं।
महिलाओं की स्कूटर रैली और रंगोली कार्निवल महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और सशक्तिकरण का प्रतीक बनते हैं। छप्पन भोग और फूड फेस्टिवल इस उत्सव को स्वाद और परंपरा का अद्भुत संगम बना देते हैं। 19 मार्च को भव्य आतिशबाजी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ उत्सव अपने चरम पर पहुंचता है।
20 मार्च – जयंती का मुख्य दिवस
20 मार्च 2026 को झूलेलाल जयंती का मुख्य दिवस होगा। इस दिन विश्वभर में विशाल शोभायात्राएं निकाली जाएंगी, जिनमें झूलेलाल साहिब की भव्य झांकियां, पारंपरिक वेशभूषा में श्रद्धालु, भक्ति संगीत और नृत्य की झलकियां देखने को मिलेंगी।
मैराथन स्कूटर रैली, आम भंडारे और सामूहिक भोज जैसे आयोजन इस दिन को और अधिक विशेष बनाते हैं। यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक एकता और सामुदायिक सहयोग का उत्सव भी है।
ईद-उल-फितर का पावन संदेश
इसी समय इस्लाम धर्म का प्रमुख त्योहार ईद-उल-फितर भी 20 या 21 मार्च को पड़ने की संभावना है, जो चांद के दीदार पर निर्भर करता है। रमजान के पवित्र महीने के समापन पर मनाया जाने वाला यह त्योहार आत्मसंयम, दान और करुणा का प्रतीक है।
ईद के दिन मुसलमान विशेष नमाज अदा करते हैं, फितरा (दान) देते हैं और एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद देते हैं। सेवइयां और अन्य मिठाइयों का वितरण इस पर्व की पहचान है, जो साझा खुशियों और सामाजिक समरसता का प्रतीक है।
गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक
जब चेटीचंड और ईद-उल-फितर जैसे दो महत्वपूर्ण पर्व एक ही समय पर आते हैं, तो यह भारत की गंगा-जमुनी तहजीब का जीवंत उदाहरण बन जाता है। यहां विभिन्न धर्मों के लोग एक-दूसरे के त्योहारों में भाग लेते हैं, शुभकामनाएं देते हैं और आपसी प्रेम को मजबूत करते हैं।
भारत के कई राज्यों जैसे मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में इस अवसर पर सार्वजनिक या क्षेत्रीय अवकाश भी घोषित किया गया है। कुछ स्थानों पर चैत्र शुक्लादि, गुड़ी पड़वा, उगादी और चेटीचंड को एक साथ मानते हुए 19 मार्च को भी अवकाश घोषित किया गया है। यह भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था द्वारा विविध सांस्कृतिक परंपराओं के सम्मान का प्रतीक है।
झूलेलाल साहिब का अवतरण
मान्यता के अनुसार जब सिंध क्षेत्र में हिंदुओं पर अत्याचार बढ़ गया, तब लोगों ने जल देवता दरियाशाह से प्रार्थना की। 40 दिनों की तपस्या के बाद आकाशवाणी हुई कि नासरपुर में देवकी और ताराचंद के घर एक दिव्य बालक जन्म लेगा, जो समाज की रक्षा करेगा।
चैत्र शुक्ल पक्ष में जन्मे इस बालक का नाम उदयचंद रखा गया, जो आगे चलकर झूलेलाल के नाम से प्रसिद्ध हुए। माना जाता है कि उन्होंने अत्याचारी शासक मिरक शाह के अन्याय का अंत कर सिंध के लोगों को स्वतंत्रता और सम्मान का संदेश दिया।
वैश्विक सांस्कृतिक उत्सव
आज झूलेलाल जयंती केवल एक धार्मिक पर्व नहीं बल्कि वैश्विक सांस्कृतिक उत्सव बन चुकी है। सिंधी समुदाय ने दुनिया के हर कोने में अपनी संस्कृति, भाषा और परंपराओं को जीवित रखा है और स्थानीय समाज के साथ समन्वय स्थापित किया है।
दूसरी ओर ईद-उल-फितर का संदेश करुणा, दान और भाईचारे का है। जब ये दोनों पर्व एक साथ मनाए जाते हैं, तो यह संदेश और भी मजबूत हो जाता है कि विभिन्न आस्थाओं के बावजूद मानवता एक है।
यदि पूरे परिदृश्य का विश्लेषण किया जाए तो वर्ष 2026 का यह समय केवल त्योहारों का उत्सव नहीं बल्कि मानवता, संस्कृति और आध्यात्मिकता का महापर्व है। यह हमें सिखाता है कि चाहे हम किसी भी धर्म, भाषा या संस्कृति से जुड़े हों, हमारा मूल उद्देश्य प्रेम, शांति और सद्भाव को बढ़ावा देना होना चाहिए।
साईं झूलेलाल साहिब की कृपा और ईद-उल-फितर के पावन संदेश के साथ यह आशा की जा सकती है कि विश्व और अधिक एकजुट, शांतिपूर्ण और समृद्ध बने।
संकलनकर्ता:
कर विशेषज्ञ, स्तंभकार, साहित्यकार, अंतरराष्ट्रीय लेखक, चिंतक, कवि
सीए (एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी
गोंदिया, महाराष्ट्र
विकास भवन में एंटी करप्शन की बड़ी कार्रवाई: कमीशन लेते बाबू रंगे हाथ गिरफ्तार, मचा हड़कंप
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के विकास भवन में बुधवार को एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कथित बाबू को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस घटना के बाद पूरे परिसर में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों में खलबली मच गई।
मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी राजन मूल रूप से सफाई कर्मी के पद पर तैनात है, लेकिन लंबे समय से बाबू की भूमिका निभाते हुए विभिन्न प्रशासनिक कार्यों में हस्तक्षेप कर रहा था। आरोप है कि वह फाइलों के निस्तारण और अन्य कामों के बदले लोगों से कमीशन की मांग करता था।
शिकायत के बाद बिछाया गया जाल
सूत्रों के मुताबिक, एंटी करप्शन टीम को आरोपी के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद टीम ने जाल बिछाकर उसे रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी को अपने साथ ले गई और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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जिला पंचायत राज कार्यालय से जुड़ा बताया जा रहा संबंध
बताया जा रहा है कि आरोपी का संबंध जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय से जुड़ा हुआ था और वह वहां के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। यह भी चर्चा है कि वह संबंधित अधिकारियों का करीबी माना जाता था, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
अन्य संलिप्त लोगों की भी जांच
फिलहाल एंटी करप्शन टीम पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। साथ ही इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि कहीं इस मामले में अन्य लोग भी शामिल तो नहीं हैं।
इस कार्रवाई के बाद विकास भवन में मौजूद कर्मचारियों के बीच डर और चर्चा का माहौल बना हुआ है।
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