Saturday, May 2, 2026
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1 अप्रैल से संचारी रोग नियंत्रण अभियान, डीएम ने टास्क फोर्स गठन के दिए निर्देश

निजी अस्पतालों की होगी जांच, अनियमितता पर सीज की चेतावनी

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)l जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को विकास भवन सभागार में संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान (अप्रैल 2026) की पहली जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक तथा दस्तक अभियान 10 अप्रैल से 30 अप्रैल तक संचालित किया जाएगा।जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि अभियान के सफल संचालन के लिए टास्क फोर्स का गठन किया जाए। साथ ही सभी निजी अस्पतालों की जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि उनका पंजीकरण वैध है या नहीं। किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर सख्त कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सीज करने की चेतावनी दी गई। उन्होंने कहा कि अस्पतालों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही हैं, जिन्हें गंभीरता से लेते हुए जांच कर कार्रवाई की जाए।उन्होंने निर्देश दिया कि सरकारी अस्पतालों से मरीजों को जानबूझकर रेफर न किया जाए और न ही बाहर की दवाएं लिखी जाएं। गरीब मरीजों को किसी भी प्रकार से परेशान न किया जाए, अन्यथा संबंधितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अस्पतालों में 24 घंटे चिकित्सकीय स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में दिव्यांग कल्याण विभाग, खाद्य सुरक्षा अधिकारी और उद्यान अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने उनसे स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए। उन्होंने एमओआईसी, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं एएनएम के साथ बैठक कर संचारी रोगों की रोकथाम के संबंध में विस्तृत जानकारी देने को कहा। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी और बीडीओ को भी ब्लॉक स्तर पर बैठक कर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने कहा कि 25 मार्च तक नगर पालिका स्तर पर सभासदों, सफाई नायकों, सफाई कर्मचारियों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बैठक कर अभियान को सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं। सभी कार्यक्रमों को लिखित रूप में जारी करने तथा ब्लॉक एवं जनपद स्तर पर माइक्रो प्लान तैयार कर संबंधित विभागों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। गर्मी के मौसम को देखते हुए बाजारों और प्रमुख चौराहों को चिन्हित कर शेल्टर व पेयजल की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज, मुख्य चिकित्साधिकारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

Gold Silver Price Today: सर्राफा बाजार में बड़ी गिरावट, चांदी ₹14,000 तक टूटी—सोना भी ₹5,300 सस्ता

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच गुरुवार को सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। चांदी करीब ₹14,230 टूटकर 2.33 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई, जबकि सोना ₹5,330 सस्ता होकर 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

MCX पर भी गिरा सोना-चांदी

Multi Commodity Exchange पर भी बुलियन बाजार दबाव में नजर आया।

• 24 कैरेट सोना 0.57% गिरकर ₹1,52,150/10 ग्राम
• चांदी 1.21% टूटकर ₹2,45,197/किलोग्राम
पर कारोबार करती दिखी।

वैश्विक कारणों से बढ़ा दबाव

विशेषज्ञों के अनुसार:

• पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष
• अमेरिका-ईरान तनाव
• कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
इन कारणों से अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ, जिसका सीधा असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ा।

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फेड के फैसले का असर

Federal Reserve ने अपनी ताजा मौद्रिक नीति में ब्याज दरों को 3.5%–3.75% के दायरे में स्थिर रखा है।
बाजार की नजर Jerome Powell के बयान पर भी रही, जिससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कमजोरी

ग्लोबल मार्केट में भी गिरावट देखी गई:

• स्पॉट गोल्ड 1.22% गिरकर $4,836/औंस
• स्पॉट सिल्वर 2.25% गिरकर $75.75/औंस

मार्च महीने में अब तक:

• सोना करीब 4% गिरा
• चांदी में 16% तक की गिरावट
देखी जा चुकी है, जिससे निवेशकों का रुख फिलहाल कमजोर बना हुआ है।

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देवरिया में जमीन विवाद ने लिया हिंसक रूप, लाठी-डंडे चले—महिलाओं समेत कई घायल

Salempur। कोतवाली क्षेत्र के मझौलीराज चौकी अंतर्गत टेढ़ी मोहल्ला (वार्ड नंबर 5) में जमीन विवाद ने गुरुवार सुबह हिंसक रूप ले लिया। सहन की जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई, जिसमें दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए।

पुराने विवाद ने पकड़ा तूल

मिली जानकारी के अनुसार, यह विवाद उस जमीन को लेकर था जिसे करीब 10 वर्ष पहले मोहम्मद मुस्लिम ने अपनी पटीदार शाहिदा खातून को बेच दिया था। करीब पांच साल पहले उस जमीन पर मकान बना लिया गया था और सामने का हिस्सा सहन के रूप में छोड़ा गया था।
बताया जा रहा है कि बुधवार को उसी सहन की जमीन पर निर्माण की तैयारी शुरू हुई, जिसका मोहम्मद मुस्लिम और अन्य परिजनों ने विरोध किया।

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बातचीत से पहले ही भड़का विवाद

पुलिस ने दोनों पक्षों को मामले के समाधान के लिए गुरुवार सुबह बुलाया था, लेकिन उससे पहले ही दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद हिंसक हो गया।

• लाठी-डंडों से हमला
• ईंट-पत्थर चले
• महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल
देखते ही देखते पूरा इलाका रणक्षेत्र में बदल गया।

कई लोग घायल, एक की हालत गंभीर

इस हिंसक झड़प में:

• सलोनी खातून (सिर फटा, गंभीर)
• शबनम (पत्नी साजिद अली)
• शहजादे (आंख के पास गंभीर चोट)
• शाहिदा खातून और असगरी खातून (60 वर्ष)
समेत कई लोग घायल हो गए।

पुलिस ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। सलेमपुर क्षेत्र में रसोई गैस की किल्लत को देखते हुए तहसीलदार अलका सिंह ने गुरुवार को विभिन्न गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गैस वितरण की प्रक्रिया, स्टॉक की स्थिति, बुकिंग और डिलीवरी से संबंधित सभी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।

तहसीलदार ने एजेंसी संचालकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी लंबित ऑर्डरों और पेंडिंग डिलीवरी को तत्काल प्रभाव से निस्तारित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराना एजेंसियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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निरीक्षण के दौरान उन्होंने मझौली राज स्थित भारत गैस एजेंसी, सलेमपुर नगर स्थित एचपी गैस एजेंसी तथा चकरा स्थित एचपी गैस एजेंसी का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि गैस वितरण व्यवस्था को शीघ्र ही पूर्ववत सुचारू रूप से संचालित किया जाए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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बलिया में 20 CHC पर 24×7 इमरजेंसी सेवा शुरू, अब 54 तरह की जांच और बेहतर इलाज की सुविधा

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए शासन ने पहल की है। महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने जिले के 20 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) पर मरीजों को उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इसके तहत 42 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

महानिदेशक की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, सभी सीएचसी पर 24 घंटे चिकित्सकों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता और तकनीकी नर्सिंग स्टाफ की तैनाती अनिवार्य होगी। मरीजों को 42 बिंदुओं पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के निर्देश इमरजेंसी वार्ड में स्ट्रेचर, व्हीलचेयर, जीवन रक्षक उपकरण और कम से कम 54 प्रकार की पैथोलॉजिकल जांचों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

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इसके अलावा, मरीजों के बैठने के लिए समुचित स्थान, पेयजल, कूलर और पंखों की व्यवस्था के साथ-साथ ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा भी अनिवार्य होगी।विशेष रूप से मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए प्रसूताओं को डिलीवरी के बाद 48 घंटे तक अस्पताल की निगरानी में रखने और एफआरयू केंद्रों पर सिजेरियन प्रसव की सुविधा देने पर जोर दिया गया है।

ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी रिलीवर के आने के बाद ही कार्यस्थल छोड़ सकेंगे । और इमरजेंसी ड्यूटी चार्ट को नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करना होगा।प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद सिंह ने बताया कि केंद्रों पर इन सुविधाओं को लागू करने के लिए काम शुरू कर दिया गया है।

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माँ दुर्गा स्तुति

✍️ डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’

मैया शैलसुता ब्रह्मचारिणी माँ,
चंद्रघंटा देवी कुशमांडा माता,
स्कन्दमाता कात्यायिनी माता,
कालरात्रि, महागौरी सिद्धिदात्री
माता का आवाहन करिये करिये।

युग पाणि जुड़े हैं विनती में,
हे मातु दया करिये करिये,
अभिमान मिटे तन का मेरे,
तन कष्ट मेरा हरिये हरिये।

लक्ष्मी, दुर्गा तुम सरस्वती,माँ,
तुम हो महिसासुर मर्दिनि माँ,
धरती के सब पाप हरिए हरिये,
माँ, भक्तों पे कृपा करिये करिये।

मैया तुम तो शेरा वाली हो,
काली तुम खप्पर वाली हो,
माँ दुर्गा क्षमा शिवाधात्री हो,
माँ जग के संकट हरिये हरिये।

मैया तेरे दर पे सब भक्त खड़े,
पहाड़ों वाला सरूप धरिये धरिये,
अगर कपूर से ज्योति जलाकर,
आरती पूजा स्वीकृत करिये करिये।

जय मैया ओ शेरा वाली माँ,
मेरी मातु पहाड़ों वाली माँ,
तेरे दरशन को हम तरस रहे माँ,
दर्शन देके उपकृत करिए करिये।

ब्रह्माणी रुद्राणी तुम कमलारानी,
आगम निगम बखानी शिव पटरानी,
आदित्य पुकार रहा सुनिये सुनिये,
मैया हम सब के पाप हरिये हरिये।

संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान की तैयारियों की डीएम ने की समीक्षा

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के अंतर्गत अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित हुई। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी भी उपस्थित रहे।

बैठक में जिलाधिकारी श्री कुमार ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों की गुणवत्ता और प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर पर कार्यरत आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के कार्यों का निरीक्षण किया जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही एमओआईसी को रूटीन रजिस्टर और आशा डायरी का निरीक्षण करने तथा गांवों में भ्रमण कर कार्यों का सत्यापन और आम जनता से फीडबैक लेने के निर्देश दिए गए।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामानुज कनौजिया ने बताया कि राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 01 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जाएगा, जबकि 10 अप्रैल से 30 अप्रैल तक दस्तक अभियान संचालित होगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य विभागों के समन्वय से जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे और वेक्टर जनित रोगों के बचाव व उपचार की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने बताया कि अभियान की मॉनिटरिंग डब्ल्यूएचओ और यूनीसेफ सहित अन्य स्वास्थ्य संगठनों द्वारा की जाएगी।

जिलाधिकारी श्री कुमार ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपसी समन्वय के साथ अभियान को सफल बनाया जाए और ग्रामीण स्तर पर घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया जाए। उन्होंने सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने विकासखंडों में बैठक कर माइक्रो प्लान तैयार करें और 27 मार्च तक कार्ययोजना उपलब्ध कराएं।

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शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया कि विद्यालयों में बच्चों को संचारी रोगों से बचाव के प्रति जागरूक किया जाए। वहीं दस्तक अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर एई/जेई और बुखार के मरीजों की पहचान करेंगे तथा जरूरत पड़ने पर 102/108 एंबुलेंस से उन्हें नजदीकी सीएचसी/पीएचसी भेजेंगे। साथ ही घरों में पानी जमा होने वाले स्थानों जैसे कूलर, गमले, टायर आदि की जांच कर लोगों को साफ-सफाई और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने नगर निकायों को साफ-सफाई, नालियों की नियमित सफाई, जल निकासी और फॉगिंग कराने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम स्तर पर जनप्रतिनिधियों और निगरानी समितियों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी हरिकेश यादव सहित स्वास्थ्य समिति के सदस्य, विभिन्न विभागों के अधिकारी और स्वास्थ्य संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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गोरखपुर विश्वविद्यालय में ‘नवोन्मेष’ स्टार्टअप फाउंडेशन की शुरुआत, छात्रों को मिलेगा इनोवेशन का बड़ा मंच

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के नवाचार एवं उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। कॉर्पोरेट अफेयर्स मंत्रालय के अंतर्गत धारा 8 के तहत “नवोन्मेष: द इनोवेशन एंड स्टार्टअप फाउंडेशन” नामक इन्क्यूबेशन सेंटर/कंपनी का सफलतापूर्वक पंजीकरण किया गया है। यह पहल विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को नवाचार-उन्मुख बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

इस संस्था की स्थापना नवाचार को प्रोत्साहित करने, स्टार्टअप्स के संवर्धन, उद्यमिता विकास तथा शोध-आधारित व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है। यह इन्क्यूबेशन सेंटर छात्रों, शोधार्थियों एवं नवप्रवर्तकों को उनके अभिनव विचारों को व्यावहारिक एवं व्यावसायिक रूप देने के लिए सशक्त मंच प्रदान करेगा। साथ ही, केंद्र द्वारा मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, वित्तीय परामर्श, नेटवर्किंग एवं तकनीकी सहायता जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

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संस्था के निदेशक मंडल में कुलपति प्रो. पूनम टंडन, कुलसचिव धीरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, वित्त अधिकारी जय मंगल राव, सहायक आचार्य डॉ. राजू कुमार गुप्ता एवं डॉ. अंशु गुप्ता शामिल हैं। इनके मार्गदर्शन में यह इन्क्यूबेशन सेंटर संचालित होगा। कंपनी को आवश्यक लाइसेंस एवं प्रमाणपत्र प्राप्त हो चुके हैं, जिससे इसकी औपचारिक शुरुआत सुनिश्चित हो गई है।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि नवोन्मेष फाउंडेशन की स्थापना विश्वविद्यालय के लिए एक ऐतिहासिक पहल है, जो नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता को एकीकृत करते हुए विद्यार्थियों और शोधार्थियों को आत्मनिर्भर एवं वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगी।

कंपनी के निदेशक डॉ. राजू कुमार गुप्ता ने बताया कि यह केंद्र युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगा और उन्हें “स्टार्टअप इंडिया” जैसी राष्ट्रीय पहलों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विश्वास जताया है कि “नवोन्मेष: द इनोवेशन एंड स्टार्टअप फाउंडेशन” भविष्य में नवाचार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित होगा और क्षेत्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाएगा।

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Delhi LPG Crisis: 10-15 दिन बाद भी नहीं मिल रहा गैस सिलिंडर, राजधानी में ‘आश्वासन’ पर चल रही सप्लाई

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। राजधानी दिल्ली में एलपीजी गैस की सप्लाई को लेकर गंभीर समस्या सामने आ रही है। गैस एजेंसियों के दावों के बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। उपभोक्ताओं को बुकिंग के 10 से 15 दिन बाद भी गैस सिलिंडर नहीं मिल रहा, जिससे उनकी रसोई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

कई इलाकों में बढ़ी परेशानी

राजधानी के लक्ष्मी नगर, आरके पुरम, विवेक विहार, पंजाबी बाग, मुनिरका, मयूर विहार और संगम विहार जैसे इलाकों से लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने ऑनलाइन या फोन के जरिए सिलिंडर बुक कराया, लेकिन तय समय पर डिलीवरी नहीं हो रही है।

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10-15 दिन का इंतजार

कई उपभोक्ताओं के अनुसार, गैस सिलिंडर पाने के लिए उन्हें 10 से 15 दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है।
लक्ष्मी नगर निवासी एक उपभोक्ता ने बताया कि उन्होंने करीब 10 दिन पहले गैस बुक कराई थी, लेकिन अभी तक डिलीवरी नहीं हुई। एजेंसी से संपर्क करने पर केवल आश्वासन ही मिल रहा है।

एजेंसियों के दावे बनाम हकीकत

गैस एजेंसियां दावा कर रही हैं कि उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत है। लगातार बढ़ती शिकायतों ने सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

रसोई पर असर, बढ़ी चिंता

गैस की कमी और देरी से डिलीवरी के कारण लोगों की दैनिक रसोई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कई परिवारों को वैकल्पिक इंतजाम करने पड़ रहे हैं, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।

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पश्चिम एशिया में जारी Middle East संकट का असर अब भारत के दवा बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। आम इस्तेमाल की दवाएं जैसे Paracetamol, Amoxicillin, Metformin और Azithromycin की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
फार्मा संगठनों के अनुसार ये दवाएं बुखार, संक्रमण, डायबिटीज और सांस संबंधी बीमारियों में बड़े पैमाने पर उपयोग की जाती हैं, ऐसे में कीमत बढ़ना आम लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है।

सरकार को भेजी गई इमरजेंसी रिपोर्ट

Federation of Pharma Entrepreneurs ने केंद्र सरकार को एक आपातकालीन पत्र भेजकर चेतावनी दी है कि यदि जल्द हस्तक्षेप नहीं हुआ तो देश में आवश्यक दवाओं की कमी हो सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, दवाओं में इस्तेमाल होने वाले API (Active Pharmaceutical Ingredients) यानी कच्चे माल की कीमतें मात्र 8-9 दिनों में 20% से 60% तक बढ़ गई हैं।

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पैकेजिंग और उत्पादन पर भी असर

सिर्फ कच्चा माल ही नहीं, बल्कि

• पीवीसी कंपाउंड
• दवा की बोतलें
• एल्यू-एल्यू और फॉयल
जैसी पैकेजिंग सामग्री की कीमतें भी तेजी से बढ़ी हैं। इससे दवा कंपनियों के लिए उत्पादन लागत काफी बढ़ गई है और कई कॉन्ट्रैक्ट घाटे में बदल रहे हैं।

समुद्री सप्लाई पर संकट, फिर भी राहत की खबर

इस पूरे संकट के बीच Strait of Hormuz से गुजरने वाले भारतीय जहाजों की सुरक्षित वापसी राहत की खबर लेकर आई है।

• INS Shivalik मुंद्रा पोर्ट पर 46,000 मीट्रिक टन LPG लेकर पहुंचा
• INS Nanda Devi वडिनार पोर्ट पर 46,500 मीट्रिक टन LPG के साथ पहुंचा

बताया जा रहा है कि भारत ने अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र में वॉरशिप तैनात की थीं, जिससे सप्लाई चेन आंशिक रूप से बहाल हो सकी है।

क्या हो सकता है असर?

विशेषज्ञों के अनुसार अगर स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो:

• दवाओं की कीमतें और बढ़ सकती हैं
• बाजार में कमी देखने को मिल सकती है
• मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा

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UP Weather Alert: आंधी-बारिश से बदला मौसम, नोएडा-गाजियाबाद समेत 39 जिलों में IMD का अलर्ट

UP Weather Alert: प्रदेश में बुधवार को आई तेज आंधी और बारिश के बाद मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है।

India Meteorological Department के अनुसार 19 मार्च से 22 मार्च तक एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, बारिश, वज्रपात और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

39 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी यूपी के करीब 39 जिलों में आज बारिश होने के आसार हैं। इनमें नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, बागपत, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर समेत कई जिले शामिल हैं।
इन इलाकों में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं, मेघगर्जन और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। कुछ जिलों में ओलावृष्टि भी हो सकती है।

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इन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश

इसके अलावा पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, कानपुर, झांसी, बांदा समेत कई जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि इन क्षेत्रों में फिलहाल कोई बड़ा अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

तापमान में गिरावट

बुधवार को हुई बारिश के बाद कई जिलों में तापमान में करीब 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार:

• अगले 24 घंटे में हल्की बढ़ोतरी
• उसके बाद 3 दिनों में 5-7°C तक गिरावट संभव
इससे लोगों को तेज गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

आगे कैसा रहेगा मौसम?

• 20 मार्च: पूर्वी और मध्य यूपी में असर बढ़ेगा
• 21 मार्च: लखनऊ और आसपास के जिलों में बारिश
• 22 मार्च तक: मौसम अस्थिर रहेगा

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गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग में अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक एवं सामुदायिक संवाद का आयोजन किया गया। इस अवसर पर Yale University के प्रोफेसर डॉ. ब्रायन वॉल तथा पब्लिक हेल्थ विशेषज्ञ डॉ. रघुकुल ने विभाग का भ्रमण कर शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों के साथ विस्तृत चर्चा की।
संवाद के दौरान एनीमिया, क्षय रोग (टीबी) और कुपोषण जैसे प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य विषयों पर सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से प्रभावी रणनीतियों पर विचार किया गया। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि इन समस्याओं के समाधान के लिए केवल चिकित्सा उपाय पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि जन-जागरूकता, व्यवहार परिवर्तन और स्थानीय सहभागिता अत्यंत आवश्यक है।
विशेषज्ञों ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं, स्वयं सहायता समूहों और किशोरियों की भागीदारी बढ़ाकर समुदाय-आधारित कार्यक्रमों को मजबूत बनाने पर जोर दिया। एनीमिया नियंत्रण के लिए आयरन-फोलिक एसिड सेवन, संतुलित आहार और नियमित जांच की आवश्यकता बताई गई, जबकि टीबी उन्मूलन के लिए प्रारंभिक पहचान, निरंतर उपचार और सामाजिक जागरूकता को अहम बताया गया। कुपोषण से निपटने के लिए पोषण शिक्षा, मातृ-शिशु देखभाल और स्थानीय खाद्य संसाधनों के उपयोग पर बल दिया गया।
इस अवसर पर ‘सेवार्थ प्रोजेक्ट’ के तहत येल यूनिवर्सिटी एम्स गोरखपुर और उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से संचालित गतिविधियों का उल्लेख किया गया, जिसमें गृह विज्ञान विभाग की सक्रिय भूमिका रही। विशेषज्ञों ने विभागाध्यक्ष प्रो. दिव्या रानी सिंह के नेतृत्व और शोधार्थियों के योगदान की सराहना की।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि भविष्य में एक विस्तृत एमओयू (एमओयू) तैयार कर कुलपति के समक्ष अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे संयुक्त शोध, सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को संस्थागत रूप दिया जा सके।
कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो. दिव्या रानी सिंह, डॉ. अनुपमा कौशिक, गार्गी पाण्डेय, गरिमा यादव सहित कई शोधार्थी उपस्थित रहे। अंत में विभागाध्यक्ष ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे संवाद से विद्यार्थियों को वैश्विक दृष्टिकोण मिलेगा और विभाग की गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।

अभय मिश्रा के आवास पर रोजा इफ्तार में उमड़ा जनसैलाब

भागलपुर में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल

भागलपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l भागलपुर क्षेत्र में समाजसेवी एवं भावी जिला पंचायत सदस्य अभय मिश्रा के आवास पर बुधवार को रोजा इफ्तार का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न समुदायों के सैकड़ों लोग एक साथ शामिल हुए और आपसी भाईचारे व सौहार्द का संदेश दिया। कार्यक्रम में मुस्लिम समाज के लोगों ने नमाज अदा की और सभी ने मिलकर रोजा इफ्तार किया।
इफ्तार कार्यक्रम में प्रमुख रूप से एजाज अंसारी, जाकिर हुसैन, सोनू अंसारी, जफरुल अहमद, डॉ. समी अख्तर खान, मास्टर नूर आलम, नजीर हाशमी, हाफिज गयासुद्दीन, हैदर अली, शहजाद, इरशाद, नसीम, मकसूद आलम, महबूब आलम, मंजूर आलम, असलम, रानी तूफानी, हजरत अली और जाहिर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
वहीं दूसरी ओर इस इफ्तारी कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में काफी चर्चा भी रही। कार्यक्रम में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं दिखा और सभी जाति-धर्म के लोग एक साथ बैठकर इफ्तार करते नजर आए। यह दृश्य क्षेत्र में आपसी सौहार्द और एकता का प्रतीक बन गया।
इस अवसर पर शत्रुघ्न मिश्रा, राम मिश्रा, अनुपम मिश्रा, प्रशांत सिंह, सुशील चौरसिया, अंब्रेश मणि यादव, अभिषेक सिंह, कौशिक, संजय यादव, शैलेश अहमद, अली अमजद अली सहित अनेक लोग मौजूद रहे और इस बेमिसाल भाईचारे के साक्षी बने।
इफ्तार कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर सामाजिक सौहार्द का परिचय दिया। अभय मिश्रा के आवास पर नमाज अदा की गई और सभी ने मिलकर अमन-चैन व भाईचारे की दुआ मांगी। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि भागलपुर में इस तरह का भाईचारे का दृश्य पहली बार देखने को मिला।

भारतीय ज्ञान परम्परा में आनंदमूर्ति के योगदान पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में “श्री श्री आनंदमूर्तिजी का भारतीय ज्ञान परम्परा में योगदान” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन महायोगी गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ के सभागार में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन संस्कृत एवं प्राकृत भाषा विभाग द्वारा आनंद मार्ग प्रचारक संघ की बौद्धिक शाखा रेनैसाँस यूनिवर्सल (आरयू) के सहयोग से किया गया।
उद्घाटन सत्र में प्रो. प्रकाश मणि त्रिपाठी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत प्रो. कीर्ति पाण्डेय द्वारा अतिथियों के स्वागत से हुई। मुख्य वक्ता अनिल प्रताप गिरी ने भारतीय ज्ञान परम्परा पर विचार रखते हुए आनंदमूर्तिजी के विचारों की समकालीन उपयोगिता पर प्रकाश डाला। आचार्य दिव्यचेतनानन्द अवधूत ने ‘आनन्दसूत्रम्’ के दार्शनिक आधारों और ‘प्रोग्रेसिव यूटिलाइजेशन थ्योरी’ की विस्तार से व्याख्या की।
अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि आध्यात्मिक साधना और ध्यान के माध्यम से ही वास्तविक आनंद की प्राप्ति संभव है। प्रो. कीर्ति पाण्डेय ने आनंद मार्ग के सामाजिक-आर्थिक दृष्टिकोण को स्पष्ट किया। वक्ताओं ने कॉस्मिक चेतना, कॉस्मिक माइंड और सृष्टि के क्रमिक विकास जैसे विषयों पर गहन चर्चा की।
अपराह्न सत्र में विभिन्न विषयों के विद्वानों ने शोधपत्र प्रस्तुत किए। इसमें प्रो. आर. पी. सिंह, डॉ. रंजना बागची, प्रो. शरद मिश्रा, प्रो. दीपक प्रकाश त्यागी, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. प्रवीण कुमार द्विवेदी एवं डॉ. पीयूष मिश्रा सहित अनेक विद्वानों ने अपने विचार रखे। सात्त्विक आहार के वैज्ञानिक आधार तथा उसके शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक प्रभावों पर विशेष चर्चा हुई।
कार्यक्रम के समन्वय में डॉ. कुशल नाथ मिश्र, संयोजन में डॉ. सूर्यकान्त त्रिपाठी तथा आयोजन सचिव के रूप में डॉ. धर्मेन्द्र कुमार सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अन्य शिक्षकों एवं आयोजन समिति के सदस्यों ने भी शैक्षणिक एवं व्यवस्थागत कार्यों में योगदान दिया।
संगोष्ठी के दौरान एक ऑनलाइन तकनीकी सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें शोधार्थियों ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में 200 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिससे अकादमिक विमर्श को व्यापक आयाम मिला।

सीएम मॉडल स्कूल निर्माण की धीमी प्रगति पर डीएम सख्त, समयसीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के खटौली में निर्माणाधीन मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय का जिलाधिकारी आलोक कुमार ने स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को स्पष्ट निर्देश दिए कि गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए और निर्धारित समयावधि के भीतर हर हाल में निर्माण कार्य पूरा किया जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की स्थिति पर असंतोष भी जताया और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूल भवन निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी आर.के. पाण्डेय एवं ओएसडी राकेश कुमार मौजूद रहे।